You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
अफ़ग़ान सरकार वजूद के संकट से जूझ रही: रिपोर्ट
अमेरिकी संस्था ‘साइगर’ ने शुक्रवार को अपनी रिपोर्ट में बताया है कि अफ़ग़ानिस्तान सरकार एक बहुत बड़े ख़तरे का सामना कर रही है, जिससे उसका अस्तित्व संकट में पड़ सकता है.
लाइव कवरेज
अनंत प्रकाश, रजनीश कुमार, सिंधुवासिनी, विभुराज and अपूर्व कृष्ण
टोक्यो ओलंपिक: भारत की हॉकी महिला टीम ने आयरलैंड को हराया
टोक्यो ओलंपिक: हॉकी की भारतीय महिला टीम ने आयरलैंड को हरा दिया है.
मैच के आख़िरी पलों में गोल करके भारतीय टीम ने यह मैच अपने नाम कर लिया. भारत का अगल मुकाबला अब दक्षिण अफ़्रीका की टीम से होना है.
सिर्फ़ एक गोल से जीता भारत
भारत की ओर से एकमात्र गोल मैच के 57वें मिनट में नवनीत कौर ने किया.
भारतीय टीम के पास इस जीत को और बेहतर करने का मौका था.
इस मैच में भारत को 14 पेनाल्टी कॉर्नर मिले थे जिसे वो गोल में तब्दील नहीं कर पाया.
हालाँकि इस जीत के साथ ही भारतीय टीम के क्वार्टर फ़ाइनल में पहुँचने की राह खुल गई है.
दानिश सिद्दीक़ी की तालिबान ने की थी बर्बरता से हत्या: रिपोर्ट
तालिबान ने भारतीय फ़ोटो पत्रकार दानिश सिद्दीक़ी की पहचान करने के बाद उनकी ‘बर्बतापूर्वक’ हत्या की थी.
अमेरिकी समाचार पत्रिका 'वॉशिंगटन एग्ज़ामिनर' ने अपनी रिपोर्ट में यह दावा किया है.
पत्रिका की रिपोर्ट के मुताबिक़ पुलित्ज़र पुरस्कार से सम्मानित सिद्दीक़ी की मौत महज अफ़गान सेना और तालिबान के बीच हुए संघर्ष में नहीं हुई थी बल्कि तालिबान ने उनकी मौत को बाक़ायदा अंज़ाम दिया था.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के लिए काम करने वाले 39 वर्षीय दानिश सिद्दीक़ी रिपोर्टिंग के लिए अफ़गानिस्तान में थे जब कंधार के स्पिन बोल्डक इलाके में उनकी मौत हो गई.
शुरुआती रिपोर्ट्स में कहा गया था कि दानिश की मौत अफ़गान सेना और तालिबान के बीच संघर्ष में हुई.
तालिबान ने एक बयान जारी कर उनकी मौत में अपना हाथ होने से इनकार भी किया था.
तालिबान ने कहा था, “हमें भारतीय पत्रकार की मौत का खेद है. इस इलाके में रिपोर्टिंग के लिए आने वाले पत्रकार हमें सूचित करें और हम उनका ख़याल रखेंगे.”
'मस्जिद पर सिर्फ़ इसलिए हमला क्योंकि सिद्दीक़ी वहाँ थे'
अब वॉशिंगटन एग्ज़ामिनर की रिपोर्ट तालिबान के दावों को ग़लत साबित कर रही है.
रिपोर्ट के अनुसार दानिश सिद्दीक़ी अफ़गान सेना के साथ स्पिन बोल्डक इलाके में तालिबान-अफ़गान संघर्ष कवर करने गए थे. स्पिन बोल्डक इलाके पर तालिबान का क़ब्ज़ा है.
रिपोर्ट के अनुसार, “जब अफ़गान सेना और दानिश एक कस्टम पोस्ट से थोड़ी ही दूर थे तभी उन पर तालिबान का हमला हुआ और अफ़गान सेना को दो टुकड़ियों में बंटना पड़ा. इस दौरान अफ़गान सेना के कमांडर और कुछ सैनिक दानिश से अलग हो गए.”
