अमेरिकी सेना की अफ़ग़ानिस्तान
से वापसी को दो महीने से भी कम हुआ है कि एक शीर्ष अमेरिकी राजदूत ने इस्तीफ़ा दे दिया
है.
ज़ालमय ख़लीलज़ाद ने तालिबान
के साथ अमेरिकी वार्ता का नेतृत्व किया था, लेकिन महीनों से चली कूटनीतिक वार्ता भी तालिबान
को क़ब्ज़े से रोकने में विफल रही.
तालिबान ने राजधानी काबुल
पर अगस्त में क़ब्ज़ा कर लिया था.
अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी
ब्लिंकन ने कहा कि ज़ालमय ख़लीलज़ाद के डिप्टी थॉमस वेस्ट उनकी जगह लेंगे.
उन्होंने ख़लीलज़ाद के इस्तीफ़े
की घोषणा करते हुए सोमवार को कहा, “मैं अमेरिकियों के लिए उनकी दशकों की सेवा के लिए अपना आभार
व्यक्त करता हूं.”
एंटनी ब्लिंकन को लिखे एक पत्र में ख़लीलज़ाद ने स्वीकार किया कि "अफ़ग़ान सरकार और तालिबान के बीच राजनीतिक समझौता जैसा सोचा था उसके अनुसार आगे नहीं बढ़ा."
उन्होंने कहा, "इसके कारण बहुत जटिल हैं और मैं इसे पर अपने विचार आने वाले दिनों और हफ़्तों में रखूंगा."
खलीलज़ाद ने कहा कि जैसा कि अमेरिका ‘‘हमारी अफ़ग़ानिस्तान नीति के नए चरण’’ में प्रवेश कर रहा है तो वो अपने पद से हट रहे हैं.
70साल के ज़ालमय ख़लीलज़ाद का जन्म अफ़ग़ानिस्तान में हुआ था और काबुल में उनकी परवरिश हुई.
वो एक अनुभवी अमेरिकी राजनयिक हैं जो पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, बराक ओबामा और जॉर्ज बुश के कार्यकाल में पद संभाल चुके हैं.