कोरोना: स्कूल फिर से खोलने के लिए बच्चों को टीका देना कोई शर्त नहीं: डॉ. वीके पॉल
डॉ. वीके पॉल ने कहा कि बच्चों के लिए टीकाकरण के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन की तरफ से कोई सिफारिश नहीं है.
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मानसी दाश, अपूर्व कृष्ण and कमलेश मठेनी
9/11 की 20वीं बरसी पर डोनाल्ड ट्रंप हॉलीवुड में करेंगे बॉक्सिंग मैच की कॉमेन्ट्री
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अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस शनिवार एक नई भूमिका में दिखेंगे. वह एक बॉक्सिंग मुक़ाबले की कॉमेन्ट्री करने वाले हैं, जिसमें पूर्व विश्व चैंपियन इवेंडर होलीफ़ील्ड का मुक़ाबला विटोर बेलफ़ोर्ट से होगा.
ये एक प्रदर्शनी मैच है. इसमें उनके बेटे डोनाल्ड ट्रंप जूनियर भी कॉमेन्ट्री में अपने पिता का साथ देंगे.
ट्रंप ने एक प्रेस रिलीज़ में कहा है, “मैं महान मुक्केबाज़ों और महान मुक़ाबलों को बहुत पसंद करता हूँ. मुझे उम्मीद है कि इस शनिवार ये दोनों देखने को मिलेंगे, जहाँ मैं अपनी बातें आपसे साझा करूँगा. आप इस ख़ास आयोजन को देखने से चूकना नहीं चाहेंगे.''
ये मुक़ाबला फ़्लोरिडा राज्य के हॉलीवुड शहर में हार्ड रॉक होटल एंड कैसिनो में खेला जाएगा.
पहले ये मैच लॉस एंजिल्स में होना था, मगर मुक्केबाज़ ऑस्कर डे ला होया को कोरोना संक्रमण हो गया. उसके बाद 58 वर्षीय इवेंडर होलीफ़ील्ड को मुक़ाबले के लिए तैयार किया गया. 2011 के बाद से ये उनका पहला मुक़ाबला होगा.
डोनाल्ड ट्रंप का बॉक्सिंग से पुराना रिश्ता रहा है. पहले भी वो कई मुक़ाबले आयोजित करवाते रहे हैं, जिनमें ज़्यादातर न्यू जर्सी के अटलांटिक सिटी में उनके अपने ही कैसिनो में हुए हैं.
इस हफ़्ते शनिवार को 11 सितंबर को अमेरिका में हुए हमले की 20वीं बरसी है.
एस्ट्राज़ेनेका वैक्सीन से 'घियन बारे सिंड्रोम' का ख़तरा, लेकिन संभावना बहुत कम
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यूरोप की दवा नियामक ने कहा है कि एस्ट्राज़ेनेका की कोविड-19 वैक्सीन के साइड इफ़ेक्ट से घियन बारे
सिंड्रोम (Guillain-Barré syndrome) का ख़तरा हो सकता है.
यूरोपीय मेडिसिन एजेंसी (ईएमए) ने कहा कि घियन बारे और टीके के बीच संबंध की "कम से कम एक संभावना" है.
घियन बारे सिंड्रोम एस दुर्लभ बीमारी है जो व्यक्ति के नर्वस सिस्टम पर प्रभाव डाल सकती है. ये बीमारी पैरों, हाथों अंगों को प्रभावित करती है जिससे अंगों का सुन्न पड़ जाना, कमज़ोरी होना और दर्द जैसी समस्याएं होती हैं
लेकिन ईएमए ने कहा कि इसका दुष्प्रभाव बहुत दुर्लभ है और दस हजार लोगों में एक से कम मामले सामने आए हैं.
ईएमए ने ज़ोर देकर कहा कि टीके के लाभ संभावित जोखिमों से बहुत अधिक हैं.
जुलाई में, ईएमए ने घियन बारे सिंड्रोम को जॉनसन एंड जॉनसन वैक्सीन के इस "बेहद दुर्लभ" दुष्प्रभाव के रूप में सूचीबद्ध किया.
ये वैक्सीन एस्ट्राजेनेका की तरह एडेनोवायरस तकनीक का उपयोग करता है.
संयुक्त किसान मोर्चा का यूपी के सभी मंडल मुख्यालयों में किसान पंचायत का एलान
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इमेज कैप्शन, उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फ़रनगर में 5 सितंबर को महापंचायत के लिए जुटे किसान
संयुक्त किसान मोर्चा ने कृषि क़ानूनों और दूसरे मुद्दों के विरोध में उत्तर प्रदेश के सभी मंडल मुख्यालयों में किसान पंचायत लगाने का एलान किया है.