वॉशिंगटन एग्ज़ामिनर के अनुसार इस बीच गोलीबारी में दानिश सिद्दीक़ी घायल हो गए और उन्हें प्राथमिक उपचार देने के लिए एक स्थानीय मस्जिद में ले जाया गया.
जैसे ही पता चला कि सिद्दीक़ी को मस्जिद में ले जाया दया है, तालिबान ने मस्जिद पर हमला कर दिया.
रिपोर्ट में स्थानीय जाँच के हवाले से लिखा गया है कि तालिबान ने मस्जिद पर सिर्फ़ इसलिए हमला किया क्योंकि सिद्दीक़ी वहाँ थे.
रिपोर्ट के मुताबिक़, “तालिबान ने जब सिद्दीक़ी को जब पकड़ा तब वो ज़िंदा थे. तालिबान लड़कों ने पहले उनकी पहचान की पुष्टि की और फिर उन्हें गोली मारी.”
'पहले सिर पर मारा फिर गोलियों से शरीर छलनी किया'
अमेरिकन एंटरप्राइज़ इंस्टिट्यूट के वरिष्ठ फ़ेलो माइकल रुबिन के मुताबिक़, “सिद्दीक़ी की मौत के बाद उनकी जो तस्वीरें सोशल मीडिया पर सर्कुलेट हुईं उनमें उनका चेहरा साफ़ पहचान में रहा है. मैंने भारत सरकार के एक सूत्र से मिले सिद्दीक़ी की कुछ और तस्वीरों और एक वीडियो की समीक्षा की.”
रुबिन ने लिखा है, “वीडियो में मैंने देखा कि तालिबान के लड़ाकों ने पहले सिद्दीक़ी के सिर पर खूब मारा और फिर गोलियों से उनका शरीर छलनी कर दिया.”
रिपोर्ट में कहा गया है कि तालिबान ने जिस तरह सिद्दीक़ी को निशाना बनाकर उनकी हत्या की और गोलियों से उनका शरीर छलनी किया उससे पता चलता है कि युद्ध के अंतरराष्ट्रीय नियमों की ज़रा भी परवाह नहीं करता.
दानिश सिद्दीक़ी अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स के चीफ़ फ़ोटो पत्रकार थे और वो अफ़ग़ानिस्तान में जारी संघर्ष और तनाव को लगातार कवर कर रहे थे.
वो अपने ट्विटर अकाउंट पर लगातार वहाँ की स्थिति का ब्योरा दे रहे थे. सिद्दीक़ी ने बताया था कि कैसे एक हमले में वो बाल-बाल बचे थे.
दानिश सिद्दीक़ी और उनकी टीम को रोहिंग्या शरणार्थी संकट की कवरेज के लिए फीचर फोटोग्राफी कैटगिरी में साल 2018 के पुलित्ज़र पुरस्कार से सम्मानित किया गया था.
उन्होंने अफ़ग़ानिस्तान और इराक़ की जंग के अलावा कोरोना महामारी, नेपाल भूकंप और हॉन्ग-कॉन्ग के विरोध प्रदर्शनों को कवर किया था, जिसे ख़ूब तारीफ़ मिली थी.
टोक्यो ओलंपिक: बॉक्सिंग के सेमी फ़ाइनल में पहुँची लवलीना, मेडल पक्का
भारतीय मुक्केबाज़ लवलीना बोरगोहाईं ने टोक्यो ओलंपिक में अपना पदक पक्का कर लिया है.
लवलीना ने 69 किलोग्राम भारवर्ग में चीनी ताइपे की निएन-चिन-चेन को हराकर सेमीफ़ाइनल में अपनी जगह बना ली है.
इसी के साथ ओलंपिक में भारत का दूसरा और लवलीना का कम से कम कांस्य पदक पक्का हो गया है.
पहले जिससे हारती आईं, अब उसे हराया
निएन-चिन चेन नाम की जिस खिलाड़ी के ख़िलाफ़ लवलीना ने जीत हासिल की है, वो पूर्व विश्व चैम्पियन हैं और अब तक के कई मुक़ाबलों में लवलीना उनसे हारती आई हैं.
