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लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा गिरफ़्तार

शनिवार को क़रीब 12 घंटे की पूछताछ के बाद पुलिस ने गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा को गिरफ़्तार किया है.

लाइव कवरेज

  1. लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा गिरफ़्तार, अनंत झणाणे, लखीमपुर खीरी, बीबीसी हिंदी के लिए

    लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में किसानों को गाड़ी से कुचलने के मामले में गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा को लखीमपुर खीरी पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है.

    शनिवार को क़रीब 12 घंटे की पूछताछ के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ़्तार किया है. डीआईजी उपेन्द्र अग्रवाल ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि आशीष मिश्रा घंटों चली पूछताछ में सवालों का जवाब देने से बचने की कोशिश कर रहे थे और विवेचना में सहयोग नहीं कर रहे थे, इसीलिए उन्हें गिरफ़्तार किया जा रहा है और मैजिस्ट्रेट के सामने कस्टडी के लिए पेश किया जाएगा.

    आशीष मिश्रा लखीमपुर खीरी के तिकुनिया किसान हत्या कांड के मुख्य आरोपी हैं और उनपर हत्या, गैर इरादतन हत्या और हत्या की साज़िश के साथ अन्य कठोर क़ानूनों के तहत मुक़दमा दर्ज है.

    गिरफ़्तारी के बाद आशीष मिश्रा की मेडिकल जाँच कराई जाएगी. शनिवार सुबह 10 बजकर 40 मिनट पर आशीष मिश्रा लखीमपुर खीरी पुलिस लाइन में अपना पक्ष रखने के लिए हाज़िर हुए थे.

  2. भारत को अफ़ग़ानिस्तान में किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहना होगा: विदेश सचिव

    भारतीय विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने शनिवार को कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में जारी अस्थिरता को देखते हुए भारत को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहना होगा.

    उन्होंने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान में मानवीय संकट और अराजकता के कारण हालात बिगड़ सकते हैं.

    इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में एक चर्चा में भाग लेते हुए विदेश सचिव ने कहा कि दूसरे देशों की तरह भारत भी अफ़ग़ानिस्तान के लोगों को मानवीय सहायता पहुंचाना चाहता है.

    उन्होंने कहा, "जहां तक मानवीय सहायता की बात है, अंतरराष्ट्रीय समुदाय के अन्य सदस्य देशों की तरह हमने कहा है कि हम अफ़ग़ानिस्तान के लोगों की भलाई और वहां के मौजूदा निज़ाम के तौर-तरीकों में फर्क करते हैं."

    अफ़ग़ानिस्तान के घटनाक्रम को लेकर भारत की सुरक्षा चिंताओं के बारे में उन्होंने कहा कि भारत जहां तक मुमकिन हो सके, हर वो कोशिश करना चाहेगा जिससे ये सुनिश्चित किया जा सके कि पड़ोसी देश के हालात का उस पर कोई प्रतिकूल असर न पड़े.

    बिना तफसील में गए हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा कि "हालात का कुछ असर हम पहले से देख रहे हैं. इसका कोई सीधा संबंध है या नहीं, हम पक्के तौर पर नहीं कह सकते. लेकिन वहां चिंताजनक स्थिति है और हमें कूटनीति के जरिये या किसी अन्य उपलब्ध तरीके से ऐसे नतीज़ों के असर को रोक सकेंगे जो हमारे हितों के ख़िलाफ़ है."

  3. लेबनान: पावर ग्रिड बंद होने से अंधेरे में डूबा मुल्क

    गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे लेबनान में इलेक्ट्रिसिटी ग्रिड को बंद कर दिया गया है जिसके बाद लगभग पूरा देश अंधेरे में डूब गया है.

    देश की सरकारी बिजली कंपनी ने कहा है कि ईंधन की कमी के कारण देश के दो बड़ी बिजली कंपनियों ने काम बंद कर दिया है. बीते सप्ताहांत भी देश में इसी तरह की स्थिति हो गई थी.

    आर्थिक संकट से जूझ रहे लेबनान के पास इतना संसाधन नहीं हैं कि वो बिजली नेटवर्क को चलाए रखने के लिए ईंधन खरीद सके.

    ऐसे में बिजली गुल होना यहां रोज़ की बात हो गई है. कभी-कभी 24 घंटों तक भी बिजली ग़ायब रहती है.

