ईरान ने अपने परमाणु ठिकानों की जांच पर नहीं मानी अमेरिका की मांग

ईरान ने अमेरिका की उस मांग को खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया था संयुक्त राष्ट्र के जांचतकर्ताओं को ईरान के परमाणु संयंत्रों पर जाने की इजाजत दी जाए.

लाइव कवरेज

सिंधुवासिनी, पवन सिंह अतुल and विभुराज

  1. कांग्रेस में शामिल होने के बाद क्या बोले कन्हैया कुमार

    कन्हैया कुमार

    छात्र राजनीति से मुख्यधारा की राजनीति में आए कन्हैया कुमार ने मंगलवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी को छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया है.

    मीडिया को लेकर उन्होंने कहा, "सबसे पहले मैं आपको बधाई देना चाहता हूं कि आपने पत्रकारिता की उस मिसाल को ज़िंदा रखा है कि कम से विपक्ष से तो सवाल करते हैं आप. ताकि इस देश को याद रहे कि पत्रकारों का काम है सवाल पूछना."

    "मुझे लगता है कि बहुत कुछ कहने की ज़रूरत नहीं है. सूचना क्रांति के इस दौर में हमारे पत्रकार साथियों को ज़्यादा चीज़ें मालूम हैं."

    "मैं कांग्रेस पार्टी इसलिए ज्वॉयन कर रहा हूं क्योंकि मुझे ये महसूस होता है कि इस देश में कुछ लोग, वे सिर्फ़ लोग नहीं हैं, वे एक सोच हैं. वे इस देश की सत्ता पर न सिर्फ़ काबिज़ हुए हैं, इस देश की चिंतन परंपरा, संस्कृति, इसका इतिहास, इसका वर्तमान और इसका भविष्य ख़राब करने की कोशिश कर रहे हैं."

    कन्हैया कुमार

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    "उस सोच के बारे में आप अपने आप समझ जाएंगे. क्योंकि कहीं मैंने पढ़ा था कि आप अपने दुश्मन का चुनाव कीजिए, अपने विपक्ष का चुनाव कीजिए, दोस्त अपने आप बन जाएंगे. तो हमने ये चुनाव किया है कि हम इस देश की सबसे पुरानी पार्टी, सबसे लोकतांत्रिक पार्टी में हम इसलिए शामिल होना चाहते हैं कि हमको लगता है और सिर्फ़ हमको नहीं लगता है, इस देश के लाखों करोड़ों नौजवानों को ये लगने लगा है कि अगर कांग्रेस नहीं बचा तो देश नहीं बचेगा."

    "और ये बात मैं आपको स्पष्ट कर देता हूं. देश में प्रधानमंत्री अब भी हैं, देश में प्रधानमंत्री इससे पहले भी थे. देश में आगे भी प्रधानमंत्री आगे भी होते रहेंगे लेकिन आज जब हम लोग राहुल गांधी की मौजूदगी में औपचारिक रूप से कांग्रेस पार्टी का फॉर्म भर रहे थे तो साथी जिग्नेश मेवाणी ने संविधान की कॉपी दी और हमने उनको भगत सिंह, गांधी और आंबेडकर की तस्वीर दी. क्योंकि हमारा ये मानना है कि आज इस देश को भगत सिंह की वीरता की ज़रूरत है, भगत सिंह के साहस की ज़रूरत है. आज इस देश को आंबेडकर की समानता की ज़रूरत है और आज इस देश को गांधी की एकता की ज़रूरत है."

  2. ब्रेकिंग न्यूज़, कन्हैया कुमार और जिग्नेश मेवाणी ने थामा कांग्रेस का हाथ

    कन्हैया और जिग्नेश

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    जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएऩयू) छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के नेता कन्हैया कुमार आज औपचारिक तौर पर कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए.

    उनके साथ ही गुजरात के दलित और युवा नेता जिग्नेश मेवाणी भी कांग्रेस में शामिल हुए. मेवानी फ़िलहाल गुजरात की वडगाम सीट से निर्दलीय विधायक हैं.

    पार्टी में शामिल होने के बाद कन्हैया कुमार ने कहा,"मैं कांग्रेस पार्टी इसलिए ज्वॉयन कर रहा हूं क्योंकि मुझे ये महसूस होता है कि इस देश में कुछ लोग इस देश की सत्ता पर काबिज़ हैं, वे इस देश का भविष्य ख़राब करने की कोशिश कर रहे हैं."

