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ओवैसी ने कहा, तालिबान और कट्टरता पर क़दम उठाएं पीएम मोदी, सिर्फ़ बातों का कोई मोल नहीं

पीएम मोदी के शंघाई सहयोग संगठन में कट्टरता पर दिए बयान को लेकर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि बोलना आसान है लेकिन जबतक कदम न उठाएं जाएं आपको कोई गंभीरता से नहीं लेता.

लाइव कवरेज

  1. ओवैसी ने कहा, तालिबान और कट्टरता पर क़दम उठाएं पीएम मोदी, सिर्फ़ बातों का कोई मोल नहीं

    पीएम मोदी के शंघाई सहयोग संगठन में कट्टरता पर दिए बयान को लेकर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि बोलना आसान है लेकिन जबतक कदम न उठाएं जाएं आपको कोई गंभीरता से नहीं लेता.

    ओवैसी ने ट्विटर पर लिखा, "इस बात से सहमत हूं कि कट्टरता कहीं भी क़ानून के लिए ख़तरा है. एक निर्दोष व्यक्ति की लिंचिंग के लिए कट्टर लोगों का इकट्ठा होना कट्टरता है. सत्ता में बैठी पार्टी का गोडसे को देशभक्त बताना कट्टरता है."

    ओवैसी ने लिखा कि पीएम की खुलकर निंदा नहीं करना इसे सामाजिक मान्यता देने का साफ़ संकेत है.

    "आपके प्रवक्ता 'तालिबानी' को टीवी पर गाली की तरह इस्तेमाल करते हैं, आपकी सरकार ने हमारे हितों की रक्षा के लिए कुछ नहीं किया. न ही आपने 'कट्टर' तालिबान के ख़िलाफ़ कोई स्टैंड लिया है."

    ओवैसी ने लिखा की सिर्फ़ इस बारे में बात करने से कुछ नहीं होगा. उन्होंने लिखा,"क्या आप अमेरिका के आदेश के अनुसार तालिबान से ट्रैवल बैन हटा देंगे? या फिर आपका कोई स्वतंत्र स्टैंड होगा? क्या आप तालिबान को यूएपीए के तहत एक आतंकी संगठन की लिस्ट में डालेंगे या फिर आप उन्हें यूएन प्रतिबंध सूची से हटा रहे हैं? बात करना आसान है, जब तक आप स्टैंड नहीं लेंगे तब तक आपको कोई गंभीरता से नहीं लेगा."

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था, "SCO की 20वीं वर्षगाँठ इस संस्था के भविष्य के बारे में सोचने के लिए भी उपयुक्त अवसर है. मेरा मानना है कि इस क्षेत्र में सबसे बड़ी चुनौतियाँ शांति, सुरक्षा और भरोसे की कमी से संबंधित है. और इन समस्याओं का मूल कारण बढ़ती हुई कट्टरता है. अफ़ग़ानिस्तान में हाल के घटनाक्रम ने इस चुनौती को और स्पष्ट कर दिया है.

  2. जीएसटी काउंसिल की बैठक मेंं पेट्रोल-डीज़ल को जीएसटी के दायरे में लाने पर कोई फ़ैसला नहीं

    जीएसटी काउंसिल की 45वीं बैठक में आज कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई लेकिन पेट्रोल और डीज़ल को जीएसटी के दायरे में लाने को लेकर कोई फ़ैसला नहीं हो सका.

    लगभग दो सालों में पहली बार इस बैठक में सभी सदस्य आमने सामने बैठ कर चर्चा कर रहे हैं. लखनऊ में हो रही इस बैठक की अध्यक्षता वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने की.

    बैठक में क्या-क्या हुआ फ़ैसला?

