उत्तर कोरियाः किम जोंग उन की बहन ने अमेरिका को चेताया, वो नहीं समझ रहा बात
उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने अमेरिका को ये चेतावनी दी है कि उसके नेता के बयानों का गलत मतलब न निकाला जाए.
लाइव कवरेज
विभुराज, वात्सल्य राय, मोहम्मद शाहिद and रजनीश कुमार
फेक टीआरपी मामलाः अर्नब गोस्वामी को मुंबई पुलिस ने दूसरी चार्जशीट में अभियुक्त बनाया
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टेलीविजन रेटिंग प्वॉयंट्स में कथित तौर पर धांधली करने के मामले में मुंबई पुलिस ने टीवी पत्रकार अर्नब गोस्वामी को दूसरी चार्जशीट में अभियुक्त बनाया है.
मामले की जांच कर रही मुंबई पुलिस की क्राइम इंटेलीजेंस यूनिट ने ये चार्जशीट मुंबई की एक अदालत में मजिस्ट्रेट के समक्ष मंगलवार को दायर की.
रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ़ अर्नब गोस्वामी के वकील ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, "अन्य लोगों के अलावा अर्नब गोस्वामी और एआरजी आउटलियर को चार्जशीट में अभियुक्त बनाया गया है."
कथित फेक टीआरपी स्कैम पिछले साल अक्टूबर में उस वक्त सामने आया जब रेटिंग एजेंसी ब्रोडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (बार्क) ने हंसा रिसर्च ग्रुप के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई थी कि कुछ टेलीविजन चैनल टीआरपी के नंबरों के साथ छेड़खानी कर रहे हैं.
चीन ने बिटकॉइन के इस्तेमाल को रोकने के लिए शिकंजा कसा
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चीन ने क्रिप्टोकरेंसीज़ के इस्तेमाल को रोकने के लिए कार्रवाई तेजी कर दी है. बैंकों और भुगतान के लिए इस्तेमाल होने वाले ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को डिजिटल करेंसी में लेनदेन रोकने के लिए निर्देश दिया गया है.
इससे पहले शुक्रवार को सरकार ने शिचुआन प्रांत में बिटकॉइन में लेन-देन कर रहे एक व्यापारिक प्रतिष्ठान को बंद कराया था.
सोमवार को बिटकॉइन की कीमतों में दस फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई लेकिन मंगलवार को एशिया में इसकी कीमतों में स्थिरता देखी गई है.
अप्रैल में एक बिटकॉइन की कीमत 63 हज़ार डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर चली गई थी लेकिन उसके बाद से इसकी कीमत में लगभग 50 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है.
सोमवार के चीन के सेंट्रल बैंक 'पीपल्स बैंक ऑफ़ चाइना' (पीबीओसी) ने बताया कि कई प्रमुख बैंकों और भुगतान सेवाएं मुहैया कराने वाली कंपनियों को क्रिप्टोकरेंसीज़ के कारोबार पर कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया जा चुका है.
'पीपल्स बैंक ऑफ़ चाइना' ने एक बयान में कहा है कि बैंकों को क्रिप्टोकरेंसी की खरीदफरोख्त में किसी भी तरह की वित्तीय सेवा नहीं मुहैया कराने का निर्देश दिया गया है.
चीन के तीसरे सबसे बड़े बैंक एग्रिकल्चर बैंक ऑफ़ चाइना ने कहा है कि वो पीबीओसी के दिशानिर्देशों का पालन कर रहे हैं.
चीन की पोस्टल सेविंग्स बैंक ने भी कहा है कि वो क्रिप्टोकरेंसी की लेन-देन में किसी तरह की बैंकिंग सुविधा नहीं देगी.
रईसी की जीत पर अरब देशों में कैसी हलचल?
नीतीश ने मेरे पिता की राजनीतिक हत्या की कोशिश की थी: चिराग
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रामविलास पासवान के
बेटे और लोकसभा सांसद चिराग पासवान ने अपनी पार्टी में आए बवंडर को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री
नीतीश कुमार को निशाने पर लिया है.
लोक जनशक्ति पार्टी
में चिराग के चाचा पशुपति पारस बाग़ी बन गए हैं और उन्होंने ख़ुद को पार्टी प्रमुख
बना लिया है.
