योगी आदित्यनाथ बोले- गोरखपुर की घटना के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि गोरखपुर में मारे गए कानपुर के कारोबारी के परिवार से मिलने के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया है.

लाइव कवरेज

रजनीश कुमार, पवन सिंह अतुल and शुभम किशोर

  1. यूपी के महोबा में रेप पीड़िता की गर्भपात करवाते हुई मौत, चार गिरफ़्तार

  2. गोरखपुर की घटना के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा - योगी आदित्यनाथ

    योगी आदित्यनाथ

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    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि गोरखपुर की घटना के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.

    मनीष गुप्ता के परिवार से मिलने के बाद उन्होंने कहा, "गोरखपुर में हुई दु:खद घटना का दोषी कोई भी हो, किसी भी पद पर हो, वह किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. सबकी जवाबदेही तय की जाएगी. अपराधी सिर्फ अपराधी होता है."

    उन्होंने कहा, "पीड़ित की पीड़ा के साथ जुड़ना हमारा दायित्व है. सरकार हर कदम पर परिवार के साथ है, हर कीमत पर उन्हें त्वरित न्याय मिलेगा. मेरी संवेदनाएं उनके साथ हैं."

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    क्या है मामला?

    उत्तर प्रदेश में गोरखपुर के एक होटल में कानपुर के एक कारोबारी की संदिग्ध मौत के मामले में छह पुलिसकर्मियों के ख़िलाफ़ हत्या का मुक़दमा दर्ज किया गया है.

    कानपुर के बर्रा क्षेत्र के रहने वाले कारोबारी मनीष गुप्ता अपने दो दोस्तों के साथ 27 सितंबर को गोरखपुर पहुँचे थे और वहाँ एक होटल में रुके थे.

    आरोप है कि गोरखपुर पुलिस की एक टीम रात में क़रीब 12 बजे नियमित जाँच के लिए होटल पहुँची और यहाँ ठहरे मनीष गुप्ता के साथ कथित तौर पर मारपीट की, जिससे उनकी मौत हो गई.

  3. कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक जल्द होगी, कपिल सिब्बल ने की थी मांग

    कांग्रेस

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    कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा है कि कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक जल्द होगी. बुधवार को कई कांग्रेसी नेताओं ने मीटिंग बुलाने की मांग की थी.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक सुरजेवाला ने कहा, "शिमला जाने से पहले, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा था कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक जल्द बुलाई जाएगी. इसलिए CWC की बैठक आने वाले दिनों में होगी."

    बुधवार को गुलाम नबी आज़ाद और कपिल सिब्बल जो कि जी-23 (कांग्रेस के 23 नेताओं के समूह) का हिस्सा हैं, कहा था कि संगठन में निराशा और उथल पुथल के बीच ऐसी बैठक बुलाई जानी चाहिए.

    उन्होंने कहा था कि CWC की मीटिंग जल्द बुलाई जानी चाहिए और पार्टी के अंदरूनी मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए जैसे कि नेताओं के पार्टी को छोड़ने का मुद्दा और पंजाब समेत कई राज्यों में पार्टी बिगड़ती हालत.

  4. सिद्धू जहाँ से भी लड़ेंगे, मैं उनको जीतने नहीं दूँगा- अमरिंदर सिंह

    अमरिंदर सिंह

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    पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह ने एक बार फिर कहा है कि कांग्रेस के नेता नवजोत सिंह सिद्धू जहां से भी आगामी विधानसभा चुनाव लड़ लें, वे उन्हें जीतने नहीं देंगे.

    अपने दिल्ली दौरे के बारे में कैप्टेन अमरिंदर सिंह ने पत्रकारों को बताया," मैंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के साथ सुरक्षा संबंधी मुद्दे उठाए हैं. मैं उनके बारे में यहां बात नहीं कर सकता."

    अमरिंदर सिंह बुधवार को दिल्ली में अजित डोभाल के अलावा बीजेपी नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मिले थे.

    नवजोत सिंह सिद्धू पर उनके हमले, इस्तीफ़ा देने के बाद से ही जारी हैं. जब मंगलवार को सिद्धू ने कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष पद छोड़ा था तब भी कैप्टेन ने सिद्धू को 'अनस्टेबल माइंड' क़रार दिया था.

    इस दौरान कैप्टन अमरिंदर ने ये भी कहा कि वो बीजेपी में नहीं जाएंगे लेकिन कांग्रेस में भी नहीं रहेंगे.

  5. बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर', सुनिए वात्सल्य राय से

  6. पेशावर में की अज्ञात बंदूकधारियों ने सिख हकीम की गोली मारकर हत्या

    हकीम सतनाम सिंह

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    पाकिस्तान के पेशावर में गुरुवार को कुछ अज्ञात बंदूकधारियों ने एक सिख हकीम की गोली मारकर हत्या कर दी है.

    पुलिस के मुताबिक हकीम सरदार सतनाम सिंह पर बंदूकधारियों ने चार गोलियां चलाईं.

