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किसानों के लिए 'मवाली' शब्द इस्तेमाल कर पीछे हटीं बीजेपी नेता मीनाक्षी लेखी

बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी ने किसानों पर की टिप्पणी वापस ले ली है. उन्होंने कहा है कि उनके शब्दों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया. लेकिन उनके शब्दों से अगर किसी को ठेस पहुँची है, तो वे अपने शब्द वापस लेती हैं.

लाइव कवरेज

अनंत प्रकाश, कमलेश मठेनी, दिलनवाज़ पाशा and अपूर्व कृष्ण

  1. दैनिक भास्कर पर सीबीडीटी की छापेमारी, विपक्ष ने लगाया मीडिया को डराने का आरोप

    दिलनवाज़ पाशा

    बीबीसी संवाददाता

    भारत के चर्चित अख़बार दैनिक भास्कर के कार्यालयों पर आज सुबह से सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ डॉयरेक्ट टैक्सेज़ (सीबीडीटी) ने छापेमारी की है.

    सीबीडीटी की प्रवक्ता सुरभि अहलूवालिया ने बीबीसी से छापोमारी की पुष्टि की है.

    सुरभी ने बीबीसी से कहा, ''दैनिक भास्कर के कार्यालयों पर सीबीडीटी का ऑपरेशन जारी है. इस संबंध में अभी हम इतना ही बता सकते हैं.''

    ये ऑपरेशन किस बारे में है इस पर सुरभि ने कहा, ''अभी ये जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाएगी.''

    वहीं, दैनिक भास्कर के नेशनल एडिटर लक्ष्मी प्रसाद पंत ने बीबीसी को बताया, 'जयपुर दफ्तर में कुछ टीमें पहुंची हैं. वो क्या जांच कर रहे हैं ये हमें अभी नहीं पता है. मैं दफ़्तर पहुंच रहा हूं.'

    दैनिक भास्कर भारत का चर्चित हिंदी अख़बार है. दैनिक भास्कर ने कोविड महामारी के दौरान कई खोजपरक ख़बरें प्रकाशित की हैं जिनमें सरकारों के कोविड प्रबंधन पर सवाल उठाए गए थे.

    विपक्ष ने लगाया मीडिया पर हमले का आरोप

    वहीं, इस मामले को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर हो गया है. विपक्षी नेताओं ने सरकार पर मीडिया की आवाज़ दबाने का आरोप लगाया है.

    कांग्रेस नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्वीट किया है, ‘‘मोदी सरकार में प्रजातंत्र के चौथे स्तंभ को दबाने का, सच को रोकने का काम शुरू से ही किया जा रहा है, अभी पेगासस जासूसी मामले में भी कई मीडिया संस्थान व उससे जुड़े लोग बड़ी संख्या में निशाने पर रहे हैं और अब सरकार की निरंतर पोल खोल रहे.’’

    ‘’सच को देश भर में निर्भिकता से उजागर कर रहे दैनिक भास्कर मीडिया समूह को दबाने का काम शुरू हो गया है? अपने विरोधियों को दबाने के लिये, सच को सामने आने से रोकने के लिये ईडी, आईटी व अन्य एजेंसियो का दुरुपयोग यह सरकार शुरू से ही करती रही है और यह काम आज भी जारी है? लेकिन ध्यान रखें कि सत्य परेशान हो सकता है लेकिन पराजित नहीं?

    कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने भी दैनिक भास्कर में छापेमारी को लेकर बीजेपी सरकार पर हमला बोला है.

    उन्होंने ट्वीट किया, ‘’पत्रकारिता पर मोदीशाह का प्रहार!! मोदीशाह का एक मात्र हथियार IT ED CBI! मुझे विश्वास है अग्रवाल बंधु डरेंगे नहीं.दैनिक भास्कर के विभिन्न ठिकानों पर इनकम टैक्स इन्वेस्टिगेशन विंग की छापामार कार्रवाई शुरू...प्रेस कॉन्प्लेक्स सहित आधा दर्जन स्थानों पर मौजूद है इनकम टैक्स की टीम.’’

    दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी इस मामले पर सरकार की आलोचना की है.

    उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘दैनिक भास्कर और भारत समाचार पर आयकर छापे मीडिया को डराने का प्रयास है. उनका संदेश साफ़ है- जो भाजपा सरकार के ख़िलाफ़ बोलेगा, उसे बख्शेंगे नहीं. ऐसी सोच बेहद ख़तरनाक है. सभी को इसके ख़िलाफ़ आवाज़ उठानी चाहिए. छापे तुरंत बंद किए जायें और मीडिया को स्वतंत्र रूप से काम करने दिया जाए.’’

    राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी इस मामले पर ट्वीट किया है.

    उन्होंने लिखा, “दैनिक भास्कर अखबार और भारत समाचार न्यूज़ चैनल के कार्यालयों पर इनकम टैक्स का छापा मीडिया को दबाने का एक प्रयास है. मोदी सरकार अपनी रत्तीभर आलोचना भी बर्दाश्त नहीं कर सकती है. यह भाजपा की फासीवादी मानसिकता है जो लोकतंत्र में सच्चाई का आइना देखना भी पसंद नहीं करती है. ऐसी कार्रवाई कर मोदी सरकार मीडिया को दबाकर संदेश देना चाहती है कि यदि गोदी मीडिया नहीं बनेंगे तो आवाज कुचल दी जाएगी.''

