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तालिबान की बढ़त के बीच अफ़ग़ानिस्तान ने बदला अपना आर्मी चीफ़
अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान लड़ाकों ने देश के 34 प्रांतों में से नौ प्रांतों की राजधानियों पर क़ब्ज़ा कर लिया है.
लाइव कवरेज
अपूर्व कृष्ण, रजनीश कुमार and मोहम्मद शाहिद
फ़र्जी डिग्री के मामले में यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की जांच के आदेश
समीरात्मज मिश्र
बीबीसी हिंदी के लिए, लखनऊ से
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के ख़िलाफ़ कथित तौर पर फ़र्जी दस्तावेज़ों के आधार पर चुनाव लड़ने के मामले में एक अदालत ने जांच के आदेश दिए हैं.
प्रयागराज के एसीजेएम कोर्ट ने मामले में प्रारंभिक जांच के आदेश दिए हैं और जांच विवरण के पेश करने के बाद मामले की सुनवाई 25 अगस्त को तय की है.
कोर्ट ने इस मामले में प्रयागराज के कैंट थाने के प्रभारी से कहा है कि मामले की प्रारंभिक जांच करके विवरण प्रस्तुत करें.
कोर्ट ने यह आदेश दिवाकर नाथ त्रिपाठी की अर्जी पर दिया है जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि केशव प्रसाद मौर्य ने फ़र्जी मार्कशीट और दस्तावेज़ों के आधार पर न सिर्फ़ चुनाव लड़ा है बल्कि कई व्यावसायिक लाभ भी लिए हैं.
सामाजिक कार्यकर्ता दिवाकर नाथ त्रिपाठी ने अदालत से मांग की कि इस मामले में केशव प्रसाद मौर्य के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करके कार्रवाई की जाए.
आरोप है कि केशव प्रसाद मौर्य ने साल 2007 में शहर पश्चिमी विधानसभा क्षेत्र से विधानसभा का चुनाव लड़ा और उसके बाद भी कई चुनाव लड़े और शैक्षणिक प्रमाण पत्र में इन्हीं दस्तावेज़ों के आधार पर उन्होंने इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन की ओर से पेट्रोल पंप भी प्राप्त किया है.
प्रार्थना पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि शैक्षणिक प्रमाण पत्र में अलग-अलग वर्ष अंकित हैं और इनकी मान्यता भी नहीं है.
राजस्थानः खदान में दबे सात मज़दूर, पांच की मौत
मोहर सिंह मीणा
बीबीसी हिंदी के लिए, राजस्थान से
राजस्थान में भीलवाड़ा ज़िले के आसींद क्षेत्र के लाछुड़ा गांव में बुधवार को एक खदान का मलबा ढहने से वहां खनन कार्य में लगे सात मज़दूर दब गए.
भीलवाड़ा कलेक्टर शिव प्रसाद नकाते ने बीबीसी को बताया, "लैंडस्लाइड की तरह ही खदान का मलबा अचानक ढह गया. जिसमें चार महिलाएं, तीन पुरुष समेत पांच मज़दूर दब गए. बचाव कार्य के दौरान अभी तक पांच मज़दूरों के शव निकाले जा चुके हैं."
मृतकों को मुख्यमंत्री सहायता कोष से एक-एक लाख रुपए आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है.
कलेक्टर नकाते ने बताया कि बचाव अभियान अभी चल रहा है.
उन्होंने कहा, "पुलिस अधिकारी और एसडीआरएफ़ की टीमें बचाव कार्य में लगी हुई हैं."
इस घटना के बारे में उन्होंने विस्तार से बताया कि, "खदान का मलबा ढहने की घटना के दौरान वहां सिर्फ़ मज़दूर ही मौजूद थे. यह खनन अवैध रूप से किया जा रहा था. इसके ख़िलाफ़ क़रीब चार महीने पहले ही प्राथमिकी दर्ज कर जेसीबी मशीनें और पांच लोगों को गिरफ़्तार किया गया था."
जब पुलिस ने कार्रवाई की थी तो फिर यह अवैध खनन कैसे शुरू हुआ.
इस पर कलेक्टर नकाते कहते हैं, "जो लोग पहले गिरफ़्तार हुए थे वो बेल पर बाहर आए और उन्होंने ने ही यह अवैध खनन का काम फिर शुरू किया है. हम इस मामले में नामजद एफआईआर दर्ज कर रहे हैं."
तालिबान की बढ़त के बीच अफ़ग़ानिस्तान ने बदला अपना आर्मी चीफ़
तालिबान के हर दिन बढ़ रहे नियंत्रण क्षेत्र के बीच अफ़ग़ानिस्तान ने अपना आर्मी चीफ बदल दिया है.
अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान लड़ाकों ने देश के 34 प्रांतों में से नौ प्रांतों की राजधानियों पर क़ब्ज़ा कर लिया है.
सूत्रों ने बीबीसी को बताया है कि तालिबान के लड़ाके ग़ज़नी शहर में दाख़िल हो गए हैं जहां सुरक्षाबलों के साथ भीषण संघर्ष हुआ है.
अफ़ग़ानिस्तान के सेना प्रमुख जनरल वली मोहम्मद अहमदज़ई को इस पद पर इसी साल जून में नियुक्त किया गया था. उनके उत्तराधिकारी को अब पूरे देश में बढ़ती हिंसा से निपटना होगा.
इससे पहले राष्ट्रपति अशरफ़ ग़नी उत्तर शहर मज़ार-ए-शरीफ़ पहुंचे जो परंपरागत रूप से तालिबान विरोधियों का गढ़ रहा है.
अमेरिकी सैनिक अफ़ग़ानिस्तान से लौट चुके हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने मंगलवार को कहा था कि उन्हें इस बात को कोई खेद नहीं है कि सैनिकों को 20 साल बाद अफ़ग़ानिस्तान से बुला लिया गया है.
संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, बीते एक महीने में हुए भीषण संघर्ष के दौरान अफ़ग़ानिस्तान में एक हज़ार से अधिक आम नागरिक मारे गए हैं.
ओबीसी सूची पर संविधान संशोधन बिल संसद में पास हुआ
संसद ने बुधवार को उस संविधान संशोधन बिल को पास कर दिया जिसमें अन्य पिछड़ा वर्ग यानी ओबीसी की ख़ुद अपनी सूची बनाने का राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का अधिकार बहाल कर दिया गया है.
मंगलवार को ये बिल लोकसभा में पास हुआ था और बुधवार को राज्यसभा में 187 सदस्यों ने इसके पक्ष में मतदान किया. ये भारतीय संविधान में 127वां संशोधन है.
सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार ने सदन में बिल पेश करते हुए कहा कि इससे राज्यों की वो शक्तियां दोबारा बहाल हो जाएंगी जिसे सुप्रीम कोर्ट ने बेअसर कर दिया था.
इसके साथ ही संसद का हंगामेदार मॉनसूत्र सत्र भी सम्पन्न हो गया है. पेगासस मामले और अन्य मुद्दों पर लगातार जारी हंगामे की वजह से लोकसभा का मॉनसून सत्र तीन दिन पहले ही समाप्त कर दिया गया. सत्र का समापन 13 अगस्त को होना था.
लोकसभा में नेता विपक्ष अधीर रंजन चौधरी ने सत्र को पहले ख़त्म करने को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि वो केवल विपक्ष को बदनाम करना चाहती है.
गृहमंत्री अमित शाह ने ट्वीट किया है कि प्रधानमंत्री ने हमेशा अन्य पिछड़ा वर्ग को उनका अधिकार देकर विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया है.
बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इस बिल को ऐतिहासिक बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है.
भारत में आरक्षण आज़ादी के बाद से ही एक बड़ा मुद्दा रहा है और देश की चुनावी राजनीति अक्सर इसके इर्द-गिर्द घूमती रही है.
बीते कुछ दिनों से भारत में जातिगत जनगणना की मांग पर बड़ी चर्चा हो रही है. इसके समर्थक और विरोधी अपने अपने तरीके से इसके पक्ष-विपक्ष में तर्क दे रहे हैं.
ब्रेकिंग न्यूज़, जंतर मंतर पर भड़काऊ नारेबाज़ी मामले में पूर्व बीजेपी प्रवक्ता अश्विनी उपाध्याय को मिली ज़मानत
दिल्ली के जंतर मंतर पर रविवार को सांप्रदायिक नारे लगाने के मामले में गिरफ़्तार भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रवक्ता अश्विनी उपाध्याय को एक अदालत ने ज़मानत दे दी है.
मंगलवार को दिल्ली की एक अदालत ने उपाध्याय समेत चार अभियुक्तों को दो दिन की न्यायिक हिरासत पर भेज दिया था.
सुप्रीम कोर्ट के वकील और दिल्ली प्रदेश बीजेपी के पूर्व प्रवक्ता अश्विनी उपाध्याय ने जंतर मंतर पर रविवार को औपनिवेशिक कानूनों के विरोध में एक सभा बुलाई थी जिसमें 100 से अधिक लोग शामिल हुए थे.
बाद में इस रैली को लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें लोग आपत्तिजनक नारे लगा रहे थे और मुसलमानों को नुक़सान पहुंचाने की धमकियां दे रहे थे.
इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद काफ़ी हंगामा मचा था जिसके बाद पुलिस ने गिरफ़्तारियाँ कीं.
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में छह लोगों को गिरफ़्तार किया है.
