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ट्रंप ने कहा- वो राष्ट्रपति होते तो अमेरिका की वापसी अलग होती

अफ़ग़ानिस्तान को लेकर चौतरफ़ा आलोचनाओं से घिरे अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन से पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस्तीफ़े की मांग की है.

लाइव कवरेज

  1. ब्रेकिंग न्यूज़, अफ़ग़ानिस्तान पर हुकूमत के बेहद क़रीब तालिबान, गृह मंत्री ने की सत्ता हस्तांतरण की बात

    अफ़ग़ानिस्तान के कार्यवाहक गृह मंत्री अब्दुल सत्तार मीरज़कवाल ने टोलो न्यूज़ को दिए एक बयान में कहा है कि सत्ता का हस्तांतरण शांतिपूर्ण तरीके से होगा और अंतरिम सरकार बनेगी.

    उन्होंने कहा कि काबुल पर हमला नहीं होगा.

    इसी बीच समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस ने कहा है कि तालिबान के वार्ताकार राष्ट्रपति भवन पहुंचे रहे हैं जहां सत्ता हस्तांतरण की तैयारी होगी.

    इससे पहले जारी एक बयान में तालिबान ने कहा था कि उन्होंने अपने लड़ाकों को काबुल के बाहर रहने और हमला न करने के निर्देश दिए हैं.

  2. बुद्ध की मूर्ति के लिए मशहूर बामियान प्रांत भी तालिबान के क़ब्ज़े में

    बामियान प्रांत भी बिना प्रितरोध के तालिबान नियंत्रण में आया ताजा रिपोर्टों के मुताबिक तालिबान ने बिना किसी ख़ास प्रतिरोध के बामियान प्रांत पर भी कब्ज़ा कर लिया है.

    तालिबान ने 20 साल पहले यहां बुद्ध की प्रसिद्ध मूर्ति को बारुद से उड़ा दिया था.

    तालिबान लड़ाके अब काबुल के काराबाग़, कालाकान और पग़मान ज़िलों में दाख़िल हो गए हैं.

    तालिबान के मुताबिक देकुंदी प्रांत की राजधानी नीली ने भी बिना प्रतिरोध के आत्मसमर्पण कर दिया है.

    अब तालिबान अफ़गानिस्तान के अलग-अलग हिस्सों में शहरों के कब्ज़े ले रहा है.

  3. काबुल में घुसे तालिबान के लड़ाके, राष्ट्रपति अशरफ़ ग़नी की आपात बैठक

    अफ़ग़ानिस्तानी राष्ट्रपति अशरफ़ ग़नी अमेरिका के विशेष दूत ज़लमे ख़लीलजाद और शीर्ष नेटो अधिकारियों के साथ वार्ता कर रहे हैं.

    यह बैठक तालिबान के काबुल में दाखिल होने की रिपोर्टों के बीच हो रही है.शनिवार को गनी ने एक संक्षिप्त बयान जारी कर कहा था कि देश गंभीर ख़तरे में है.

    उन्होंने कहा था कि अफ़ग़ानिस्तान की सुरक्षा को मज़बूत करने और सेना को संगठित करने के प्रयास किए जा रहे हैं.

    तालिबान लड़ाके सोमवार सुबह काबुल के दरवाज़ों पर पहुंच गए. इससे पहले प्रमुख शहर जलालाबाद ने बिना किसी ख़ास प्रतिरोध के तालिबान के सामने आत्मसमर्पण कर दिया.

    अफ़ग़ानिस्तान के सुरक्षा बल तेज़ी से ढहे हैं और इससे राष्ट्रपति पर इस्तीफ़ा देने का दबाव बढ़ा है.

    अमेरिका ने अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए 5,000 अतिरिक्त जवान काबुल भेजे हैं.

    दूसरी तरफ़ अमेरिका अपने नागरिकों और दूतावास कर्मचारियों को काबुल से तेज़ी से निकाल भी रहा है.

  4. तालिबान का निर्देश- बाहर गेट पर ही रुकें लड़ाके

    अफ़गानिस्तान की राजधानी काबुल में आज सुबह हालात बहुत तेज़ी से बदले हैं.

