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24 अगस्त को अफ़ग़ानिस्तान में क्या-क्या हुआ

उथल-पुथल से गुजर रहे अफ़ग़ानिस्तान के लिए मंगलवार एक और गतिविधियों भरा दिन रहा. अफ़ग़ानिस्तान से लोगों को निकाले जाने का अभियान जारी है जबकि बड़ी संख्या में अफ़ग़ान लोग अभी भी देश छोड़ने के लिए अपनी बारी का इंतज़ार कर रहे हैं.

लाइव कवरेज

विभुराज, मोहम्मद शाहिद and अपूर्व कृष्ण

  1. शिव सेना बोली- थोड़ी भी शर्म है तो इस्तीफ़ा दें राणे; नड्डा बोले- संवैधानिक मूल्यों का हनन

    बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने महाराष्ट्र में केंद्रीय मंत्री नारायण राणे की गिरफ़्तारी की आलोचना करते हुए इसे संविधान के ख़िलाफ़ बताया है.

    नड्डा ने एक ट्वीट में कहा है,"महाराष्ट्र सरकार द्वारा केंद्रीय मंत्री नारायण राणे जी की गिरफ़्तारी संवैधानिक मूल्यों का हनन है. इस तरह की कार्यवाही से ना तो हम डरेंगे, ना दबेंगे. भाजपा को जन-आशीर्वाद यात्रा में मिल रहे अपार समर्थन से ये लोग परेशान है. हम लोकतांत्रिक ढंग से लड़ते रहेंगे, यात्रा जारी रहेंगी."

    वहीं शिव सेना के सांसद विनायक राउत ने कहा है कि गिरफ़्तारी के बाद नारायण राणे को इस्तीफ़ा दे देना चाहिए.

    विनायक राउत ने कहा है कि नारायण राणे को संविधान के प्रति कुछ सम्मान दिखाना चाहिए और गिरफ़्तारी के बाद केंद्रीय मंत्री का पद छोड़ देना चाहिए.

    राउत ने मुंबई में संवाददाताओं से कहा, “अगर राणे में थोड़ी भी शर्म है तो उन्हें इस्तीफ़ा सौंप देना चाहिए. उन्हें संविधान के प्रति कुछ आदर दिखाना चाहिए. उन्होंने जो कहा वो घृणास्पद था और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने इसे नज़रअंदाज़ कर दिया था, मगर उनको उन्होंने जो कहा उसका खमियाजा भुगतना पड़ेगा."

  2. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के ख़िलाफ़ टिप्पणी के बाद केंद्रीय मंत्री नारायण राणे गिरफ़्तार

    महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को थप्पड़ मारने की कथित टिप्पणी को लेकर शुरू हुए विवाद के बाद केंद्रीय मंत्री नारायण राणे को मंगलवार को गिरफ़्तार कर लिया गया.

    केंद्रीय मंत्री नारायण राणे ने कथित तौर पर ये कहा कि उद्धव ठाकरे को भारत की आज़ादी के साल के बारे में जानकारी नहीं है.

    एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि नारायण राणे को तटवर्ती रत्नागिरि ज़िले में हिरासत में लिया गया है. वे वहां जन आशीर्वाद यात्रा के क्रम में दौरे पर थे.

    पुलिस अधिकारी ने बताया कि राणे को हिरासत में लिए जाने के बाद संगमेश्वर पुलिस स्टेशन ले जाया गया.

    ऐसी रिपोर्टें हैं कि नारायण राणे ने उच्च रक्त चाप और मधुमेह को लेकर शिकायत की थी जिसके बाद उनकी जांच के लिए एक डॉक्टर को बुलाया गया.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ सोमवार को रायगढ़ में उन्होंने जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान ये कहा था कि "ये शर्मनाक है कि मुख्यमंत्री को स्वतंत्रता के वर्ष के बारे में नहीं पता है. उन्होंने अपने भाषण के दौरान पीछे मुड़कर स्वतंत्रता के वर्षों के बारे में जानने के लिए पूछताछ की. अगर मैं वहां होता, तो मैं उन्हें ज़ोर का थप्पड़ लगाता."

    पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे का दावा है कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर अपने भाषण के दौरान मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे आज़ादी मिलने के साल के बारे में भूल गए थे.

    राणे के मुताबिक़ ठाकरे ने भाषण के दौरान अपने सहयोगी से स्वतंत्रता के वर्ष के बारे में पूछताछ की.

  3. ब्रेकिंग न्यूज़, पीएम मोदी ने अफ़ग़ानिस्तान के बारे में रूसी राष्ट्रपति पुतिन से की बात

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ अफ़ग़ानिस्तान के बारे में चर्चा की है.

    उन्होंने एक ट्वीट में स्वयं इसकी जानकारी देते हुए लिखा है- अपने दोस्त राष्ट्रपति पुतिन के साथ अफ़ग़ानिस्तान के ताज़ा हालात पर विस्तार से और उपयोगी चर्चा की.

    मोदी ने लिखा कि दोनों नेताओं ने साथ ही आपसी महत्व के अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की जिनमें कोविड-19 के ख़िलाफ़ भारत-रूस सहयोग भी शामिल है.

    उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं ने महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा जारी रखने पर सहमति जताई.

    प्रधानमंत्री मोदी ने इससे पहले सोमवार को जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल के साथ भी अफ़ग़ानिस्तान पर चर्चा की थी.

  4. कमला हैरिस ने चीन पर बोला हमला, दक्षिण चीन सागर में 'धमकाने' का आरोप

    दक्षिण पूर्व एशिया के दौरे पर निकलीं अमेरिकी उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस ने अपने पहले पड़ाव सिंगापुर में ही दक्षिण चीन सागर के मुद्दे को उठाते हुए चीन को निशाने पर लिया है.

    सोमवार को उन्होंने अपने दौरे की शुरुआत की थी और उन्होंने चीन पर दक्षिण चीन सागर में ज़बरदस्ती करने का और बाकी देशों को धमकी देने का आरोप लगाया है. कई सालों से यह मुद्दा इस क्षेत्र के कई देशों के बीच विवाद का विषय बना हुआ है.

    उन्होंने कहा कि अमेरिका ‘अपने सहयोगियों पर ख़तरे की स्थिति में उनके साथ खड़ा रहेगा.’

    हैरिस के इस दौरे को अमेरिका की उस प्रतिबद्धता की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है जो उसने इस क्षेत्र से की हुई है.

    सिंगापुर में उन्होंने अपने इस वक्तव्य के दौरान कई और मुद्दों पर बात की. उन्होंने अमेरिका के अफ़ग़ानिस्तान से बाहर निकलने को ‘साहसपूर्ण और सही’ फ़ैसला बताया.

    दक्षिण चीन सागर पर चीन का दावा जबरन

    उन्होंने दक्षिण चीन सागर के एक बड़े क्षेत्र पर चीन के दावा करने की आलोचना की. उन्होंने कहा कि यह दावा डराकर और जबरन है.

    उन्होंने कहा, “इन ग़ैर-क़ानूनी दावों को 2016 में मध्यस्थ न्यायाधिकरण के फ़ैसले के दौरान ख़ारिज किया जा चुका है और बीजिंग की कार्रवाई नियम आधारित फ़ैसले को नज़रअंदाज़ करते हुए जारी है और यह राष्ट्रों की संप्रभुता के लिए ख़तरा है.”

    दरअसल हैरिस फिलीपींस की चीन पर ऐतिहासिक क़ानूनी जीत का ज़िक्र कर रही थीं. फिलीपींस ने चीन पर दक्षिण चीन सागर में क्षेत्रीय घुसपैठ का आरोप लगाया था.

