CBSE बोर्ड एग्ज़ाम, 2022: दो बार में होंगी परीक्षाएं, सिलेबस में भी बदलाव

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने साल 2021-22 के अकादमिक सत्र के लिए 10वीं और 12वीं के सिलेबस में महत्वपू्ण बदलाव किए हैं.

लाइव कवरेज

कमलेश मठेनी, विभुराज and अपूर्व कृष्ण

  1. ब्रेकिंग न्यूज़, CBSE बोर्ड एग्ज़ाम, 2022: दो बार में होंगी परीक्षाएं, सिलेबस में भी बदलाव

    CBSE बोर्ड एग्ज़ाम

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    केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने साल 2021-22 के अकादमिक सत्र के लिए 10वीं और 12वीं के सिलेबस में महत्वपू्र्ण बदलाव किए हैं.

    साल 2021 के बैच के लिए बोर्ड परीक्षाएं दो टर्म में आयोजित की जाएंगी और प्रत्येक टर्म में 50 फीसदी सिलेबस को कवर किया जाएगा.

    सीबीएसई ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि 2021-22 के एकैडमिक सेशन को दो भागों में बांटा गया है.

    बोर्ड हरेक टर्म के आखिर में बंटे हुए सिलेबस के आधार पर परीक्षाएं लेगा. ये टर्म एग्ज़ाम 90 मिनट की अवधि के होंगे.

    सीबीएसई प्रश्न पत्र तैयार करके इन्हें स्कूलों को भेज देगा. उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की प्रक्रिया भी बोर्ड ही तय करेगा.

    ये परीक्षाएं बाहर से भेजे गए सेंटर सुप्रिटेंडेंट और ऑब्ज़र्वर्स की निगरानी में आयोजित की जाएंगी.

    बच्चे पहले और दूसरे टर्म में जो नंबर हासिल करेंगे, उनके आधार पर अंतिम मार्क्सशीट तैयार की जाएगी.

    पहले टर्म की परीक्षा नवंबर-दिसंबर और दूसरे टर्म की परीक्षा मार्च-अप्रैल में आयोजित की जाएगी.

  2. भारत-पाकिस्तान: क्या रिश्तों में सुधार की संभावना ख़त्म हो गई है?

    नरेंद्र मोदी, इमरान ख़ान

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    भारत और पाकिस्तान के आपसी रिश्तों में सुधार होने की संभावनाओं पर अब एक बार फिर सवालिया निशान लगता दिख रहा है.

    बीते रविवार को पाकिस्तान ने 23 जून को हुए लाहौर बम धमाके के लिए भारत को ज़िम्मेदार ठहरा दिया.

    पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मोइद यूसुफ़ ने कहा कि वह धमाका जिसमें 3 लोगों की मौत हुई है और 24 लोग घायल हुए हैं, उसका “मास्टर माइंड एक भारतीय नागरिक है जो रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (भारतीय ख़ुफिया एजेंसी रॉ) से जुड़ा है.”

    यही नहीं, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने सीधे-सीधे इसे 'भारत प्रायोजित आतंकवादी हमला' क़रार दिया है.

    उन्होंने ट्वीट किया, "मैंने अपनी टीम को निर्देश दिया कि वो आज जौहर टाउन लाहौर धमाके की जाँच की जानकारी राष्ट्र को दें. मैं पंजाब पुलिस के आतंकवादी निरोधक विभाग की तेज़ रफ़्तार से की गई जाँच की तारीफ़ करूंगा कि उन्होंने हमारी नागरिक और ख़ुफ़िया एजेंसियों की शानदार मदद से सबूत निकाले."

  3. सीडीएस जनरल रावत और वायु सेनाध्यक्ष भदौरिया के खुलेआम बयानों का क्या है मतलब?

    चीफ ऑफ़ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत और वायु सेनाध्यक्ष आरकेएस भदौरिया

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    भारत में सेना के तीनों अंगों को मिलाकर 'इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड' बनाने का मसला फिर सुर्ख़ियों में है, और साथ ही यह चर्चा भी छिड़ गई है कि इसको लेकर सामने आ रहे शीर्ष अधिकारियों के सार्वजनिक बयानों के पीछे क्या चल रहा है.