    अभी देश में लोग बिजली के लिए डीज़ल जेनरेटरों का इस्तेेमाल कर रहे हैं. लेकिन ईंधन की कमी के कारण ये भी मंहगा सौदा साबित हो रहा है. साथ ही देश के हज़ारों ग़रीब परिवार ऐसे हैं जो जेनेरेटर खरीद नहीं सकते.

    एक सरकारी अधिकारी ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया है कि देर अम्मार और ज़हरानी पावर स्टेशनों को ईंधन की कमी के कारण बंद कर दिया गया है. देश की बिजली आपूर्ति का 40 फीसदी ये दो कंपनियां पूरा करती हैं.

    उन्होंने कहा कि "पावर ग्रिड को बंद कर दिया गया है और आने वाले कुछ दिनों में इसे शुरू किया जाएगा ऐसा नहीं लगता."

  4. 1971 की लड़ाई में जब तालाब के नीचे पाइप से साँस लेकर बचे भारतीय पायलट

    चार दिसंबर, 1971 की सुबह दमदम हवाई ठिकाने से उड़े 14 स्क्वॉर्डन के दो हंटर विमानों ने ढाका के तेज़गाँव एयरपोर्ट पर हमला किया.

    एक हंटर विमान पर सवार थे- स्क्वॉर्डन लीडर कंवलदीप मेहरा और दूसरे हंटर को उड़ा रहे थे- उनके नंबर दो फ़्लाइट लेफ़्टिनेंट संतोष मोने.

    जब वो तेज़गाँव एयरपोर्ट के ऊपर से उड़े तो उन्हें पाकिस्तानी लड़ाकू विमान दिखाई नहीं दिए, क्योंकि पाकिस्तानियों ने उन्हें चारों तरफ़ छितरा रखा था. कुछ दूसरे ठिकानों पर बम गिराने के बाद जब मेहरा और मोने लौटने लगे तो एक दूसरे से अलग हो गए.

    सबसे पहले मोने की नज़र कुछ दूरी पर पाकिस्तान के दो सेबर जेट विमानों पर पड़ी. कुछ ही सेकेंड के अंदर दो सेबर जेट विमान दोनों भारतीय हंटर विमानों के पीछे पड़ गए. अचानक मेहरा ने महसूस किया कि एक सेबर जेट विमान उनके पीछे आ रहा है.

    मेहरा ने बाईं ओर मुड़कर मोने से उनकी पोज़ीशन के बारे में पूछा. मोने से उनको कोई जवाब नहीं मिला. सेबर ने मेहरा के हंटर पर लगातार कई फ़ायर किए. मेहरा ने मोने से कहा कि वो सेबर पर पीछे से फ़ायर करें ताकि उससे उनका पीछा छूटे. लेकिन मेहरा को इसका अंदाज़ा नहीं था कि मोने के हंटर के पीछे भी एक और सेबर लगा हुआ था.

  5. उत्तराखंड: रासुका के तहत डीएम के अधिकार तीन माह और बढ़ाने के फ़ैसले पर विवाद

    उत्तराखंड में ज़िलाधिकारियों को राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून के तहत दिए गए न्यायिक अधिकारों को और तीन महीने के लिए बढ़ाने के फ़ैसले का राज्य में विरोध शुरू हो गया है.

    मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस, राज्य कर्मचारी यूनियन और हिंदू तीर्थ-स्थानों से जुड़े लोग सरकार की मंशा को लेकर आशंकित हैं.

    कांग्रेस पार्टी ने राज्य सरकार के इस फ़ैसले को 'दमनकारी' बताया है.

    उधर, धार्मिक स्थलों से जुड़े नेताओं का कहना है कि देवस्थानम बोर्ड का विरोध जारी रहेगा और रासुका भी उन्हें नहीं डिगा सकता.

    वहीं राज्य कर्मचारी संघ के लोग इस फ़ैसले को लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध बता रहे हैं.

  6. अमेरिका की किस बात को लेकर पाकिस्तान में है नाराज़गी

    अमेरिकी उप विदेश मंत्री वेंडी शरमन ने पाकिस्तान का दिवसीय दौरा पूरा कर लिया है.

    पाकिस्तान में एक तरफ जहां वेंडी शरमन के दौरे की चर्चा है, वहीं दौरे से ठीक पहले दिए उनके एक बयान को लेकर नाराज़गी भी जताई जा रही है. पाकिस्तान दौरे से पहले वेंडी शरमन पांच और छह अक्टूबर को भारत के दौरे पर थीं.

    इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान को लेकर एक बयान दिया था. वेंडी शरमन ने अपने दौरे के दूसरे दिन मुंबई में कहा, "हम अमेरिका और पाकिस्तान के बीच व्यापक संबंध नहीं देखते हैं और भारत और पाकिस्तान को जोड़कर देखने के पुराने दिनों में लौटने का हमारा कोई इरादा नहीं है. हम उस तरफ़ नहीं जा रहे हैं."

    जबकि इससे पहले पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा था कि पाकिस्तान अमेरिका के साथ व्यापक और दूरदर्शी संबंध चाहता है जो केवल अफ़ग़ानिस्तान के मसले तक ही सीमित ना हों.

    जबकि वेंडी शरमन ने ज़ोर दिया था कि अफ़ग़ानिस्तान उनकी मुख्य चिंता है. उन्होंने कहा, "अफ़ग़ानिस्तान में क्या चल रहा है ये हमें जानने की ज़रूरत है. तालिबान को लेकर हमारी सोच एक होनी चाहिए. हमें सभी की सुरक्षा सुनिश्चित करने की ज़रूरत है जिसमें भारत भी शामिल है. इसलिए मैं विदेश मंत्री एंटी ब्लिंकन की बातचीत को जारी रखते हुए कुछ बहुत विशिष्ट बातचीत करने जा रही हूं."

  7. सत्ता मिली तो अयोध्या, वाराणासी और मथुरा के काम जारी रखेंगे: मायावती

    बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने शनिवार को लखनऊ में कहा है कि यदि वो सत्ता में आईं तो "अयोध्या, वाराणासी और मथुरा में चल रहे बीजेपी सरकार के विकास कार्यों को बंद नहीं करेंगी."

    मायावती ने दावा किया कि उनकी सरकार ने जो विकास कार्य किए थे बीजेपी ने इन तीन शहरों में उन्हें ही आगे बढ़ाया है.

    मायावती ने कहा कि वो इन तीन शहरों में शुरू किए गए सभी विकास कार्यों को पूरा करेंगी. मायावती के इस बयान को उत्तर प्रदेश चुनावों से पहले उनके हिंदुत्व की तरफ झुकाव के संकेत क रूप में देखा जा रहा है.

    बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक कांशीराम की पंद्रहवीं बरसी पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मायावती ने कहा कि वो पिछली सरकारों के किए गए कामों का श्रेय नहीं लेंगी.

    मायावती ने कहा कि, "यदि बसपा सत्ता में आती है तो वो मौजूदा बीजेपी सरकार के अयोध्या, वाराणासी और मथुरा और दूसरे धर्मस्थलों में चल रहे विकास कार्य को नहीं रोकेंगे."

    मायावती ने ये भी कहा कि इन शहरों में बीजेपी उनके ही नक्शे कदम पर चल रही है. उन्होंने कहा कि बदले की भावना से अधूरे कामों को रोका नहीं जाएगा बल्कि पूरा किया जाएगा.

    अयोध्या में विशाल राम मंदिर के अलावा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण समेत कई विकास कार्य चल रहे हैं. वाराणासी में काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर के तहत बड़े पैमाने पर काम चल रहा है. वहीं, मथुरा और वृंदावन में भी सौंदर्यीकरण की कई परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है.

    इससे पहले सात सितंबर को पार्टी के ब्राह्मण सम्मेलन में मायावती ने कहा था कि यदि वो सत्ता में आती हैं तो मूर्तियों और स्मारकों के बजाए वो समूचे उत्तर प्रदेश में विकास कार्यों पर ध्यान केंद्रित करेंगी.

  8. हिंदुओं और सिखों पर चरमपंथी हमला: 'कश्मीर जाकर नौकरी करने की सज़ा मिली'

    जम्मू के पटोली मंगोत्रियां इलाक़े के रहने वाले कमल चंद गुरुवार देर रात जब घर लौटे तो उनके छोटे भाई दीपक चंद का शव भी साथ था.

    उस समय रात के दो बज रहे थे, लेकिन घर और आस-पड़ोस के सभी लोग जाग रहे थे. उनके घर के अंदर दाख़िल होते ही सब दीपक के शव से लिपट कर रोने लगे.

