यूरोपीय संघ, अमेरिका और ब्रिटेन ने चीन पर लगाया एक बड़े साइबर हमले का आरोप

ये हमला माइक्रोसॉफ़्ट एक्सचेंज सर्वर पर किया गया था जिससे दुनिया भर में कम से कम 30 हज़ार सर्वर प्रभावित हुए थे. इस मामले में ब्रिटेन ने कहा है कि इस हमले के लिए चीनी सरकार द्वारा समर्थित पक्ष ज़िम्मेदार हैं. वहीं, यूरोपीय संघ ने कहा है कि ये हमला ”चीनी क्षेत्र” से किया गया है.

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अनंत प्रकाश, सिंधुवासिनी, भूमिका राय and अपूर्व कृष्ण

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  2. राज कुंद्रा पोर्नोग्राफ़िक फ़िल्में बनाने के आरोप में गिरफ़्तार

    राज

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    मुंबई पुलिस ने शिल्पा शेट्टी के पति और कारोबारी राज कुंद्रा को गिरफ़्तार कर लिया है. उन्हें पोर्नोग्राफ़िक फ़िल्में बनाने और उसे किसी ऐप के ज़रिए मुहैया कराने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया है.

    मुंबई पुलिस के मुताबिक क्राइम ब्रांच के पास फरवरी, 2021 में एक मामला दर्ज हुआ था. इस मामले की जांच के दौरान सोमवार को राज कुंद्रा को गिरफ़्तार किया गया है.

    मुंबई पुलिस ने दावा किया है कि मामले में राज कुंद्रा के शामिल होने के पर्याप्त सबूत हैं. पुलिस ने अपने बयान में यह भी कहा कि मामले की जांच अभी जारी है. अब तक राज कुंद्रा के परिवार या शिल्पा शेट्टी की ओर से कोई बयान जारी नहीं किया गया है. मुंबई पुलिस राज कुंद्रा को मंगलवार को अदालत में पेश करेगी.

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  3. यूरोपीय संघ, अमेरिका और ब्रिटेन ने चीन पर लगाया एक बड़े साइबर हमले का आरोप

    माइक्रोसॉफ्ट कंपनी का दफ़्तर

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    अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ ने सोमवार को चीन के ख़िलाफ़ एक बड़ा साइबर हमला करने का आरोप लगाया है. ये हमला माइक्रोसॉफ़्ट एक्सचेंज सर्वर पर किया गया था जिससे दुनिया भर में कम से कम 30 हज़ार सर्वर प्रभावित हुए थे.

    ब्रिटेन ने इस हमले के लिए चीनी सरकार द्वारा समर्थित पक्षों को ज़िम्मेदार ठहराया है. वहीं, यूरोपीय संघ ने कहा है कि ये हमला ”चीनी क्षेत्र” से किया गया है.

    चीन की मिनिस्ट्री ऑफ़ स्टेट सिक्योरिटी पर भी व्यापक जासूसी गतिविधियों को अंजाम देने एवं "दुस्साहस भरा बर्ताव" करने का आरोप लगाया गया है.

    चीन इससे पहले भी हैकिंग के आरोपों को सिरे से नकारता रहा है. और कहता है कि वह सभी तरह के साइबर अपराधों के ख़िलाफ़ है.

    वीडियो कैप्शन, Cover Story: भारतीयों पर क्यों बढ़ रहे हैं साइबर हमले?

    बेहद गंभीर है ये मामला

    अमेरिका और ब्रिटेन पहले भी दूसरे देशों द्वारा चलाए गए साइबर हमलों के ख़िलाफ़ खुलकर सामने आते रहे हैं.

    लेकिन इस मामले में यूरोपीय संघ द्वारा चीन का नाम लिया गया है जो कि बताता है कि हैकिंग की इस घटना को कितनी गंभीरता से लिया गया है.

    पश्चिमी देशों के खुफ़िया अधिकारियों के मुताबिक़, चीन का व्यवहार काफ़ी गंभीर था और ये व्यवहार इससे पहले कभी नही देखा गया है.

    ब्रिटेन में नेशनल साइबर सिक्योरिटी सेंटर ने 70 से ज़्यादा प्रभावित संस्थाओं को उनकी विशेष स्थिति के अनुरूप सुझाव दिये हैं ताकि वे इस हमले का सामना कर सकें.

    इस बार हैकर्स ने एक कमजोरी का फायदा उठाया जो कि वेब शैल्स को सिस्टम में रखने की अनुमति देती है ताकि वे बैक-डोर की तरह इस्तेमाल किए जा सकें और ज़्यादा शोषण के लिए रास्ता उपलब्ध हो सके.

    इसके बाद इस कमजोरी को अन्य हैकिंग समूहों द्वारा इस्तेमाल किया जाता है जिससे सिस्टम का अपराधियों, रैंसमवेयर अटैक और जासूसी के लिए दोहन किया जा सके.

    वीडियो कैप्शन, चीन ने साइबर हमला किया तो भारत क्या जवाब देगा?

    ब्रिटेन ने क्या कहा?

