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चन्नी पर #MeToo के आरोप फिर सामने लाई बीजेपी, क्या था मामला?

चरणजीत सिंह चन्नी पर कुछ साल पहले #MeToo मुहिम के दौरान एक महिला आईएएस अफ़सर को कथित तौर पर आपत्तिजनक मेसेज भेजने के आरोप लगे थे.

लाइव कवरेज

विभुराज and शुभम किशोर

  1. सारागढ़ी के योद्धा की ब्रिटेन में प्रतिमा

    साल 1897 के सारागढ़ी के युद्ध में हज़ारों अफ़ग़ान कबाइलियों से लोहा लेने वाले 20 सिख सैनिकों के नेता हवलदार ईशर सिंह की प्रतिमा का ब्रिटेन में हाल ही में अनावरण किया गया.

  2. तेज़ी से बढ़ते तापमान के कारण बढ़ी दुनिया की चिंता

    बीबीसी की एक पड़ताल में पता चला कि ऐसे दिनों की संख्या बढ़ रही है जब तापमान 50 डिग्री या उससे ज़्यादा हो रहा है.

    साल 1980 से अब तक ऐसे दिनों की संख्या दोगुनी हो चुकी है.

  3. चंडीगढ़ में कांग्रेस भवन के बाहर से FB LIVE

    FB LIVE: पंजाब में नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर चर्चा चल रही है. बैठकों का दौर जारी है. चंडीगढ़ में कांग्रेस भवन के बाहर से ज़्यादा जानकारी दे रहे हैं बीबीसी संवाददाता अरविंद छाबड़ा.

  4. पंजाब का मुख्यमंत्री किसी सिख को ही होना चाहिए: अंबिका सोनी

    कांग्रेस पार्टी की वरिष्ठ नेता अंबिका सोनी ने दावा किया है कि उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री पद की पेशकश ठुकरा दी है.

    उन्होंने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा, "पार्टी के नेता पंजाब में मौजूद हैं. वे एक-एक विधायकों से इस बारे में बात कर रहे हैं."

    पार्टी में मतभेद की ख़बरों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि कुछ लोग नाराज़ ज़रूर हैं.

    मुख्यमंत्री पद की पेशकश किए जाने के सवाल पर अंबिका सोनी ने कहा, "आज से नहीं बल्कि पिछले 50 साल से मेरी मान्यता है कि पंजाब का मुख्य चेहरा एक सिख को होना चाहिए क्योंकि देश में एक ही सूबा है जहां सिख बहुमत में हैं."

  5. ईरान के परमाणु वैज्ञानिक की हत्या रिमोट कंट्रोल वाली मशीन गन से की गई थी: रिपोर्ट

    अमेरिकी अख़बार न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में ये दावा किया गया है कि ईरान के परमाणु वैज्ञानिक मोहसिन फ़ख़रीज़ादेह की हत्या के पीछे इसराइली खुफिया एजेंसी मोसाद का हाथ था.

    अख़बार का दावा है कि मोसाद की टीम ने रिमोट कंट्रोल से चलने वाली मशीन गन की मदद से नवंबर, 2020 में मोहसिन फ़ख़रीज़ादेह की हत्या को अंज़ाम दिया था. इस मशीन गन ने अपने मिशन को पूरा करने में एक मिनट से भी कम समय लिया था.

    रिपोर्ट के मुताबिक़ इसके लिए बेल्जियम में बनी एफएन एमएजी मशीन गन को एक अत्याधुनिक रोबोटिक यंत्र से जोड़ा गया और इसे आर्टिफिशयल इंटेलीजेंस से लैस किया गया. इस वजह से पूरी मशीन का वजन एक टन के करीब हो गया था.

    इसे छोटे टुकड़ों में तस्करी के रास्ते ईरान पहुंचाया गया और वहां इसे री-असेंबल किया गया.

    कौन थे मोहसिन फखरीज़ादेह

    मोहसिन फ़ख़रीज़ादेह ईरान के सबसे प्रमुख परमाणु वैज्ञानिक और आईआरजीसी के वरिष्ठ अधिकारी थे. पश्चिमी देशों के सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार वो ईरान में बहुत ही ताक़तवर थे और ईरान के परमाणु हथियार कार्यक्रम में उनकी प्रमुख भूमिका थी.

    उन्हें ईरान के परमाणु कार्यक्रम का जनक कहा जाता था. इसराइल ने साल 2018 में कुछ ख़ुफ़िया दस्तावेज़ हासिल करने का दावा किया था जिनके अनुसार मोहसिन ने ही ईरान के परमाणु हथियार कार्यक्रम की शुरुआत की थी.