    कांग्रेस के केसी वेणुगोपाल और रणदीप सिंह सुरजेवाला की मौजूदगी में कन्हैया कुमार और जिग्नेश मेवाणी कांग्रेस में शामिल हुए.

    हाल ही में कन्हैया कुमार ने राहुल गांधी से मुलाकात की थी जिसके बाद उनके पार्टी में शामिल होने की अटकलें तेज़ हो गई थीं.

    कन्हैया कुमार कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में बिहार से सदस्य थे.

    कन्हैया बिहार के बेगूसराय से ताल्लुक रखते हैं. साल 2019 के लोकसभा चुनाव में वो बेगूसराय से चुनाव भी लड़े थे लेकिन बीजेपी के गिरिराज सिंह ने उन्हें बड़े अंतर से हरा दिया था.

    लोकसभा चुनाव के दौरान जिग्नेश मेवानी ने भी बिहार में कन्हैया कुमार के समर्थन में प्रचार किया था.

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले इस तरह से सबसे पुरानी पार्टी को नया रूप देने की कोशिश कर रहे हैं.

    कन्हैया कुमार
    जिग्नेश मेवाणी

    राहुल गांधी का बयान

    कुछ दिनों पहले राहुल गांधी ने सोशल मीडिया वॉलंटियर्स की बैठक में कहा था, "बहुत सारे लोग हैं जो (बीजेपी-आरएसएस से) नहीं डरते हैं, लेकिन कांग्रेस के बाहर हैं.”

    उन्होंने कहा था, “वे सभी लोग हमारे हैं. उनको लाएंगे और जो हमारी पार्टी में रहकर डरते हैं, उन्हें बाहर करना चाहिए. वो आरएसएस के लोगों के पास जा सकते हैं, उन्हें आनंद लेने दीजिए. हमें वे नहीं चाहिए, उनकी ज़रूरत नहीं है. हमें बेख़ौफ़ लोग चाहिए."

    2019 में दोबारा लोकसभा चुनाव हारने के बाद बीते डेढ़ सालों में ज्योतिरादित्य सिंधिया, जितिन प्रसाद और सुष्मिता देव जैसे युवा चेहरे पार्टी छोड़ चुके हैं.

    कन्हैया कुमार जेएनयू में सीपीआई की छात्र विंग एआईएसएफ़ के सदस्य थे और साल 2015 में वो छात्रसंघ के अध्यक्ष चुने गए थे.

    फ़रवरी 2016 में जेएनयू में कश्मीरी अलगाववादी नेता और भारतीय संसद पर हमले के दोषी अफ़ज़ल गुरु की बरसी पर एक रैली निकाली गई थी जिसमें कथित तौर पर देशविरोधी नारे लगे थे.

    कन्हैया कुमार को भी दिल्ली पुलिस ने इस मामले में गिरफ़्तार किया था लेकिन आरोपों के सबूत न मिलने पर उन्हें अंतरिम ज़मानत पर रिहा कर दिया गया था. कन्हैया कुमार पर देशद्रोह के आरोप भी लगे थे.

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  3. FB Live: सिद्धू के इस्तीफ़े से पंजाब की सियासत में फिर बदले समीकरण

  4. बंगाल चुनाव के बाद हुई हिंसा पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और ईसी को भेजा नोटिस

    सुप्रीम कोर्ट

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    पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा से जुड़े मामलों की जांच सीबीआई से कराए जाने के ख़िलाफ़ ममता बनर्जी की सरकार द्वारा दायर की गई याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग को नोटिस जारी किया है.

    कलकत्ता हाई कोर्ट ने चुनाव बाद हुई हिंसा के मामलों की जांच सीबीआई से कराने का आदेश दिया है जिसे राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है.

    जस्टिस विनीत शरण और जस्टिस अनिरुद्ध बोस की खंडपीठ ने इस मामले में संबंधित पार्टियों से विस्तार से जवाब दाखिल करने के लिए कहा है और मामले की अगली तारीख़ सात अक्टूबर को तय की है.

    जस्टिस विनीत शरण ने इस मामले में पश्चिम बंगाल राज्य सरकार की पैरवी कर रहे वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल से कहा कि हम प्रतिवादियों को काउंटर रिप्लाई फ़ाइल करने के लिए वक़्त देंगे.

    कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि सीबीआई जांच हो या न हो, इसका निर्धारण पश्चिम बंगाल सकार की अपील पर फ़ैसले से ही तय होना चाहिए.

    उन्होंने ये भी कहा कि सीबीआई को नए मामले दर्ज नहीं और न ही पुलिस अधिकारियों को समन जारी करना चाहिए. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने बिना कोई फ़ैसला दिए कहा कि वे इस मामले पर सात अक्टूबर को विचार करेंगे.

  5. सिद्धू ने पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष पद छोड़ा, सीएम चन्नी ने कहा मुझे जानकारी नहीं, कैप्टेन ने कसा तंज

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    नवजोत सिंह सिद्धू ने पंजाब कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा दे दिया है. हालांकि उन्होंने साफ़ तौर पर ये कहा है कि वे पार्टी में बने रहेंगे.

    पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि वे पहले ही कहते रहे हैं कि सिद्धू को इस पद के लिए फिट नहीं हैं.

    राज्य के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा है कि उन्हें सिद्धू के इस्तीफ़े के बारे में कुछ मालूम नहीं है और वे उनसे बात करेंगे. उन्होंने ये भी कहा कि जल्द ही सब ठीक हो जाएगा.

    कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी को संबोधित किए गए इस त्यागपत्र में उन्होंने लिखा है, "व्यक्ति के ज़मीर का पतन समझौते करने से होता है. मैं पंजाब के भविष्य और पंजाब के लोगों के वेलफ़ेयर के एजेंडे पर कभी समझौता नहीं कर सकता. इसलिए मैं पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा देता हूं. मैं कांग्रेस की सेवा करता रहूंगा."

    इससे पहले पंजाब कांग्रेस के प्रभार हरीश रावत ने कहा था कि राज्य विधानसभा के आने वाले चुनाव पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू और मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की सरकार के नेतृत्व में लड़ा जाएगा.

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    अमरिंदर सिंह ने सिद्धू के इस्तीफ़े पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "मैंने बताया था न....ये व्यक्ति संतुलित नहीं है और पंजाब जैसे बॉर्डर वाले राज्य के लिए ठीक नहीं है."

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    पंजाब के आनंदपुर साहिब से कांग्रेस के सांसद मनीष तिवारी ने पंजाबी लोक गायक कुलदीप मानक का गाए 'मिरज़ा' की कुछ पंक्तियां ट्वीट की हैं.

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    उधर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के अचानक आए इस्तीफ़े से राज्य के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने अनभिज्ञता जताई है.

    चंडीगढ़ में एक प्रेसवार्ता में चन्नी ने कहा, "मुझे इस बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिली है. मैं सिद्धू साहब के साथ बैठकर बात कर लूंगा."

  6. दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय से FB Live

    LIVE: कांग्रेस में कन्हैया कुमार, जिग्नेश मेवाणी होंगे शामिल. दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय से ज़्यादा जानकारी के साथ बीबीसी के सलमान रावी

  7. यूएन में इसराइल पर बरसा ईरान, कहा-सैकड़ों परमाणु हथियारों वाला देश न दे नसीहत

      • Author, बीबीसी मॉनिटरिंग
      • पदनाम, .
    ईरान और इसराइल का ध्वज

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    संयुक्त राष्ट्र में ईरान के दूत माजिद तख़्त-रवांची ने इसराइली प्रधानमंत्री नेफ़्टाली बेनेट के ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर टिप्पणियों का कड़ा विरोध किया है.

    तख़्त-रवांची ने बयान को झूठ बताते हुए बेनेट पर हमला बोला.

    ईरान के दूत ने कहा, “संयुक्त राष्ट्र में ‘ईरान का भय’ (ईरानोफ़ोबिया) व्याप्त है. इसराइली प्रधानमंत्री का यूएन में भाषण झूठ का पुलिंदा था.''

    उन्होंने कहा, ''जिस देश के पास स्वयं सैकड़ों परमाणु हथियार हों, उसे परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्वक इस्तेमाल पर बहस करने का कोई हक़ नहीं. फ़लस्तीनियों के मुद्दे पर इसराइली ख़ामोशी, फ़लस्तीनियों को उनके अधिकारों से वंचित रखने की उनकी दृढ़ता का नमूना है. ”

    इससे पहले इसराइली प्रधानमंत्री बेनेट ने यूएन में अपने भाषण में कहा था, “ईरान के परमाणु कार्यक्रम ने इसराइल की बर्दास्त की तमाम हदों को पार कर दिया है. ईरान मध्य पूर्व पर अपने परमाणु शक्ति का दबदबा बनाने का इरादा रखता है.”

