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वैक्सीन के लिए इससे ज़्यादा पैसे नहीं ले सकते प्राइवेट अस्पताल, केंद्र सरकार का नया नियम

प्राइवेट हॉस्पिटल कोविशील्ड, कोवैक्सीन और स्पुतनिक वैक्सीन की क्या कीमत ले सकेंगे, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को इसकी अधिकतम सीमा तय कर दी है.

लाइव कवरेज

  1. सुशील कुमार: विशेष भोजन की याचिका पर अदालत सुनाएगी फैसला

    एक नौजवान पहलवान के कत्ल के आरोप में गिरफ्तार किए गए ओलंपिक मेडल विजेता सुशील कुमार की उस याचिका पर अदालत बुधवार को फैसला सुनाएगी जिसमें उन्होंने जेल में अपने लिए विशेष भोजन और सप्लीमेंट्स की मांग की है.

    चीफ़ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट सतवीर सिंह लांबा ने इस मामले में अभियोजन और बचाव पक्ष दोनों की दलीलें विस्तार से सुनीं.

    सुशील कुमार पर हत्या और अपहरण का मामला चल रहा है और वे इस समय दिल्ली के मांडोली जेल में बंद हैं.

    सुशील कुमार के वकीलों ने कोर्ट से कहा कि उनके मुवक्किल प्रोटीन, ओमेगा 3 कैप्सूल जैसे सप्लिमेंट्स लेते हैं.

    उनके आवेदन में कहा गया है कि इन बुनियादी ज़रूरतों से इनकार करने से उनके करियर पर इसका प्रतिकूल असर पड़ेगा क्योंकि विशेष पोषक आहार और सप्लिमेंट उनके स्वास्थ्य और प्रदर्शन के लिए बहुत ज़रूरी है.

  2. ब्रेकिंग न्यूज़, बीबीसी, न्यूयॉर्क टाइम्स और गार्डियन समेत कई बड़ी वेबसाइट्स डाउन

    दुनिया की कई प्रमुख समाचार और सरकारी वेबसाइट्स पिछले कुछ समय से डाउन हैं.

    गार्डियन, फ़ाइनेंशियल टाइम्स, इंडिपेंडेंट और न्यूयॉर्क टाइम्स की वेबसाइट्स पिछले कुछ वक्त से नहीं खुल रही हैं.

    ब्रितानी सरकार की वेबसाइट gov.uk भी डाउन है.

    प्रभावित वेबसाइट्स खोलने की कोशिश करने पर ‘एरर 503 सर्विस अनअवेलेबल’ का मैसेज देखने को मिल रहा है.

    शुरुआती जानकारी के मुताबिक़ ऐसा क्लाउड कंप्यूटिंग प्रोवाइडर ‘फ़ास्टली’ में तकनीकी समस्या के कारण हो सकता है जिससे कई अहम वेबसाइट्स को सपोर्ट मिलता है.

  3. ट्विटर ने पंजाबी सिंगर जैज़ीबी के अकाउंट पर रोक लगाई

    ट्विटर ने किसान आंदोलन के समर्थन में और भारत सरकार के लाए गए तीन नए कृषि क़ानूनों के विरोध में ट्वीट करते रहे पंजाबी गायक जैज़ी बी और हिप हॉप आर्टिस्ट एल-फ्रेश द लॉयन पर रोक लगा दी है.

    न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक ट्विटर ने जैज़ी बी, एल-फ्रेश द लॉयन का ट्विटर अकाउंट भारत सरकार के निर्देश के बाद बंद किया गया है.

    ख़ुद जैज़ीबी ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट के ज़रिए इस बारे में जानकारी दी.

    लुमेन डेटाबेस की के मुताबिक, ट्विटर को जैज़ीबी समेत इन चार अकाउंट पर कार्रवाई के लिए भारत सरकार से 6 जून को क़ानूनी अनुरोध मिला. ट्विटर को अगर किसी कंटेंट को हटाने के लिए किया गया अनुरोध लुमेन डेटाबेस पर जारी किया जाता है.

