कोलकाता से, बीबीसी हिंदी के लिए
नंदीग्राम के चुनावी नतीजे को चुनौती देने वाली मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की याचिका पर सुनवाई कर रहे कलकत्ता हाईकोर्ट के जज कौशिक चांद ने ममता पर पाँच लाख रुपये का जुर्माना लगाते हुए ख़ुद को इस मामले से अलग कर लिया है.
ममता ने जज पर एक खास राजनीतिक पार्टी (बीजेपी) से संबंध होने का आरोप लगाते हुए उनसे इस मामले से अलग होने की अपील की थी.
मुख्यमंत्री के चुनावी एजंट शेख सुफियान ने जुर्माने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है.
टीएमसी नेता डेरेक ओ ब्रायन ने भी अपने एक ट्वीट में कहा है कि हम ऐसे देश में रह रहे हैं जहां सच बोलने के लिए पांच लाख रुपए देने होते हैं.
अदालत ने ममता बनर्जी पर फाइन लगाते हुए कहा, “ममता बनर्जी ने अपनी इस मांग के जरिए न्यायपालिका की छवि को खराब करने का प्रयास किया है. जुर्माने की रकम राज्य बार काउंसिल में जमा करनी होगी. बाद में उसे कोरोना से प्रभावित वकीलों के परिवारों के कल्याण के लिए खर्च किया जाएगा.”
अब कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तय करेंगे कि यह मामला किसकी अदालत में भेजा जाएगा.
न्यायमूर्ति कौशिक चांद ने अपने फैसले में कहा कि वे याचिकाकर्ता के आरोपों की वजह से इस मामले से खुद को अलग नहीं कर रहे हैं.
इस मुद्दे पर विवाद पैदा होने की वजह से ही उन्होंने हटने का फैसला किया है.
न्यायमूर्ति ने कहा, “मेरे साथ एक राजनीतिक पार्टी के संबंध हैं, इसलिए मुझे इस मामले से हट जाना चाहिए - इस आरोप का फैसला आम लोगों पर नहीं छोड़ा जा सकता. यह फैसला जज करेंगे. उनका कहना था कि इस देश में यह संभव नहीं है कि किसी की कोई राजनीतिक पसंद नहीं हो. न्यायाधीश भी विभिन्न दलों को वोट देते हैं."
ध्यान रहे कि ममता ने नंदीग्राम में वोटों की गिनती में धांधली का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है. लेकिन इस मामले के न्यायमूर्ति कौशिक चांद की अदालत में जाने पर टीएमसी ने आपत्ति जताई थी.
पार्टी और ममता के वकील का दावा था कि न्यायमूर्ति बीजेपी से जुड़े रहे हैं. ऐसे में उनसे निष्पक्ष फैसले का भरोसा नहीं किया जा सकता. पार्टी ने इस मामले को दूसरी पीठ में भेजने की अपील की थी.
इस मांग में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश को भी पत्र भेजा गया था. 25 जून को इस मामले की वर्चुअल सुनवाई के दौरान ममता भी उपस्थित थीं. उनकी ओर से एडवोकेट मनु सिंघवी ने इस मामले में जिरह की थी. सिंघवी ने भी जज से इस मामले से खुद को अलग करने की अपील की थी.