    उस समय नेतन्याहू ने प्रेसवार्ता में मोहसिन फ़ख़रीज़ादेह को ईरान के परमाणु कार्यक्रम का प्रमुख वैज्ञानिक क़रार देते हए कहा था, "उस नाम को याद रखें."

    साल 2015 में न्यूयॉर्क टाइम्स ने मोहसिन फ़ख़रीज़ादेह की तुलना जे रॉबर्ट ओपनहाइमर से की थी. ओपनहाइमर वो वैज्ञानिक थे जिन्होंने उस मैनहट्टन परियोजना की अगुवाई की थी जिसने दूसरे विश्व युद्ध के दौरान पहला परमाणु बम बनाया था.

  6. दुनिया के सबसे अमीर और कंजूस निज़ाम की कहानी: Vivechna

    निज़ाम को टाइम पत्रिका ने दुनिया का सबसे अमीर शख़्स घोषित किया था.

    लेकिन उनकी कंजूसी के भी बहुत से किस्से मशहूर थे.

    उन्होंने हैदराबाद को भारत से अलग रखने के लिए ऐड़ी चोटी का ज़ोर लगा दिया था.

    निज़ाम की पूरी कहानी बता रहे हैं रेहान फ़ज़ल विवेचना में.

    वीडियो प्रोडक्शनः काशिफ़ सिद्दीक़ी

  7. 'कोहली का टी20 की कप्तानी छोड़ने का फ़ैसला बिल्कुल सही'

    भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली ने टी20 टीम की कप्तानी छोड़ने का एलान किया है.

    वे टी20 वर्ल्ड कप के बाद ये कप्तानी छोड़ देंगे, हालांकि उनका कहना है कि टेस्ट और वनडे टीम की कप्तानी वो संभालते रहेंगे.

    विराट ने अपने फ़ैसले की वजह वर्कलोड को बताया और कहा कि लंबे समय से वे टीम का प्रतिनिधित्व और नेतृत्व कर रहे हैं.

    विराट के कोच राजकुमार शर्मा ने उनके इस फ़ैसले के बारे में बताया कि लंबे वक़्त से विराट इस विषय में सोच रहे थे और उनके साथ बात भी कर रहे थे.

  8. पाकिस्तान को परमाणु बम देने वाले इमरान ख़ान से ख़फा

    पाकिस्तान परमाणु वैज्ञानिक डॉ अब्दुल क़दीर ख़ान पिछले कई दिनों से इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती हैं.

    डॉ ख़ान को पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम का जनक भी कहा जाता है. उन्होंने सोमवार को पाकिस्तान की इमरान ख़ान सरकार पर अपने इलाज में उपेक्षा करने का आरोप लगाया है.

    डॉ ख़ान ने पाकिस्तान के प्रमुख अंग्रेज़ी अख़बार डॉन से कहा है, "मैं बहुत निराश हूँ. न तो प्रधानमंत्री इमरान ख़ान और न ही उनकी कैबिनेट के किसी सदस्य ने मेरी सेहत के बारे में पूछताछ की."

    डॉ क़दीर ख़ान को पाकिस्तान में 'मोहसिन-ए-पाकिस्तान' यानी पाकिस्तान का रक्षक भी कहा जाता है.

  9. कैप्टन पार्टी के सम्मानित नेता हैं, वे पार्टी को नुक़सान नहीं पहुंचाएंगे: अशोक गहलोत

    राजस्थान के मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने कहा है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह पार्टी के सम्मानित नेता हैं और उन्हें उम्मीद है कि वो आगे भी पार्टी का हित आगे रखकर ही कार्य करते रहेंगे.

    जयपुर में मौजूद बीबीसी के सहयोगी पत्रकार मोहर सिंह मीणा के मुताबिक़ अशोक गहलोत ने कहा, "मुझे उम्मीद है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह जी ऐसा कोई कदम नहीं उठाएंगे जिससे कांग्रेस पार्टी को नुकसान हो. कैप्टन साहब ने स्वयं कहा कि पार्टी ने उन्हें साढ़े नौ साल तक मुख्यमंत्री बनाकर रखा है. उन्होंने अपनी सर्वोच्च क्षमता के अनुरूप कार्य कर पंजाब की जनता की सेवा की है."