    2012 और न्यायाधिकरण के फ़ैसले के बावजूद चीन के कोस्टगार्ड की वहां पर मौजूदगी रहती है और फिलीपींस के मछुआरे चीनी प्रशासन पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हैं.

    हाल के वर्षों में चीन ने इस क्षेत्र पर दबंग तरीक़े से अपना क़ब्ज़ा बढ़ाया है और उसका कहना है कि इस पर उसका सदियों से अधिकार रहा है और दावों के समर्थन के लिए वो यहां पर अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ा रहा है.

  5. 'किराए' पर क्या-क्या चढ़ाएगी मोदी सरकार?

    केंद्रीय वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को नेशनल मोनेटाइज़ेशन पाइपलाइन यानी एनएमपी योजना के बारे में बताया.

    उन्‍होंने कहा कि केवल कम उपयोग की गई संपत्तियों को लीज़ पर देकर सरकार पैसा कमाएगी और मालिकाना हक सरकार के पास ही रहेगा.

    योजना के तहत मोदी सरकार ब्राउनफील्ड इंफ्रास्ट्रक्चर एसेट यानी तैयार बुनियादी ढांचे से पैसे जुटाने की कोशिश कर रही है. अगले चार साल में 6 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा गया है.

  6. अफ़ग़ानिस्तानः क्या बढ़ेगी डेडलाइन? अमेरिका पर दबाव, तालिबान से हो रही बात

    अमेरिका के ऊपर लोगों को काबुल से बाहर निकालने के लिए 31 अगस्त की तय समयसीमा को आगे बढ़ाने के लिए दबाव बढ़ रहा है.

    जर्मनी के विदेश मंत्री हेइको मास ने बताया है कि इस बारे में तुर्की, अमेरिका और तालिबान के साथ बातचीत की जा रही है.

    उन्होंने कहा, "हम अमेरिका, तुर्की और दूसरे सहयोगियों से बात कर रहे हैं ताकि काबुल एयरपोर्ट से असैनिक विमानों का संचालन जारी रह सके. हमें तालिबान से भी बातचीत जारी रखनी पड़ेगी और हम वही कर रहे हैं."

    हालाँकि, अभी ये स्पष्ट नहीं है कि तालिबान इसके लिए तैयार होगा या नहीं क्योंकि उसने सोमवार को कह दिया था कि 31 अगस्त तक सभी विदेशी सैनिकों को बाहर निकल जाना होगा.

    तालिबान के एक प्रवक्ता ने कहा था कि अगर ये समयसीमा बढ़ी तो इसके नतीजे महँगे होंगे.

    जर्मन विदेश मंत्री ने कहा कि 31 अगस्त के बाद काबुल एयरपोर्ट तभी खुला रह सकेगा जब उसकी सुरक्षा सुनिश्चित हो.

    इस बारे में आज जी-7 देशों की आपात बैठक में भी चर्चा हो सकती है.

    फ़्रांस, ब्रिटेन और जर्मनी बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन पर अमेरिकी सैनिकों की वापसी में थोड़ी और देर करने का आग्रह कर सकते हैं ताकि अफ़ग़ानिस्तान से और लोगों को निकाला जा सके.

    एक अधिकारी ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति अगले 24 घंटे में इसपर कोई फ़ैसला लेने वाले हैं.

    अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल पर तालिबान का नियंत्रण होने के बाद से हज़ारों लोगों को वहाँ से निकाला जा चुका है.

    लेकि अभी भी वहाँ से बड़ी संख्या में लोग बाहर जाना चाहते हैं और वो काबुल एयरपोर्ट के पास जमा हैं जिसकी सुरक्षा अमेरिकी सेना और उनके सहयोगी कर रहे हैं.

  7. नारायण राणे के बयान के बाद शिव सेना और बीजेपी समर्थकों में झड़प

    मुंबई में मंगलवार को केंद्रीय मंत्री नारायण राणे के घर के क़रीब शिव सेना युवा इकाई और बीजेपी के कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हुई.