    दीपक शव के रूप में चंद सगे-संबंधियों और पड़ोसियों के कंधे पर घर में दाख़िल हुए थे. श्रीनगर से जम्मू, फिर पटोली मंगोत्रियां और अंत में जीवन की अंतिम यात्रा. दीपक पिछले हफ़्ते ही पिता की बरसी मनाकर जम्मू से श्रीनगर वापस लौटे थे.

    गुरुवार को श्रीनगर के ईदगाह इलाक़े के एक सरकारी स्कूल में में बंदूक़धारियों ने घुसकर हिंदू शिक्षक दीपक चंद और सिख प्रिंसिपल सुपिंदर कौर को गोली मार दी थी.

  9. लखीमपुर खीरी मामला: आशीष मिश्रा की गिरफ़्तारी न हुई तो पूरे देश में होंगे प्रदर्शन- संयुक्त किसान मोर्चा

    संयुक्त किसान मोर्चा ने शनिवार को लखीमपुर खीरी हिंसा के विरोध में 18 अक्तूबर को रेल रोको का आह्वान किया है. किसान मोर्चा ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा और उनके बेटे आशीष मिश्रा की गिरफ़्तारी की मांग भी की है.

    संयुक्त किसान मोर्चा के नेता योगेंद्र यादव ने केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा पर साजिश रचने का आरोप लगाया और कहा, "उन्हें पद से हटाया जाना चाहिए और उनकी गिरफ़्तारी होनी चाहिए क्योंकि उन्होंने ही साज़िश रची."

    शनिवार को दिल्ली के प्रेस क्लब में पत्रकारों को संबोधित करते हुए किसान नेताओं ने कहा कि वो 15 अक्तूबर को दशहरे के मौक़े पर देशभर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के पुतलों को आग के हवाले करेंगे.

    प्रेस वार्ता में योगेंद्र यादव ने कहा कि "लखीमपुर खीरी में हुई घटना किसानों के लिए जलियांवाला बाग़ की घटना के समान है."

  10. किसानों ने अपने आगामी पांच बड़े कार्यक्रमों की जानकारी दी

    संयुक्त किसान मोर्चा ने शनिवार को एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस की.

    किसान नेताओं ने लखीमपुर खीरी हिंसा को पूर्वनियोजित साज़िश बताया.

    किसान मोर्चे ने 12-26 अक्टूबर तक अपने पांच अहम कार्यक्रमों की जानकारी दी.

    किसान नेता राकेश टिकैत ने मंत्री अजय मिश्रा के इस्तीफे की मांग की.

  11. जब मुक्तिवाहिनी के लड़ाकों ने भारतीय पायलट की जान बचाई- विवेचना

    1971 युद्ध के 50 वर्ष की दूसरी कड़ी में सुनिए किस तरह ढाका में विमान गिराए जाने के बाद मुक्ति वाहिनी के लड़ाकों ने एक भारतीय पायलट को तालाब के पानी के अंदर छुपा कर उसकी जान बचाई.

    कहानी सुना रहे हैं रेहान फ़ज़ल.

  12. छत्तीसगढ़: कबीरधाम हिंसा के दौरान बीजेपी की रैली विवादों में, रमन सिंह के बेटे सहित 16 लोगों पर मामला दर्ज

    छत्तीसगढ़ के कबीरधाम में दो पक्षों के बीच विवाद के बाद फ़ैली हिंसा के दौरान, शहर में पूर्व भाजपा सांसद अभिषेक सिंह और भाजपा सांसद संतोष पांडेय के नेतृत्व में एक बड़ी रैली निकाली गई थी, जिसमें विवादित नारे लगाये गये थे.

    शुक्रवार को इस रैली का वीडियो वायरल होने के बाद इस विवाद में भाजपा के पूर्व सांसद अभिषेक सिंह की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं.

    इस बीच ज़िला प्रशासन ने अभिषेक सिंह के अलावा भाजपा सांसद संतोष पांडेय और पूर्व विधायक मोतीराम चंद्रवंशी समेत भाजपा और विश्व हिंदू परिषद के 16 नेताओं के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया है.

    अभिषेक सिंह ने इस पर बीबीसी से कहा कि पुलिस राजनीतिक दबाव में काम कर रही है.