पारस खेमे में एलजेपी
के पाँच लोकसभा सांसद भी हैं. दूसरी तरफ़ चिराग पासवान का कहना है कि पार्टी के संविधान
के अनुसार एलजेपी के असली वारिस वो ख़ुद हैं.
मंगलवार को एक पत्र
जारी चिराग ने नीतीश कुमार पर निशाना साधा है. चिराग ने अपने पत्र में लिखा है,
''रामविलास पासवान के जीते जी नीतीश कुमार ने उनकी
राजनीतिक हत्या की कोशिश की. दलित और महादलित का बँटवारा उसी का हिस्सा था.’’
‘’रामविलास पासवानने दलित और महादलित के बीच कभी कोई भेदभाव नहीं किया.
नीतीश कुमार ने मुझे और मेरे पिता को अपमानित करने का कोई मौक़ा नहीं छोड़ा. लेकिन
इसके बावजूद हम झुके नहीं.’’
‘’मेरे पिता ने नीतीश कुमार से कभी कोई समझौता नहीं किया. 2017 में नीतीश कुमार फिर से एनडीए में आए तो मेरे पिता
बहुत सहज नहीं थे लेकिन पापा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विश्वास रखते हुए इसे
भी स्वीकार कर लिया था.''
चिराग ने कहा,
''मेरी पार्टी और मेरे परिवार को ख़त्म करने की कोशिश
की जा रही है. लेकिन मैं रामविलास पासवान का बेटा हूँ. एक शेर का बेटाजो किसी
भी हालात से ना तो डरता है और ना ही घबराता है. चाचा मुझसे पूछ रहे हैं कि उन्हें बिहार
प्रदेश अध्यक्ष से क्यों हटाया गया था जबकि उन्हें इस पद से रामविलास पासवान ने ही
हटाया था.''
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मोदी के साथ बैठक में क्या मांग करेंगे ग़ुलाब नबी आज़ाद, ख़ुद ही बताया
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इमेज कैप्शन, 24 जून को प्रधानमंत्री मोदी ने जम्मू-कश्मीर के नेताओं को बैठक के लिए बुलाया है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
के साथ जम्मू-कश्मीर के नेताओं की इस हफ़्ते होने वाली बैठक से पहले कांग्रेस के सीनियर
नेता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ग़ुलाम नबी आज़ाद ने कहा कि पूर्ण राज्य
की बहाली इस बैठक का टॉप एजेंडा है.
पाँच अगस्त, 2019 को मोदी सरकार ने
जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा ख़त्म किया था तो पूर्ण राज्य का दर्जा वापस ले लिया
था और जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बाँट दिया था.
ग़ुलाम नबी आज़ाद को भी
24 जून को होने वाली इस बैठक में आमंत्रित किया गया है. ग़ुलाम नबी आज़ाद ने अंग्रेज़ीअख़बार इंडियन एक्सप्रेस से कहा है कि इस बैठक में पूर्व राज्य की बहाली अहम मुद्दा है
लेकिन वे अनुच्छेद 370 को फिर से लागू करने की मांग करेंगे या नहीं इस पर कुछ नहीं
बोले.
पाँच अगस्त, 2019 को जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा ख़त्म किए जाने के बाद मोदी सरकार वहाँ के
नेताओं के साथ पहली बार इस तरह की वार्ता करने जा रही है.
ग़ुलाम नबी आज़ाद ने कहा
कि पूर्ण राज्य की बहाली की बात संसद में भी कही गई थी. क्या ग़ुलाम नबी आज़ाद जम्मू-कश्मीर
को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को फिर से लागू किए जाने की मांग
करेंगे?
इस सवाल के जवाब में उन्होंने
कहा, ''मैं इस मामले में जम्मू और कश्मीर के कांग्रेस नेताओं से बात
कर रहा हूँ. इसके बाद मैं पार्टी से मार्गदर्शन लूंगा. इसके लिए कांग्रेस प्रमुख
सोनिया गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से बात करूंगा. इसके साथ ही उन सहकर्मियों
से भी बात करूंगा जो इसमें प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से शामिल रहे हैं. अभी इस बारे
में कुछ भी कहना जल्दबाज़ी होगी. हाँ मैं, ये ज़रूर कह सकता
हूँ कि पूर्ण राज्य की बहाली हमारा टॉप एजेंडा है.''