    • उत्तर प्रदेश के वित्त राज्य मंत्री ने बताया कि पेट्रोल और डीज़ल को जीएसटी में शामिल करने को लेकर बैठक में कोई फ़ैसला नहीं हुआ है. इससे पहले दिल्ली के वित्त राज्य मंत्री ने कहा कि पेट्रोल और डीज़ल की को जीएसटी के दायरे में लाने का ये सही वक्त नहीं है क्योंकि इसका असर राजस्व पर पड़ सकता है, जिसके बारे में सोचना ज़रूरी है.
    • डीज़ल में मिलाने वाले बायोडीज़ल पर जीएसटी को 12 फीसदी से घटा कर 5 फीसदी कर दिया गया है. बायोडीज़ल को तेल मार्केटिंग कंपनियां खरीदती हैं.
    • ज़ोलोजेन्स्मा और विलेटेस्टो जैसे आयात की जाने वाली महंगी जीवनरक्षक दवाओं को फिलहाल जीएसटी के दायरे से अलग रखा गया है. इन दवाओं का इस्तेमाल कोविड-19 के इलाज में नहीं होता.
    • कोविड के इलाज में लगने वाली दवाओं समेत कुछ और दवाओं पर जीएसटी में दी गई छूट को 31 दिसंबर तक बढ़ा दिया गया है. ये छूट पहले 30 सितंबर तक ही थी. ये छूट केवल रेमडेसिवीर पर लागू होगी, न कि मेडिकल उपकरणों पर.
    • साथ ही कैंसर के इलाज में लगने वाली दवाओं पर लगने वाले जीएसटी को 12 फीसदी से घटा कर 5 फीसदी किया गया है.

    स्विगी, ज़ोमैटो की सेवाओं पर जीएसटी लगेगा

    स्विगी और ज़ोमैटो जैसी खाना डिलिवर करने वाली कंपनियों की सेवाओं पर जीएसटी लगेगा हालांकि काउंसिल ने किसी तरह के नए टैक्स की घोषणा नहीं की है. अब इन कंपनियों को खाना डिलिवरी के वक्त उपभोक्ता से जीएसटी वसूलना होगा.

    फिलहाल उपभोक्ता जब किसी रेस्त्रां से खाना खरीदता है तो वो उस वक्त जीएसटी देता है. लेकिन इसमें स्विगी या ज़ोमैटो जैसे माबाइल ऐप्स की कोई भूमिका नहीं होती.

    राजस्व सचिव तरुण बजाज के अनुसार, "अभी अगर आप खाना बुक करते हैं तो आप रेस्त्रां को टैक्स देते हैं. हमने पाया है कि कई रेस्त्रां जो खाना स्विगी और ज़ोमैटो के ज़रिए बेच रहे हैं वो सरकार को जीएसटी नहीं चुका रहे. अब जीएसटी लेने का काम रेस्त्रां नहीं करेगा बल्कि स्विगी और ज़ोमैटो करेंगी और सरकार को देंगी."

    मतलब ये कि ऐसे रेस्त्रां अब टैक्स के दायरे से बच नहीं सकेंगे लेकिन उपभोक्ता के लिए ये कोई नया टैक्स नहीं होगा इसलिए उसके लिए कीमतें वही रहेंगी जो पहले थी.

    • गाड़ियों और रेलगाड़ियों के कुछ पुर्जों पर लगने वाले 12 फीसदी जीएसटी को बढ़ा कर 18 फीसदी किया जाएगा.
    • आईसीडीएस (समेकित बाल विकास योजना) के लिए जो फोर्टिफाइट चावल खरीदा जाता है उस पर लगने वाले जीएसटी को 18 पीसदी से घटा कर 5 फीसदी किया गया है.
  3. बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर', 17 सितंबर 2021, सुनिए मोहनलाल शर्मा से.

  4. अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान के 30 दिन बाद धंधा हुआ मंदा, फैला ख़ौफ़

  5. अफ़ग़ानिस्तान पर बोले पीएम नरेंद्र मोदी - अस्थिरता बढ़ी तो चरमपंथ मज़बूत होगा

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शंघाई सहयोग संगठन की तजिकिस्तान में चल रही बैठक में अफ़ग़ानिस्तान के मुद्‌दे पर कहा कि अगर वहां स्थिति सामान्य नहीं हुई तो ये पड़ोसी देशों और विश्व के लिए ख़तरा हो सकता है.

    प्रधानमंत्री मोदी वीडियो लिंक के ज़रिए शंघाई सहयोग संगठन के इस सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे.

    उन्होंने कहा, “अफ़ग़ानिस्तान में हाल के घटनाक्रम का सबसे अधिक प्रभाव हम जैसे पड़ोसी देशों पर होगा और इसलिए, इस मुद्दे पर क्षेत्रीय फोकस और सहयोग आवश्यक है.”

    “अगर अफ़ग़ानिस्तान में अस्थिरता और कट्टरवाद बना रहेगा, तो इससे पूरे विश्व में आतंकवादी और चरमपंथी विचारधाराओं को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही अन्य उग्रवादी समूहों को हिंसा के माध्यम से सत्ता पाने का प्रोत्साहन भी मिल सकता है.”

