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अफ़ग़ानिस्तान को लेकर ब्रिटेन और यूएन चिंतित, MI5 प्रमुख ने कहा- बढ़ सकता है ख़तरा

अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान के सत्ता में आने को लेकर MI5 प्रमुख ने कहा- जिस तरह तालिबान ने अफ़ग़ानिस्तान पर कब्ज़ा किया, उससे ब्रिटेन में भी चरमपंथियों को "मज़बूती मिल सकती है".

लाइव कवरेज

मोहम्मद शाहिद, शुभम किशोर and कमलेश मठेनी

  1. यूपी चुनाव में मुख़्तार अंसारी का मायावती ने टिकट काटा, कहा- माफ़िया को चुनाव नहीं लड़ाएंगे

    बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने ट्वीट करके जानकारी दी है कि उनकी पार्टी अब किसी भी ‘बाहुबली या माफ़िया’ को टिकट नहीं देगी.

    इसके तहत अब मऊ सीट से पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भीम राजभर चुनाव लड़ेंगे जिससे अब तक बाहुबली नेता मुख़्तार अंसारी चुनाव लड़ते थे.

    मायावती ने पार्टी की साफ़ छवि का संकल्प लेते हुए ट्वीट किया है, “बीएसपी का अगामी यूपी विधानसभा आमचुनाव में प्रयास होगा कि किसी भी बाहुबली व माफ़िया आदि को पार्टी से चुनाव न लड़ाया जाए. इसके मद्देनजर ही आज़मगढ़ मण्डल की मऊ विधानसभा सीट से अब मुख़्तार अंसारी का नहीं बल्कि यूपी के बीएसपी स्टेट अध्यक्ष श्री भीम राजभर के नाम को फ़ाइनल किया गया है.”

    अगले ट्वीट में उन्होंने लिखा कि पार्टी प्रभारियों से अपील की गई है कि वे पार्टी उम्मीदवारों का चयन करते समय इस बात का ख़ास ध्यान रखें ताकि सरकार बनने पर ऐसे तत्वों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई करने में कोई भी दिक्कत न हो.

    मायावती ने अगले ट्वीट में लिखा कि बीएसपी का संकल्प ’क़ानून द्वारा क़ानून का राज’ के साथ ही यूपी की तस्वीर को भी अब बदल देने का है.

    मुख़्तार अंसारी इस समय मऊ सीट से ही बीएसपी के विधायक हैं जो कि बांदा जेल में बंद हैं. उनके ऊपर 50 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं.

  2. ब्रेकिंग न्यूज़, भारत में कोरोना संक्रमण के 34,973 नए मामले, 260 मौतें

    भारत में शुक्रवार को बीते 24 घंटों के दौरान कोरोना संक्रमण के 34,973 नए मामले सामने आए जबकि 260 लोगों की इसके कारण मौत हुई.

    कोरोना महामारी के कारण देश में अब तक 4,42,009 लोगों की मौत हो चुकी है.

    स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों में बताया गया है कि बीते 24 घंटों के दौरान इस बीमारी से 37,681 लोग ठीक भी हुए हैं.

    वहीं, देश में अब तक 72 करोड़ से अधिक कोरोना वायरस वैक्सीन के टीके लगाए जा चुके हैं.

  3. मुल्ला उमर का इंटरव्यू करने वाले पत्रकार रहीमुल्लाह यूसुफ़ज़ई का निधन

    पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार रहीमुल्लाह यूसुफ़ज़ई का गुरुवार को लंबी बीमारी के बाद पेशावर में निधन हो गया.

    उनके बेटे अरशद यूसुफ़ज़ई ने ट्वीट करके उनके निधन की जानकारी दी.

    अरशद यूसुफ़ज़ई ने लिखा, “मेरे पिता रहीमुल्लाह यूसुफ़ज़ई का कैंसर से एक लंबी लड़ाई के बाद निधन हो गया. उनका अंतिम संस्कार शुक्रवार 11 सितंबर को सुबह 11 बजे मर्दान ज़िले में उनके गांव इंज़ारगई में किया जाएगा.”

    रहीमुल्लाह यूसुफ़ज़ई पेशावर में ‘द न्यूज़’ के रेज़िडेंट एडिटर थे और अंतरराष्ट्रीय अख़बारों व पत्रिकाओं के लिए भी लिखते थे. उन्होंने लंबे समय तक बीबीसी उर्दू और बीबीसी पश्तो के साथ भी काम किया.

    वह एकमात्र ऐसे पत्रकार थे जिन्होंने अफ़ग़ान तालिबान के सर्वोच्च नेता मुल्ला मोहम्मद उमर का साक्षात्कार लिया था. वो अल-क़ायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन से मिले थे.

    उन्होंने कई अफ़ग़ान और पाकिस्तान तालिबान से ना सिर्फ़ मुलाक़ात की थी बल्कि उनका इंटरव्यू भी लिया था.