    ऐसी चर्चा रही है कि भारतीय वायु सेना इंटीग्रेटेड या एकीकृत थिएटर कमांड स्थापित करने के विचार को लेकर उत्साहित नहीं है. ऐसी स्थिति में चीफ ऑफ़ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत के हाल ही में दिए एक बयान ने मामले को और पेचीदा बना दिया है.

    जनरल रावत ने वायु सेना को सशस्त्र बलों की 'सहायक शाखा' कहा है, उन्होंने उसकी तुलना तोपखाने और इंजीनियरों से की है, जनरल रावत ने कहा है कि वायु सेना के हवाई रक्षा चार्टर के अनुसार संचालन के समय वह थल सेना के सहायक की भूमिका निभाती है.

  4. नेपालः राजनीतिक अनिश्चितता के बीच मध्यावधि चुनाव की घोषणा

    नेपाल

    नेपाल में जारी राजनीतिक अनिश्चितता के बीच चुनाव आयोग ने सोमवार को मध्यावधि चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी. हालांकि संसद को भंग किए जाने के फ़ैसले के ख़िलाफ़ नेपाल के सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई एक याचिका लंबित थी और चुनाव को लेकर अनिश्चितता का माहौल था.

    राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी ने प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की सिफारिश पर पिछले पांच महीने में दूसरी बार संसद के निचले सदन को 22 मई को भंग कर दिया था. चुनाव के लिए 12 नवंबर और 19 नवंबर की तारीख तय की गई है.

    275 सदस्यों वाले संसद में बहुमत का भरोसा खो देने के बाद प्रधानमंत्री ओली एक अल्पमत वाली सरकार की अगुवाई कर रहे हैं. सोमवार को निर्वाचन आयोग ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया 15 जुलाई से शुरू हो जाएगी.

    चुनाव के लिए निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राजनीतिक पार्टियों को निर्वाचन आयोग के समक्ष 15 जुलाई और 30 जुलाई के बीच रजिस्ट्रेशन कराना होगा.

    प्रतिनिधि सभा भंग करने के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले ही चुनावी कार्यक्रम की घोषणा पर नेपाल की विपक्षी पार्टियों ने आपत्ति जताई है

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    राजनीतिक दलों के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया जुलाई के आख़िर तक पूरी हो जाएगी और सात अगस्त को इसे नेपाल के सरकारी गजट में प्रकाशित कर दिया जाएगा.

    प्रतिनिधि सभा भंग करने के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले ही चुनावी कार्यक्रम की घोषणा पर नेपाली कांग्रेस ने आपत्ति जताई है.

    बीबीसी से बात करते हुए नेपाली कांग्रेस के नेता बाल कृष्ण खान ने टिप्पणी की कि चुनाव आयोग की भूमिका निष्पक्ष नहीं है.

    खान ने कहा, "सुप्रीम कोर्ट के फैसले की पूर्व संध्या पर, सरकार की मदद करना उचित नहीं था. यह इंगित करता है कि आयोग सरकार के प्रभाव को बढ़ाना चाहता है."

    उन्होंने टिप्पणी की कि पूर्व में चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करने से पहले आयोग राजनीतिक दलों के साथ विचार-विमर्श करता था, लेकिन इस बार परंपरा को छोड़ दिया गया है.

  5. देश पूरी तरह से सुरक्षित, सेना किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयारः राजनाथ सिंह

    राजनाथ सिंह

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    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को कहा कि देश पूरी तरह से सुरक्षित है और भारतीय सेना किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है.

    जम्मू में एयर फोर्स स्टेशन पर हुए हालिया हमले के बारे में पूछे जाने पर रक्षा मंत्री ने कहा, "हम देशवासियों को ये भरोसा दिलाना चाहते हैं कि देश पूरी तरह से सुरक्षित हाथों में है. जो भी चुनौतियां आएंगी, हमारी सेना उनका सामना करने के लिए सक्षम है."

    भारतीय जनता पार्टी की राजनीति पर उन्होंने कहा कि इंसाफ़ और इंसानियत ही पार्टी का आधार है.

    उन्होंने कहा, "भारतीय जनता पार्टी कभी भी जाति और धर्म की राजनीति नहीं करती है."