    उन्होंने कहा कि ड्रग्स, अवैध हथियारों और मानव तस्करी का अनियंत्रित प्रवाह बढ़ सकता है.

    उन्होंने कहा, “बड़ी संख्या में आधुनिक हथियार अफ़ग़ानिस्तान में रह गए हैं. इनके कारण पूरे क्षेत्र में अस्थिरता का ख़तरा बना रह सकता है.”

    पीएम मोदी ने अफ़ग़ानिस्तान के प्रति भारत की प्रतिबद्धता जताते हुए कहा, “हम अफ़ग़ान तक खाद्य सामग्री, दवाइयां आदि पहुंचाने के लिए इच्छुक हैं.हम सभी को मिल कर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अफ़ग़ानिस्तान तक मानवीय सहायता बिना रुके पहुँचती रहे.”

    इसी सम्मेलन में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने भी कहा कि अफ़ग़ानिस्तान में अस्थिरता दूसरे देशों के लिए परेशानी बन सकती है.

    उन्होंने कहा अफ़ग़ानिस्तान को अकेला छोड़ देने से गृह युद्ध की स्थिति पैदा हो सकती है और इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ोस के देशों पर हो सकता है. उन्होंने कहा कि इससे शर्णार्थियों की संख्या बढ़ सकती है, ड्रग्स की तस्करी बढ़ सकती है और अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध बढ़ सकता है.

    उन्होंने कहा कि इसे सुलझाने के लिए बातचीत के अलावा कोई और रास्ता है.

  6. इमरान ख़ान ने अमेरिका पर दिया ऐसा बयान कि उनका ही मज़ाक बन गया

  7. पेट्रोल और डीज़ल को जीएसटी के दायरे में लाने में दिक़्क़त क्या है?

  8. भारत में पिछले 9 घंटों में 2 करोड़ से अधिक कोरोना वैक्सीन दी गई - केंद्र सरकार

    केंद्र सरकार ने कहा है कि पिछले 9 घंटों में भारत में दो करोड़ से ज़्यादा कोरोना की वैक्सीन दी गई है.

    कोरोना पर जानकारी देने वाले सरकार के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर इसकी जानकारी देते हुए लिखा गया, "भारत ने आज नौ घंटों से भी कम समय में दो करोड़ से अधिक वैक्सीन दे कर एक नया मुकाम हासिल किया है."

    पीएम मोदी के जन्मदिन के मौके पर बीजेपी लोगों को वैक्सीन दिलाने का अभियान चला रही है.

    कोरोना से जुड़ी केंद्र सरकार की वेबसाइट पर वैक्सीनेशन का रियल टाइम डेटा दिखता है. वहां इस वक्त आज के दिन की टीकों की संख्या दो करोड़ पार कर चुकी है. स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने सभी हेल्थ वर्कर्स को बधाई दी और उन्हें शुक्रिया कहा.

  9. न्यूज़ीलैंड ने रद्द किया पाकिस्तान का दौरा, हैरान हैं पीसीबी के बॉस रमीज़ राजा

  10. अफ़ग़ानिस्तान में महिलाओं का आरोप, तालिबान उन्हें दफ़्तर में दाख़िल नहीं होने दे रहा

    अफ़ग़ानिस्तान के महिला मामलों के मंत्रालय की कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि उन्हें अपने दफ़्तर में जाने से तालिबान रोक रहा है. उनका आरोप है कि पिछले तीन हफ़्तों से वो अपने ऑफ़िस नहीं गई हैं और इस कारण अनिश्चितता बनी हुई है.

    बीबीसी उर्दू के मुताबिक़, अफ़ग़ान सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है जिसमें एक महिला कह रही है, “हम सब को इकट्ठा करो, पेट्रोल डाल कर या बम से मार डालो."

    उस महिला कर्मचारी का कहना है कि वो अपने परिवार में अकेली कमाने वाली हैं.

    उनका कहना है तलिबान ने महिला मामले से जुड़े मंत्रालय को ख़त्म कर दिया है और अफ़ग़ानिस्तान में महिलाओं का अब कुछ नहीं हो सकता.

    अफ़ग़ान सोशल मीडिया पर एक तस्वीर भी वायरल हो रही है जिसमें महिला मंत्रालय के बाहर लगे बोर्ड को बदल दिया गया है.