    ट्विटर से संपर्क करने पर उसके एक प्रवक्ता ने पीटीआई को बताया, "जब उसे एक वैध क़ानूनी अनुरोध प्राप्त होता है तो ट्विटर अपने नियमों और उस देश के क़ानून के अनुसार उसकी समीक्षा करता है. अगर कंटेंट ट्विटर के नियमों का उल्लंघन करती है तो उसे हटा दिया जाता है. अगर वह ट्विटर के नियमों का उल्लंघन नहीं करती लेकिन केवल उस देश की उस कंटेंट तक पहुँच को ही रोक सकते हैं."

    उन्होंने बताया कि, "फिर हम उस अकाउंट से जुड़े इमेल आइडी पर के ज़रिए अकाउंट होल्डर को इस बारे में सूचित करते हैं ताकि वे जान सकें कि उनके अकाउंट से जुड़ा क़ानूनी आदेश हमें प्राप्त हुआ है."

    रिपोर्टों के मुताबिक जैज़ीबी किसानों के विरोध के समर्थन में अक्सर ट्वीट किया करते थे.

    इस वर्ष की शुरुआत में जब भारत सरकार ने इस माइक्रोब्लॉगिंग वेबसाइट को किसानों के विरोध प्रदर्शन से जुड़ी ग़लत सूचनाओं और भड़काऊ कंटेंट को रोकने का आदेश दिया तब ट्विटर ने 500 से अधिक अकाउंट्स निलंबित और सैकड़ों अन्य अकाउंट्स ब्लॉक किए थे.

  4. इंफोसिस इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर आ रही समस्याएं खत्म करे: वित्त मंत्री

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को इंफोसिस और उसके चेयरमैन नंदन निलकेनी को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की नई ई-फाइलिंग वेबसाइट पर यूजर्स को आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए कहा है.

    ट्विटर पर इनकम टैक्स रिटर्न भरने वाले लोगों की शिकायतों की बाढ़ आ गई थी.

    इंफोसिस के साथ साल 2019 में इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए अगली पीढ़ी का सिस्टम डेवेलप करने के लिए सरकार ने करार किया था.

    इसका मकसद आईटी रिटर्न की प्रोसेसिंग में लगने वाले 63 दिनों के समय को एक दिन करना था ताकि रिफंड जल्द से जल्दी लोगों को जारी किया जा सके.

    सोमवार की शाम इस पोर्टल की सर्विस शुरू की गई थी.

    मंगलवार सुबह निर्मला सीतारमण ने ट्विटर पर इसके लॉन्च का एलान किया लेकिन इसके थोड़ी देर बाद ही उनकी टाइमलाइन पर शिकायतों का अंबार लग गया.

  5. COVER STORY: अपने बच्चों को कोरोना संक्रमण से कैसे बचाएं?

  6. पीएम मोदी से उद्धव ठाकरे की मुलाकात, क्या हुई बात?

    महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाक़ात कर मराठा आरक्षण, मेट्रो कार शेड और जीएसटी मुआवजे से जुड़े मुद्दों पर उनसे बात की. यह मुलाक़ात डेढ़ घंटे तक चली.

    उपमुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजित पवार और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक चह्वाण भी उद्धव के साथ थे.

    बैठक के बाद उद्धव ठाकरे ने बताया, "मराठा आरक्षण, अन्य पिछड़ा वर्ग आरक्षण, मेट्रो कार शेड और जीएसटी मुआवजे से जुड़े मुद्दों पर उनसे बात की."

    उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार मेट्रो कार शेड को कांजुरमार्ग में ले जाना चाहती है. इस ज़मीन पर राज्य और केंद्र दोनों ही दावा करते रहे हैं कि ये उनकी है.

    महाराष्ट्र के वित्त मंत्री अजित पवार ने बताया कि जीएसटी मुआवजे पर भी इस बैठक में चर्चा की गई.

    उन्होंने कहा कि मराठी को शास्त्रीय भाषा का दर्ज़ा देने का मुद्दा भी केंद्र के साथ लंबित है. इसके अलावा विधान परिषद सदस्यों का मुद्दा भी उठाया गया जिसमें विधान परिषद के 12 सदस्यों के नाम राज्यपाल को भेजे जा चुके हैं लेकिन उनको अभी मंजूरी नहीं मिली है.

    बैठक में फ़सल बीमा का मुद्दा भी उठाया गया और कहा गया कि इसकी शर्तों को सरल बनाया जाना चाहिए.

