राजधानी काबुल के उत्तर में स्थित पंजशीर
घाटी अफ़ग़ानिस्तान के सबसे छोटे प्रांतों में से एक है और फ़िलहाल ये एकमात्र ऐसा
प्रांत है जो अब भी तालिबान के कब्ज़े में नहीं आया है.
तालिबान और स्थानीय विद्रोहियों के बीच पंजशीर
पर कब्ज़े के लिए जंग जारी है. शनिवार को भी यह जंग जारी रही.
दोनों पक्षों की ओर से दावा किया गया है
कि पंजशीर उनके कब्ज़े में है लेकिन यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि पंजशीर में
स्थिति क्या है.
पंजशीर में स्थिति स्पष्ट नहीं
अमेरिकी सेना की वापसी के साथ ही तालिबान
ने पूरे अफ़ग़ानिस्तान को अपने नियंत्रण में ले लिया है. लेकिन पंजशीर वो इकलौता
प्रांत है, जहाँ उन्हें जूझना पड़ रहा है. हालांकि यह कोई नई बात नहीं है. साल
1996 से लेकर 2001 तक अफ़ग़ानिस्तान पर राज करने के दौरान भी पंजशीर तालिबान के
कब्ज़े में नहीं था.
हालांकि तालिबान के
प्रवक्ता बिलाल करीमी ने दावा किया है कि खिंज और उनाबाह ज़िलों पर तालिबान का
कब्ज़ा हो गया है. उनका दावा है कि उन्होंने प्रांत के सात ज़िलों में से चार
ज़िलों पर कब्ज़ा कर लिया है.
उन्होंने ट्विटर पर
इसकी जानकारी देते हुए लिखा- "मुजाहिदीन (तालिबान
लड़ाके) केंद्र (प्रांत के) की ओर बढ़ रहे हैं."
लेकिन अफ़ग़ानिस्तान
के राष्ट्रीय प्रतिरोध मोर्चा (एनआरएफ़)के स्थानीय नेता अहमद मसूद के साथ खड़े बल का
दावा है कि उन्होंने ख्वाक दर्रे में "हजारों चरमपंथियों" को घेर लिया
है. उनका दावा है कि तालिबान ने दश्ते रेवाक क्षेत्र में कब्जे में लिए वाहनों और दूसरी
चीज़ों को छोड़ दिया है.
एनआरएफ़ के प्रवक्ता
फ़हीम दश्ती ने कहा कि तालिबान के साथ युद्ध जारी है.
एक फ़ेसबुक पोस्ट में
अहमद मसूद ने कहा कि पंजशीर
"दृढ़ता से खड़े रहना जारी रखेगा."
उन्होंने हेरात
शहर में महिलाओं के प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए लिखा है कि महिलाओं का अपने
अधिकारों के लिए प्रदर्शन करना यह दर्शाता है कि अफ़ग़ानों ने न्याय की मांग नहीं छोड़ी
है और वे हर डर के आगे डटे हुए हैं.
वहीं ज्वाइंट चीफ़्स
ऑफ़ स्टाफ़ के अध्यक्ष अमेरिकी जनरल मार्क मिले ने अफ़ग़ानिस्तान में गंभीर
परिस्थतियों को लेकर चेतावनी दी है.
मार्क मिले ने कहा,
"मुझे लगता है कि अफ़ग़ानिस्तान
में जिस तरह के हालात हैं, उसके गृहयुद्ध में तब्दील होने की पूरी आशंका है. मुझे नहीं
पता कि तालिबान सत्ता को मज़बूत करने और शासन स्थापित करने में सक्षम है या नहीं."
फॉक्स न्यूज़ से बात
करते हुए मिले ने कहा कि अगर तालिबान एक मज़बूत और स्थिर शासन स्थापित करने में
नाकामयाब रहता है तो अगले तीन सालों में "अल-क़ायदा का पुनर्गठन या आईएसआईएस या
ऐसे ही दूसरे चरमपंथी संगठन विकसित हो जाएंगे.
पंजशीर में इस
समय क्या हो रहा है क्या नहीं, इसकी स्वतंत्र पुष्टि कर पाना संभव नहीं है.
पंजशीर में कब्ज़े का जश्न
रॉयटर्स की ख़बर
के अनुसार, शुक्रवार को यह दावा किया गया कि तालिबान ने पंजशीर पर कब्ज़ा कर लिया
है, इसके बाद तालिबान ने गोलियां दागकर जश्न मनाया गया, जिसमें कम से कम 10 से अधिक
लोग मारे गए और चार से अधिक लोग घायल हो गए.
इस बीच पाकिस्तान की ख़ुफिया एजेंसी आईएसआई के प्रमुख लेफ़्टिनेंट जनरल फ़ैज़ हमीद शनिवार को काबुल
पहुंचे.
हमीद के नेतृत्व में पाकिस्तान के वरिष्ठ अधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल भावी तालिबन सरकार से बातचीत करने पहुँचा.
रिपोर्ट में एक सूत्र के हवाले से बताया गया है कि आईएसआई चीफ़ तालिबान के कमांडरों और नेताओं से मिलेंगे.
वहीं वॉशिंगटन ने पाकिस्तान और आईएसआई पर काबुल में अमेरिकी समर्थित सरकार के ख़िलाफ़ तालिबान का समर्थन करने का आरोप लगाया है.हालांकि इस्लामाबाद ने इन आरोपों से इनकार किया है.
सरकार का गठन अगले सप्ताह और सामान्य होते हालात
तालिबान के एक सूत्र ने कहा कि नई सरकार की घोषणा को अगले सप्ताह तक के लिए स्थगित कर दिया गया है.
बहुत हद तक यह स्पष्ट हो गया है कि तालिबान के सह-संस्थापक मुल्ला अब्दुल गनी बरादर नई सरकार का नेतृत्व करेंगे.
अफ़ग़ानिस्तान में क़तर के राजदूत ने कहा कि एक तकनीकी टीम काबुल हवाई अड्डे को फिर से खोलने का प्रयास कर रही है. अल-जज़ीरा ने अपने एक संवाददाता के हवाले से कहा है कि घरेलू उड़ानें फिर से शुरू हो गई हैं.
आख़िरी अमेरिकी सैनिक के अफ़ग़ानिस्तान से वापस लौटने के साथ ही काबुल एयरपोर्ट को बंद कर दिया गया था.
तालिबान के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने कहा है कि काबुल में मुख्य फ़ॉरेन एक्सचेंज डीलर्स में से एक फिर से खुल गया है.
अफ़ग़ानिस्तान की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है. कई बैंक बंद हैं और नक़दी की कमी है.