इमरान ख़ान ने पाकिस्तान के ओलंपिक में प्रदर्शन पर खेल मंत्री को किया तलब
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने ओलंपिक में पाकिस्तान के प्रदर्शन को लेकर देश की खेल मंत्री डॉक्टर फ़हमीदा मिर्ज़ा को बैठक के लिए तलब किया है.
पाकिस्तान ने टोक्यो ओलंपिक के लिए 10 एथलीट भेजे थे मगर उनका कोई खिलाड़ी पदक नहीं जीत सका.
हालाँकि, जेवलिन थ्रो में अरशद नदीम और वेटलिफ़्टिंग में तल्हा तालिब का प्रदर्शन अच्छा रहा और वो अंतिम पाँच प्रतियोगियों में जगह बना सके थे.
पाकिस्तान के एक केंद्रीय मंत्री असद उमर ने ओलंपिक पर चर्चा के दौरान पाकिस्तान के टीवी चैनल एआरवाई से कहा, "प्रधानमंत्री अब अपने दो वर्ष के बचे कार्यकाल में देश में खेल के बुनियादी ढाँचे पर ध्यान देंगे क्योंकि वो चाहते हैं कि नौजवान क्रिकेट की तरह दूसरे खेलों में भी माहिर बनें."
समाचार एजेंसी पीटीआई ने सरकार में अपने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि इमरान ख़ान ने खेल को लेकर अपनी दिलचस्पी ओलंपिक में भारत के शानदार प्रदर्शन के बाद दिखाई है.
मंत्री असद ने कार्यक्रम में माना कि अपने तीन वर्ष के कार्यकाल में प्रधानमंत्री और उनकी सरकार देश के सामने दूसरी बड़ी चुनौतियों की वजह से खेल पर उतना ध्यान नहीं दे सकी.
वहीं खेल मंत्री डॉक्टर फ़हमीदा मिर्ज़ा ने एक अन्य चैनल पर कहा कि वो पाकिस्तान में खेल में दिखाई जानेवाली दिलचस्पी से संतुष्ट नहीं हैं.
उन्होंने जियो टीवी पर कहा कि पाकिस्तान में बाक़ी देशों की तुलना में खेल पर कुछ भी ख़र्च नहीं किया जाता.
मिर्ज़ा ने आरोप लगाया कि इस स्थिति के लिए पाकिस्तान की ओलंपिक समिति (पीओए) को ज़िम्मेदार ठहराया जाना चाहिए क्योंकि वो हर मुद्दे में दख़लंदाज़ी करती है जो उनका काम नहीं.
उन्होंने कहा कि पीओए सरकार को अपना किरदार नहीं निभाने दे रही और अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक चार्टर के पर्दे में रहकर ऐसी चीज़ें की जा रही हैं जिनसे खेल को नुक़सान पहुँचा है.
'मोदी जब सब ख़त्म हो जाता है तो प्रकट होते हैं', सत्र पहले ख़त्म करने पर अधीर का तंज
पेगासस मामले और अन्य मुद्दों पर लगातार जारी हंगामे की वजह से लोकसभा का मॉनसून सत्र तीन दिन पहले ही समाप्त कर दिया गया. सत्र का समापन 13 अगस्त को होना था.
लोकसभा में नेता विपक्ष अधीर रंजन चौधरी ने सत्र को पहले ख़त्म करने को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि वो केवल विपक्ष को बदनाम करना चाहती है.
चौधरी ने प्रधानमंत्री मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वो इस सत्र में आज मात्र एक दिन सदन में दिखे.
उन्होंने कहा, "मैंने आज पहली बार प्रधानमंत्री मोदी को सदन में देखा. जब सब ख़त्म हो जाता है तब वो प्रकट होते हैं."
बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और अधीर रंजन चौधरी के साथ लोकसभा अध्यक्ष के साथ मुलाक़ात की. इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे.
हालाँकि, प्रधानमंत्री मोदी संसद के मॉनसून सत्र के पहले ही दिन19 जुलाई लोकसभा में आए थे. मगर पहले ही दिन पेगासस मामले पर हंगामा खड़ा हो गया और विपक्षी सांसदों ने प्रधानमंत्री मोदी को नए मंत्रियों को सदन में परिचय करने से रोक दिया.
कांग्रेस सांसद चौधरी ने कहा, "हम पेगासस, महँगाई, किसान आंदोलन पर चर्चा करना चाहते थे. हमारे बार-बार आग्रह करने पर भी सरकार ने हमें पेगासस पर चर्चा नहीं करने दी."
उन्होंने साथ ही आरोप लगाया कि सरकार ने सदन के भीतर और बाहर पेगासस मामले पर अलग-अलग बयान दिए.