  6. बॉक्सर मैरी कॉम और मनप्रीत सिंह होंगे ओलंपिक में भारत के ध्वज वाहक

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    चैंपियन बॉक्सर एमसी मैरी कॉम और हॉकी खिलाड़ी मनप्रीत सिंह जापान की राजधानी टोक्यो में होने वाले ओलंपिक खेलों की शुरुआत के समय भारतीय दल की अगुवाई करेंगे.

    ये दोनों खिलाड़ी भारतीय ध्वज को लेकर चलेंगे. समाचार एजेंसी एएनआई ने अधिकारियों के हवाले से बताया है कि समापन समारोह के दौरान पहलवान बजरंग पूनिया दल की अगुवाई करेंगे और झंडा लेकर चलेंगे.

    मैरी कॉम ओलंपिक में कांस्य पदक जीत चुकी हैं. वो कई बार वर्ल्ड चैंपियन भी रही हैं. उनसे, बजरंग पूनिया और हॉकी टीम से भी पदक की आस है.

    ओलंपिक की शुरुआत 23 जुलाई को होगी और समापन 8 अगस्त को होना है. ओलंपिक खेलों का आयोजन 2020 में होना था लेकिन कोरोना संक्रमण की वजह से पिछले साल आयोजन नहीं हो सका.

  7. बीबीसी हिन्दी का डिजिटल बुलेटिन ‘दिनभर’, 05 जुलाई 2021, सुनिए संदीप सोनी के साथ.

    बीबीसी हिन्दी का डिजिटल बुलेटिन ‘दिनभर’,सुनिए संदीप सोनी के साथ.

    आज के कार्यक्रम में सुनिए-

    मॉब लिंचिंग के मुद्दे पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत का बयान बना चर्चा का विषय.

    बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने कहा- मोहन भागवत की कथनी-करनी में फर्क़ है.

    मिलिए पहलवान सोनम मलिक से, जो ओलंपिक में भारत के लिए पदक जीतना चाहती हैं.

    सुनिए साप्ताहिक अंक खेल-खिलाड़ी भी.

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  8. स्टेन स्वामी की मौत पर तीखी प्रतिक्रिया, कई लोगों ने उठाए सवाल

    स्टैन स्वामी

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    भीमा कोरेगाँव हिंसा मामले में न्यायिक हिरासत में रखे गए मानवाधिकार कार्यकर्ता फ़ादर स्टेन स्वामी की मौत के बाद राजनीति और सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय कई लोगों ने दुख जताया है.

    स्टेन स्वामी के निधन के बाद सोशल मीडिया पर कई तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं.

    ऐसी कुछ प्रतिक्रियाओं में उनकी मौत को "त्रासदी" बताया गया. कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि ये "हत्या" है और हिरासत में हुई स्टेन स्वामी की 'मौत की जवाबदेही तय करने की मांग' भी की है. स्वामी 84 साल के थे और बीते दो दिन से मुंबई के एक अस्पताल में लाइफ़ सपोर्ट पर थे.

    भीमा कोरगॉंव हिंसा मामले में स्टेन स्वामी को राँची से बीते वर्ष हिरासत में लिया गया था. उन पर हिंसा भड़काने का मामला चल रहा था.

    स्टेन स्वामी पर 2018 के भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में शामिल होने और नक्सलियों के साथ संबंध होने के आरोप भी लगाए गए थे. उन पर ग़ैर क़ानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धाराएँ लगा कर एनआईए ने हिरासत में लिया था.

  9. मोदी सरकार इन तरीक़ों से लगा सकती है महँगाई पर लगाम

    अर्थव्यवस्था

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    अर्थशास्त्र जिसने पढ़ा है और जिसने ना भी पढ़ा हो - इतनी सी बात सब जानते हैं कि बाज़ार में माँग होगी, तभी महँगाई बढ़ेगी.

    लेकिन भारत के बाज़ार में अभी चीज़ों की माँग भी कम है, फिर भी महँगाई आसमान छू रही है. आख़िर ऐसा क्यों है?