मोर्चा से जुड़े भारतीय किसान यूनियन के मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा कि ऐसी पहली पंचाय 29 सितंबर को शाहजहाँपुर के तिलहर में लगाई जाएगी.
उन्होंने बताया कि अन्य पंचायतों की तारीखें तय की जा रही हैं और प्रदेश के सभी 18 मंडलों में पंचायत लगाई जाएगी.
मलिक ने कहा कि किसान बिजली की बढ़ती कीमतों और चीनी कारखानों के गन्ने की राशि बकाया रखने से परेशान हैं.
संयुक्त किसान मोर्चा प्रदर्शनकारी किसानों की यूनियनों का एक गुट है जो तीन नए कृषि क़ानूनों का विरोध कर रहा है और दिल्ली सीमा पर उसके समर्थक किसान पिछले साल नवंबर से आंदोलन कर रहे हैं.
स्कूल फिर से खोलने के लिए बच्चों को टीका देना कोई शर्त नहीं: डॉ. वीके पॉल
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स्वास्थ्य मामलों पर नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने गुरुवार को कहा है कि स्कूलों को फिर से खोलने के लिए बच्चों का टीकाकरण करने की शर्त नहीं रखी गई है.
नई दिल्ली में एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान उन्होंने यह बात कही.
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, उन्होंने कहा, ''पूरी दुनिया में कहीं भी ऐसा कोई मानदंड नहीं रखा गया है. कोई भी वैज्ञानिक संस्था या महामारी विज्ञान के साक्ष्य बच्चों को कोरोना की वैक्सीन लगाने के बाद ही स्कूल खोलने की शर्त तय करने की जानकारी नहीं देते.''
उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए टीकाकरण के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन की तरफ से कोई सिफारिश नहीं है और अब तक केवल कुछ देशों में ही इसकी शुरुआत हुई है.
हालांकि डॉ. वीके पॉल ने कहा कि स्कूलों को खोलने के लिए उसेस जुड़े सभी कर्मचारियों को कोरोना का टीका लगाया जाना चाहिए, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जो सके.
डॉ. पॉल ने यह भी बताया कि ज़ायडस की वैक्सीन को मंजूरी मिलने के बाद केंद्र सरकार अब बच्चों के लिए दूसरे टीकों को मंजूरी देने का प्रयास कर रही है.
उन्होंने बताया कि बच्चों के लिए कोवैक्सीन की कोरोना वैक्सीन का ट्रायल अब अंतिम चरण के क़रीब पहुंच चुका है. इसेके अलावा बच्चों के लिए बायो-ई और नोवावैक्स की कोरोना वैक्सीन पर भी काम जारी है.
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'58 फ़ीसदी लोगों दी गई वैक्सीन की एक ख़ुराक'
डॉ. वीके पॉल ने आज की प्रेस ब्रीफिंग में बताया है कि देश में अब तक 58 फ़ीसदी वयस्कों को कोरोना वैक्सीन की एक खुराक़ दी जा चुकी है.
उन्होंने यह भी कहा कि यह आंकड़ा 100 फ़ीसदी होना चाहिए, ताकि कोई शख़्स बिना वैक्सीन के न रह सके.
इसके अलावा, नाक में दिए जाने वाले टीके के बारे में उन्होंने कहा कि इसके दूसरे और तीसरे चरण का ट्रायल चल रहा है, जबकि पहले चरण का परिणाम आशाजनक रहा है.
11 सितंबर 2001 के वो 102 मिनट जिन्होंने इतिहास बदल दिया
11 सितंबर 2001 को दो बोइंग 767 विमान न्यूयॉर्क की सबसे ऊंची 110 मंज़िला बिल्डिंग ट्विन टावर से टकराए.
पहला विमान सुबह 8.45 बजे नॉर्थ टावर से टकराया. 102 मिनट तक इसमें आग धधकती रही और फिर 10.28 मिनट पर महज़ 11 सेकेंड में यह टावर ढह गया.
पहले टावर से विमान टकराने के 18 मिनट बाद सुबह 09.03 बजे दूसरे ट्विन टावर से एक और विमान आकर टकराया. 56 मिनट तक यह टावर भी आग और धुंए से जूझता रहा, फिर अगले 9 सेकेंड में भरभरा कर गिर गया.
