अफ़ग़ानिस्तान में अभी भी हज़ारों अमेरिकी हैं: यूएस नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर
अमेरिका के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर जेक सुलिवन ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में अभी हज़ारों अमेरिकी नागरिक फंसे हो सकते हैं.
लाइव कवरेज
अफ़ग़ान महिला पत्रकार ने बताया कि तालिबान ने उनके साथ क्या किया
वीडियो कैप्शन, अफ़ग़ान महिला पत्रकार ने बताया कि तालिबान ने उनके साथ क्या किया
अफ़ग़ानिस्तान की महिला पत्रकार शबनम डवरान का वीडियो वायरल हो गया है.
इस वीडियो में वो बता रही हैं कि उन्हें दफ़्तर में प्रवेश नहीं करने दिया गया.
शबनम ने दुनिया के बाकी मुल्कों से अपील की है कि वो उनकी मदद करें.
तालिबान के आने से क्या अल-क़ायदा और आईएस फिर मज़बूत होंगे?
वीडियो कैप्शन, तालिबान के आने से क्या अल-क़ायदा और आईएस फिर मज़बूत होंगे?
अफ़ग़ानिस्तान के सुदूर कुनार प्रांत की एक घाटी में ऑनलाइन जिहादी चैट फ़ोरम पर चरमपंथी संगठन अल-क़ायदा के समर्थक ख़ुशियाँ मना रहे हैं.
ये लोग अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान की जीत को 'ऐतिहासिक विजय' मान रहे हैं. अफ़ग़ानिस्तान से उन सुरक्षाबलों के बाहर जाने से पूरी दुनिया में फैले पश्चिम विरोधी जिदाही समूहों को बड़ा उत्साह मिला है, जिन्होंने आज से 20 साल पहले यहीं की ज़मीन पर तलिबान और अल-क़ायदा को अस्थायी रूप से खदेड़ दिया था.
इसके बाद इराक़ और सीरिया में हार के बाद नई ज़मीन तलाश रहे कथित इस्लामिक स्टेट जैसे चरमपंथी संगठनों से जुड़े लड़ाकों के लिए अब अफ़ग़ानिस्तान के वो अनियंत्रित स्थान पैर जमाने का नया अड्डा बन सकते हैं, जहाँ तालिबान ने बीते दशक बिताए हैं.
पश्चिमी देशों के सैन्य अधिकारी और राजनेता चेतावनी देते हैं कि अफ़ग़ानिस्तान में अल-क़ायदा पहले से कहीं अधिक ताक़त के साथ वापसी कर सकता है.
अफ़ग़ानिस्तान से भारत वापस आने वालों में औरतें और दुधमुँहे बच्चे... तस्वीरें कर रहीं भावुक
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काबुल में फंसे भारतीय लोगों को लेकर रविवार को दो उड़ानें दिल्ली पहुंचीं जबकि अभी और उड़ानें आने वाली हैं.
इनमें भारतीय नागरिकों के अलावा, अफ़ग़ान सिख, हिंदू और मुस्लिम भी शामिल थे.
दिल्ली के नज़दीक हिंडन एयरबेस पर रविवार को भारतीय वायु सेना का सी-17 विमान काबुल से 168 लोगों को लेकर पहुंचा.
तालिबान से बात करने का ये मतलब नहीं है कि उनकी सरकार को मान्यता दे दी गई है: यूरोपीय संघ
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इमेज कैप्शन, यूरोपीय संघ की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डर
यूरोपीय संघ के शीर्ष अधिकारियों ने शनिवार को तालिबान से कहा कि अधिक से अधिक अफ़ग़ानों को निकालने के लिए चल रही बातचीत का मतलब ये नहीं है कि यूरोपीय संघ तालिबान सरकार को मान्यता देने के लिए तैयार है.
हालांकि, यूरोपीय संघ की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डर ने तालिबान के साथ संपर्क बनाए रखने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया है.
काउंसिल ऑफ यूरोप के अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल के साथ उन्होंने मैड्रिड (स्पेन) के पास एक ऐसे केंद्र का दौरा किया, जिसे अफ़ग़ानिस्तान छोड़ने वाले लोगों को रखने के लिए ख़ास तौर पर बनाया गया है.
उन्होंने कहा, "इस महत्वपूर्ण समय में हम तालिबान के साथ संपर्क में हैं. क्योंकि हमें इस कठिन समय के दौरान काबुल हवाई अड्डे पर लोगों की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने के बारे में बात करने की ज़रूरत है. लेकिन यह राजनीतिक संवाद से बहुत अलग है."