    उन्होंने साफ़ कहा था कि वो किसी भी हाल में ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देेंगे.

  8. दिल के दौरे के बाद इंज़माम की सेहत में सुधार, सचिन ने कहा गेट वेल सून

    इंज़माम-उल-हक़

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    पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान इंज़माम-उल-हक़ को दिल का दौरा पड़ने के बाद एक इमर्जेंसी ऑपरेशन कराना पड़ा है.

    हक़ को साँस लेने में परेशानी हो रही थी जिसके बाद एक प्राइवेट अस्पताल में सर्जरी कराई गई.

    उनके परिवार के एक सदस्य ने बताया कि सोमवार को उन्हें बेचैनी महसूस हो रही थी जिस कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा.

    पाकिस्तान के जाने-माने हार्ट सर्जन प्रोफ़ेसर अब्बास काज़िम ने उनका ऑपरेशन किया.

    परिवार के एक सदस्य ने समाचार एजेंसियों को बताया, “इंज़माम अब पहले से बहुत बेहतर हैं और जल्दी ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल जाएगी.”

    भारत और पाकिस्तान दोनों देशों में लोग इंज़माम की अच्छी सेहत की कामना कर रहे हैं.

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    51 वर्षीय इंज़माम-उल-हक़ ने पाकिस्तान के लिए 120 टेस्ट और 378 वनडे मैच खेले हैं.

    2016-19 में वो पाकिस्तान क्रिकेट टीम के चीफ़ सेलेक्टर भी रहे और इसी दौरान पाकिस्तान ने साल 2017 में भारत को हराकर आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफ़ी जीती थी.

    हालांकि 2019 के वर्ल्ड कप के बाद जब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड का नया मैनेजमेंट आया तो उन्हें पद छोड़ने को कह दिया गया था.

    हक़ ने 2016 के टी-20 वर्ल्ड कप के लिए अफ़गानिस्तान की क्रिकेट टीम को भी प्रशिक्षण दिया था.

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    सचिन तेंदुलकर ने इज़मामुल हक़ की सेहत के लिए दुआ करते हुए ट्वीट किया है.

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    पूर्व भारतीय कप्तान मोहम्मद अज़हरुद्दीन ने भी ट्वीटर पर इंज़माम की सेहत के लिए दुआ की है.

  9. यूपी के IAS अधिकारी इफ़्तिख़ारुद्दीन के कथित वायरल वीडियो की जांच SIT करेगी, क्या है मामला?

      • Author, समीरात्मज मिश्रा
      • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
    योगी आदित्यनाथ

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    उत्तर प्रदेश में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी इफ़्तिख़ारुद्दीन से जुड़े एक वीडियो मामले की जांच के लिए राज्य सरकार ने एसआईटी का गठन कर दिया है.

    उनकी कानपुर में तैनाती के दौरान का एक पुराना वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें दावा किया जा रहा है कि वे कुछ लोगों के साथ बैठे हुए हैं और ‘इस्लाम धर्म में होने के फ़ायदे’ बता रहे हैं.

    इस वीडियो और इसपर लग रहे आरोपों के बारे में IAS अधिकारी इफ़्तिख़ारुद्दीन से बात करने की कोशिश की गई लेकिन वे उपलब्ध नहीं थे. जैसे ही उनसे संपर्क होगा, उनका पक्ष इस ख़बर में जोड़ दिया जाएगा.

    उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी इस मामले के बारे में कहा, “कानपुर के आईएएस श्री इफ़्तिख़ारुद्दीन के मामले में शासन द्वारा एसआईटी से जांच के आदेश दिए गए हैं. एसआईटी के अध्यक्ष डीजी सीबीसीआईडी जीएल मीणा होंगे एवं सदस्य एडीजी ज़ोन भानु भास्कर होंगे. एसआईटी अपनी रिपोर्ट 7 दिन में शासन को प्रेषित करेगा.”

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    कौन हैं इफ़्तिख़ारुद्दीन?