  2. कोरोना: देश में 24 घंटे में 41 हज़ार से ज़्यादा मामले, 507 की मौत

    भारत में पिछले 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के 41,383 नए मामले सामने आए हैं और 507 लोगों की मौत हो गई है.

    इसके साथ ही देश में कोरोना वायरस के कुल मामलों की संख्या तीन करोड़ 12 लाख से ज़्याद पहुंच गई है. वहीं, 4,18,987 लोगों की मौत हो चुकी है.

    देश में कोरोना के सक्रिय मामलों की संख्या 4,09,394 हो गई है और एक दिन में 38,652 लोग डिस्चार्ज हुए हैं.

    कोरोना वैक्सीनेशन की बात करें तो एक दिन में 22 लाख से ज़्यादा लोगों को वैक्सीन दी गई है. अब तक 41 करोड़ 78 लाख से ज़्यादा लोगों को वैक्सीन दी जा चुकी है.

  3. आज दिल्ली में जंतर-मंतर पर धरना देंगे किसान, 6 महीने पहले सरकार से वार्ता टूटी थी

    संयुक्त किसान मोर्चा आज दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेगा. इस समय संसद का मानसून सत्र चल रहा है.

    अब से ठीक छह महीने पहले 22 जनवरी को किसानों और सरकार के बीच वार्ता टूट गई थी. तब से दोनों पक्षों के बीच कोई बातचीत नहीं हुई है.

    किसान संगठन केंद्र सरकार के तीन विवादित कृषि क़ानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं.

    राजधानी दिल्ली को बाहरी राज्यों से जोड़ने वाली सीमाओं पर किसानों ने आठ महीने से डेरा डाला हुआ है.

    हज़ारों किसान सर्दी और गर्मी के बाद अब बरसात के मौसम में भी प्रदर्शन स्थलों पर डटे हुए हैं.

    संयुक्त किसान मोर्चा ने 26 जनवरी को किसान परेड का आह्वान किया था जिसमें हिंसा हो गई थी.

    दिल्ली में प्रदर्शन के मद्देनज़र किसान नेताओं ने सरकार से कहा है कि यदि बाहरी लोग गड़बड़ करते हैं तो इसके लिए सरकार ज़िम्मेदार होगी.

    दस महीने पहले संसद में तीन कृषि क़ानून पारित हुए थे. अब किसान संगठन संसद से ही इन्हें वापस लेने की मांग कर रहे हैं.

    दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने जंतर-मंतर पर किसानों के प्रदर्शन को अनुमति दी है.

    किसान नेताओं का कहना है कि उन्होंने विपक्ष के सांसदों से कृषि क़ानूनों के मुद्दे को संसद में उठाने की अपील की है.

    केंद्र सरकार और किसानों के बीच आख़िरी बार 22 जनवरी को वार्ता हुई थी. तब से बातचीत टूटी हुई है और इस दिशा में कोई प्रगति नहीं हुई है.

  4. सीरिया ने इसराइल पर हवाई हमलों का आरोप लगाया

    सीरिया के सरकारी मीडिया का कहना है कि इसराइल ने होम्स प्रांत के अल क़ुसैर इलाक़े में हवाई हमला किया है. ये इलाक़ा लेबनान सीमा के पास है.

    सीरियाई रिपोर्टों के मुताबिक देश के एयर डिफेंस सिस्टम ने इस हमले को नाकाम कर दिया. हमले में कोई हताहत नहीं हुआ है हालांकि, सीरियाई ठिकाने को कुछ नुक़सान पहुंचा है.

    सीरिया का ये भी कहना है कि सोमवार को भी दक्षिणी अलेप्पो में इसी तरह के हमले को रोका गया था.

    इसराइल सीरिया में राष्ट्रपति बशर अल-असद के सहयोगी देश ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाता रहता है.

    इसराइल का तर्क है कि वह अपनी सुरक्षा के मद्देनज़र ऐसा करता है.

  5. चीन में बारिश और बाढ़ से तबाही, 25 की मौत

    चीन के सरकारी मीडिया के मुताबिक केंद्रीय प्रांत हेनान में पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश की वजह से अब तक कम से कम 25 लोगों की मौत हो चुकी है और सात लोग लापता हैं.

    अब तक एक लाख 60 हज़ार से अधिक लोगों को सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचाया गया है. इस भारी बारिश और बाढ़ से करीब 12 लाख लोग प्रभावित हैं.

    सबसे ज़्यादा प्रभावित हेनान की राजधानी झेंगझू है जहां बीती शाम बारिश रुक गई है.

    इस शहर से आ रही तस्वीरों ने देशभर में लोगों को विचलित कर दिया है.

    भारी बारिश की वजह से पूरे शहर में पानी भर गया है. शहर के रेलवे स्टेशनों में भी बाढ़ का पानी भरा है.

    बाढ़ के पानी में ट्रेन के डूबने की नाटकीय फुटेज भी सामने आई है. जब इस ट्रेन में धीरे-धीरे पानी भर रहा था और लोगों के सांस लेने के लिए जगह कम पड़ रही थी तो बहुत से लोग सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर रहे थे.

    बाद में बचावकर्मी ट्रेन से लोगों को निकालने में कामयाब रहे. इस दौरान कम से कम 12 लोगों की मौत भी हो गई.

    बाढ़ के पानी की वजह से सड़कों ने नदियों की शकल ले ली और गाड़ियां पानी में बह गईं. झांगझू के बाज़ार बंद हैं. देश के बाहरी हिस्सों से यहां बाढ़ में फंसे लोगों के लिए मदद पहुंच रही है.

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