उन्होंने कहा, "तालिबान के साथ कोई राजनीतिक बातचीत नहीं हुई है और तालिबान को मान्यता नहीं दी गई है."
हालांकि अफ़ग़ानिस्तान के ज़्यादातर हिस्सों पर तालिबान का नियंत्रण है, लेकिन ये अभी तक स्पष्ट नहीं है कि तालिबान की तरफ़ से सरकार का नेतृत्व कौन करेगा.
अफ़ग़ानिस्तान से जर्मनी जा रहे अमेरिकी विमान में बच्चे का जन्म
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अफ़ग़ानिस्तान से जर्मनी जा रहे अमेरिकी विमान में एक अफ़ग़ान महिला ने बच्चे को जन्म दिया है.
रविवार को, यूएस एयर मोबिलिटी कमांड ने ट्विटर पर इसकी जानकारी देते हुए एक थ्रेड पोस्ट किया जिसमें कहा गया कि महिला अपने परिवार के साथ मध्य पूर्व से जर्मनी की यात्रा कर रही थी जब उसने एक बच्चे को जन्म दिया.
जब महिला की हालत बिगड़ने लगी तो विमान के कमांडर ने विमान में हवा का दबाव बढ़ाने के लिए कम उड़ान भरी. इसने मां के जीवन को बचाने में मदद की और उनकी स्थिति में सुधार किया.
जब विमान उतरा, तो अमेरिकी सैन्य डॉक्टर उसमें सवार हो गए और बच्चे को जन्म देने में मदद की.
मां और बच्चा दोनों खतरे से बाहर हैं और उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया है.
तालिबान के क़ब्ज़े के बाद से अफ़गानिस्तान में अब तक क्या हुआ?
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अगर आप इस लाइव पेज से अभी-अभी जुड़े हैं तो आपको बता दें कि अफ़गानिस्तान में अब तक क्या हुआ है:
• अफ़गानिस्तान में तालिबान के क़ब्ज़े के एक हफ़्ते हो गए हैं.
• काबुल एयरपोर्ट पर अफ़रा-तफ़री का माहौल है. हज़ारों लोग किसी तरह अफ़गानिस्तान से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे हैं.
• एयरपोर्ट के बाहर भीड़ में अब तक कुल सात अफ़गान नागरिकों की मौत हो गई है.
• अमेरिकी अधिकारियों ने चेताया है कि काबुल एयरपोर्ट पर आईएसआईएस से जुड़े लड़ाकों का हमला हो सकता है. अमेरिका ने अपने नागरिकों को एयरपोर्ट से बाहर न जाने की हिदायत दी है.
• काबुल में सरकारी दफ़्तर, पासपोर्ट ऑफ़िस और बैंक अब भी बंद हैं.
• पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सैनिकों की वापसी को ‘अव्यवस्था का बेहद बुरा प्रदर्शन’ बताया है.
• पूर्व ब्रितानी प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने अफ़गानिस्तान के मौजूदा हालात को त्रासदीपूर्ण और ख़तरनाक बताया है.
ब्रेकिंग न्यूज़, काबुल एयरपोर्ट के बाहर 7 लोगों की मौत: ब्रिटेन रक्षा मंत्रालय
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काबुल एयरपोर्ट के बाहर भीड़ के बीच कम
से कम सात अफ़ग़ान नागरिकों की मौत हो गई है.
यह जानकारी ब्रिटेन के
रक्षा मंत्रालय ने दी है. देश से बाहर निकलने की उम्मीद में
एयरपोर्ट के बाहर लोग जमा हैं.
मंत्रालय के बयान में कहा गया है, “अफ़ग़ानिस्तान में ज़मीनी
हालात बेहद चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं लेकिन इसे जितनी अधिक सुरक्षा से संभाल सकते
हैं, संभालने की
कोशिश कर रहे हैं.”
हज़ारों अफ़ग़ान नागरिक देश से बाहर
निकलने की कोशिश कर रहे हैं और ऐसे में काबुल एयरपोर्ट पर अफ़रा-तफ़री का माहौल
है.
दूसरे देश भी अफ़ग़ानिस्तान में फँसे
अपने लोगों को निकालने की कोशिश कर रहे हैं.साथ ही लोगों की सुरक्षा
के लिए हज़ारों सुरक्षाबल भी मौजूद हैं.