    नारायण राणे ने सोमवार को राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के ख़िलाफ़ विवादित टिप्पणी की थी जिसके बाद शिव सेना की युवा इकाई के कार्यकर्ता राणे के घर की ओर जा रहे थे.

    पुलिस ने बताया है कि दोनों ओर से पत्थरबाज़ी की गई जिसके बाद पुलिस ने लोगों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया.

    अधिकारियों के मुताबिक़, राणे के घर के नज़दीक सांताक्रूज़ (पश्चिम) में जुहू तारा रोड पर शिव सेना कार्यकर्ता धरने पर बैठे थे, दोनों से से नारेबाज़ी होने लगी.

    इस घटना के बाद इलाक़े में अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात किया गया है.

    वहीं, समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ नाशिक में शिव सेना के कार्यकर्ताओं ने बीजेपी के कार्यालय पर पत्थरबाज़ी की है और नारायण राणे के ख़िलाफ़ नारे लगाए हैं.

    पुलिस के अनुसार, शिव सेना और बीजेपी समर्थकों के बीच महाराष्ट्र के रत्नागिरी ज़िले के चिपलुन में भी झड़प हुई है.

    सोमवार को रायगढ़ ज़िले में जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान राणे ने कहा था कि यह शर्मनाक है कि एक मुख्यमंत्री को देश कr स्वतंत्रता का साल नहीं मालूम है.

    राणे ने कहा था कि मुख्यमंत्री अपने भाषण के दौरान स्वतंत्रता का साल पूछने के लिए वापस मुड़े थे.

    “मैं अगर वहां पर होता तो मैं (उन्हें) कस कर थप्पड़ मारता.”

    राणे के ख़िलाफ़ नाशिक साइबर पुलिस स्टेशन में एक एफ़आईआर दर्ज की गई है.

  8. तालिबान की वाल्मीकि से तुलना वाले बयान पर शायर मुनव्वर राणा के ख़िलाफ़ एक और एफ़आईआर

    तालिबान की महर्षि वाल्मीकि से तुलना करने पर मध्य प्रदेश पुलिस ने उर्दू के शायर मुनव्वर राणा के ख़िलाफ़ कथित तौर पर धार्मिक भावनाएं भड़काने को लेकर एफ़आईआर दर्ज की है.

    यह एफ़आईआर गुना में बीजेपी के अनुसूचित जाति सेल के राज्य के महासचिव सुनील मालवीय और वाल्मीकि समुदाय के अन्य लोगों की शिकायत के बाद दर्ज की गई है.

    मालवीय का आरोप है कि राणा ने अपने बयान से महर्षि वाल्मीकि, हिंदुओं और वाल्मीकि समुदाय का अपमान किया है.

    उन्होंने पत्रकारों से कहा, “उन्होंने महर्षि वाल्मीकि की तुलना तालिबान से करके हिंदुओं की धार्मिक भावना को चोट पहुंचाई है. तो, हमने उनके ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज कराई है.”

    उर्दू के मशहूर शायर मुनव्वर राणा ने एक समाचार चैनल से बातचीत के दौरान कहा था, “वाल्मीकि रामायण लिखने के बाद भगवान बन गए, उससे पहले वो एक डकैत थे. एक व्यक्ति का चरित्र बदल सकता है. उसी तरह से तालिबान अभी आतंकी हैं लेकिन लोग और चरित्र बदलते हैं.”

    गुना के एसपी राजीव मिश्रा ने सोमवार को कहा कि एक केस राणा के ख़िलाफ़ कोतवाली पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है और इस मामले को संबंधित ज़िले (लखनऊ) में भेजा जाएगा.

    राणा के खिलाफ़ भारतीय दंड संहिता की धारा 505 (2) के तहत मामला दर्ज किया गया है और इसे लखनऊ में हज़रतगंज पुलिस स्टेशन भेजा जा रहा है.