    स्थानीय पुलिस के मुताबिक़ तीन अक्टूबर से लेकर अब तक 5 अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं, जिसमें 93 लोगों को गिरफ़्तार भी किया गया है. इन सबके ख़िलाफ़ भारतीय दंड संहिता की धारा 147, 148, 149, 153(क), 188, 295, 332, 353, 109 और लोक संपत्ति की क्षति की धारा 3 के तहत मामला दर्ज किया गया है.

  13. ईरान के पूर्व राष्ट्रपति अबुलहसन बनीसद्र का फ़्रांस में निधन

    1979 की इस्लामी क्रांति के बाद ईरान के पहले राष्ट्रपति बने अबुलहसन बनीसद्र का 88 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है.

    अबुलहसन 1980 में राष्ट्रपति चुने गए थे और 16 महीने बाद ही उन्हें महाभियोग चलाकर सत्ता से हटा दिया गया था.

    अबुलहसन ने देश में बढ़ रही धर्मगुरुओं की ताक़त को चुनौती दी थी. बाद में उन्हें देश छोड़कर भागना पड़ा था. वे फ़्रांस पहुंचे थे जहां वे उस समूह का हिस्सा बने जो ईरान में धर्मगुरुओं को सत्ता से हटाने का प्रयास कर रहा था.

    उनके परिवार का कहना है कि उनका निधन पेरिस के एक अस्पताल में हुआ. वे लंबे समय से बीमार थे.

    1960 के दशक में ईरान के शाह का विरोध करने पर उन्हें जेल भी भेजा गया था. जेल से छूटने के बाद वो फ़्रांस चले गए थे जहां वो अयातुल्लाह अली ख़मेनई के क़रीबी दोस्त और सलाहकार बन गए थे.

    क्रांति के दौरान खमेनई और बनीसद्र साथ-साथ तेहरान लौटे थे. बनीसद्र ईरान के वित्त और विदेश मामलों के मंत्री बने थे और फिर धर्मगुरुओं के सहयोग से देश के राष्ट्रपति बन गए थे.

    उन्हें अपने कार्यकाल की शुरुआत से ही दिक्कतों का सामना करना पड़ा. अमेरिका दूतावास बंधक संकट और ईरान-इराक़ युद्ध का भी सामना करना पड़ा. लेकिन उनके लिए सबसे बड़ी मुसीबत बना कट्टरवादी धर्मगुरुओं का बढ़ता प्रभाव.

    बनीसद्र नहीं चाहते थे कि धर्मगुरू राजनीतिक व्यवस्था का हिस्सा बनें. देश में हुए सत्ता संघर्ष में संसद ने उन्हें पद से हटा दिया. ख़मेनई ने उस वक्त इस क़दम का समर्थन किया था.

    सत्ता से हटाए जाने के एक महीने बाद ही वो ईरान एयर फोर्स के बोईंग 707 विमान के ज़रिए फ़्रांस पहुंचे थे जहां उन्हें राजनीतिक शरण मिली थी.

    वहां उन्होंने नेशनल काउंसिल फॉर रेसिस्टेंस ऑफ़ ईरान का गठन किया था लेकिन तीन साल बाद ही 1984 में वो इससे अलग हो गए थे.

  14. बीबीसी इंडिया बोल

    लखीमपुर खीरी हिंसा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए कितनी बड़ी चुनौती है?

  15. दिल्ली के सामने बिजली संकट, केजरीवाल ने लगाई मदद की गुहार

    दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक ट्वीट करके कहा है कि कोयले का कमी के कारण दिल्ली के सामने बिजली संकट खड़ा है.

    केजरीवाल ने कहा, "दिल्ली को बिजली संकट का सामना करना पड़ सकता है. मैं व्यक्तिगत तौर पर स्थिति पर नज़र रखे हुए हूं. हम इससे बचने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं. इसी बीच मैंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर उनसे व्यक्तिगत तौर पर हस्तक्षेप करने की अपील की है."

    वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने केंद्र सरकार से पंजाब के हिस्से का कोयला जारी करने की गुज़ारिश की है. चन्नी ने कहा है कि यदि पंजाब को उसके कोटे के हिसाब से कोयला नहीं मिला तो जल्द ही राज्य के बिजली संयंत्र बंद हो सकते हैं.

    समाचार एजेंसी रायटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ कोयले की कमी की वजह से कई प्रांतों में बिजली कट रही है और उत्तर भारत के कई राज्यों में अभूतपूर्व बिजली संकट खड़ा हो सकता है.