    दावा किया जा रहा है कि अब उस पर महिला मंत्रालय की वजाय ' इस्लामी मूल्यों के मार्गदर्शन और आपराधिक कृत्‍यों की रोकथाम का मंत्रालय' लिख दिया गया है.

  11. ‘‘मोदी जी, बर्थडे पर बेरोज़गारी दूर कर दीजिए’’

  12. चरमपंथ रोकने में अमेरिका की कोशिश और कामयाबी की हकीकत - दुनिया जहान

  13. प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर 'बेरोज़गारी दिवस' मना रही है यूथ कांग्रेस

    आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन को कांग्रेस पार्टी राष्ट्रीय बेरोज़गारी दिवस के रूप में मना रही है. देश के कई शहरों में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे हैं.

    एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर, कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, “भारत के कई प्रधानमंत्रियों का जन्मदिन किसी न किसी रूप में मनाया जाता है...आज अखबारों में मोदी का चेहरा देखा, तो ख़्याल आया कि उनका जन्मदिन किस उपलब्धि के रूप में मनाया जाए.”

    कांग्रेस ने अपने ट्विटर पर लिखा, “आप आज प्रेस कांफ्रेंस कर नौकरियों के बारे में क्यों बात नहीं करते? युवाओं की आंखों में क्यों नहीं देखते.?”

    बिहार में पटना से बीबीसी से सहयोगी पत्रकार विष्णु नारायण कुछ तस्वीरें भेजी हैं जिसमें यूथ कांग्रेस के सदस्य ने विरोध जताते हुए प्रतीकात्मक तौर पर सड़क पर भीख मांग रहे हैं और पकोड़े तलते दिखाई दे रहे हैं.

    यूथ कांग्रेस ने अध्यक्ष बीवी श्रीनिवास ने हैदराबाद का वीडियो ट्विट किया है जिसमें कार्यकर्ता जूते पॉलिश कर रहे हैं.

    इसके साथ ही उन्होंने लिखा, “हैदराबाद से शुभकामनाएं, जन्मदिन की बधाई ‘बेरोज़गारी के पिता’."

    राजधानी दिल्ली समेत देश के कई दूसरों हिस्सों में कांग्रेस का इसी तरह का विरोध प्रदर्शन चल रहा है.

  14. ब्रेकिंग न्यूज़, न्यूज़ीलैंड ने रद्द किया पाकिस्तान दौरा, जानिए क्या है पूरा मामला

  15. केरल के पद्मनाभस्वामी मंदिर प्रशासन ने कहा, दान से मंदिर के ख़र्चे पूरे नहीं हो रहे

    केरल में श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर की प्रशासनिक समिति ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया मंदिर बहुत कठिन समय से गुज़र रहा है और मिल रहा दान खर्च को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है.

    समिति की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता आर बसंत ने न्यायमूर्ति यू यू ललित की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों पीठ को बताया कि केरल के सभी मंदिर बंद हैं.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक उन्होंने कहा, "1.25 करोड़ रुपये का मासिक खर्च है, हम मुश्किल से 60-70 लाख रुपये प्राप्त कर पा रहे हैं, इसलिए हमने कुछ दिशा-निर्देश मांगे हैं"

    बसंत ने कहा कि अदालत के आदेश के अनुसार एक ट्रस्ट का गठन किया गया है और इसे मंदिर में योगदान देना चाहिए.

    इस मामले में कोर्ट की मदद कर रहे (एमिकस क्यूरी) वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल सुब्रमण्यम के सुझाव के अनुसार कोर्ट ने प्रशासनिक समिति को पिछले 25 वर्षों के मंदिर की आय और व्यय के ऑडिट कराने का आदेश दिया था.

    सुप्रीम कोर्ट ने केरल के श्री पद्मनाभास्वामी मंदिर ट्रस्ट द्वारा 25 साल के ऑडिट से छूट देने याचिका पर फ़ैसला सुरक्षित रख लिया है.

    श्री पद्मनाभा स्वामी मंदिर के रोज़मर्रा के कामों से संबंधित इस याचिका की सुनवाई करते हुए जस्टिस ललित ने कहा, “हम फ़ैसला सुरक्षित रहें हैं.”

    ट्रस्ट की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील अरविंद दातार ने तर्क दिया कि यह शाही परिवार द्वारा बनाया गया एक सार्वजनिक ट्रस्ट है, प्रशासन में इसकी कोई भूमिका नहीं है, और यह याचिका का हिस्सा नहीं है.