    कोरोना काल में बाज़ार में लोगों के हाथ में पैसा कम है, कइयों की नौकरी चली गई है, कइयों का ख़र्च स्वास्थ्य पर ज़्यादा हो गया है, कई लोग केवल रोज़मर्रा के सामान जुटने भर कमा- खा रहे हैं.

    इन सब वजहों से ग़रीब, ग़रीब हो गए लोग और मिडिल क्लास की कमर बढ़ती महँगाई और स्वास्थ्य ख़र्च की वजह से टूटती चली गई.

    जब लोगों के हाथ में पैसा नहीं होगा, तो चीज़ें ख़रीदने की माँग नहीं होगी और माँग नहीं होगी, तो महँगाई नहीं होनी चाहिए.

  10. आज का कार्टून: सब चलता है

    कार्टून

    पुराने आईटी कानून के तहत गिरफ्तारियों पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी और आज का कार्टून.

  11. मोदी की बुलाई कश्मीर बैठक से निराशा हुईः गुपकार गठबंधन

    कश्मीर

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    जम्मू और कश्मीर के राजनीतिक दलों के गुपकार गठबंधन ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में संपन्न हुई सर्वदलीय बैठक के नतीजों पर निराशा प्रकट करते हुए कहा है कि वहां भरोसा बहाल करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया.

    उनका कहना है कि राजनीतिक और अन्य क़ैदियों की रिहाई का फ़ैसला करके ऐसा किया जा सकता था.

    गुपकार गठबंधन के प्रवक्ता सीपीएम नेता मोहम्मद यूसुफ़ तरिगामी ने बताया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक़ अब्दुल्लाह की अध्यक्षता में पीपुल्स एलायंस फ़ॉर गुपकार डिक्लरेशन की रविवार को उनके ही आवास पर बैठक हुई.

    इस मीटिंग में गुपकार गठबंधन की उपाध्यक्ष पीडीपी की चेयरमैन मेहबूबा मुफ्ती, तरिगामी, नेशनल कॉन्फ्रेंस के लीडर हसनैन मसूदी, पीपुल्स मूवमेंट के चीफ़ जावेद मुस्तफा मीर और आवामी नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मुज़फ़्फ़र अहमद शाह शामिल हुए.

    प्रवक्ता ने बताया कि ये मीटिंग 24 जून को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी. उन्होंने कहा कि पीएजीडी के सभी सदस्यों ने दिल्ली की बैठक के नतीजों पर निराशा जाहिर की है.

    गुपकार गठबंधन के नेताओं का कहना है कि राजनीतिक नेताओं और अन्य कैदियों की रिहाई जैसे ठोस कदम भरोसे बहाल करने के उपाय के तौर पर उठाए जा सकते थे लेकिन ऐसा नहीं किया गया.

  12. भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश समेत 6 देशों से यूएई आने पर पाबंदी बढ़ी

    यूएई

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    संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई की विमान सेवा एमिरेट्स एयरलाइन ने छह देशों के लोगों के अपने यहाँ आने पर रोक 15 जुलाई तक बढ़ा दी है.

    ये देश हैं - भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, दक्षिण अफ़्रीका और नाइजीरिया.

    रविवार को यूएई की वेबसाइट द नेशनल पर इस फ़ैसले की जानकारी दी गई.

    एमिरेट्स ने पिछले 14 दिनों में इन देशों से ट्रांज़िट यानी गुज़रकर आने वाले सभी यात्रियों की एंट्री पर भी रोक लगा दी है.

    वेबसाइट के अनुसार केवल यूएई के नागरिकों, यूएई के गोल्डेन वीज़ा धारकों और राजनयिकों को इसमें छूट दी गई है.

    ये पाबंदी ऐसे समय लगाई गई है जब यूएई में कोरोना संक्रमण के एक-तिहाई मामलों में डेल्टा वेरिएंट का पता चला है.

    यूएई ने 1 जुलाई को अपने नागरिकों के 14 देशों में यात्रा पर रोक लगा दी थी जिनमें भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, श्रीलंका के नाम शामिल थे.

    यूएई में 3 जुलाई को कोरोना संक्रमण के 1,632 नए मामले दर्ज किए गए थे और छह लोगों की मौत हुई थी.

