केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'लोकतांत्रिक नेता' बताते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री के आलोचक भी इस बात से सहमत होंगे कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कभी भी इतने लोकतांत्रिक ढंग से काम नहीं किया, जितना कि इस सरकार के दौरान कर रहा है.
रविवार को संसद टीवी पर प्रसारित एक इंटरव्यू में उन्होंने ये बातें कही हैं.
इस इंटरव्यू में केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय हित में राजनीतिक जोख़िम वाले फ़ैसले लेने से भी नहीं हिचकिचाते. उन्होंने दावा कि प्रधानमंत्री ने कई बार देश के कल्याण के लिए कई कड़वे फ़ैसले लिए हैं.
समाचार एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमित शाह ने एक सवाल के जवाब में कहा कि विपक्ष और आलोचक नरेंद्र मोदी को तानाशाह बताते हैं, जो कि सारे फ़ैसले ख़ुद ही लेते हैं. लेकिन शाह ने मोदी को "लोकतांत्रिक नेता" बताया है.
केंद्रीय गृह मंत्री ने प्रधानमंत्री के बारे में कहा कि वो बड़े धैर्यवान श्रोता हैं, जो इंसान के पद की परवाह किए बिना बेहतर लगने वाले सुझावों को अहमियत देते हैं.
''बड़े धैर्यवान श्रोता हैं प्रधानमंत्री''
अमित शाह ने कहा, "मैंने नरेंद्र मोदी और उनकी कार्यशैली दोनों को क़रीब से देखा है. मैंने उनके जैसा धैर्यवान श्रोता कभी नहीं देखा. मामला चाहे जो हो, वो धैर्यपूर्वक सबकी सुनते हैं. उस दौरान वो कम से कम बोलते हैं और फिर एक उचित फ़ैसला लेते हैं. छोटे स्तर के अधिकारी हों या छोटे कार्यकर्ता, सबके दिए सुझावों पर धैर्यपूर्वक विचार करने के बाद वो कोई निर्णय लेते हैं."
भाजपा के पूर्व अध्यक्ष अमित शाह ने आगे कहा, "उनके साथ जिन भी लोगों ने काम किया है या कभी उनके साथ काम कर चुके उनके आलोचक भी इस बात से सहमत होंगे कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कभी ऐसे लोकतांत्रिक ढंग से काम नहीं किया जैसे कि मोदी जी के प्रधान मंत्री काल के दौरान कर रहा है."
उन्होंने बताया कि मोदी अनुशासन पर जोर देते हैं, इसलिए तय समय से पहले गोपनीयता की ज़रूरत के चलते कई बैठकों की जानकारी सामने नहीं आ पाती. अमित शाह ने जोर देकर कहा कि हर बैठक में फ़ैसले सामूहिक परामर्श के बाद ही लिए जाते हैं.
''मोदी कड़े फ़ैसले लेने से नहीं हिचकिचाते''
शाह ने कहा, ''प्रधानमंत्री ने हमेशा कहा है कि वो केवल सरकार चलाने के लिए सत्ता में नहीं हैं, बल्कि देश को बेहतर बनाने के लिए यहां हैं. इसलिए वो कड़े और जोख़िम भरे फ़ैसले लेने से भी नहीं हिचकिचाते. ऐसे फ़ैसले भी लेते हैं, जो पार्टी के समर्थकों के तो ख़िलाफ़ होते हैं, लेकिन देश और उसके लोगों के हित में होते हैं.
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, "जब आप काले धन पर नकेल कसते हैं, आर्थिक सुधार करते हैं, कर चोरी के सारे रास्ते बंद करते हैं, तो इससे हमारे कई समर्थक और अन्य लोग भी पीड़ित हो सकते हैं."
उन्होंने आगे कहा, "ऐसा होता है. लेकिन लोग ये भी समझते हैं कि इससे मोदी को कुछ नहीं मिलने वाला और अंतत: इससे हमारे देश को ही फायदा होगा. इसलिए हर कोई मोदी जी के साथ जुड़ पाता है."
''निजी हमले बंद करे विपक्ष''
विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ''विपक्ष के कुछ दल मानते हैं कि सत्ता में रहना उनके नेता का ही जन्मसिद्ध अधिकार है. लेकिन मोदी ने जनकेंद्रित और 'नेशन फर्स्ट' की राजनीति करके इसे बदल दिया.
अमित शाह ने विपक्षी दलों से कहा, "वो हमारी विफलताएं बेनक़ाब करें, लेकिन निजी हमले करके राजनीति का स्तर न गिराएं."
पहले मुख्यमंत्री और फिर प्रधानमंत्री के रूप में काम करते हुए अब 20 साल पूरा करने वाले नरेंद्र मोदी की उपलब्धियों को भी अमित शाह ने गिनाया.