    सुबह ही पीएमओ के ट्विटर हैंडल से इस बैठक की तस्वीर जारी करते हुए बताया गया था कि उद्धव ठाकरे, अजित पवार और अशोक चह्वाण पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाक़ात कर रहे हैं.

  7. कोरोनाः वैक्सीन लगवाने में महिलाएं क्यों हैं पीछे

    दिल्ली के सुंदरनगर की रहने वाली निशा पार्लर में काम करती हैं. लॉकडाउन की वजह से पति की नौकरी जाती रही और वो जैसे-तैसे पार्लर में काम करके घर का गुज़ारा चला रही हैं.

    निशा ने कोरोना की वैक्सीन लगवाने के लिए एक पहचान वाली महिला की मदद ली. वो एक एनजीओ में काम करती हैं. वैक्सीन के लिए अस्पताल में स्लॉट भी मिल गया लेकिन उन दिनों घर में शादी थी.

    निशा कहती हैं, "पार्लर का काम भी जरूरी था क्योंकि घर चलाना है और लॉकडाउन के कारण पार्लर में कभी-कभी ही महिलाएं आती हैं, ऐसे में काम न करो तो पार्लर की मालकिन भी नाराज़ हो जाती. और फिर घर में शादी थी. मुझे डर लग रहा था क्योंकि मैंने सुना था कि वैक्सीन लगवाने से कमज़ोरी होती है, दर्द भी होता है और बुखार भी आता है."

    "वैक्सीन लगवाना भी ज़रूरी था लेकिन अगर मैं बीमार पड़ जाती तो न पार्लर का काम नहीं कर पाती और न ही घर में शादी का कामकाज. घर वाले भी ताना देते कि जब घर में शादी थी तो वैक्सीन लगवाना क्या जरूरी था. इसलिए मैंने वैक्सीन का ख़्याल छोड़ दिया. हालांकि मेरे पति वैक्सीन लगवा चुके हैं."

  8. कोरोना काल में मोदी सरकार कितना रख पाई आपकी जेब का ख़याल

    इस कहानी का कोई पात्र काल्पनिक नहीं है. भारत के मध्यम वर्ग के हर परिवार को इस कहानी में अपना चेहरा नज़र आ सकता है. लेकिन कहानी है उत्तर प्रदेश के शर्मा परिवार की.

    भारत में कोरोना की दूसरी लहर जब पीक पर थी, उस समय जो परिवार दर-दर अस्पताल में एक बेड की तलाश में जुटे थे, उनमें सुमेधा शर्मा का परिवार भी एक था.

    दिल्ली से सटे ग़ाज़ियाबाद में रहने वाली सुमेधा शर्मा के पूरे परिवार को इस साल अप्रैल के अंत में कोविड बीमारी हुई थी. जब सब घर पर रह कर ठीक हो गए तब सुमेधा के पति शांतनु को कोरोना वायरस ने अपनी चपेट में ले लिया. शांतनु को पहले से ही मधुमेह (डायबिटीज़) की बीमारी थी. शुरुआत के कुछ दिन तो घर पर ही रह कर दवाइयां खाई. लेकिन बाद में ऑक्सीजन लेवल नीचे रहने लगा तो अस्पताल में भर्ती करने की नौबत आई. 6 मई से 20 मई तक शांतनु दो अलग-अलग अस्पताल में भर्ती रहे.

    15 दिन अस्पताल में चले इलाज में खर्च आया तक़रीबन 5 लाख रुपये. इसमें से कुछ तो इंश्योरेंस से मिल गए, लेकिन बहुत बड़ा हिस्सा उन्हें अपनी जेब से चुकाना पड़ा, क्योंकि कोविड ट्रीटमेंट का कोई तय प्रोटोकॉल है ही नहीं.

  9. ब्रेकिंग न्यूज़, बिहार में लॉकडाउन हटा, शाम 7 बजे से सुबह 5 बजे तक रहेगा नाइट कर्फ़्यू

    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ट्वीट करके राज्य से लॉकडाउन हटाए जाने की घोषणा की है. हालांकि, शाम 7 बजे से सुबह 5 बजे तक रात्रि कर्फ़्यू जारी रहेगा.

