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प्रिंस हैरी और मेगन ने अपने दूसरे बच्चे के जन्म की दी सूचना

प्रिंस हैरी और मेगन मर्केल ने बताया कि उनकी बेटी लिलीबेट 'लिली'डायना माउंटबेटन-विंडसर का जन्म शुक्रवार की सुबह अमेरिका में कैलिफ़ोर्निया के सैंटा बार्बरा अस्पताल में हुआ.

लाइव कवरेज

  1. राहत सामग्री में घोटाले के आरोप, बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी के ख़िलाफ़ एफआईआर

    प्रभाकर मणि तिवारी

    कोलकाता से, बीबीसी हिंदी के लिए

    पूर्व मेदिनीपुर जिले के कांथी में अंफान राहत के तहत बांटने के लिए भेजे गए तिरपाल के कथित घोटाले के आरोप में कांथी थाने में बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी और उनके भाई सौम्येंदु अधिकारी के ख़िलाफ़ एक एफ़आईआर दर्ज की गई है.

    दूसरी ओर, कभी शुभेंदु के करीबी रहे एक व्यक्ति की नौकरी देने के नाम पर ठगी के मामले में गिरफ्तारी ने भी विपक्ष के नेता की चिंता बढ़ा दी है.

    हालांकि शुभेंदु ने अब तक इन मामलों पर कोई टिप्पणी नहीं की है.

    लेकिन उनके पिता सांसद शिशिर अधिकारी ने इसे राजनीतिक बदले की भावना से की गई कार्रवाई करार दिया है. उनका कहना है कि कोलकाता से धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार राखाल बेरा से लंबे समय से शुभेंदु का कोई संपर्क नहीं है.

    कांथी नगरपालिका प्रशासक बोर्ड के सदस्य रत्नदीप मान्ना ने थाने में शुभेंदु और उनके भाई समेत चार लोगों के ख़िलाफ़ नामजद एफ़आईआर दर्ज कराई है.

    एफ़आईआर में आरोप लगाया है कि शुभेंदु और पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष सौम्येंदु (शुभेंदु के भाई) के निर्देश पर केंद्रीय बल के चार-पांच जवान नगरपालिका के गोदाम से राहत के लिए रखे तिरपाल से लदे एक वाहन को लेकर चले गए थे. उन पर एक लाख से अधिक की तिरपाल की लूट का आरोप लगाया गया है.

    एफ़आईआर में कहा गया है कि नगरपालिका के जिन दो कर्मचारियों ने इस मामले में सहायता की थी उन्होंने माना है कि शुभेंदु और उनके भाई के कहने पर ही उन्होंने इस काम में सहायता की थी.

    दूसरी ओर, कोलकाता से नौकरी के नाम पर ठगी के आरोप में गिरफ्तार राखाल बेरा को टीएमसी ने शुभेंदु का करीबी बताया है.

    टीएमसी के प्रवक्ता कुणाल घोष का कहना था कि इन मामलों में क़ानून अपना काम करेगा, जांच से सब साफ हो जाएगा.

  2. दिल्ली: नर्सों के 'मलयालम बोलने पर रोक' वाला आदेश वापस

  3. इसराइल: हिंसा भड़कने की आशंका, नेताओं से बयानबाज़ी कम करने की अपील

    इसराइल की ख़ुफ़िया सेवा के प्रमुख ने सोशल मीडिया पर अभद्र भाषा और उकसावे वाले बयानों को लेकर चेतावनी जारी की है.

    उन्होंने हाल के दिनों में भड़काऊ बयानों में आयी तेज़ी को लेकर चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि इनसे आने वाले समय में राजनीतिक हिंसा भड़क सकती है.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार एक बेहद ही 'असामान्य' सार्वजनिक बयान में ख़ुफ़िया सेवा शिन बेट के प्रमुख नादाव अर्गामान ने राजनेताओं और धार्मिक नेताओं से कम बयानबाज़ी करने का आग्रह किया है.

    मौजूदा समय में इसराइल राजनीतिक अस्थिरता और तनाव के बुरे दौर से गुज़र रहा है.

    इसराइल के घरेलू सुरक्षा सेवा के प्रमुख ने शनिवार को एक चेतावनी जारी की.

    जिसमें उन्होंने मौजूदा राजनीतिक माहौल में हिंसा को लेकर आशंका जताई है.

