पश्चिम बंगाल में बीजेपी सांसद ने छेड़ी अलग राज्य की माँग, पार्टी ने किया किनारा

पश्चिम बंगाल की बिष्णुपुर लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के सांसद सौमित्र खान ने सोमवार को जंगलमहल और उसके आसपास के इलाकों को मिलाकर एक पृथक राज्य के गठन की मांग की.

लाइव कवरेज

विभुराज, वात्सल्य राय and मोहम्मद शाहिद

  1. चुनाव बाद हिंसा मामले में पश्चिम बंगाल सरकार को हाईकोर्ट में झटका

    कलकत्ता हाई कोर्ट

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    प्रभाकर मणि तिवारी

    कोलकाता से, बीबीसी हिंदी के लिए

    चुनाव बाद की हिंसा के मामले में सोमवार को पश्चिम बंगाल सरकार को कलकत्ता हाईकोर्ट में झटका लगा. राज्य ने इस मामले में बड़ी बेंच के फ़ैसले पर पुनर्विचार की मांग में जो याचिका दायर की थी उसे ख़ारिज करते हुए अदालत ने सरकार की आलोचना की है.

    कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल ने साफ़ कहा है कि अदालत को इस मामले में सरकार पर भरोसा नहीं है. उन्होंने सवाल किया कि आख़िर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की जांच पर सरकार को आपत्ति क्यों है?

    इससे पहले हाईकोर्ट ने 18 जून के अपने फ़ैसले में हिंसा के मामलों की जांच आयोग से कराने का निर्देश दिया था और सरकार को इसमें सहयोग करने को कहा था. इसके लिए आयोग से एक तीन-सदस्यीय समिति बनाने को कहा गया था जिसमें समिति में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, पश्चिम बंगाल मानवाधिकार आयोग और राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण के एक-एक शीर्ष अधिकारी शामिल होंगे.जो राज्य के हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा कर 30 जून को हाईकोर्ट को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी.

    ममता बनर्जी

    पांच जजों की पीठ ने कहा था कि पहले तो राज्य सरकार हिंसा के आरोपों को स्वीकार नहीं कर रही. लेकिन अदालत के पास कई घटनाओं की जानकारी और सुबूत हैं. इस तरह के आरोपों को लेकर राज्य सरकार चुप नहीं रह सकती. राज्य सरकार ने इसी फ़ैसले के ख़िलाफ़ याचिका दायर की थी. लेकिन अदालत ने सोमवार को उसे ख़ारिज कर दिया. इस मामले की अगली सुनवाई 30 जून को होगी.

    अदालत ने कहा कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के पास 541 शिकायतें दर्ज हुई हैं, जबकि राज्य मानवाधिकार आयोग के पास एक भी शिकायत दर्ज नहीं हुई है. चुनाव के बाद भी हिंसा जारी रहना चिंताजनक है.

    मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि चुनाव नतीजे के डेढ़ महीने बाद भी हिंसा की ख़बरें आ रही हैं. पुलिस के ख़िलाफ़ ऐसे मामले दर्ज नहीं करने के आरोप लग रहे हैं. जो मामले दर्ज हुए हैं उनकी भी ठीक से जांच नहीं हो रही है. लेकिन सरकार ने इस मामले में चुप्पी साध रखी है.

    प्रतीकात्मक तस्वीर

    चुनावी हिंसा के मामले में दायर जनहित याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने बीते सप्ताह कहा था कि राज्य ने चुनाव के बाद की हिंसा से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है.

    हाई कोर्ट ने कहा था,“ऐसे मामलों में जहां चुनाव बाद की हिंसा के कारण राज्य के निवासियों का जीवन और संपत्ति कथित ख़तरे में होने के आरोप लगाए गए हैं, राज्य को अपनी पसंद के अनुसार आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जा सकती है. शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की ज़रूरत है.”

    ममता बनर्जी

    कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की पीठ ने पश्चिम बंगाल सरकार को याद दिलाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बनाए रखना और लोगों में विश्वास पैदा करना उनका कर्तव्य है. पीठ में न्यायमूर्ति आईपी मुखर्जी, हरीश टंडन, सौमेन सेन और सुब्रत तालुकदार भी शामिल हैं.

