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राज्य प्रायोजित आतंकवाद अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ भेदभाव बढ़ाता है: यूएन में भारत
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थाई प्रतिनिधि राजदूत टीएस तिरुमूर्ति ने संयुक्त राष्ट्र महासभा की एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान ये बातें कहीं.
लाइव कवरेज
भूमिका राय, पवन सिंह अतुल and कमलेश मठेनी
गुजरात: सड़क हादसे में पांच लोगों की मौत
गुजरात के मोरबी ज़िले में गुरुवार की सुबह एक कार, खड़े ट्रक से टकरा गयी. इस हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई है.
पुलिस उप-अधीक्षक राधिका भराई ने बताया कि कार ड्राइवर का कार पर नियंत्रण नहीं था. जिसके बाद कार मोरबी-मालिया राजमार्ग पर टिम्बडी गांव के पास सड़क किनारे खड़े ट्रक के पिछले हिस्से में जा घुसी.
उन्होंने कहा, "कार में पांच लोग सवार थे जो मालिया से मोरबी शहर की ओर जा रहे थे. सभी की मौके पर ही मौत हो गई. पुलिस घटना की जांच कर रही है."
पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान आनंद शेखावत, ताराचंद बराला, अशोक बिलेदा, विजेंद्र सिंह और पवन मिस्त्री के तौर पर हुई है.
शुरुआती जांच से पता चलता है कि हादसे में मारे गए सभी लोग अहमदाबाद से क़रीब 200 किलोमीटर दूर स्थित मोरबी में ट्रांसपोर्ट के बिज़नेस से जुड़े हुए थे.
हालांकि ये सभी मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले थे.
चीन ने कहा अफ़ग़ानिस्तान पर लगे आर्थिक प्रतिबंध हटने चाहिए
चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान पर जो एकतरफा प्रतिबंध लगाए गए हैं उन्हें जल्द से जल्द हटाया जाना चाहिए.
बुधवार को वांग यी के अफ़ग़ानिस्तान के मुद्दे पर चर्चा के लिए आयोजित जी20 देशों को वर्चुअल सम्मेलन ये बात कही.
इसके बाद चीनी विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि अफ़ग़ानिस्तान पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों को ख़त्म करना बहुत ज़रूरी है.
उन्होंने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार वहां की राष्ट्रीय संपत्ति है जिस पर वहां के आम नागरिकों का हक होना चाहिए. इसका इस्तेमाल वहां के लोगों को करना चाहिए, न कि अफ़ग़ानिस्तान पर राजनीतिक दबाव डालने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाना चाहिए.
ग़ौरतलब है कि 15 अगस्त 2021 को तालिबान के काबुल में दाख़िल होने के बाद से ही अमेरिका और अन्य कई देशों ने अफ़ग़ानिस्तान के अकांउट्स फ़्रीज़ कर दिए हैं.
काबुल यूनिवर्सिटी के तालिबान नियुक्त चांसलर ने बताया विश्वविद्यालय में अब क्या बदलेगा?
अफ़ग़ानिस्तान में काबुल यूनिवर्सिटी के नए चांसलर ने कहा है कि वे आने वाले दिनों में विश्वविद्यालय में और अधिक इस्लाम समर्थक कर्मचारियों को नियुक्त करेंगे.
मोहम्मद अशरफ ग़ैरत ट्वीटर पर कहा कि इससे पाठ्यक्रम को इस्लामी बनाने की तालिबान की योजनाओं को पूरा करने में मदद मिलेगी.
इसी हफ़्ते तालिबान ने मोहम्मद ग़ैरत को काबुल विश्वविद्यालय का कुलाधिपति नियुक्त किया था.
उनकी नियुक्ति की तीखी आलोचना हुई थी और कुछ लोगों ने इसे अफ़ग़ानिस्तान के प्रमुख शैक्षणिक संस्थान का अपमान बताया था.
मोहम्मद ग़ैरत के पास जर्नलिज़्म की डिग्री है और उन्होंने ने ज़ोर देकर कहा है कि वे इस भूमिका के काबिल हैं.