वीडियो कैप्शन, 11 सितंबर 2001 के वो 102 मिनट जिन्होंने इतिहास बदल दिया
ब्रेकिंग न्यूज़, फोर्ड इकोस्पोर्ट, फिगो और एस्पायर का उत्पादन होगा बंद, कंपनी ने किया पुनर्गठन का फ़ैसला
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अमेरिका की जानीमानी ऑटो कंपनी फोर्ड मोटर ने भारत में मौजूद अपने दोनों मैन्यूफैक्चरिंग प्लांटों में काम बंद करने का फ़ैसला लिया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि कंपनी चेन्नई (तमिलनाडु) और साणंद (गुजरात) के प्लांटों को बंद करने जा रही है. फोर्ड मोटर ने इन दोनों संयंत्रों पर क़रीब 2.5 अरब डॉलर का निवेश किया है.
इन संयंत्रों में इकोस्पोर्ट, फिगो और एस्पायर जैसे ब्रांडों का उत्पादन वाहनों का उत्पादन होता था. कंपनी ने अब देश में इन गाड़ियों की ब्रिक्री बंद करने का फ़ैसला लिया है.
फोर्ड देश में अब केवल 'मस्टैंग' और माक-ई जैसे आयात की हुई गाड़ियों की ही बिक्री करेगी.
सूत्रों के अनुसार, ''कंपनी के पुनर्गठन का फ़ैसला लिया गया है. कंपनी अब इन गाड़ियों को आयात कर यहां बेचेगी.''
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जिनके पास फोर्ड की गाड़ियां हैं उनका क्या?
फोर्ड मोटर के अध्यक्ष और कार्यकारी निदेशक अनुराग महरोत्रा ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा है कि देश में गाड़ियों की बिक्री गिरती जा रही है, इसके मद्देनज़र कंपनी ने अपने पुनर्गठन का फ़ैसला लिया है यानी कंपनी अपने काम करने के तरीके बदल रही है.
उन्होंने कहा कि पुनर्गठन के तहत कंपनी भारत में गाड़ियां और उनके इंजन बनाना बंद करेगी और स्थानीय स्तर पर गाड़ियां बनाने की बजाय ग्लोबल पोर्टफोलियो की तरफ बढ़ेगी.
उन्होंने कहा कि इसे ऐसा न समझा जाए कि कंपनी भारत छोड़ कर जाने वाली है, कंपनी भारत में काम करना जारी रखेगी, बस वो भारत में काम करने का अपना बिज़नेस मॉडल बदल रही है. कंपनी अब नई गाड़ियां नहीं बनाएगी लेकिन जो गाड़ियां बन कर तैयार हैं उनकी बिक्री जारी रहेगी.
उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन लोगों के पास कंपनी की गाड़ियां हैं उन्हें कंपनी की सेवाएं लगातार मिलती रहेंगी.
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इससे पहले इस साल की जनवरी में, फोर्ड मोटर और महिंद्रा एंड महिंद्रा ने अपने संयुक्त उपक्रम को ख़त्म करने का एलान किया था.
फोर्ड इंडिया की सालाना मैन्युफैक्चरिंग क्षमता 6.10 लाख इंजन और 4.40 लाख वाहन बनाने की है. इसने फिगो, एस्पायर और इकोस्पोर्ट जैसे अपने मॉडलों को दुनिया भर के 70 से अधिक देशों में निर्यात किया.
लेकिन कंपनी अब तक भारत के ऑटो मार्केट में ख़ास पहचान बनाने में कामयाब नहीं हो सकी.
बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर'
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अफ़ग़ानिस्तानः काबुल एयरपोर्ट फिर खुला, 200 अमेरिकी निकाले जाएँगे
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क़तर के अधिकारियों ने घोषणा की है कि अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें फिर से बहाल हो गई हैं.
काबुल एयरपोर्ट पर एक संवाददाता सम्मेलन मेंअधिकारियों ने कहा कि हवाईअड्डा अब 90 फ़ीसदी क्षमता के साथ चालू हो गया है और क़तर एयरवेज़ का एक विमान विदेशी यात्रियों को लेकर गुरुवार को काबुल से रवाना होगा.
अमेरिकी अधिकारियों ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया था कि कम-से-कम 200 अमेरिकी नागरिकों को देश से बाहर निकालने की अनुमति दी गई है.
संवाददाता सम्मेलन में कहा गया कि लैंडिंग उपकरण, रडार और अन्य उपकरण पूरी तरह से बहाल कर दिए गए हैं, लेकिन अभी भी कुछ तकनीकी पक्ष पर काम करना बाकी है.
15 अगस्त को तालिबान के कब्ज़े के बाद से इस तरह का यह पहला ऑपरेशन है जिसमें अमेरिकियों सहित लगभग 200 लोगों को काबुल से एयरलिफ्ट किए जाने की उम्मीद है
पत्रकारों के सवालों के जवाब देते हुए अधिकारियों ने कहा कि इसे 'निकासी' नहीं बल्कि 'मुक्त स्थानांतरण' कहना चाहिए. कतर और अमेरिका के सूत्रों का कहना है कि गुरुवार से चार्टर उड़ानें शुरू होने की उम्मीद है.
अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कतर की हालिया यात्रा के दौरान लोगों को निकालने में मदद का आग्रह किया था.
सैकड़ों अफ़ग़ान नागरिक जिन्होंने युद्ध के दौरान अमेरिकी सेना की मदद की थी उनमें से कई अब भी अफ़ग़ानिस्तान में फंसे हुए हैं.
लगभग 100 अमेरिकी नागरिकों के अफगानिस्तान में रहने का अनुमान है.
तालिबान को अनसुना कर अफ़ग़ानिस्तान में फिर प्रदर्शन, पाकिस्तान मुर्दाबाद के लगे नारे
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इमेज कैप्शन, 7 सितंबर को काबुल में पाकिस्तान दूतावास के पास प्रदर्शन करती महिलाएँ
अफ़ग़ानिस्तान के कई हिस्सों में तालिबान के घर से बाहर ना निकलने की चेतावनी के बावजूद लोगों ने प्रदर्शन किए हैं.
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आज फिर काबुल में दर्जनों प्रदर्शनकारी पाकिस्तानी दूतावास के पास जमा हुए जहाँ तालिबान बंदूकधारियों ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए गोलियाँ चलाईं.
परवान और निमरुज़ प्रांतों में भी प्रदर्शन होने के समाचार हैं.
तालिबान ने देश में प्रदर्शनों पर बिना न्याय मंत्रालय की मंज़ूरी लिए प्रदर्शन करने पर रोक लगा दी है.
लेकिन इसके बाद भी आज काबुल में पाकिस्तान दूतावास के बाहर प्रदर्शनकारी हमें चाहिए आज़ादी के नारे लगा रहे थे जिन्हें भगा दिया गया.
ऐसे ही स्थानीय मीडिया के अनुसार परवान में भी प्रदर्शन हुए जहाँ तालिबान ने गोलियाँ चलाईं.
वहाँ प्रदर्शनकारी पाकिस्तान और अमेरिका मुर्दाबाद जैसे नारे लगा रहे थे.
बुधवार को अफ़ग़ानिस्तान के बदख़्शां प्रांत में दर्जनों महिलाओं ने तालिबान के केवल पुरुषों की सरकार के विरोध में प्रदर्शन किए.
बताया जा रहा है कि वहाँ कुछ महिलाओं को पीटा भी गया और प्रदर्शन को ख़त्म करवा दिया गया.
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इमेज कैप्शन, बुधवार को अफ़ग़ानिस्तान में महिलाओं ने प्रदर्शन किए
ब्रेकिंग न्यूज़, ब्रिक्स सम्मेलन में मोदी बोले- हम उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक प्रभावकारी आवाज़
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को पाँच देशों के संगठन ब्रिक्स के शिखर सम्मेलन को संबोधित किया.
13वें ब्रिक्स सम्मेलन की अध्यक्षता भारत कर रहा है. कोरोना महामारी की वजह से शिखर सम्मेलन वर्चुअल किया गया.
भारत के अलावा इस गुट में चीन, रूस, ब्राज़ील और दक्षिण अफ़्रीका शामिल हैं.
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ब्राज़ील के राष्ट्रपति ज़ेर बोल्सोनारो और दक्षिण अफ़्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफ़ोसा ने बैठक में हिस्सा लिया.
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने आरंभिक संबोधन में कहा, "पिछले डेढ़ दशक में ब्रिक्स ने कई उपलब्धियां हासिल की हैं. आज हम विश्व की उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक प्रभावकारी आवाज़ है. विकासशील देशों की प्राथमिकताओं पर ध्यान केन्द्रित करने के लिए भी यह मंच उपयोगी रहा है.
"हमें यह सुनिश्चित करना है कि ब्रिक्स अगले 15 वर्षों में और परिणामदायी हो। भारत ने अपनी अध्यक्षता के लिए जो थीम चुना है, वह यही प्राथमिकता दर्शाता है."
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वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद के सर्वे पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने रोक लगाई
दिलनवाज़
पाशा
बीबीसी
संवाददाता
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इलाहाबाद हाई कोर्ट ने वाराणसी की ऐतिहासिक ज्ञानवापी मस्जिद के पुरातत्व सर्वे पर रोक लगा दी है.
अप्रैल में वाराणसी की सिविल जज फास्ट ट्रैक कोर्ट में आशुतोष तिवारी की अदालत ने ज्ञानवापी के पुरातत्व सर्वे का आदेश दिया था.
अब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस आदेश पर रोक लगा दी है.