    मुख्यमंत्री ने बताया है कि लॉकडाउन लगाने से राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण की महामारी को रोकने में बहुत मदद मिली है लेकिन अभी भी भीड़भाड़ से बचने की आवश्यकता है.

    उन्होंने बताया कि 50% उपस्थिति के साथ सरकारी और निजी कार्यालय शाम 4 बजे तक खुलेंगे और दुकानें शाम 5 बजे तक खुलेंगी.

    इसके साथ ही ऑनलाइन पढ़ाई वैसे ही जारी रहेगी साथ ही निजी वाहन भी चल सकेंगे. मुख्यमंत्री ने बताया है कि यह सभी व्यवस्था एक सप्ताह के लिए की गई है.

  10. FBI की एक ऐप ने दुनियाभर से कैसे अपराधियों को गिरफ़्तार कराया?

    क़ानूनी एजेंसियों ने बताया है कि उन्होंने एफ़बीआई की बनाई एक एप्लिकेशन के इस्तेमाल के ज़रिए तीन साल के अभियान के दौरान दुनियाभर में सैकड़ों अपराधियों को गिरफ़्तार किया है.

    2018 से ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड और एफ़बीआई ANOM नाम की एक एनक्रिप्टेड ऐप्लिकेशन को इस्तेमाल कर रहा है जो कि संगठित अपराध को ट्रैक करती है.

    इसके ज़रिए ड्रग तस्करी में शामिल लोगों की एशिया, उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका, यूरोप और मध्य पूर्व के 18 देशों से गिरफ़्तारियां हुई हैं.

    ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री ने इसे ‘वॉटरशेड’ अभियान कहा है जिसमें दुनियाभर के आपराधिक गैंग्स को निशाना बनाया गया है.

    मंगलवार को ऑस्ट्रेलियाई और न्यूज़ीलैंड पुलिस ने इस स्टिंग ऑपरेशन के बारे में जानकारी सार्वजनिक की.

    ऑस्ट्रेलियाई पुलिस ने बताया कि उसने एफ़बीआई के साथ इस योजना पर काम किया. अमेरिकी एजेंसी और यूरोपोल अपनी जांच के बारे में मंगलवार के बाद बताएंगे.

    अथॉरिटीज़ का कहना है कि ANOM मैसेजिंग सर्विसऐप संगठित अपराध समूहों के बीच काफ़ी प्रसिद्ध रहा है.

    कैसे ऐप के ज़रिए पकड़ा?

    न्यूज़ीलैंड पुलिस ने कहा है कि एफ़बीआई ने अपने दो एनक्रिप्शन सर्विसेज़ को ख़त्म कर दिया था और ANOM नाम की एनक्रिप्टेड डिवाइस कंपनी शुरू की थी.

    ऑस्ट्रेलियाई मीडिया के अनुसार, इस चैट ऐप को डिवाइस के साथ क्रिमिनल अंडरवर्ल्ड में बांटा गया था.

    इसके ज़रिए अफ़सर ‘रियल टाइम’ में हत्या की साज़िश, ड्रग तस्करी समेत कई योजनाओं से जुड़े लाखों संदेश पढ़ने में समर्थ थे.

    ऑस्ट्रेलियाई फ़ेडरल पुलिस कमिश्नर रीस करशॉ ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस में बताया कि, “वे ड्रग्स, हिंसा, एक दूसरे पर हमलों, बेगुनाह लोगों की हत्या जैसी बातें किया करते थे.”

    कमिश्नर करशॉ ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया में पुलिस ने ड्रग अभियानों और लोगों पर गोलीबारी की घटनाओं के बारे में पहले से ही जानकर उनको रोकने में सफलता पाई है.

    पुलिस ने देश में 200 से अधिक लोगों को गिरफ़्तार किया है जिसमें मोटरसाइकिल गैंग, ऑस्ट्रेलियाई माफ़िया समूह, एशियाई अपराधी गैंग और अन्य गंभीर संगठित अपराध समूह शामिल हैं.

    इसके साथ ही 3 टन ड्रग्स और 4.5 करोड़ नक़द ऑस्ट्रेलियन डॉलर और संपत्ति ज़ब्त की गई है.