    ब्रिटेन के विदेश मंत्री डॉमिनिक राब ने कहा है, “चीन समर्थित समूहों द्वारा माइक्रोसॉफ़्ट एक्सचेंज सर्वरों पर हमला एक दुस्साहस से भरा है लेकिन जाना-पहचाना व्यवहार है. चीनी सरकार को सिस्टमैटिक साइबर सैबोटाज से जुड़ी ये गतिविधियां बंद करनी चाहिए और ऐसा नहीं करने पर इसके लिए ज़िम्मेदार ठहराए जाने के लिए तैयार रहना चाहिए.”

    ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि इस बात की पूरी संभावना थी कि इस हमले को व्यापक स्तर के जासूसी अभियान को सक्रिय करने, निजी जानकारी हासिल करने एवं बौद्धिक संपदा को हासिल करने के लिए अंजाम दिया गया हो.

    विदेश मंत्रालय ये भी कहा है कि “चीनी सरकार ने उसके दुस्साहसी अभियान को बंद करने के लिए लगातार किए गए आह्वान को नज़रअंदाज किया है. और सरकार समर्थित पक्षों को इस स्तर के हमले करने और पकड़े जाने पर दुस्साहस से भरा व्यवहार करने की अनुमति दी है.”

    वीडियो कैप्शन, चीन के इन हमलों को कैसे रोकेगा भारत?

    यूरोपीय संघ ने क्या कहा?

    यूरोपीय संघ ने अपने बयान में ये भी कहा है कि इस ग़ैर-ज़िम्मेदाराना रवैये और हानिकारक व्यवहार की वजह से यूरोपीय संघ की सरकारी और निजी संस्थाओं को आर्थिक नुकसान हुआ है.

    यूरोपीय संघ ने इसी बयान में ये भी बताया कि उसने दूसरे तरह का चीनी व्यवहार भी देखा है और वह उसे भी सामने ला रहा है. ये व्यवहार दो समूहों APT 40 और APT 31 से जुड़ा है जिन्हें चीन की मिनिस्ट्री ऑफ़ स्टेट सिक्योरिटी से जुड़ा माना जाता है.

    वहीं, अमेरिकी सरकार ने कहा है कि वह इस बात से बेहद चिंतित है कि चीन ने एक इंटेलिजेंस इंटरप्राइज़ खड़ा किया है जिसमें कॉन्ट्रेक्ट हैकर भी शामिल हैं जो कि अपने लाभ के लिए दुनिया भर में ऐसे अभियानों को भी अंजाम देते हैं जिनकी अनुमति नहीं दी गयी होती है.

  4. सऊदी अरब और यूएई के क्राउन प्रिंस की मुलाक़ात का क्या है मक़सद?

    यूएई के क्राउन प्रिंस सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस के साथ

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    इमेज कैप्शन, यूएई के क्राउन प्रिंस सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस के साथ

    सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच कथित तनाव की ख़बरों के बीच दोनों देशों के बीच संबंध सुधारने की नई पहल के संकेत मिले हैं.

    सऊदी अरब में बेहद ताक़तवर माने जाने वाले क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से मुलाक़ात के लिए यूएई के क्राउन प्रिंस शेख मोहम्मद बिन ज़ायद सोमवार को रियाद पहुंचे. सऊदी अरब की सरकारी समाचार एजेंसी ने इस मुलाक़ात को लेकर जानकारी दी है.

    समाचार एजेंसी के मुताबिक दोनों क्राउन प्रिंस की मीटिंग के दौरान दोनों देशों के तीन-तीन आला अधिकारी मौजूद थे. इस मुलाक़ात के एक दिन पहले दोनों देशों के ऊर्जा मंत्रियों ने तेल उत्पादन को लेकर एक समझौते का एलान किया था.

    प्रिंस शेख मोहम्मद और प्रिंस सलमान के बीच, “हालिया क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर चर्चा हुई.”

    ये मुलाक़ात इसलिए भी अहम माना जा रही कि दोनों ही प्रिंस को उनके देशों में सत्ता के उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जाता है और अक्सर ये अटकल भी लगाई जाती है कि क्षेत्रीय प्रभुत्व, व्यापार और निवेश को लेकर इनके बीच प्रतिद्वंद्विता है.

    दोनों क्राउन प्रिंस के बीच उम्र का बड़ा फ़ासला है. प्रिंस शेख मोहम्मद करीब 60 साल के हैं जबकि प्रिंस सलमान की उम्र करीब 35 साल है. किसी वक़्त दोनों के रिश्ते बेहद गहरे बताए जाते थे. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक इनके बीच ‘भाइयों’ जैसे रिश्ते थे.

    उस दौर में ये दोनों साथ ‘शिकार’ के लिए भी जाया करते थे. यमन में संघर्ष का फ़ैसला भी दोनों ने आपसी सहमति से लिया था और इनके बीच क़तर से रिश्ते तोड़ने को लेकर भी समझदारी दिखी थी. साल 2017 के आखिर में दोनों देशों ने सैन्य, राजनीतिक, आर्थिक, कारोबार और सांस्कृतिक मामलों में नई साझेदारी का एलान किया था. लेकिन हाल के सालों में दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक मुद्दों पर मतभेद सामने आए. ख़ासकर यमन में जारी संघर्ष और क़तर के साथ रिश्तों को लेकर असहमति दिखाई दी. इसे राजनीतिक विश्लेषकों ने दोनों के रिश्तों में आए बदलाव की तरह देखा.

