CBSE के बाद ICSE बोर्ड ने भी रद्द की 12वीं की परीक्षा

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के बाद आईसीएसई बोर्ड ने भी 12वीं की परीक्षा आयोजित नहीं करने का फैसला किया है. बोर्ड ने कहा है कि मूल्यांकन की वैकल्पिक प्रक्रिया के बारे में जल्द ही घोषणा की जाएगी.

लाइव कवरेज

  1. ब्रेकिंग न्यूज़, पेट्रोल-डीजल की कीमत एक महीने में 17 बार बढ़ी, बना नया रिकॉर्ड

    पेट्रोल-डीजल की कीमत

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    पिछले एक महीने में सत्रहवीं बार कीमत बढ़ाए जाने के कारण पेट्रोल और डीज़ल का मूल्य मंगलवार को भारत में अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया.

    सरकारी पेट्रोलियम कंपनियों ने जो नई कीमतें जारी की हैं, उसके तहत पेट्रोल 26 पैसा प्रति लीटर और डीजल 23 पैसा और महंगा हो गया है.

    दिल्ली में पेट्रोल अब तक की सबसे महंगी कीमत पर 94.49 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा है जबकि डीज़ल 85.38 रुपया प्रति लीटर बेचा जा रहा है.

    ढुलाई खर्च और राज्यों में लगने वाले वैट जैसे स्थानीय टैक्स के कारण पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग हैं.

    भारत में राजस्थान में पेट्रोल और डीज़ल पर सबसे ज्यादा वैट वसूला जाता है. इसके बाद मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र का नंबर आता है.

    राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के कई शहरों में पेट्रोल की कीमतें पहले ही 100 रुपये प्रति लीटर से ऊपर जा चुकी हैं.

    मंगलवार को कीमतों में जो इजाफा किया गया है, उससे इन जगहों पर पेट्रोल और डीजल और महंगा हो गया.

    मुंबई में पेट्रोल 100.72 रुपया प्रति लीटर की दर से बेचा जा रहा है जबकि डीजल 92.69 रुपये प्रति लीटर की रेट से. चार मई के बाद से अब तक 17 बार पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाई जा चुकी हैं.

    हालांकि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के वक्त सरकारी तेल कंपनियों ने 18 दिनों तक पेट्रोल और डीजल की कीमतें नहीं बढ़ाई थीं.

    सत्रह बार की गई मूल्य वृद्धि के कारण पेट्रोल 4.09 रुपये प्रति लीटर और डीजल 4.65 रुपये प्रति लीटर की दर महंगा हो गया है.

  2. बाबा रामदेव के ख़िलाफ़ दिल्ली के कई अस्पतालों में डॉक्टरों का विरोध-प्रदर्शन

    डॉक्टरों का विरोध प्रदर्शन

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    योग गुरु बाबा रामदेव के बयानों से आहत डॉक्टरों के एक संगठन ने दिल्ली के कई अस्पतालों में मंगलवार को ‘काला दिवस’ मनाया.

    कई अस्पतालों में डॉक्टर बाँहों पर काली पट्टी बांधे और हाथों के पोस्टर लिये दिखाई दिये. बताया गया है कि ये प्रदर्शन फ़ेडरेशन ऑफ़ रेसिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (एफ़ओआरडीए) के बैनर तले आयोजित हुए.

    एफ़ओआरडीए ने 29 मई को इस प्रदर्शन का आह्वान किया था. साथ ही इस बात पर ज़ोर दिया था कि उनके विरोध-प्रदर्शन से किसी भी मरीज़ के इलाज में परेशानी नहीं आनी चाहिए.

    इस संगठन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में कहा कि “मंगलवार सुबह से हमारा विरोध-प्रदर्शन शुरू हुआ है. हम राम किशन यादव उर्फ़ रामदेव बाबा के बयानों को ग़लत और बेहद ग़ैर-ज़िम्मेदाराना मानते हैं जो एलोपैथी के सिद्धांतों पर ज्ञान देने की दक्षता तो बिल्कुल नहीं रखते हैं. उन्होंने अपने बयानों से डॉक्टरों का अपमान किया है और उनका मनोबल गिराया है जो दिन रात अपनी जान ख़तरे में डालकर मरीज़ों का उपचार कर रहे हैं. हम चाहते हैं कि वे अपने सभी अपमानजनक बयानों के लिए माफ़ी माँगें. साथ ही उनके ख़िलाफ़ महामारी एक्ट (ईडीए) के तहत कार्रवाई हो.”

    एएनआई

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    इस प्रदर्शन में मंगलवार को एम्स, सफ़दरजंग अस्पताल, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, हिन्दू राव अस्पताल, संजय गांधी अस्पताल, बीआर आंबेडकर अस्पताल के डॉक्टरों ने हिस्सा लिया. बताया जा रहा है कि कुछ और अस्पतालों के डॉक्टर इस प्रदर्शन में जल्द शामिल होंगे.

    एफ़ओआरडीए ने यह भी आरोप लगाया है कि बाबा रामदेव अपने बयानों से लोगों में वैक्सीन को लेकर भी चिंता पैदा कर रहे हैं.

    भारत में फ़िलहाल कोरोना वैक्सीन लगाने का काम चल रहा है जिसकी शुरुआत 16 जनवरी को हुई थी.

  3. गुजरात: फसल पशुओं को खिलाने को मजबूर किसान

    गुजरात के दीसा गाँव के तरबूज़ और खरबूज़ भारत के कई शहरों में भेजे जाते थे.

