टाइम मैगज़ीन की 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची में मोदी, ममता और अदार पूनावाला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला को टाइम मैगज़ीन ने साल 2021 के 100 सबसे अधिक प्रभावशाली व्यक्तियों की सूची में शामिल किया है.

लाइव कवरेज

भूमिका राय, पवन सिंह अतुल and शुभम किशोर

  1. तालिबान के नेता अब्दुल ग़नी बरादर ग़ायब हो गए हैं?

  2. चीन की बैसाखी के सहारे क्या तालिबान देश संभाल लेगा?

  3. ब्रिटेन ने चीनी राजदूत पर लगाई पाबंदी, चीन ने बताया 'अपमानजनक और कायराना' फ़ैसला

  4. दिवाली पर दिल्ली में नहीं होगी पटाखों की गूंज, सीएम केजरीवाल ने लगाया पूर्ण प्रतिबंध

    अरविंद केजरीवाल

    दिल्ली में इस साल भी दिवाली पर पटाखे फोड़ने की अनुमति नहीं होगी.

    दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करके इसकी जानकारी दी है.

    उन्होंने ट्वीट किया है- पिछले 3 साल से दीवाली के समय दिल्ली के प्रदूषण की ख़तरनाक स्थिति को देखते हुए, पिछले साल की तरह इस बार भी हर प्रकार के पटाखों के भंडारण, बिक्री एवं उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जा रहा है. जिससे लोगों की ज़िंदगी बचाई जा सके.

    एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा है- पिछले साल व्यापारियों द्वारा पटाखों के भंडारण के पश्चात प्रदूषण की गंभीरता को देखते हुए देर से प्रतिबंध लगाया गया जिससे व्यापारियों का नुकसान हुआ था. सभी व्यापारियों से अपील है कि इस बार पूर्ण प्रतिबंध को देखते हुए किसी भी तरह का भंडारण न करें.

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  5. 24 सितंबर से भारत में मिलेगा नया आईफ़ोन, जानिए कितनी होगी क़ीमत

    आईफ़ोंस

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    एप्पल के कल लांच हुए आईफ़ोंस, 24 सितंबर से भारत में बिकने शुरु हो जाएंगे.

    एप्पल ने मंगलवार को कैलिफ़ोर्निया में आईफ़ोन 13, आईफ़ोन 13 मिनी, आईफ़ोन 13 प्रो और आईफ़ोन 13 प्रो मैक्स को लांच किया था.

    ये सभी फ़ोन भारत में उपलब्ध होंगे और इनकी कीमतें 69,900 रुपये से शुरू होंगी.

    एप्पल ने एक बयान में कहा, “ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, चीन, जर्मनी, भारत, जापान, यूके, यूएस और 30 अन्य देशों के ग्राहक नए लांच हुए फ़ोन अगले शुक्रवार यानी 24 सितंबर से ख़रीद सकेंगे.”

    कंपनी ने बताया कि भारत में आईफोन-13 की कीमत 79,900 रुपये होगी जबकि आईफोन 13 मिनी 69,900 रुपये में मिलेगा.

    आईफ़ोन 13 प्रो और आईफ़ोन 13 प्रो मैक्स में बेहतर इंटरनेट स्पीड के लिए 5G की सुविधा भी होगी.

    काउंटरपॉइंट रिसर्च के निदेशक तरुण पाठक ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, “ये एप्पल की धमाकेदार पेशकश है. पर मेरा मानना है कि भारतीय बाज़ार में फ़िलहाल आईफ़ोन 12 की बिक्री बढ़ती रहेगी. क्योंकि पिछली तिमाही तक भारत में आईफ़ोन की कुल बिक्री का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा आईफ़ोन-11 का था.“

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  6. चचेरे भाई प्रिंस पासवान पर रेप के मामले में FIR पर क्या बोले चिराग पासवान?

    चिराग पासवान

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    लोक जनशक्ति पार्टी के सांसद और चिराग पासवान के चचेरे भाई प्रिंस राज पर दिल्ली में एक रेप का केस दर्ज हुआ है.

    चचेरे भाई प्रिंस पासवान पर दायर केस पर पूछे जाने पर, चिराग पासवान ने कहा है कि – उन्होंने दोनों पक्षों की बात सुनी थी और उन्हें पुलिस के पास जाने की सलाह दी थी.

    उन्होंने कहा कि मैं आज भी वही बात दोहराता हूं कि पीड़िता को न्याय मिले.