काबुल के हामिद करज़ई इंटरनेशनल
एयरपोर्ट पर 4,500 अमेरिकी और 900 ब्रितानी सैनिक तैनात हैं.
एयरपोर्ट के इर्द-गिर्द चेकपॉइंट्स पर
तालिबान के लड़ाके तैनात हैं और बिना यात्रा दस्तेवाज़ के जाने वाले अफ़ग़ान
नागरिकों को वे रोक रहे हैं.
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इमेज कैप्शन, सुरक्षाबल काबुल एयरपोर्ट में भाड़ी भीड़ को घुसने से रोकने की कोशिशें कर रहे हैं
काबुल से भारत पहुंचे अफ़ग़ान सिख सांसद का छलका दर्द, कहा- सब ज़ीरो हो चुका है
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काबुल
से 168 लोगों को ग़ाज़ियाबाद के हिंडन एयरबेस पर पहुंचे विमान में अफ़ग़ानिस्तान
के सिख सांसद नरेंद्र सिंह खालसा भी मौजूद थे.
विमान
के एयरबेस पर उतरने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए नरेंद्र सिंह खालसा रो पड़े.
उन्होंने पत्रकारों से कहा कि अफ़ग़ानिस्तान के हालात देखकर उन्हें रोना आता है.
उन्होंने
कहा कि अफ़ग़ानिस्तान में 20 साल में जो कुछ हुआ था वो अब ख़त्म हो रहा है और
सबकुछ ज़ीरो हो चुका है.
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'तालिबान ने घर जलाया, भारत ने मदद की'
काबुल
से आज दिन में दिल्ली के नज़दीक हिंडन एयरबेस पर पहुंचे इस विमान में 107 भारतीय
नागरिक भी शामिल हैं जबकि बाक़ी कुछ हिंदू-सिख और अफ़ग़ान लोग भी हैं.
इन
लोगों का हिंडन एयरबेस पर ही कोरोना वायरस के लिए आरटी-पीसीआर टेस्ट हो रहा है.
एक
अफ़ग़ान महिला ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, “अफ़ग़ानिस्तान
में हालात बिगड़ रहे थे, इसलिए मैं अपनी बेटी और दो पोते-पोतियों के साथ यहां आई हूँ.''
उन्होंने कहा,
हमारे भारतीय भाई-बहन हमारे बचाव में आए. ''उन्होंने (तालिबान
ने) मेरा घर जला दिया. मैं भारत को हमारी मदद करने के लिए धन्यवाद देती हूँ.”
इस उड़ान के अलावा ताजिकिस्तान से 87 भारतीय नागरिकों को लेकर भी एक विमान बीती रात दिल्ली के हवाई अड्डे पर पहुँचा था.
अफ़गानिस्तान से भारत वापस आने वालों में औरतें, बुजुर्ग और दुधमुँहे बच्चे...तस्वीरें कर रहीं भावुक
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बड़ी कोशिशों के बाद अफ़गानिस्तान
से भारत लौटे लोगों की तस्वीरें और वीडियो लगातार सामने आ रहे हैं.
इनमें देखा जा सकता है कि लोग कैसे
एक युद्धग्रस्त देश से बाहर निकलकर राहत की साँस ले रहे हैं.
औरतें, बुजुर्ग और दुधमुँहे बच्चे
वापस आने वाले लोगों में महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे...सब शामिल हैं.
168 लोगों को लेकर भारतीय आए वायु सेना के सी-17 विमान में एक नवजात भी था.
इन लोगों को दिल्ली के पास ग़ाजियाबाद के हिंडन एयरबेस उतारा गया है. वापस आए लोगों में अफ़गान हिंदू और सिख भी शामिल हैं.
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पीएम मोदी ने कल्याण सिंह के पार्थिव शरीर के किए अंतिम दर्शन
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लखनऊ में पूर्व
मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन किए हैं.
शनिवार को कल्याण सिंह के निधन पर पीएम मोदी ने
ट्वीट किया था, “दुख की इस घड़ी में मेरे पास शब्द
नहीं हैं. कल्याण सिंह जी ज़मीन से जुड़े बड़े राजनेता और कुशल प्रशासक होने के साथ-साथ एक महान
व्यक्तित्व के स्वामी थे. उत्तर प्रदेश के विकास में उनका योगदान अमिट है. शोक की
इस घड़ी में उनके परिजनों और समर्थकों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं. ओम शांति!”
