विश्व मौसम विज्ञान संगठन
का कहना है कि भयानक बाढ़ और तेज़ गर्म हवाओं का चलना जैसी प्राकृतिक आपदाएँ अब नई वास्तविकता बन चुकी हैं.
जलवायु की स्थिति पर
आई साल 2021 की रिपोर्ट में बताया गया है कि “दुनिया हमारी आँखों के सामने बदल रही है.”
रिपोर्ट के मुताबिक साल
2002 से 20 साल का औसत तापमान पहली बार पूर्व-औद्योगिक स्तर से 1 डिग्री सेल्सियस से
ज़्यादा होने की संभावना है. वहीं, 2021 में वैश्विक समुद्री स्तर नई ऊंचाई पर
पहुँच गया है.
ग्लासगो में हो रहे संयुक्त
राष्ट्र के 26वें जलवायु शिखर सम्मेलन को देखते हुए विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ)
ने साल 2021 के नए आंकड़े जल्दी जारी कर दिए हैं.
रिपोर्ट में तापमान, चरम जलवायु घटनाओं, समुद्र के स्तर में वृद्धि
और समुद्र की स्थिति सहित जलवायु संकेतकों का खाका दिया गया है.
अध्ययन कहता है कि ग्रीनहाउस
गैसों के वातावरण में रिकॉर्ड स्तर पर इकट्ठा होने के कारण इस साल सहित पिछले सात
सालों के सबसे ज़्यादा गर्म होने की आशंका है.
रिपोर्ट में कहा गया है
कि तापमान में हो रही वृद्धि पृथ्वी को "अज्ञात क्षेत्र" में ले जा रही है.
पूरे ग्रह पर इसका प्रभाव बढ़ रहा है.
डब्ल्यूएमओ के प्रोफेसर
पेटरी टालस ने कहा, "चरम जलवायु घटनाएं नई वास्तविकता बन गई हैं. इस बात के बढ़ते वैज्ञानिक प्रमाण हैं कि इनमें से कुछ के लिए मानवीय कारणों
के चलते हुआ जलवायु परिवर्तन ज़िम्मेदार है."