ब्रेकिंग न्यूज़, अगले हफ़्ते आएगा पेगासस मामले में SC का ऑर्डर, टेक्निकल एक्सपर्ट कमेटी करेगी जांच
गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में चीफ़ जस्टिस एनवी रमन्ना ने कहा कि वे पेगासस जासूसी मामले में एक टेक्निकल एक्सपर्ट कमेटी का गठन करने जा रहे हैं.
पेगासस को इसराइल की साइबर सुरक्षा कंपनी एनएसओ ने तैयार किया है. बांग्लादेश समेत कई देशों ने पेगासस स्पाईवेयर ख़रीदा है.
भारत में इसके जरिए कई पत्रकारों और चर्चित हस्तियों के फ़ोन की जासूसी करने का दावा किया गया था. यही मामला अब सुप्रीम कोर्ट में है.
आज चीफ़ जस्टिस ने कहा कि टेक्निकल कमेटी में जिन लोगों को अदालत शामिल करना चाहती है उनमें से अधिकांश एक्सपर्ट, व्यक्तिगत कारणों से इसका हिस्सा बनने को तैयार नहीं है.
चीफ़ जस्टिस ने कहा कि उन्हें एक्सपर्ट व्यक्तियों के उपलब्ध न होने के कारण काफ़ी दिक्कत हो रही है.
कैसे करता है काम?
पेगासस एक स्पाइवेयर है जिसे इसराइली साइबर सुरक्षा कंपनी एनएसओ ग्रुप टेक्नॉलॉजीज़ ने बनाया है. ये एक ऐसा प्रोग्राम है जिसे अगर किसी स्मार्टफ़ोन फ़ोन में डाल दिया जाए, तो कोई हैकर उस स्मार्टफोन के माइक्रोफ़ोन, कैमरा, ऑडियो और टेक्सट मेसेज, ईमेल और लोकेशन तक की जानकारी हासिल कर सकता है.
साइबर सुरक्षा कंपनी कैस्परस्काई की एक रिपोर्टके अनुसार, पेगासस आपको एन्क्रिप्टेड ऑडियो सुनने और एन्क्रिप्टेड संदेशों को पढ़ने लायक बना देता है.
एन्क्रिप्टेड ऐसे संदेश होते हैं जिसकी जानकारी सिर्फ मेसेज भेजने वाले और रिसीव करने वाले को होती है. जिस कंपनी के प्लेटफ़ॉर्म पर मेसेज भेजा जा रहा, वो भी उसे देख या सुन नहीं सकती.
पेगासस के इस्तेमाल से हैक करने वाले को उस व्यक्ति के फ़ोन से जुड़ी सारी जानकारियां मिल सकती हैं.
एनएसओ कंपनी हमेशा से दावा करती रही है कि ये प्रोग्राम वो केवल मान्यता प्राप्त सरकारी एजेंसियों को बेचती है और इसका उद्देश्य "आतंकवाद और अपराध के खिलाफ लड़ना" है.
कंपनी ने कैलिफ़ोर्निया की अदालत कहा था कि वह कभी भी अपने स्पाइवेयर का उपयोग नहीं करती है - केवल संप्रभु सरकारें करती हैं.
प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका में, किस-किस ने होगी मुलाक़ात?
ऑस्ट्रेलिया ने कहा - फ़्रांस के साथ रिश्तों में सुधार के लिए धैर्य की ज़रुरत
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने कहा है कि वे फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ बातचीत की कोशिश कर रहे हैं लेकिन अब तक इसमें कामयाबी नहीं मिली है.
न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स की ख़बर के अनुसार, स्कॉट मॉरिसन ने बुधवार को वॉशिंगटन में कहा कि फ्रांस के साथ संबंधों को दोबारा से सहज बनाने में वे पूरे धैर्य से काम लेंगे.
ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका से अपने राजदूत वापस बुलाते हुए फ़्रांस ने कहा था कि उसे ऑस्ट्रेलिया की अमेरिका और ब्रिटेन से परमाणु पनडुब्बी की डील के बारे में कुछ पता नहीं था. वो तो समझ रहा था कि उसके और ऑस्ट्रेलिया के बीच परंपरागत फ्रांसीसी डीज़ल पनडुब्बी की डील हो रही है.
इससे पहले मैक्रों और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने बुधवार को क़रीब आधा घंटा फ़ोन पर बात की. जिसके बाद से दोनों देशों के बीच संबंध दोबारा पटरी पर लौटते नज़र आ रहे हैं. इस बातचीत के बाद फ्रांस के राजदूत अगले सप्ताह वॉशिंगटन लौट जाएंगे.
मॉरिसन भी इस सप्ताह कई बैठकों के लिए अमेरिका में ही हैं. उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति के साथ फ़ोन पर बात करने की कोशिश की लेकिन अभी तक वह सफल नहीं हो सके हैं.
राहुल और प्रियंका के पास अनुभव नहीं है: अमरिंदर सिंह
जी-20 के विदेश मंत्रियों की बैठक में जयशंकर तालिबान पर बोले
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वीं आम सभा से अलग अपने वैश्विक समकक्षों के साथ बैठक की. इस बैठक में अफ़ग़ानिस्तान और हिंद-प्रशांत क्षेत्र सहित कई मुद्दों पर चर्चा की गई.
बैठक को संबोधित करते हुए एस जयशंकर ने कहा कि तालिबान को यह आश्वस्त करना चाहिए कि अफ़ग़ानिस्तान की धरती का इस्तेमाल आतंकवाद के लिए नहीं हो.
भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर,अफ़ग़ानिस्तान पर जी-20 विदेश मंत्रियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे.
उन्होंने कहा कि दुनिया ऐसी समावेशी प्रक्रिया की अपेक्षा करती है, जिसमें अफ़ग़ान समाज के सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व शामिल हो.
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने फ़िनलैंड, श्रीलंका, चिली और तंज़ानिया के विदेश मंत्रियों से मुलाक़ात की.
उन्होंने फिनलैंड के विदेश मंत्री पेक्का हाविस्टो के साथ अफ़ग़ानिस्तान में हालिया स्थिति पर चर्चा की. बैठक के बाद उन्होंने ट्वीट किया, "फ़िनलैंड के विदेश मंत्री के साथ अफ़ग़ानिस्तान पर चर्चा की. उनकी प्रतिबद्धता की सराहना करता हूं."
इसके बाद उन्होंने श्रीलंका के विदेश मंत्री जी.एल. पेइरिस से मुलाक़ात की. वह श्रीलंका के नव-नियुक्त विदेश मंत्री हैं. उन्होंने 16 अगस्त को ही यह पदभार संभाला है. इससे पूर्व वह श्रीलंका के शिक्षा मंत्री थे.
एस जयशंकर ने ट्वीट किया, "श्रीलंका के विदेश मंत्री जी.एल. पेइरिस से बतौर विदेश मंत्री मिलकर ख़ुशी हुई. हमारे साझा संबंधों पर व्यापक चर्चा हुई. हम हमारे साझा एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए साथ काम करने के लिए तत्पर हैं."
चिली के विदेश मंत्री एंड्रेस अल्लामंद के साथ अपनी बैठक के बाद, जयशंकर ने ट्वीट किया, “चिली के विदेश मंत्री से इंडो-पैसिफिक क्षेत्र पर चर्चा हुई. साथ ही हरित ऊर्जा सहित हमारे आर्थिक जुड़ाव का विस्तार करने को लेकर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ."
जयशंकर ने तंजानिया के नए विदेश मंत्री लिबर्टा मुलामुला से भी मुलाकात की. उन्होंने कहा दोनों देश विकास के मार्ग पर साझेदारी के साथ आगे बढ़ने को तत्पर हैं.
