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खड़गे ने कहा ‘हिम्मत है तो करो पेगासस पर बहस’, फिर क्या बोले राजनाथ
पेगासस के मुद्दे पर बहस को लेकर गुरुवार को राज्य सभा में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच कहासुनी हो गयी.
लाइव कवरेज
कमलेश मठेनी, अनंत प्रकाश and पवन सिंह अतुल
खड़गे ने कहा ‘हिम्मत है तो करो पेगासस पर बहस’, फिर क्या बोले राजनाथ

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इमेज कैप्शन, केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने गुरुवार को सदन में सरकार को चुनौती देते हुए कहा है कि अगर हिम्मत है तो पेगासस पर बहस करवाई जाए.
प्रधानमंत्री मोदी समेत कई केंद्रीय मंत्री विपक्ष पर सदन की कार्रवाई बाधित करने का आरोप लगा रहे हैं. वहीं, विपक्षी दलों की ओर से सरकार पर पेगासस स्कैंडल पर बहस से बचने का आरोप लगाया जा रहा है.
लेकिन गुरुवार को राज्य सभा में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कांग्रेस नेता राजनाथ सिंह में इस मुद्दे पर कहासुनी हो गयी.
खड़गे ने विपक्ष पर लगाए जा रहे आरोप का खंडन करते हुए कहा है कि ये गतिरोध ख़त्म करने के लिए राजनाथ सिंह के साथ जो बैठक होने वाली थी, वो बैठक कभी हुई ही नहीं.
उन्होंने कहा, “राजनाथ साहब ने मुझे फोन करके कहा था कि मैं किर्गिस्तान जा रहा हूं और वहां से वापस आकर कोई समाधान तलाशेंगे.”
खड़गे ने बताया कि (किर्गिस्तान) से वापस आने के बाद भी राजनाथ सिंह या केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री की ओर से विपक्ष के किसी नेता के पास ऐसी किसी बैठक के लिए नोटिस नहीं पहुंचा है. और सरकार बहस के लिए तैयार नहीं है.
उन्होंने कहा, “इसके लिए कोई नोटिस आया नहीं है और आप बाहर इस पर बात कर रहे हैं. विपक्ष को कठघरे में खड़ा करके कह रहे हैं कि विपक्ष गतिरोध पैदा कर रहा है.”
“हम बहस के लिए तैयार हैं. आप अभी बहस कर सकते हैं. हम पिछले 14 दिनों से बहस करने की कोशिश कर रहे हैं. आप इसकी इजाज़त नहीं दे रहे हैं.”
खड़गे ने कहा कि इसेंशियल डिफेंस सर्विसेज़ बिल 2021 बाद में भी पास हो सकता है.
उन्होंने कहा, "वे विपक्ष के सर इल्ज़ाम मढ़ना चाहते हैं और खुद को बचाना चाहते हैं.”
“अगर आपके अंदर हिम्मत है तो पेगासस पर बहस करवाइए”
इसके बाद सदन में मौजूद राजनाथ सिंह ने कहा कि “मैं ये स्पष्ट करना चाहता हूं कि मैंने ऐसा कोई आश्वासन नहीं दिया था. ये सही है कि मैंने फोन पर बात की थी और आग्रह किया था कि सदन में शांति वापस लौटनी चाहिए और कामकाज सुचारू रूप से होना चाहिए. मैंने ये आग्रह किया था कि कई अहम मुद्दों पर चर्चा की जानी चाहिए.”
‘खुश हूं, संतुष्ट नहीं’, सिल्वर मेडल जीतकर बोले रवि दहिया

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टोक्यो ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीतने वाले भारतीय पहलवान रवि दहिया ने गोल्ड गंवाने के बाद कहा है कि वह ख़ुश हैं लेकिन संतुष्ट नहीं हैं.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, दहिया ने कहा है, “मैं सभी देशवासियों को हाथ जोड़कर धन्यवाद देना चाहूंगा, आप लोगों ने मेरे लिए दुआ की. मैं खुश हूं पर संतुष्ट नहीं हूं क्योंकि मैं गोल्ड मेडल की उम्मीद से आया था.”
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रवि दहिया के सिल्वर मेडल जीतने पर क्या कह रहे हैं उनके घरवाले?
टोक्यो ओलंपिक में सिल्वर मेडलिस्ट जीतने वाले पहलवान रवि दहिया के गांव नाहरी में जश्न जारी है.
बीबीसी संवाददाता समीना शेख़ दहिया के गाँव पहुंची हैं.
वीडियो में देखिए क्या कह रहे हैं उनके घरवाले, दोस्त और गाँव वाले.
अमेरिका और ब्रिटेन से तनाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति ने ली शपथ