    देश में अब तक कुल 637,877 लोग कोरोना संक्रमित हुए हैं और 1,834 लोगों की मौत हुई है.

  13. तालिबान से लड़ाई के बाद अफ़ग़ान सैनिक 'जान बचाने' ताजिकिस्तान भागे

    तालिबान

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    अधिकारियों का कहना है कि तालिबान चरमपंथियों के साथ संघर्ष के बाद अफ़ग़ानिस्तान के एक हज़ार से अधिक अफ़ग़ान सैनिक पड़ोसी देश ताजिकिस्तान भाग गए हैं.

    ताजिकिस्तान की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि अफ़ग़ान सैनिक "अपनी जान बचाने के लिए" सरहद पार भाग गए.

    अफ़ग़ानिस्तान में हाल के दिनों में हिंसा अचानक से बढ़ गई है और तालिबान हमले करने के साथ ज़्यादा से ज़्यादा इलाक़ों पर नियंत्रण बढ़ाता जा रहा है.

    तालिबान ने सीमावर्ती प्रांत बदाख्शान में कई क्षेत्रों पर कब्जा कर लिया है.

    दूसरी तरफ़ ताजिकिस्तान का प्रशासन अफ़ग़ान शरणार्थियों के आने की संभावना को ध्यान में रखते हुए तैयारी कर रहा है.

    जिस रफ़्तार से तालिबान अपने कब्ज़े वाले इलाके का दायरा बढ़ा रहा है, उससे इस डर को हवा मिली है कि अफ़ग़ानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की पूर्ण वापसी के बाद अफ़ग़ान सुरक्षा बल उनके सामने टिक नहीं पाएंगे.

    अफ़ग़ानिस्तान में पिछले 20 सालों से नेटो की अगुआई में सैन्य अभियान चल रहा है.

    सितंबर तक अफ़ग़ानिस्तान से विदेशी सैनिकों की वापसी होनी है जिनमें से ज़्यादातर पहले ही लौट चुके हैं.

    नेटो और अमेरिका ने तालिबान के साथ एक समझौता किया था जिसके तहत ये तय हुआ था कि विदेशी सैनिक वहाँ से निकल जाएँगे और बदले में तालिबान वहाँ अल-क़ायदा या किसी अन्य चरमपंथी गुट को अपने नियंत्रण वाले इलाक़े में गतिविधियाँ नहीं चलाने देगा.

    तालिबान

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    पाकिस्तान में अफगानिस्तान के राजदूत रह चुके डॉक्टर उमर ज़खिलवाल ने बीबीसी के न्यूज़डे कार्यक्रम में दावा किया कि तालिबान एक के बाद एक ज़िलों पर नियंत्रण कर रहा है और ऐसा लग रहा है कि कोई योजना नहीं बनाई गई थी.

    उन्होंने कहा कि तालिबान के बारे में पक्के तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता, फिलहाल वे उन जिलों पर कब्जा कर रहे हैं, जहां वे पहले से ही बिना किसी प्रतिरोध के मजबूत हैं, इन सब के बीच सुरक्षा बल मायूस हैं.

    उन्होंने कहा, "यह सिर्फ कुछ जिलों की बात नहीं है. तालिबान का डर शहरों तक पहुंच गया है. सुरक्षा बलों का मनोबल गिर गया है और वे बिना किसी प्रतिरोध के आत्मसमर्पण कर रहे हैं."

    उन्होंने कहा कि अफ़ग़ान लोगों को उम्मीद थी कि अमेरिका पूरी तरह से वापसी से पहले उनके मुल्क में शांति सुनिश्चित करेगा, लेकिन यह संभव नहीं हो पाया.

  14. महाराष्ट्र विधानसभा से बीजेपी के 12 विधायक साल भर के लिए निलंबित

    महाराष्ट्र

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    इमेज कैप्शन, इस फ़ैसले का विरोध करते हुए देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में भाजपा विधायकों ने कहा कि वे सदन की कार्यवाही का बहिष्कार करेंगे.

    महाराष्ट्र विधानसभा से सोमवार को विपक्षी भारतीय जनता पार्टी के 12 विधायक एक साल के लिए निलंबित कर दिए गए. इन विधायकों पर ये आरोप है कि उन्होंने स्पीकर के चैंबर में पीठासीन पदाधिकारी भाष्कर जाधव के साथ 'बुरा बर्ताव' किया.

    विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने पार्टी विधायकों पर सत्ता पक्ष के आरोपों को झूठा बताया और कहा कि भाष्कर जाधव घटना को जिस तरह से बयान कर रहे हैं, वो 'एक तरफ़ा' है.

    हालांकि भाष्कर जाधव ने इन आरोपों की जांच कराए जाने की मांग की है कि शिवसेना के सदस्यों और उन्होंने खुद ही असंसदीय टिप्पणियां की थी. उन्होंने कहा कि अगर ये आरोप सही साबित होते हैं तो वे कोई भी सज़ा भुगतने को तैयार हैं.

    भाजपा विधायकों को विधानसभा से निलंबित करने का प्रस्ताव संसदीय मामलों के मंत्री अनिल परब ने रखा जिसे ध्वनि मत से पारित कर दिया गया.

    भारतीय जनता पार्टी के निलंबित हुए इन विधायकों के नाम हैं- संजय कुटे, आशीष शेलार, अभिमन्यु पवार, गिरीश महाजन, अतुल भटखलकर, पराग अलावनी, हरीश पिंपले, योगेश सार, जय कुमार रावत, नारायण कुचे, राम सतपुते और बंटी भागंडिया.

    अनिल परब ने बताया कि निलंबन की अवधि के दौरान ये 12 विधायकों को मुंबई और नागपुर में विधानसभा परिसर में प्रवेश करने की इजाजत नहीं होगी.

    इस फ़ैसले का विरोध करते हुए देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में भाजपा विधायकों ने कहा कि वे सदन की कार्यवाही का बहिष्कार करेंगे.

    फडणवीस ने कहा, "ये झूठा आरोप है. स्थानीय निकायों में ओबीसी कोटे के मुद्दे पर हमने राज्य सरकार के झूठ का पर्दाफाश कर दिया था, इसलिए वे सदन में विपक्षी सदस्यों की संख्या कम करना चाहते हैं."

  15. केवल ममता लड़ सकती हैं बीजेपी से, तृणमूल में शामिल प्रणब मुखर्जी के बेटे अभिजीत बोले

    सांसद पार्थ चटर्जी (बाएँ), अभिजीत बनर्जी (बीच में) और सुदीप बंद्योपाध्याय

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    पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के बेटे और कांग्रेस के पूर्व सांसद अभिजीत मुखर्जी ने तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया है.

    दो बार सांसद रह चुके मुखर्जी ने कोलकाता में पार्टी मुख्यालय में लोकसभा में टीएमसी के नेता सुदीप बंद्योपाध्याय की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ली.

    मुखर्जी ने कहा कि वो ममता बनर्जी और उनके भतीजे व पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी के साथ विधान सभा चुनाव से पहले से ही संपर्क में थे मगर तब उन्होंने ये सोचकर पार्टी नहीं बदली कि इसका मतलब ये निकाला जाता कि वो पद के लालच में ऐसा कर रहे हैं.

    अभिजीत मुखर्जी ने कहा, "ममता अभी देश में सबसे विश्वसनीय धर्मनिरपेक्ष नेता हैं जो सांप्रदायिक बीजेपी के साथ लड़ सकती हैं, उसे हरा सकती हैं. मैंने एक कांग्रेस छोड़ दूसरे का हाथ पकड़ा है. हमें पूरा विश्वास है कि हम पूरे भारत में भगवा लहर पर लगाम लगा सकेंगे."

  16. सुप्रीम कोर्ट हुआ हैरान, अभद्र मैसेज वाले क़ानून के रद्द होने के बाद भी जारी है कार्रवाई

    सुप्रीम कोर्ट

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    सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को इस बात पर आश्चर्य व्यक्त किया कि एक ऐसे क़ानून के तहत अब भी कार्रवाई की जा रही है जिसे छह साल पहले ही निरस्त किया जा चुका है.

    इन्फ़ॉर्मेशन टेक्नॉलॉजी ऐक्ट के सेक्शन 66ए के तहत अभी भी लोगों के ख़िलाफ़ केस दर्ज किए जा रहे हैं जिसे साल 2015 में ही रद्द कर दिया गया था.