    काबुल को चारों तरफ से घेरने और कुछ हिस्सों में दाख़िल होने के बाद तालिबान ने एक अधिकारिक बयान जारी कर अपने लड़ाकों को काबुल के बाहरी दरवाजों पर ही रुकने का निर्देश जारी किया है.

    तालिबान की तरफ़ से जारी किए गए अधिकारिक बयान में कहा गया है कि काबुल एक घनी आबादी वाला शहरी इलाक़ा है जहां नागरिक आबादी को ख़तरा हो सकता है.

    इस बयान में कहा गया है कि अभी शहर की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी सरकार की है. तालिबान ने कहा है कि सत्ता के शांतिपूर्ण हस्तांतरण के लिए बातचीत चल रही है.

    तालिबान ने नागरिकों से देश न छोड़कर जाने की अपील करते हुए कहा है कि तालिबान चाहते हैं कि सभी क्षेत्रों के लोग देश में रहें और इस्लामी अमीरात में अपना भविष्य देखें.

    हालांकि काबुल से मिल रही रिपोर्टों के मुताबिक शहर के कई इलाक़ों में तालिबान के सफ़ेद झंडे फहरा रहे हैं और तालिबान लड़ाके सड़कों पर हैं.

    कुछ हिस्सों में गोलियों की आवाज़ें सुनी जानें की भी रिपोर्टें हैं.

  5. अफ़गानिस्तान की महिला सांसद ने कहा- काबुल में भागने की जगह नहीं बची है

    अफ़ग़ानिस्तान की महिला सांसद फ़रज़ाना कोचाई ने बीबीसी से कहा है कि लोग राजधानी काबुल छोड़कर भागने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन भागने के लिए कोई जगह ही नहीं बची है.

    उन्होंने बीबीसी से कहा, 'मैं नहीं जानती...वो कहीं नहीं जा सकते हैं. कोई जगह नहीं बची है. काबुल से उड़ने वाले सभी विमान आज भरे हुए हैं. लोग काबुल से भागकर भारत या किसी भी पड़ोसी देश जाना चाहते हैं, जहां भी जगह मिले.''

    फ़रज़ाना ने कहा, ''लोग बता रहे हैं कि फ़्लाइट्स भरी हुई हैं और वो फंसे हुए हैं. उन लोगों के पास बहुत से विकल्प भी नहीं है.''

    उनके मुताबिक़ तालिबान के नियंत्रण में आने वाले इलाक़ों में महिलाओं ने काम पर जाना बंद कर दिया है. वो स्कूल या दफ्तर नहीं जा रही हैं.

    फ़रज़ाना कोचाई ने कहा, ''महिलाओं के लिए हालात ऐसे ही ख़राब है जैसी की आशंका ज़ाहिर की गई थी. महिलाओं को उनके घरों में क़ैद कर दिया जाएगा. अभी तो ऐसा ही लग रहा है, आगे देखते हैं, क्या बदलता है.''

  6. अफ़ग़ानिस्तान: राजधानी काबुल तक पहुंचे तालिबान के लड़ाके

    समाचार एजेंसी एएफ़पी ने काबुल में रहने वाले कुछ लोगों के हवाले से कहा है कि तालिबान के लड़ाके राजधानी काबुल के पास पहुंच गए हैं.

    इससे एक दिन पहले तालिबान ने देश के पूर्व में मौजूद अहम शहर जलालाबाद पर बिना किसी संघर्ष के कब्ज़ा कर लिया था. ये शहर काबुल से महज़ कुछ घंटों की दूरी पर है.

    बीबीसी संवाददाता यल्दा हाकिम ने सोशल मीडिया पर तालिबान का आधिकारिक बयान पोस्ट किया है और जानकारी दी है कि तालिबान के नेता अफ़ग़ान सरकार के साथ बातचीत कर रहे हैं.

    तालिबान ने अपने बयान में कहा है कि "हमारे लड़ाके शहर के बाहरी इलाक़ों में है लेकिन अभी शहर के भीतर नहीं जाएंगे. फिलहाल मौजूदा सरकार के साथ सत्ता हस्तांतरण और सुरक्षा को लेकर हमारी बातचीत चल रही है."