    ऑस्ट्रेलियाई प्राधिकरण ने अपने स्टिंग को ऑपरेशन आयरनसाइड नाम दिया है. इसमें उसके 4,000 पुलिस अफ़सर शामिल थे.

    वहीं, पूरी दुनिया में इस अभियान में 9,000 पुलिस अफ़सर शामिल थे.

  11. ब्रेकिंग न्यूज़, आगरा के अस्पताल में कोरोना मरीज़ों की मौतों पर क्या बोले यूपी के स्वास्थ्य मंत्री

    आगरा के पारस अस्पताल में 26 अप्रैल को कथित तौर पर ऑक्सीजन सप्लाई रोकने के कारण 22 कोरोना मरीज़ों की मौत के मामले पर उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री ने टिप्पणी की है.

    स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा है कि पारस अस्पताल में ऑक्सीजन मुहैया कराने को लेकर शिकायतें मिली हैं और इस मामले में जांच जारी है, जांच पूरी होने के बाद ही इस पर कुछ कहा जाएगा.

    दरअसल हाल ही में उत्तर प्रदेश के आगरा स्थित एक हॉस्पिटल के संचालक का एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें वो ये कहते हुए सुनाई पड़ रहे हैं कि ‘अस्पताल में मरीज़ों को डिस्चार्ज करने के लिए पांच मिनट तक ऑक्सीजन सप्लाई रोक दी गई थी.’

    अस्पताल के संचालक पांच मिनट तक ऑक्सीजन सप्लाई रोकने की इस कार्रवाई को वीडियो में ‘मॉक ड्रिल’ बता रहे हैं.

    आगरा के पारस हॉस्पिटल में 26-27 अप्रैल की रात में ऑक्सीजन की कमी से 22 मरीज़ों की मौत की ख़बर आई थी. मृत मरीज़ों के परिजनों ने उस वक़्त भी अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था लेकिन अस्पताल, पुलिस और प्रशासन ने इसे ख़ारिज किया था.

  12. FB Live: पुणे में केमिकल फैक्ट्री में आग से जानमाल का भारी नुकसान. ज़्यादा जानकारी के साथ राहुल गायकवाड़ (कैमरा: नितिन नगरकर)

  13. ‘हम भाजपा के टीके के ख़िलाफ़ थे लेकिन भारत सरकार का टीका लगवाएंगे’

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सभी 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के मुफ़्त टीकाकरण की घोषणा के बाद समाजवादी पार्टी अध्यक्ष और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपनी प्रतिक्रिया दी है.

    उन्होंने ट्वीट किया है कि जनाक्रोश को देखते हुए आख़िरकार केंद्र सरकार ने कोरोना के टीके के राजनीतिकरण की जगह ख़ुद टीके लगाने के लिए कहा है तो अब वो भी टीका लगवाएंगे.

    उन्होंने ट्वीट किया, “जनाक्रोश को देखते हुए आख़िरकार सरकार ने कोरोना के टीके के राजनीतिकरण की जगह ये घोषणा करी कि वो टीके लगवाएगी. हम भाजपा के टीके के ख़िलाफ़ थे पर ‘भारत सरकार’ के टीके का स्वागत करते हुए हम भी टीका लगवाएंगे व टीके की कमी से जो लोग लगवा नहीं सके थे उनसे भी लगवाने की अपील करते हैं.”

    दरअसल, अखिलेश यादव ने कोरोना वैक्सीन के टीकाकरण का यह कहते हुए विरोध किया था कि वो भाजपा सरकार की वैक्सीन नहीं लगवाएंगे क्योंकि उन्हें राज्य की चिकित्सा व्यवस्था पर भरोसा नहीं है.

    इसके साथ ही उन्होंने घोषणा की थी कि उनकी पार्टी की सरकार अगर राज्य में आई तो सबको मुफ़्त वैक्सीन लगाई जाएगी.

    उनके इस ट्वीट के बाद उनकी काफ़ी आलोचना भी हुई थी. उनका कहना था कि बीजेपी सरकार सिर्फ़ थाली-ताली बजा रही है और काम नहीं कर रही है.

    इसी साल अप्रैल में अखिलेश यादव ने ट्वीट करके यह भी जानकारी दी थी कि वो कोरोना से संक्रमित हुए हैं.

