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तालिबान की बढ़त के बीच अफ़ग़ानिस्तान ने बदला अपना आर्मी चीफ़

अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान लड़ाकों ने देश के 34 प्रांतों में से नौ प्रांतों की राजधानियों पर क़ब्ज़ा कर लिया है.

लाइव कवरेज

अपूर्व कृष्ण, रजनीश कुमार and मोहम्मद शाहिद

  1. कोरोना की पांचवीं लहर से जूझता ईरान

  2. ब्रेकिंग न्यूज़, कोरोना संक्रमण के 38 हज़ार से अधिक नए मामले, मौतों में भी हुई बढ़ोतरी

    भारत में बीते 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के 38,353 नए मामले सामने आए हैं.

    स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने बताया है कि देश में इस समय सक्रिय मामलों की संख्या 3,86,351 है जो कि 140 दिनों में सबसे कम है. इसके साथ ही रिकवरी रेट बढ़कर 97.45% हो गया है.

    हालांकि, बुधवार को मंगलवार के मुक़ाबले मामले बढ़े हैं. मंगलवार को बीते 24 घंटों में 28,204 नए मामले सामने आए थे.

    इसके अलावा बीते 24 घंटों में इस बीमारी के कारण मौतों में भी इज़ाफ़ा हुआ है और एक दिन में 497 लोगों की मौत हुई है.

  3. बाइडन बोले- अफ़ग़ानिस्तान से सैनिक निकालने पर नहीं है अफ़सोस

    अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि उन्हें अफ़ग़ानिस्तान से अपने सैनिक बुलाने पर कोई अफ़सोस नहीं है.

    राष्ट्रपति बाइडन ने अफ़ग़ानिस्तान के नेताओं से एक होने का निवेदन करते हुए कहा कि वे ‘अपने राष्ट्र के लिए लड़ें.’

    20 साल के सैन्य अभियान के बाद अमेरिकी फ़ौजें वापस जा रही हैं जिसके बाद अफ़ग़ानिस्तान में इस समय सुरक्षाबलों और तालिबान के बीच कई मोर्चों पर संघर्ष जारी है और तालिबान ने महत्वपूर्ण इलाक़ों को अपने क़ब्ज़े में ले लिया है.

    तालिबान ने अब तक 34 प्रांतीय राजधानियों में से कम से कम 8 को अपने क़ब्ज़े में लिया है जबकि कई शहरों पर ख़तरा बना हुआ है.

    व्हाइट हाउस में मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए बाइडन ने कहा कि अमेरिका अफ़ग़ानिस्तान से किए गए वादों को बनाए हुए है. इनमें हवाई सहायता, सेना की तनख़्वाह और खाने-उपकरणों की अफ़ग़ान सुरक्षाबलों को सप्लाई शामिल है.

    हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा: “उन्हें ख़ुद के लिए लड़ना होगा.”

    लगातार तेज़ होती जंग

    संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक़, बीते महीने तालिबान और सरकारी सुरक्षाबलों के बीच झड़प में अब तक 1,000 से अधिक आम नागरिक मारे जा चुके हैं. उसकी बाल एजेंसी यूनिसेफ़ ने इस सप्ताह चेताया है कि बच्चों के ख़िलाफ़ अत्याचार ‘दिन ब दिन बढ़ते ही जा रहे हैं.’

    तालिबान ने बढ़त क़ायम रखते हुए मंगलवार को दो प्रांतीय राजधानियों फ़राह शहर और पुल-ए-ख़ुमरी पर क़ब्ज़ा कर लिया.

    अधिकारियों का कहना है कि विद्रोहियों ने बग़लान प्रांत की राजधानी पुल-ए-ख़ुमरी के गवर्नर दफ़्तर और मुख्य चौराहे पर अपना झंडा फहरा दिया. यह प्रांत राजधानी काबुल से 200 किलोमीटर की दूरी पर है.

    एक स्थानीय पत्रकार और प्रांतीय परिषद के सदस्य ने बीबीसी से कहा कि फ़राह का पश्चिमी शहर भी क़ब्ज़े में आ गया है.

    तालिबान ने इस सप्ताह कुंदुज़ के महत्वपूर्ण उत्तरी शहर पर भी क़ब्ज़ा कर लिया था. इसको खनिज समृद्ध प्रांतों का एक दरवाज़ा समझा जाता है जो कि ताजिकिस्तान की सीमा के नज़दीक़ एक रणनीतिक रूप से अहम जगह है.