    पेशावर में बीबीसी संवाददाता अज़ीज़ुल्लाह ख़ान ने बताया है कि 45 वर्षीय सतनाम सिंह काफी मशहूर हकीम थे.

    पेशावर में सिख समुदाय के प्रमुख चेहरे साहिब सिंह ने कहा है कि सतनाम एक काबिल और अपने समुदाय के जाने-माने व्यक्ति थे.

    ख़बरों के मुताबिक हत्यारे मौके से फरार होने में कामयाब रहे हैं. सतनाम सिंह पेशावर के चारसद्दा रोड पर क्लीनिक चलाते थे.

    हकीम सतनाम सिंह पेशावर के अलावा हसन अब्दाल और रावलपिंडी में अपनी मरीज़ों को देखते थे.

    मौके पर पहुंची पुलिस टीम इलाक़े की नाकेबंदी कर दी है और दोषियों को पकड़ने के लिए तलाशी कर रहे हैं. हत्या के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है.

  7. सीएम चन्नी से मुलाक़ात के बाद पंजाब भवन से निकले सिद्धू

    सिद्धू

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    चरणजीत सिंह चन्नी सरकार की नियुक्तियों से नाराज़ चल रहे कांग्रेस नेता आज मुख्यमंत्री से बातचीत के बाद पंजाब भवन से निकल चुके हैं.

    ये मुलाक़ात तीन बजे तय थी. फ़िलहाल मीटिंग में क्या चर्चा हुई, इसकी जानकारी नहीं मिली है.

    मीटिंग में जाने से पहले सिद्धू ने नए सीएम द्वारा नियुक्तिों पर सवाल उठाए

    सिद्धू ने ट्विवटर पर लिखा, "डीजीपी आईपीएस सहोता बादल सरकार के तहत बेअदबी मामले की जांच कर रहे एसआईटी के प्रमुख थे, उन्होंने दो सिख युवकों को बेअदबी के लिए गलत तरीके से अभियुक्त बताया और बादल को क्लीन चिट दे दी. 2018 में, मैंने कांग्रेस के मंत्रियों, तत्कालीन पीसीसी अध्यक्ष और वर्तमान में गृह मंत्री के साथ मिलकर उन्हें न्याय का आश्वासन दिया."

    मुख्यमंत्री ने की थी बातचीत की पेशकश

    नवजोत सिंह सिद्धू ने मंगलवार को पंजाब कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के पद से इस्तीफ़ा दे दिया था. हालांकि उनका इस्तीफ़ा स्वीकार नहीं किया गया है.

    पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी गुरुवार को कहा था कि उनकी नवजोत सिंह सिद्धू से बात हुई है और उन्होंने जो मुद्दे उठाए हैं, उन्हें मिलकर हल किया जाएगा.

    चरणजीत सिंह चन्नी ने संवाददाताओं से कहा, "जो प्रधान होता है, वो पार्टी का हेड होता है. हेड को परिवार में बैठकर अपनी बातों को मजबूती के साथ आगे रखना चाहिए." "मैंने आज भी सिद्धू साहब से टेलीफ़ोन पर बात की है.

    सिद्धू साहब ने जो सवाल उठाए हैं, उन्हें मिल कर दूर किया जाएगा." उन्होंने आगे कहा, "पार्टी ही हमेशा सुप्रीम होती है, सरकार पार्टी की बात को मानती है. आप आओ, बैठकर बात करो, जिस तरह से आपको कोई ग़लतियां लग रही हैं, आप पहले भी उन्हें उठा सकते थे, अब भी उठा सकते हैं."

    इसके बाद सिद्धू ने ट्वीट में कि मुख्यमंत्री के बुलावे पर वे उनसे मिलने जा रहे हैं.

    सिद्धू ने लिखा - मुख्यमंत्री ने मुझे बातचीत के लिए बुलाया है. मैं आज तीन बजे चंडीगढ़ में पंजाब भवन पहुंचकर उनसे मिलूंगा. किसी भी तरह की बातचीत के लिए उनका स्वागत है.

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    सिद्धू ने पहले क्या कहा था

    कांग्रेस पंजाब अध्यक्ष के पद से इस्तीफ़ा देने के बाद नवजोत सिंह सिद्धू ने एक वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा था कि ‘हक़-सच की लड़ाई आख़िरी दम तक लड़ता रहूंगा.’ वो वीडियो में कह रहे हैं, “प्यारे पंजाबियों, 17 साल के राजनीतिक सफ़र एक उद्देश्य के साथ तय किया है. पंजाब के लोगों की ज़िंदगियों को बेहतर करना और मुद्दे की राजनीति पर एक स्टैंड लेकर खड़े रहना.

    यही मेरा धर्म और फ़र्ज़ रहा है और आज तक मेरा किसी से निजी झगड़ा नहीं रहा है.” “मेरी लड़ाई मुद्दों की और पंजाब के एजेंडे की है. मैं हमेशा हक़ की लड़ाई लड़ता रहा हूं और इससे कोई समझौता नहीं किया है. मेरे पिता ने यही सिखाया है जब भी कोई द्वंद्व हो तो सच के साथ रहो और नैतिकता रखो. नैतिकता के साथ कोई समझौता नहीं है.” सिद्धू इसके बाद कह रहे हैं कि वो आज देख रहे हैं कि मुद्दों के साथ समझौता हो रहा है.