कल्याण सिंह यूपी के मुख्यमंत्री
के अलावा राजस्थान के राज्यपाल भी रहे थे. उनका अंतिम संस्कार सोमवार को होगा और
राज्य में राजकीय अवकाश भी रहेगा.
तालिबान को आईएस ने बताया 'अमेरिका की कठपुतली', कहा- जीत का बंदोबस्त किया गया
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चरमपंथी
समूह इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने अपने विरोधी तालिबान पर अमेरिका की कठपुतली होने का
आरोप लगाया है.
आईएस का दावा है कि तालिबान ‘मुल्ला ब्रेडली’ प्रोजेक्ट
बन गया है.
‘मुल्ला ब्रेडली’ शब्द को जिहादी समूह ऐसे
धार्मिक शख़्स के लिए इस्तेमाल करते हैं जिनको कथित तौर पर अमेरिका जिहाद को
कमज़ोर करने के लिए भर्ती करता है.
हालांकि, यह सिर्फ़ एक वाक्य भर ही है जिसे अलक़ायदा के पूर्व
नेता अनवार अल-अवलाक़ी ने स्थापित किया था.
अफ़ग़ानिस्तान
ने 15 अगस्त को पूरे मुल्क पर क़ब्ज़ा कर लिया था जिसके बाद आईएस की यह पहली
टिप्पणी है.
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इमेज कैप्शन, तालिबान के नेता
क्या बोला आईएस?
यह
आईएस के साप्ताहिक समाचार पत्र अल-नबा के संपादकीय में प्रकाशित हुए है जिसका
शीर्षक है, “आख़िरकार, उन्होंने मुल्ला ब्रेडली स्थापित कर दिया.”
इसमें उपेक्षाजनक तरीक़े से ‘नए तालिबान’ शब्द
का इस्तेमाल किया गया है जिसमें बताया गया है कि अफ़ग़ान समूह 20 साल पहले शुरू
हुए सच्चे जिहादी आंदोलन से भटक गया है.
आईएस ने शंका ज़ाहिर करते हुए कहा
है कि तालिबान ‘सच्चा’ शरिया
क़ानून शायद ही लागू कर पाएगा. तालिबान ने वादा किया है कि वो शरीयत के हिसाब से
चलेगा.
आईएस
ने घोषणा की है कि उसके लड़ाके जिहाद के नए चरण की शुरुआत कर रहे हैं.
आईएस
का कहना है कि तालिबान जीते नहीं हैं और यह एक ‘तथाकथित
जीत’ है जिसका बंदोबस्त अमेरिका ने किया है.
वीडियो: तालिबान की जीत के बाद क्या अब आईएस और अल क़ायदा फिर खड़े होंगे?
अफ़ग़ानिस्तान के सुदूर कुनार प्रांत की एक घाटी में ऑनलाइन जिहादी चैट फ़ोरम पर चरमपंथी संगठन अल-क़ायदा के समर्थक ख़ुशियाँ मना रहे हैं.
ये लोग अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान की जीत को 'ऐतिहासिक विजय' मान रहे हैं.
अफ़ग़ानिस्तान से उन सुरक्षाबलों के बाहर जाने से पूरी दुनिया में फैले पश्चिम विरोधी जिदाही समूहों को बड़ा उत्साह मिला है, जिन्होंने आज से 20 साल पहले यहीं की ज़मीन पर तलिबान और अल-क़ायदा को अस्थायी रूप से खदेड़ दिया था.
इसके बाद इराक़ और सीरिया में हार के बाद नई ज़मीन तलाश रहे कथित इस्लामिक स्टेट जैसे चरमपंथी संगठनों से जुड़े लड़ाकों के लिए अब अफ़ग़ानिस्तान के वो अनियंत्रित स्थान पैर जमाने का नया अड्डा बन सकते हैं, जहाँ तालिबान ने बीते दशक बिताए हैं.
पश्चिमी देशों के सैन्य अधिकारी और राजनेता चेतावनी देते हैं कि अफ़ग़ानिस्तान में अल-क़ायदा पहले से कहीं अधिक ताक़त के साथ वापसी कर सकता है.
ब्रेकिंग न्यूज़, काबुल से हिंडन एयरबेस पहुंचा भारतीय वायु सेना का विमान, 107 भारतीय नागरिकों समेत 168 लोगों को लाया
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अफ़ग़ानिस्तान में फंसे 168 लोगों को लेकर भारतीय वायु सेना का सी-17 विमान दिल्ली
के नज़दीक ग़ाज़ियाबाद के हिंडन एयरबेस पर उतरा है.