    इससे पहले बीते सप्ताह राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि राज्य सरकार चुनाव के बाद की हिंसा के कारण लोगों की पीड़ा के प्रति निष्क्रिय और उदासीन बनी हुई है.

  2. ब्रेकिंग न्यूज़, कोरोना पीड़ितों को 4 लाख मुआवज़ा देने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फ़ैसला सुरक्षित रखा

    पीड़ित

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    कोरोना वायरस महामारी के दौरान मारे गए लोगों के परिजनों को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के मामले में सुप्रीम कोर्ट की वेकेशन बेंच ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है.

    सर्वोच्च न्यायालय में आज इस मामले की सुनवाई पूरी हो गई है और आदेश सुरक्षित रख लिया गया.

    सुप्रीम कोर्ट के दो जजों की वेकेशन बेंच ने इस मामले की सुनवाई की थी.

    इस बेंच की अध्यक्षता जस्टिस अशोक भूषण कर रहे थे जबकि इसमें जस्टिस एमआर शाह दूसरे जज थे. बेंच ने इस मामले से जुड़े पक्षों को तीन दिनों में अपने जवाब दाख़िल करने को कहा है.

    केंद्र सरकार ने किया था इनकार

    पीड़ित

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    इस मामले में केंद्र की मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक हलफ़नामा दायर कर कहा था कि आर्थिक तंगी और दूसरे कई अन्य कारणों से वह कोविड-19 संक्रमण के कारण जान गंवाने वालों के परिवारों को चार लाख रुपए की सहायता राशि नहीं दे सकती है.

    हलफ़नामे में यह भी कहा गया है कि सरकार ने कोविड महामारी से निपटने के लिए और उससे पीड़ित परिवारों के लिए कई तरह की लाभकारी योजनाएं लागू की हैं.

    सरकार ने यह भी कहा है कि महामारी से निपटने के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की गई हैं जिनका लोगों को फ़ायदा भी मिला है.

    विपक्ष का पलटवार

    राहुल गांधी

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    केंद्र सरकार के इस इनकार के बाद सोमवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी.

    उन्होंने ट्वीट किया कि, “जीवन की क़ीमत लगाना असंभव है- सरकारी मुआवज़ा सिर्फ़ एक छोटी सी सहायता होती है लेकिन मोदी सरकार ये भी करने को तैयार नहीं.कोविड महामारी में पहले इलाज की कमी, फिर झूठे आँकड़े और ऊपर से सरकार की क्रूरता!”

  3. भारतीय सेना में नेपाली महिलाओं की भर्ती का मुद्दा क्यों हुआ वायरल

    भारतीय सेना में कार्यरत महिला अधिकारी

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    इमेज कैप्शन, भारतीय सेना कार्यरत महिला अधिकारियों की फ़ाइल फ़ोटो

    भारतीय सेना में नेपाली महिलाओं की भर्ती का मुद्दा इन दिनों नेपाल में सुर्ख़ियों में है.

    ऐसा काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के वेलफेयर ब्रांच की एक सूचना के सोशल मीडिया पर वायरल होने से हुआ.

    इसके बाद यह सूचना ऑनलाइन मीडिया में काफ़ी जगहों पर आ गई. नेपाल के नेताओं और जानकारों ने भी इस मामले पर प्रतिक्रियाएँ दी.

    हालाँकि भारतीय सेना ने बाद में संशोधन करते हुए कहा है कि यह नौकरियां नेपाली महिलाओं के लिए नहीं है.

    क्या है पूरा मामला? क्लिक करके पढ़ें पूरी कहानी.

  4. Live: आज से टीकाकरण का महाअभियान, मुफ्त कोविड वैक्सीन को लेकर क्या हैं हालात, मुंबई के दादर इलाके से बीबीसी संवाददाता मयूरेश कोण्णूर.

  5. कश्मीर: लश्कर कमांडर सहित 3 चरमपंथियों की एनकाउंटर में मौत

    घटनास्थल

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    भारत प्रशासित कश्मीर के सोपोर में रविवार शाम को सुरक्षाबलों और चरमपंथियों के बीच शुरू हुए एनकाउंटर में तीन चरमपंथियों की मौत हुई है.

    आईजीपी कश्मीर विजय कुमार ने पुष्टि की है कि इस घटना में मारे गए तीनों चरमपंथी लश्कर-ए-तैयबा से थे जिसमें चर्चित चरमपंथी मुदस्सिर पंडित भी शामिल था.