    हालांकि सरकार ये भरोसा दे रही है कि पर्याप्त बिजली मौजूद है और संकट नहीं होगा.

    भारत में चीन के बाद दुनिया में सबसे ज़्यादा कोयले की खपत होती है. चीन में कोयले की कमी की वजह से बड़े पैमान पर बिजली कटी है जिसकी वजह से फैक्ट्रियों तक बंद हो गई हैं. बिजली संकट से निबटने के लिए चीन के कई इलाक़ों में स्कूल भी बंद किए गए हैं.

    • ये भी पढ़ें - चीन में बिजली की क़िल्लत, सारी दुनिया पर क्यों पड़ सकता है असर

    भारत में 70 फ़ीसदी बिजली कोयले से ही मिलती है और देश के 135 कोयला संचालित पॉवर प्लांट में से आधे से अधिक प्लांट में तीन दिन से कम का कोयला बचा है.

    भारत सरकार के बिजली ग्रिड नियामक पोसोको के डाटा के विश्लेषण से पता चला है कि जितनी बिजली भारत में पूरे साल कटी है उसकी 11.2 प्रतिशत सिर्फ़ अक्तूबर के पहले सप्ताह में ही कट गई है.

    ये डाटा सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है. इसके विश्लेषण से पता चलता है कि भारत में बिजली संकट कितना गंभीर हो सकता है. पिछले साल के मुकाबले अक्तूबर के पहले सप्ताह में भारत में बिजली की कमी 21 गुणा ज्यादा है जबकि इसी समय की तुलना में 2019 के मुकाबले चार गुणा ज्यादा है.

    • ये भी पढ़ें- भारत क्या ऐतिहासिक बिजली संकट की कगार पर खड़ा है?
  16. तालिबान के साथ वार्ता का मतलब उसे मान्यता देना नहीं: अमेरिका

    अमेरिका ने ज़ोर देकर कहा है कि तालिबान के साथ शुरू हो रही उच्चस्तरीय वार्ता का मतलब ये नहीं है कि अमेरिका ने तालिबान की सरकार को मान्यता देने वाला है.

    तालिबान ने 15 अगस्त को अफ़ग़ानिस्तान पर नियंत्रण कर लिया था. उसके बाद पहली बाद अमेरिका और तालिबान के बीच क़तर की राजधानी दोहा में आज से वार्ता हो रही है.

    अमेरिका के विदेश मंत्रालय का कहना है कि अमेरिका तालिबान के संपर्क में है और ये वार्ता उसी सिलसिले में हो रही है.

    मंत्रालय का कहना है कि कई मुद्दों पर चर्चा के साथ-साथ अफ़ग़ानिस्तान में मौजूद अमेरिकी नागरिकों और देश से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे अन्य अफ़ग़ान नागरिकों को सुरक्षित रास्ता देने के मुद्दे पर भी तालिबान के साथ चर्चा होगी.

    अमेरिका के नेतृत्व वाले सैन्यबलों के अफ़ग़ानिस्तान छोड़ने के बाद से अफ़ग़ानिस्तान के लिए अंतरराष्ट्रीय मदद एक तरह से सीमित हो गई है. देश भीषण आर्थिक और मानवीय संकट का सामना कर रहा है.

    वॉशिंगटन में मौजूद बीबीसी संवाददाता नोमिया इक़बाल के मुताबिक़ अमेरिकी अधिकारियों ने ज़ोर देकर कहा है कि इस वार्ता का मतलब ये नहीं है कि अमेरिका ने तालिबान के शासन को स्वीकार कर लिया है.

    अमेरिका के जाने के बाद से 1 लाख 24 हज़ार से अधिक लोगों को अफ़ग़ानिस्तान से सुरक्षीत बाहर निकाला गया है, लेकिन अभी भी हज़ारों लोग ऐसे हैं जो देश से बाहर जाना चाहते हैं.

    वार्ता से पहले अमेरिका ने कहा है कि वो तालिबान पर समावेशी सरकार बनाने और महिलाओं और अल्पसंख्यकों को सरकार में शामिल करने का दबाव बनाएंगे.