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    चिराग पासवान ने कहा “मैंने दोनों पक्षों को सुना था और उन्हें पुलिस के पास जाने की सलाह दी थी. जो दोषी है उसे सजा मिलनी ही चाहिए. मैं पहला व्यक्ति हूं जिसने सुझाव दिया था कि यह आपराधिक मामला है और उन्हें पुलिस के पास जाना चाहिए."

    इससे पहले महिला के आरोप के आधार पर दिल्ली हाई कोर्ट ने 14 सितंबर को लोक जनशक्ति पार्टी के नेता प्रिंस राज पर आईपीसी की धारा 376, 376, 376 (2)(के), 506, 201, 120बी के तहत केस दर्ज करने का आदेश दिया था.

    गिरफ़्तारी से बचने के लिए प्रिंस राज ने अंतरिम ज़मानत की दी थी. अब इस मामले की सुनवाई गुरुवार को होनी है.

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  7. तालिबान को दोबारा अपने पैरों पर खड़ा करने में पाकिस्तान की भूमिका - अमेरिकी सीनेटर

    मार्को रुबियो

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    अमेरिका में रिपब्लिकन पार्टी के सीनेटर मार्को रुबियो ने अफ़ग़ानिस्तान में पाकिस्तान की भूमिका और भारत पर इसके असर पर चिंता ज़ाहिर की है.

    रुबियो ने अमेरिकी कांग्रेस की सुनवाई के दौरान कहा, "अमेरिका, तालिबान को दोबारा अपने पैरों पर खड़ा करने में पाकिस्तान की भूमिका को नज़रअंदाज़ करने का दोषी है. अगर आप इसे भारत के नज़रिए से देखें तो आप कहेंगे - अमेरिका ने पाकिस्तान अपनी स्थिति मज़बूत करने की खुली छूट दी. "

    अमेरिकी सीनेटर ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान की मौजूदा स्थिति और काबुल में लिए जा रहे फ़ैसलों में पाकिस्तान की भूमिका है औ इससे भारत को अच्छा संदेश नहीं जाएगा.

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    रुबियो ने अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन से कहा कि तालिबान को मज़बूत बनाने में पाकिस्तान की भूमिका एक तरह से पाकिस्तान की सरकार में तालिबान समर्थक चरमपंथियों की जीत है.

    अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन पहली बार 24 सितंबर को क्वाड शिखर सम्मेलन की मेज़बानी करेंगे. जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन और जापान के प्रधान मंत्री योशीहिदे सुगा शामिल होंगे.

    व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव जेन साकी ने सोमवार को कहा कि चारों नेता हिंद-प्रशांत महासागर में साझेदारी को बढ़ावा देने, जलवायु संकट से निपटने, अपने संबंधों को मज़बूत करने, कोविड 19 से निपटने जैसे क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा करेंगे.

  8. राकेश टिकैत ने ओवैसी को बताया बीजेपी के चचाजान, पूछा इनपर क्यों नहीं होता केस?

    राकेश टिकैत

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    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुछ दिन पहले अपने भाषण में 'अब्बा जान' शब्द का इस्तेमाल किया था. अब मंगलवार को किसान नेता राकेश टिकैत ने असदुद्दीन ओवैसी को बीजेपी का 'चचा जान' बताया है.

    किसान नेता राकेश टिकैत ने बागपत में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि बीजेपी के चचा जान(असदुद्दीन ओवैसी) उत्तर प्रदेश आ गए हैं.

    टिकैत ने कहा कि ये (बीजेपी) उसका सहारा लेंगे. इनका उनको आशीर्वाद है. वह गाली देंगे ये मुकदमा दर्ज़ नहीं करेंगे. वह किसानों को यहां बर्बाद करेंगे. ये सब ए और बी टीम है. आपको इनकी चाल समझने की ज़रूरत है.

    राकेश टिकैत

    योगी का 'अब्बाजान' वाला बयान

    दरअसल, सोमवार 13 सितंबर को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुशीनगर में एक रैली के दौरान पहले की सरकारों पर तुष्टीकरण का आरोप लगाया था.

    उन्होंने कहा था कि बीजेपी की सरकार ने हर ग़रीब को बिना किसी भेदभाव के शौचालय और राशन दिया.

    योगी ने कहा, "क्या ये राशन 2017 के पहले भी मिलता था?...क्योंकि तब तो अब्बाजान कहने वाले राशन हजम कर जाते थे. तब कुशीनगर का राशन नेपाल पहुंच जाता था, बांग्लादेश पहुंच जाता था."