    इससे पहले हज़रतगंज पुलिस स्टेशन में ही दो समुदायों के बीच दंगा भड़काने को लेकर राणा के ख़िलाफ़ मामला दर्ज हो चुका है.

  9. नारायण राणे के ख़िलाफ़ एफ़आईआर, कहा था- उद्धव ठाकरे को 'थप्पड़ मारता'

    महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को ‘थप्पड़’ मारने की बात कहने के मामले में केंद्रीय मंत्री नारायण राणे के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की गई है.

    समाचार एजेंसी एएनआई ने नाशिक के पुलिस कमिश्नर दीपक पांडे से बात की है जिन्होंने बताया है कि शिव सेना नाशिक के प्रमुख ने केंद्रीय मंत्री नारायण राणे के बयान पर शिकायत दर्ज कराई थी और कहा था कि इसने उन्हें धक्का पहुँचाया है और इससे क़ानून-व्यवस्था की समस्या खड़ी हो सकती है.

    पुलिस कमिश्नर पांडे ने बताया कि ‘नाशिक साइबर पुलिस स्टेशन में एक एफ़आईआर दर्ज की गई है.यह एक गंभीर मामला है और केंद्रीय मंत्री के ख़िलाफ़ कार्रवाई के लिए एक टीम को भेजा गया है. वह जिस भी जगह पर होंगे, उन्हें कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा. हम कोर्ट के फैसले का पालन करेंगे.’

    वहीं, केंद्रीय मंत्री राणे ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा है कि उन्हें एफ़आईआर के बारे में कोई जानकारी नहीं है.

    उन्होंने कहा, “मेरे ख़िलाफ़ एफ़आईआर की जानकारी मुझे नहीं है. मैं एक सामान्य आदमी हूँ. मैंने कोई जुर्म नहीं किया है. क्या यह जुर्म नहीं है कि कोई 15 अगस्त के बारे में नहीं जानता है? मैंने कहा था कि मैं थप्पड़ मारता. ये शब्द थे और यह कोई अपराध नहीं है.”

    सोमवार को रायगढ़ ज़िले में जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान राणे ने कहा था कि यह शर्मनाक है कि एक मुख्यमंत्री को देश कr स्वतंत्रता का साल नहीं मालूम है.

    राणे ने कहा था कि मुख्यमंत्री अपने भाषण के दौरान स्वतंत्रता का साल पूछने के लिए वापस मुड़े थे.

    “मैं अगर वहां पर होता तो मैं (उन्हें) कस कर थप्पड़ मारता.”

    समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, पुणे सिटी पुलिस ने भी केंद्रीय मंत्री के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की है.

  10. काबुल से आए गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूप, हरदीप सिंह पुरी एयरपोर्ट से लेकर आए

    केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल से आए श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के स्वरूप को ग्रहण किया है.

    हरदीप पुरी ने ट्वीट किया, “थोड़ी देर पहले काबुल से दिल्ली आए श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के तीन पवित्र स्वरूप को प्राप्त करने और उन्हें प्रणाम करने का सौभाग्य मिला”

    पुरी के साथ-साथ केंद्रीय गृह राज्य मंत्री वी मुरलीधरन और बीजेपी नेता आरपी सिंह ने इन तीन स्वरूपों को रिसीव किया.

    इस वीडियो में देखा जा सकता है कि हरदीप सिंह पुरी और अन्य मंत्री नंगे पाँव हैं और सिर पर गुरु ग्रंथ साहिब लिए वो 'सतनाम श्री वाहे गुरु' का जाप कर रहे हैं.

    अफ़गानिस्तान से अब तक सैकड़ों लोग भारत आ चुके हैं जिसमें सिख धर्मों के अनुयायी भी शामिल हैं.

  11. कोरोना संक्रमण:24 घंटों में के 25,467 नए मामले और 354 लोगों की मौत

    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को कोरोना संक्रमण से जुड़े आंकड़े जारी करते हुए बताया है कि पिछले 24 घंटों में कोरोना के 25,467 नए मामले सामने आए हैं.