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इमेज कैप्शन, ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी को ईरान के सर्वोच्च नेता अयोतल्ला खामेनेई का क़रीबी माना जाता है. ईरान में इब्राहिम रईसी ने गुरुवार को राष्ट्रपति पद की शपथ ले ली है. वो जून में राष्ट्रपति चुने गए थे.
रईसी एक ऐसे समय में ईरान की सत्ता संभालने जा रहे हैं जब अमेरिकी प्रतिबंधों की वजह से देश की अर्थव्यवस्था खस्ता हाल है.
वहीं, वैश्विक ताक़तों के साथ ईरान के रिश्ते भी इस समय काफ़ी तनाव पूर्ण चल रहे हैं. पिछले हफ़्ते ही ईरान पर ओमान के नज़दीक एक टैंकर पर ड्रोन हमले का आरोप लगाया गया है. ईरान ने इस आरोप का खंडन किया है.
इसराइली कंपनी द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले टैंकर एमवी मर्सर स्ट्रीट पर हमले में एक ब्रितानी और रोमानियन सुरक्षाकर्मी की मौत हो गयी थी.
इसके बाद ब्रिटेन, अमेरिका और इसराइल ने इस हमले के लिए ईरान को ज़िम्मेदार ठहराया है.
साल 2018 में ट्रंप सरकार द्वारा अमेरिका-ईरान परमाणु समझौते से अमेरिका को बाहर निकालने के बाद से दोनों देशों के रिश्ते काफ़ी तनाव भरे हो गए हैं.
हालांकि, रईसी ने बीते मंगलवार कहा है कि उनकी सरकार “दमनकारी” प्रतिबंधों को हटवाने की कोशिश करेगी लेकिन देश के जीवन स्तर को विदेशियों की इच्छा पर निर्भर नहीं होने देगी.”
बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन, सुनिए संदीप सोनी से
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डेरेक ओ ब्रायन ने ‘पापड़ी चाट’ बयान पर दी पीएम मोदी को चुनौती

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इमेज कैप्शन, टीएमसी एमपी डेरेक ओ ब्रायन टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने गुरुवार को विवादों में आए पापड़ी चाट बयान को एक बार फिर दोहराते हुए पीएम मोदी को चुनौती दी है.
डेरेक ओ ब्रायन ने सोमवार को ट्वीट करके दावा किया था कि मॉनसून सत्र के दौरान कानून जल्दबाजी में पास करवाए जा रहे हैं.
इस पर पीएम मोदी से लेकर बीजेपी के कई नेताओं ने विरोध दर्ज किया था.
लेकिन डेरेक ओ ब्रायन ने अब एक बार फिर इसी बयान के साथ ट्वीट करके पीएम मोदी को चुनौती दी है.
उन्होंने लिखा है, “मॉनसून सत्र के दौरान पहले हफ़्ते में कोई विधेयक पास नहीं हुआ. इसके बाद मोदी – शाह ने जल्दबाजी दिखाते हुए 8 दिनों में 22 विधेयक पास करवाए जिनमें हर विधेयक पर विचार-विमर्श में खर्च होने वाला औसत समय 10 मिनट से भी कम रहा. मोदी जी इन आँकड़ों को चुनौती दें और मैं पापड़ी चाट की एक और प्लेट का आनंद ले रहा हूं.”
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कितना जोश है वहां, जहां महिला हॉकी टीम ने की थी ओलंपिक की तैयारी
भारतीय हॉकी टीम की लड़कियों ने अपनी ओलंपिक तैयारी भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में की थी.
बीबीसी संवाददाता ज़ुबैर अहमद ने स्टेडियम में मौजूद खिलाड़ियों से बात करके जाना कि महिला हॉकी टीम को सेमीफाइनल खेलते हुए देखना कैसा अनुभव था.
टोक्यो ओलंपिक: दीपक पूनिया 2 - 3 से हारे, हाथ से निकला कांस्य पदक