    लेकिन सोमवार की मीटिंग को रिश्तों के फिर से बदलने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है.

  5. पेगासस से जुड़े हर सवाल का जवाब, कैसे काम करता है सॉफ्टवेयर, कितना महंगा पड़ता है?

    पेगासस

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    रविवार देर शाम 'वॉशिंगटन पोस्ट' और भारत में समाचार वेबसाइट 'द वायर' ने एक ख़बर प्रकाशित कर दावा किया कि दुनियाभर के कई पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के फोन हैक किए गए.

    हालांकि पेगासस नाम के जिस स्पाईवेयर से फ़ोन हैक करने की बात सामने आ रही है उसे तैयार करने वाली कंपनी एनएसओ ने तमाम आरोपों से इनकार किया है.

    ये कंपनी दावा करती रही है कि वो इस प्रोग्राम को केवल 'जांची-परखी गई सरकारों' को बेचती है.

    मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक भारत में पत्रकारों और अन्य लोगों के फोन भी इसराइल में निर्मित इस सॉफ्टवेयर के ज़रिए हैक किए गए और उनकी निगरानी की गई.

    लेकिन सवाल उठ रहे हैं कि 'पेगासस' आख़िर क्या है और ये कैसे काम करता है?

  6. पेगासस स्पाईवेयर मामला: कांग्रेस ने कहा- अमित शाह बर्खास्त क्यों नहीं, गृह मंत्री बोले- ' क्रोनोलोजी समझिए'

    अमित शाह और राहुल गांधी

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    इसराइल में विकसित पेगासस स्पाईवेयर के जरिए चर्चित लोगों की कथित फ़ोन टैपिंग को लेकर देश में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज़ हो गया है.

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी के फ़ोन की कथित तौर पर जासूसी किए जाने की बात सामने आने पर कांग्रेस ने सरकार पर तीखा हमला किया.

    कांग्रेस ने सोमवार शाम एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और 'गृह मंत्री अमित शाह को बर्खास्त करने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका की जांच कराने' की मांग की.

    वहीं, केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के आरोपों को 'शर्मनाक, मर्यादाविहीन' और कथित टैपिंग मामले को 'अंतरराष्ट्रीय साजिश' बताते हुए ख़ारिज किया.

    गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार शाम एक बयान जारी करके आरोपों को 'साजिश' बताया और कहा, "विघटनकारी और अवरोधक शक्तियां अपने षड्यंत्रों से भारत की विकास यात्रा को नहीं रोक पायेंगी."

  7. आज का कार्टून: कोई सुन रहा होगा तो

    कार्टून

    कई पत्रकारों और नेताओं की जासूसी के दावों पर आज का कार्टून.

  8. पेगासस स्पाईवेयर मामला: क्या इमरान ख़ान का फोन भी हैक किया गया था

    इमरान ख़ान

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    पेगासस स्पाईवेयर के जरिए कथित तौर पर जासूसी कराए जाने का मामला भारत ही नहीं पाकिस्तान में भी तूल पकड़ रहा है. बीबीसी उर्दू की रिपोर्ट के मुताबिक़ हैकिंग के लिए चुने गए नंबरों में एक नंबर कथित तौर पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान का भी है.

    पाकिस्तान की मीडिया रिपोर्टों में इस बात को लेकर चर्चा है कि प्रधानमंत्री इमरान ख़ान भी जासूसी भी इसके टारगेट पर थे.

    एमनेस्टी इंटरनेशनल और फ्रांसीसी मीडिया समूह 'फॉरबिडन स्टोरीज़' की रिसर्च में दावा किया गया है कि लिस्ट में मौजूद फोन नंबरों की निगरानी इसराइली कंपनी 'एनएसओ' के जासूसी सॉफ्टवेयर 'पेगासस' के जरिए की गई थी.

    हालांकि ये अभी स्पष्ट नहीं है कि प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के फ़ोन की हैंकिंग वास्तव में हो पाई थी या नहीं. ये बात भी फिलहाल पक्के तौर पर नहीं कही जा सकती कि इस लिस्ट में पाकिस्तान के कितने नंबर हैं लेकिन अमेरिकी अख़बार 'वाशिंगटन पोस्ट' की रिपोर्ट अनुसार इस लिस्ट में 100 से ज़्यादा नंबर पाकिस्तान के हैं.

    पाकिस्तान के सूचना एवं प्रसारण मंत्री फवाद चौधरी ने कहा कि वे इन न्यूज़ रिपोर्टों को लेकर चिंतित हैं.

    वाशिंगटन पोस्ट का कहना है कि उन्होंने इस मामले पर टिप्पणी के लिए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान से संपर्क किया था, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली. यह पहली बार नहीं है जब इसराइली कंपनी एनएसओ का नाम पाकिस्तान से जोड़ा गया है.

    दिसंबर 2019 में ब्रिटिश अखबार गार्जियन की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस साल कम से कम दो दर्जन पाकिस्तानी सरकारी अधिकारियों के मोबाइल फोन को इसराइली कंपनी NSO द्वारा विकसित तकनीक का उपयोग करके निशाना बनाया गया था.