    इधर अफ़ग़ान राष्ट्रपति से ट्विटर हैंडल पर अब से थोड़ी देर पहले एक संदेश पोस्ट किया है जिसमें नागरिकों से भरोसा दिलाया गया है कि राजधानी में स्थिति नियंत्रण में है.

    पोस्ट में कहा गया है, "काबुल में गोलीबारी की छिटपुट घटनाएं हुई हैं लेकिन काबुल पर हमला नहीं हुआ है. शहर को सुरक्षित रखने के लिए सुरक्षाबल और सेना अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के साथ मिल कर काम कर रहे हैं और स्थिति फिलहाल क़ाबू में है."

    समाचार एजेंसी एपी के अनुसार तालिबान ने कहा है कि वो 'ताकत का इस्तेमाल कर' काबुल पर कब्ज़ा नहीं करना चाहता.

    रविवार को जारी एक बयान में तालिबान ने कहा था कि उसके लड़ाके अब काबुल शहर के बाहरी इलाक़ों तक पहुंच चुके हैं. तालिबान ने अपने लड़ाकों से कहा है कि वो हिंसा न करें और जो लोग राजधानी से जाना चाहते हैं उन्हें शांतिपूर्वक जाने दें.

  7. चीफ़ जस्टिस ने संसदीय बहस की स्थिति पर दुख जताया

    चीफ़ जस्टिस एनवी रमन्ना ने क़ानून बनाने और संसदीय बहस की स्थिति पर दुख जताया है और कहा है कि बीते सालों में क़ानून बनाने के मानकों में गिरावट आई है.

    चीफ़ जस्टिस रमन्ना सुप्रीम कोर्ट के परिसर में आयोजित 75वेँ स्वतंत्रता दिवस समारोह के मौक़े पर बोल रहे थे.

    उन्होंने कहा कि "क़ानून में बहुत अस्पष्टता थी" जिसके कारण नागरिकों और कोर्ट को परेशानी हो रही थी."

    उन्होंने कहा, "आज की स्थिति देख कर दुख होता है. क़ानूनों में बहुत अस्पष्टता है. हमें नहीं पता कि किस कारण से ये बने थे. लेकिन इसकी वजह से कोर्ट के सामने अधिक मामले हैं और लोगों और कोर्ट को असुविधा हो रही है."

    चीफ़ जस्टिस ने कहा कि आज़ादी की लड़ाई में वकीलों ने अग्रणी भूमिका निभाई थी और स्वतंत्र भारत के पहले नेता भी बने थे. उन्होंने कहा कि आज़ादी की लड़ाई का नेतृत्व करने वाले महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू जैसे नेता वकील थे.

    उन्होंने कहा, "उन्होंने न केवल अपने काम की आहुति दी बल्कि आज़ादी की लड़ाई में अपना परिवार और संपत्ति का भी त्याग किया."

    उन्होंने कहा, "उस दौर में संसद में सकारात्मक बहस होती थी. क़ानूनों के बारे में विस्तार से चर्चा होती थी उन पर बहस होती थी. लेकिन वक्त के साथ आप देख सकते हैं कि संसद में क्या हो रहा है. बहस की गुणवत्ता ख़राब हुई है और कोर्ट अब नए क़ानूनों का मकसद और उद्देश्य समझ पाने में असमर्थ है."

    उन्होंने अपील की कि वकील अपने काम को अपने घर या कोर्ट तक सीमित की बजाय सार्वजनिक हितों के काम में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेकर संसद में बुद्धिजीवियों की कमी को पूरा कर सकते हैं.

    चीफ़ जस्टिस ने कहा कि संविधान में जो गणतांत्रिक अधिकार दिए गए हैं उन्हें बनाए रखने में बीते वर्षों में सुप्रीम कोर्ट का अहम योगदान रहा है.

    उन्होंने कहा कि आज देश की आबादी के 75 फीसदी हिस्सा न्याय तक पहुंच के मौलिक अधिकार का इस्तेमाल कर रहा है.