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    कश्मीर ज़ोन पुलिस के ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया है कि ‘शीर्ष लश्कर ए तैयबा आतंकी मुदस्सिर पंडित 3 पुलिसकर्मियों, 2 काउंसलर और हाल ही में 2 आम नागरिकों की हत्या समेत और अन्य आतंकी गतिविधियों का ज़िम्मेदार था, जो सोपोर एनकाउंटर में मारा गया है.’

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    पुलिस ने बताया है कि एनकाउंटर के बाद चरमपंथियों के पास से तीन एके-47 राइफ़लें और दूसरी विस्फोटक सामग्रियां पाई गई हैं.

  6. तमिलनाडु: अवैध पटाख़ा फ़ैक्ट्री में धमाका, 2 की मौत

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    तमिलनाडु के विरुद्धनगर ज़िले में शिवकासी के नज़दीक थैयालपट्टी इलाक़े में एक अवैध पटाख़ा निर्माण फ़ैक्ट्री में विस्फोट के कारण दो लोगों की मौत हुई है जबकि दो लाग घायल हैं.

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ इस घटना के बाद बचाव कार्य जारी है.

  7. राहुल गांधी ने कोरोना पीड़ितों को मुआवज़ा देने से इनकार करने पर मोदी सरकार को बताया क्रूर

    राहुल गांधी

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    केंद्र सरकार के सुप्रीम कोर्ट में कोरोना पीड़ितों को चार लाख रुपये मुआवज़ा देने से इनकार करने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.

    उन्होंने ट्वीट किया है, “जीवन की क़ीमत लगाना असंभव है- सरकारी मुआवज़ा सिर्फ़ एक छोटी सी सहायता होती है लेकिन मोदी सरकार ये भी करने को तैयार नहीं.कोविड महामारी में पहले इलाज की कमी, फिर झूठे आँकड़े और ऊपर से सरकार की क्रूरता!”

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    मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में क्या कहा

    केंद्र की मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक हलफ़नामा दायर कर कहा है कि आर्थिक तंगी और दूसरे कई अन्य कारणों से वह कोविड-19 संक्रमण के कारण जान गंवाने वालों के परिवारों को चार लाख रुपए की सहायता राशि नहीं दे सकती है.

    हलफ़नामे में यह भी कहा गया है कि सरकार ने कोविड महामारी से निपटने के लिए और उससे पीड़ित परिवारों के लिए कई तरह की लाभकारी योजनाएं लागू की हैं.

    नरेंद्र मोदी

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    सरकार ने यह भी कहा है कि महामारी से निपटने के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की गई हैं जिनका लोगों को फ़ायदा भी मिला है.

    यह हलफ़नामा सहायता राशि के संबंध में पीड़ित परिवारों की ओर से दी गई याचिकाओं के जवाब में दायर किया गया है.

  8. शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी पांच साल सरकार चलाएंगे: संजय राउत

    शिवसेना नेता संजय राउत ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा है कि महाराष्ट्र में शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी मज़बूती के साथ खड़े हैं और पांच साल तक सरकार चलाने को लेकर प्रतिबद्ध हैं.

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    उन्होंने कहा कि बाहर जो लोग सरकार बनाना चाहते हैं वो बेचैन हैं क्योंकि सत्ता उनके पास से चली गई है और वो कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सरकार जारी रहेगी.

    राउत ने कहा कि कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना के बीच दरार डालने की कोशिशें की जा सकती हैं लेकिन यह काम नहीं करेगा.

  9. ब्रेकिंग न्यूज़, कोरोना वायरस के 88 दिनों में सबसे कम संक्रमण के नए मामले

    बच्ची

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    भारत में बीते 24 घंटों में कोरोना वायरस संक्रमण के 53,256 नए मामले सामने आए हैं. वहीं, इस दौरान 1422 लोगों की मौत हुई है.

    स्वास्थ्य मंत्रालय के ज़रिए जारी किए गए आंकड़ों में बताया गया है कि बीते 88 दिनों में यह सबसे कम मामले हैं. इसके साथ ही देश में एक्टिव मामलों की संख्या गिरकर 7,02,887 हो गई है.