    मूल रूप से बिहार के रहने वाले इफ़्तिख़ारुद्दीन 1985 बैच के आईएएस अधिकारी हैं.

    वायरल हुए विवादित वीडियो क़रीब पांच साल पुराने बताए जा रहे हैं जब वो कानपुर में मंडलायुक्त के पद पर तैनात थे.

    मौजूदा समय में वो अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी हैं और लखनऊ में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन के चेयरमैन हैं.

    वीडियो की कुछ और कथित बातों पर कानपुर के कुछ हिन्दू संगठनों ने आपत्ति जताई थी जिसके बाद सोमवार को कानपुर पुलिस ने वायरल वीडियो की जांच के आदेश दे दिए थे.

  10. पंजाब: मंत्रियों को बंटे विभाग, रंधावा को गृह मंत्रालय और ओपी सोनी को स्वास्थ्य विभाग

    पंजाब कैबिनेट

    इमेज स्रोत, @CHARANJITCHANNI

    पंजाब में चरणजीत सिंह चन्नी की कैबिनेट के मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया गया है.

    उन्होंने विजिलेंस, न्याय और नागरिक उड्डयन विभाग अपने पास रखा है.

    उप मुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा को गृह मंत्रालय और दूसरे उप मुख्यमंत्री ओपी सोनी को स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग दिया गया है.

    इसके अलावा कैबिनेट के युवा चेहरे अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को परिवहन विभाग दिया गया है.

    अहम वित्त मंत्रालय अब भी पिछली कैबिनेट की तरह मनप्रीत बादल के पास ही है.

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  11. बिजली संकट के कारण घटेगी चीनी अर्थव्यवस्था की रफ़्तार, कितना भीषण है संकट?, क्यों है चीन में बत्ती गुल?

    फ़ाइल फ़ोटो

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    इमेज कैप्शन, फ़ाइल फ़ोटो

    चीन में बिजली और ऊर्जा संकट के बीच उसकी आर्थिक वृद्धि दर को लेकर भी बुरी ख़बर आई है.

    मल्टीनेशनल इन्वेस्टमेंट बैंक गोल्डमैन सैक्स ने चीन की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान 8.2% से घटाकर 7.8% कर दिया है.

    गोल्डमैन सैक्स का कहना है कि चीन में जारी ऊर्जा संकट का असर इसके बड़े उद्यमों पर पड़ेगा.

    बैंक का अनुमान है कि इस व्यापक बिजली संकट का असर दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले चीन के लगभग 44% कारखानों की गतिविधियों पर पड़ा है.

    सांकेतिक तस्वीर

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    फ़ैक्ट्रियों में काम ठप, घरों में बिजली गुल

    चीन के पूर्वोत्तर इलाकों में कोयले की सप्लाई के कारण पैदा हुआ बिजली संकट अब बढ़ता ही जा रहा है.

    सप्लाई कम होने के कारण कोयले की कीमत भी अचानक बढ़ गई है.

    इसकी वजह से कई कारखानों और घरों में बिजली गुल है और कामकाज ठप है.

    चीन में बिजली की कमी असर पहले मैन्युफ़ैक्चरर फ़ैक्ट्रियों पर पड़ा जिसकी वजह से हाल के हफ़्तों में कई कारखानों को उत्पादन या तो कम करन पड़ा है या फिर पूरी तरह बंद.

    बीबीसी को मिले एक डॉक्युमेंट के अनुसार, उत्तरी चीन के तियानजिन का सबसे बड़ा बंदरगाह भी बिजली की कमी के कारण प्रभावित हुआ है.

  12. राजस्थान शिक्षक भर्ती परीक्षा: नकल के लिए चप्पलों में ब्लूटूथ का जुगाड़

  13. किसान आंदोलन: मोदी सरकार का विपक्ष पर निशाना

  14. वीडियो: अमेरिका ने रूस से हथियार खरीदने पर चेताया, मिला जवाब

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  15. तालिबान को मान्यता देने से क्यों हिचकते हैं चीन, रूस और पाकिस्तान

  16. कोरोना: 11 मार्च के बाद पहली बार एक दिन में 20 हज़ार से कम मामले

    कोरोना अपडेट

    पिछले 24 घंटे में भारत में कोरोना के 18,795 नए मामले आए हैं और 179 लोगों की मौत हुई है.