  8. लेबनान में तेल टैंकर में धमाका, 20 की मौत, 79 लोग घायल

    लेबनीज़ रेड क्रॉस के अनुसार, लेबनान के अक्कार क्षेत्र के तलाइल इलाक़े में एक तेल टैंकर में हुए धमाके में कम से कम 20 लोगों की मौत हुई है जबकि 79 लोग घायल हुए हैं.

    सोशल मीडिया पर शेयर किए जाए रहे वीडियो में घायल लोगों को कई एंबुलेंस के ज़रिए अस्पताल में ले जाया जा रहा है.

    रेड क्रॉस के अनुसार, लेबनीज़ रेड क्रॉस का कहना है कि तलाइल के उत्तरी गाँव में धमाके वाली जगह से 20 शव बरामद किए गए हैं और 79 घायल लोगों को निकाला गया है. लेबनीज़ रेड क्रॉस संगठन के कम से कम 22 डिविज़न को घटनास्थल पर तैनात किया गया है.

    लेबनीज़ रेड क्रॉस ने ट्विटर पर कहा, “हमारी टीमें इलाक़े के अस्पतालों में घायलों और शवों को पहुंचाने को लेकर काम कर रहे हैं.”

    लेबनान के पूर्व प्रधानमंत्री साद हरीरी ने इस दुर्घटना के बाद राष्ट्रपति माइकल एऊन के इस्तीफ़े की मांग की है.

    उन्होंने ट्वीट किया, “अक्कर नरसंहार और बंदरगाह (बेरूत) नरसंहार में कोई अंतर नहीं है. ईश्वर शहीदों पर कृपा करे और उन्हें शांति प्रदान करे. ईश्वर घायलों को जल्द ठीक करे. अगर कोई देश नागरिकों का सम्मान करता है तो उसके अधिकारियों को इस्तीफ़ा देना होगा, इसकी शुरुआत गणतंत्र के राष्ट्रपति से लेकर इस लापरवाही के लिए ज़िम्मेदार आख़िरी शख़्स तक होनी चाहिए. बहुत हो चुका. लेबनान के लोगों की ज़िंदगी और सुरक्षा प्राथमिकता है.”

  9. भारत और सऊदी अरब का संयुक्त नौसैनिक युद्धाभ्यास

    भारत और सऊदी अरब के बीच पहले नौसैनिक युद्ध अभ्यास का रविवार को हिंद महासागर में समापन हो गया.

    सऊदी अरब की सरकारी सऊदी प्रेस एजेंसी के मुताबिक़ रॉयल सऊदी नौसेना के पूर्वी बेड़े के कमांडर वाइस एडमिरल मजीद बिन हज्जा अल-काहतानी ने कहा कि अभ्यास के दौरान निरीक्षण, तेल क्षेत्रों की रक्षा, द्वीपों की रक्षा, खोज और बचाव,इलेक्ट्रॉनिक वॉरफ़ेयर, बोट से हमले, ईंधन भरने जैसे कई प्रशिक्षण दिए गए.

    उन्होंने कहा कि अभ्यास के लक्ष्य, जैसे कि विशेषज्ञता का आदान-प्रदान करने, प्रतिभागियों में कौशल विकसित करना, नई स्किल हासिल करना और सैन्य सहयोग को मजबूत करना, सभी को हासिल करने में कामयाबी मिली.

    युद्ध अभ्यास गुरुवार को शुरू हुआ था.

  10. पाकिस्तान: कराची में 'ग्रेनेड हमले' में 11 लोगों की मौत

    पाकिस्तान के कराची शहर के बाहरी इलाक़े में हुए एक ग्रेनेड हमले में 11 लोगों की मौत हो गई है जबकि कई लोग घायल हुए हैं.

    बताया जा रहा है कि एक मिनी ट्रक पर हुए इस ग्रेनेड हमले में एक ही परिवार के 12 लोगों की मौत हो गई जिसमें छह महिलाएं और चार बच्चे शामिल थे. हमले में नौ लोग घायल हुए हैं.