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    भारत में अब तक कुल संक्रमण के मामले 2.99 करोड़ से अधिक हो गए हैं जबकि इसके कारण 3.88 लाख लोगों की मौत हुई है.

    वहीं, 28 करोड़ से अधिक कोरोना वायरस वैक्सीन के टीके अब तक लग चुके हैं.

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  10. ईरान के नए राष्ट्रपति को इसराइली पीएम ने बताया ‘तेहरान का जल्लाद’

    नेफ़्टाली बेनेट

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    ईरान के नए राष्ट्रपति इब्राहीम रईसी के चुनाव जीतने के बाद दुनियाभर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आ रही हैं.

    इसी बीच उसके धुर प्रतिद्वंद्वी इसराइल ने दुनिया को ‘जाग जाने’ के लिए कहा है.

    इसराइल के नए प्रधानमंत्री नेफ़्टाली बेनेट ने कहा है कि यह ‘क्रूर जल्लाद का शासन’ है.

    बेनेट ने दुनिया की शीर्ष ताक़तों को आगाह किया है कि ईरान के साथ परमाणु समझौते में लौटने से पहले यह अंतिम बार ‘जाग जागने’ वाली कॉल है.

    बेनेट ने यह टिप्पणी रविवार को अपनी कैबिनेट की पहली बैठक के दौरान कही.

    कट्टरपंथी नेता रईसी शनिवार को 62% मतों के साथ ईरान के नए राष्ट्रपति चुने गए थे. इस चुनाव के दौरान ऐतिहासिक रूप से ईरान में सबसे कम मतदान हुआ था.

    1988 में ईरान-इराक़ युद्ध के बाद राजनीतिक क़ैदियों को सामूहिक फांसी देने में भागीदारी के कारण अमेरिका ने रईसी पर प्रतिबंध लगाए थे. रईसी ने उस घटना पर कोई टिप्पणी नहीं की है.

    यरूशलम में हुई इसराइल के नए प्रधानमंत्री बेनेट की कैबिनेट की बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि ‘ख़ामेनेई (ईरान के सर्वोच्च नेता) उन सभी लोगों में से जिन्हें चुन सकते थे, उन्होंने तेहरान के जल्लाद को चुना, जो ईरानियों के बीच में बदनाम है और जो मौत की समितियों का नेतृत्व करता रहा और सालों तक हज़ारों ईरानी नागरिकों को मारा.’

    ईरान के परमाणु समझौते का भविष्य फिर अधर में, बातचीत रुकी

    अब्बास अरक़ची

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    ईरान और छह विश्व शक्तियों के बीच 2015 में हुए परमाणु समझौते को बहाल करने के लिए हो रही बातचीत स्थगित हो गई है.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, अधिकारियों का कहना है कि कुछ बिंदुओं को लेकर अब भी असहमतियाँ हैं, जिन्हें हल किए जाने की ज़रूरत है.

    ईरान के शीर्ष वार्ताकार अब्बास अरक़ची ने वियना से ईरान के सरकारी टीवी चैनल से कहा, “अब हम समझौते से पहले की तुलना में कहीं ज़्यादा क़रीब हैं लेकिन अभी भी हमारे बीच कुछ ऐसी दूरियाँ हैं जिन्हें पाटना आसान काम नहीं है. आज रात हम तेहरान लौट जाएंगे.”

    हालिया राउंड में क़रीब एक हफ़्ते तक बातचीत करने के बाद अब सभी पक्ष वापस लौट रहे हैं.

    बातचीत अब फिर कब शुरू होगी, इसे लेकर अभी कोई तारीख़ निर्धारित नहीं की गई है लेकिन माना जा रहा है कि अगले 10 दिनों में सभी वापस आ सकते हैं.

    परमाणु समझौते पर रईसी का रुख़ कैसा होगा?

    इब्राहीम रईसी

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    ईरान में कट्टरपंथी नेता इब्राहीम रईसी देश ने नए राष्ट्रपति चुने गए हैं.

    रईसी को पश्चिमी देशों का मुखर आलोचक माना जाता है. हसन रूहानी के बाद अब रईसी शुक्रवार को पद पर काबिज़ होंगे.

    ईरान परमाणु समझौता हसन रूहानी के शासन काल में ही बिखर गया था.