    संक्रमण के रोज़ाना मामलों में यह पिछले कुछ महीनों में बड़ी गिरावट है.

    11 मार्च के बाद यह पहली बार है जब देश में एक दिन में 20 हज़ार से कम संक्रमण मामले दर्ज किए गए हैं.

    इस दौरान 26,030 लोग इलाज के बाद ठीक हुए और आईसीएमआर के आँकड़ों के अनुसार 13,21,780 सैंपल्स की कोरोना के लिए जाँच की गई.

    वैक्सीन

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    24 घंटे में एक करोड़ से ज़्यादा लोगों को वैक्सीन

    इसी के साथ भारत में अब कोविड-19 संक्रमण के कुल 3,36,97,581 मामले हो गए हैं जिनमें से 2,92,206 मामले एक्टिव हैं.

    संक्रमण के कारण अब तक कुल 4,47,272 लोगों की मौत हुई है और 32,9,58,002 लोग इलाज के बाद ठीक हुए हैं.

    पिछले 24 घंटे में एक करोड़ से ज़्यादा (1,02,22,525) लोगों को कोविड की वैक्सीन लगाई गई.

    यह पाँचवीं बार है जब एक दिन में एक करोड़ से ज़्यादा लोगों को कोरोना का टीका लगाया गया.

    देश में अब तक कुल 87,07,08,636 लोगों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है.

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  17. तालिबान को मान्यता मिली तो उनके साथ काम करेंगे: अर्दोआन

    तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन

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    तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन ने कहा है कि अगर तालिबान को अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिल जाती है तो वो उनके साथ काम करेंगे.

    सीबीएस न्यूज़ के साथ बातचीत में अर्दोआन न कहा कि तुर्की तालिबान के साथ तब तक काम नहीं करेगा जब तक उसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मान्यता नहीं मिल जाती.

    उन्होंने कहा, “अगर अंतरराष्ट्रीय समुदाय उन्हें स्वीकार करता है तब हम उनके साथ कारोबार कर सकते हैं वरना नहीं.”

    इससे पहले ख़बरें आई थीं कि तुर्की काबुल एयरपोर्ट को संचालित करने में मदद करने की योजना बना रहा है.

    तालिबान की नई कार्यवाहक विदेश मंत्रालय की कैबिनेट ने सोमवार को कहा था कि काबुल एयरपोर्ट की सभी तकनीकी दिक्कतें दूर कर ली गई हैं.

    उन्होंने अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस से उड़ाने बहाल करने को कहा था.

    अफ़गान महिलाएं

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    'हर क्षेत्र में सक्रिय हों अफ़गान महिलाएं'

    अर्दोआन ने यह भी कहा कि नई सरकार में महिलाओं को शामिल किया जाना चाहिए.

    उन्होंने कहा, “महिलाओं के प्रति तुर्की का रवैया ज़ाहिर है. महिलाएं हर क्षेत्र में मौजूद हैं और हमारा यही नज़रिया अफ़गानिस्तान में भी लागू होगा.”

    अर्दोआन ने कहा, “जब अफ़गानिस्तान में महिलाएं हर क्षेत्र में शामिल और सक्रिय हो जाएंगी, हम उनकी मदद कर सकते हैं.”

  18. अफ़गानिस्तान से इस बार संयुक्त राष्ट्र महासभा में कोई नहीं, क्यों हुआ ऐसा?

    संयुक्त राष्ट्र अब भी ग़ुलाम इसकज़ई को ही अफ़गानिस्तान मिशन का प्रमुख मानता है.

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    इमेज कैप्शन, संयुक्त राष्ट्र अब भी ग़ुलाम इसकज़ई को ही अफ़गानिस्तान मिशन का प्रमुख मानता है.

    अफ़गानिस्तान से इस बार कोई प्रतिनिधि संयुक्त राष्ट्र महासभा को सम्बोधित नहीं कर सकेगा.

    अशरफ़ ग़नी की सरकार में संयुक्त राष्ट्र में अफ़गानिस्तान के राजदूत रहे ग़ुलाम इसकज़ई ने अपना नाम वापस ले लिया है.

    यह जानकारी संयुक्त राष्ट्र की एक प्रवक्ता ने दी है.

