संयुक्त किसान मोर्चा की प्रेस कॉन्फ़्रेंस में किसान नेता दर्शन पाल ने कहा कि लखीमपुर खीरी हिंसा पूर्वनियोजित साज़िश थी.
उन्होंने कहा कि हमलावरों ने किसानों को आतंकित करने की कोशिश की.
किसान नेता जोगिंदर सिंह उगराहां ने कहा कि सरकार ने प्रदर्शनकारी किसानों के ख़िलाफ़ हिंसक रुख़ अपनाया है.
उगराहां ने कहा, ''हम केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा और उनके बेटे आशीष मिश्रा की गिरफ़्तारी की मांग करते हैं.''
इसी प्रेस कॉन्फ़्रेंस में स्वराज अभियान के नेता योगेंद्र यादव ने कहा कि केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा को मंत्रिमंडल से हटा देना चाहिए और उन्होंने जिस तरह से साज़िश रची है, उसके लिए उनकी गिरफ़्तारी होनी चाहिए.''
दिल्ली के प्रेस क्लब में
किसान नेताओं ने एक प्रेस कॉन्फ्रेस करके लखीमपुर खीरी की घटना पर आगे की रणनीति
स्पष्ट की.
इससे पूर्व सिंघु बॉर्डर पर किसान नेताओं ने रणनीति पर चर्चा की थी. इस प्रेस कॉन्फ्रेस में
राकेश टिकैत समेत कई वरिष्ठ किसान नेता मौजूद थे.
स्वराज इंडिया के संजोयक योगेंद्र यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आगामी रणनीति के बारे में जानकारी दी. उन्होंने कहा, पहला कार्यक्रम 12
अक्टूबर को अंतिम अरदास पर, शोक समारोह का आयोजन किया गया है. यह
समारोह ठीक उसी जगह होगा जहां लखीमपुर खीरी हिंसा की घटना हुई.
संयुक्त किसान मोर्चा ने
देशभर के किसानों को 12 बजे तिकुनिया पहुंचने का अनुरोध किया गया है.
योगोंद्र यादव ने प्रेस
कॉन्फ्रेंस में अपने संबोधन में कहा कि जो किसान तिकुनिया नहीं पहुंच सकते वे
गुरुद्वारे जाएं. और शाम को पांच मोमबत्ती जलाएं.
उन्होंने कहा कि यह
शोक सभा चार किसानों और एक किसान पत्रकार की मौत पर शोक ज़ाहिर करने के लिए आयोजित की जा रही है. .
दूसरा कार्यक्रम-
तिकुनिया के उसी जगह से 12 बजे किसानों की अस्थियां लेकर कलश यात्रा शुरू होगी, ये
यात्राएं 24 अक्टूबर तक चलेंगी. ये कलश उत्तर प्रदेश के हर ज़िले में ले जाए जाएंगे और देश के हर राज्य में भी. उसेक बाद इन्हें पवित्र जगह विसर्जित किया जाएगा.
तीसरा आयोजन दशहरे के दिन
किया जाएगा. जिस दिन अहंकार के नाश के प्रतीक स्वरूप पीएम मोदी का पुतला जलाया जाएगा.
चौथा कार्यक्रम 18 अक्टूबर को रेल रोको अभियान चलाया जाएगा. जिसमें सुबह दस से चार बजे तक देश में हर जगह रेल रोकी जाएगी.
26 अक्टूबर को लखनऊ में
महापंचायत का आयोजन किया जाएगा.
योगेंद्र यादव ने कहा कि पहले
कार्यक्रम को छोड़कर बाकी कार्यक्रम कैसे संचलित होंगे यह पूरी तरह इस बात पर
निर्भर करेगा कि 11 तारीख़ तक हमारी मांगे मानी जाती हैं या नहीं.
आशीष मिश्रा की गिरफ़्तारी पर किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि उन्हें गिरफ़्तार नहीं किया गया है उन्हें तो निमंत्रण देकर बुलाया गया है.
उन्होंने कहा कि जब तक उनके पिता गृह राज्य मंत्री हैं तब तक निष्पक्ष जांच या कार्रवाई नहीं हो सकती.