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भारतीय पहलवान दीपक पूनिया गुरुवार को 86 किलोग्राम भारवर्ग में ब्रॉन्ज मेडल के लिए सेन मेरिनो के खिलाड़ी माइल्स एमिने से 2 - 3 से हार गए हैं.
इस तरह उनके हाथ से ब्रॉन्ज मेडल जीतने का मौका निकल गया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए ट्वीट किया है, "दीपक पुनिया ने बेहद क़रीब से कांस्य पदक खोया है लेकिन उन्होंने हमारा दिल जीत लिया है, वह धैर्य और प्रतिभा की खान हैं. दीपक को उनके भविष्य के प्रयासों के लिए मेरी शुभकामनाएं."
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रोमांचक मुकाबला
मात्र 61 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल के यूरोपीय देश सेन मेरिनो से आने वाले माइल्स ने टोक्यो ओलंपिक में कदम रखने से पहले ही इतिहास रच दिया था.
माइल्स अपने देश में ओलंपिक में क्वालिफाई करने वाले पहले खिलाड़ी बने हैं.
इससे पहले माइल्स 2019 वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी सेमी-फाइनल तक पहुंच चुके हैं. साल 2020 में यूरोपियन चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल हासिल किया था. और इस साल ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया था. इसके साथ ही 2019 के यूरोपिय खेलों में भी उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल जीता था.
माइल्स एमिने पहलवानों के परिवार से आते हैं. उनके दादा ने साल 1960 में रोम में ओलंपिक खेलों में लेबनान का प्रतिनिधित्व किया था. यही नहीं, उनके भाई मलिक भी एक पहलवान हैं.
पारिवारिक संघर्ष
लेकिन अगर दीपक पूनिया की बात करें तो वह अपने परिवार में पहले पहलवान हैं.
हरियाणा के झज्जर ज़िले के छारा गांव में एक दूध बेचने वाले परिवार में पैदा हुए दीपक पूनिया ने ओलंपिक तक का सफ़र केवल 7 वर्षों में तय किया है.
उनके पिता सुभाष, 2015 से 2020 तक लगातार हर रोज़ अपने घर से 60 किलोमीटर दूर छत्रसाल स्टेडियम में दीपक को घर का दूध, मेवे और फल खुद पहुँचाते रहे हैं. चाहे बारिश हो, गर्मी या सर्दी, ये सिलसिला कभी टूटा नहीं.
उनके परिवार वाले यही चाहते थे कि दीपक को डाइट की कमी की वजह से कोई परेशानी न हो.
जब दीपक पूनिया बने 'केतली पहलवान'
दीपक पूनिया को उनके नज़दीकी लोग 'केतली पहलवान' भी कहते हैं.
इसके पीछे एक मज़ेदार घटना है. दीपक जब केवल 4 वर्ष के थे तभी उनको यह उपनाम मिल गया था.
हुआ कुछ यूँ था कि गांव के सरपंच ने दीपक को एक केतली में रखा दूध पीने के लिए दिया. दीपक ने एक झटके में सारा दूध पी लिया. फिर सरपंच ने उन्हें एक और केतली दी, दीपक उसे भी गटक गए. फिर एक और, फिर एक और इस तरह वह 5 केतली दूध पी गए.
सभी हैरान रह गए कि इतना छोटा बच्चा इतना अधिक दूध कैसे पी सकता है, बस तभी से सब उनको 'केतली पहलवान' बुलाया जाने लगा.
दीपक पुनिया ने कुश्ती की शुरुआत केवल एक अदद नौकरी पाने के लिए की थी, वो बस अपने घर का ख़र्च उठाने के लिए कुछ पैसे कमाना चाहते थे लेकिन उनकी मेहनत रंग लाई और एक-एक करके वे कैडेट (2016) और जूनियर कैटेगरी (2019) में वर्ल्ड चैंपियन बन गए.
2019 में ही नूर-सुल्तान, कज़ाखस्तान में हुई सीनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में रजत पदक जीतकर उन्होंने ओलंपिक के लिए क्वालीफ़ाई किया था.
अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान की रफ़्तार रोकने के लिए अफ़ग़ान सेना के ताबड़तोड़ हवाई हमले

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इमेज कैप्शन, लश्कर गाह में तालिबान और सरकारी सेना के बीच पिछले कुछ दिनों से भीषण जंग छिड़ी है. दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान में छिड़ी भीषण जंग में अफ़गान वायु सेना ने तालिबान ठिकानों पर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए हैं.
रक्षा मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है कि ये हवाई हमले किए गए हेलमंद प्रांत समेत देश के कई हिस्सों में किए गए हैं.
अफ़ग़ान वायु सेना का ख़ास ध्यान हेलमंद प्रांत की राजधानी लश्कर गाह पर क्योंकि वहां तालिबान लगातार बढ़त हासिल करता जा रहा है.
लश्करा गाह के रेडियो और टेलिविज़न सेंटर पर तालिबान विद्रोहियों ने कब्ज़ा कर लिया है.
शहर के 10 पुलिस जिलों में से नौ पर तालिबान का नियंत्रण हो गया.
लश्कर गाह के स्थानीय लोगों ने सरकारी रेडियो और टेलीविजन स्टेशन के पास भारी बमबारी की सूचना दी है.
जहां रेडियो और टीवी स्टेशन के दफ़्तर हैं, वहीं कई वेडिंग हॉल और प्रांतीय गवर्नर का गेस्टहाउस भी स्थित है.
लश्कर गाह में छिड़ी जंग के बारे में बीबीसी की ये ख़ास रिपोर्ट ज़रूर पढ़ें.

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इमेज कैप्शन, अफ़ग़ानिस्तान के उत्तरी प्रांत सर-ए-पुल में भी तालिबान की पकड़ मज़बूत होती जा रही है. वहां से भयानक तबाही की खबरें आ रही हैं. उत्तर अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान का ज़ोर
उत्तरी अफगानिस्तान में, सर-ए-पुल प्रांत की परिषद के प्रमुख मोहम्मद नूर रहमानी ने कहा है कि तालिबान प्रांतीय राजधानी का अधिकतर हिस्सा अब तालिबान के कब्ज़े में है.
हाल के महीनों में, तालिबान विद्रोहियों ने उत्तर में कई प्रांतों के दर्जनों जिलों को अपने कब्ज़े में लिया है.
ये साफ़ है कि प्रैल के अंत में अमेरिका और नेटो सैनिकों की वापसी की शुरुआत के साथ तालिबान के हमला तेज़ हो गए हैं.
तालिबान को मैदानी जंग में मिलती बढ़त को रोकने के लिए अफ़ग़ान सुरक्षा बल और सरकारी सैनिकों ने हवाई हमलों का इस्तेमाल किया है. हवाई हमलों में अमेरिका ने सरकारी फ़ौज की पूरी मदद की है.
इसने देश भर में आमलोगों की सुरक्षा के बारे में चिंताओं को बढ़ा दिया है.
संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने बुधवार को कहा, "हम लश्कर गाह में लोगों की सुरक्षा को लेकर बहुत चिंतित हैं. वहां दसियों हज़ार लोग लड़ाई में फंस सकते हैं."
टोक्यो ओलंपिक: रवि दहिया को मिला सिल्वर मेडल, ज़वूर उगुएव ने जीता गोल्ड मेडल