    इन्फ़ॉर्मेशन टेक्नॉलॉजी ऐक्ट के ख़त्म कर दिए गए इस सेक्शन के तहत इंटरनेट पर अपमानजनक मैसेज पोस्ट करने वाले व्यक्ति को तीन साल तक की जेल की सज़ा जुर्माने के साथ दी जा सकती थी.

    जस्टिस आरएफ़ नरीमन, जस्टिस केएम जोसेफ़ और जस्टिस बीआर गवई ने ग़ैर सरकारी संगठन पीपुल्स यूनियन फ़ॉर सिविल लिबर्टीज़ (पीयूसीएल) की एक याचिका पर इस सिलसिले में केंद्र सरकार से जवाब मांगा है.

    सुप्रीम कोर्ट ने पीयूसीएल की तरफ़ पैरवरी कर रहे सीनियर एडवोकेट संजय पारिख से पूछा, "क्या आपको ये हैरत की बात नहीं लगती? श्रेया सिंघल जजमेंट साल 2015 का है. ये वाकई आश्चर्यजनक है. जो कुछ चल रहा है, वो डराने वाला है."

    सांकेतिक तस्वीर

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    संजय पारिख ने बताया कि साल 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्य सरकारों को स्पष्ट रूप से ये निर्देश दिया था कि पुलिस कर्मियों को 24 मार्च, 2015 को दिए गए श्रेया सिंघल जजमेंट के बारे में जानकारी दी जाए.

    लेकिन इसके बावजूद इस सेक्शन के तहत हज़ारों मामले दर्ज किए गए हैं. इस पर सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा, "हां, हमने वो आंकड़ें देखे हैं. आप चिंता मत कीजिए. हम कुछ करेंगे."

    संजय पारिख ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि इस तरह के मामलों को हैंडल करने की प्रक्रिया होनी चाहिए क्योंकि लोग परेशान हो रहे हैं.

    केंद्र सरकार का पक्ष रखते हुए अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कोर्ट को बताया कि आईटी ऐक्ट को पढ़ते वक्त सेक्शन 66ए वहां लिखा दिखाई देता है लेकिन फुटनोट (सबसे नीचे) ये जानकारी दी गई होती है कि ये प्रावधान ख़त्म कर दिया गया है.

    वेणुगोपाल ने कहा, "जब एक पुलिस अधिकारी केस रजिस्टर करता है तो वो ये सेक्शन देखता है और बिना फुटनोट को देखे वो केस रजिस्टर कर लेता है. हम ये कर सकते हैं कि सेक्शन के बगल में ही कोष्ठक में ये लिख दें कि ये प्रावधान ख़त्म कर दिया गया है."

    इस पर जस्टिस नरिमन ने कहा, "आप दो हफ़्तों में जवाब दाखिल कीजिए. हमने नोटिस जारी किया है. इस मामले की अगली तारीख दो हफ्ते बाद होगी."

  17. CoWIN ऐप सभी देशों को उपलब्ध कराएगा भारतः प्रधानमंत्री मोदी

    नरेंद्र मोदी

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि कोविड वैक्सीन मुहैया कराने के लिए भारत के टेक्नीकल प्लेटफॉर्म को ओपन सोर्स कर दिया जाएगा और जल्द ही ये सभी देशों के लिए उपलब्ध होगा.

    उन्होंने ये बात ज़ोर देकर कही कि भारत कोरोना महामारी से लड़ने के लिए अपनी विशेषज्ञता और संसाधन शेयर करने के लिए प्रतिबद्ध है. प्रधानमंत्री मोदी कोविन ग्लोबल कॉन्क्लेव को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए संबोधित कर रहे थे.

    उन्होंने कहा कि अनुभव ये बताता है कि कोई भी राष्ट्र चाहे वो कितना ही शक्तिशाली क्यों न हो, अकेले रह कर कोरोना जैसी महामारी की चुनौती का हल नहीं निकाल सकता है.