    उन्होंने कहा कि मामले में एमिकस क्यूरी ने ट्रस्ट का जिक्र किया था.

    उन्होंने कहा "ट्रस्ट का गठन केवल परिवार को शामिल करने वाले मंदिर की पूजा और अनुष्ठानों की देखरेख के लिए किया गया था, प्रशासन में कोई भूमिका नहीं थी. इसका ज़िक्र सुप्रीम कोर्ट के समक्ष तभी हुआ जब एमिकस क्यूरी ने मांग की कि ट्रस्ट के खातों का भी ऑडिट किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि इसकी जांच की जरूरत नहीं है क्योंकि यह मंदिर से अलग है."

  16. इमरान ख़ान - अफ़ग़ानिस्तान को बाहर से नियंत्रित करना मुमकिन नहीं

    शंघाई सहयोग संगठन की ताजिकिस्तान में चल रही बैठक में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान को बाहर से कंट्रोल नहीं किया जा सकता.

    इमरान ख़ान ने कहा, “अफ़ग़ानिस्तान का इतिहास बताता है कि वहां के लोग अपनी आज़ादी की क़ीमत समझते हैं और उन्हें बाहर से कभी भी नियंत्रित नहीं किया जा सकता.”

    उन्होने कहा कि अचानक हुई अमेरिका और उसके सहयोगियों की वापसी, और तालिबान के सत्ता में आने से दुनिया एक नए हालात का सामना कर रही है.

    अपने भाषण में इमरान ख़ान ने कहा है, “सभी अफ़ग़ान नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा ज़रूरी है और ये भी सुनिश्चित करना होगा कि अफ़ग़ानिस्तान दोबारा कभी भी आंतकवादियों के लिए एक सुरक्षित स्थान न बने.”

    उन्होनें कहा कि तालिबान को भी सबको साथ लेकर चलने वाले सियासी वादे को पूरा करना चाहिए.

  17. चीनी राष्ट्रपति शी ने कहा - किसी भी देश में, बाहरी ताक़तों को हस्तक्षेप की अनुमित न हो

    चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में कहा है कि बाहरी ताकतों को कभी भी किसी दूसरे देश में हस्तक्षेप की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए.

    शी ताजिकिस्तान में चल रहे इस सम्मेलन में शामिल देशों के राष्ट्राध्यक्षों को वीडियो लिंक से संबोधित कर रहे थे.

    राष्ट्रपति शी वीडियो लिंक के ज़रिए इस बैठक को संबोधित कर रहे थे.

    अपने भाषण में शी ने कहा, “दुनिया के देशों को अपने ढंग की शासन व्यवस्था चुनने और अपनी तरक्की के रास्ते स्वयं खोजने के लिए मज़बूत मदद मिलनी चाहिए.”

    उन्होंने कहा कि देशों के भविष्य को तय करने के लिए विकास का जिम्मा उन्हीं के हाथों में होना चाहिए.

    हालांकि शी ने किसी देश का नाम नहीं लिया लेकिन हालिया अंतरराष्ट्रीय घटनाओं से ये कहना ग़लत नहीं होगा कि उनका इशारा अफ़ग़ानिस्तान की ओर था.

  18. जिम्नास्ट सिमोन बाइल्स ने बताया, डॉक्टर नासर ने क्या किया था

  19. अमेरिका-ब्रिटेन-ऑस्ट्रेलिया के रक्षा समझौते से क्यों है यूरोप में नाराज़गी?

    चीन का मुक़ाबला करने के लिए अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन ने एक रक्षा समझौता किया. इस समझौते को ऑकस नाम दिया गया है.

    एक ओर जहां इस समझौते में शामिल देश इसे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण बता रहे हैं वहीं चीन ने इसे ग़ैर-ज़िम्मेदाराना बताया है.

    लेकिन इस समझौते से सिर्फ़ चीन ही नाराज़ नहीं है. फ्रांस और यूरोपीय संघ ने भी इस सैन्य-गठबंधन को लेकर नाराज़गी जतायी है.

    यूरोपीय संघ ने इस मामले में सौतेला व्यवहार किये जाने को लेकर नाराज़गी जताई है. साथ ही अमेरिका के मौजूदा राष्ट्रपति जो बाइडन के इस फ़ैसले को पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के युग की वापसी के तौर पर बताया है.