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इमेज कैप्शन, पहलवान रवि दहिया (नीली ड्रेस में) रवि दहिया गुरुवार को टोक्यो ओलंपिक खेलों के पुरुष फ्री स्टाइल कुश्ती के 57 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में रशियन ओलंपिक कमेटी के खिलाड़ी ज़वूर उगुएव से मुक़ाबला हार गए हैं.
इस तरह रवि दहिया को सिल्वर मेडल मिला है तो वहीं जवूर ने गोल्ड मेडल जीता है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रवि दहिया को बधाई देते हुए ट्वीट किया है, "रवि कुमार दहिया एक उल्लेखनीय पहलवान हैं! उनकी संघर्ष करने की भावना और लगन उत्कृष्ट है. #Tokyo2020 में सिल्वर मेडल जीतने के लिए उन्हें बधाई, भारत को उनकी उपलब्धियों पर बहुत गर्व है."
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लेकिन ये मुक़ाबला इतना आसान नहीं था. क्योंकि इससे पहले जब दोनों खिलाड़ियों का आमना - सामना हुआ है तब रशियन ओलंपिक कमेटी के खिलाड़ी ज़वूर उगुएव दहिया पर भारी पड़े हैं.
26 वर्षीय ज़वूर उगुएव ने साल 2018 और 2019 में वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता है. साल 2019 में यूरोपीय खेलों में वह तीसरे नंबर पर आए थे.
दहिया और उगुएव का आमना – सामना 2019 की वर्ल्ड चैंपियनशिप के दौरान हो चुका है. इस मैच में उगुएव ने 6-4 से दहिया को हरा दिया था.
कैसे जीता सेमीफाइनल मुक़ाबला
रवि दहिया ने सेमीफ़ाइनल मुक़ाबले में कज़ाखस्तान के नुरिस्लाम सनायेव को हराकर भारत के लिए रजत पदक पक्का कर लिया था.
पहले ब्रेक के समय तक रवि दहिया ने 2-1 की लीड हासिल की हुई थी फिर वो पिछड़ गए. एक वक्त रवि को दो अंक थे और नुरिस्लाम के नौ. लेकिन रविकुमार ने चुनौती स्वीकारी. जब वे 2-10 से पिछड़ रहे थे तो उन्होंने वापसी की और मुक़ाबले को पहले 5-9 तक लेकर आए और फिर पासा ही पलट दिया.
उन्होंने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए अपने विरोधी को चित करके फ़ाइनल में अपनी जगह पक्की की.
रवि दहिया कुश्ती में ओलंपिक पदक हासिल करने वाले भारत के पांचवे पहलवान होंगे. उनसे पहले सुशील कुमार ने बीजिंग ओलंपिक 2008 में कांस्य और लंदन ओलंपिक 2012 में रजत पदक हासिल किया था. लंदन ओलंपिक में ही योगेश्वर दत्त ने भी कांस्य पदक जीता था.
वहीं 2016 के रियो ओलंपिक में साक्षी मलिक ने कांस्य पदक हासिल किया था.

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रवि का ओलंपिक तक का सफ़र
हरियाणा के सोनीपत ज़िले के नाहरी गांव में जन्मे रवि दहिया आज जिस मुकाम पर पहुंचे हैं, उसके लिए वे बीते 13 सालों से दिन रात जुटे हुए थे.
रवि जिस गांव के हैं, उसकी आबादी कम से कम 15 हज़ार होगी लेकिन ये गांव इस मायने में ख़ास है कि यहां से अब तक तीन ओलंपियन निकले हैं.
महावीर सिंह ने 1980 के मास्को और 1984 के लास एजेंलिस ओलंपिक खेलों में हिस्सा लिया था जबकि अमित दहिया लंदन, 2012 के ओलंपिक खेल में हिस्सा ले चुके थे.
इस विरासत को रवि दहिया ने नई ऊंचाईयों पर पहुंचा दिया है. महज 10 साल की उम्र से उन्होंने दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में सतपाल के मार्गदर्शन में कुश्ती के गुर सीखना शुरू कर दिया था.
कड़ी मेहनत का नतीजा
उनके इस सफ़र में किसान पिता राकेश दहिया का भी योगदान रहा है जो इस लंबे समय में अपने बेटे को चैंपियन पहलवान बनाने के लिए हमेशा दूध और मेवा पहुंचाते रहे.
रवि के पिता के संघर्ष का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि वे चार बजे सुबह उठकर पांच किलोमीटर चलकर नजदीकी रेलवे स्टेशन पहुंचते थे और वहां से आज़ादपुर रेलवे स्टेशन उतरकर दो किलोमीटर दूर छत्रसाल स्टेडियम पहुंचते थे. यह सिलसिला बीते दस सालों तक बदस्तुर जारी रहा.
पदकों की दौड़
रवि दहिया ने सबसे पहले तब लोगों का ध्यान आकर्षित किया जब 2015 में जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में वे सिल्वर मेडल जीतने में कामयाब रहे.
इसके बाद 2018 में अंडर 23 वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी उन्होंने सिल्वर मेडल हासिल किया. 2019 में एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में वे पांचवें स्थान पर रहे थे लेकिन 2020 की एशियाई कुश्ती चैंपियशिप में वे गोल्ड मेडल जीतने में कामयाब रहे.
अपनी इस कामयाबी को उन्होंने 2021 में भी बरक़रार रखा जब एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप का गोल्ड मेडल जीत लिया था.
2019 में नूर सुल्तान, कज़ाखस्तान में हुई वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने के बाद ओलंपिक कोटा हासिल किया था, तब से ही उन्हें पदक के दावेदारों में गिना जाता रहा. वे सरकारी योजना टॉरगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम का भी हिस्सा रहे.
370 हटने की बरसी पर बोले इमरान ख़ान, ‘आरएसएस से प्रेरित है भारत सरकार की बर्बरता’