मात्र 21 घंटे चली लोकसभा
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इस स्थित पर खेद जताते हुए कहा, "10वीं लोकसभा का छठा सत्र आज समाप्त हो गया. इस सत्र में अपेक्षाओं के अनुरूप सदन का काम नहीं हुआ. मेरे मन में इसे लेकर वेदना है."
उन्होंने कहा, "सदन की कार्यवाही 74 घंटे 46 मिनट तक नहीं चली. सदन की उत्पादकता 22 प्रतिशत रही. इस दौरान कुल 20 बिल पारित हुए जिनमें ओबीसी बिल भी शामिल है."
अध्यक्ष बिरला ने बताया कि इस सत्र में लोकसभा को 96 घंटे बैठना था मगर 74 घंटे 46 मिनट तक सदन स्थगित रहा.
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि सांसदों का तख़्तियाँ उठाना, लोकसभा के आसन के सामने नारे लगाना संसदीय मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है.
उन्होंने कहा,"मैंने अपनी ओर से पूरा प्रयास किया, कई दौर की वार्ता भी की गई लेकिन कई मुद्दों को लेकर सफलता नहीं मिली. इस बार लगातार गतिरोध रहा जो समाप्त नहीं हो पाया."
अफ़ग़ानिस्तान के एक और सूबे की राजधानी पर तालिबान का कब्ज़ा, राष्ट्रपति ग़नी पहुँचे मज़ार
पूर्वोत्तर अफ़ग़ानिस्तान के बदख़्शां प्रांत से मिल रही रिपोर्टों में बताया जा रहा है कि तालिबान ने वहाँ की राजधानी फ़ैज़ाबाद पर क़ब्ज़ा कर लिया है.
तालिबान ने प्रांत के कई ज़िलों पर कब्ज़ा करने के बाद राजधानी को एक महीने से भी ज़्यादा वक़्त से घेरा हुआ था.
अफ़ग़ान अधिकारियों ने अब तक फ़ैज़ाबाद के हाथ से निकलने के बारे में कोई टिप्पणी नहीं की है.
तालिबान ने बग़लान प्रांत की राजधानी पुल-ए-खुमरी पर भी क़ब्ज़ा कर लिया है.
बग़लान के सांसद मामूर अहमदज़ई ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया कि तालिबान ने शहर के मुख्य चौराहे और गवर्नर के दफ़्तर पर अपना झंडा लहरा दिया है.
मज़ार-ए-शरीफ़ पहुँचे राष्ट्रपति ग़नी
इस बीच अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति मोहम्मद अशरफ़ ग़नी बुधवार को एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ उत्तरी शहर मज़ार-ए-शरीफ़ पहुँचे.
उनके इस दौरे के शहर में सुरक्षाबलों का हौसला बढ़ाने की कोशिश माना जा रहा है क्योंकि इस महत्वपूर्ण शहर को भी चरमपंथियों से ख़तरा है.
तालिबान ने पिछले पाँच दिनों में सर-ए-पुल, समनगन, कुंदुज़ और जावज़ान प्रांतों की राजधानियों पर क़ब्ज़ा कर लिया है.
उन्होंने साथ ही बल्ख़ प्रांत की राजधानी मज़ार-ए-शरीफ़ के पास के कई इलाक़ों पर भी नियंत्रण कर लिया है.
बल्ख़ के पूर्व गवर्नर अताम मोहम्मद नूर ने बीबीसी को बताया कि इस इलाक़े में तालिबान को रोकने के लिए पीपल्स आर्मी काउंसिल गठित की गई है जिसमें सभी दलों के प्रतिनिधि शामिल हैं.
अफ़ग़ान नेता अब्दुल रशीद दोस्तम भी मंगलवार को मज़ार-ए-शरीफ़ पहुँच गए.
तुर्की ने स्विटज़रलैंड को कुर्दों को लेकर दी चेतावनी
तुर्की के विदेश मंत्रालय ने स्विटज़रलैंड के जेनेवा में कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी से जुड़े एक प्रतिनिधि कार्यालय खोले जाने के लेकर कड़ी चेतावनी जारी की है.
तुर्की के विदेश मंत्रालय ने अंकारा स्थित स्विस दूतावास के राजदूत को समन किया है.
तुर्की का कहना है कि कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी एक आतंकवादी संगठन है और स्विटज़रलैंड में इसे उत्तरी और पूर्वी सीरिया के स्वायत्त प्रशासन प्रतिनिधि कार्यालय खोला गया है.
तुर्की ने इसे तत्काल बंद करने की मांग करते हुए कहा है कि आतंकवादी संगठनों को लेकर भेद करने की ज़रूरत नहीं है.
तुर्की ने कहा कि अगर किसी आतंकवादी संगठन से आपको ख़तरा नहीं है तो आप उसे गले नहीं लगा सकते.