    "हाईकमान को कई बार विधायकों और आम लोगों से मिले फीडबैक के आधार पर पार्टी हित में निर्णय करने पड़ते हैं. मेरा व्यक्तिगत भी मानना है कि कांग्रेस अध्यक्ष कई नेता, जो मुख्यमंत्री बनने की दौड़ में होते हैं, उनकी नाराजगी मोल लेकर ही मुख्यमंत्री का चयन करते हैं. परंतु वही मुख्यमंत्री को बदलते वक्त हाईकमान के फैसले को नाराज होकर गलत ठहराने लग जाते हैं."

    "ऐसे क्षणों में अपनी अर्न्तरात्मा को सुनना चाहिए. मेरा मानना है कि देश फासिस्टी ताकतों के कारण किस दिशा में जा रहा है, यह हम सभी देशवासियों के लिए चिंता का विषय होना चाहिए. इसलिए ऐसे समय हम सभी कांग्रेसजनों की जिम्मेदारी देश हित में बढ़ जाती है. हमें अपने से ऊपर उठकर पार्टी और देश हित में सोचना होगा."

  10. 'सिद्धू इमरान, बाजवा के दोस्त हैं, विरोध करूंगा'

    पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने पद से इस्तीफ़ा देने के बाद कहा है कि देश हित में वो पंजाब मुख्यमंत्री के पद के लिए नवजोत सिंह सिद्धू के नाम का विरोध करेंगे.

    समाचार एजेंसी एएनआई को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, "देश के लिए मैं मुख्यमंत्री के पद के लिए उनके नाम का विरोध करूंगा.

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान उनके मित्र हैं और वहां के आर्मी प्रमुख जनरल क़मर जावेद बाजवा के साथ उनके दोस्ताना रिश्ते हैं."

  11. इसराइल की गिरफ़्त में आए भागे हुए आख़िरी दो फलस्तीनी क़ैदी

    इसराइल के सुरक्षा बलों ने रविवार को उन दोनों फलस्तीनी क़ैदियों को पकड़ लिया जो दो हफ़्ते पहले उसकी जेल से फरार हो गए थे.

    दो हफ़्ते पहले इसराइल की जबर्दस्त सुरक्षा वाली एक जेल से छह फलस्तीनी क़ैदी फरार हो गए थे.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़, इस घटना की वजह से इसराइल के लिए शर्मिंदगी की स्थिति पैदा हो गई थी और फलस्तीनी खेमे में जश्न का माहौल था.

    चार क़ैदियों को पहले ही पकड़ा जा चुका था, रविवार को गिरफ़्त में आए दोनों क़ैदियों के साथ सभी छह क़ैदी वापस जेल पहुंच गए हैं.

    इसराइली पुलिस के कमिश्नर याकोव शबताई ने बताया कि चरमपंथी संगठन 'इस्लामिक जिहाद' के इन दोनों सदस्यों को वेस्ट बैंक के फलस्तीनी शहर जेनिन के एक घर से सुबह होने से पहले पकड़ लिया गया.

    इसराइल की जेलों में बंद वेस्ट बैंक, ग़ज़ा और पूर्वी यरूशलम में सक्रिय सशस्त्र गुटों के इन सदस्यों को फलस्तीनी लोग हीरो की तरह देखते हैं.

    साल 1967 के युद्ध में इसराइल ने इन इलाकों को अपने नियंत्रण में ले लिया था. इसराइल इन्हें चरमपंथी कहता है.

  12. ऑकस समझौता: फ्रांस की फिक्र पर ऑस्ट्रेलिया ने दी सफ़ाई

    ऑस्ट्रेलिया के रक्षा मंत्री ने रविवार को कहा है कि फ्रांसीसी पनडुब्बियों के करार के मुद्दे पर फ्रांस की चिंताओं को लेकर ऑस्ट्रेलिया का रवैया 'सीधा, सरल और ईमानदारी' भरा रहा है.

    पनडुब्बियों के ही निर्माण पर ऑस्ट्रेलिया ने अब अमेरिका और ब्रिटेन के साथ नया करार किया है, जिसे ऑकस समझौते के नाम से जाना जा रहा है.

    ऑकस के कारण एक बहुराष्ट्रीय कूटनीतिक संकट खड़ा हो गया है जिसमें अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रिया और फ्रांस शामिल हैं.

    ऑस्ट्रेलिया ने साल 2016 के उस करार को ख़त्म कर दिया है जिसके तहत फ्रांस के नैवल ग्रुप को पारंपरिक पनडुब्बियों के बेड़े के निर्माण का ठेका दिया गया था.