    उन्होंने कहा, "तमाम बाधाओं के बावजूद हमने जहां तक मुमकिन हो सका, अपनी विशेषज्ञता और संसाधन दुनिया के साथ साझा करने की कोशिश की है. कोरोना महामारी के ख़िलाफ़ भारत की लड़ाई में टेक्नॉलॉजी अहम हिस्सा रही है और सौभाग्य से सॉफ्टवेयर एक ऐसा ऐसा क्षेत्र है जहां संसाधनों की कोई दिक्कत नहीं है."

    "इसी वजह से तकनीकी रूप से ये जितनी जल्दी व्यावहारिक हो सकेगा, हम कोविड ट्रेसिंग और ट्रैकिंग ऐप को ओपन सोर्स करेंगे."

    नेशनल हेल्थ अथॉरिटी के सीईओ डॉक्टर आरएस शर्मा ने हाल ही में कहा था कि कनाडा, मेक्सिको, नाइजीरिया, पनामा और यूगांडा समेत लगभग 50 देशों ने अपने टीकाकरण अभियान में कोविन प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल को लेकर दिलचस्पी दिखाई है.

  18. मोहन भागवत ने मॉब लिंचिंग और मुसलमानों के मुद्दे पर क्या कहा?

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को मॉब लिंचिंग (भीड़ के हाथों पीट-पीटकर हत्या) और मुसलमानों की भारत में स्थिति पर लेकर अपने भाषण में जो कहा उसकी काफ़ी चर्चा हो रही है.

    इसको लेकर एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह ने प्रतिक्रिया दी है जिसकी चर्चा इस लाइव पेज में पहले हो चुकी है.

    मगर कहा क्या था मोहन भागवत ने उत्तर प्रदेश के ग़ाज़ियाबाद शहर में एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में - देखने के लिए नीचे दिए गए वीडियो लिंक पर क्लिक करें.

  19. कोरोना नियमों का उल्लंघन, दिल्ली की लाजपत नगर मार्केट हुई बंद, कई दुकानें सील

    लाजपत नगर मार्केट

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    दिल्ली के जाने-माने लाजपत नगर मार्केट को कोरोना नियमों के उल्लंघन की शिकायतों के बाद बंद कर दिया गया है.

    दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने निर्देश दिया है कि मार्केट को अगले आदेश तक बंद रखा जाएगा.

    समाचार एजेंसी एएनआई को एक दुकानदार ने बताया, ''कल शाम एसडीएम का दौरा हुआ था. उन्होंने देखा कि लोग कोरोना नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं. जहां-जहां उन्हें कमी मिली वहां उन्होंने दुकानें सील कर दीं. ''

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    डीडीएमए ने लाजपत नगर मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन से पूछा है कि कोरोना के नियमों का उल्लंघन करने के लिए उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई क्यों नहीं होनी चाहिए.

    लाजपत नगर मार्केट दिल्ली के प्रमुख बाज़ारों में से एक है और यहां खरीदारी के लिए बड़ी संख्या में लोग आते हैं.

    दिल्ली में लॉकडाउन के दौरान बाज़ार को पहले भी बंद किया गया था. अब अनलॉक की प्रक्रिया में बाज़ार खुलने पर लोगों का आना-जाना शुरू हो गया और भीड़ बढ़ गई.

    इस दौरान कोरोना नियमों का पालन ना होने के कारण प्रशासन ने मार्केट बंद करने का आदेश दिया है.

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  20. स्टेन स्वामी: सबसे बुजुर्ग शख़्स जिन पर लगा आतंकवाद का आरोप

    फादर स्टेन स्वामी

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    मानवाधिकार कार्यकर्ता फ़ादर स्टेन स्वामी का निधन हो गया है. स्टेन स्वामी भीमा कोरेगाँव हिंसा मामले में न्यायिक हिरासत में थे.

    तबीयत ख़राब होने के बाद उन्हें मुंबई के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहाँ शनिवार को दिल का दौरा पड़ने के बाद सोमवार दोपहर उन्होंने आँखें मूँद लीं.

    जाने-माने मानवाधिकार कार्यकर्ता के बारे में अक्तूबर 2020 में बीबीसी ने एक लेख प्रकाशित किया था.

    उनके निधन के दिन एक बार फिर पढ़िए ये विशेष रिपोर्ट.