मुगल बादशाह औरंगज़ेब के शासनकाल में निर्मित ये मस्जिद वाराणासी में हिंदुओं के प्रसिद्ध तीर्थ काशी विश्वनाथ मंदिर के पास स्थित है.
ज्ञानवापी मस्जिद की प्रबंधन समिति अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद के संयुक्त सचिव एम यासीन ने बीबीसी से कहा, "इलाहाबाद हाई कोर्ट का ये फ़ैसला इंसाफ़ की जीत है."
अपने फ़ैसले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस प्रकाश पाडिया ने कहा है कि इस मामले के हाई कोर्ट में लंबित रहते वाराणसी की अदालत को इस संबंध में दायर याचिका पर निर्णय नहीं लेना चाहिए था.
वाराणसी की स्थानीय अदालत ने 8 अप्रैल को दिए आदेश में पुरात्तव विभाग को ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के पुरात्त्व सर्वे का आदेश दिया था. अदालत ने यूपी सरकार से इस सर्वे का ख़र्च उठाने के लिए कहा था.
हिंदूवादी समूहों का आरोप है कि ज्ञानवापी मस्जिद ऐतिहासिक काशी विश्वनाथ मंदिर को ध्वस्त कर बनाई गई थी.
वाराणसी के हिंदूवादी समूह ज्ञानवापी मस्जिद को सोमनाथ मंदिर परिसर का हिस्सा बताते हैं और इसे ध्वस्त करके यहां मंदिर निर्माण करने की मांग करते हैं. वाराणसी की सिविल कोर्ट में इसे लेकर कई याचिकाएँ दायर की गई हैं.
इमेज कैप्शन, एम यासीन, संयुक्त सचिव, इंतेजामिया अंजुमन मस्जिद
1991 में भारत सरकार ने 1947 से पहले बने धर्मस्थलों की यथास्थिति बरकरार रखने का क़ानून पारित किया था. इस क़ानून के तहत 15 अगस्त 1947 से पहले के मंदिर-मस्जिद विवादों में यथास्थिति रहेगी और इन्हें लेकर कोई मुक़दमा नहीं चल सकता है.
साल 1991 में ही वाराणसी की सिविल कोर्ट में ज्ञानवापी मस्जिद के मालिकाना हक़ को लेकर मुक़दमा दायर किया गया था. इसी याचिका पर फ़ैसला देते हुए मस्जिद के पुरातत्व सर्वे का आदेश दिया गया था.
फिलहाल ये मस्जिद केंद्रीय बलों की सुरक्षा में है और यहां गिने-चुने लोग ही नमाज़ पढ़ते हैं.
एम यासीन के मुताबिक़ जुमे की नमाज़ में मस्जिद में भारी भीड़ होती है.
बीबीसी से बात करते हुए एम यासीन ने कहा, "इलाहाबाद हाई कोर्ट के फ़ैसले ने इंसाफ़ में हमारा यक़ीन मज़बूत किया है. अप्रैल में स्थानीय अदालत के फ़ैसले के बाद भी हमने कहा था कि हम किसी भी क़ीमत पर ज्ञानवापी का सर्वे नहीं होने देंगे."
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बीजेपी के गुंडों ने त्रिपुरा सीपीआईएम के दफ़्तरों में लगाई आग, अमित शाह कार्रवाई करें – प्रकाश करात
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सीपीआईएम के वरिष्ठ नेता प्रकाश करात ने बीजेपी पर त्रिपुरा में अपनी पार्टी के दफ़्तरों पर हमला करने और तोड़फोड़ का आरोप लगाते हुए गृह मंत्री अमित शाह से
तुरंत कार्रवाई करने की मांग की है.
समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा, “बीजेपी के गुंडों ने आठ सीपीआई
दफ़्तरों पर हमला किया और दो-तीन दफ्तरों को आग लगाकर पूरी तरह से बर्बाद कर दिया. इस हमले में हमारे 10 कॉमरेड घायल हुए हैं."
सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी ने भी एक ट्वीट में लिखा है, "राज्य सरकार की शह पर बीजेपी की बर्बर फ़ासीवादी हिंसा से लोगों का प्रतिरोध और मज़बूत हुआ है."
बुधवार को बीजेपी और सीपीआई के कार्यकर्ताओं के बीच झड़पों की ख़बरें आई थीं.
सीपीआईएम के ट्विटर हैंडल से कई वीडियो ट्वीट किए गए जिसमें दावा किया गया कि बीजेपी
कार्यकर्ताओं ने सीपीआईएम के दफ़्तरों पर हमला किया है. कुछ वीडियो में ऑफ़िस में आग
लगी हुई दिखाई दे रही है.
