येदियुरप्पा क्या इस सप्ताह के बाद कर्नाटक के सीएम नहीं रहेंगे?
कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने गुरुवार को कहा है कि वह इस हफ़्ते तक कर्नाटक के सीएम हैं, अगले हफ़्ते क्या होगा ये बीजेपी के अंतरिम अध्यक्ष जेपी नड्डा को पता है.
पिछले कुछ हफ़्तों से कर्नाटक बीजेपी में येदियुरप्पा के भविष्य को लेकर उथल-पुथल जारी है. ख़बरों की मानें तो बीजेपी विधायकों में उनके प्रति नाराज़गी का भाव है.
इस सबके बीच में 78 वर्षीय येदियुरप्पा चार्टेड फ़्लाइट से पीएम नरेन्द्र मोदी से मिलने के लिए दिल्ली आए थे.
राजनीतिक हल्कों में येदियुरप्पा की इस आकस्मिक यात्रा को कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन के रूप में देखा गया.
कई बार उनसे पूछा गया कि उनका उत्तराधिकारी कौन होगा. लेकिन अब तक आधिकारिक रूप से ये साफ़ नहीं हुआ था कि इस हलचल के पीछे क्या कुछ चल रहा है. और इस मसले पर बीजेपी केंद्रीय नेतृत्व का रुख़ क्या है.
मगर येदियुरप्पा ने गुरुवार को इस बारे में स्थिति स्पष्ट कर दी है.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ उन्होंने कहा है, “आगामी 26 जुलाई को कर्नाटक के सीएम के रूप में दो साल पूरे करने के मौके पर एक कार्यक्रम है. इसके बाद मैं वो करूंगा जो जेपी नड्डा तय करेंगे. बीजेपी को सत्ता में वापस लाना मेरा कर्तव्य है. मैं पार्टी कार्यकर्ताओं और संतों से आग्रह करता हूं कि वे सहयोग करें.”
अब तक मुझसे इस्तीफ़ा देने के लिए नहीं कहा गया है. जब भी निर्देश आएंगे तो मैं इस्तीफ़ा देकर पार्टी के लिए काम करूंगा. मैंने किसी का नाम नहीं सुझाया है. पार्टी आलाकमान ने मुझसे कुछ नहीं कहा है. चलिए देखते हैं कि 26 जुलाई के बाद क्या होता है.”
कर्नाटक में विरोध के आसार
येदियुरप्पा ने कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की स्थिति में संतों से सहयोग करने का आग्रह किया है.
लेकिन ऐसा कहकर उन्होंने बीजेपी केंद्रीय नेतृत्व को ये संकेत दे दिया है कि उनकी कुर्सी जाने पर ज़मीन पर किस तरह के हालात पैदा हो सकते हैं.
येदियुरप्पा कर्नाटक के बेहद प्रभावशाली लिंगायत समुदाय से आते हैं. ये एक राजनीतिक रूप से मजबूत समुदाय है जिसका एक बड़ा वोट प्रतिशत बीजेपी को जाता है.
और उनको कुर्सी से हटाने की उड़ती-उड़ती ख़बरें आने के बाद से लिंगायत समुदाय ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया है.
ख़बरों की मानें तो येदियुरप्पा ने भी कर्नाटक पहुंचकर लिंगायत समुदाय के संतों से मुलाक़ात की है.
लिंगायत समुदाय के बेक्किना काल मठ के संत मल्लिकार्जुन मुरुघराजेंद्रन ने कुछ दिन पहले एएनआई से बात करते हुए कहा है, “बीएस येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री के रूप में अपना कार्यकाल पूरा करना चाहिए. ये हमारा विचार है. वीरशैव और लिंगायत के साथ-साथ सभी समुदायों के संत उनका समर्थन करते हैं. हम अगले चुनाव में राजनीति में दखल नहीं देंगे.”
लिंगायत समुदाय से आने वाले पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान कांग्रेस नेता की ओर से येदियुरप्पा को न हटाए जाने की माँग उठाई गयी है.
कर्नाटक कांग्रेस नेता एम बी पाटिल ने ट्वीट करके लिखा है, “बीजेपी को लिंगायत समुदाय का गुस्सा झेलना होगा. अगर उन्होंने येदियुरप्पा के साथ ग़लत व्यवहार किया. बीजेपी को येदियुरप्पा के योगदान का ठीक आकलन करना चाहिए. और उनके साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार करना चाहिए. ये मेरा व्यक्तिगत विचार है. और मैं समझता हूं कि प्रस्तावित बदलाव बीजेपी का आंतरिक मामला है.”
कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री डी के सुधाकर ने कहा है कि येदियुरप्पा हमारे नेता हैं और हमें उनमें विश्वास है. इसके साथ ही हम बीजेपी की विचारधाराओं और सिद्धांतों में आस्था रखते हैं.”
बताया जा रहा है कि बीजेपी के ज़्यादातर विधायक येदियुरप्पा को हटाए जाने की माँग कर रहे हैं.