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मोदी के आँसू और मुस्लिमों में वैक्सीन पर भ्रम को लेकर बोले राहुल
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कांग्रेस पार्टी के पूर्व
अध्यक्ष और लोकसभा सांसद राहुल गाँधी ने कोविड-19 पर ज़ूम प्रेस कॉन्फ़्रेंस
में मंगलवार को केंद्र की मोदी सरकार की जमकर आलोचना की.
राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री
के आँसू बहाने से लोग नहीं बचेंगे. राहुल ने कहा, ''सब परिवार जानते हैं
तो उनके परिवार के लोग मरे तो तो वहाँ प्रधानमंत्री नहीं थे. प्रधानमंत्री के आँसू
ने उन्हें नहीं बचाया था. प्रधानमंत्री ने ऑक्सीजन की ज़रूरत को गंभीरता से नहीं लिया.
प्रधानमंत्री की प्राथमिकता तब चुनाव था लेकिन लोग मर रहे थे.''
राहुल गांधी ने कहा कि निजी
अस्पतालों में पैसे से वैक्सीन लगाई जा रही है लेकिन दुनिया के बाक़ी देशों में बिना
पैसे के वैक्सीन लगाई जा रही है. राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री की मार्केटिंग का नतीजा
पूरी दुनिया ने देखा है.
कांग्रेस नेता ने कहा कि
कोविड के ख़िलाफ़ जंग में जीत की घोषणा करने में जल्दीबाज़ी करने का कोई मतलब नहीं
है.
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राहुल ने कहा, ''मैं पिछले डेढ़ साल से कह रहा हूँ कि कोविड देश को बहुत बड़ा नुकसान पहुँचाएगा.
कोविड को लेकर केवल मैं सरकार को आगाह नहीं कर रहा था बल्कि कई लोग कर रहे थे. वैक्सीन
की दूसरी डोज़ में देरी राजनीतिक वजह है. वैक्सीन की कमी है इसलिए देरी की जा रही है.
प्रधामंत्री को ये समझना है कि ये कोई राजनीतिक लड़ाई नहीं है. ये वायरस के ख़िलाफ़
लड़ाई और पूरा हिन्दुस्तान साथ खड़ा है.''
राहुल गाँधी ने कहा, ''वैक्सीन के नतीजों की जाँच होनी चाहिए और लगे कि सही नहीं है तो बदलनी चाहिए. केंद्र
सरकार लोगों से ही टैक्स ले रही है और अगर आज लोगों की ज़रूरत है तो वो हाथ खड़े कर
रही है. जिन्होंने अपने परिवारों को खोया है, उन्हें मदद की ज़रूरत
है.''
मुस्लिम और महिलाओं के बीच
वैक्सीन को लेकर ऊहापोह की स्थिति के सवाल पर राहुल गाँधी ने कहा कि अगर स्पष्टता से
उन्हें समझाया जाए तो इसे आराम से ठीक किया जा सकता है. राहुल ने कहा कि जागरूकता अभियान
चलाना चाहिए.'' राहुल से इस प्रेस कॉन्फ़्रेंस में एक सवाल पूछा गया था कि
मुस्लिम और महिलाओं के बीच वैक्सीन को लेकर कई तरह के भ्रम हैं.
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राहुल गांधी ने कहा, ''जब कोरोना की तीसरी लहर आए तो दूसरी लहर की दिक़्क़तें ना हों ताकि हज़ारों की जान बचाई जा सके.सरकार को किसी भी राज्य को कोविड के ख़िलाफ़ लड़ाई में बीजेपी और कांग्रेस शासित राज्य के रूप में नहीं देखना चाहिए. वायरस का म्यूटेट करेगा तो ये नहीं देखेगा.''
ओसामा को शहीद कहना कौन सी मदीना की रियासत है: शेरी रहमान
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पाकिस्तान पीपल्स
पार्टी की सीनेटर शेरी रहमान ने सीनेट में इमरान ख़ान की सरकार की ओसामा बिन लादेन
को लेकर आलोचना की है. शेरी रहमान ने कहा कि जो व्यक्ति हज़ारों की मौत के लिए ज़िम्मेदार
है, उसे शहीद कैसे घोषित किया
जा सकता है.
