कोलकाता से, बीबीसी हिंदी
के लिए
महानगर के न्यूटाउन इलाके में छिपे पंजाब के दो इनामी अपराधियों
की कोलकाता पुलिस के स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के साथ मुठभेड़ में मौत हुई है.
इस अभियान को ऑपरेशन जैक का नाम दिया गया था. इस
मुठभेड़ में एक पुलिसकर्मी भी घायल हो गया. एसटीएफ के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी)
विनीत गोयल ने इसकी जानकारी दी.
एसटीएफ को पंजाब पुलिस से इन दोनों के बारे में
सूचना मिली थी. कुछ दिनों से एसटीएफ के जवान उनकी गतिविधियों पर निगाह रख रहे थे. उनकी
पहचान पुख्ता होने के बाद बुधवार शाम को एसटीएफ की दो टीमों ने आवासीय परिसर को घेर
लिया.
पंजाब पुलिस ने जयपाल सिंह भुल्लर (39) और जसप्रीत
सिंह (34) नामक इन अपराधियों
पर 10 और पांच लाख
रुपये का इनाम घोषित कर रखा था. पुलिस को पंजाब में हत्या और डकैती के कई मामलों में
इन दोनों की तलाश थी.
यह लोग हथियारों की अंतरराज्यीय तस्करी में भी शामिल
थे. इन दोनों ने बीती 15 मई को लुधियाना
में दो पुलिस के सहायक सब-इंस्पेक्टरों भगवान सिंह और दलविंदरजीत सिंह की हत्या की
थी और फरार हो गए थे.
उन्होंने कोलकाता के न्यूटाउन इलाके में एक फ्लैट
में हथियार और गोला बारूद जमा कर रखा था. एसटीएफ के मुताबिक, वह दोनों 22 मई से छिपकर
किराए के फ्लैट में रह रहे थे.
मौक़े पर मौजूद नहीं थी पंजाब पुलिस
पीटीआई ने पंजाब पुलिस के एक अधिकारी के हवाले कहा
है कि उसकी टीम ने कोलकाता पुलिस के सहयोग से इन अपराधियों का एनकाउंटर किया है. लेकिन
कोलकाता पुलिस के एसटीएफ के एडीजी गोयल ने कहा कि पंजाब पुलिस ने इन दोनों के बारे
में बंगाल पुलिस को सूचित किया था लेकिन छापे के दौरान पंजाब पुलिस का कोई अधिकारी
मौके पर मौजूद नहीं था.
उनका कहना था, “मुठभेड़ के
बाद पंजाब पुलिस की एक टीम बुधवार रात कोलकाता पहुंची. उस फ्लैट से सात लाख रुपये नकद, कई हथियार और
गोला-बारूद बरामद हुए हैं.”
गोयल ने कहा कि हम उन दोनों को गिरफ्तार करना चाहते
थे. हमने उनसे आत्मसमर्पण करने को कहा, लेकिन वे गोलियां चलाने लगे. मजबूरन हमें आत्मरक्षा
में गोलियां चलानी पड़ीं.
पंजाब के अपराधियों के कोलकाता में शरण लेने का
यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले वर्ष 1991 में एक चरमपंथी संगठन के सदस्य दंपति महानगर के
तिलजला में छिपकर रह रहे थे. उनको भी पंजाब पुलिस ने यहां मुठभेड़ में मारा था.
पंजाब के अपराधियों के कोलकाता में छिपे होने और
एसटीएफ की कार्रवाई से इलाके में भारी आतंक है. इस मुठभेड़ में घायल एसटीएफ के इंस्पेक्टर
कार्तिक मोहन घोष (50) को एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है.