    “मैं देखता हूं कि छह-छह साल पहले जिन्होंने बादलों को क्लीन चिट दे दी उन्हें उत्तरदायित्व दिया गया है. मैं न हाई कमान को गुमराह कर सकता हूं और न ही गुमराह होने दे सकता हूं. गुरु के इंसाफ़ के लिए, पंजाब के लोगों की ज़िंदगी बेहतर करने के लिए मैं किसी भी चीज़ की कुर्बानी दूंगा.”

    नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि 'दाग़ी अफ़सरों और लीडरों का सिस्टम हमने तोड़ दिया था. दोबारा उन्हीं को लाकर, वो सिस्टम एक बार फिर खड़ा नहीं किया जा सकता, मैं इसका विरोध करता हूं.' दरअसल सिद्धू एडवोकेट जनरल की नियुक्ति पर भी सवाल उठा रहा थे.

    सिद्धू ने कहा कि जो ब्लेंकेट बेल दिलवाते रहे वो आज एडवोकेट जनरल बन गए हैं. उनका इशारा अमर प्रीत सिंह देओल की ओर था. देओल को चन्नी सरकार ने दो दिन पहले ही पंजाब के एडवोकेट जनरल के पद पर नियुक्त किया है.

  8. सिद्धू और पंजाब सीएम चन्नी की मुलाक़ात जारी, मीटिंग से पहले सिद्धू के निशाने पर पंजाब के DGP

    सिद्धू चन्नी

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    चंडीगढ़ के पंजाब भवन में इस समय नाराज़ चल रहे वरिष्ठ कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू और मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की मुलाकात हो रही है

    सिद्धू ने मंगलवार को अचानक पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था. उसके बाद से कांग्रेस में अंदरुनी अनबन खुलकर सामने आ गई है.

    आज सुबह सिद्धू ने कहा था कि वे मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के निमंत्रण पर उनसे मिलने जा रहे हैं.

    लेकिन मीटिंग में जाने से पहले ही सिद्धू ने ट्वीट कर चन्नी सरकार की नियुक्तियों पर सवालिया निशान लगा दिया.

    सिद्धू ने ट्वीट किया - पुलिस महानिदेशक सहोता बादल सरकार के दौरान हुए बेअदबी केस के लिए गठित एसआईटी के प्रमुख थे. इन्होंने ग़लत तरीके से दो सिख युवकों को पकड़ा था और बादलों को क्लीन चिट दी थी. साल 2018 में मैंने और कांग्रेस के मंत्रियों ने (जिनमें उस समय के कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष और मौजूदा गृह मंत्री भी शामिल थे) इन युवकों को भरोसा दिलाया था कि हम न्याय के लिए उनकी जंग में उनका साथ देंगे."

    सिद्धू ने बुधवार को भी एक वीडियो संदेश में कहा था - मैं अड़ूंगा भी और लड़ूंगा भी, सबकुछ जाता है तो जाए.

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  9. चीन ने अपने यहां वीगर मुसलमानों की कुल आबादी बताई

  10. विरोध प्रदर्शन के कारण स्थायी तौर पर सड़क जाम करना सही नहीं - सुप्रीम कोर्ट

    सुप्रीम कोर्ट

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    सुप्रीम कोर्ट ने हाइवे पर से प्रदर्शनकारियों को हटाने से जुड़ी एक पीआईएल पर सुनवाई करते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों के मुद्दे गंभीर हो सकते हैं लेकिन उन्हें हाइवे बंद नहीं करना चाहिए.

    अदालत ने कहा कि उनकी समस्याएं हैं लेकिन दूसरे लोगों को भी दिक्कतें हो सकती हैं जो सड़क पर फंसे हैं.

    कोर्ट ने कहा कि एक दिन के लिए ये सही हो सकता है लेकिन स्थायी तौर पर हाइवे बंद नहीं किए जा सकते.

    सरकार की तरफ़ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने तीन सदस्यों की कमेटी बनाई थी लेकिन उन्होंने ये तर्क देते हुए कमेटी से मिलने से मना कर दिया कि वो सुप्रीम कोर्ट में दाख़िल याचिका का हिस्सा नहीं है.

    कोर्ट ने मेहता से कहा कि आप सरकार में हैं, अगर किसी व्यक्ति या पार्टी को याचिका का हिस्सा बनाना है, तो आप सही तरीके से आवेदन करें कि आपने क्या किया है आपको क्यों लगता है कि उस पार्टी के होने से फ़ायदा होगा.

    केंद्र ने भारतीय किसान संगठन समेत दूसरे संगठनों को इस पीआईएल में हिस्सा बनाने के आवेदन को मान लिया.

  11. सिब्बल के घर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन पर थरूर और तिवारी ने जताई आपत्ति, क्या कहा?