    इस बीच 54 लोगों की मौत हुई है.

    इसके साथ ही 39,486लोग कोरोना संक्रमण के बाद ठीक हुए हैं. और पिछले 24 घंटों में 63,85,298 वैक्सीन लगाई गयी हैं.

    भारत में कोरोना संक्रमण के आंकड़े इस प्रकार हैं –

    • संक्रमित होने वाले लोगों की कुल संख्या - 3,24,74,773
    • ठीक होने वाले लोगों की कुल संख्या - 3,17,20,112
    • मौजूदा संक्रमित केसों की कुल संख्या - 3,19,551
    • कोरोना से मरने वालों की कुल संख्या - 4,35,110
    • अब तक वैक्सीन लेने वालों की कुल संख्या - 58,89,97,805
  12. तालिबान आतंकी हैं, अब प्रतिबंधों पर बात करनी चाहिए: जस्टिन ट्रूडो

    कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने दुनिया के G7 देशों से कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान पर तालिबान के नियंत्रण के बाद अब प्रतिबंधों के बारे में सोचा जाना चाहिए.

    अफ़ग़ानिस्तान पर G7 देशों की होने वाली बैठक से एक दिन पहले सोमवार को ट्रूडो ने कहा कि कनाडा पहले ही तालिबान को आतंकवादी मानता है और वे उनकी आतंकी सूची में हैं तो अब प्रतिबंधों के बारे में बात की जा सकती है.

    मंगलवार को G7 के सदस्य देश कनाडा, ब्रिटेन, फ़्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और अमेरिका अफ़ग़ानिस्तान पर वर्चुअल बैठक करने जा रहे हैं.

    कनाडा के प्रधानमंत्री ने कहा कि वे G7 के अपने साथी नेताओं के साथ बात करने जा रहे हैं और अब देखना है कि आगे क्या होता है.

    G7 की अध्यक्षता इस समय ब्रिटेन के पास है और उसका कहना है कि अभी जारी प्रतिबंधों में ढील ‘तालिबान के व्यवहार पर निर्भर करता है.

    वहीं अफ़ग़ानिस्तान पर तालिबान के क़ब्ज़े के बाद 31 अगस्त तक सभी विदेशी फ़ौजों को देश छोड़ देना है लेकिन इस बीच यूरोपीय संघ और ब्रिटेन का कहना है कि इस तारीख़ तक हर किसी को देश से बाहर निकाल पाना असंभव है.

    बाइडन पर अफ़ग़ानिस्तान से अंतिम तिथि को बढ़ाने का दबाव बनाया जा रहा है जबकि तालिबान कह चुका है कि वो इसे बर्दाश्त नहीं करेगा और इसके परिणाम होंगे.

    हालांकि, जस्टिन ट्रूडो ने अंतिम तिथि को बढ़ाने या न बढ़ाने को लेकर अपनी स्थिति साफ़ नहीं की है.

    उन्होंने कहा है कि कनाडा का ध्यान ‘अधिक से अधिक अफ़ग़ान लोगों को सुरक्षित तरीक़े से निकालने पर केंद्रित है.’

  13. काबुल से 25 भारतीयों समेत 78 लोग पहुँच रहे हैं भारत, विदेश मंत्रालय ने दी जानकारी

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने मंगलवार की सुबह ट्वीट करके बताया है कि एयर इंडिया का विमान 78 लोगों को सुरक्षित लेकर भारत लौट रहा है.

    उन्होंने बताया कि इन लोगों में 25 भारतीय शामिल हैं जिन्हें पहले भारतीय वायु सेना के विमान से काबुल से ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे ले जाया गया था.

    इसके बाद एयर इंडिया का विमान उन्हें दुशांबे से दिल्ली ला रहा है.