सोमवार को सीनेट में
शेरी रहमान ने कहा, ''ओसामा बिन लादेन जैसे
आतंकवादी को शहीद कैसे कहा जा सकता है. अल-क़ायदा को ख़त्म करने में हमारे लोगों ने
क़ुर्बानियाँ दी हैं. इसे अमेरिका भी मानता है. जिसने हज़ारो बेगुनाहों को मारा है,
उसके बारे में सुनने में आ रहा है कि वो शहीद है.
इस्लाम में बच्चों और औरतों की हत्या करने वाली कौन सी शहादत होती है? ये मदीना की कौन सी रियासत है, जहाँ एक दहशतगर्द को शहीद का दर्जा दिया जा रहा
है?''
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शेरी रहमान ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी
के अफ़गानिस्तानी न्यूज़ चैनल टोलो न्यूज़ को दिए इंटरव्यू का हवाला देते हुए संसद
में उनकी आलोचना की. क़ुरैशी ने इस इटंरव्यू में ओसामा बिन लादेन को आतंकवादी कहने
से परहेज किया था.
इस इंटरव्यू में टोलो न्यूज़ ने क़ुरैशी से पूछा था कि क्या वो ओसामा बिन लादेन को आतंकवादी मानते हैं? इसके जवाब में क़ुरैशी ने कहा था कि वो इस पर कुछ नहीं बोलना चाहते हैं. इससे पहले ओसामा बिन लादेन को प्रधानमंत्री इमरान ख़ान एक बार शहीद कह चुके हैं.
शेरी रहमान ने कहा, ''क़ुरैशी
का मैं सम्मान करती हूँ, लेकिन उन्होंने इंटरव्यू में इस बात से इनकार नहीं किया वो
ओसामा बिन लादेन को शहीद नहीं मानते हैं. आप उस व्यक्ति को दहशतगर्द क्यों नहीं कह
सकते, जिसने हमारे मुल्क को इतनी मुश्किल में डाला रहा. इस वक़्त
पाकिस्तान की विदेश नीति के लिए सबसे जटिल वक़्त है, तब
आप ऐसी ग़लतियाँ कर रहे हैं. अफ़ग़ानिस्तान से अमेरिकी सेना चार जुलाई तक चली
जाएगी और आप फिर से 30साल पुरानी समस्या में फँस जाएंगे. जो बम बरसाता है उसे आप
शहीद कहते हैं.''
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इसराइल की नई सरकार ने पहले दौरे के लिए एक इस्लामिक देश को चुना
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इमेज कैप्शन, इसराइल के नए विदेश मंत्री येर लेपिड
इसराइल के नए विदेश
मंत्री येर लेपिड अगले हफ़्ते पहला विदेशी दौरा एक इस्लामिक देश संयुक्त अरब अमीरात
(यूएई) का करने जा रहे हैं.
येर लेपिड इसराइली
प्रधानमंत्री बेनेट नेफ़्टाली की गठबंधन सरकार में सबसे बड़े दल के नेता हैं. येर लेपिड
इस सराकार में उप-प्रधानमंत्री भी हैं और दो साल बाद वो समझौते के मुताबिक़ प्रधानमंत्री
बनेंगे.
नई सरकार बनने के
बाद इसराइल का यह सबसे उच्चस्तरीय दौरा है और इस दौरे के लिए यूएई को चुना है.
इसराइली विदेश मंत्रालय
ने सोमवार को कहा कि येर लेपिड 29 और 30 जून को यूएई के दौरे पर होंगे. वे इस दौरे में
अबू धाबी में इसराइली दूतावास और दुबई में एक वाणिज्य दूतावास का उद्घाटन करेंगे.
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पिछले साल ही यूएई
ने इसराइल से रिश्ते सामान्य किए थे और राजनयिक संबंध कायम करने का फ़ैसला किया था.
इसमें अमेरिका के तत्कालीन ट्रंप प्रशासन की अहम भूमिका थी.