  17. बड़ी कंपनियों पर अधिक टैक्स लगाने के लिए 136 देशों ने किया समझौता

    डेनियल थॉमस

    बिज़नेस संवाददाता, बीबीसी न्यूज़

    दुनिया के अधिकतर देशों ने बड़ी कंपनियों पर वाजिब टैक्स लगाने के लिए एक ऐतिहासिक समझौता किया है.

    136 देश बड़ी कंपनियों पर कम से कम 15 प्रतिशत कॉर्पोरेट टैक्स लगाने पर सहमत हुए हैं. इसके अलावा मुनाफ़े पर वाजिब कर लगाने को लेकर भी देशों में सहमति बनी है.

    ये चिंताएं ज़ाहिर की गईं थीं कि बहुराष्ट्रीय कंपनियां अपना टैक्स बचत के लिए कम टैक्स वाले देशों में अपने मुनाफ़े दिखा रही हैं. इसके बाद ही ये समझौता किया गया है.

    बावजूद इसके आलोचकों का कहना है कि 15 फ़ीसदी कार्पोरेट टैक्स बहुत कम है और कंपनियां इससे भी बचने के रास्ते निकाल लेंगी.

    ब्रितानी वित्त मंत्री ऋषि सुनक ने कहा है कि इस समझौते से वैश्विक टैक्स प्रणाली अपग्रेड होगी और उसे नए दौर के हिसाब से ढाला जा सकेगा.

    उन्होंने कहा, "अब बड़ी कंपनियां जहां भी कारोबार करेंगी, अपने हिस्से का वाजिब टैक्स देंगी."

    आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (ओईसीडी) ने कई दशकों से न्यूनतम टैक्स दर तय करने के लिए अभियान चलाया हुआ था.

    ओईसीडी का कहना है कि इस समझौते के बाद टैक्स के रूप में कम से कम 150 अरब डॉलर प्रतिवर्ष का अतिरिक्त धन मिलेगा और इससे महामारी से निकल रही मुल्कों की अर्थव्यवस्था को मज़बूती देने में मदद मिलेगी.

  18. ब्रेकिंग न्यूज़, संयुक्त किसान मोर्चा अजय मिश्रा और उनके बेटे को लेकर हुआ सख़्त

    संयुक्त किसान मोर्चा की प्रेस कॉन्फ़्रेंस में किसान नेता दर्शन पाल ने कहा कि लखीमपुर खीरी हिंसा पूर्वनियोजित साज़िश थी.

    उन्होंने कहा कि हमलावरों ने किसानों को आतंकित करने की कोशिश की. किसान नेता जोगिंदर सिंह उगराहां ने कहा कि सरकार ने प्रदर्शनकारी किसानों के ख़िलाफ़ हिंसक रुख़ अपनाया है.

    उगराहां ने कहा, ''हम केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा और उनके बेटे आशीष मिश्रा की गिरफ़्तारी की मांग करते हैं.''

    इसी प्रेस कॉन्फ़्रेंस में स्वराज अभियान के नेता योगेंद्र यादव ने कहा कि केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा को मंत्रिमंडल से हटा देना चाहिए और उन्होंने जिस तरह से साज़िश रची है, उसके लिए उनकी गिरफ़्तारी होनी चाहिए.''

    दिल्ली के प्रेस क्लब में किसान नेताओं ने एक प्रेस कॉन्फ्रेस करके लखीमपुर खीरी की घटना पर आगे की रणनीति स्पष्ट की.

    इससे पूर्व सिंघु बॉर्डर पर किसान नेताओं ने रणनीति पर चर्चा की थी. इस प्रेस कॉन्फ्रेस में राकेश टिकैत समेत कई वरिष्ठ किसान नेता मौजूद थे.

    स्वराज इंडिया के संजोयक योगेंद्र यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आगामी रणनीति के बारे में जानकारी दी. उन्होंने कहा, पहला कार्यक्रम 12 अक्टूबर को अंतिम अरदास पर, शोक समारोह का आयोजन किया गया है. यह समारोह ठीक उसी जगह होगा जहां लखीमपुर खीरी हिंसा की घटना हुई.

    संयुक्त किसान मोर्चा ने देशभर के किसानों को 12 बजे तिकुनिया पहुंचने का अनुरोध किया गया है.

    योगोंद्र यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने संबोधन में कहा कि जो किसान तिकुनिया नहीं पहुंच सकते वे गुरुद्वारे जाएं. और शाम को पांच मोमबत्ती जलाएं.