    बलदिया इलाक़े में हुई इस घटना के बारे में पहले ये ख़बर मिली थी कि सिलिंडर फट गया है. बाद में कराची पुलिस के आतंकवाद रोधी दस्ते के एक अधिकारी रज़ा उमर ख़त्ताब ने बताया कि उन्हें सिलिंडर फटने के संभावना नहीं नज़र आ रही है, बल्कि ग्रेनेड फटने के सबूत मिले हैं.

    उन्होंने कहा कि घटनास्थल पर एक बम मिला है और हमलों में इस्तेमाल किया जाने वाला कुछ और सामान भी मिला है.

    पुलिस के अनुसार विस्फोट स्थानीय स्तर पर बनाए गए बम से किया गया था और ट्रक पर छर्रे और नट बोल्ट के कई निशान पाए गए हैं.

    घटनास्थल का दौरा करने के बाद उन्होंने कहा, "ये एक आतंकी हमला था और चलती हुई मोटरसाइकिल से मिनी ट्रक पर ग्रेनेड फेंका गया था."

    इससे पहले डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल ने कहा था कि शुरुआती जानकारी के अनुसार जिस वक़्त धमाका हुआ उस वक़्त ट्रक में 20 से 25 लोग सवार थे.

    सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि ये परिवार एक शादी समारोह में शामिल होने के बाद वापस लौट रहा था.

    क़ानून और जलवायुू मामलों पर सिंध प्रांत के मुख्यमंत्री के सलाहकार मुर्तज़ा वहाब सिद्दीक़ी ने 11 लोगों की मौत की पुष्टि की है और कहा है कि नौ घायलों में से दो की हालत गंभीर है.

    वहीं सिंध प्रांत के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने मामले का संज्ञान लेते हुए मामले की जांच के आदेश दिए हैं. साथ ही उन्होंने प्रशासन से पीड़ितों की पूरी देखभाल करने को कहा है.

  11. मोदी का संबोधन ख़त्म, कहा- देश को और बेहतर बनाने का यही सही समय है

    लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन खत्म हो गया है.

    75वेँ स्वतंत्रता दिवस के अपने भाषण में मोदी ने किसानों, लड़कियों और युवाओं के लिए कई अहम घोषणाएं कीं. साथ ही उन्होंने देशवासियों से अपील की कि आने वाले 25 सालों में सभी को साथ मिल कर देश को प्रगति की राह पर ले जाना है.

    उन्होंने कहा कि "यही सही समय की कि हम लोग अपनी कोशिशें तेज़ करें और देश को और आधुनिक और, और बेहतर बनाएं ताकि आने वाले वक्त में लोग इस दौर को याद करें."

  12. मोदी का ऐलान - अब सैनिक स्कूलों में पढ़ सकेंगी लड़कियां

    मोदी ने ऐलान किया कि देश के सभी सैनिक स्कूलों में अब लड़कियां पढ़ सकेंगी.

    उन्होंने कहा कि "कुछ वक्त पहले मिज़ोरम के एक सैनिक स्कूल में लड़कियों को प्रवेश देने का परीक्षण शुरु किया था, जिसके बाद अब सरकार ने फ़ैसला किया है कि देश के सभी सैनिक स्कूलों कों अब देश की बेटियों के लिए खोल दिया जाएगा."

  13. ब्रेकिंग न्यूज़, लाल क़िले से पीएम मोदी बोले- भाषा की वजह के देश की बड़ी प्रतिभा को पिंजरे में बाँध दिया है

    75वें स्वतंत्रता दिवस के मौक़े पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल क़िले के प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए मातृभाषा की प्राथमिकता पर ज़ोर दिया.

    पीएम मोदी ने कहा, ‘’भाषा की वजह के देश की बड़ी प्रतिभा को पिंजरे में बाँध दिया है. मातृभाषा में लोग आगे बढ़ सकते हैं. मातृभाषा में लोग पढ़कर आगे बढ़ेंगे तो उनकी प्रतिभा के साथ न्याय होगा. नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति भी ग़रीबी के ख़िलाफ़ लड़ाई में बड़ा शस्त्र बनकर सामने आने वाला हैक्योंकि इसमें लोगों की प्रतिभा को जगह दी गई है. मातृभाषा का महत्व है. उसकी प्रतिष्ठा है. खेल के मैदान में भाषा रुकावट नहीं बनी. युवा हमारे खेल भी रहे हैं और खिल भी रहे हैं. नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में खेल को अहमियत के साथ शामिल किया गया है. जीवन में संपूर्णता के लिए खेलकूद का होना बहुत ज़रूरी है.’’