पू्र्व प्रधानमंत्री
बिन्यामिन नेतन्याहू यूएई के चार दिवसीय दौरे पर जाने की योजना बना रहे थे लेकिन यह
कई वजहों से संभव नहीं हो पाया था. नेतन्याहू की सरकार में ही पिछले साल यूएई,
सूडान और मोरक्को ने इसराइल को मान्यता देते हुए
रिश्ते सामान्य करने की घोषणा की थी.
नेतन्याहू ने यूएई
जाने की हालिया कोशिश इसी साल मार्च में महीने में की थी. इसराइली मीडिया के अनुसार
तब जॉर्डन नेतन्याहू को अपने हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी थी. इस
बीच उनकी सरकार भी चली गई.
येर लेपिड के इस दौरे
से साफ़ है कि अरब के देशों में वो अपनी स्वीकार्यता बढ़ाने को लेकर बहुत सक्रिय है.
हालांकि अरब के कई देश अब भी इसराइल से रिश्ते सामान्य करने को तैयार नहीं है.
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ईरान के नए राष्ट्रपति ने मानवाधिकर उल्लंघनों के सवाल पर चुप्पी तोड़ी
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1988 में ईरान-इराक़ युद्ध
के बाद राजनीतिक क़ैदियों को सामूहिक फांसी देनेसे जुड़े मामले को लेकर ईरान के नए
राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की आलोचना होती रही है. इस बार मानवाधिकार उल्लंघनों को
लेकर उन्होंने पहली बार टिप्पणी की है.
शुक्रवार को चुनाव में अपनी
जीत के बाद सोमवार को रईसी ने पहली बार प्रेस कॉन्फ़्रेंस की. इस दौरान उन्होंने
परमाणु समझौतों से लेकर ईरान-अमेरिकी रिश्तों पर भी बात की.
लेकिन एक पत्रकार ने उनसे उनके
मानवाधिकार रिकॉर्डों के बारे में पूछ लिया तो इस पर रईसी ने कहा, “मुझे गर्व है कि मैंने हर स्थिति में अब
तक मानवाधिकारों का बचाव किया है.”
उन्होंने
चरमपंथी समूह आईएस के संदर्भ में कहा कि वो ‘उन लोगों से भी निपटा हूं जिन्होंने लोगों के
अधिकारों को बाधित किया है और दाएशी
और सुरक्षा विरोधी कामों में शामिल रहे हैं.’
“अगर
एक क़ानून विशेषज्ञ, एक जज या एक प्रोसिक्यूटर लोगों के अधिकारों की और समाज की
सुरक्षा की रक्षा करता है तो उसकी लोगों की सुरक्षा करने के लिए प्रशंसा की जानी चाहिए
और प्रोत्साहित किया जाना चाहिए.”
क्या हैं
आरोप
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इब्राहिम
रईसी पर बार-बार मानवाधिकारों का उल्लंघन के आरोप लगाए जा रहे हैं क्योंकि 1988
में जब तक़रीबन 5,000 राजनीतिक क़ैदियों को सामूहिक फांसी की सज़ा दी गई तब वो
ईरान के डिप्टी प्रोसिक्यूटर थे.
इन राजनीतिक क़ैदियों में से ज़्यादातर
लोग ईरान में वामपंथी और विपक्षी समूह मुजाहिदीन-ए-ख़ल्क़ा (MEK) या पीपल्स
मुजाहिदीन ऑर्गनाइज़ेशन ऑफ़ ईरान (PMOI) के सदस्य थे.
इसके
कारण अमेरिका उन पर प्रतिबंध भी लगा चुका है.
इसराइल के नए प्रधानमंत्री नेफ़्टाली
बेनेट ने रविवार को अपनी कैबिनेट की पहली बैठक के दौरान रईसी पर टिप्पणी करते हुए कहा
था कि वह ‘क्रूर जल्लादों के
शासन’ का हिस्सा थे.
बेनेट ने दुनिया की शीर्ष ताक़तों को आगाह
किया है कि ईरान के साथ परमाणु समझौते में लौटने से पहले यह अंतिम बार ‘जाग जागने’ वाली कॉल है.
कट्टरपंथी नेता रईसी शनिवार को 62% मतों के साथ ईरान के नए
राष्ट्रपति चुने गए थे. इस चुनाव के दौरान ऐतिहासिक रूप से ईरान में सबसे कम मतदान
हुआ था.
नमस्कार!
बीबीसी हिन्दी
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