    रहीमुल्लाह यूसुफ़ज़ई पिछले एक साल से बीमार थे और पेशावर में उनका इलाज चल रहा था.

    रहीमुल्लाह यूसुफ़ज़ई का जन्म 1954 में हुआ था. उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा गांव में ही ली और फिर आगे की पढ़ाई के लिए पेशावर आ गए थे.

  4. जो बाइडन और शी जिनपिंग के बीच सात महीनों में पहली बार हुई बात

    अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की सात महीनों बाद पहली बार फ़ोन पर बातचीत हुई है.

    व्हाइट हाउस के एक बयान में कहा गया है कि उन्होंने "व्यापक, रणनीतिक चर्चा की जिसमें उन क्षेत्रों पर बात की गई जहां हमारे हित मिलते हैं".

    जो बाइडन के राष्ट्रपति बनने के बाद ये दूसरा मौका है जब दोनों नेताओं ने फ़ोन पर बात की है.

    व्यापार, जासूसी और महामारी जैसे मसलों को लेकर अमेरिका और चीन के बीच तनाव रहा है.

    व्हाइट हाउस ने कहा, “जैसा की राष्ट्रपति बाइडन ने स्पष्ट किया है ये चर्चा अमेरिका और चीन के बीच चल रही प्रतिस्पर्धा को ज़िम्मेदाराना तरीक़े से संभालने के लिए किए गए प्रयास का हिस्सा है.”

    “दोनों नेताओं ने उनकी ज़िम्मेदारी को लेकर चर्चा की ताकि ये सुनिश्चित किया जा सके कि प्रतिस्पर्धा संघर्ष में ना बदल जाए.”

    इस साल की शुरुआत में अमेरिकी और चीनी अधिकारियों के बीच हुई मुलाक़ात बहुत तनावभरी रही थी. दोनों ही तरफ़ से आरोप लगाए गए थे.

    चीनी अधिकारियों ने अमेरिका पर "चीन पर हमला करने के लिए" देशों को उकसाने का आरोप लगाया था, जबकि अमेरिका ने कहा था कि चीन बस दूसरों का ध्यान अपनी तरफ़ खींचना चाहता है.

  5. विरोध प्रदर्शन कवर कर रहे दो पत्रकारों को तालिबान ने बुरी तरह पीटा

    अफ़ग़ानिस्तान में दो पत्रकारों का कहना है कि विरोध प्रदर्शनों की रिपोर्टिंग करने के चलते तालिबान उन्हें पकड़कर ले गए और कोड़ों से उनकी पिटाई की.

    एटिलाट्रोज़ अख़बार के दो पत्रकारों की कुछ तस्वीरें सामने आई हैं जिनमें गिरफ़्तारी के बाद उनके शरीर पर बुरी तरह मारपीट और चोट के निशान नज़र आ रहे हैं.

    इनमें से एक पत्रकार ताक़ी दरयाबी ने बीबीसी को बताया कि उन्हें ज़िला पुलिस थाने में ले जाया गया जहां उनके साथ मारपीट हुई.

    बुधवार को बीबीसी की टीम को भी वीडियो बनाने से रोक दिया गया था.

    ताक़ी दरयाबी के साथ फोटोग्राफर नेमतुल्लाह नक़दी भी थे. ये दोनों पत्रकार बुधवार को राजधानी काबुल में हुए महिलाओं के विरोध प्रदर्शन की रिपोर्टिंग कर रहे थे.

    इसके बाद उन्हें पुलिस थाने ले जाया गया जहां उन्हें डंडों, बिजली के तार और चाबुक से पीटा गया. कुछ घंटों बाद तालिबान ने बिना कुछ बताए उन्हें रिहा कर दिया.

    आठ लोगों ने पीटा

    ताक़ी दरयाबी ने बीबीसी के सिकंदर किरमानी को काबुल में बताया, “वो मुझे दूसरे कमरे में ले गए और मेरे हाथ पीछे बांध दिए. मैंने ख़ुद को नहीं बचाया क्योंकि ऐसा करने पर वो मुझे और ज़्यादा मारते. इसलिए मैं पीठ के बल लेट गया ताकि शरीर के आगे के हिस्से को बचा सकूं.”

    “आठ लोग आए और उनके हाथ में जो था उन्होंने उससे मुझे मारना शुरू कर दिया. मेरे चेहरे पर आए निशान जूते के हैं जब उन्होंने मेरे चेहरे पर लात मारी थी. उसके बाद मैं बेहोश हो गया तो वो रुक गए. वो मुझे दूसरी इमारत में लेकर गए जहां कोठरियां बनी हुई थीं और मुझे छोड़कर चले गए.”

    ताक़ी दरयाबी ने बताया कि पीटने के बाद वो बेहोश हो गए थे और उसके क़रीब दो घंटे बाद उन्हें रिहा किया गया.