    मनीष तिवारी, शशि थरूर और कपिल सिब्बल

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    बुधवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल के घर पर कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाज़ी की. सिब्बल के घर के बाहर तोड़फोड़ की भी गई.

    इस घटना पर कांग्रेस के दो लोकसभा सांसदों - मनीष तिवारी और शशि थरूर, ने आपत्ति जताई है.

    दरअसल कल ही सिब्बल ने एक प्रेसवार्ता में कहा था कि कांग्रेस में कोई स्थाई अध्यक्ष नहीं है और उन्हें नहीं मालूम की पार्टी के फ़ैसले कौन कर रहा है. सिब्बल उन 23 वरिष्ठ कांग्रेस लीडरों में एक हैं जिन्होंने पिछले वर्ष पार्टी को चिट्ठी लिखकर, संगठन में सुधार की अपील की थी.

    सिब्बल के बयान के बाद वरिष्ठ नेता ग़ुलाम नबी आज़ाद ने चिट्ठी लिखकर, तुरंत कांग्रेस की सेंट्रल वर्किंग कमेटी की बैठक की मांग भी की थी.

    उनके इस बयान का विरोध करने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बुधवार को, उनके दिल्ली स्थित घर पर पहुंचकर नारेबाज़ी करने लगे थे.

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    शशि थरूर और मनीष तिवारी ने क्या कहा?

    मनीष तिवारी ने आज ट्वीट कर जानकारी दी कि ‘कपिल सिब्बल के घर पर कार को नुकसान पहुंचाया गया. लोग कार पर खड़े हो गए जिसके कारण वो पिचक गई. लोगों ने घर के अंदर और बाहर टमाटर फेंके. अगर ये गुंडागर्दी नहीं है तो क्या है.”

    कुछ देर बाद शशि थरूर ने इस ट्वीट को कोट करते हुए कहा कि ये व्यवहार शर्मनाम है.

    थरूर ने लिखा - ये शर्मनाक है. हम सभी कपिल सिब्बल को एक सच्चे कांग्रेसी के तौर पर जानते हैं जिन्होंने कांग्रेस के लिए कई केसों में अदालत में पैरवी की है. एक लोकतांत्रिक पार्टी होने के नाते हमें उनकी बात सुनी जानी चाहिए. हम उनसे असहमत भी हो सकते हैं पर उसका ये तरीका नहीं है. हमारी प्राथमिकता खुद को मज़बूत कर, बीजेपी से मुक़ाबले करने की होनी चाहिए.”

    दिल्ली में कांग्रेस का प्रदर्शन

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  12. अमरिंदर सिंह ने कहा, बीजेपी में नहीं जाएँगे, लेकिन कांग्रेस में नहीं रहेंगे

    अमरिंदर सिंह

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    पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि वे बीजेपी में शामिल नहीं होंगे, लेकिन कांग्रेस में नहीं रहेंगे.

    न्यूज़ चैनल एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में कैप्टेन अमरिंदर सिंह ने कहा, "अभी तक मैं कांग्रेस में हूँ, लेकिन मैं कांग्रेस में नहीं रहूँगा. मैं बीजेपी में भी नहीं जा रहा हूँ."

    उन्होंने कहा कि पंजाब में कांग्रेस नीचे जा रही है और सिद्धू जैसे व्यक्ति को पार्टी ने गंभीर काम सौंप दिया है.

    अमरिंदर सिंह ने कहा, "मैं 52 साल से राजनीति में हूँ. लेकिन उन्होंने मेरे साथ कैसा व्यवहार किया. साढ़े दस बजे कांग्रेस अध्यक्ष ने मुझसे कहा कि आप इस्तीफ़ा दे दो. मैंने कोई सवाल नहीं पूछा. चार बजे मैं राज्यपाल के पास गया और इस्तीफ़ा दे दिया. अगर 50 साल के बाद भी आप मुझ पर संदेह करोगे, मेरी विश्वसनीयता दाँव पर है और कोई भरोसा नहीं है, तो पार्टी में रहने का कोई मतलब नहीं है."

    पंजाब कांग्रेस

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    अमित शाह और डोभाल से मुलाक़ात

    अमरिंदर सिंह इस समय दिल्ली में हैं और बुधवार को उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाक़ात की थी. गुरुवार की सुबह अमरिंदर सिंह ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाक़ात की.

    18 सितंबर को अमरिंदर सिंह ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया था और उस समय से ही पंजाब कांग्रेस में घमासान मचा हुआ है.

    अमरिंदर सिंह के बाद कांग्रेस पार्टी ने चरणजीत सिंह चन्नी को राज्य का मुख्यमंत्री बनाया है. लेकिन मंगलवार को नवजोत सिंह सिद्धू ने अचानक प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष पद से त्यागपत्र दे दिया.

    सिद्धू के त्यागपत्र के बाद अमरिंदर सिंह ने कहा था कि सिद्धू स्थिर आदमी नहीं हैं. अगले साल पंजाब में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं.