लवलीना 2018 के वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी उनसे हारी गई थीं.
पूर्वोत्तर राज्य असम से ओलंपिक खेलों तक जाने वाली वो पहली महिला बॉक्सर हैं. वो 69 किलोग्राम वेल्टरवेट वर्ग में खेलती हैं.
मुख्यमंत्री ने दी बधाई
असम से ताल्लुक रखने वाली लवलीना को राज्य के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने ट्वीट करके बधाई दी थी.
उन्होंने लिखा, "ये एक बड़ा पंच है. आप हमें लगातार गौरवान्वित और भारत का झंडा ऊँचा कर रही हैं. शाबास!"
विजेंद्र सिंह ने भी दी बधाई
भारतीय मुक्केबाज़ विजेंद्र सिंह ने भी ट्वीट करके लवलीना को बधाई दी. उन्होंने लिखा, "आख़िरकार, बधाई हो इंडिया."
कोरोना संक्रमण: 24 घंटे में 44 हज़ार से ज़्यादा मामले, 555 लोगों की मौत
पिछले 24 घंटे में भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल 44,230 मामले सामने आए हैं और 555 लोगों की मौत हुई है.
इस दौरान 42,360 लोग इलाज के बाद ठीक भी हुए हैं.
इसी के साथ देश में संक्रमण के कुल मामले 3,15,72,344 हो गए हैं जिनमें एक्टिव मामले 4,05,155 हैं.
कोविड-19 की चपेट में आकर अब तक कुल 4,05,155 लोगों की मौत हुई है और 3,07,43,972 लोगों ने बीमारी को मात दी है.
वैक्सीनेशन के आँकड़ों को देखें तो देश में अब तक कुल 45,60,33,754 लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगाई जा चुकी है.
25 मीटर एयर पिस्टल शूटिंग: फ़ाइनल में नहीं पहुँच पाईं मनु भाकर
निशानेबाज़ी के लिए आज भारत में एक बार फिर निराशाजनक दिन रहा है.
25 मीटर पिस्टल शूटिंग के रैपिड राउंड में भारत की मनु भाकर और राही सरनोबत, दोनों का ही प्रदर्शन अंसतोषजनक रहा.
मनु भाकर कुल 582 अंकों के साथ 11वें स्थान पर रहीं जबकि फ़ाइनल में पहुँचने के लिए कम से कम आठवें स्थान पर होना अनिवार्य था.
वहीं, राही सरनोबत 573 अंक ही जुटा पाईं और 32वें स्थान पर रहीं.
टोक्यो ओलंपिक: दीपिका कुमारी क्वार्टर फ़ाइनल में, सटीक 10 निशाने लगाए
टोक्यो ओलंपिक से भारत के लिए एक अच्छी ख़बर आई है. भारतीय महिला तीरंदाज़ दीपिका कुमारी सटीक 10 निशाने लगाकर क्वार्टर फ़ाइनल में पहुँच गई हैं.
दीपिका ने क्वार्टर फ़ाइनल में जगह बनाने के लिए रूसी तीरंदाज़ केसिना पेरोवा को 6-5 से हराया.
दोनों के बराबर पाँच-पाँच अंक होने के बाद जीत का फ़ैसला शूट ऑफ़ से हुआ.
शूट ऑफ़ में पेरोवा ने सात निशाने लगाए.
दीपिका को अगले राउंड में पहुँचने के लिए कम से कम आठ निशाने लगाने थे लेकिन उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए सटीक 10 निशाने लगाए और क्वार्टर फ़ाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली.
नमस्कार! बीबीसी हिंदी के इस लाइव पेज से जुड़ने के लिए आपका शुक्रिया. हम यहाँ आपको दिन भर की सभी बड़ी ख़बरें और लाइव अपडेट्स देते रहेंगे. यह लाइव पेज 24 घंटे उपलब्ध है. 29 जुलाई, गुरुवार के अपडेट्स के लिए आप यहाँ क्लिक कर सकते हैं.