    यूरोपीय संघ को नहीं थी जानकारी

    यूरोपीय संघ के एक प्रवक्ता पीटर स्टेनो ने आश्चर्य जताते हुए कहा है कि इस समझौते के बारे में पहले से संघ को कोई जानकारी नहीं दी गई थी. उन्होंने कहा कि इसके असर के बारे में संघ के सदस्य देश विचार करेंगे.

    राष्ट्रपति बनने के बाद जो बाइडन प्रशासन ने यूरोपीय नेताओं से वादा किया था कि "अमेरिका वापस आ गया है" और बहुपक्षीय कूटनीति के आधार पर अमेरिकी विदेश नीति आगे बढ़ेगी.

    फ्रांस के विदेश मंत्री ज़ॉ ईव ले ड्रियां ने इसे "पीठ में छुरा घोंपना" बताया है. यूरोपीय संघ के विदेश नीति प्रमुख ने नाराज़गी जताते हुए कहा है कि इस संबंध में यूरोप से परामर्श नहीं किया गया था.

    फ्रांस ने पांच साल पहले पारंपरिक रूप से संचालित 12 पनडुब्बियां ऑस्ट्रेलिया को बेचने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे.

    ये सौदा 56 बिलियन यूरो का था. लेकिन अब जब यूके-अमेरिका-ऑस्ट्रेलिया ने रणनीतिक साझेदारी की डील कर ली है तो व्यवसायिक स्तर पर फ्रांस के लिए यह बड़ा झटका है. विशेष रूप से क्योंकि 1997 में हांगकांग को चीन को सौंपने के बाद से फ्रांस एकमात्र ऐसा यूरोपीय राष्ट्र है जिसके पास महत्वपूर्ण क्षेत्रीय संपत्ति या प्रशांत क्षेत्र में स्थायी सैन्य उपस्थिति है.

    लेकिन फ्रांस और यूरोपीय संघ के अधिकारियों ने कहा है कि यह समझौता चीन के बढ़ते प्रभाव को कम करने के प्रयास पर सवाल उठाता है.

  20. शंघाई सहयोग संगठन में मोदी का भाषण, अफ़ग़ानिस्तान पर क्या कहा?

    भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शंघाई सहयोग संगठन को संबोधित कर रहे हैं. इस मौक़े पर उन्होंने संगठन के नए सदस्य ईरान का स्वागत किया.

    उन्होंने कहा, इस साल हम शंघाई सहयोग संगठन की 20वीं वर्षगांठ मना रहे हैं. यह ख़ुशी की बात है कि इस शुभ अवसर पर हमारे साथ नए मित्र जुड़ रहे हैं.

    उन्होंने कहा, "मैं ईरान का नए सदस्य देश के रूप में स्वागत करता हूँ. मैं तीनों नए डायलॉग पार्टनर्स – सऊदी अरब, मिस्र और क़तर का भी स्वागत करता हूँ."

    उन्होंने कहा, शंघाई सहयोग संगठन की 20वीं वर्षगाँठ इस संस्था के भविष्य के बारे में सोचने के लिए सही अवसर है. उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में सबसे बड़ी चुनौतियाँ शांति, सुरक्षा और ट्रस्ट-डेफिसिट से जुड़ी है और इन समस्याओं का मूल कारण बढ़ता हुआ चरमपंथ है.

    प्रधानमंत्री ने अफ़ग़ानिस्तान में मौजूदा हाल को इसका सबसे ताज़ा उदाहरण बताया,

    उन्होंने कहा, "अफ़ग़ानिस्तान में हाल के घटनाक्रम ने इस चुनौती को और स्पष्ट कर दिया है."

    पीएम मोदी ने कहा, "भारत में और शंघाई सहयोग के लगभग सभी देशों में, इस्लाम से जुड़ी उदारवादी और सहिष्णु संस्थाएं और परम्पराएँ हैं. संगठन को इनके बीच एक मजबूत नेटवर्क विकसित करने के लिए काम करना चाहिए."

    प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत मध्य एशिया के साथ अपनी कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है.

    उन्होंने कहा भारत का यह मानना है कि ज़मीनी मार्ग से जुड़े मध्य एशियाई देशों को भारत के विशाल बाज़ार से जुड़ कर काफी लाभ हो सकता है. हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट कहा कि कनेक्टिविटी की कोई भी पहल एकतरफ़ा नहीं हो सकती.

    उन्होंने कहा, "आपसी विश्वास सुनिश्चित करने के लिए पारदर्शिता और साझेदारी होनी चाहिए."