कौन हैं कु्र्द?
तुर्की के पहाड़ी इलाक़ों और सीमाई क्षेत्रों के साथ इराक़, सीरिया, ईरान और अर्मेनिया में कुर्द रहते हैं.
इनकी संख्या क़रीब ढाई से साढ़े तीन करोड़ के बीच है. ये मध्य-पूर्व में चौथे सबसे बड़े जातीय समूह हैं.इसके बावजूद कुर्दों का कोई एक देश नहीं है.
हाल के दशक में कुर्दों का प्रभाव बढ़ा है. ये तुर्की में अपनी स्वायत्तता के लिए लड़ रहे हैं तो सीरिया और इराक़ में अपनी अहम भूमिका के लिए संघर्ष कर रहे हैं.
ये इस्लामिक स्टेट का भी प्रतिरोध कर रहे हैं. ये तुर्की, इराक़ और ईरान में अलग देश की मांग कर रहे हैं. तुर्की की सरकार ने इन्हें आतंकवादी घोषित कर रखा है.
कुर्दों और तुर्की के बीच गहरी दुश्मनी रही है. तुर्की में 15 से 20 फ़ीसदी कुर्द हैं.
पीढ़ियों से तुर्की में कुर्दों के साथ शत्रुतापूर्ण व्यवहार होता रहा है. 1920 और 1930 के दशक में तुर्की में कुर्दों के साथ टकराव और बढ़ा था. इसके बाद ज़्यादातर कुर्दों को फिर से बसाया गया.
कुर्दिश नाम और उनके रिवाज़ों को प्रतिबंधित कर दिया गया. इसके साथ ही कुर्दिश भाषा को भी प्रतिबंधित कर दिया गया.
यहां तक कि कुर्दिश पहचान को भी ख़ारिज किया गया. कुर्दों को तुर्की की सरकार ने पहाड़ी तुर्क क़रार दिया.
1978 में अब्दुल्लाह ओकालन ने पीकेके की स्थापना की. इसे तुर्की के भीतर एक स्वतंत्र राष्ट्र राज्य बताया गया. इस स्थापना के 6 साल बाद इस ग्रुप ने हथियारबंद आंदोलन शुरू कर दिया.
इसके बाद से अब तक 40 हज़ार लोग मारे जा चुके हैं और हज़ारों लोग विस्थापित हुए हैं.
1990 के दशक में पीकेके ने अलग देश की मांग छोड़ दी और उसके बदले सांस्कृतिक और राजनीतिक स्वायत्तता की मांग रखी. हालांकि इसके बाद भी संघर्ष थमा नहीं.
केजरीवाल, सिसोदिया और आप के नौ विधायकों को अदालत ने किया बरी
दिल्ली की एक अदालत ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और आम आदमी पार्टी के नौ विधायकों को तीन साल पुराने एक चर्चित मामले में बरी कर दिया है.
2018 में उनपर कथित तौर पर तत्कालीन मुख्य सचिव अंशु प्रकाश पर हमले का आरोप लगाया गया था. इस मामले को लेकर दिल्ली सरकार और नौकरशाहों के बीच टकराव की स्थिति बन गई थी.
हालाँकि समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सचिन गुप्ता ने पार्टी के दो विधायकों अमानतुल्लाह ख़ान और प्रकाश जरवाल के विरुद्ध आरोप दर्ज करने का आदेश दिया है.
ये मामला 19 फ़रवरी 2018 का है जब आरोप लगाया गया कि मुख्यमंत्री केजरीवाल के निवास पर अंशु प्रकाश के साथ हाथापाई की गई.
इस मामले में मुख्यमंत्री केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री सिसोदिया के अलावा आप के 11 विधायकों को अभियुक्त बनाया गया था.
केजरीवाल, सिसोदिया और नौ अन्य विधायकों को अक्तूबर 2018 में ज़मानत मिल गई थी.
अमानतुल्लाह ख़ान और प्रकाश जरवाल को भी हाईकोर्ट से ज़मानत मिल गई थी.
अरविंद केजरीवाल ने अदालत से बरी होने के बाद ट्वीट कर लिखा - "सत्यमेव जयते"
ब्रेकिंग न्यूज़, हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में हाईवे पर भूस्खलन, एक बस और ट्रक के दबने की आशंका
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर ज़िले में एक हाईवे पर भूस्खलन हुआ है और बताया जा रहा है कि इसमें एक बस और एक ट्रक मलबे में दब गए हैं.
रिकांग पियो-शिमला हाईवे पर हुई इस दुर्घटना में कई लोगों के दबे होने की आशंका है.
अर्धसैनिक बल आईटीबीपी ने बताया है कि उनकी टीम बचाव कार्य के लिए घटनास्थल पर रवाना हो चुकी है.