इस विमान में 107 भारतीय नागरिक भी मौजूद हैं.
इससे पहले आज दिन में ही ताजिकिस्तान से 87 भारतीयों को लेकर एयर इंडिया का विमान
नई दिल्ली हवाई अड्डे पहुंचा था.
इसमें दो नेपाली नागरिक भी शामिल थे. बाहर आने से पहले इन सभी लोगों को पहले कोविड के लिए आरटीपीसीआर टेस्ट से गुज़रना होगा.
वहीं, क़तर की राजधानी दोहा के रास्ते काबुल से सुरक्षित निकाले गए 135
भारतीयों को लेकर एक विमान दिल्ली आ रहा है.
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कोरोना वायरस के एक दिन में 30,948 नए मामले, 403 मौतें
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भारत में बीते 24 घंटों में कोरोना वायरस संक्रमण के 30,948 नए मामले सामने आए
हैं जबकि इस दौरान 403 लोगों की मौत हुई है.
स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक़ शनिवार से अब तक इस वायरस से
38,487 लोग ठीक भी हुए हैं.
वहीं देश में अभी 3,53,398 सक्रिय मामले हैं जबकि इस वायरस के कारण 4,34,367
लोगों की मौत हो चुकी है.
देश में अब तक 58 करोड़ कोरोना वायरस वैक्सीन की ख़ुराक दी जा चुकी हैं जबकि
बीते 24 घंटों के दौरान 52 लाख से अधिक ख़ुराक दी गई हैं.
सीएम योगी ने कल्याण सिंह के किए अंतिम दर्शन, पीएम मोदी भी पहुंचेंगे लखनऊ
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में पूर्व मुख्यमंत्री
कल्याण सिंह के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन किए हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी आज लखनऊ में उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंच रहे
हैं.
तालिबान ने कहा- मीडिया से बेहतर रिश्तों के लिए बनाएंगे समिति
इमेज स्रोत, Pradeep Gaur/SOPA Images/LightRocket via Getty Images)
तालिबान ने कहा है
कि वो मीडिया से सम्बन्ध बेहतर बनाने के लिए एक समिति का गठन कर रहा है.
तालिबान के प्रवक्ता
ज़बीउल्लाह मुजाहिद ने बताया कि यह एक त्रिपक्षीय समिति होगी.
इसमें तालिबान का
एक प्रतिनिधि, मीडिया प्रोटेक्शन
असोसिएशन का प्रमुख और काबुल पुलिस का एक अधिकारी होगा.
इससे पहले इंटरनेशनल
फ़ेडरेशन ऑफ़ जर्नलिस्ट्स के उप महासचिव जेरेमी डियर ने कहा था कि अफ़ग़ानिस्तान
पर तालिबान के क़ब्ज़े के बाद पत्रकारों के लिए काम करना 'बेहद चुनौतीपूर्ण'
हो गया है.
उन्होंने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान
में पत्रकारों को धमकियाँ मिल रही हैं और महिला रिपोर्टरों को काम
करने से रोका जा रहा है.
इस बीच अफ़ग़ानिस्तान
में कई मीडिया संस्थानों के बंद होने की ख़बर भी है.
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मीडिया के बारे में क्या कहा था तालिबान ने?
अफ़ग़ानिस्तान पर क़ब्ज़े के बाद तालिबान ने कहा था कि इस बार उसका शासन पहले से ‘अलग’ होगा.
तालिबान ने एक प्रेस कॉफ़्रेंस की थी और विदेशी पत्रकारों के सवालों के जवाब दिए थे.
इस्लामी चरमपंथी संगठन ने कहा था कि अफ़गानिस्तान में मीडिया को कुछ शर्तों पर काम करने की आज़ादी होगी.
तालिबान ने यह भी कहा था कि महिलाओं को शरिया के हिसाब fसे काम करने की छूट मिलेगी.
हालाँकि ऐसी ख़बरें आई हैं कि क़ब्ज़े के बाद कुछ महिला पत्रकारों को टीवी प्रेजेंटर के तौर पर काम करने से रोका गया है.
ब्रेकिंग न्यूज़, काबुल से भारतीय नागरिकों को निकालने के अभियान में तेज़ी, कई उड़ान भारत पहुंच रहीं
इमेज स्रोत, @MEAIndia
काबुल में फंसे भारतीय नागरिकों को निकालने के अभियान में तेज़ी आ गई है.