    नवजोत सिंह सिद्धू

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    'सिद्धू टीम प्लेयर नहीं हैं'

    इंटरव्यू के दौरान अमरिंदर सिंह ने कहा, "मैंने कांग्रेस से अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया था कि मेरे साथ इस तरह का व्यवहार नहीं होना चाहिए. मैंने अभी तक कांग्रेस से इस्तीफ़ा नहीं दिया है, लेकिन जहाँ विश्वास की कमी है, वहाँ कोई कैसे रह सकता है. मैंने अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया है. जब कोई भरोसा ही नहीं है, तो वहाँ कोई कैसे रह सकता है."

    सिद्धू के बारे में अमरिंदर सिंह ने कहा, "सिद्धू एक अपरिपक्व व्यक्ति हैं. मैंने ये कई बार कहा है कि वे स्थिर व्यक्ति नहीं हैं. वे टीम प्लेयर नहीं हैं. वे अकेले चलने वाले हैं. वे अध्यक्ष के रूप में पंजाब कांग्रेस को कैसे संभालेंगे? उसके लिए आपको टीम प्लेयर बनना होगा, जो सिद्धू नहीं है."

    आने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रदर्शन के बारे में उन्होंने कहा कि कांग्रेस नीचे जा रही है. उन्होंने कहा, "जुलाई और सितंबर के बीच में कांग्रेस ने जो सर्वे किया था, उससे पता चलता है कि आम आदमी पार्टी आगे बढ़ रही है और कांग्रेस नीचे जा रही है. ये चुनाव काफ़ी अलग होने जा रहा है."

  13. तालिबान ने कहा देश छोड़कर गए लोगों के घरों को किराए पर चढ़ाया जाएगा, किसको मिलेगा किराया?

    तालिबान

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    तालिबान ने कहा है कि काबुल में जिन घरों के मालिक देश छोड़कर भाग गए हैं उन्हें किराए पर दे दिया जाएगा. इससे होने वाली आमदनी देश के केंद्रीय बैंक को दी जाएगी.

    तालिबान ने बुधवार को अपने अरबी भाषा के ट्वीटर अकांउट पर इसकी घोषणा की है. तालिबान का ये निर्णय ऐसे वक़्त में आया है जब अफ़ग़ानिस्तान एक गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है.

    तालिबान ने कहा है कि जो लोग ‘पश्चिम की ओर भागे हैं’ उन्हेें वापस आने तक अपने घर किराए पर दे देने चाहिए.

    बयान में कहा है कि घरों से मिलने वाला किराया केंद्रीय बैंक में जमा होगा लेकिन देश लौटने पर मकान मालिक को इसमें हिस्सा दिया जाएगा.

    ख़ाली पड़े मकान

    15 अगस्त को तालिबान के काबुल में दाख़िल होने के हज़ारों लोगों ने देश छोड़ दिया था. इस दौरान अकेले अमेरिका और उसकी सहयोगी सेनाओं ने कोई एक लाख अफ़ग़ान नागरिकों को काबुल से बाहर निकाला था.

    तालिबान के नियंत्रण में आने के बाद पश्चिमी देशों ने अफ़ग़ानिस्तान के अंतरराष्ट्रीय फंड फ़्रीज़ कर दिए थे. इनमें देश के केंद्रीय बैंक की आईएमएफ़ में मौजूद पूंजी भी शामिल है.

    इन प्रतिबंधों की वजह से अफ़ग़ानिस्तान में मुद्रास्फीती अपने चरम पर है और नकदी की भंयकर कमी है.

  14. टोक्यो ओलंपिक में हॉकी टीम के हिस्सा रहे रुपिंदर पाल सिंह ने की रिटायर होने की घोषणा

    रुपिंदर पाल सिंह

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    भारतीय हॉकी के तेज़तर्रार ड्रेग-फ़्लिकर एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक और टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली टीम के अहम सदस्य रहे रुपिंदर पाल सिंह ने हॉकी से रिटायर होने की घोषणा की है.

    भारत के लिए बीते 13 साल में 223 मैच खेलने वाले रुपिंदर पाल सिंह ने ये एलान ट्वीटर के ज़रिए किया.

    रुपिंदर ने अपने ट्वीट में लिखा, “ मैं भारतीय हॉकी टीम से रिटायर होने के फ़ैसले के बारे में बताना चाहता हूं. बीते कुछ महीने, मेरे जीवन के सबसे बेहतरीन पल रहे हैं. टोक्यो में अपनी टीम के खिलाड़ियों के साथ पोडियम पर खड़ा होना एक ऐसा यादग़ार लम्हा है जिसे भुलाया नहीं जा सकता.”

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    उन्होंने लिखा, "मेरे ख़्याल से अब मुझे किसी युवा खिलाड़ी को भारत के लिए खेलने का अवसर देना चाहिए."

    उन्होंने अपने संदेश में एशियाई खेलों को गोल्ड मेडल और टोक्यो ओलंपिक की ऐतिहासिक जीत को अपने करियर की हाइलाइट बताया.

    उन्होंने कहा कि उनका सबसे बड़ा सपना ओलंपिक पदक जीतना था. ये सपना पूरा होने पर वे ख़ुश और संतुष्ट हैं.