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है- "अभी-अभी सूचना मिली है. मैंने अधिकारियों के निर्देश दे दिया है कि वहां रेस्क्यू ऑपरेशन किया जाए. एनडीआरएफ़ की टीम को भी अलर्ट पर रखा गया है."
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ गृह मंत्री अमित शाह ने किन्नौर जिले में रिकांग पियो-शिमला राजमार्ग पर भूस्खलन के मद्देनजर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर से बात की और उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया है.
चीन में अपने मन से गाने पर भी पाबंदी
चीन कराओके सॉन्ग में 'ग़ैर-क़ानूनी विषयवस्तु' पर पाबंदी लगाने जा रहा है. इसकी घोषणा चीन के संस्कृति और पर्यटन मंत्रालय ने की है.
जिस गाने से चीन को लगेगा कि राष्ट्रीय एकता और क्षेत्रीय संप्रभुता को ख़तरा है, वे इस श्रेणी में आएंगे.
जो भी कराओके के लिए गाने देंगे, उन्हें उसकी समीक्षा के लिए कहा जाएगा. मंत्रालय को बताना होगा कि इस गाने से नुकसान हो सकता है. यह नियम एक अक्टूबर से लागू होने जा रहा है.
इन गानों पर भी पाबंदी
- जिनसे नस्ली नफ़रत और भेदभाव फैलता हो
- जिनसे राष्ट्रीय एकता को ख़तरा हो या राष्ट्रीय सम्मान और हित को चोट पहुँचती हो
- जिनसे देश की धार्मिक नीतियों का उल्लंघन होता हो
- जिनसे अश्लीलता, जुआ, हिंसा और अन्य तरह की आपराधिक घटनाओं को बढ़ावा मिलता हो
चीन में 50,000 से ज़्यादा गाने और नृत्य मनोरंजन केंद्र हैं. कहा जा रहा है कि वेन्यू ऑपरेटर्स को ग़ैर-क़ानूनी गाने की पहचान में मुश्किलें आएंगी.
यह कोई पहली बार नहीं है जब कराओके वेन्यू को लेकर पाबंदी लग रही है.
2018 में 6000 गानों को कॉपीराइट उल्लंघन के मामले में बैन किया गया था.
चीन के लिए सेंसरशिप कोई नई बात नहीं है. सोशल मीडिया कंपनी अक्सर कॉन्टेंट हटाती रहती हैं.
लालू यादव ने दी चेतावनी, जातिगत जनगणना नहीं हुई तो हो सकता है बहिष्कार
राष्ट्रीय जनता दल अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव ने चेतावनी दी है कि यदि इस वर्ष जाति आधारित जनगणना नहीं हुई तो देश की एक बहुत बड़ी आबादी इसका बहिष्कार कर सकती है.
लालू यादव ने एक ट्वीट में लिखा है, "अगर 2021 जनगणना में जातियों की गणना नहीं होगी तो बिहार के अलावा देश के सभी पिछड़े-अतिपिछड़ों के साथ दलित और अल्पसंख्यक भी गणना का बहिष्कार कर सकते हैैं."
उन्होंने साथ ही तंज कसते हुए लिखा है- "जनगणना के जिन आँकड़ों से देश की बहुसंख्यक आबादी का भला नहीं होता हो तो फिर जानवरों की गणना वाले आँकड़ों का क्या हम अचार डालेंगे?"
लालू यादव की पार्टी इस मुद्दे को लेकर लगातार दबाव बना रही है और उसने पिछले सप्ताह शनिवार को बिहार में राज्यव्यापी प्रदर्शन किया था.
2021 की जनगणना इस वर्ष अप्रैल में शुरू होनी थी मगर कोरोना महामारी की वजह से इसमें देर हो गई है.
मोदी सरकार के दो सहयोगी भी कर रहे हैं माँग
इससे पहले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी जाति आधारित जनगणना की हिमायत करते हुए कहा था कि वो केंद्र से इसके लिए आग्रह करेंगे.
उन्होंने 9 अगस्त को कहा था, "हम तो चाहते हैं कि जाति आधारित जनगणना हो जाए.यह हमारी पुरानी मांग है. एक बार इस तरह की जनगणना हो जाएगी तो पता चल जाएगा कि किस जाति के लोगों की देश में क्या स्थिति है. यह सब के हित के लिए हैं. इस बारे में निर्णय केंद्र सरकार को लेना है."
नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल (यू) मोदी सरकार की पहली सहयोगी थी जिसने ऐसी माँग की है.
इसके बाद मोदी सरकार की एक और सहयोगी, अपना दल (एस) ने भी जाति आधारित जनगणना की माँग की.