एक उड़ान बीती रात दुशांबे के रास्ते नई दिल्ली पहुंची है वहीं दोहा और काबुल से दो उड़ान आ रही हैं.
देर रात क़तर में
भारतीय दूतावास ने ट्वीट करके जानकारी दी कि ‘135 भारतीयों के दल का पहला जत्था काबुल
से दोहा पहुंचा था जिसेआज रात भारत भेजा जा रहा है. दूतावास
अधिकारियों ने कॉन्सुलर और लॉजिस्टिक्स सहायता सुनिश्चित कराई ताकि सुरक्षित वापसी
हो. हम क़तर और बाक़ी संबंधित प्रशासन का इसे सुनिश्चित करने के लिए धन्यवाद करते
हैं.”
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वहीं, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट करके जानकारी दी है कि
रविवार देर रात ताजिकिस्तान से 87 भारतीयों को लेकर एयर इंडिया का विमान नई दिल्ली
पहुंचा है.
उन्होंने ट्वीट में लिखा, “अफ़ग़ानिस्तान से
भारतीयों को घर लाया जा रहा है! एयर इंडिया 1956 उड़ान 87 भारतीयों को
ताजिकिस्तान से नई दिल्ली लाई है. दो नेपाली नागरिकों को भी निकाला गया है.
दुशांबे में हमारे दूतावास ने सहायता की है. इसके बाद और उड़ानें आने वाली हैं.”
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इसके बाद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट किया कि ‘बचाव अभियान जारी
है और 168 यात्रियों को लेकर भारतीय वायु सेना की विशेष उड़ान काबुल से दिल्ली आ
रही है जिसमें 107 भारतीय नागरिक भी हैं.’
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काबुल एयरपोर्ट पर आईएस के हमले का डर, अमेरिका ने जारी की चेतावनी
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अमेरिका ने
अपने नागरिकों को चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि वे काबुल एयरपोर्ट का रुख़ न
करें क्योंकि उन्हें इस बात की चिंता है कि अफ़ग़ानिस्तान में इस्लामिक स्टेट
(आईएस) समूह की शाखा हमला कर सकती है.
शनिवार
को जारी किए गए सुरक्षा अलर्ट में कहा गया कि अमेरिकी नागरिक ‘दरवाज़ों के बाहर सुरक्षा ख़तरे’ से ख़ुद को दूर रखें.
अमेरिकी
सरकार के प्रतिनिधि के साथ मौजूद रहने वाले अकेले व्यक्ति को केवल यात्रा को कहा
गया है.
अमेरिकी
रक्षा अधिकारियों का कहना है कि वो स्थिति पर नज़र रखे हुए हैं और दूसरे रास्ते
तलाश रहे हैं.
आईएस
के ज़रिए संभावित हमले की कोई अधिक जानकारी साझा नहीं की गई है और न ही आईएस के
समूह ने काबुल में हमले की कोई सार्वजनिक धमकी दी है.
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एयरपोर्ट
टर्मिनल के बाहर लगातार जारी हंगामे के बीच शनिवार को अमेरिका ने यह सलाह जारी की
है.
एक
सप्ताह पहले चरमपंथी समूह तालिबान ने पूरे देश समेत राजधानी काबुल पर क़ब्ज़ा कर
लिया था.
शनिवार को
एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान अमेरिकी रक्षा विभाग ने बताया था कि एयरपोर्ट से अब
तक 17,000 लोगों को बाहर निकाला जा चुका है जिनमें 2,500 अमेरिकी नागरिक भी शामिल
हैं.
इस समय
काबुल एयरपोर्ट का नियंत्रण अमेरिकी सुरक्षाबलों के हाथों में है.
एक अधिकारी
ने बताया कि अमेरिका और अफ़ग़ानिस्तान के लोग जिन्हें अमेरिका निकालना चाहता है
उनकी ‘एक छोटी
संख्या’ ने उत्पीड़न
का सामना किया है. कुछ मामलों में एयरपोर्ट आने के दौरान उनसे मारपीट की गई है.
अमेरिकी
रक्षा विभाग के एक प्रवक्ता ने बाद में बताया कि उन्होंने एयरपोर्ट के दरवाज़ों के
बाहर भारी भीड़ को इकट्ठा होने से बचने के लिए निर्देश जारी किए हैं.
नमस्कार!
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