    इस जगह का इस्तेमाल अफ़ीम और हेराइन की तस्करी के लिए भी किया जाता रहा है.

    देश के अन्य हिस्सों में भारी जंग जारी है और अमेरिका और अफ़ग़ान विमान हवाई हमले कर रहे हैं.

  4. न्यूयॉर्क के गवर्नर एंड्रयू कुओमो ने उत्पीड़न की रिपोर्ट के बाद दिया इस्तीफ़ा

    एक जांच में कई महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न का दोषी पाए जाने के बाद न्यूयॉर्क के गवर्नर एंड्रयू कुओमो ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है.

    वो यौन उत्पीड़न के दावों को लगातार ख़ारिज कर रहे थे. उन्होंने कहा, “मैं पद से हटकर ही इसमें मदद कर सकता हूं.”

    लेफ़्टिनेंट गवर्नर कैथी होचुल अब गवर्नर पद की ज़िम्मेदारी संभालेंगी वो न्यूयॉर्क प्रांत की पहली महिला गवर्नर होंगी.

    राष्ट्रपति जो बाइडन समेत कई डेमोक्रेट्स नेता कुओमो पर इस्तीफ़े का दबाव बना रहे थे.

    कुओमो लगातार ऐसे तीसरे न्यूयॉर्क गवर्नर हैं जिन्हें किसी स्कैंडल के कारण अपना दफ़्तर छोड़ना पड़ रहा है.

  5. अफ़ग़ानिस्तान से ख़ुद को समेटने लगा भारत, एक-एक कर बंद हो रहे दूतावास

    अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान के बढ़ते प्रभाव के बीच भारत पिछले एक महीने में दो वाणिज्यिक दूतावास समेट चुका है.

    इससे पहले 2020 में भी दो वाणिज्यिक दूतावास बंद किए गए थे.

  6. कोविड वैक्सीनेशन सर्टिफ़िकेट पर पीएम मोदी की फ़ोटो पर क्या बोली केंद्र सरकार?

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कोरोना वायरस टीकाकरण के सर्टिफ़िकेट पर तस्वीर होने पर विपक्ष ने इसकी आलोचना की थी. अब मंगलवार को राज्यसभा में केंद्र सरकार ने इस पर सफ़ाई दी है.

    केंद्र की मोदी सरकार ने कहा है कि टीकाकरण के सर्टिफ़िकेट पर प्रधानमंत्री की तस्वीर और उनका बयान टीकाकरण के बाद भी कोविड के दिशानिर्देशों का पालन करने को मज़बूत बनाने के लिए है.

    स्वास्थ्य राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार ने विपक्ष की भारी आलोचनाओं के बाद लिखित में यह जवाब दिया है.

    इस साल विधानसभा चुनावों के दौरान विपक्ष ने आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री की तस्वीर ख़ुद के प्रचार करने के लिए है और यह एक राजनीतिक क़दम है.

    कई राज्यों ने हटाई फ़ोटो

    हालांकि, कई विपक्षी पार्टियों के शासन वाले राज्यों जैसे कि पंजाब, झारखंड और छत्तीसगढ़ ने अपने सर्टिफ़िकेट से पीएम मोदी की तस्वीर को हटा दिया है.

    ऐसे समय में जब कई राज्य वैक्सीन ख़रीद का काम देख रहे थे तब कुछ नेताओं ने यहां तक कहा था कि केंद्र राज्यों की कोशिशों का भी श्रेय ले रही है.

    इसके बाद केंद्र सरकार ने निजी अस्पतालों को छोड़कर वैक्सीन की ख़रीद का ज़िम्मा लिया था. हालांकि, राज्यों को अभी भी वैक्सीन के प्रबंध का काम देखना है.

    मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्रालय से पूछा गया कि कोविड वैक्सीनेशन सर्टिफ़िकेट पर प्रधानमंत्री की तस्वीर छापना कितना ज़रूरी है?

    लिखित जवाब में स्वास्थ्य राज्य मंत्री पवार ने कहा, “महामारी और इसकी उभरती प्रकृति को देखते हुए यह पता चलता है कि कोविड आधारित व्यवहार बीमारी के संक्रमण को रोकने के लिए सबसे महत्वपूर्ण उपायों में से एक है. वैक्सीनेशन सर्टिफ़िकेट पर प्रधानमंत्री की तस्वीर और उसके साथ लिखा संदेश टीकाकरण के बाद भी जनहित में कोविड-19 आधारित व्यवहार के महत्व को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए है.”

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