    दशकों के बाद इसराइल में इस तरह का राजनीतिक माहौल पनपा है जिसे लेकर सुरक्षा सेवा के प्रमुख की ओर से चेतावनी जारी की गई है.

    एक ओर जहां देश अभी हाल ही में हमास के साथ हिंसक संघर्ष से निकला है वहीं देश में मौजूदा प्रधानमंत्री नेतन्याहू को सत्ता से बेदखल करने की कोशिशें जारी हैं. जिसके लिए विपक्ष एकजुट हो चुका है.

    चेतावनी जारी करते हुए ख़ुफ़िया सेवा शिन बेट के प्रमुख नादाव अर्गामान ने कहा, “हमने हाल ही में भड़काऊ बयानों और अभद्र भाषा वाले पोस्ट्स में बढ़ोत्तरी देखी है. ख़ासतौर पर सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स पर."

    हालांकि इस दौरान उन्होंने किसी का भी नाम नहीं लिया.

    अपने बयान में उन्होंने कहा कि हो सकता है कि इस तरह के बयान किन्हीं विशेष समुदायों की ओर से पोस्ट किये जा रहे हों या फिर किसी व्यक्ति विशेष की ओर से भी ऐसा किया जा सकता है. जिनका मक़सद हिंसा को भड़काना और गैर-क़ानूनी गतिविधियों को बढ़ावा देना हो सकता है. इससे लोगों की जान भी जा सकती है.

    इसराइल के मौजूदा प्रधानमंत्री नेतन्याहू अपने 12 साल के कार्यकाल के अंत की संभावना से जूझ रहे हैं. ऐसा माना जा रहा है कि नेतन्याहू का जाना लगभग तय है.

    नेतन्याहू का जाना लगभग तय

    इसराइल में प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू के विरोधियों के बीच गठबंधन सरकार बनाने को लेकर सहमति बन गई है जिसके बाद उनकी विदाई का रास्ता साफ़ हो गया है.

    नेतन्याहू इसराइल में सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने वाले नेता हैं और पिछले 12 साल से देश की राजनीति उनके ही इर्द-गिर्द घूमती रही है.

    मार्च में हुए चुनाव में नेतन्याहू की लिकुड पार्टी को बहुमत नहीं मिलने के बाद दूसरे नंबर की पार्टी को अन्य सहयोगियों के साथ सरकार बनाने का निमंत्रण दिया गया था.

    उन्हें बुधवार 2 जून की मध्यरात्रि तक बहुमत साबित करना था और समयसीमा समाप्त होने के कुछ ही देर पहले विपक्षी नेता याएर लेपिड ने घोषणा की कि आठ दलों के बीच गठबंधन हो गया है और अब वो सरकार बनाएँगे.

    इसके साथ ही इसराइल में राजनीतिक अनिश्चितता के बीच जारी अटकलों पर विराम लग गया है क्योंकि गठबंधन पर सहमति होने को कई लोग असंभव बात मान रहे थे.

    गठबंधन के लिए हुए समझौते के तहत बारी-बारी से दो अलग दलों के नेता प्रधानमंत्री बनेंगे. सबसे पहले दक्षिणपंथी यामिना पार्टी के नेता नेफ़्टाली बेनेट प्रधानमंत्री बनेंगे. बेनेट 2023 तक इस पद पर रहेंगे. बाद में अगस्त 2023 में वो ये पद मध्यमार्गी येश एटिड पार्टी के नेता याएर लेपिड को सौंप देंगे.

    71 वर्षीय नेतन्याहू इसराइल में सबसे लंबे समय तक सत्ता में रहने वाले नेता हैं और इसराइल की राजनीति में एक पूरे दौर में उनका दबदबा रहा है.

    मगर रिश्वत खोरी और धाँधली के आरोपों का सामना कर रहे नेतन्याहू की लिकुड पार्टी मार्च में हुए आम चुनाव में बहुमत नहीं जुटा पाई और चुनाव के बाद भी वो सहयोगियों का समर्थन नहीं हासिल कर सके.

    इसराइल में पिछले दो सालों से लगातार राजनीतिक अस्थिरता बनी है और दो साल में चार बार चुनाव हो चुके हैं. इसके बावजूद वहाँ स्थिर सरकार नहीं बन पाई है और ना ही नेतन्याहू बहुमत साबित कर पाए हैं.