  9. गुजरात सरकार के धर्म-परिवर्तन विरोधी क़ानून को हाई कोर्ट में चुनौती

    गुजरात हाई कोर्ट

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    गुजरात हाईकोर्ट में सोमवार को गुजरात फ्रीडम ऑफ़ रिलीज़न (संशोधन) एक्ट 2021 के उन प्रावधानों को चुनौती दी गई जिनके तहत सरकार ने शादी द्वारा धोखे या जबरन धर्म परिवर्तन को आपराधिक कृत्य ठहराया है.

    राज्य सरकार ने बीती 15 जून को इस नए क़ानून के लागू होने की सूचना दी थी.

    ये मामला गुजरात हाईकोर्ट के चीफ़ जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस बिरेन वैष्णव की डिविज़न बैंच के समक्ष सर्कुलेशन के लिए आया था. बैंच ने कहा है कि इस मामले की सुनवाई अगले दो से तीन दिनों में की जाएगी.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, याचिकाकर्ता के वकील एमटीएम हाक़िम ने इस चरण में केस से जुड़ी ज़्यादा जानकारी साझा करने से मना किया है.

    कैसा है ये क़ानून, कह हुआ पारित?

    गुजरात सरकार ने बजट सत्र के दौरान इस क़ानून को पारित किया था जिसे राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने बीती 22 मई को अपनी मंजूरी दे दी.

    बीती 15 जून को ये कानून लोग होने के बाद से गुजरात के कई थानों में इस विवादित क़ानून के तहत कई मामले दर्ज किए गए हैं.

    इनमें से पहली एफ़आईआर वडोदरा में 26 वर्षीय समीर क़ुरैशी के ख़िलाफ़ दर्ज की गई. पुलिस के मुताबिक़, समीर कथित तौर पर सोशल मीडिया पर स्वयं को ईसाई धर्म का व्यक्ति बताकर दूसरे धर्म की महिला को रिझाने की कोशिश कर रहे थे.

    इस क़ानून के तहत जबरन शादी करके धर्म परिवर्तन कराने पर 3 से 5 सालों की जेल और दो लाख रुपये के जुर्माने का प्रावधान है. अगर पीड़ित व्यक्ति नाबालिग़, महिला, दलित या आदिवासी है तो दोषी व्यक्ति को 4 से 7 सील की सजा हो सकती है. और 3 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता.

    अगर कोई संस्थान या संस्था कानून का उल्लंघन करते हुए पायी जाती है तो अपराध के समय रहे संस्था के इंचार्ज को 3 से 10 साल तक की सजा मिल सकती है.

  10. मौसम विभाग की चेतावनी, उत्तराखंड, हिमाचल, महाराष्ट्र, कर्नाटक में अगले 24 घंटे होगी भारी बारिश

    बारिश

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    भारतीय मौसम विभाग ने सोमवार को महाराष्ट्र, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में अगले 24 घंटे भारी बारिश होने की आशंका जताई है.

    मौसम विभाग ने महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई समेत कई शहरों के लिए रेड अलर्ट घोषित किया है. मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश में भी चार ज़िलों में रेड अलर्ट घोषित किया है.

    उत्तराखंड सरकार ने इस चेतावनी के बाद अपने सभी 13 ज़िलों में प्रशासन को सचेत रहने के आदेश दिए हैं.

    हालांकि, इन राज्यों में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश जारी है.

    उत्तराखंड में कई जगहों पर नदियां उफान पर हैं, मुंबई में दमकलकर्मी लगातार बचाव अभियान में लगे हैं. और कर्नाटक में जलभराव की स्थिति बन रही है.

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    मुंबई में हालात बेहद गंभीर

    भारतीय मौसम विभाग के मुंबई कार्यालय के प्रमुख डॉ जयंत सरकार ने बताया है कि अगले कुछ घंटों में मुंबई में भारी बारिश होने की स्थितियां बन रही हैं.

    समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए वे कहते हैं, “मुंबई मेट्रो​पोलिटन क्षेत्र में अगले 24 घंटे में बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, इसलिए हमने रेड अलर्ट दिया है. 20 से 23 जुलाई तक हमने ऑरेंज अलर्ट में रखा है, इस दौरान बहुत भारी बारिश होगी.”

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    मौसम विभाग ने मुंबई, थाणे, पालघर, रायगड, सिद्धुदुर्ग, पुणे, कोल्हापुर और सतारा के लिए रेड अलर्ट घोषित किया है. बताया गया है कि इन ज़िलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है.

    महाराष्ट्र में पिछले कई दिनों से बारिश जारी है जिसकी वजह से हालात लगातार बिगड़ रहे हैं.

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    दमकल विभाग से जुड़े प्रवीण बोधके ने बताया है कि नवी मुंबई में फंसे कई लोगों को दमकलकर्मियों ने बचाया है.

    वे कहते हैं, “खारगर फायर स्टेशन को कई लोगों की ओर से फोन आए थे. हमने कुल 120 लोगों को बचाया है जिनमें से 78 महिलाए हैं.”