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प्रकाश करात ने कहा, “ये सिर्फ कोई झड़प नहीं थी बल्कि एक प्लान के तहत लेफ्ट फ्रंट को दबाने की कोशिश थी जो कि राज्य का मुख्य विपक्ष है.“
“इसलिए हमने पूरे देश में त्रिपुरा में हुए अलोकतांत्रिक हमले का विरोध करने का फ़ैसला किया है और केंद्र सरकार ख़ास तौर पर केंद्रीय गृह मंत्री से मांग करेंगे इस मामले में हस्तक्षेप करें ताकि ऐसे हमले फिर न हों और राज्य सरकार विपक्ष को सुरक्षा प्रदान करे.”
गुरुवार को सीपीएम कार्यकर्ताओं ने अगरतला में विरोध प्रदर्शन भी किए.
असमः नौका दुर्घटना में 90 में से 87 लोग सुरक्षित, 1 की मौत, 2 की तलाश जारी
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असम के जोरहाट में बुधवार को हुई नौका दुर्घटना में नौका पर सवार 90 में से 87 लोग सुरक्षित हैं. एक व्यक्ति की मौत हुई है जबकि दो लोग अभी लापता हैं.
राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार को दुर्घटनास्थल का दौरा करने के बाद बताया, “90 में से 87 लोगों की पहचान हो गई है, वे अस्पताल में या घर पर सही सलामत हैं.”
उन्होंने घटना की उच्चस्तरीय जाँच करवाने की घोषणा की है और पुलिस को आपराधिक मामला दर्ज करने का निर्देश दिया है.
उन्होंने बताया कि अंतर्देशीय जल परिवहन विभाग के 3 अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है.
सरमा ने कहा कि आरंभिक जाँच से दुर्घटना की वजह कुप्रबंधन लगता है.
बुधवार को जोरहाट के निमेती घाट के पास दो नावों की टक्कर हो गई थी जिसमें एक नाव पलट गई जिसपर 90 लोग सवार थे.
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करनाल धरने पर मंत्री बोले- कहने पर तो फांसी नहीं दे सकते; किसान बोले- हम उठने वाले नहींं
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इमेज कैप्शन, हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज
हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने कहा है कि राज्य सरकार करनाल मामले की जाँच करवाने के लिए तैयार है जिसमें एक एसडीएम के उस विवादित निर्देश की भी जाँच शामिल होगी जिसे लेकर किसान धरने पर बैठे हैं.
लेकिन उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि किसी के ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई ऐसे ही नहीं की जा सकती.
विज ने कहा,"अब हम किसी के कहने पर किसी को फांसी नहीं दे सकते क्योंकि देश की आईपीसी अलग है और किसान अलग हैं. ऐसा नहीं हो सकता और सज़ा हमेशा दी जाती है. यह अपराध के अनुसार दी जाती है"
"हमें आरोपों का पता लगाने के लिए जांच करनी होगी. हम निष्पक्ष जांच के लिए तैयार हैं लेकिन हम न केवल एसडीएम की जांच करेंगे, पूरे करनाल मामले की जाँच की जाएगी और यदि किसान दोषी हैं या नेता दोषी पाए जाते हैं, तो हम उनके खिलाफ उचित कार्रवाई करेंगे."
दूसरी ओर अपनी माँगों को लेकर प्रदर्शनकारी किसानों ने करनाल में धरना जारी रखा हुआ है.
किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा है कि “हम उठने वाले नहीं हैं”.
उन्होंने कहा,”अब वे कब मानेंगे, कब नहीं, लेकिन हमारी लड़ाई जारी रहेगी.
उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी दिल्ली सीमा पर पिछले साल से जारी धरने को कमज़ोर करने के लिए ऐसी नीतियां अपना रही है.
चढूनी ने कहा कि उनकी तीन माँगें हैं- पहला ये कि अधिकारियों पर मुकदमा चलाया जाए, दूसरा घायलों को मुआवज़ा दिया जाए और तीसरा मृतक के परिवार के किसी सदस्य को नौकरी दी जाए.
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इमेज कैप्शन, किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी
उत्तर कोरिया में गैस मास्क पहन सैनिकों ने की परेड, दुबले नज़र आए किम जोंग उन
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उत्तर कोरिया के 73वें
स्थापना दिवस पर सैन्य परेड का आयोजन किया गया जिसमें सैनिकों ने हैज़मैट
सूट और गैस मास्क पहना हुआ था. उनके चेहरे पूरी तरह ढके हुए थे.
उत्तर कोरिया की सरकारी
मीडिया में रात को हुई इस सैन्य परेड की तस्वीरें भी सामने आईं.