    ऑस्ट्रेलिया के इस कदम से फ्रांस नाराज़ है. फ्रांस नेटो में अमेरिका और ब्रिटेन का सहयोगी देश है लेकिन उसने वाशिंगटन और कैनबेरा से अपने राजदूत को वापस बुला लिया है.

    ऑस्ट्रेलिया के इस फ़ैसले से भारत-प्रशांत क्षेत्र में उभरती हुई ताक़त के तौर पर चीन भी चिढ़ा हुआ है.

    ऑकस समझौते की वजह से अमेरिका के सामने फ्रांस को लेकर एक अभूतपूर्व कूटनीतिक संकट खड़ा हो गया है.

    विश्लेषकों का कहना है कि इसे लेकर फ्रांस और यूरोप के साथ अमेरिकी गठबंधन को ऐसा नुक़सान होने की आशंका है, जो लंबे समय तक बना रह सकता है.

    विश्लेषकों के मुताबिक़, राष्ट्रपति जो बाइडन चीन की बढ़ती ताक़त के ख़िलाफ़ जिस संयुक्त मोर्चे को तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं, अब उस पर संदेह के बादल मंडराने लगे हैं.

    फ्रांस ने साल 2016 के समझौते को रद्द करने के फ़ैसले को अपनी पीठ में घोंपा गया चाकू बताया है. फ्रांस के विदेश मंत्री ज्यां य्वेस ले ड्रायन ने कहा है कि अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के साथ उसके रिश्ते 'संकट' में है.

    लेकिन ऑस्ट्रेलिया के रक्षा मंत्री पीटर डुटोन ने रविवार को कहा कि ऑस्ट्रेलिया ने फ्रांस के साथ साल 2016 के समझौते से जुड़ी अपनी चिंताएं शेयर की थीं.

    साल 2016 में इसकी लागत 40 अरब डॉलर आंकी गई थी जो आज की तारीख़ में कहीं ज़्यादा बढ़ गई है.

    ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरीसन ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने इस सौदे को लेकर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को जून में ऑस्ट्रेलिया की महत्वपूर्ण चिंताओं से अवगत कराया था.

    स्कॉट मॉरीसन का कहना है कि उन्होंने ये स्पष्ट कर दिया था कि ऑस्ट्रेलिया अपने राष्ट्रीय हितों का ख्याल रखते हुए फ़ैसला ले सकते हैं.

  13. सऊदी अरब के विदेश मंत्री का भारत दौरा, अफ़ग़ानिस्तान पर हो सकती है बात

    सऊदी अरब के विदेश मंत्री फ़ैसल बिन फरहान अली सऊद शनिवार को तीन दिनों की यात्रा पर भारत पहुंचे.

    समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी विदेश मंत्री की भारत यात्रा के दौरान द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने के तरीकों के अलावा भारतीय नेताओं के साथ अफ़ग़ानिस्तान के मुद्दे पर चर्चा हो सकती है.

    विदेश मंत्रालय के बयान के मुताबिक़ सऊदी विदेश मंत्री अपने भारतीय समकक्ष एस जयशंकर से रविवार को मिलेंगे. सोमवार को उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी मुलाकात होनी है.

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट किया, "सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फ़ैसल बिन फरहान अल सऊद शनिवार शाम नई दिल्ली पहुंचे."

    अल सऊदी सोमवार शाम भारत से न्यूयॉर्क के लिए रवाना हो जाएंगे.

    सऊदी अरब के विदेश मंत्री की भारत यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत अफ़ग़ानिस्तान के घटनाक्रम पर दुनिया की प्रमुख शक्तियों के साथ संवाद कर रहा है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई का कहना है कि जयशंकर और अल सऊद के बीच होने वाली बातचीत में अफ़ग़ानिस्तान एक प्रमुख मुद्दा हो सकता है.

    एक क्षेत्रीय शक्ति के तौर पर अफ़ग़ानिस्तान को लेकर सऊदी अरब का स्टैंड मायने रखता है.

    खाड़ी के दूसरे देश जिनमें क़तर और ईरान शामिल हैं, पहले से ही अफ़ग़ान शांति प्रक्रिया में भूमिका निभा रहे हैं.

    खाड़ी देशों में भारत संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, क़तर और ईरान के साथ अफ़ग़ानिस्तान के मुद्दे पर संपर्क बनाए हुए है.

  14. अली कलोरा: इंडोनेशिया के 'मोस्ट वॉन्टेड' चरमपंथी की मुठभेड़ में मौत

    इंडोनेशिया के मोस्ट वॉन्टेड चरमपंथी अली कलोरा की शनिवार को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मौत हो गई.