  14. ब्रेकिंग न्यूज़, कोरोना: दो महीनों के बाद भारत में एक लाख से कम नए मामले

    भारत में बीते 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के 86,498 नए मामले सामने आए हैं. यह 66 दिनों में पहली बार सबसे कम सामने आए मामले हैं क्योंकि इससे पहले 1 लाख से ऊपर रोज़ाना संक्रमण के नए मामले सामने आ रहे थे.

    इसी के साथ ही देश में कोरोना संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 2.89 करोड़ से अधिक हो गई है.

    इसके अलावा बीते 24 घंटों में इस संक्रमण के कारण 2,123 लोगों की मौत हुई है. इससे देश में कुल मौतों का आंकड़ा 3.51 लाख से अधिक हो गया है.

  15. आगरा: अस्पताल में ऑक्सीजन सप्लाई बंद की गई ताकि 22 कोरोना मरीज़ कम हो जाएं?

    समीरात्मज मिश्र

    बीबीसी हिंदी के लिए

    उत्तर प्रदेश के आगरा स्थित एक हॉस्पिटल के संचालक का एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें वो ये कहते हुए सुनाई पड़ रहे हैं कि ‘अस्पताल में मरीज़ों को डिस्चार्ज करने के लिए पांच मिनट तक ऑक्सीजन सप्लाई रोक दी गई थी.’

    अस्पताल के संचालक पांच मिनट तक ऑक्सीजन सप्लाई रोकने की इस कार्रवाई को वीडियो में ‘मॉक ड्रिल’ बता रहे हैं.

    आगरा के पारस हॉस्पिटल में 26-27 अप्रैल की रात में ऑक्सीजन की कमी से 22 मरीज़ों की मौत की ख़बर आई थी. मृत मरीज़ों के परिजनों ने उस वक़्त भी अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था लेकिन अस्पताल, पुलिस और प्रशासन ने इसे ख़ारिज किया था.

    आगरा के ज़िलाधिकारी पीएन सिंह का कहना है कि 26 अप्रैल को पारस हॉस्पिटल में कोरोना के 97 मरीज़ भर्ती थे जिनमें से चार की मौत हो गई थी. उनके मुताबिक़, वायरल वीडियो की सत्यता प्रमाणिक नहीं है, फिर भी इसकी जांच कराई जाएगी.

    क़रीब डेढ़ महीने बाद अस्पताल का यह वीडियो वायरल होने के बाद हंगामा मचा हुआ है. वीडियो में हॉस्पिटल संचालक डॉक्टर अरिंजय जैन इस पूरी घटना को ख़ुद ही बता रहे हैं.

    हालाँकि, बीबीसी इस वीडियो की पुष्टि नहीं कर सकता.

    वीडियो में क्या कह रहे हैं अस्पताल संचालक

    वो वीडियो में कहते हैं कि ‘ऑक्सीजन की भारी कमी थी. हमने लोगों से कहा कि वो अपने मरीज़ों को ले जाएं लेकिन कोई इसके लिए राज़ी नहीं हुआ. इसलिए मैंने एक प्रयोग किया, एक मॉक ड्रिल की तरह का. 26 अप्रैल की सुबह 7 बजे हमने ऑक्सीजन सप्लाई रोक दी. 22 मरीज़ हांफने लगे और उनका शरीर नीला पड़ने लगा. तो हम जान गए कि ऑक्सीजन की सप्लाई नहीं होने पर यह नहीं बच पाएंगे. इसके बाद हमने आईसीयू में बचे बाकी 74 मरीज़ों के परिजनों को अपना ऑक्सीजन सिलेंडर लाने के लिए कहा.’

    वीडियो में उनके सामने एक व्यक्ति इस बात की तस्दीक भी करता है कि ‘22 लोग मर गए.’ यह पूरी बातचीत 26-27 अप्रैल को सामने आए ऑक्सीजन संकट के संदर्भ में है.

    आगरा के पारस अस्पताल में ‘मॉक ड्रिल’ 26 अप्रैल की सुबह सात बजे की गई थी. उस वक़्त इस अस्पताल में 96 कोविड मरीज़ भर्ती थे और 'मॉक ड्रिल' के बाद केवल 74 मरीज़ ज़िंदा बचे.