इन तस्वीरों में सैनिक और कार्यकर्ता चटीकले लाल रंग के हैज़मैट सूट
में मार्च करते दिखाई दिए. उन्होंने चेहरे पर गैस मास्क लगाया हुआ था.
इस मौके पर उत्तर कोरिया की किसी भी बड़ी बैलिस्टिक मिसाइल का प्रदर्शन नहीं किया गया.
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उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग-उन भी इस आयोजन में मौजूद थे. वो पहले से कुछ दुबले नज़र आए. किम जोंग-उन भीड़ में बिना मास्क के थे और बच्चों को गले लगा रहे थे.
सरकारी मीडिया में गुरुवार को आई तस्वीरों में परेड के दैरान फायर ट्रक, ट्रैक्टर और आतिशबाजी देखी गई.
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वहीं, सैनिकों के हैज़मैट सूट और गैस मास्क इस बात का संकेत हो सकते हैं कि कोविड-19 से लड़ने के लिए विशेष बल तैयार किया गया है.
उत्तर कोरिया को इस समय खाने की कमी और कोरोना महामारी के कारण बिगड़ी आर्थिक स्थिति का सामना भी करना पड़ रहा है.
चीन के सरकारी मीडिया के मुताबिक चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने किम जोंग-उन को बधाई संदेश भेजा है.
दक्षिण कोरिया में सोल स्थित बीबीसी संवाददाता लॉरा बिकर का कहना है कि उत्तर कोरिया ने पिछले एक साल में ऐसी तीन परेड की हैं जो उनके लिए भी असामान्य बात है.
कल की परेड में विशेष लाल वर्दी पहने सैनिकों के ज़रिए शायद उत्तर कोरिया अपने लोगों को ये संकेत देना चाहता है कि वो कोरोना के ख़िलाफ़ लड़ाई जारी रखे हुए है.
हालाँकि उत्तर कोरिया का दावा है कि उनके यहाँ कोई संक्रमण नहीं हुआ और ना ही वहाँ किसी को कोई वैक्सीन दी गई है.
पाकिस्तान सीमा के पास भारत का पहला नेशनल हाइवे, जहाँ उतरेंगे लड़ाकू विमान
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इमेज कैप्शन, हरक्यूलस सी-130जे विमान
केंद्रीय मंत्री
राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी ने आज बाड़मेर में राष्ट्रीय राजमार्ग-925 पर इमरजेंसी
लैंडिंग के लिए बनी हवाई पट्टी का उद्घाटन किया.
राजस्थान में पाकिस्तान
सीमा से क़रीब पचास किलोमीटर दूरी पर बाड़मेर-जालोर बॉर्डर के अडगावा में ये हवाई
पट्टी बनाई गई है.
राष्ट्रीय
राजमार्ग-925 पर सत्ता-गांधव के तीन किलोमीटर लंबे हिस्से को वायुसेना के लिए
एमरजेंसी लैंडिग फील्ड के तौर पर तैयार किया गया है.
ये पहला राष्ट्रीय
राजमार्ग है जहां वायुसेना के लड़ाकू विमान आपातकालीन लैंडिंग करेंगे.
रक्षा मंत्री
राजनाथ सिंह, सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और चीफ़ ऑफ़ डिफेंस स्टाफ बिपिन
रावत को लेकर आ रहे वायुसेना के हरक्यूलस सी-130जे विमान ने इस राष्ट्रीय
राज्यमार्ग पर मॉक इमरजेंसी लैंडिंग की. इसके बाद हवाई पट्टी का उद्घाटन किया.
उद्घाटन के बाद राजनाथ सिंह ने कहा, “सेना की परिचालन
क्षमताओं में सुधार के लिए, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण
देश में कई स्थानों पर आपातकालीन लैंडिंग फ़ील्ड विकसित कर रहा है. यह प्राकृतिक आपदाओं
के दौरान राहत कार्यों में भी मदद करेगा.”
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सुखोई-30एमकेआई फाइटर जेट, एएन-32 सैन्य परिवहन एयरक्राफ्ट और एमआई-12वी5 हेलिकॉप्टर ने भी दोनों मंत्रियों के सामने इस हवाई पट्टी पर मॉक इमरजेंसी लैंडिंग की.
ये नया हाईवे केंद्र सरकार की भारतमाला योजना के तहत बनाया गया है. यह परियोजना अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित बाड़मेर और जालौर जिलों के गांवों के बीच सम्पर्क में सुधार करेगी.