    इंडोनेशिया की सेना ने बताया है कि देश के जंगली और पहाड़ी इलाकों में चरमपंथियों के ख़िलाफ़ चलाई जा रही मुहिम में अली कलोरा मारा गया.

    मिलिट्री के ब्रिगेडियर जनरल फरीद मकरूख ने बताया कि छापामारी की कार्रवाई में दो चरमपंथी मारे गए जिनमें एक अली कोरा भी एक था.

    मारे गए दूसरे चरमपंथी की पहचान जका रमादान के नाम से हुई है. शनिवार देर रात हुई इस छापामार कार्रवाई में सेना और पुलिस की ज्वॉयंट शामिल थी.

    फरीद मकरूख ने बताया कि सेंट्रल सुलावेसी प्रांत के पहाड़ी इलाके परीगी माउतोंग में ये कार्रवाई की गई थी.

    "अली कोरा मोस्ट वॉन्टेड टेररिस्ट था. वो ईस्ट इंडोनेशिया मुजाहिद (एमआईटी) का नेता था."

    अली कोरा के तार इस्लामिक स्टेट से जुड़े बताए जाते हैं क्योंकि एमआईटी ने साल 2014 में आईएस से वफादारी की कसम ली थी.

    फरीद मकरूख ने बताया कि संगठन के अन्य चार संदिग्ध सदस्यों की तलाशी के लिए अभियान चलाया जा रहा है.

  15. स्पेसएक्स: इंस्पीरेशन4 के अंतरिक्ष यात्री तीन दिनों के बाद धरती पर लौटे

    धरती की कक्षा में तीन दिनों तक यात्रा करने के बाद इंस्पीरेशन4 के चार अंतरिक्ष यात्री धरती पर सफलतापूर्वक लौट आए हैं. उनकी लैंडिंग अटलांटिक सागर में हुई है.

    इस सफलता को हासिल करने वाले ये चारों अंतरिक्ष यात्री कोई अंतरिक्ष विज्ञानी नहीं बल्कि आम लोग थे और ऐसा पहली बार हुआ था कि पूरी तरह से ग़ैर-अंतरिक्ष यात्रियों की कोई टीम अंतरिक्ष यात्रा पर गई हो.

    इंस्पीरेशन4 का क्रू स्पेसएक्स कैप्सूल में बुधवार को फ्लोरिडा से रवाना हुआ था और फ्लोरिडा के ही सागर तट पर शनिवार को स्थानीय समयानुसार शाम सात बजे के बाद लैंड हुआ.

    चारो पैराशूट की पानी की सतह से पहुंचने से पहले रफ़्तार धीमी हो गई थी. नीचे स्पेसएक्स के बोट उन्हें लेने के लिए इंतज़ार कर रहे थे.

    इंस्पीरेशन4 की टीम की अगुवाई अरबपति कारोबारी जेयर्ड आइज़ाकमैन कर रहे थे. जेयर्ड आइज़ाकमैन ई-कॉमर्स कंपनी शिफ्ट4 पेमेंट्स इंक के सीईओ हैं और उन्होंने इस मिशन में 'कमांडर' की भूमिका निभाई थी.

    अंतरिक्ष यात्रा पर जाने के लिए जेयर्ड आइज़ाकमैन ने कितनी रकम चुकाई, इस पर आधिकारिक रूप से कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है.

    लेकिन 'टाइम' मैगज़ीन की रिपोर्ट के अनुसार जेयर्ड आइज़ाकमैन ने अरबपति कारोबारी एलन मस्क को ड्रैगन कैप्सूल (अंतरिक्ष यान) की चारों सीटों के लिए लगभग 200 मिलियन डॉलर की रकम चुकाई है.

    जेयर्ड आइज़ाकमैन ने इस यात्रा के लिए तीन अजनबियों को चुना था.

    उनमें नासा की पूर्व एस्ट्रॉनॉट उम्मीदवार और जियोसाइंटिस्ट सियान प्रॉक्टर (51 वर्ष), बोन कैंसर सर्वाइवर हेइली एक्रेनेऑक्स (29 वर्ष), एयरोस्पेस डेटा इंजीनियर और पूर्व एयरफोर्स ऑफ़िसर क्रिस सेम्ब्रोस्की (42 वर्ष) शामिल थे.

    अंतरिक्ष पर्यटन के बाज़ार में एलन मस्क की कंपनी की ये तीसरी सफल अंतरिक्ष यात्रा थी.

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