उन्होंने ब्राजील के विदेश मंत्री कार्लोस फ्रांका, जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी और जर्मनी के विदेश मंत्री हेइको मास सहित G4 विदेश मंत्रियों से भी मुलाकात की.
जयशंकर ने ट्वीट किया, "जी-4 विदेश मंत्रियों के साथ बहुपक्षवाद में सुधार की आवश्यकता पर काफी सकारात्मक चर्चा हुई. "
उन्होंने जापान के विदेश मंत्री मोतेगी के साथ द्विपक्षीय बैठक भी की.
उन्होंने ट्वीट किया, "जापान के विदेश मंत्री से मिलकर हमेशा अच्छा लगा. इंडो-पैसिफिक इवेंट्स पर उनकी सोच की सराहना की जानी चाहिए. अफ़ग़ानिस्तान के हालिया माहौल पर भी बात हुई."
एस जयशंकर ने जर्मनी के विदेश मंत्री के साथ भी अफ़ग़ानिस्तान के मुद्दे पर चर्चा की.
भारत में बीते 24 घंटे में कोरोना की स्थिति
भारत में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 31,923 नए मामले दर्ज किए गए हैं.
31,990 लोग इलाज के बाद ठीक हुए हैं. हालांकि बीते 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के कारण 282 लोगों की मौत भी हुई है.
मोदी अमेरिका में आज इन 5 दिग्गज कंपनियों के सीईओ से करेंगे मुलाक़ात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वॉशिंगटन पहुंच चुके हैं. एक ओर जहां वह अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, जापान के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्रियों से मुलाक़ात करेंगे वहीं वह शीर्ष अमेरिकी कंपनियों के मालिकों से भी मिलेंगे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां नामी कंपनियों के सीईओ के साथ अपनी बैठक में भारत में मौजूद आर्थिक अवसरों पर चर्चा करेंगे.
गुरुवार को प्रधानमंत्री शीर्ष पांच अमेरिकी सीईओ के साथ बैठक करने वाले हैं.
इनमें से दो कंपनियों के सीईओ भारतीय-अमेरिकी हैं.
एडोब से शांतनु नारायण और जनरल एटॉमिक्स से विवेक लाल भारतीय मूल के अमेरिकी बिज़नेसमैन हैं.
तीन अन्य सीईओ, क्वालकॉम से क्रिस्टियानो ई आमोन, फर्स्ट सोलर से मार्क विडमार और ब्लैकस्टोन से स्टीफन ए श्वार्ज़मैन के साथ आज पीएम मोदी भारत में अवसरों पर बात करेंगे.
पांच अलग-अलग प्रमुख क्षेत्रों के अमेरिकी सीईओ के साथ प्रधानमंत्री की इस बैठक को अवसर के तौर पर देखा जा रहा है.
शांतनु नारायण की कंपनी आईटी और डिजिटल प्राथमिकता पर सक्रिय है और मौजूदा समय में भारत सरकार का उद्देश्य भी डिजिटल इंडिया बनाना है. इस लिहाज़ से यह मुलाक़ात काफी अहम मानी जा रही है.
विवेक लाल के साथ बैठक भी बेहद महत्वपूर्ण है. उनकी कंपनी जनरल एटॉमिक्स सैन्य ड्रोन प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में काम करती है. उनकी कंपनी अत्याधुनिक सैन्य ड्रोन की शीर्ष निर्माता कंपनी है.जिसे अमेरिका केवल अपने प्रमुख सहयोगी देशों के साथ साझा करता है.
भारत अपने सशस्त्र बल के लिए ड्रोन खरीदने की प्रक्रिया में भी है.
5G तकनीक को भारत में सुरक्षित तरीक़े से लाने के संदर्भ में चिप बनाने में अग्रणी कंपनी क्वालकॉम के सीईओ क्रिस्टियानो अमोन के साथ बैठक भी काफी अहम है.
एक ओर जहां भारत अपनी ऊर्जा आवश्यकता को पूरा करने के लिए सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा दे रहा है तो ऐसे में मार्क विडमार के साथ बैठक महत्वपूर्ण हो जाती है. फर्स्ट सोलर सौर ऊर्जा समाधान की एक प्रमुख कंपनी है.