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    हिमाचल के लिए अगले 24 घंटे अहम

    मौसम विभाग के शिमला केंद्र के निदेशक सुरेंद्र पॉल ने बताया है कि हिमाचल प्रदेश में अगले 48 घंटों तक लगातार बारिश होने की आशंका है.

    उन्होंने कहा, "अगले 24 घंटे बेहद अहम हैं. बारिश काफ़ी तेज हो सकती है. कांगड़ा, मंडी, बिलासपुर और सिरमौर में रेड अलर्ट घोषित किया गया है."

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  11. मोदी सरकार अपने ऊपर होने वाले हर हमले को ओबीसी, दलित से क्यों जोड़ देती है?

    मोदी सरकार

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    संसद के मॉनसून सत्र की कार्यवाही के लिए लंबे अरसे बाद सभी सांसद एक जुट हुए.

    लेकिन पहले ही दिन दोनों सदनों में जमकर हंगामा हुआ. सदन की शुरुआत से पहले इसका आभास सत्ता पक्ष को हो गया था. प्रधानमंत्री मोदी ने शुरुआत में ही कहा, "विपक्ष जम कर सवाल पूछे लेकिन सरकार को जवाब देने का मौका भी दे."

    लेकिन जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो नज़ारा अलग ही थी. सत्र के पहले दिन प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा में अपनी मंत्रिपरिषद के नए मंत्रियों का परिचय कराना चाहा मगर इसी दौरान विपक्ष के सदस्य हंगामा करने लगे.

    इसके बाद प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि वो कुछ तबक़ों के लोगों को मंत्री बनते नहीं देखना चाहता.

    मोदी ने कहा, "मैं सोच रहा था कि आज सदन में उत्साह का वातावरण होगा क्योंकि बहुत बड़ी संख्या में हमारी महिला सांसद, दलित भाई, आदिवासी, किसान परिवार से सांसदों को मंत्री परिषद में मौका मिला. उनका परिचय करने का आनंद होता."

  12. चीन का मंकी बी वायरस कितना ख़तरनाक है?

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    चीन के बीजिंग में मंकी बी वायरस संक्रमण के कारण एक शख़्स की मौत की ख़बर सामने आई है. ग्लोबल टाइम्स ने इस पहली मौत की पुष्टि की है.

    ग्लोबल टाइम्स की ख़बर के अनुसार, बीजिंग में जानवरों के एक डॉक्टर में मंकी वायरस से मौत का पहला मामला सामने आया है.

    लेकिन ख़बर में यह भी स्पष्ट किया गया है कि उनके संपर्क में आए लोग अभी तक पूरी तरह सुरक्षित हैं.

  13. पेगासस क्या है, कैसे हमारे फ़ोन हैक करता है?

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    भारत में पेगासस स्पाईवेयर एक बार फिर चर्चा में हैं. भारत में इसके जरिए कई पत्रकारों और चर्चित हस्तियों के फ़ोन की जासूसी करने का दावा किया जा रहा है. पेगासस को इसराइल की साइबर सुरक्षा कंपनी एनएसओ ने तैयार किया है.

    बांग्लादेश समेत कई देशों ने पेगासस स्पाईवेयर ख़रीदा है. इसे लेकर पहले भी विवाद हुए हैं. मेक्सिको से लेकर सऊदी अरब की सरकार तक पर इसके इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाए जा चुके हैं. व्हाट्सऐप के स्वामित्व वाली कंपनी फ़ेसबुक समेत कई दूसरी कंपनियों ने इस पर मुकदमे किए हैं.

    भारत के बारे में आधिकारिक तौर पर ये जानकारी नहीं है कि सरकार ने एनएसओ से 'पेगासस' को खरीदा है या नहीं. हालांकि, एनएसओ ने पहले ख़ुद पर लगे सभी आरोपों को ख़ारिज किए हैं.

    ये कंपनी दावा करती रही है कि वो इस प्रोग्राम को केवल मान्यता प्राप्त सरकारी एजेंसियों को बेचती है और इसका उद्देश्य "आतंकवाद और अपराध के खिलाफ लड़ना" है. हालिया आरोपों को लेकर भी एनएसओ ने ऐसे ही दावे किए हैं.

  14. बीबीसी हिन्दी का डिजिटल बुलेटिन ‘दिनभर’, 19 जुलाई 2021, सुनिए संदीप सोनी के साथ

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  15. अडानी ग्रुप की कंपनियों की हो रही है जाँच, सरकार ने संसद में दी जानकारी

    गौतम अडानी

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    इमेज कैप्शन, गौतम अडानी

    भारत सरकार ने बताया है कि अडानी समूह की कुछ कंपनियों के ख़िलाफ़ नियमों का कथित तौर पर पालन नहीं करने की जाँच की जा रही है.

    वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने सोमवार को लोकसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में बताया कि शेयर बाज़ार की नियामक एजेंसी सेबी और डीआरआई (राजस्व आसूचना निदेशालय) इस बारे में जाँच कर रही हैं.

    उन्होंने बिना कोई ब्यौरा दिए बताया, "सेबी अडानी समूह की कुछ कंपनियों की सेबी के नियमों के पालन के मामले में जाँच कर रही है."