    उन्होंने कहा, ''अब ग़रीबों का राशन कोई नहीं निगलेगा...तो राशन नहीं निगल पाएगा, लेकिन जेल चला जाएगा."

    उनके 'अब्बाजान' वाले बयान के बाद से राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के दौर शुरू हो गए हैं.

  9. उत्तर कोरिया ने दाग़े दो बैलिस्टिक मिसाइल – दक्षिण कोरिया

    कोरिया

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    उत्तर कोरिया ने ईस्ट सी में दो बैलिस्टिक मिसाइल दाग़े हैं.

    योनहैप न्यूज़ के मुताबिक दक्षिण कोरिया के जॉइंट चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ ने इसकी पुष्टि की है. दक्षिण कोरिया के संयुक्त सेना प्रमुख ने पहले कहा था कि एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल दाग़ा गया है.

    जापान के कोस्ट गार्ड ने भी ख़बर दी है कि कोई चीज़ फ़ायर की गई है जो कि बैलिस्टिक मिसाइल हो सकती है.

    बैलिस्टिक मिसाइल दाग़ना संयुक्त राष्ट्र के उन प्रावधानों का उल्लंघन है जिन्हें उत्तर कोरिया की परमाणु गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए बनाया गया था.

    हालांकि दक्षिण कोरिया और जापान को इस बारे में और कोई जानकारी नहीं है.

    कुछ दिन पहले ही उत्तर कोरिया ने लंबी दूरी की एक क्रूज़ मिसाइल का परीक्षण किया था जिसकी क्षमता ज़्यादातर जापान को निशाना बनाने की है.

    जानकारों का कहना है कि क्रूज़ मिसाइल के ज़रिए परमाणु हथियार भी ले जाया जा सकता है.

    संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद क्रूज़ मिसाइलों के परीक्षण पर रोक नहीं लगाता है. लेकिन बैलिस्टिक मिसाइलों को संयुक्त राष्ट्र ज़्यादा ख़तरनाक मानता है क्योंकि वे ज़्यादा बड़े और ताक़तवर हथियार ले जा सकते हैं. इनकी क्षमता ज़्यादा दूर तक और तेज़ी से मार करने की होती है.

  10. कोरोना अपडेट: बीते 24 घंटे में भारत में कोरोना की स्थिति

    कोरोना

    भारत में बीते 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के 27,176 नए मामले सामने आए हैं जबकि इसी समय के दौरान 284 लोगों की मौत हुई है.

    स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों में बताया है कि 24 घंटे के दौरान इस बीमारी से 38,012 लोग ठीक भी हुए हैं.

    भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के कारण अब तक 4.43 लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.

  11. तालिबान के क़ब्ज़े के एक महीने पूरे, अफ़ग़ानिस्तान में क्या-क्या हुआ

    अफ़ग़ानिस्तान

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    अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान के कब्ज़े को एक महीना हो गया है. बीते महीने की 15 तारीख़ को ही तालिबान ने अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल पर कब्ज़ा किया था. उम्मीद की जा रही थी कि तालिबान लड़ाकों के लिए काबुल पर कब्ज़ा करना मुश्किल होगा लेकिन अमेरिकी सैनिकों की वापसी के साथ ही तालिबान ने महज़ कुछ दिनों में ही पूरे देश पर कब्ज़ा कर लिया.

    बीते एक महीने में अफ़ग़ानिस्तान में क्या कुछ बदला-

    15 अगस्त 2021 - तालिबान लड़ाकों ने राजधानी काबुल में प्रवेश किया. देखते ही देखते उन्होंने पूरे काबुल को अपने कब्ज़े में ले लिया. यह इतना त्वरित था कि दुनिया आश्चर्यचकित रह गई.

    15 अगस्त को जब तालिबान लड़ाके काबुल की घेराबंदी कर रहे थे तभी राष्ट्रपति अशरफ़ ग़नी अचानक देश छोड़ गए थे.

    अफ़ग़ानिस्तान छोड़कर जाने की इच्छा रखने वाले विदेशियों, अफ़ग़ानों का हुजूम काबुल के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर जमा हो गया, जिससे अफ़रा-तफ़री मच गई. कई लोग इसमें मारे गए और कई घायल हुए.