    अस्पताल के संचालक डॉ. अरिंजय जैन के चार वीडियो वायरल हुए हैं जिनमें वो ऑक्सीजन के बड़े संकट वाले दिन की कहानी बता रहे हैं.

    हालांकि स्थानीय मीडिया से बातचीत में अस्पताल के संचालक डॉक्टर अरिंजय जैन वीडियो को तोड़-मरोड़कर वायरल करने का आरोप लगा रहे हैं.

  16. कनाडा में मुस्लिम परिवार की ‘सुनियोजित’ ट्रक हमले में मौत

    कनाडा पुलिस ने बताया है कि रविवार को एक पूर्व नियोजितवाहन हमले में एक मुस्लिम परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई है

    यह कथित हमला ओंटारियो प्रांत के सिटी ऑफ़ लंडन जगह पर हुआ. इसमें परिवार का एक 9 वर्षीय लड़का जीवित बचा है जो कि गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है.

    20 वर्षीय एक कनाडाई व्यक्ति पर चार लोगों की हत्या और एक की हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है.

    क्यूबेक सिटी मस्जिद में 2017 में हुए हमले के बाद यह कनाडाई मुसलमानों के ख़िलाफ़ अब तक का सबसे घातक हमला है. उस समय 6 लोगों की मौत हुई थी.

    सोमवार को डिटेक्टिव सुप्रिटेंडेंट पॉल वेट ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस में बताया, “यह माना जा रहा है पीड़ितों को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वे मुसलमान थे.”

    उन्होंने बताया कि पुलिस संभावित आतंकवाद की धाराएं लगाने पर विचार कर रही है और यह भी माना जा रहा है कि यह हेट क्राइम है.

    अभी तक क्या जानकारी है?

    पीड़ितों में एक 74 और एक 44 वर्षीय महिला, एक 46 वर्षीय पुरुष और एक 15 साल की लड़की है. इनके परिवार की इच्छा के बाद इनके नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं.

    पुलिस का कहना है कि 9 वर्षीय लड़का अस्पताल में गंभीर चोटों के साथ अस्पताल में भर्ती है.

    पुलिस ने कथित हमलावर के बारे में बताया है कि वो ओंटारियो में लंडन का ही नथालियन वेल्टमेन नामक 20 वर्षीय शख़्स है. उन्हें घटनास्थल से 6 किलोमीटर दूर एक शॉपिंग सेंटर से गिरफ़्तार किया गया था.

    हालांकि, यह अभी तक साफ़ नहीं है कि संदिग्ध व्यक्ति किसी हेट ग्रुप्स से जुड़ा हुआ था या नहीं.

    डिटेक्टिव सुप्रीटेंडेंट वेट ने बताया कि अब तक संदिग्ध और पीड़ितों के बीच पिछला कोई संबंध होने के बारे में पता नहीं चला है और संदिग्ध ने एक वेस्ट पहना हुआ था जो कि एक ‘बॉडी आर्मर जैसा लग रहा था.’

    अधिकारियों ने बताया कि रविवार को स्थानीय समयानुसार जब रात 8 बजकर 40 मिनट पर एक काला ट्रक हाइड पार्क रोड के फ़ुटपाथ पर चढ़ता दिख रहा था तब मौसम साफ़ था और साफ़ रोशनी थी.

    एक चश्मदीद ने सीटीवी न्यूज़ को बताया कि उन्होंने अपनी छोटी बेटी की आंखें बंद कर दीं ताकि वो शवों का न देख सके.

    इसके बाद वहां अफ़रातफ़री का माहौल हो गया और लोग वहां चीखने चिल्लाने लगे.

    2016 की जनगणना के अनुसार, लंडन शहर टोरंटो से दक्षिण पश्चिम से 200 किलोमीटर दूर है, जहां पर बहुत विविधता है.

    यहां पर हर पांच में से एक शख़्स कनाडा के बाहर पैदा हुआ है. इस इलाक़े का सबसे बड़ा अल्पसंख्यक समूह अरब लोग हैं जबकि दूसरे नंबर पर दक्षिण एशियाई हैं.

  17. नमस्कार!

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