You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.

Take me to the main website

आर्यन ख़ान मामला: नवाब मलिक के आरोपों पर समीर वानखेड़े ने दी सफ़ाई

महाराष्ट्र के मंत्री और एनसीपी नेता नवाब मलिक के गंभीर आरोपों पर एनसीबी के ज़ोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े ने सफ़ाई दी है और कहा कि मलिक बेबुनियाद आरोप लगा रहे है.

लाइव कवरेज

पवन सिंह अतुल, कमलेश मठेनी and शुभम किशोर

  1. पाकिस्तान में अमेरिका के नए राजदूत को लेकर हलचल

    अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ट्यूनिशिया के मौजूदा राजदूत डोनाल्ड ब्लोम को पाकिस्तान में अमेरिका का शीर्ष राजनयिक नियुक्त कर सकते हैं.

    अमेरिका और पाकिस्तान के रिश्तों में आए तनाव के बीच और अफ़ग़ानिस्तान के हालात को ध्यान में रखते हुए ये फ़ैसला लिया जा सकता है.

    राष्ट्रपति बाइडन मंगलवार को डोनाल्ड ब्लोम की नियुक्ति को लेकर घोषणा कर सकते हैं. हालांकि, राजदूत की नियुक्ति के लिए सीनेट के समर्थन की ज़रूरत होती है.

    न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक डोनाल्ड ब्लोम का इस क्षेत्र में राजनयिक के तौर पर लंबा अनुभव रहा है. वो काबुल दूतावास में भी काम कर चुके हैं.

    अफ़ग़ान-तालिबान वार्ता में पाकिस्तान की अहम भूमिका रही है. वहीं, पाकिस्तान के चीन के साथ संबंधों में भी मज़बूती आई है.

    अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि अफ़ग़ानिस्तान में बिना विदेशी सहायता के मानवीय संकट पैदा हो सकता है. अमेरिका ने अफ़ग़ानिस्तान को मिलने वाल सहायता पर फ़िलहाल रोक लगाई हुई है.

    ऐसे में अमेरिका के लिए तालिबान और चीन दोनों को साधने के लिए पाकिस्तान अहम हो जाता है.

    डोनाल्ड ब्लोम को ट्यूनीशिया में राजदूत के तौर पर साल 2019 में नियुक्त किया गया था. ये उत्तरी अफ़्रीका में अमेरिका के लिए एक महत्वपूर्ण राजनयिक नियुक्ति है जो लीबिया समेत अन्य पड़ोसी देशों में अमेरिकी हितों में अहम भूमिका निभाती है.

  2. तालिबान ने भारत की मौजूदगी में दुनिया से की ये अपील

    अफ़ग़ानिस्तान की अंतरिम तालिबान सरकार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से उसे मान्यता देने की अपील की है.

    अंतरिम सरकार में उप प्रधानमंत्री अब्दुल सलाम हनफ़ी ने मॉस्को में बुधवार को हुई बैठक के दौरान ये बात कही.

    अफ़ग़ान न्यूज़ एजेंसी खामा प्रेस के मुताबिक अब्दुल सलाम हनफ़ी ने कहा, “हम अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अफ़ग़ानिस्तान की मौजूदा सरकार को मान्यता देने की अपील करते हैं. हम लोगों की पहली समावेशी सरकार है. हमारे लोग उम्मीद करते हैं कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय आधिकारिक रूप से सरकार के मंत्रियों का सहयोग करेगा. अलग-थलग अफ़ग़ानिस्तान किसी के हित में नहीं है. ये अतीत में भी साबित हो चुका है.”

    उप प्रधानमंत्री हनफ़ी ने कहा, “मौजूदा अफ़ग़ान सरकार 40 साल से ज़्यादा के युद्ध और तबाही के बाद पहली बार देश के हर कोने में शासन की स्थिरता की रक्षा करने में सक्षम है.”

    उन्होंने कहा, “अफ़ग़ान सरकार अंतरराष्ट्रीय समुदाय के किसी भी सवाल का हर संभव स्पष्टता, पारदर्शिता और खुलेपन के साथ जवाब देने के लिए तैयार है. हम पुष्टि करते हैं कि अफ़ग़ानिस्तान में हालात स्थिर हैं और हमारे क्षेत्र से आस-पास के व दूर के देशों को कोई ख़तरा नहीं होगा.”

    हनफ़ी ने एक बार फिर अमेरिका से अफ़ग़ानिस्तान के सेंट्रल बैंक के करीब 9.4 अरब डॉलर के भंडार को खोलने का आग्रह किया.

    उन्होंने कहा, “यह सभी अफ़ग़ानों की संपत्ति है और परेशानी झेल रहे हमाले लोगों को राजनीतिक असहमति की क़ीमत नहीं चुकानी चाहिए. जैसा कि पिछली घटनाओं से पता चलता है, हम पर दबाव डालने से कोई परिणाम नहीं निकल सकता.”

    रूस राजधानी मॉस्को में तालिबान के साथ एक वार्ता की मेज़बानी कर रहा है. इसे 'मॉस्को फॉर्मेट' नाम दिया गया है. इसमें रूस, अफ़ग़ानिस्तान, भारत, ईरान, चीन और पाकिस्तान भी शामिल थे लेकिन अमेरिका ने इसमें हिस्सा लेने से इनकार कर दिया था.

    • ये भी पढ़ें- तालिबान की तिजोरी खाली, अमेरिका सख़्त; पाकिस्तान, तुर्की, यूरोप तक आँच, चीन-रूस से बनेगी बात
  3. नमस्कार! बीबीसी हिंदी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. हम आपको यहाँ दिनभर की बड़ी ख़बरें और लाइव अपडेट्स देते रहेंगे. यह लाइव पेज 24 घंटे उपलब्ध है. 20 अक्टूबर, बुधवार के अपडेट्स के लिए आप यहाँ क्लिककर सकते हैं.