    अरिंदम बागची ने एक वीडियो ट्वीट किया जिसमें देखा जा सकता है कि विमान में सवार कुछ सिख यात्री 'जो बोले सो निहाल' और 'वाहे गुरु जी का खालसा, वाहे गुरु जी की फ़तेह' के नारे लगा रहे हैं.

  14. तालिबान ने की क्रिकेटर के साथ फ़ोटो पोस्ट, क्या संदेश देना चाहता है?

    अफ़ग़ानिस्तान पर क़ब्ज़े के बाद तालिबान लगातार अपनी सुधारवादी छवि दिखाने की कोशिश कर रहा है. इसी कड़ी में उसने ख़ुद को खेल विरोधी न होने का भी संदेश दिया है.

    तालिबान ने अपने ट्विटर अकाउंट पर अपने नेताओं और राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के कप्तान समेत एक तस्वीर को पोस्ट किया है.

    ट्वीट में लिखा है, “इस्लामी अमीरात के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य अनस हक़्क़ानी ने राजधानी काबुल में राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के कप्तान से मुलाक़ात की है. उन्होंने भविष्य के कार्यक्रमों और टीम के प्रदर्शन और मानक को बेहतर करने की दिशा में बात की है.”

    सोशल मीडिया पोस्ट में कप्तान का नाम नहीं बताया गया है लेकिन स्थानीय ऑनलाइन मीडिया में उन्हें हशमतुल्लाह शाहिदी कहा गया है.

    1996 से 2001 के बीच जब तालिबान का अफ़ग़ानिस्तान पर नियंत्रण था तब उन्होंने खेल के आयोजन पर कड़े प्रतिबंध लगा रखे थे.

    अफ़ग़ानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने हाल में कहा था कि उसे लगता है कि तालिबान प्रशासन राष्ट्रीय महिला टीम के गठन की योजना को रोक देगा.

    15 अगस्त को काबुल पर तालिबान के क़ब्ज़े के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महिला खिलाड़ियों को अफ़ग़ानिस्तान से निकालने की अपील हो रही थी.

  15. अमेरिका दी गई डेडलाइन तक अफ़ग़ानिस्तान में अपना अभियान करेगा पूरा

    सहयोगी सदस्यों के अंतिम तारीख़ को आगे बढ़ाने की मांग के बीच अमेरिका फ़िलहाल तालिबान के नियंत्रण वाले अफ़ग़ानिस्तान से 31 अगस्त तक ही निकलेगा.

    अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने कहा है कि वो अभी तक अंतिम तिथि के बदलाव के बारे में नहीं सोच रहा है.

    अंतिम तिथि में बदलाव की बात इसलिए उठ रही है क्योंकि ब्रिटेन, फ़्रांस और जर्मनी G7 के वर्चुअल सम्मेलन के दौरान इसके लिए दबाव बनाएंगे.

    तालिबान ने बीबीसी से कहा है कि अंतिम तिथि का विस्तार समझौते का उल्लंघन करेगा.

    हज़ारों लोगों को अब तक अफ़ग़ानिस्तान से निकाला जा चुका है लेकिन अभी भी काबुल एयरपोर्ट के बाहर देश से बाहर निकलने कि लिए लोगों की भीड़ इकट्ठा है.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन अगले 24 घंटों में अंतिम तिथि को बढ़ाने या न बढ़ाने को लेकर अंतिम फ़ैसला ले सकते हैं.

    एक अनाम अधिकारी ने एजेंसी से कहा कि पेंटागन को तैयारी के लिए वक़्त देने के लिए यह फ़ैसला लिया जाएगा.

    व्हाइट हाउस के अनुसार, सोमवार को स्थानीय समयानुसार सुबह 7 से शाम 7 बजे के बीच काबुल से 10,900 लोगों को निकाला गया है.

    व्हाइट हाउस का कहना है कि 14 अगस्त को एयरलिफ़्ट शुरू होने के बाद अमेरिका ने तक़रीबन 48,000 लोगों को या तो निकाला है या उनके निकलने का प्रबंध किया है.

  16. नमस्कार!

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