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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने गुरुवार को अनुच्छेद 370 हटाए जाने की दूसरी बरसी पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ पर हमला बोला है.
उन्होंने ट्वीट किया है कि ‘कश्मीर में भारत सरकार की बर्बरता आरएसएस की हिंदुत्व विचारधारा से प्रेरित है.’
इस मौके पर भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि बीते दो साल में जम्मू–कश्मीर ने पहली बार असली लोकतंत्र देखा है.
लेकिन ये पहला अवसर नहीं है जब इमरान ख़ान ने दोनों मुल्कों में ख़राब रिश्तों के लिए आरएसएस को ज़िम्मेदार ठहराया हो.
इससे पहले दावोस में उन्होंने आरएसएस-बीजेपी की तुलना नाज़ी पार्टी से करते हुए कहा था कि ‘भारत का शासन अभी एक अतिवादी विचारधारा से चल रहा है जिसका नाम आरएसएस है.’1925 में जब आरएसएस का जन्म हुआ था तो उसकी प्रेरणास्रोत नाज़ी पार्टी थी.’
इसके साथ ही न्यू यॉर्क टाइम्स को दिए इंटरव्यू में इमरान ख़ान ने कहा था कि 'नरेंद्र मोदी की आरएसएस की विचारधारा एक दीवार बन कर खड़ी हो गई है और इसी कारण दोनों देशों के संबंध बेहतर नहीं हो सके.'
अभी कुछ दिनों पहले भी इमरान ख़ान ने कहा है कि “भारत से हम कह रहे हैं कि हम कितनी देर से इंतज़ार कर रहे हैं कि सभ्य पड़ोसी बन कर रहें. लेकिन करें क्या कि एक आरएसएस की विचारधारा रास्ते में आ गयी है.”
लेकिन इस मौके पर इमरान ख़ान से लेकर पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ़ अल्वी और सेनाध्यक्ष क़मर जावेद बाजवा ने बयान दिए हैं.
आरएसएस पर सीधा हमला बोलने के साथ ही इमरान ख़ान ने भारत सरकार पर जम्मू-कश्मीर में अत्याचार करने और कश्मीरी पहचान को नष्ट करने की कोशिश करने के आरोप लगाए हैं.
पीएम इमरान ख़ान ने लिखा, “कश्मीर में 5 अगस्त 2019 को की गई एकतरफ़ा और अवैध कार्रवाइयों के दो साल पूरे हो गए हैं. इन दो सालों में दुनिया ने भारत का किया गया उत्पीड़न देखा है. वह जबरन जनसांख्यिकीय परिवर्तन और कश्मीरी पहचान को नष्ट करने के भारतीय प्रयासों को भी देख रही है.”
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“मैंने वैश्विक मंच पर कश्मीरियों की आवाज़ उठाई है और तब तक उठाता रहूंगा जब तक कि कश्मीरियों को यूएनएससी के प्रस्तावों के अनुसार अपना भविष्य तय करने की अनुमति नहीं दी जाती है. पाकिस्तान कश्मीरियों के मामले को पूरे विश्वास के साथ लड़ना जारी रखेगा और इंशाअल्लाह कश्मीरियों का संघर्ष सफल होगा.”
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इमरान ख़ान ने ट्वीट किया, “कश्मीर में भारत सरकार की बर्बरता आरएसएस की हिंदुत्व विचारधारा से प्रेरित है. आज भारत सभी अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों और मानदंडों का उल्लंघन कर रहा है."
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भारतीय विदेश मंत्री ने दिया जवाब
भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस मौके पर किसी का नाम लिए बग़ैर कहा है कि जम्मू – कश्मीर ने पहली बार असली लोकतंत्र देखा है.
उन्होंने लिखाहै, “पिछले दो सालों में जम्मू - कश्मीर ने असली लोकतंत्र, विकास, सुशासन और सशक्तिकरण देखा है. इसकी वजह से भारत की एकता और अखंडता को अतुलनीय रूप से मजबूतहुई है.”
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पीएम मोदी ने हॉकी टीम के कप्तान को फ़ोन करके दी बधाई, कही ये बात