    तीस वर्षीय रुपिंदर को भारत का शुमार देश के सबसे बेहतरीन ड्रेग फ़्लिकर्स में होता है. वे टोक्यो में 41 साल बाद कोई मेडल जीतने वाली भारतीय हॉकी के अहम सदस्य थे

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  15. सिद्धू आज तीन बजे करेंगे CM चन्नी से मुलाक़ात, कितनी है सुलह की उम्मीद?

    सिद्धू और चन्नी

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    पंजाब के कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि वे आज दोपहर तीन बजे राज्य के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से मुलाक़ात करेंगे.

    सिद्धू पंजाब कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष थे लेकिन परसों उन्होंने बड़े ही नाटकीय अंदाज़ अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया था.

    उनके समर्थन में पार्टी के कुछ पदाधिकारियों और एक मंत्री ने भी इस्तीफ़ा दे दिया था.

    उसके बाद बुधवार को मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा था कि उन्होंने सिद्धू को बातचीत करने के लिए बुलाया है.

    सिद्धू ने ट्वीट में यही लिखा है कि मुख्यमंत्री के बुलावे पर वे उनसे मिलने जा रहे हैं.

    सिद्धू ने लिखा - मुख्यमंत्री ने मुझे बातचीत के लिए बुलाया है. मैं आज तीन बजे चंडीगढ़ में पंजाब भवन पहुंचकर उनसे मिलूंगा. किसी भी तरह की बातचीत के लिए उनका स्वागत है.

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    नवजोत सिंह सिद्धू ने बुधवार को एक वीडियो संदेश जारी कर, कैप्टेन अमरिंदर सिंह के इस्तीफ़े के बाद बने मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की हालिया नियुक्तियों पर सवाल उठाए थे.

    सिद्धू ने कल कहा था कि दाग़ी लोगों की नियुक्तियों को वे हरगिज़ बर्दाश्त नहीं करेंगे. उन्होंने पंजाब के नए एडवोकेट जनरल पर बहाली पर भी सवाल उठाए थे.

    ख़बरों के मुताबिक सिद्धू कुछ मंत्रियों और अधिकारियों की नियुक्ती को स्वीकार करने के मूड में नहीं हैं. आज की मुलाक़ात में इन्हीं नियुक्तियों पर चर्चा केंद्रित रहने की उम्मीद है.

    इस मुलाक़ात के बावजूद सबकी निगाहें दिल्ली में कांग्रेस हाई कमान के रुख़ पर भी हैं.

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  16. अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने कहा - दोहा समझौते की वजह से हुई तालिबान की वापसी

    जनरल मैंकेज़ी

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    अमेरिका के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा है कि तालिबान के अफ़ग़ानिस्तान पर कब्ज़े की वजह ट्रम्प प्रशासन और तालिबान के बीच दोहा में हुआ समझौता है.

    दोहा समझौते पर फ़रवरी 2020 में हस्ताक्षर किए गए थे. इसके तहत अमेरिका ने अफ़ग़ानिस्तान से अपनी सेना वापिस बुलाने की तारीख़ तय की थी.

    अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने बुधवार को देश की प्रतिनिधि सभा की सशस्त्र सेवा समिति (आर्म्ड सर्विसज़ कमेटी) की गवाही में ये टिप्पणियां की हैं.

    यूएस सेंट्रल कमांड के प्रमुख जनरल फ्रैंक मैकेंज़ी ने कहा कि अफ़ग़ान सरकार और उसकी सेना पर इस समझौते का प्रतिकूल असर पड़ा.अमेरिका के रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन ने सहमति व्यक्त करते हुए कहा कि इस समझौते से तालिबान को "मजबूत" होने में मदद मिली है.

    अमेरिकी फ़ौज वापसी की तारीख निर्धारित करने के अलावा, दोहा समझौते के तहत तालिबान को अल-कायदा जैसे समूहों पर लगाम कसनी थी ताकि वे संगठन अमेरिका और उसके सहयोगियों की सुरक्षा को ख़तरे में न डाल पाएं.

    राष्ट्रपति चुने जाने के बाद जो बाइडन ने अफ़ग़ानिस्तान से सेना की वापसी की योजना जारी रखी लेकिन उसे मई के बजाय 31 अगस्त की तक बढ़ा दिया.

    अमेरिका की प्रतिनिधि सभा में ये सुनवाई काबुल एयरपोर्ट पर तालिबान की वापसी के बाद मची अफ़रा-तफ़री के चंद हफ़्तों बाद हो रही है. इसी अफ़रा-तफ़री के बीच काबुल एयरोपोर्ट पर हुए एक आत्मघाती हमले में 182 लोगों की मौत हो गई थी.

    तालिबान लड़ाके

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    जनरल मैंकेज़ी का आकलन

    यूएस सेंट्रल कमांड के प्रमुख के रूप में, जनरल मैकेंजी ने अफगानिस्तान से वापसी की निगरानी की थी. इस वापसी ने देश में 20 साल की अमेरिकी मौजूदगी का अंत किया था.