पार्टी संस्थापक सोनेलाल पटेल की बेटी अनुप्रिया पटेल को हाल ही में केंद्र सरकार में मंत्री बनाया गया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार अनुप्रिया पटेल के पति और पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष आशीष पटेल ने कहा, "जाति आधारित जनगणना इस वक़्त की ज़रूरत है ताकि हर समुदाय की असल संख्या का पता लग सके, ख़ासकर अन्य पिछड़ा वर्ग का."
उन्होंने ध्यान दिलाया कि देश में स्वतंत्रता के बाद से ही हर जनगणना में एससी और एसटी आबादी की गिनती की जाती है मगर ओबीसी की गणना नहीं होती.
पटेल ने कहा, "इस वजह से ओबीसी आबादी का पर्याप्त अंदाज़ा नहीं है. जाति आधारित जनगणना से ये सुनिश्चित हो सकेगा कि किसी विशेष समुदाय को उसकी आबादी के ही हिसाब से ही हिस्सा मिल रहा है."
2014 से ही एनडीए की सहयोगी पार्टी की ये माँग उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष होने वाले चुनाव के लिहाज़ से महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि प्रदेश में ओबीसी सबसे बड़ा वोट बैंक है.
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने इस वर्ष अप्रैल में केंद्र सरकार से जाति आधारित जनगणना करवाने का आग्रह किया था लेकिन केंद्र सरकार का कहना है कि भारत ने आज़ादी के समय ही तय कर लिया था कि एससी, एसटी समुदाय के अलावा कोई और जाति आधारित जनगणना नहीं होगी.
मुस्लिम देशों के पर्यटकों को पाकिस्तान बुलाना चाहते हैं इमरान ख़ान
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने कहा है कि पाकिस्तान के पास मुस्लिम देशों के पर्यटकों को अपने यहाँ आकर्षित करने का अच्छा मौक़ा है क्योंकि यूरोप जैसे पर्यटन के लोकप्रिय स्थानों पर इस्लाम विरोधी भावना बढ़ती जा रही है.
इमरान ख़ान ने मंगलवार को कराची में एक समारोह में कहा, "पहले के समय में दुनिया की कई जगहों पर हमारे लोग घूमने जाते थे, यूरोप समेत. मगर इस्लामोफ़ोबिया की वजह से अब उनके सामने बड़ी समस्याएँ आ रही हैं. वो अपने बीवी-बच्चों को लेकर नहीं जाना चाहते. ऐसे में पाकिस्तान के पास एक लोकप्रिय पर्यटक स्थल बनने का बड़ा मौक़ा है."
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सरकार देश में शानदार रिसॉर्ट और अन्य सुविधाएँ उपलब्ध कराएगी.
मुस्लिम विरोधी भावना या इस्लामोफ़ोबिया को लेकर इमरान ख़ान लगातार खुलकर बोलते रहे हैं.
इस वर्ष जून में कनाडा में पाकिस्तानी मूल के एक परिवार के चार लोगों की हत्या के समय उन्होंने कहा था कि "इस आतंकवादी कृत्य ने पश्चिमी देशों में बढ़ते इस्लामोफ़ोबिया को उजागर किया है".
पिछले साल भी उन्होंने मुस्लिम बहुल देशों के नेताओं को ऐसी एक चिट्ठी लिखी थी.
उनके कार्यालय ने तब बताया था कि प्रधानमंत्री ने इस चिट्ठी में उन नेताओं से कहा था कि "उन्हें मिलकर ग़ैर-मुस्लिम देशों में बढ़ते इस्लामोफ़ोबिया का सामना करने का प्रयास करना चाहिए".
Sports Live : वो भारतीय एथलीट जो ओलंपिक में पदक ना जीत सके
ब्रेकिंग न्यूज़, वेंकैया नायडू सदन में हंगामे पर हुए भावुक, बोले- सदन की सारी पवित्रता नष्ट हो गई जब...
राज्य सभा के सभापति एम वेंकैया नायडू सदन में विपक्षी सांसदों के हंगामे की बात करते हुए भावुक हो गए और उनका गला रुँध गया.
उन्होंने कहा कि मंगलवार को सदन के कुछ सदस्य टेबल पर बैठ गए और कुछ टेबल पर चढ़ गए जिसके बाद सदन की सारी पवित्रता नष्ट हो गई.
राज्यसभा की कार्यवाही इसके बाद 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.
वहीं लोकसभा में बुधवार को एक बार फिर विपक्ष के ज़बरदस्त हंगामे के बीच सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया. मॉनसून सत्र 13 जुलाई को समाप्त होना था.
ये मॉनसून सत्र का आख़िरी हफ़्ता है और विपक्ष एकजुट होकर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की माँग कर रहा है.
इनमें इसराइली स्पाइवेयर पेगासस के ज़रिए अपने विरोधियों और आलोचकों की कथित जासूसी से लेकर कृषि क़ानून और तेल की कीमतों जैसे मुद्दे शामिल हैं.