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इमेज कैप्शन, टोक्यो जाने से पहले भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मनप्रीत सिंह समेत भारतीय ओलंपिक टीम के कई सदस्यों से बातचीत की थी. ये तस्वीर 13 जुलाई की है. भारतीय पुरुष हॉकी टीम की टोक्यो ओलंपिक में ऐतिहासिक जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह को फ़ोन करके जीत की बधाई दी.
खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने प्रधानमंत्री के फोन का एक वीडियो ट्वीटर पर पोस्ट किया.
कप्तान मनप्रीत सिंह को आए इस फोन कॉल में पीएम उन्हें बधाई दे रहे हैं. पीएम मोदी ने कहा, “बहुत-बहुत बधाई, आपको, पूरी टीम को. आपने बहुत गज़ब काम किया है, पूरा देश नाच रहा है. 15 अगस्त को हम सब मिल रहे हैं. मैंने सबको बुलाया है. पूरा देश गौरव कर रहा है.”
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इस दौरान उन्होंने भारतीय हॉकी टीम के प्रमुख कोच ग्राहम रीड से भी बात की और उन्हें बधाई दी.
वहीं, हॉकी टीम के कप्तान और प्रमुख कोच ने भी टीम को प्रेरणा देने के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया.
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भारत की अध्यक्षता में कल होगी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अफ़ग़ानिस्तान पर चर्चा

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अफ़ग़ानिस्तान में दिन ब दिन बिगड़ते हालात को लेकर भारत की अध्यक्षता में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की शुक्रवार को बैठक होगी.
ये बैठक करने का निर्णय अफ़ग़ानिस्तान के विदेश मंत्री मोहम्मद हनीफ अतमार के भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ बात करने के एक दिन बाद आया है.
उस बातचीत में अतमार ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का एक आपातकालीन सत्र बुलाने पर चर्चा की थी.
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संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने ट्वीट कर कहा, "भारतीय अध्यक्षता में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद #UNSC की बैठक शुक्रवार, 6 अगस्त को होगी, जिसमें अफ़ग़ानिस्तान की स्थिति पर चर्चा और निरीक्षण किया जाएगा."
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अफ़ग़ानिस्तान के विदेश मंत्री अतमार ने ये भी कहा है कि तालिबान की हिंसा और अत्याचारों के कारण अफ़ग़ानिस्तान में हो रही त्रासदी को रोकने के लिए संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को बड़ी भूमिका निभानी चाहिए.
अमेरिका और नेटो सैनिकों की वापसी के बाद से तालिबान और अफ़ग़ानिस्तान के सरकारी बलों के बीच लड़ाई तेज हो गई है और तालिबान ने देश के कई अहम शहरों औऱ प्रांतों पर अपना कब्ज़ा जमा लिया है.
वंदना कटारिया के परिवार ने कहा - ओलंपिक में हार के बाद उन्हें कहे गए जातिसूचक शब्द

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भारतीय महिला हॉकी टीम की फ़ॉरवर्ड खिलाड़ी वंदना कटारिया के परिवार के ऊपर कथित तौर पर जातिसूचक टिप्पणी किए जाने का मामला सामने आया है.
दरअसल, बुधवार को ओलंपिक के सेमीफ़ाइनल मुक़ाबले में भारतीय टीम अर्जेंटीना से हार गई थी जिसके बाद उत्तराखंड के हरिद्वार ज़िले में रोशनाबाद गांव में कथित तौर पर दो लोगों ने वंदना के घर के बाहर जातिसूचक टिप्पणियां कीं.
वंदना के परिवार का आरोप है कि उनके घर के सामने जातिसूचक अपशब्द कहे गए, पटाखे फोड़े गए.
वंदना के भाई शेखर ने टाइम्स ऑफ़ इंडिया अख़बार को बताया, “हम हार के बाद दुखी थी लेकिन फिर एकाएक हमने घर के बाहर पटाख़ों की आवाज़ सुनी. जब हम बाहर निकले तो देखा कि हमारे ही गांव के दो लोग थे. हम उन्हें जानते हैं और वे ऊंची जाति से हैं. वो हमारे घर के बाहर नाच रहे थे. वे जातिसूचक अपशब्द कह रहे थे, हमारे परिवार का अपमान कर रहे थे और कह रहे थे कि भारतीय टीम इसलिए हारी क्योंकि उसमें बहुत सारे दलित हैं.”
बीबीसी के सहयोगी पत्रकार ध्रुव मिश्रा ने जानकारी दी है कि इस मामले में एससी/एसटी एक्ट के तहत एफ़आईआर दर्ज करके एक व्यक्ति को गिरफ़्तार किया गया है.
हॉकी कप्तान मनप्रीत ने कहा कोरोना से लड़ रहे डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों को समर्पित कांस्य पदक

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इमेज कैप्शन, भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह ने टोक्यो ओलंपिक में भारत की ऐतिहासिक जीत को देश के डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों को समर्पित किया है.
लगभग चार दशकों के सूखे के बाद टोक्यो ओलंपिक में मिली शानदार जीत के बाद मनप्रीत सिंह के पास कहने को शब्द नहीं थे.
इससे पहले भारत ने हॉकी में 1980 में मॉस्को में स्वर्ण पदक जीता था लेकिन उसके बाद भारत कोई भी पदक नहीं जीत पाया. लेकिन, इस बार हॉकी टीम ने इतिहास रचते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया है.