  14. लाल क़िले से पीएम मोदी का नारा- छोटा किसान बने देश की शान

    प्रधानमंत्री मोदी ने लाल क़िले से कहा, ‘’देश का किसान छोटा किसान है. पहले देश की नीतियों में छोटे किसानों के लिए नीतियां नहीं थीं. लेकिन अब देश में कृषि सुधार किए जा रहे हैं. फसल बीमा में सुधार जारी है. छोटे किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड मिले. सोलर योजनाएं प्रभावी हों. हर छोटे-छोटे किसान को ध्यान में रखते हुए पीएम कृषि सम्मान योजना चलाई जा रही है. छोटा किसान बने देश की शान- ये हमारा सपना है. आने वाले वर्षों में देश के छोटे किसानों की ताक़त बढ़ानी होगी.’’

  15. पीएम मोदी ने आने वाले 25 सालों के लिए देश को दिया नया लक्ष्य

    अब सैनिक स्कूलों में पढ़ सकेंगी लड़कियां

    मोदी ने ऐलान किया कि देश के सभी सैनिक स्कूलों में अब लड़कियां पढ़ सकेंगी.

    उन्होंने कहा कि "कुछ वक्त पहले मिज़ोरम के एक सैनिक स्कूल में लड़कियों को प्रवेश देने का परीक्षण शुरु किया था, जिसके बाद अब सरकार ने फ़ैसला किया है कि देश के सभी सैनिक स्कूलों कों अब देश की बेटियों के लिए खोल दिया जाएगा."

    14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अब से हर वर्ष 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में याद करने का फ़ैसला किया है.

    उन्होंने कहा, "जिन लोगों ने उस दौरान मुसीबतें झेली हैं और जिन्हें उस वक्त अंतिम संस्कार तक नसीब नहीं हो सका, 14 अगस्त को उन लोगों को याद किया जाएगा."

    आने वाले 25 सालों के लिए दिया नया लक्ष्य

    जब पूरी दुनिया कोरोना महामारी झेल रही थी उस वक्त भारत ने कोरोना वैक्सीन बनाई और लोगों को देने का काम किया. उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं होता तो कल्पना की जा सकती है कि भारत का क्या हाल होता.

    महामारी के समय जिस तरह से भारत ने लोगों को मुफ्त अनाज दिया है, ये दुनिया के चर्चा का विषय है.

    उन्होंने कहा, "महामारी के दौरान दूसरे देशों की तुलना में भारत में कम लोग संक्रमित हुए हैं और हम कई जानें बचा सके हैं. समृद्ध देशों की तुलना में हमारी व्यव्स्था कम है और जनसंख्या अधिक है. लेकिन ये हमारे लिए पीठ थपथपाने का विषय नहीं है, हमें और बेहतर काम करना है."

    अब से लेकर आज़ादी के सौ साल तक भारत अपना अमृत काल मनाएगा. अमृत काल देश के लिए एक नया लक्ष्य है जो 25 सालों का है जिस दौरान हमें देश के विकास के लिए काम करना है.

    पीएम मोदी ने कहा, "अमृत काल का लक्ष्य है ऐसे भारत का निर्माण जहां सुविधाओं का स्तर गांव और शहरों को बांटने वाला न हो, जहां नागरिकों के जीवन में सरकार बेवजह दखल न दे, जहां दुनिया का हर आधुनिक इंफ्रास्टक्चर हो. इसके लिए देश तो बदलेगा लेकिन बदलते वक्त के अनुसार हमें भी बदलना होगा."

    नागरिकों के जीवन में सरकार का दखल कम हो- मोदी

    देश में सुधार लागू करने के लिए दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति की ज़रूरत है और देश में उसकी कोई कमी नहीं है.

