पाकिस्तान में एक ही मां से जन्मे सात बच्चों में से छह की मौत
पाकिस्तान के ऐबटाबाद शहर में एक साथ जन्मे सात बच्चों में से छह की मौत हो गई है और एक बच्चा वेंटिलेटर पर है.
पिछले हफ़्ते ऐबटाबाद के जिन्ना इंटरनेशनल हॉस्पिटल में एक महिला ने सात बच्चों को जन्म दिया था. इनमें से पांच बच्चों की इसी अस्पताल में और एक बच्चे की अयूब टीचिंग हॉस्पिटल की चिल्ड्रंस नर्सरी में मौत हो गई थी.
बच्चों के पिता कारी यार मोहम्मद ने बताया कि एक बच्चा जन्म के 24 घंटे बाद ही चल गया था और कुछ घंटों बाद दूसरा बच्चा भी चला गया. उसी रात तीन और बच्चों की भी मौत हो गई.
यार मोहम्मद बटग्राम ज़िले के रहने वाले हैं. उनकी पत्नी ने जिन्ना इंटरनेशनल टीचिंग हॉस्पिटल में सात बच्चों को जन्म दिया था. उनकी पहले से दो बेटियां भी हैं. अब सात बच्चों के जन्म से वो बेहद खुश थे.
यार मोहम्मद ने बताया, “जब हमें पता चला कि सिर्फ़ दो ही बच्चे ज़िंदा हैं तो हम पीआईएमएस इस्लामाबाद जाने की तैयारी करने लगे. लेकिन, फिर हमें बताया गया कि बच्चों को ऐबटाबाद में अयूब टीचिंग हॉस्पिटल भेजा जा रहा है. यहां भी एक बच्चा ज़िंदा नहीं रह सका और दूसरा वेंटिलेटर पर है. ये बच्चा जन्म के बाद से ही वेंटिलेटर पर है.”
उन्होंने बताया कि हमने बच्चों की मां को अभी सिर्फ़ दो ही बच्चों की मौत के बारे में बताया है और वो पूरी बात नहीं जानती हैं.
जिन्ना इंटरनेशनल हॉस्पिटल और अयूब टीचिंग हॉस्पिटल ने बच्चों की मौत की पुष्टि की है. अयूब टीचिंक हॉस्पिटल ने बीबीसी को बताया कि जिस बच्चे की मौत हुई वो प्री-मैच्योर था. उसका वजन भी बहुत कम था.
अस्पताल में नर्सरी वार्ड के विशेषज्ञ डॉक्टर इकराम ने बताया कि प्राकृतिक तौर पर अगर गर्भ में एक या दो बच्चे होते हैं तो उन्हें पूरा पोषण मिल पाता है लेकिन इससे ज़्यादा बच्चे होने पर वो पूरा पोषण नहीं ले पाते. ऐसे में उनके लिए ख़तरा बढ़ जाता है.