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इस जीत पर मनप्रीत सिंह ने कहा, “मैं नहीं जानता कि इस वक़्त क्या कहूं, ये जबरदस्त था. जो कोशिश की गई, हम खेल में 3-1 से पीछे थे. मुझे लगता है कि हम इस पदक को पाने के योग्य हैं. हमने बहुत मेहनत की थी, पिछले 15 महीने हमारे लिए बहुत मुश्किलों भरे थे. हम बैंगलुरू में थे और हममें से कुछ को कोविड भी हो गया था.”
“हम इस पदक को भारत में लोगों की जान बचाने वाले डॉक्टर और फ्रंटलाइन स्वास्थ्यकर्मियों को समर्पित करना चाहते हैं.”
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29 साल के मनप्रीत सिंह पंजाब में जलंधर के रहने वाले हैं. जर्मनी से मिली जबरदस्त चुनौती को लेकर उन्होंने कहा, “वो बहुत मुश्किल था. उन्हें आख़िरी छह सैकेंड में पैनल्टी कॉर्नर मिल गया. हमने सोचा कि हमें इसे किसी भी हाल में रोकना है. ये वाकई कठिन है . मेरे पास अब शब्द नहीं हैं.”
कप्तान ने कहा, “हमें लंबे समय से कोई पदक नहीं मिला था. अब हमारा आत्मविश्वास बढ़ गया है. हम ये कर सकते हैं. अगर हम ओलंपिक में ऐसा कर सकते हैं तो कहीं भी कर सकते हैं.”
उधर हॉकी प्लेयर मनदीप सिंह के परिवार ने भारतीय टीम की जीत का जश्न नाच-गा कर मनाया.
मनदीप के पिता रविंदर सिंह ने कहा कि भारत ने आज जो कुछ हासिल किया है उसे देखकर वे निशब्द हैं.
कोरोना:भारत में 24 घंटे में 42 हज़ार से ज़्यादा मामले, 533 की मौत

भारत में एक दिन में कोरोना संक्रमण के 42,982 मामले सामने आए हैं और 533 लोगों की मौत हुई है.
इसके साथ ही भारत में कुल मामले तीन करोड़ 18 लाख से ज़्यादा हो गए हैं. वहीं, अब तक चार लाख 26 हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई है.
भारत में एक दिन में 41,726 कोरोना मरीज ठीक हुए हैं और एक्टिव मामले 4,11,076 बने हुए हैं.
वहीं, भारत में एक दिन में 37,55,115 वैक्सीन लगाई गई है और अब तक 48 करोड़ 93 लाख से ज़्यादा वैक्सीन लगाई जा चुकी हैं.
प्रशांत किशोर ने अमरिंदर सिंह के प्रधान सलाहकार की ज़िम्मेदारी छोड़ी

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चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के प्रधान सलाहकार की ज़िम्मेदारी छोड़ने का एलान किया है.
उन्होंने इस ज़िम्मेदारी को संभालने में अपनी असमर्थता जताई है.
न्यूज़ एजेंसी एएनआई के मुताबिक प्रशांत किशोर ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भूमिका से अस्थायी तौर पर दूरी बनाने के फ़ैसले को देखते हुए वो प्रधान सलाहकार की ज़िम्मेदारी निभाने में समर्थ नहीं हैं. वो पंजाब के मुख्यमंत्री से उन्हें इस ज़िम्मेदारी से मुक़्त करने का अनुरोध करते हैं.
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2017 के विधानसभा चुनाव में भी प्रशांत किशोर ने पंजाब में कांग्रेस का चुनाव अभियान संभाला था और 2022 में आने वाले चुनावों में भी उनकी सेवाएं लेने के लिए उन्हें ये ज़िम्मेदारी दी गई थी.
प्रशांत किशोर हाल के हफ़्तों में विपक्ष के कई बड़े नेताओं से मिलते रहे हैं. उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से भी मुलाक़ातें की हैं.
प्रशांत किशोर ने 2014 में एक प्रोफ़ेशनल सलाहकार के तौर पर बीजेपी के चुनाव मैनेजमेंट की जिम्मेदारी संभाली थी. उसके बाद वे बिहार में नीतीश कुमार और पश्चिम बंगाल में ममत बनर्जी समेत कई क्षेत्रीय नेताओं के साथ रहे.
इन दिनों राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, और दूसरे विपक्षी नेताओं के साथ मुलाक़ातों को लेकर एक बार फिर चर्चा में हैं.
चर्चा ये भी है कि वे भविष्य में, कांग्रेस किसी में किसी अहम भूमिका में नज़र आ सकते हैं.
भारतीय पुरुष हॉकी टीम की ऐतिहासिक जीत का विश्लेषण
FB LIVE : भारतीय टीम ने टोक्यो ओलंपिक में जर्मनी को 5-4 से हराते हुए कांस्य पदक अपने नाम कर लिया है. इस मैच को टोक्यो में लाइव देख रहे थे बीबीसी संवाददाता अरविंद छाबड़ा
कांस्य पदक जीतकर भारतीय हॉकी टीम ने रचा इतिहास, जर्मनी को 5-4 से हराया, पीएम ने दी बधाई

