लालू प्रसाद यादव ने मंगलवार को एलजेपी नेता चिराग पासवान का समर्थन करते हुए
कहा है कि कुछ भी हुआ हो, एलजेपी के नेता चिराग पासवान ही हैं.
इसके साथ ही राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने कहा है कि वह चाहते हैं कि चिराग पासवान
और तेजस्वी यादव एक साथ आ जाएं.
एक लंबे अरसे बाद दिल्ली आकर नेताओं से मिल रहे लालू यादव ने मंगलवार को पूर्व सांसद शरद यादव से मुलाक़ात की.
शरद यादव से
मुलाक़ात करते हुए लालू यादव ने कहा कि उनकी, शरद यादव और मुलायम सिंह यादव की
ग़ैर-मौजूदगी में संसद में आम लोगों से जुड़े मुद्दों की अनदेखी हुई है.
वहीं, पेगासस स्कैंडल पर लालू
यादव ने कहा कि इसकी जाँच होनी चाहिए और जो लोग शामिल हैं, उनके नाम सामने आने
चाहिए.
लालू प्रसाद यादव ने अपने ट्विटर अकाउंट पर
मुलायम सिंह यादव और शरद यादव के साथ मुलाक़ात के बारे में बताया है.
लालू यादव ने
ट्वीट कर लिखा, “वरिष्ठ समाजवादी नेता शरद भाई से
मुलाक़ात कर स्वास्थ्य लाभ संबंधित जानकारी प्राप्त की. सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और
राजनीतिक असमानता के विरुद्ध हमारा लंबा संघर्ष रहा है. हम समाजवादियों का संघर्ष
ही संस्कार है. सांप्रदायिकता और ग़ैर - बराबरी के ख़िलाफ अंतिम दम तक लड़ाई जारी
रहेगी.”
शरद यादव के साथ मुलाक़ात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, “हम तीनों, मैंने, शरद भाई, मुलायम सिंह ने कई मुद्दों पर संघर्ष किया है. कल मेरी मुलायम सिंह यादव से शिष्टाचार मुलाक़ात हुई.”
इस मीटिंग में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी मौजूद थे.
नीतीश कुमार पर हमला बोलते हुए लालू यादव ने कहा, “हम बिहार में सरकार बनाने जा रहे थे. मैं जेल में था. लेकिन मेरे बेटे तेजस्वी ने उनका (एनडीए) का अकेले सामना किया. उन्होंने बेइमानी की और हमें 10 – 15 वोटों से हरा दिया.”
लालू के समर्थन पर क्या बोले चिराग
लोजपा विवाद में चिराग पासवान का समर्थन करते हुए कहा है कि वह चाहते हैं कि चिराग और तेजस्वी एक साथ आ जाएं.
दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, “लोक जनशक्ति पार्टी में कुछ भी हुआ हो, एलजेपी के नेता अभी भी चिराग़ पासवान ही हैं. और मैं ये चाहता हूं कि चिराग पासवान और तेजस्वी यादव एक साथ आ जाएं.”
लोक जनशक्ति पार्टी में फूट पड़ने के बाद से इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि अब चिराग पासवान का राजनीतिक भविष्य किस करवट बैठेगा.
क्योंकि खुद को पीएम नरेंद्र मोदी का हनुमान बताने वाले चिराग पासवान को फूट के दौरान बीजेपी का समर्थन भी नहीं मिला.
इसके बाद चिराग पासवान के काफ़ी विरोध के बाद बीजेपी ने मंत्रीमंडल विस्तार में उनके चाचा को केंद्रीय मंत्री का पद दे दिया. इसके बाद से चिराग पासवान आर्शीवाद यात्रा पर निकले हुए हैं.
हालांकि, उनकी मुलाक़ात आरजेडी नेताओं से हो रही है.
पिछले महीने दिल्ली में राजद महासचिव श्याम रजक की मुलाक़ात चिराग पासवान से हुई है.
इससे पहले तेजस्वी यादव ने भी चिराग पासवान से विपक्ष का दामन थामने का आग्रह किया था.
लेकिन अब लालू प्रसाद यादव की ओर से ये बयान आना काफ़ी अहम है.
हालांकि, इस बयान पर चिराग पासवान ने कहा है, “मैं उनकी (लालू प्रसाद यादव) की भावनाओं का सम्मान करता हूं. मैं आशीर्वाद यात्रा पर हूं. इस वक्त मेरा पूरा ध्यान आशीर्वाद यात्रा पर है.
मेरी प्राथमिकता अपनी पार्टी को मजबूत करना है. बिहार या यूपी में किसी भी तरह का गठबंधन चुनाव के समय किया जाए.”