    आधुनिक काल में देश नेक्स्ट जेनेरेशन सुधार लागू किए जाएंगे ताकि देश के आख़िरी कोने पर मौजूद व्यक्ति तक सभी सरकारी सुविधाएं पहुंच सके.

    मोदी ने कहा कि पहले के दौर में सरकार खुद ड्राइविंग सीट पर बैठती थी लेकिन अब ये आधुनिक देश की ज़रूरत नहीं है, इसलिए देश के नागरिकों के जीवन में सरकार का दखल जितना हो सके कम किया जाना चाहिए.

    उन्होंने कहा, "देश को ये प्रयास करना होगा कि देश के लोगों को अनावश्यक क़ानूनों और प्रक्रिया के जाल से निकाला जाए, इसके लिए सरकार से हाल में 15 हज़ार से अधिक रुकावटों (कंप्लायंसेज़) को ख़त्म किया है. इज़ा ऑफ़ लिविंग और इज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस की हमें बहुत ज़रूरत है. दर्जनों श्रम क़ानूनों को चार कोड में समा दिया गया है और टैक्स स्टक्चर में भी बड़े बदलाव किए जा रहे हैं."

    शहरों और गांवों के फर्क को करना होगा कम- मोदी

    मोदी ने कहा कि शहरों के अलावा गांवों के विकास पर अधिक ध्यान देना होगा.

    उन्होंने कहा, "गांवों को सड़कों से जोड़ने की कोशिश की गई है लेकिन अब ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क भी वहां पहुंच रहा है."

    गांव में कई जगहों पर महिलाएं सेल्फ हेल्प ग्रूप में शामिल हो कर नए उद्यम कर रही है, ऐसे महिलाओं के लिए सरकार ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म बनाएगी ताकि उनके उत्पाद देश के हर कोने तक पहुंच सकें."

    मोदी ने कहा कृषि वैज्ञानिकों की कृषि क्षेत्र में भी वैज्ञानिकों की सलाह लेने का वक्त आ गया है ताकि बढ़ती आबादी के लिए उचित मात्रा में खाद्यान्न उगाया जा सके.

    उन्होंने कहा कि "गांवों में लोगों के पास ज़मीनें छोटी होती जा रही हैं, परिवारों का बंटवारा होने के बाद किसानों के पास ज़मीन छोटी से छोटी होती जा रही है. पहले की नीतियों में छोटे किसानों पर अधिक ध्यान नहीं दिया गया था लेकिन अब उन किसानों को ध्यान में रख पर फ़ैसले लिये जा रहे हैं. आने वाले समय में ब्लॉक लेवल कर वेयरहाउस (गोदाम) बनाने का अभियान चलाया जाएगा."

    इंफ्रास्ट्रक्चर पर अधिक ध्यान

    कमज़ोर इंफ्रास्ट्रक्चर का नुक़सान देश को होता है इसलिए देश ने असाधारण स्तर पर काम कर रहा है और नए जलमार्ग या नए स्थानों को सीप्लेन से जोड़ने का काम कर रहा है. भारतीय रेलवे भी तेज़ी से आधिनिक रंग में ढल रही है.

    देश ने फ़ैसला किया है कि 75वें आज़ादी के त्याहोर पर देश 75 सप्ताह तक अमृत महोत्सव का पालन करेगा. आने वाले वक्त में देश के हर कोने को जोड़ने के लिए 75 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें चलेंगी. सरकार जल्द सौ लाख करोड़ रपयों की एक नई गतिशक्ति योजना लॉन्च करेगी जो देश के लिए नया नेशनल इंफ्रास्ट्क्चर प्लान होगा और देश को होलिस्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर देगी.

    इसके ज़रिए स्थानीय उद्यमियों को वैश्विक मार्केट से जोड़ा जाएगा ताकि आने वाले वक्त में अर्थव्यवस्था के विस्तार के मौक़े मिलें और वो ग्लोबल कंपीटिशन के लिए तैयार हों.

    ओलंपिक खिलाड़ियों का सम्मान

    75वें स्वतंत्रता दिवस के मौक़े पर लाल क़िले की प्राचीर से भारत की युवा पीढ़ी के खिलाड़ियों से सम्मान में तालियां बजाने की अपील की. उन्होंने कहा कि इन युवाओं ने भारत का नाम तो रोशन किया ही है लेकिन लोगों को प्रेरित करने का काम भी किया है.