    तालिबान

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    17 अगस्त 2021- अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अफ़ग़ानिस्तान से अमेरिकी सेना की वापसी पर अपनी चुप्पी तोड़ी. इसके साथ ही अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान की सत्ता में वापसी पर भी मुहर लग गई.

    हवाई अड्डे और उसके बाहर सैकड़ों की संख्या में इंतज़ार करते लोगों की तस्वीरों और हवाई जहाज़ के साथ भागते, उसके डैनों पर चढ़ने की कोशिश करते लोगों की तस्वीरों और फुटेज ने दुनिया भर में सुर्खियां बटोरीं. अफ़ग़ानिस्तान के हालात के लिए वॉशिंगटन की नीति की आलोचना भी हुई.

    तालिबान के प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने अफ़गान नागरिकों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आश्वासन दिया कि उनका नया शासन पहले से जुदा होगा और महिलाओं के अधिकारों का सम्मान किया जाएगा.

    18 अगस्त 2021 - पूर्वी शहर जलालाबाद में तालिबान विरोधी प्रदर्शन हुए जिसमें कुछ लोगों के मारे जाने की भी ख़बर आयी.

    19 अगस्त 2021 - काबुल हवाई अड्डे पर अफ़रा-तफ़री जारी रही. हवाई अड्डे के एक हिस्से पर मौजूद तालिबान लड़ाकों की फ़ायरिंग से भगदड़ मच गई.

    तालिबान के आश्वासन के बावजूद विदेशी सेना की मदद करने वालों से पूछताछ और हिंसा की ख़बरें आती रहीं.

    असदाबाद और काबुल में तालिबान विरोधी प्रदर्शन हुए.

    21 अगस्त 2021- तालिबान ने कहा कि वो तालिबान लड़ाकों के अत्याचारों की रिपोर्ट की जांच करेगा. उसने एकबार फिर आश्वासन दिया कि वह लोगों के अधिकारों की रक्षा करेगा. उन्होंने कहा कि हवाई अड्डे की अव्यवस्था उनकी वजह से नहीं है. उन्होंने दावा किया कि जो लोग जाना चाहते हैं और जिनके पास दस्तावेज़ हैं, वे उन्हें सुरक्षित जाने दे रहे हैं.

    तालिबान

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    23 अगस्त 2021 - हाजी मोहम्मद इदरीस को आर्थिक उथल-पुथल के बीच केंद्रीय बैंक का कार्यवाहक गवर्नर नामित किया गया.

    24 अगस्त 2021 - विश्व खाद्य कार्यक्रम ने कहा कि कोरोना और सूखे की मार के कारण देश में लाखों लोग भुखमरी का सामना कर सकते हैं.

    26 अगस्त 2021 - काबुल हवाई अड्डे के पास एक आत्मघाती हमले में 13 अमेरिकी सैनिकों सहित क़रीब सौ से अधिक लोग मारे गए. इस्लामिक स्टेट की एक स्थानीय शाखा ने हमले की ज़िम्मेदारी ली.

    27अगस्त 2021 - अमेरिका ने ड्रोन हमला किया.

    29 अगस्त - अमेरिका ने दावा किया कि ड्रोन हमले में एक संदिग्ध आत्मघाती हमलावर को निशाना बनाया गया.जिसके बारे में पेंटागन ने कहा था कि वह काबुल हवाई अड्डे पर हमला करने की तैयारी कर रहा था.

    वहीं इस हादसे में आम नागरिकों के मारे जाने को लेकर सवाल उठे. तालिबान ने बाद में हमले की निंदा की और कहा कि इस हमले में नागरिक हताहत हुए.

    30 अगस्त 2021 - यूएस सेंट्रल कमांड के प्रमुख जनरल फ्रैंक मैकेंज़ी ने 20 साल तक चले युद्ध को समाप्त करते हुए अमेरिकी सेना की पूर्ण वापसी की घोषणा की.

    तालिबान ने जश्न मनाया.

    तालिबान

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    31 अगस्त 2021 - बैंकों के बाहर लंबी कतारें, स्टेपल की बढ़ती कीमतें और अफ़ग़ानिस्तान छोड़ने की हर संभव कोशिश करते लोगों की तस्वीरें लगातार आती रहीं.

    3 सितंबर 2021 - तालिबान ने दावा किया कि उन्होंने काबुल के उत्तर में पंजशीर प्रांत पर कब्ज़ा कर लिया है. पंजशीर के लड़ाकों ने कहा कि वे अभी भी डटे हुए हैं.