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भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने इतिहास रचते हुए 41 साल बाद ओलंपिक में पदक हासिल कर लिया है.
भारतीय टीम ने टोक्यो ओलंपिक में जर्मनी को 5-4 से हराते हुए कांस्य पदक अपने नाम कर लिया है.
भारत ने ओलंपिक हॉकी में आखिरी स्वर्ण पदक 1980 में मॉस्को में जीता था. तब से भारत को हॉकी में पदक के इंतज़ार था जिसे मौजूदा हॉकी टीम ने ख़त्म कर दिया.
मैच की शुरुआत में कुछ पीछे रहने के बाद भारत ने पूरे मैच में अपनी बढ़त बनाए रखी.
दोनों टीमों के बीच चले इस रोमांचक मैच में आखिर तक भारत ने बेहतरीन बचाव करते हुए जीत हासिल कर ली.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टीम को बधाई देते हुए ट्वीट किया है. पीएम मोदी ने लिखा, “ऐतिहासिक! एक ऐसा दिन जो हर भारतीय की याद में अंकित हो जाएगा. कांस्य पद घर लाने के लिए हमारी पुरुष हॉकी टीम को बधाई. इस उपलब्धि ने, पूरे देश, खासकर कि हमारे युवाओं में उत्साह भर दिया है. भारत को अपनी हॉकी टीम पर गर्व है.”
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अभिनेता शाहरुख ख़ान ने भी भारतीय पुरुष हॉकी टीम को बधाई दी है. उन्होंने ट्वीट किया, “भारतीय पुरुष हॉकी टीम को बधाई. कौशल का जबरदस्त प्रदर्शन. क्या रोमांचक मैच है.”
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बेहद कड़ा मुक़ाबला
दोनों टीमों के बीच जबरदस्त मुक़ाबला देखने को मिला.
पहले क्वार्टर में जर्मनी ने एक गोल करके भारत पर बढ़त बना ली और भारत खाली हाथ रह गया लेकिन इसके बाद भारत ने शानदार वापसी की.
भारत ने अपनी रणनीति बदली और जर्मनी के आक्रामक खेल को रोकने में कामयाब रहा.
दूसरे क्वार्टर में सिमरनजीत सिंह ने एक गोल दागकर भारत की उम्मीदें जगा दीं और मैच में वापसी कर ली. लेकिन, जर्मनी ने दो गोल दागकर भारत के सामने फिर से चुनौती खड़ी कर दी.
पर भारतीय टीम ने भी अपनी कोशिशें जारी रखीं और मौकों को भुनाने में कामयाब रही.
हाफ़ टाइम से पहले हार्दिक सिंह और पैनल्टी कॉर्नर में हरमनप्रीत सिंह के गोल से मैच की सूरत बदल गई और मैच 3-3 की बराबरी पर पहुंच गया.

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दोनों ही टीम के लिए ये मैच कितना अहम था ये पूरे खेल के दौरान दिखाई दिया. पहले ही हाफ़ में कुल छह गोल दागे गए.
अगला हाफ़ शुरू होते ही भारत ने मैच पर अपना दबदबा कायम कर लिया और रुपिंदर पाल सिंह ने पैनल्टी स्ट्रोक को गोल में तब्दील कर दिया.
दो ही मिनट बाद सिमरनजीत सिंह ने अपना दूसरा गोल करते हुए भारत को बढ़े अंतर से 5-3 की बढ़त दिला दी.
उधर जर्मनी की कोशिशें भी लगातार जारी रहीं लेकिन टीम तीसरे क्वार्टर में गोल करने में नाकाम रही.
चौथे क्वार्टर में जर्मनी ने भारत की बढ़त को कुछ कम कर दिया और पैनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलते हुए मैच 5-4 पर ला दिया.
लेकिन, बचे हुए समय में जर्मनी की टीम कोई गोल नहीं कर पाई. इस दौरान भारतीय खिलाड़ी सुमित चोटिल भी हुए और कुछ बहस की वजह से मैच को बीच में रोका भी गया.
इसके बाद जर्मनी को दो बार पैनल्टी कॉर्नर के मौके मिले लेकिन भारत के गोलकीपर श्रीजेश ने उन्हें रोक कर भारत की ऐतिहासिक जीत को पक्का कर दिया.
भारतीय गोलकीपर श्रीजेश ने इस बड़ी जीत के बाद अपनी तस्वीरें डालते हुए ट्वीट भी किया, “मुझे अब मुस्कुराने दो.”
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