    जनरल मैकेंज़ी ने प्रतिनिधि सभा को बताया कि दोहा समझौते का अफ़ग़ानिस्तन सरकार पर ज़बरदस्त मनौवेज्ञानिक असर पड़ा क्योंकि उन्हें पता चल गया कि एक तय तारीख़ के बाद उन्हें किसी से कोई मदद नहीं मिलेगी.

    जनरल से ये भी कहा कि वो लंबे समय से मानते रहे हैं कि अगर अफ़ग़ानिस्तान में अमेरिकी सेना की संख्या 2500 से कम होती है तो वहां कि सरकार गिर जाएगी.

    उन्होंने कहा कि दोहा समझौते के बाद सैनिकों की संख्या में कटौती का राष्ट्रपति बाइडन का आदेश ‘ताबूत में आख़िरी कील’ साबित हुई है.

  17. किम जोंग-उन दक्षिण कोरिया के साथ हॉटलाइन खोलने को तैयार, सुलह के लिए कितनी अहम है ये पहल?

    किम जोंग-उन

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    उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन ने कहा है कि वो दक्षिण कोरिया के साथ सुलह की कोशिश के लिए उसके साथ हॉटलाइन बहाल करने को तैयार हैं.

    उनका ताज़ा बयान उत्तर कोरिया की संसद के सालाना सत्र के दौरान आया. उत्तर कोरिया ने इस साल अगस्त में अमेरिका के साथ दक्षिण कोरिया के सैन्य अभ्यास करने पर इस हॉटलाइन को बंद कर दिया था.

    संसद सत्र के दौरान किम जोंग-उन ने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि उसने उत्तर कोरिया के प्रति अपनी "शत्रुतापूर्ण नीति" बदले बिना ही बातचीत का प्रस्ताव दिया है.

    दक्षिण कोरिया पर मेहरबान, पर अमेरिका पर निशाना

    सरकारी समाचार संस्था केसीएनए ने किम जोंग-उन के हवाले से बताया, "अमेरिका 'राजनयिक जुड़ाव' की बात कर रहा है, लेकिन ये अंतरराष्ट्रीय समुदाय को धोखा देने और अपने शत्रुतापूर्ण कामों को छिपाने की छोटी सी चाल है. ये अमेरिकी प्रशासन द्वारा लगातार अपनाई गई शत्रुतापूर्ण नीतियों का ही विस्तार है."

    हालांकि किम जोंग-उन दक्षिण कोरिया के साथ शांति का सशर्त प्रस्ताव बढ़ाते देखे गए.

    केसीएनए की रिपोर्ट में कहा गया, "किम जोंग-उन ने कोरिया के दोनों देशों के बीच की हॉटलाइन को अक्टूबर से पहले बहाल करने की इच्छा जाहिर की है. लेकिन अब ये दक्षिण कोरिया के अधिकारियों के रवैये पर निर्भर करता है कि दोनों देशों के संबंधों को बहाल किया जाता है या वर्तमान स्थिति को यूं ही बिगड़ते रहने दिया जाएगा.''

  18. फ़ूमियो किशीडा होंगे जापान के अगले प्रधानमंत्री

    फ़ूमियो किशीडा

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    फ़ूमियो किशीडा जापान के अगले प्रधानमंत्री होंगे. पहले वो देश के विदेश मंत्री रह चुके हैं.

    किशीडा ने अपनी पार्टी और देश की सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) के अंदर के इस मुक़ाबले में टारो कोनो को हराया है.

    चुनाव से पहले, टारो कोनो को पार्टी का सबसे पसंदीदा उम्मीदवार माना जा रहा था.

    फ़ूमियो किशीडा मौज़ूदा प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा की जगह लेंगे. सुगा ने एक साल प्रधानमंत्री रहने के बाद अपने पद से हटने का फ़ैसला किया.

    उन्होंने कोरोना महामारी से अच्छे से न निपटने के चलते लोकप्रियता में आई गिरावट के चलते पद छोड़ने का फ़ैसला लिया.

    किशीडा का लंबे समय से प्रधानमंत्री बनने का लक्ष्य था, लेकिन पिछले साल के चुनाव में वो सुगा से हार गए थे. संसद में एलडीपी का बहुमत देखते हुए प्रधानमंत्री के रूप में किशीडा की स्थिति मजबूत है.

    नए प्रधानमंत्री की चुनौतियां

    नए प्रधानमंत्री को कई कठिन मुद्दों का सामना करना पड़ सकता है. इन मामलों में कोरोना महामारी के बाद आर्थिक सुधार और उत्तर कोरिया की ओर से ख़तरों का सामना करना आदि शामिल हैं.

    महामारी से निपटने के लिए उन्होंने "स्वास्थ्य संकट प्रबंधन संस्था" बनाने का आह्वान किया है. किशीडा ने चीन की सरकार के वीगर अल्पसंख्यक समुदाय के साथ हो रहे व्यवहार की निंदा करने वाले प्रस्ताव को पारित करने का भी सुझाव दिया है.