स्टीफन ए. श्वार्ज़मैन ब्लैकस्टोन के सीईओ और सह-संस्थापक हैं, जो पेंशन फंड, बड़े संस्थानों और व्यक्तियों की ओर से पूंजी निवेश करने वाली दुनिया की अग्रणी निवेश फर्मों में से एक है.
पीएम मोदी अमेरिका पहुंचे, प्रवासी भारतीयों को बताया देश की ताक़त
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को अपने तीन दिवसीय अमेरिकी दौरे के लिए वॉशिंगटन पहुंच गए हैं.
वॉशिंगटन पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया- "गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए वॉशिंगटन डीसी में भारतीय समुदाय का आभारी हूं. हमारे प्रवासी हमारी ताक़त हैं. यह प्रशंसनीय है कि कैसे भारतीय लोगों ने दुनिया भर में खुद को स्थापित किया है."
अपनी इस तीन दिवसीय यात्रा में वह अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन, उपराष्ट्रपति कमला हैरिस समेत क्वाड समूह के नेताओं से मुलाक़ात करेंगे.
प्रधानमंत्री इस यात्रा के दौरान अमेरिका की नामचीन कंपनियों के मालिकों से भी मुलाक़ात करेंगे.
अमेरिका रवाना होने से पहले पीएम मोदी के ट्विटर अकाउंट से ट्वीट किया गया- राष्ट्रपति जो बाइडन के आमंत्रण पर मैं अमेरिका जा रहा हूं.
उन्होंने लिखा- “अपनी इस यात्रा के दौरान मैं राष्ट्रपति बाइडन के साथ भारत-अमेरिकी वैश्विक रणनीतिक साझेदारी और आपसी हितों से जुड़े क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर बातचीत करूंगा. अपनी इस यात्रा के दौरान मैं उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस के साथ मुलाकात को लेकर भी उत्सुक हूं और इस दौरान दोनों देशों के बीच विशेष रूप से विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर बातचीत की जाएगी.”
एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा, “मैं राष्ट्रपति बाइडन, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन और जापान के प्रधानमंत्री योशीहिदे सुगा के साथ व्यक्तिगत रूप से पहले क्वाड नेता शिखर सम्मेलन में भी हिस्सा लूंगा. यह सम्मेलन इस वर्ष मार्च में हमारे बीच हुए वर्चुअल शिखर सम्मेलन के परिणामों की प्रगति के बारे में विचार-विमर्श करने और भारत-प्रशांत क्षेत्र के लिए हमारे साझा दृष्टिकोण के आधार पर भविष्य की गतिविधियों को तय करने का अवसर देता है.”
नरेंद्र मोदी के ट्विटर हैंडल से उनकी यात्रा और उनके वॉशिंगटन पहुंचने तक की कई तस्वीरें शेयर की गई हैं. एक तस्वीर में मोदी कुछ फ़ाइलें देख रहे हैं.
इस तस्वीर को पोस्ट करते हुए लिखा गया है- एक लंबी दूरी की फ्लाइट का मतलब ये भी है कि ये एक मौक़ा है जब आप कुछ फ़ाइलें और पेपर देख लें.
प्रधानमंत्री का विमान जब वॉशिंगटन पहुंचा तो उनके स्वागत के लिए कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे.
प्रधानमंत्री का आज का कार्यक्रम
23 सितंबर को पीएम मोदी शीर्ष अमेरिकी कंपनियों जैसे QUALCOMM, ADOBE, फर्स्ट सोलर, ब्लैकस्टोन और जनरल एटॉमिक्स के सीईओ के साथ मुलाक़ात करेंगे. इसके बाद वह अपने ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष स्कॉट मॉरिसन और जापानी प्रधानमंत्री योशीहिदे सुगा के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे.
प्रधानमंत्री मोदी आज अमेरिकी उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस के साथ भी बैठक करेंगे.
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