    "और डीआरआई अडानी ग्रुप की कुछ कंपनियों को भी उनके नियमों के बारे में जाँच कर रही है."

    उन्होंने बताया कि मॉरिशस के छह में से तीन फ़ंड्स (निवेशक) ने अपनी ज़्यादातर राशि अडानी ग्रुप की कंपनियों में निवेश की और उनके खातों को 2016 में ज़ब्त कर दिया गया.

    अडानी समूह की कई कंपनियो के शेयर पिछले महीने इस ख़बर के आने के बाद लुढ़क गए थे.

    हालाँकि, अडानी ग्रुप ने 14 जून को खातों को ज़ब्त किए जाने की बात का खंडन किया था. एक दिन बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि इन खातों को भुगतान के लिए निलंबित किया गया था.

    इन घटनाओं से पहले अडानी ग्रुप की कुछ कंपनियों के शेयरों की कीमतें 2020 के बाद से छह गुना से भी ज़्यादा ऊपर चली गई थीं.

    कंपनी के संस्थापक गौतम अडानी ने इस महीने इसके लिए ग़ैर-ज़िम्मेदाराना रिपोर्टिंग को क़सूरवार ठहराया था.

  16. ब्रेकिंग न्यूज़, तालिबान का रवैया मुसलमानों जैसा नहीं, तुर्की के राष्ट्रपति अर्दोआन बोले

    रेचप तैय्यप अर्दोआन

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    तुर्की के राष्ट्रपति रेचप तैय्यप अर्दोआन ने कहा है कि तुर्की तालिबान के साथ काबुल में एयरपोर्ट के बारे में बात करने के बारे में सोच रहा है जिसे लेकर दोनों के बीच तकरार बढ़ती जा रही है.

    तुर्की अमेरिकी फ़ौज के निकलने के बाद इस एयरपोर्ट का का संचालन करना चाहता है मगर तालिबान ने इसकी अनुमति देने से मना कर दिया है.

    तुर्की इस बारे में अमरिकी रक्षा अधिकारियों से बात करता रहा है और जून में नेटो शिखर सम्मेलन में अर्दोआन ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ अपनी पहली मुलाक़ात में भी इस मुद्दे को उठाया था.

    अफ़ग़ानिस्तान में तुर्की के सैकड़ों सैनिक भी मौजूद हैं मगर एक तुर्क अधिकारी ने समाचार एजेंसी एएफ़पी से कहा कि वो लड़ने वाले सैनिक नहीं हैं.

    काबुल का हामिद करज़ई एयरपोर्ट

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    इमेज कैप्शन, काबुल का हामिद करज़ई एयरपोर्ट

    तालिबान ने पिछले सप्ताह तुर्की की काबुल एयरपोर्ट का संचालन करने की पेशकश को 'घृणित' बताया था.

    तालिबान ने कहा था- "हम अपने देश में किसी भी विदेशी सेना की किसी भी रूप में मौजूदगी को कब्ज़ा मानते हैं."

    सोमवार को तुर्की के राष्ट्रपति ने इस्तांबुल में पत्रकारों से इस विषय में बात करते हुए कहा कि तालिबान का रवैया सही नहीं है.

    अर्दोआन ने कहा, "हमारी नज़र में, तालिबान का रवैया वैसा नहीं है जैसा एक मुसलमाना का दूसरे मुसलमान के साथ होना चाहिए."

    उन्होंने तालिबान से अपील की कि वो दुनिया को जल्द से जल्द दिखाए कि अफ़ग़ानिस्तान में शांति बहाल हो चुकी है.

    उन्होंने कहा,"तालिबान को अपने ही भाइयों की ज़मीन से कब्ज़ा छोड़ देना चाहिए."

  17. आज़म ख़ान की सेहत बिगड़ी, सीतापुर जेल से लखनऊ किया गया शिफ़्ट

    आज़म ख़ान

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    उत्तर प्रदेश की सीतापुर जेल में बंद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म ख़ान की तबीयत बिगड़ गई है जिसके बाद अधिकारियों के मुताबिक़ उन्हें लखनऊ के अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई ने सीतापुर ज़िला जेल के जेलर आरएस यादव के हवाले से बताया है कि आज़म ख़ान से सोमवार सुबह साँस लेने में तकलीफ़ की शिकायत की और प्राथमिक जाँच में उनका ऑक्सीजन लेवल गिरा हुआ पाया गया.

    जेलर यादव ने बताया कि आज़म ख़ान को दोपहर दो बजे एम्बुलेंस से लखनऊ के मेदांता अस्पताल ले जाया गया जहाँ पिछले दिनों वो कोरोना संक्रमित होने के बाद भर्ती थे.

    सीतापुर में उनकी जाँच करने वाले डॉक्टरों ने पत्रकारों को बताया कि वो कोविड मरीज़ रह चुके हैं और उनकी हालत ठीक नहीं है.

    भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के कई मामलों में जेल में बंद आज़म ख़ान मई में कोरोना संक्रमित हो गए थे.