    अपनी जीत के बाद किशीडा ने कहा, "मेरी कुशलता लोगों की बातें सुनना है. मैं सबको साथ लेकर चलने वाली एलडीपी और देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए सभी के साथ काम करना चाहता हूँ."

  19. रूस को लेकर तुर्की ने अमेरिका को सुनाई खरी-खरी

    अर्दोआन

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    तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन ने न्यूयॉर्क टाइम्स से कहा है कि तुर्की अपनी रक्षा क्षमता अपने हिसाब से बढ़ाने के लिए स्वतंत्र है.

    अर्दोआन के इंटरव्यू का यह हिस्सा बुधवार को न्यूयॉर्क टाइम्स में प्रकाशित हुआ है. अर्दोआन ने न्यूयॉर्क के तुर्केवी सेंटर में अख़बार से कहा कि तुर्की के रूस से S-400मिसाइल सिस्टम ख़रीदने से नेटो या पश्चिमी गठबंधन कमज़ोर नहीं होगा.

    अर्दोआन ने कहा कि अगर अमेरिका पैट्रीअट डिफेंस मिसाइल सिस्टम दे दिया होता तो तुर्की को S-400मिसाइल ख़रीदने की ज़रूरत नहीं पड़ती.

    अर्दोआन ने कहा कि अब तुर्की अपने हिसाब से हथियार ख़रीदेगा. अर्दोआन ने कहा कि रूस के साथ मिसाइल सौदे से अमेरिका के साथ संबंधों टकराव आना अपेक्षित था. अर्दोआन ने कहा कि तुर्की अपनी सुरक्षा अपने हिसाब से मज़बूत कर सकता है.

    तुर्की और रूस

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    वहीं अर्दोआन ने सीबीएस को दिए इंटरव्यू में कहा है कि तुर्की रूस के साथ और रक्षा सौदा करने को तैयार है.

    अर्दोआन ने कहा, ''भविष्य में हम किस तरह का रक्षा सौदा करते हैं और किस देश के साथ करते हैं, इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकता है. इस मामले में तुर्की के अलावा कोई और फ़ैसला नहीं कर सकता है.''

    अप्रैल 2017 में रूस से तुर्की ने S-400 मिसाइल सिस्टम ख़रीदने की कोशिश की थी तो अमेरिका के साथ रिश्तों में काफ़ी तनाव आ गया था.

    अमेरिकी अधिकारियों ने तुर्की के इस क़दम का विरोध किया था. अमेरिका ने कहा था कि नेटो में रहते हुए रूस के साथ इस तरह का सौदा करना अनुचित है. अमेरिका ने इसके बदले तुर्की को F-35 देने की पेशकश की थी. लेकिन तुर्की का कहना था कि S-400 सौदे से नेटो पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

  20. पश्चिम बंगाल में विधानसभा की तीन सीटों पर उप-चुनाव के लिए मतदान शुरू

    पश्चिम बंगाल

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    प्रभाकर मणि तिवारी

    कोलकाता से, बीबीसी हिंदी के लिए

    पश्चिम बंगाल में गुरुवार को विधानसभा की तीन सीटों पर उपचुनाव के लिए मतदान शुरू हो गए हैं. इनमें कोलकाता की भवानीपुर के अलावा मुर्शिदाबाद ज़िले की शमशेरगंज और जंगीपुर सीट शामिल है.

    सबकी निगाहें भवानीपुर पर ही टिकी हैं. भवानीपुर में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी टीएमसी उम्मीदवार हैं. यहाँ उनका मुकाबला बीजेपी की प्रियंका टिबरेवाल से है. वोटों की गिनती तीन अक्टूबर को होगी.

    भवानीपुर सीट पर सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं. चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने बताया, इलाक़े में तमाम मतदान केंद्रों के दो सौ मीटर के दायरे में धारा 144 लागू कर दी गई है. सुरक्षा के लिहाज से केंद्रीय सुरक्षा बल की 35 कंपनियों के अलावा राज्य पुलिस के भी एक हज़ार से ज़्यादा जवानों को तैनात किया गया है.

    बीते अप्रैल में हुए विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी नंदीग्राम सीट पर बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी से 1956 वोटों के अंतर से पराजित हो गई थी.

    उन्होंने पाँच मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. इसलिए छह महीने के भीतर उनके लिए विधानसभा का सदस्य बनना अनिवार्य था.

    ममता इससे पहले वर्ष 2011 और 2016 विधानसभा चुनाव में यह सीट जीत चुकी हैं. इस साल हुए चुनाव में बिजली मंत्री शोभनदेव चट्टोपाध्याय यहाँ से करीब 29 हजार वोटों से जीते थे. लेकिन बाद में विधानसभा से इस्तीफा देकर उन्होंने ममता के लिए यह सीट खाली कर दी थी.

    मुर्शिदाबाद जिले की दो सीटों पर भी कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान हो रहा है. जंगीपुर में टीएमसी, बीजेपी और आरएसपी के बीच लड़ाई त्रिकोणीय है.

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