    हालाँकि इसकी उम्मीद कम है कि रईसी इस बारे में ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्लाह अली ख़ामेनेई से अलग कोई क़दम उठाएंगे.

    ईरान में नीतियों से सम्बन्धित लगभग सभी फ़ैसले ख़ामेनेई ही लेते हैं.

  11. लद्दाख़ में 18,000 फ़ुट की ऊंचाई पर योग

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    अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौक़े पर लद्दाख़ में 18,000 फ़ुट की ऊंचाई पर आईटीबीपी के जवानों ने योग किया.

  12. लक्षद्वीप: आयशा सुल्ताना से राजद्रोह मामले में पूछताछ, द्वीप पर ही रहने को कहा गया

    आयशा सुल्ताना

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    इमरान क़ुरैशी

    बीबीसी हिन्दी के लिए

    लक्षद्वीप की फ़िल्म निर्देशक आयशा सुल्ताना से राजद्रोह के मामले में पुलिस ने पूछताछ की है और उन्हें लक्षद्वीप में ही रहने को कहा गया है.

    लक्षद्वीप के एसपी शरत सिन्हा ने बीबीसी हिंदी से कहा, “वो जांच में शामिल हुई थीं और जांच जारी है.”

    सुल्ताना पर राजद्रोह का मामला दर्ज किया गया है क्योंकि उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप के प्रशासक को केंद्र सरकार के ज़रिए छोड़ा गया ‘जैव हथियार’कहा था.

    दरअसल उन्होंने द्वीप समूह के प्रशासक प्रफुल्ल पटेल के कुछ विवादित प्रस्तावों के संदर्भ में यह टिप्पणी की थी. पटेल गुजरात के पूर्व गृह मंत्री हैं और उन्होंने लक्षद्वीप का प्रशासक बनने के बाद कई बदलावों के प्रस्ताव दिए थे जिसकी स्थानीय लोगों ने आलोचना की थी.

    लक्षद्वीप से सबसे क़रीबी दो राज्यों केरल और कर्नाटक में कोरोना प्रतिबंधों में ढील देने के बाद संक्रमण के मामले तेज़ी से बढ़े थे जिसके बाद एक टीवी चैनल पर बहस के दौरान सुल्ताना ने प्रशासक को ‘बायोवेपन’ कहा था.

    प्रशासक प्रफुल्ल पटेल ने कुछ प्रस्ताव पेश किए थे जिनको लेकर विवाद पैदा हो गया था, उनका कहना था कि इससे क्षेत्र में विकास होगा.

    प्रफुल्ल पटेल

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    इन प्रस्तावों में ज़मीन के अधिग्रहण के लिए प्रशासन को अधिकार देना, गोमांस प्रतिबंधित करना, स्कूली बच्चों के लिए मिड-डे मील से मांसाहारी भोजन हटाना और मछुआरों की समुद्र किनारे खड़ी नावों से शेड्स हटाना शामिल था.

    रविवार को पूछताछ के लिए लक्षद्वीप पुलिस के समन जारी करने के बाद सुल्ताना ने केरल हाई कोर्ट में एंटिसिपेटरी बेल के लिए अपील की थी.

    कोर्ट ने उन्हें अंतरिम ज़मानत देते हुए समन के हिसाब से कवारट्टी पुलिस स्टेशन में पूछताछ के लिए मौजूद रहने को कहा था.

    रविवार को शाम साढ़े चार बजे सुल्ताना पुलिस स्टेशन पहुंचीं. उनकी एक दोस्त ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, “वो वहां पर काफ़ी लंबे समय तक रहीं, लगभग शाम 7 बजे तक. उन्हें द्वीप पर वापस जाने के लिए कहा गया और साथ ही कहा कि आगे ज़रूरत पड़ने पर उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा.”

  13. ब्रेकिंग न्यूज़, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर पीएम मोदी का राष्ट्र को संदेश, कहा- योग दिवस के प्रति उत्साह कम नहीं हुआ है

    नरेंद्र मोदी

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को सातवें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौक़े पर कहा कि एक तरफ़ पूरा विश्व कोरोना महामारी का मुक़ाबला कर रहा है तो उधर योग उम्मीद की किरण बना हुआ है.