    उन्होंने कहा, "भारत के हर कोने, हर कालखंड में अनगिनत लोगों ने देश को बनाया है और आगे बढ़ाया है. ऐसे हर व्यक्ति को मैं नमन करता हूँ."

    उन्होंने कहा, "कोरोना वैश्विक महामारी में डॉक्टर, नर्सेस, पैरामेडिकल स्टाफ, सफाई कर्चचारी और वैक्सीन बनाने वाले वैज्ञानिक को हमें नमन करने की ज़रूरत है. कई इलाक़ों में अभी बाढ़ आई है लेकिन केंद्र और राज्य सरकारें इस मुसीबत में लोगों के साथ खड़ी है."

    अब पूर्णता होगा हमारा लक्ष्य- मोदी

    हमें अब विकास की तरफ़ नहीं बल्की पूर्णता की तरफ़ जाना है, यानी सभी सुविधाएं देश के शत प्रतिशत लोगों को मिले यहां हमारा लक्ष्य होना चाहिए.

    "सभी परिवारों को सभी सुविधाएं मिलनी चाहिए और हमारे सामने सभी योजनाओं की सैचुरेशन का लक्ष्य हासिल करना है और इसके लिए अधिक वक्त नहीं लगाना है."

    "सरकार लोगों को राशन सुविधा और मिड डे मील के तहत देने वाले चावल को फोर्टिफाई करेगी ताकि लोगों को उचित पोषण मिले."

    पीएम मोदी ने कहा सरकार गरीबों और वंचितों के लिए आरक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करने का काम कर रही है और बिल पास कर राज्यों को वंचित समुदायों का पहचान करने की ज़िम्मेदारी दी गई है.

    "उत्तर भारत में सरकार कनेक्टिविटी का इतिहास लिख रही है, और ये कनेक्टिविटी केवल इंफ्रास्ट्रचर का ही नहीं बल्कि दिलों के बीच का भी है. जल्द ही उत्तर भारत पूरे भारत के साथ पूरी तरह से रेल सेवा से जुड़ेगा."

    "वहां पर ऑयल फार्म, हर्बल फार्मिंग और ऑर्गेनिग खेती की अनेकों संभावनाएं है, आने वाले सालों में इस पर काम होगा."

    जम्मू कश्मीर मे डीलिमीटेशन कमिटी का गठन हो चुका है और आने वाले वक्त में यहां विधानसभा चुनाव करवाने की तैयारियां हो रही हैं.

  16. लाल क़िले से पीएम मोदी को लाइव देखिए

  17. देखिए तस्वीेरें, जब पीएम मोदी लाल क़िले पर पहुँचे

  18. 75वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल क़िले से पीएम मोदी का संबोधन देखिए

  19. 15 अगस्त से पहले 14 अगस्त को लेकर पीएम मोदी ने लाल क़िले से की अहम घोषणा

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 75वें स्वतंत्रता दिवस के मौक़े पर लाल क़िले से देश को संबोधित करत हुए कहा कि आज़ादी हमारे लिए जश्न का मौक़ा है लेकिन विभाजन की विभीषिका को नहीं भुलाया जा सकता. प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के बँटवारे के दर्द को कभी भुलाया नहीं जा सकता.

    पीएम ने कहा, ''नफ़रत और हिंसा की वजह से हमारे लाखों बहनों और भाइयों को विस्थापित होना पड़ा और अपनी जान तक गंवानी पड़ी. उन लोगों के संघर्ष और बलिदान की याद में 14 अगस्त को 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' के तौर पर मनाने का निर्णय लिया गया है.''

    प्रधानमंत्री ने कहा कि यह दिन हमें भेदभाव, वैमनस्य और दुर्भावना के जहर को ख़त्म करने के लिए न केवल प्रेरित करेगा, बल्कि इससे एकता, सामाजिक सद्भाव और मानवीय संवेदनाएं भी मज़बूत होंगी.

  20. लाल क़िले से प्रधानमंत्री लाइव