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गोवा फॉरवर्ड पार्टी के अध्यक्ष ने ममता को 'दुर्गा', राज्य की बीजेपी सरकार को 'भस्मासुर' कहा

गोवा फॉरवर्ड पार्टी (जीएफपी) के कार्यकारी अध्यक्ष किरण कंडोलकर ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तुलना 'दुर्गा' से और गोवा की सरकार को 'भस्मासुर' से करके एक नया विवाद पैदा कर दिया.

लाइव कवरेज

  1. पाकिस्तान में अचानक इतना महंगा क्यों किया गया पेट्रोल-डीज़ल

    पाकिस्तान में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें बढ़ने को लेकर सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई है. देश में चारों बड़े पेट्रोलियम उत्पादों के दाम 100 रुपये के पार चले गए हैं.

    पाकिस्तान में पेट्रोल में 10.49 रुपये और हाई स्पीड डीज़ल (एचएसडी) में 12.44 रुपये बढ़ोतरी की गई है.

    इसके साथ ही पेट्रोल की कीमत 137.79 रुपये प्रति लीटर और एचएसडी की कीमत 134.48 रुपये प्रति लीटर हो गई हैं. नई कीमतें 16 अक्टूबर से लागू हो चुकी हैं.

    इसके अलावा केरोसीन और लाइट डीज़ल ऑयल (एलडीओ) के दाम भी बढ़े हैं. केरोसीन 10.95 रुपये महंगा होकर 110.26 रुपये प्रति लीटर हो गया है. एलडीओ 8.84 रुपये महंगा होकर 108.35 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है.

    पाकिस्तान मुस्लिम लीग (एन) की उपाध्यक्ष मरियम नवाज़ ने कीमतों में वृद्धि को एक ‘आपदा’ बताया जो लोगों पर ‘बिजली’ की तरह गिरी है.

    उन्होंने कहा, “जब पेट्रोल और डीज़ल महंगा हो जाता है तो आपकी बिजली, गेहूं, ब्रेड, सब्जियां और सबकुछ महंगे हो जाते हैं.”

    मरियम नवाज़ ने कहा कि देश का क्या कसूर है कि उसे हर दिन किसी ना किसी संकट का सामना करना पड़ता है.

    उन्होंने पीएम इमरान ख़ान पर निशाना साधते हुए कहा, “हर किसी के पास एटीएम और दोस्त नहीं हैं जो आपकी रसोई और घर का खर्च चला सकें.”

    वहीं पीएमएल (एन) के नेता शहबाज़ शरीफ ने पेट्रोल की कीमतों में हुई वृद्धि को ‘बेहद शर्मनाक’ बताया और कहा कि इससे लोग भूखे मरने की कगार पर पहुंच जाएंगे.

    उन्होंने ट्वीट “रोजाना इस्तेमाल की वस्तुओं की कीमतों में एक और बार वृद्धि करके इस चुनी हुई पीटीआई सरकार की लोगों पर की गई क्रूरता के लिए कोई शब्द नहीं हैं.”

    वहीं, पाकिस्तान पीपल्स पार्टी ने देश में बढ़ रही महंगाई को लेकर विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है.

    सरकार ने बताए वैश्विक कारण

    हालांकि, सरकार ने कीमतें बढ़ने के पीछे अंतरराष्ट्रीय कारणों को ज़िम्मेदार बताया है.

    वित्त मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना में बताया गया है कि अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में तेल के दाम 85 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गए जो अक्टूबर 2018 से अब तक सबसे ज़्यादा हैं.

    मंत्रालय ने कहा है कि पिछले कुछ महीनों से ऊर्जा संबंधी उत्पादों की मांग बढ़ने और आपूर्ति कम होने से कीमतों में तेज़ी से वृद्धि हुई है.

    मंत्रालय के मुताबिक पेट्रोलियम लेवी और बिक्री कर को कम से कम रखकर सरकार ने इस दबाव को खुद वहन किया है और उपभोक्ताओं को ज़्यादा से ज़्यादा राहत दी है.

    पाकिस्तान के ऊर्जा मंत्री हम्माद अज़हर ने कहा कि पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में मांग-आपूर्ति के संकट के कारण हुई है. इसकी वजह अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष नहीं है.

    उन्होंने कहा, “पेट्रोलियम की कीमतें बढ़ाना सरकार के लिए बहुत मुश्किल काम है.”

    ऊर्जा मंत्री ने बताया कि सरकार ने पेट्रोलियम लेवी को 30 प्रतिशत से घटाकर 5.5 प्रतिशत कर दिया है.

    वहीं, सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री फारुख़ हबीब ने कीमतों में वृद्धि का बचाव करते हुए कहा अगर अंतरराष्ट्रीय कीमतों से इसकी तुलना की जाए तो कीमतें अब भी कम हैं.

    उन्होंने कहा, “पिछले 15 दिनों में वैश्विक स्तर पर पेट्रोलियम के दाम में 13.5 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है जबकि हमने सिर्फ़ 8 प्रतिशत कीमत बढ़ाई है. इस अंतर को सरकार ने वहन किया है. हमने अपने राजस्व पर अरबों का दबाव डाल दिया है ताकि लोगों पर इसका कम से कम भार पड़े.”

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