    4 सितंबर 2021 - सहायता उड़ानों और घरेलू सेवाओं के लिए काबुल हवाई अड्डे को फिर से शुरू किया गया.

    तालिबान

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    7 सितंबर 2021 - तालिबान ने अपनी नई सरकार की घोषणा की और इसके साथ ही हफ़्तों की बातचीत और अटकलों का दौर समाप्त हो गया. मुल्ला मोहम्मद हसन अखुंद को प्रधानमंत्री पद, मुल्ला अब्दुल ग़नी बरादर को उप प्रधानमंत्री बनाया गया.

    9 सितंबर 2021 - नई तालिबान सरकार के तहत पहली वाणिज्यिक अंतरराष्ट्रीय उड़ान काबुल से 100 से अधिक विदेशियों को लेकर रवाना हुई.

    13 सितंबर 2021 - दुनिया के कुछ देशों ने अफ़ग़ानिस्तान के लिए क़रीब एक अरब डॉलर सहायता राशि देने का वादा किया.

    14 सितंबर - कंधार में लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया.

  12. तालिबान की अंतरिम सरकार में पड़ी फूट, मुल्ला ग़नी बरादर नाराज़- सूत्र

    दोहा समझौते में मुल्ला ग़नी बरादर की अहम भूमिका रही है

    इमेज स्रोत, AFP

    तालिबान की अंतरिम सरकार में आपसी फूट पड़ गई है. तालिबान के सीनियर अधिकारी ने ये बात बीबीसी को बताई है.

    उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति भवन में तालिबान के सह-संस्थापक मुल्ला ग़नी बरादर के समूह और एक कैबिनेट सदस्य के बीच कहासुनी हुई है.

    हाल के दिनों में मुल्ला बरादर सार्वजनिक रूप से नहीं दिखे हैं. इसके बाद से ही क़यास लगाए जा रहे हैं कि तालिबान में नेतृत्व को लेकर असहमति सतह पर आ गई है.

    हालांकि इन ख़बरों को तालिबान ने आधिकारिक रूप से ख़ारिज किया है.

    तालिबान ने पिछले महीने अफ़ग़ानिस्तान पर कब्ज़ा कर लिया था और अफ़ग़ानिस्तान को इस्लामिक गणतंत्र से इस्लामिक अमीरात बनाने की घोषणा की थी. तालिबान ने सात सितंबर को नई कैबिनेट की घोषणा की थी जिसमें सभी पुरुष हैं और शीर्ष पर वे हैं जो पिछले दो दशकों में अमेरिकी बलों पर हमले के लिए कुख्यात रहे हैं.

    बीबीसी संवाददाता ख़ुदाई नूर नसर की यह रिपोर्ट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.

  13. हैती- राष्ट्रपति मोइज़ की हत्या की जांच के बीच प्रधानमंत्री हेनरी के देश छोड़ने पर प्रतिबंध

    हैती

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    हैती के प्रधान मंत्री एरियल हेनरी के देश छोड़कर जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.

    राष्ट्रपति जोवेनेल मोइज़ की हत्या में उनकी कथित भागीदारी की जांच के कारण उन पर यह प्रतिबंध लगाया गया है.

    अभियोजक पक्ष की ओर से हेनरी पर आरोप तय किये जाने की मांग भी की गई है. साथ ही उनकी मांग है कि एरियल हेनरी राष्ट्रपति मोइज़ की हत्या करने वाले एक मुख्य संदिग्ध जोसेफ़ फ़ेलिक्स बेडियो के साथ अपने संबंधों पर भी स्पष्टीकरण दें.

    अभियोजन पक्ष का कहना है कि रिकॉर्ड बताते हैं कि राष्ट्रपति की हत्या के कुछ ही घंटों बाद दोनों ने एक-दूसरे को कई बार कॉल की थी.

    राष्ट्रपति जोवेनेल मोइज़ की 7 जुलाई को उनके घर में घुसकर कुछ हमलावरों ने हत्या कर दी थी.

    हथियारों से लैस कई हमलावरों ने पोर्ट-ओ-प्रिंस के पहाड़ियों में बसे राष्ट्रपति के घर पर हमला किया था. बताया गया था कि हमलावर "विदेशी थे. वे अंग्रेज़ी और स्पैनिश में बात कर रहे थे."