    नेतन्याहू के बहुमत नहीं साबित करने के बाद याएर लेपिड को सरकार बनाने के लिए 28 दिनों का समय दिया गया था लेकिन ग़ज़ा में संघर्ष की वजह से इसपर असर पड़ा.

    तब उनकी एक संभावित सहयोगी अरब इस्लामिस्ट रा'म पार्टी ने गठबंधन के लिए जारी बातचीत से ख़ुद को अलग कर लिया.

    फ़लस्तीनी चरमपंथी गुट हमास और इसराइल के बीच 11 दिनों तक चली लड़ाई के दौरान इसराइल के भीतर भी यहूदियों और वहाँ बसे अरबों के बीच संघर्ष हुआ था.

  4. पश्चिम बंगाल: गंगा नदी में मिले शवों ने बढ़ाई चिंता

    प्रभाकर मणि तिवारी

    कोलकाता से, बीबीसी हिंदी के लिए

    पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में गंगा नदी में मिले दो शवों ने जिला प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है.

    जिले के मानिकचक इलाके में शनिवार को स्थानीय लोगों ने दो शवों को पानी मे देखा. बाद में इसकी सूचना मानिकचक पुलिस को दी गई. लेकिन पुलिस के मौके पर पहुंचने पर एक शव ही बरामद किया जा सका.

    स्थानीय लोगों का कहना है कि दूसरा शव बह कर फरक्का की ओर चला गया. कोरोना संक्रमित मान कर उस शव का अंतिम संस्कार कोविड प्रोटोकाल के तहत कर दिया गया है.

    पुलिस का अनुमान है कि यह शव पड़ोसी झारखंड से ही बह कर इस इलाके में पहुंचा था.

    पुलिस अधीक्षक आलोक राजौरिया बताते हैं, “स्थानीय लोगों ने दो शवों को देखने की बात कही थी. लेकिन मौके से एक शव ही बरामद किया गया. वह इतना विकृत हो गया था कि शिनाख्त करना असंभव था. कोरोना से मौत का मामला है या नहीं, यह कहना तो मुश्किल है. लेकिन वह झारखंड से बह कर यहां तक पहुंचा था. हम तटवर्ती इलाकों में निगरानी और चुस्त कर रहे हैं. साथ ही दूसरे शव की तलाश की जा रही है.”

    स्थानीय निवासी भोलानाथ मंडल बताते हैं, “गंगा में बीते कुछ दिनों से प्लास्टिक की बोरियां बहती नजर आ रही थी. शनिवार को भी ऐसी दो बोरियां नदी में बह रही थीं. उनमें से एक किनारे पर अटक गई थी. लोगों ने देखा कि वह इंसानी शव हैं.”

    यहां इस बात का जिक्र जरूरी है कि बीते दिनों उत्तर और बिहार सीमा पर गंगा में सौ से ज्यादा शव बरामद होने के बाद ही राज्य सरकार ने मालदा जिला प्रशासन को सतर्क कर दिया था.

    इसी आधार पर गदाईचर से मानिकचक तक गंगा के तटवर्ती इलाकों में आठ टीमें लगातार निगरानी कर रही थीं. यहीं गंगा नदी बंगाल में प्रवेश करती है.

  5. कोरोना के कारण इंडिगो की मुश्किलें बढ़ीं, लगातार पांचवी बार हुआ नुक़सान

    भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन सेवा इंडिगो को चलाने वाली कंपनी इंटरग्लोबल एविएशन ने शनिवार को कहा है कि लगातार पांचवी तिमाही में कंपनी को घाटा हुआ है.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार कंपनी ने बताया है कि कंपनी को जनवरी-मार्च की तिमाही में 11.47 अरब रुपये का नुक़सान हुआ है. इससे साल भर पहले कंपनी को इसी तिमाही में 8.71 अरब रुपये का नुक़सान हुआ था.

    कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रनोजॉय दत्ता ने एक बयान जारी कर कहा, "कोरोना महामारी के कारण ये साल बेहद मुश्किल रहा है, हमारे आय में कमी आई है. दिसंबर और जनवरी के बीच स्थिति में थोड़ा सुधार ज़रूर था लेकिन कोरोना की दूसरी लहर ने फिर से मुसीबतें बढ़ा दीं."