    उन्होंने बताया, “मैं बहुत मुश्किल से चल पा रहा था, लेकिन वो हमें जल्दी-जल्दी चलने के लिए बोल रहे थे. मुझे बहुत बुरी तरह दर्द हो रहा था.”

    'शुक्र करो तुम्हारा सिर नहीं काटा'

    नेमतुल्लाह नक़दी बताते हैं जैसे ही उन्होंने विरोध प्रदर्शनकारियों की तस्वीरें खींचना शुरू किया तभी तालिबान लड़ाकों ने उनका कैमरा छीन लिया.

    नेमतुल्लाह ने न्यूज़ एजेंसी एएफपी को बताया, “एक तालिबान ने मेरे सिर पर लात मारी और मेरा चेहरा कुचला. उन्होंने मेरे सिर पर भी लात मारी. मुझे लगा कि वो मुझे जान से मारने वाले हैं.

    जब नेमतुल्लाह ने पूछा कि उन्हें क्यों पीटा जा रहा है तो जवाब मिला, “शुक्र मनाओ कि तुम्हारा सिर नहीं काटा जा रहा.”

    एक अंतरराष्ट्रीय गैर-सरकारी संस्था सीपीजे के मुताबिक पिछले दो दिनों में 14 पत्रकारों को हिरासत में लेकर छोड़ा गया है.

  6. बड़ी कंपनियों के कर्मचारियों के लिए वैक्सीन लगाना अनिवार्य- जो बाइडन

    अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कोविड-19 से निपटने के उपायों के तहत बड़ी कंपनियों के कर्मचारियों के लिए वैक्सीन लगवाना अनिवार्य कर दिया है.

    राष्ट्रपति के आदेश में कहा गया है कि बड़ी कंपनियों के कर्मचारियों को वैक्सीन लगवानी होगी या हर हफ़्ते कोविड-19 की जांच करानी होगी.

    नए उपायों के तहत लाखों सरकारी कर्मचारियों के लिए भी वैक्सीन लगाना अनिवार्य किया गया है.

    अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन पर कोरोना के बढ़ते मामलों से निपटने का दबाव बना हुआ है जिसे देखते हुए ये उपाय अपनाए गए हैं.

    अभी तक छह लाख 50 हज़ार से ज़्यादा अमेरिकियों की कोविड-19 से मौत हो चुकी है और अस्पताल मरीज़ों से भरे पड़े हैं.

    जो बाइडन ने लोगों से वायरस से ‘आज़ादी की गर्मियों’ का वादा किया था यानी इन गर्मियों तक वायरस ख़त्म हो जाएगा, लेकिन डेल्टा वैरिएंट के कारण हालात ख़राब हो गए.

    व्हाइट हाउस में गुरुवार को अपने संबोधन के दौरान जो बाइडन ने श्रम मंत्रालय को आदेश दिया कि 100 या उससे ज़्यादा कर्मचारियों वाली निजी कंपनियों के लिए वैक्सीन लगवाना अनिवार्य किया जाए या उनके कर्मचारियों से हफ़्ते में एक बार कोविड-19 की नेगेटिव टेस्ट रिपोर्ट मंगवाई जाए.

    इस आदेश से क़रीब आठ करोड़ से ज़्यादा कर्मचारी प्रभावित होंगे.

    इसे लेकर जो बाइडन ने कहा, “ये आज़ादी या निजी चुनाव की बात नहीं है. ये आपको और आसपास मौजूद लोगों को सुरक्षित रखने के लिए है.”

  7. अमेरिका की वापसी के बाद पहली बार अफ़ग़ानिस्तान से बाहर निकले विदेशी नागरिक

    अफ़ग़ानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की पूरी तरह वापसी के बाद पहली बार दर्जनों विदेशी यात्री अफ़ग़ानिस्तान से सुरक्षित बाहर आ पाए हैं.

    इन यात्रियों को लेकर क़तर एयरवेज़ की एक फ़्लाइट गुरुवार को राजधानी दोहा पहुंची. ऐसी ही एक और फ़्लाइट शुक्रवार को आने वाली है.

    अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने हाल ही में क़तर की यात्रा के दौरान लोगों को अफ़ग़ानिस्तान से निकलने में मदद करने की अपील की थी.

    पिछले महीने अमेरिकी विमान में वो हज़ारों अफ़ग़ान नागरिक बैठने में सफल हुए थे जिन्होंने अमेरिकी सेना की अफ़ग़ानिस्तान में रहते हुए मदद की थी.

    न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक विमान में 113 लोग सवार थे.

    ब्रिटेन के विदेश मंत्री डॉमिनिक राब ने बताया कि 13 ब्रितानी नागरिक दोहा पहुंचे हैं. उन्होंने फ़्लाइट के लिए क़तर को धन्यवाद भी किया.

  8. नमस्कार!

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