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  18. प्राइवेट अस्पताल बने इंसानी दुख-दर्द पर फलने-फूलने वाले उद्योगः सुप्रीम कोर्ट

    सुप्रीम कोर्ट

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    इमेज कैप्शन, भारत की सर्वोच्च अदालत

    सुचित्र मोहंती

    बीबीसी हिंदी के लिए

    सुप्रीम कोर्ट ने भारत में निजी अस्पतालों के तंत्र पर गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा है कि अस्पताल अब एक ऐसे बड़े उद्योग में बदल गए हैं जो कि इंसानी पीड़ा पर फलते-फूलते हैं.

    जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ एवं जस्टिस एमआर शाह की बेंच ने कहा, “क्या हम अस्पतालों को रियल इस्टेट इंडस्ट्री के रूप में देखते हैं या मानवता के प्रति सेवाकार्य के रूप में?”

    सुप्रीम कोर्ट ने ये बात देश भर में कोविड – 19 मरीजों के उचित इलाज़, पार्थिव शरीरों के रखरखाव, कोविड – 19 अस्पतालों में आग लगने की घटनाओं से जुड़ी स्वत: संज्ञान याचिका की सुनवाई करते हुए कही.

    अहमदाबाद का एक अस्पताल
    इमेज कैप्शन, अहमदाबाद शहर में स्थित कोरोना मरीज़ों के लिए निर्धारित इस अस्पताल में आग लगने से 8 मरीज़ों की मौत हो गई थी.

    ‘बंद किए जाएं ऐसे अस्पताल

    सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि ऐसे अस्पतालों को बंद किया जाए जो इंसानी जान की कीमत पर फल-फूल रहे हैं.

    जस्टिस चंद्रचूड़ ने कई अस्पतालों द्वारा आग से बचाव के लिए ज़रूरी नियमों का पालन नहीं किए जाने पर टिप्पणी की.

    उन्होंने कहा, “अस्पताल अब एक बड़े उद्योग में बदल गए हैं जो लोगों के दुख - दर्द पर फल-फूल रहे हैं. हम इन्हें इंसानी जान की कीमत पर समृद्ध होने की अनुमति नहीं दे सकते. ऐसे अस्पताल बंद किए जाएं और सरकार को हेल्थ केयर फैसिलिटीज़ (स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी सुविधाएं जैसे अस्पताल आदि) को मजबूत करने दिया जाए. ऐसे अस्पतालों को चार कमरों की इमारत में काम करने की इजाज़त नहीं दी जाए.”

    जस्टिस चंद्रचूड़ ने अस्पताल में आग लगने की वजह से मरने वाले एक व्यक्ति का उदाहरण देते हुए बताया कि एक शख़्स कोविड - 19 से ठीक हो गये थे, उन्हें अगले दिन अस्पताल से छुट्टी मिलने वाली थी लेकिन अस्पताल में आग लगने की वजह से वह दो अन्य नर्सों के साथ ज़िंदा जलकर मर गये.

    इस पर पीठ ने कहा, “ये हादसे हमारी आँखों के सामने हो रहे हैं. ये अस्पताल रियल इस्टेट इंडस्ट्री हैं या मानवता के लिए एक सेवा हैं.”

    गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी

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    इमेज कैप्शन, गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी

    गुजरात सरकार पर भड़की कोर्ट

    सुप्रीम कोर्ट ने आग से बचाव के लिए ज़रूरी नियमों के पालन से जुड़े एक आदेश का पालन नहीं करने पर गुजरात सरकार को आड़े हाथों लिया.

    गुजरात सरकार ने बीती 8 जुलाई को एक अधिसूचना जारी की है जिसमें सरकार ने अस्पतालों को अपनी इमारतों में बिल्डिंग बाय-लॉज़ से जुड़े नियमों के अनुसार सुधार करने के लिए जून 2022 तक का अतिरिक्त समय दिया है.

    इस पर पीठ ने कहा, “आप कहते हैं कि अस्पतालों को 2022 तक नियम मानने की ज़रूरत नहीं और लोग मरते रहेंगे और जलते रहेंगे…,”

    अस्पतालों में फ़ायर सेफ़्टी नॉर्म्स से जुड़ी रिपोर्ट सीलबंद लिफ़ाफे में दिए जाने पर भी जस्टिस चंद्रचूड़ ने टिप्पणी करते हुए कहा, “ये आयोग आदि की रिपोर्ट सील बंद लिफ़ाफे में क्यों है? ये कोई न्यूक्लियर सीक्रेट नहीं है.”

    जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़

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    इमेज कैप्शन, सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़

    अदालत की अवमानना

    जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि इस अदालत द्वारा दिसंबर 18, 2020 को दिए गए फ़ैसले के अनुसार सभी राज्यों को हर अस्पताल में एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति करनी थी ताकि ये सुनिश्चित कराया जा सके कि अस्पतालों में आग से बचाव के लिए ज़रूरी सभी नियमों का पालन किया जाए.

    इसके साथ ही जिन अस्पतालों को दमकल विभाग की ओर से एनओसी नहीं मिली है, उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाए.

    गुजरात सरकार ने 8 जुलाई, 2021 को अधिसूचना जारी करके ऐसा करने की समय सीमा को जून 2022 तक के लिए बढ़ा दिया है.