    दत्ता ने कहा कि इंडिगो के शेयरहोल्डरों और इसके कर्मचारियों के लिए ये दौर कठिन परीक्षा का वक्त रहा है और इस दौरान कंपनी ने खुद पर काम करना जारी रखा है ताकि स्थिति सुधरने पर वो पूरी तरह तैयार रह सके.

    बीते साल कोरोना महामारी के कारण कुछ वक्त के लिए उड़ानों पर रोक लगा दी गई थी. उसके बाद सेवाएं शुरू भी की गईं लेकिन यात्रियों की संख्या सीमित ही रही.

    एविएशन कंसेल्टेन्सी सीएपीए ने कहा है कि एक आकलन के अनुसार इस वित्त वर्ष में देश के विमानन सेक्टर को महामारी की वजह से क़रीब 4 अरब डॉलर का नुक़सान हो सकता है.

  6. ब्रेकिंग न्यूज़, अभिनेता दिलीप कुमार की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती कराया गया

    जानेमाने अभिनेता दिलीप कुमार को सांस लेने में परेशानी की शिकायत के बाद मुंबई के खार के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

    दिलीप कुमार के क़रीबी बशीर कोलोंबोवाला ने बीबीसी की सहयोगी पत्रकार सुप्रिया सोगले को बताया कि उन्हें सवेरे साढ़े आठ बजे के क़रीब मुंबई के हिंदुजा अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

    उन्होंने बताया कि "उन्हें सांस लेने में तकलीफ़ हो रही थी इसलिए उन्हें अस्पताल ले गए. फिलहाल चिंता की कोई बात नहीं है. लेकिन उनकी उम्र अधिक है और हम कोई ख़तरा नहीं लेना चाहते इसलिए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है."

    दिलीप कुमार की पत्नी सायरा बानो ने सुप्रिया सोगले को बताया है कि रूटीन जांच और इलाज के लिए दिलीप कुमार को नॉन-कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

  7. ब्रेकिंग न्यूज़, बीते 24 घंटों में कोरोना के 1.14 लाख मामले दर्ज, 2,677 की मौत

    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि देश में बीते चौबीस घंटों में कोरोना संक्रमण के 1,14,460 मामले दर्ज हुए हैं जबकि कोविड-19 के कारण 2,677 लोगों की मौत हुई है.

    मंत्रालय ने कहा कि बीते दो महीनों में ये सबसे कम आंकड़ा है.

    इस सप्ताह पॉज़िटिविटी रेट 6.54 फीसदी रहा है वहीं रिकवरी रेट बढ़ कर 93.76 फीसदी हो गया है.

    साथ ही मंत्रालय ने कहा कि बीते दस दिनों से कोरोना के मामलों में लगातार आ रही गिरावट का ट्रेंड बरकरार है.

  8. डोनाल्ड ट्रंप डॉक्टर फ़ाउची पर बरसे, कहा- 'वे डॉक्टर नहीं, प्रचारक हैं'

    अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉक्टर एंथनी फ़ाउची पर एक बार फिर तीखा हमला किया है.

    नॉर्थ कैरोलाइना में हुए रिपब्लिकन पार्टी के एक सम्मेलन में डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी पार्टी के उन नेताओं को सही ठहराया जो फ़ाउची पर लगातार सवाल उठा रहे हैं.

    राष्ट्रपति पद छोड़ने के बाद ये पहली बार है जब ट्रंप ने रिपब्लिकन पार्टी के नेताओं को संबोधित किया है.

    डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि लगातार टीवी शोज़ में दिखने वाले डॉक्टर फ़ाउची ‘एक महान डॉक्टर नहीं, बल्कि एक महान प्रचारक’ हैं.

    उन्होंने कहा, “वो हर बार ग़लत साबित हुए हैं. हर मुद्दे पर ग़लत साबित हुए. वुहान के मामले में वो ग़लत थे और मास्क लगाने के बारे में भी.”

    ट्रंप यह मानते हैं और लगातार विश्वास से यह कहते रहे हैं कि कोरोना वायरस चीन की एक प्रयोगशाला से लीक हुआ है. हालांकि, इसे लेकर अब तक वैज्ञानिकों को कोई पुख़्ता सबूत नहीं मिले हैं. मगर वुहान थ्योरी की ख़ूब चर्चा है और अमेरिकी एजेंसियाँ इसकी जाँच भी कर रही हैं.