    उन्होंने कहा कि यह शोक सभा चार किसानों और एक किसान पत्रकार की मौत पर शोक ज़ाहिर करने के लिए आयोजित की जा रही है. .

    दूसरा कार्यक्रम- तिकुनिया के उसी जगह से 12 बजे किसानों की अस्थियां लेकर कलश यात्रा शुरू होगी, ये यात्राएं 24 अक्टूबर तक चलेंगी. ये कलश उत्तर प्रदेश के हर ज़िले में ले जाए जाएंगे और देश के हर राज्य में भी. उसेक बाद इन्हें पवित्र जगह विसर्जित किया जाएगा.

    तीसरा आयोजन दशहरे के दिन किया जाएगा. जिस दिन अहंकार के नाश के प्रतीक स्वरूप पीएम मोदी का पुतला जलाया जाएगा.

    चौथा कार्यक्रम 18 अक्टूबर को रेल रोको अभियान चलाया जाएगा. जिसमें सुबह दस से चार बजे तक देश में हर जगह रेल रोकी जाएगी.

    26 अक्टूबर को लखनऊ में महापंचायत का आयोजन किया जाएगा.

    योगेंद्र यादव ने कहा कि पहले कार्यक्रम को छोड़कर बाकी कार्यक्रम कैसे संचलित होंगे यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेगा कि 11 तारीख़ तक हमारी मांगे मानी जाती हैं या नहीं.

    आशीष मिश्रा की गिरफ़्तारी पर किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि उन्हें गिरफ़्तार नहीं किया गया है उन्हें तो निमंत्रण देकर बुलाया गया है.

    उन्होंने कहा कि जब तक उनके पिता गृह राज्य मंत्री हैं तब तक निष्पक्ष जांच या कार्रवाई नहीं हो सकती.

  19. ताइवान के स्पेशल फ़ोर्सेज को ट्रेनिंग दे रहा है अमेरिका

  20. डेनमार्क की प्रधानमंत्री के साथ पीएम मोदी की प्रेस कॉन्फ़्रेंस

    भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसन के साथ हैदराबाद हाउस में मुलाक़ात की.

    दोनों नेताओं के बीच विभिन्न मुद्दों पर द्वीपक्षीय वार्ता हुई है.

    बैठक के बाद एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा आज से एक साल पहले, हमने अपनी वर्चुअल समिट में भारत और डेनमार्क के बीच ग्रीन स्ट्रैटिजिक पार्टनरशिप स्थापित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया था.

    यह हम दोनों देशों की दूरगामी सोच और पर्यावरण के प्रति सम्मान का प्रतीक है.

    पर्यावरण के अलावा दोनों देश ऊर्जा, फूड-प्रोसेसिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, मशीनरी, सॉफ़्टवेयर पर भी साथ मिलकर काम कर रहे हैं. डेनमार्क की कई कंपनियां भारत में लंबे समय से काम कर रही हैं.

    प्रधानमंत्री ने उन कंपनियों के संदर्भ में कहा कि उन्होंने ना सिर्फ़ ‘मेक इन इंडिया’ बल्कि ‘मेक फोर इंडिया फोर द वर्ल्ड’ को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है.

    पीएम मोदी ने कहा कि डेनमार्क ने भारत में खेतीहर उत्पादकताऔर किसानों की आय बढ़ाने के लिए, कृषि संबंधित तकनीक विकसित करने में हमने सहयोग करने का निर्णय लिया है.

    पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों ने तय किया है कि वे अपने सहयोग के दायरे का सतत रूप से बढ़ाते रहेंगे. स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी दोनों देशों ने सहयोग के साथ आगे बढ़ने की बात कही.

    साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी ने कहा कि भले ही आज हमारी पहली रूबरू मुलाक़ात थी लेकिन कोरोना महामारी के दौर में भी भारत और डेनमार्क के बीच संपर्क और सहयोग बना रहा.

    डेनमार्क की प्रधानमंत्री ने इस मौक़े पर कहा, "आज हम पानी और ग्रीन फ्यूल पर काम करने के लिए सहमत हुए हैं. हम स्वास्थ्य और कृषि जैसे क्षेत्रों पर भी साथ मिलकर काम करने पर सहमत हुए हैं."

    डेनमार्क की प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और डेनमार्क दो लोकतांत्रिक देश हैं जो नियमों पर आधारित एक अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में विश्वास करते हैं.