    ऐसा माना जा रहा था कि ग़ुलाम इसकज़ई संयुक्त राष्ट्र महासभा में दुनिया भर के नेताओं को सम्बोधित करेंगे और अपने भाषण में तालिबान को चुनौती देंगे. लेकिन ऐसा नहीं हुआ क्योंकि उनका नाम वक्ताओं की सूची से हटा दिया गया.

    संयुक्त राष्ट्र की प्रवक्ता मोनिका ग्रेली ने बताया, “अफ़गानिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में होने वाली सालाना बहस से अपनी भागीदारी वापस ले ली है.”

    प्रवक्ता के मुताबिक़ अफ़गानिस्तान ने इसके पीछे कोई वजह नहीं बताई है.

    तालिबान के प्रवक्ता सुहैल शाहीन

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    तालिबान ने माँगी थी इजाज़त

    पिछले हफ़्ते तालिबान ने संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेश को चिट्ठी लिखकर उनके नए विदेश मंत्री आमिर ख़ान मुत्तक़ी को बहस में हिस्सा लेने के लिए इजाज़त माँगी थी.

    इस चिट्ठी में कहा गया था कि ग़नी सरकार में प्रतिनिधि रहे ग़ुलाम असकज़ई अब संयुक्त राष्ट्र में अफ़गानिस्तान का प्रतिनिधित्व नहीं करते.

    चिट्ठी में तालिबान ने यह भी कहा था कि उन्होंने अपने प्रवक्ता सुहैल शाहीन को संयुक्त राष्ट्र में अफ़गानिस्तान का स्थायी प्रतिनिधि बनाने के लिए मनोनीत किया है.

    तालिबान की इस चिट्ठी से पहले गुटेरेश को 15 सितंबर को ग़ुलाम इसकज़ई से चिट्ठी मिली थी जिसमें संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र में हिस्सा लेने वाले अफ़गान प्रतिनिधियों की सूची थी.

    चिट्ठी में इसकज़ई को संयुक्त राष्ट्र में अफ़गानिस्तान का स्थायी प्रतिनिधि बताया गया था.

    वीडियो कैप्शन, तालिबान शासन में फिर दी जाएगी हाथ-पैर काटे जाने की सज़ा

    संयुक्त राष्ट्र का पक्ष

    संयुक्त राष्ट्र अब भी ग़ुलाम इसकज़ई को ही अफ़गानिस्तान मिशन का प्रमुख मानता है.

    तालिबान के बहस में हिस्सा लेने पर अमेरिका, रूस और चीन समेत नौ सदस्यों वाली एक समिति को फ़ैसला लेना था लेकिन तय वक़्त में समिति के सदस्यों की मीटिंग नहीं हुई.

    पिछले महीने तालिबान ने अशरफ़ ग़नी की सरकार को हटाकर अफ़गानिस्तान पर कब्ज़ा कर लिया था.

    हालाँकि अफ़गानिस्तान में इसकी सरकार को अभी अंतरराष्ट्रीय मान्यता नहीं मिली है.

  19. वीडियो: ब्रिटेन की चूक से इन अफ़गान लोगों की जान को ख़तरा?

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  20. उत्तर कोरिया ने फिर दागी जापान के समुद्र में मिसाइल: दक्षिण कोरियाई सेना का दावा

    किम जोंग उन

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    उत्तर कोरिया ने एक बार फिर जापान के समुद्र में मिसाइल दागी है.

    दक्षिण कोरियाई सेना का दावा है कि उत्तर कोरिया ने आज सुबह कम से कम एक मिसाइल दागी जो जापान के समुद्र में जाकर गिरी, जिसे ईस्ट सी के नाम से भी जाना जाता है.

    इससे ठीक एक दिन पहले उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया से बातचीत की इच्छा जताई थी.

    दक्षिण कोरिया की सेना ने इसी महीने में इससे पहले कहा था कि उत्तर कोरिया ने जापान के ही समुद्र में नई क्रूज़ और बैलिस्टिक मिसाइलें भी दागी थीं.

    जापानी मीडिया ने रक्षा मंत्रालय के हवाले से बताया है कि हो सकता है ये वो वही बैलिस्टिक मिसाइल रही हो, जिस पर संयुक्त राष्ट्र ने पाबंदी लगा रखी है.

    दक्षिण कोरिया के जॉइंट चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ ने कहा है कि वो अमेरिकी अधिकारियों के साथ इस घटना पर नज़र रखे हुए हैं.