    अपने भाषण में डोनाल्ड ट्रंप ने चीन से मुआवज़े की भी माँग की. उन्होंने कहा कि वायरस को लेकर गंभीरता ना रखने और स्थिति को ना संभाल पाने के लिए चीन को 10 ट्रिलियन डॉलर का हर्जाना अमेरिका को देना चाहिए.

    ट्रंप ने अपने भाषण में डॉक्टर फ़ाउची पर आरोप लगाया कि उन्होंने महामारी के लिए ठीक से प्रबंधन नहीं किया.

    हालांकि जानकारों की राय है कि डोनाल्ड ट्रंप 2020 का राष्ट्रपति चुनाव हारे, उसकी एक बड़ी वजहों में कोरोना महामारी का कुप्रबंधन भी था. उनके कार्यकाल में कोरोना महामारी के कारण पाँच लाख से ज़्यादा लोगों की मौत हुई थी.

    इस सम्मेलन में नॉर्थ कैरोलाइना रिपब्लिकन पार्टी के चेयरमैन माइकल व्हॉटले ने ट्रंप को ‘हमारे राष्ट्रपति’ कहकर संबोधित किया.

    अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों को लेकर काफ़ी विवाद हुआ था. रिपब्लिकन पार्टी के कई नेता यह मानते हैं कि उन्हें धोखे से चुनाव में शिकस्त दी गई.

    डोनाल्ड ट्रंप भी इसे सदी का सबसे बड़ा अपराध बताते हैं कि उन्हें चुनाव में धोखे से हराया गया.

    ट्रंप ने इस सम्मेलन में लोगों से उनकी पार्टी का समर्थन करने की अपील की. उन्होंने कहा कि 2022 के कांग्रेस चुनाव में उन्हें लोगों की ज़रूरत है.

    उन्होंने कहा कि वे 2024 में फिर से वापसी करेंगे और उन्हें 2024 का बेसब्री से इंतज़ार है.

  9. बुरकिना फासो: गाँव पर बंदूकधारियों का हमला, 132 लोगों की मौत

    बुरकिना फासो सरकार का कहना है कि देश के उत्तरी इलाक़े में बसे याघा प्रांत के एक गाँव में हुए हमले में 132 से अधिक लोगों की मौत हो गई है. मारे जाने वालों में सात बच्चे भी शामिल हैं.

    सरकार ने कहा है कि हाल के सालों में हुआ यह सबसे भयंकर हमला है.

    रात को बंदूकधारियों ने याघा प्रांत के साहेल इलाक़े के सोलान नामक गाँव पर हमला किया. इस दौरान उन्होंने घरों और स्थानीय बाज़ारों को आग के हवाले कर दिया.

    अब तक किसी भी चरमपंथी समूह ने इस हमले की ज़िम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन हाल के वर्षों में देश के सीमावर्ती इलाकों, ख़ासकर नाइजर और माली से लगे इलाक़ों में इस्लामी चरमपंथी समूहों के हमले बढ़े हैं.

    संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेश ने इस हमले की निंदा की और आक्रोश व्यक्त किया है.

    उन्होंने कहा, "मैं कड़े से कड़े शब्दों में इस जघन्य हमले की निंदा करता हूँ. अंतरराष्ट्रीय समुदाय को चाहिए कि वो हिंसक चरमपंथ और इसके कारण हो रही मौतों से जूझने के लिए अपने सदस्य देश को दी जाने वाली मदद जल्द से जल्द दोगुनी करें."

    बुरकिना फासो के राष्ट्रपति रॉक कैबोरे ने तीन दिनों का राष्ट्रीय शोक मनाने की घोषणा की है.

    एक ट्वीट में उन्होंने कहा, "बुरी ताक़तों के ख़िलाफ़ हमें एक साथ डटकर खड़े रहना होगा." उन्होंने कहा कि सुरक्षाबल हमलावरों की तलाश में जुटे हैं.

    शुक्रवार को एक अन्य हमले में सोलान शहर से 150 किलोमीटर की दूरी पर स्थित तदरयात गाँव के 14 लोग मारे गए थे.

    वहीं बुरकिना फासो के पूर्वी इलाक़े में पिछले महीने हुए एक और बड़े हमले में 30 लोगों की मौत हुई थी.

  10. नमस्कार!

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