संसद का मॉनसून सत्र 19 जुलाई को शुरू हुआ था मगर इस सत्र के पहले दिन ही दोनों सदनों में हंगामा खड़ा हो गया जब विपक्षी सांसदों ने प्रधानमंत्री मोदी को नए मंत्रियों को सदन में परिचय करने से रोक दिया.
वेंकैया नायडू ने पहले भी सांसदों के व्यवहार पर जताई थी चिंता
राज्य सभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने 30 जुलाई को भी सदन में पेगासस मामले पर विरोध जता रहे कुछ सांसदों के व्यवहार पर गहरी चिंता जताते हुए कहा है कि इससे सदन की मर्यादा और प्रतिष्ठा गिरी है.
उन्होंने सदन में कहा, "मुझे बताया गया कि कुछ सदस्य सदन में सीटी बजा रहे हैं. वो (शायद) सीटी बजा रहे हैं अपनी पुरानी आदत (की वजह) से. मगर ये सदन है."
"वहीं कुछ सदस्य मार्शलों के कंधों पर हाथ लगा रहे हैं. मुझे नहीं पता उन्होंने ऐसा क्यों किया. और कुछ ने मंत्रियों के सामने तख़्तियाँ लहराईं और उनको देखने नहीं दे रहे थे."
वेंकैया नायडू ने चेतावनी देने के लहज़े में कहा, "धैर्य की भी एक सीमा होती है और हमें सदन के धैर्य को समाप्त नहीं होने देना चाहिए."
उन्होंने कहा," इससे निबटने का दो ही रास्ता है - या तो इसे नज़रअंदाज़ किया जाए और सदन को बाज़ार बनने दे दिया जाये. हरेक अपनी सीटी बजाते रहे...और दूसरा - कार्रवाई की जाए."
वेंकैया ने सदस्यों से शालीनता बनाए रखने की अपील करते हुए कहा, "इन सभी चीज़ों से सदन का मान और नीचे गिरा है. मैं इसे लेकर बहुत चिंतित हूँ."
ये कहते हुए कि उन्हें अफ़सोस है कि उन्हें आसन से ये कहना पड़ रहा है उन्होंने कहा," मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरे सदस्य इस स्तर तक चले जाएँगे."
हॉकी टीम के पुरुष और महिला खिलाड़ियों का अमृतसर में ज़ोरदार स्वागत, सबसे पहले स्वर्ण मंदिर गए खिलाड़ी
भारतीय पुरुष एवं महिला हॉकी टीम के पंजाब के खिलाड़ियों का बुधवार को अमृतसर के श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ज़ोरदार स्वागत हुआ.
इसके बाद हॉकी टीम के 11 पुरुष एवं महिला खिलाड़ी स्वर्ण मंदिर पहुंचे.
भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने 41 सालों बाद ओलंपिक में कोई पदक जीता है जबकि भारतीय महिला हॉकी टीम चौथे पायदान पर रही.
कोविशील्ड और कोवैक्सीन को मिलाकर इस्तेमाल करने पर अब होगा शोध
ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ़ इंडिया (DCGI) ने भारत की दो मुख्य कोरोना वायरस वैक्सीन कोविशील्ड और कोवैक्सीन को मिलाकर इस्तेमाल करने पर होने वाले एक शोध की अनुमति दे दी है.
इस शोध को और इसके क्लीनिकल ट्रायल को वेल्लूर का क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज करेगा.
नीति आयोग के सदस्य डॉक्टर वीके पॉल ने मंगलवार को इस तरह के रिसर्च की जानकारी एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में दी थी.
उन्होंने कहा था कि ‘सीएमसी वेल्लूर (तमिलनाडु) को वैक्सीन की ख़ुराक को मिक्स करने पर शोध की अनुमति दी गई है.’
सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइज़ेशन की सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमिटी ने 29 जुलाई को ही इस तरह के शोध की सलाह दे दी थी.
यह शोध इंडियन काउंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के शोध से अलग होगा. ICMR के शोध में कहा गया था कि दो कोविड वैक्सीन को मिला देने से बेहतर परिणाम सामने आए हैं.
इस शोध में उत्तर प्रदेश के उन लोगों को शामिल किया गया था जिन्हें पहले कोविशील्ड दी गई थी और फिर अनजाने में छह सप्ताह के अंतराल के बाद कोवैक्सीन दे दी गई थी.
ICMR ने जब इन लोगों पर शोध किया तो उसका कहना था कि इससे प्रतिरक्षा तंत्र के वायरस के ख़िलाफ़ बेहतर तरीक़े से काम करने के परिणाम मिले थे.
COVER STORY: अमेरिका में बढ़ते कोरोना के मामले