लखीमपुर हिंसा मामले के मुख्य अभियुक्त आशीष मिश्र डेंगू की चपेट में

लखीमपुर खीरी हिंसा मामले की जांच कर रही एसआईटी टीम के प्रमुख डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल ने आशीष मिश्र के डेंगू होने की पुष्टि की है.

लाइव कवरेज

  1. हिंदुत्व ना तो दक्षिणपंथ है और ना वामपंथ: दत्तात्रेय होसबाले

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले

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    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने शुक्रवार को कहा कि हिंदुत्व ना तो दक्षिणपंथ से जुड़ा है और ना वामपंथ से. इसका सार विभिन्न विचारों को समाहित करना है.

    उन्होंने कहा, “मैं दक्षिणपंथ या वामपंथ से नहीं जुड़ा हूँ. हिंदुत्व दक्षिणपंथ या वामपंथ नहीं है.”

    दत्तात्रेय होसबाले ने भाजपा के पूर्व महासचिव और आरएसएस के कार्यकारी सदस्य राम माधव की किताब ‘द हिंदुत्व पैराडाइम: इंटिग्रल ह्यूमनिज़म एंड द क्वेस्ट फोर अ नॉन-वेस्टर्न वर्ल्ड व्यू’ पर चर्चा के दौरान ये बातें कहीं.

    दतात्रेय होसबाले ने भारतीय परंपरा को किसी एक पक्ष से जोड़ना ग़लत बताया.

    उनका कहना था, “भारतीय परंपरा पर कोई पूर्णविराम नहीं लगा है. इसे पश्चिम या पूरब कहना, वाम या दक्षिणपंथी कहना, ये सब आज की राजनीति के लिए ठीक हैं...मैं आरएसएस से हूँ. हमने अंदरूनी चर्चाओं में, प्रशिक्षण शिविरों में कभी नहीं कहा कि हम दक्षिणपंथी हैं. कई विचार लगभग वामपंथी विचारों जैसे होते हैं और कई निश्चित रूप से तथाकथित दक्षिणपंथी होते हैं.”

    उन्होंने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय के अभिन्न मानवतावादी विचार जिन पर राम माधव की किताब में चर्चा की गई है, आगे का रास्ता दिखाते हैं. मंथन भारतीय परंपरा का हिस्सा है.

    इससे पहले कार्यक्रम में मौजूद पूर्व राजनयिक पवन कुमार वर्मा ने शास्त्रार्थ या चर्चा की ज़रूरत होने की बात कही थी, जिस पर होसबाले ने कहा कि वो ऐसी चर्चा के आयोजन के लिए तैयार हैं.

    पुस्तक विमोचन

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    सबमें कुछ ना कुछ अच्छा

    दत्तात्रेय होसबाले ने कहा, “आज दुनिया एक दूसरे के विचारों को अपना रही है और एक नया इंसान बन रहा है, ये हिंदुत्व का सार है. आपको हर जगह की अच्छी बातों को अपनाना चाहिए और अपने परिवेश के अनुरूप उसे ढालना चाहिए.”

    इससे पहले राम माधव ने कहा था कि यह पुस्तक "पश्चिम विरोधी नहीं" है, बल्कि एक ग़ैर-पश्चिमी वैश्विक दृष्टि की ज़रूरत पर ज़ोर देती है.

    सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश अनिल आर दवे और ओपन पत्रिका के संपादक एस प्रसन्नराजन ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया.

  2. क्राउन प्रिंस सलमान ने इमरान ख़ान को सऊदी अरब क्यों बुलाया

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान

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    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान आज यानी 23 अक्टूबर को सऊदी अरब रवाना हो रहे हैं. ये तीन दिवसीय दौरा 23 से 25 अक्टूबर तक होगा.

    इस दौरे लिए सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की तरफ़ से उन्हें न्यौता दिया गया है.

    ये न्यौता उन्हें 'मिडिल ईस्ट ग्रीन इनिशिएटिव (एमजीआई) शिखर सम्मेलन' में शामिल होने के लिए दिया गया है.

    सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने बताया कि पीएम इमरान ख़ान राजधानी रियाद में होने जा रहे 'मिडिल ईस्ट ग्रीन इनिशिएटिव (एमजीआई) शिखर सम्मेलन' के शुभारंभ समारोह में भाग लेने सऊदी अरब आ रहे हैं.

    पीएम इमरान ख़ान के साथ एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी होगा, जिसमें विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी और कैबिनेट के अन्य सदस्य शामिल होंगे.

    सऊदी के विदेश मंत्रालय के मुताबिक़ इस सम्मेलन में पीएम इमरान ख़ान जलवायु परिवर्तन के कारण विकासशील देशों के सामने आ रहीं चुनौतियों पर बात करेंगे.

    वह "पर्यावरणीय चुनौतियों का समाधान करने के लिए प्रकृति-आधारित समाधान" शुरू करने के पाकिस्तान के अनुभवों को भी साझा करेंगे.

    इमरान ख़ान और सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस

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    द्विवपक्षीय मामलों पर बातचीत

    विदेश मंत्रालय ने कहा कि क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की ये पहल,एमजीआई शिखर सम्मेलन मध्य पूर्व में अपनी तरह का पहला सम्मेलन है.

    इससे पहले मार्च में पीएम इमरान ने क्राउंन प्रिंस की दो पर्यावरणीय पहलों ‘ग्रीन सऊदी अरब’ और ‘ग्रीन मिडल ईस्ट’ की सराहना की थी.

    इस दौरे में पीएम इमरान ख़ान सऊदी अरब के साथ द्विपक्षीय मामलों पर भी बात करेंगे, जिसमें आर्थिक और व्यापारिक संबंधों, पाकिस्तान के लोगों के लिए ज़्यादा से ज़्यादा मौक़े पैदा करने और सऊदी में रह रहे पाकिस्तानियों के मसले पर ख़ासतौर पर फोकस हो सकता है.

    प्रधानमंत्री इमरान ख़ान पाकिस्तान में निवेश को बढ़ावा देने के लिए आयोजित किए गए एक कार्यक्रम में भाग लेंगे. वह पाकिस्तान प्रवासियों और सऊदी अरब के प्रमुख निवेशकों और व्यापारियों के साथ भी बातचीत करेंगे.

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