    सर्वोच्च अदालत ने कहा, “गुजरात में चालीस अस्पतालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई होनी थी. वे हाईकोर्ट पहुंचे. इसके बाद सरकार ने आदेश दिया कि आग से बचाव के नियमों का पालन नहीं करने पर अस्पतालों के ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं होगी. इस तरह का आदेश इस अदालत की अवमानना है.”

    पीठ ने गुजरात सरकार से पूछा है कि ये अधिसूचना क्यों जारी की गयी और इसे रिकॉर्ड पर प्रस्तुत किया जाए.

    सर्वोच्च अदालत ने इस मामले में अगली सुनवाई के लिए दो हफ़्ते बाद की तारीख़ तय करते हुए गुजरात सरकार से कहा है कि दिसंबर 2020 के आदेश के अनुसार किए गए ऑडिट के साथ विस्तृत बयान रिकॉर्ड पर पेश किया जाए.

  19. फ़ोन टैपिंग रिपोर्ट पर आईटी मंत्री ने उठाया सवाल, जासूसी के आरोप को किया ख़ारिज

    अश्विनी वैष्णव

    इमेज स्रोत, LSTV

    केंद्रीय दूरसंचार तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैश्नणव ने लोकसभा में फ़ोन टैपिंग मामले पर सरकार का पक्ष रखा है.

    वैष्णव ने कहा, "एक वेब पोर्टल पर कल रात एक अति संवेदनशील रिपोर्ट प्रकाशित की गई जिसमें बढ़ा-चढ़ाकर कई आरोप लगाए गए. ये रिपोर्ट संसद के मॉनसून सत्र के एक दिन पहले प्रकाशित हुई. ये संयोग नहीं हो सकता."

    उन्होंने कहा,"इससे पहले भी वॉट्सऐप पर पेगासस के इस्तेमाल को लेकर मिलते-जुलते दावे किए गए हैं. वो बेबुनियाद थे और सभी पार्टियों ने उनका खंडन किया था. 18 जुलाई को प्रकाशित रिपोर्ट भी भारतीय लोकतंत्र और इसकी स्थापित संस्थाओं को बदनाम करने की कोशिश प्रतीत होती है,"

    रविवार को इस चर्चित रिपोर्ट में दावा किया गया था कि दुनिया भर में सैकड़ों पत्रकारों और दूसरे चर्चित लोगों के फ़ोन टैप किए गए हैं. इनमें भारत के कई लोग शामिल हैं.

    'वॉशिंगटन पोस्ट' और भारत में समाचार वेबसाइट 'द वायर' की ओर से रविवार को प्रकाशित रिपोर्ट में दावा किया गया कि दुनियाभर के कई पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के फोन हैक किए गए.

    हालाँकि, पेगासस नाम के जिस स्पाई वेयर से फ़ोन हैक करने की बात सामने आ रही है उसे तैयार करने वाली कंपनी एनएसओ ने तमाम आरोपों से इनकार किया है.

    ये कंपनी दावा करती रही है कि वो इस प्रोग्राम को केवल मान्यता प्राप्त सरकारी एजेंसियों को बेचती है और इसका उद्देश्य "आतंकवाद और अपराध के खिलाफ लड़ना" है

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  20. ब्रेकिंग न्यूज़, पाकिस्तान में बस हादसा, 30 की मौत; मंत्री बोले- पता नहीं कब समझेंगे हम...

    पाकिस्तान में बस दुर्घटना

    इमेज स्रोत, TARIQ ISMAIL

    पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में एक बस और ट्रक की टक्कर में कम-से-कम 30 लोगों की मौत हो गई है और 40 से ज़्यादा व्यक्ति घायल हो गए हैं.

    अधिकारियों के अनुसार ये दुर्घटना डेरा ग़ाज़ी ख़ान में इंडस हाइवे पर सुबह के वक़्त हुई. मृतकों में महिलाएँ और बच्चे शामिल हैं.

    एक स्थानीय पत्रकार तारिक़ इस्माइल ने बीबीसी उर्दू को बताया कि 46 सीटों वाली बस के भीतर लगभग 75 लोग सवार थे जबकि लगभग 15 लोग छत पर भी बैठे थे.

    ये बस सियालकोट से राजनपुर जब तेज़ गति की वजह से चालक नियंत्रण खो बैठा और बस एक ट्रक से टकरा गई.

    ज़्यादातर सवार सियालकोट की फ़ैक्टरियों में काम करनेवाले मज़दूर बताए जा रहे हैं जो बकरीद के मौक़े पर घर जा रहे थे.

    पाकिस्तान के गृह मंत्री शेख़ रशीद ने दुर्घटना पर ट्वीट कर कहा- "अल्लाह मरने वालों को जन्नत नसीब करे और उनके रिश्तेदारों को इस दुख को झेलने की ताक़त दे."

    वहीं सूचना प्रसारण मंत्री फ़वाद चौधरी ने उर्दू भाषा में ट्वीट में लिखा- "30 लोगों की जान इस सड़क दुर्घटना में चली गई. एक मुल्क़ के तौर पर हम कब समझेंगे कि ट्रैफ़िक नियमों को तोड़ना जानलेवा होता है. सार्वजनिक वाहन चलाने वाले ड्राइवर लोगों की ज़िंदगियों के रखवाले होते हैं."

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