    उन्होंने कहा, “दो वर्ष से भारत समेत दुनियाभर में बड़ा सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित न हुआ हो लेकिन योग दिवस के प्रति उत्साह कम नहीं हुआ है. कोरोना के बावजूद इस बार की योग दिवस की थीम ‘योग फॉर वेलनेस’ ने करोड़ों लोगों में उत्साह को और बढ़ाया है.”

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    “मैं योग दिवस पर यह कामना करता हूं कि हर देश, हर समाज, हर व्यक्ति स्वस्थ हो. सब एक दूसरे की ताक़त बनें. हमारे ऋषियों-मुनियों ने ‘समस्तम योग उच्चते’ की यह परिभाषा दी थी. उन्होंने सुख दुख में समान रहने के लिए योग को संयम का पैरामीटर बनाया था. इस वैश्विक त्रासदी में योग ने इसे साबित करके दिखाया है.”

    पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना के इस दौर में भारत समेत कितने ही देशों ने संकट का सामना किया है.

    “साथियों दुनिया के अधिकांश देशों के लिए योग दिवस उनका सांस्कृतिक पर्व नहीं है. इतने मुश्किल समय में कई देश इसे आसानी से भूल सकते थे इसकी उपेक्षा कर सकते थे लेकिन इसके विपरीत लोगों का उत्साह और बढ़ा है, योग से प्रेम बढ़ा है. पिछले डेढ़ सालों में दुनिया के कोने कोने में लाखों योग साधक बने हैं.”

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    “योग का पहला प्रयाय, संयम और अनुशासन को कहा गया है. सब उसे अपने जीवन में उतारने का प्रयास कर रहे हैं. कोरोना के अदृश्य वायरस ने दुनिया में जब दस्तक दी थी तब कोई भी देश साधनों से, सामर्थ्य से और मानसिक अवस्था से इसके लिए तैयार नहीं था. हम सभी ने देखा है कि ऐसे कठिन समय में योग आत्मबल का एक बड़ा माध्यम बना.”

    “योग ने लोगों में यह भरोसा बनाया कि हम इस बीमारी से लड़ सकते हैं. मैं जब फ्रंटलाइन वॉरियर और डॉक्टरों से बात करता हूं तो वो बताते हैं कि उन्होंने कोरोना से लड़ाई में योग को हथियार बनाया. उन्होंने ख़ुद के लिए और मरीज़ों के लिए योग का इस्तेमाल किया.”

    प्रधानमंत्री मोदी ने इस मौक़े पर कहा कि मेडिकल साइंस उपचार के साथ-साथ हीलिंग पर भी बल देता है और योग हीलिंग में उपचारक है.

    मोदी

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    “योग के इस पहलू पर दुनिया के विशेषज्ञ रिसर्च कर रहे हैं. साथियों कोरोना काल में योग से हमारे शरीर और इम्युनिटी और सकारात्मक प्रभावों पर कई स्टडीज़ हो रही हैं.”

    “योग में शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दिया गया है. जब हम योग करते हैं तो इससे हमें अनुभव होता है कि हमारी विचार शक्ति और आंतरिक सामर्थ्य इतना ज़्यादा है कि दुनिया की कोई भी परेशानी हमें तोड़ नहीं सकती. योग हमें निगेटिविटी से क्रिएटिविटी का रास्ता दिखाता है, अवसाद से उमंग तक ले जाता है.”

    पीएम मोदी ने बताया कि दुनिया को विश्व स्वास्थ्य संगठन के ज़रिए योग पर एक मोबाइल एप्लिकेशन की शक्ति मिलने जा रही है जिसमें योग प्रशिक्षण के कई वीडियोज़ कई भाषाओं में उपलब्ध होंगे जो दुनियाभर में इसका प्रसार करने में बड़ी भूमिका निभाएगा.

    “योग से सहयोग तक हमें एक नया मार्ग दिखाएगा. इसी शुभकामनाओं के साथ पूरी मानव जाति को बहुत-बहुत शुभकामनाएं.”

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार की रात ट्वीट करके बताया था कि ‘कल 21 जून को हम 7वां योग दिवस मनाएंगे. इस साल की थीम ‘कल्याण के लिए योग’ है जो कि शारीरिक और मानसिक कल्याण के लिए योग करने पर बल देता है. कल सुबह 6.30 बजे योग दिवस कार्यक्रम को संबोधित करूंगा.’

  14. नमस्कार!

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