    मजिस्ट्रेट कार्ल हेनरी डेस्टिन ने नोवलिस्ट अख़बार को बताया था कि राष्ट्रपति मोइज़ के शरीर में 12 गोलियों के निशान पाए गए थे. ये निशान उनके माथे, सीने, पेट और पीठ के नीचे थे.

    उनकी मृत्यु से हैती में राजनीतिक संकट पैदा हो गया है.

    राजनीतिक संकट से जूझ रहे देश को एक और बड़ा झटका तब लगा जब पिछले महीने हैती के दक्षिणी हिस्से में आए भयानक भूकंप ने जन-जीवन तबाह कर दिया.

  14. तालिबान

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    तालिबान ने अफ़ग़ानिस्तान को करोड़ों डॉलर की आपातकालीन सहायता देने के लिए दुनिया को शुक्रिया कहा है और साथ ही अमेरिका से ग़रीब देशों के प्रति "बड़ा दिल" रखने का आग्रह किया है.

    न्यूज़ एजेंसी एएफ़पी की ख़बर के मुताबिक, जेनेवा में सोमवार को हुआ डोनर कॉन्फ़्रेंस अफ़ग़ानिस्तान को 1.2 बिलियन डॉलर की सहायता दिये जाने के वादे के साथ समाप्त हुआ.

    मौजूदा समय में अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान का शासन है और राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक मोर्चे पर देश मुश्किल दौर से गुज़र रहा है.

    हालांकि अफ़ग़ानिस्तान लंबे समय से दुनिया के तमाम देशों द्वारा दी जाने वाली सहायता पर निर्भर है, लेकिन वर्तमान में अफ़ग़ानिस्तान आर्थिक संकट से जूझ रहा है.

    स्थिति इस क़दर दयनीय हो चुकी है कि सरकारी कर्मचारियों को महीनों से वेतन नहीं मिला है और लोगों को खाने-पीने की चीज़ों को ख़रीदने में भी मुश्किल पेश आ रही है.

    नव-निर्वाचित तालिबान शासन के कार्यवाहक विदेश मंत्री आमिर ख़ान मुत्तक़ी ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अफ़ग़ानिस्तान को जितनी भी सहायता राशि मिलेगी, तालिबान उसे समझदारी के साथ ख़र्च करेगा. उन्होंने कहा कि सहायता राशि का इस्तेमाल ग़रीबी दूर करने के लिए किया जाएगा.

    मुत्तक़ी ने कहा, "हम अफ़ग़ानिस्तान के लिए दुनिया के क़रीब एक अरब डॉलर की सहायता के वादे के लिए धन्यवाद करते हैं और उनसे सहायता को आगे भी जारी रखने की अपील करते हैं."

    उन्होंने कहा "इस्लामिक अमीरात पूरी तरह से पारदर्शी तरीक़े से ज़रूरतमंद लोगों तक यह सहायता पहुंचाने की कोशिश करेगा."

    मुत्तक़ी ने अमेरिका को संबोधित करते हुए तालिबान की सराहना करने की भी बात कही.

    उन्होंने कहा कि अमेरिका को तालिबान की इस बात के लिए सराहना करनी चाहिए कि तालिबान ने उन्हें पिछले महीने सेना की वापसी और हज़ारों लोगों को निकालने की अनुमति दी.

    अफ़ग़ान

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    अपने संबोधन में उन्होंने आगे कहा, "अमेरिका एक बड़ा देश है और उनके पास एक बड़ा दिल भी होना चाहिए."

    मुत्तक़ी ने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान सूखे का भी सामना कर रहा है. उन्होंने बताया कि पाकिस्तान, क़तर और उज़्बेकिस्तान जैसे देशों से उन्हें पहले ही सहायता मिल चुकी है. हालांकि यह सहायता कैसी है और कितनी है इस संबंध में उन्होंने विस्तार से कुछ नहीं बताया.

    उन्होंने बताया कि चीन के राजदूत के साथ तालिबान की सरकार ने कोरोना वायरस वैक्सीन के संबंध में बात की है और इसके अलावा दूसरी मानवीय सहायता के लिए भी चीन के राजदूत से संपर्क किया गया है. उन्होंने दावा किया कि चीन ने 15मिलियन डॉलर की सहायता देने का वादा किया है.

    अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान के कब्ज़े के बाद से विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने अफ़ग़ानिस्तान की फ़ंडिंग को रोक दिया है. इसके अलावा अमेरिका ने भी अपनी सहायता पर विराम लगा दिया है.

  15. नमस्कार!

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