अधिकारियों ने न्यूज़ एजेंसी पीटीआई को बताया कि भारतीय वायुसेना और एनएचएआई संयुक्त रूप से बाड़मेर के अलावा कुल 27 अन्य राजमार्गों का अध्ययन कर रहे हैं ताकि उन पर आपातकालीन लैंडिंग स्ट्रिप्स विकसित करने की संभावना तलाशी जा सके.
तालिबान पर भारत ने रूस के सामने की दो टूक बात
ब्रेकिंग न्यूज़, कंगना रनौत को हाई कोर्ट से झटका, जावेद अख़्तर की याचिका पर कार्यवाही नहीं रोकी
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इमेज कैप्शन, कंगना रनौत
बॉम्बे हाई कोर्ट ने गुरुवार को अभिनेत्री कंगना रनौत की उनके ख़िलाफ़ गीतकार जावेद अख़्तर की ओर से दायर याचिका पर एक अदालत की कार्यवाही पर रोक लगाने से इनकार कर दिया.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार कंगना रनौत ने इस बारे में हाई कोर्ट में अपील की थी जिसे जस्टिस रेवती मोहित डेरे ने ख़ारिज कर दिया. अदालत ने अपना आदेश 1 सितंबर को सुरक्षित कर लिया था.
जावेद अख़्तर ने पिछले वर्ष नवंबर में कंगना के ख़िलाफ़ ये दावा करते हुए मामला दर्ज़ करवाया था कि उन्होंने टीवी पत्रकार अर्णब गोस्वामी को दिए गए एक टीवी इंटरव्यू में उनके ख़िलाफ़ ऐसे बयान दिए जिनसे उनकी प्रतिष्ठा को नुक़सान पहुँचा है.
उन्होंने अपनी शिकायत में कहा था कि कंगना ने पिछले वर्ष सुशांत सिंह राजपूत की कथित आत्महत्या के बाद बॉलीवुड में एक 'मंडली' के होने की बात करते हुए उनका नाम लिया था.
जावेद अख़्तर की शिकायत पर अदालत ने पिछले वर्ष दिसंबर में जुहू पुलिस को जाँच शुरू करने और कंगना रनौत के ख़िलाफ़ आपराधिक कार्यवाही शुरू करने का निर्देश दिया था.
करनाल में इंटरनेट, एसएमएस पर आज भी रोक, किसानों ने लगाया स्थायी टेंट
इमेज कैप्शन, करनाल में किसान आंदोलन के दौरान बड़ी सभा
हरियाणा के करनाल ज़िले में लघु सचिवालय के बाहर किसानों का धरना गुरुवार को भी जारी है.
ज़िला प्रशासन ने करनाल ज़िले में इंटरनेट और एसएमएस सेवाओं पर लगी रोक को आज भी बढ़ा दिया है.
हरियाणा सरकार की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि करनाल में किसानों के आंदोलन को देखते हुए, ग़लत सूचना के प्रसार को रोकने के लिए ये क़दम उठाया गया है.
ये रोक नौ सितंबर रात 11:59 बजे तक जारी रहेगी. बैंकिंग और मोबाइल रीचार्ज के लिए एसएमएस को पाबंदी से बाहर रखा गया है.
किसानों की ओर से 11 सदस्यीय एक समिति ने इस मुद्दे पर मंगलवार को प्रशासन के साथ दो बार और बुधवार को भी चर्चा की लेकिन वो नाक़ाम रही.
इसके बाद से किसान करनाल में मिनी सेक्रेटेरिएट के बाहर धरने पर बैठ गए हैं.
इमेज स्रोत, स्थायी टेंट लगाने की तैयारी कर रहे किसान
किसानों की माँग
किसान 28 अगस्त को करनाल में एक प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज के सिलसिले में कार्रवाई और मुआवज़े की माँग कर रहे हैं.
संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि किसानों के खिलाफ लाठीचार्ज का आदेश देने वाले अधिकारी के खिलाफ़ मामला दर्ज किया जाए.
प्रदर्शनकारी किसान करनाल के एसडीएम रहे आईएएस अधिकारी आयुष सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
आयुष सिंह का एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें वह पुलिस कर्मियों से प्रदर्शन कर रहे किसानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कह रहे थे.
किसानों ने यह भी कहा कि अगर मामला दर्ज नहीं है तो कम से कम निलंबित तो किया जाना चाहिए.
प्रसाशन ने किसानों को जाँच का भरोसा दिया है और उसका कहना है कि बिना जाँच के किसी भी अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती है.
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हरियाणा के करनाल में प्रदर्शन कर रहे किसानों से बातचीत
हरियाणा के करनाल में किसानों का प्रदर्शन जारी. किसानों के साथ बात कर रहे हैं बीबीसी संवाददाता अरविंद छाबड़ा (कैमरा- गुलशन).