    लेकिन पिछले साल से वहाँ के किसानों को लाखों की फ़सल मजबूरन पशुओं को खिलानी पड़ रही है.

    किसानों का कहना है कि अगर जल्द सरकार कुछ नहीं करती तो उन्हें पेट भर खाने की भी दिक़्क़त हो जाएगी.

    देखिए गुजरात से बीबीसी संवाददाता परेश पढ़ियार की रिपोर्ट.

  4. इसराइल: क्या ख़ात्मे की ओर है नेतन्याहू का दौर?

    वीडियो कैप्शन, वीडियो रिपोर्ट

    इसराइल में सिर्फ़ दो साल में चार बार चुनाव हुए और किसी में सरकार बनाने के लिए स्पष्ट बहुमत नहीं मिला.

    अब तक बिन्यामिन नेतन्याहू किसी तरह सरकार में बने रहने में कामयाब रहे हैं, पर अब धुर दक्षिणपंथी राष्ट्रवादी विचारधारा वाले नेफ़्टाली बेनेट सरकार बनाने के लिए मध्यमार्गी विचारधारा वाले नेता येर लेपिड से बातचीत कर रहे हैं.

    माना जा रहा है कि प्रस्ताव के मुताबिक ये दोनों नेता बारी बारी से प्रधानमंत्री बनेंगे.

    वहीं नेतन्याहू ने कहा है कि देश की सुरक्षा के लिए ख़तरा है नया गठबंधन.

  5. चीन में दो बच्चों वाली नीति भी ख़त्म

    चीन फ़ैमिली प्लैनिंग की अपनी नीति में बदलाव कर रहा है ताकि कपल्स तीन बच्चे प्लैन कर सकें.

    अब तक वहां दो बच्चों की सीमा तय थी. ये फ़ैसला जनगणना के उन आंकड़ों के बाद लिया गया है जिसमें बच्चों की जन्मदर में तेज़ गिरावट दर्ज हुई है.

    देखिए ये रिपोर्ट...

  6. कोरोनाः शिक्षा मंत्री निशंक एम्स में भर्ती, संक्रमण से ठीक होने के बाद दिक़्क़त

    समाचार एजेंसी एएनआई ने दिल्ली के एम्स अस्पताल के एक अधिकारी के हवाले से ख़बर दी है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ.रमेश पोखरियाल निशंक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

    अधिकारी के अनुसार शिक्षा मंत्री को पोस्ट कोविड दिक्कतों की वजह से यानी कोरोना संक्रमण से ठीक होने के बाद हुई परेशानियों की वजह से भर्ती कराया गया है.

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  7. राहुल गांधी ने ब्लैक फ़ंगस महामारी पर केंद्र सरकार से पूछे सवाल

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    कांग्रेस पार्टी के लोकसभा सांसद राहुल गांधी ने म्यूकर मायकोसिस यानी ब्लैक फ़ंगस संक्रमण को लेकर केंद्र सरकार से कुछ सवाल किये हैं.

    इस संबंध में उन्होंने एक ट्वीट किया, जिसमें वे सवाल कर रहे हैं कि म्यूकर मायकोसिस के इलाज में इस्तेमाल होने वाली Amphotericin-B नामक दवा की कमी के लिए केंद्र सरकार ने क्या किया है?

    इसके अलावा राहुल गांधी ने पूछा है कि “मरीज़ को ये दवा दिलाने की क्या प्रक्रिया है? और इलाज देने की बजाय मोदी सरकार जनता को औपचारिकताओं में क्यों फँसा रही है?”

    म्यूकर माइकोसिस एक अलग तरह का संक्रमण है जो कोरोना वायरस से होने वाले संक्रमण से ठीक हुए या ठीक हो रहे लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है.

    म्यूकर मायकोसिस म्यूकर फ़फूंद के कारण होता है जो आमतौर पर मिट्टी, पौधों, खाद, सड़े हुए फल और सब्ज़ियों में पनपता है.

    ये फ़ंगस साइनस, दिमाग़ और फेफड़ों को प्रभावित करती है और डायबिटीज़ के मरीज़ों या बेहद कमज़ोर इम्यूनिटी (रोग प्रतिरोधक क्षमता) वाले लोगों जैसे कैंसर या एचआईवी/एड्स के मरीज़ों में ये जानलेवा भी हो सकती है.

  8. ब्रेकिंग न्यूज़, कोरोनाः भारत में 1.27 लाख नए मामले, 54 दिन में सबसे कम

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    भारत में कोरोना संक्रमण के नए मामलों में कमी का सिलसिला जारी है.

    पिछले 24 घंटे में संक्रमण के 1,27,510 नए मामले दर्ज किए गए हैं जो 54 दिनों में सबसे कम आँकड़ा है.

    स्वास्थ्य मंत्रालय के ताज़ा आँकड़ों के अनुसार बीते एक दिन में 2,795 संक्रमित लोगों की जान गई है

    अभी देश में कोरोना संक्रमित एक्टिव रोगियों की संख्या 19 लाख से कम हो गई है. 43 दिनों के बाद ये पहला मौक़ा है जब ऐक्टिव मरीज़ों की संख्या 20 लाख से कम हुई है.

    नए मरीज़ों की तुलना में ठीक हो रहे मरीज़ों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है. पिछले 19 दिनों से लगातार ठीक होने वाले मरीज़ों की संख्या ऊपर बनी हुई है.

    रिकरी रेट अभी 92.09% है.

    पोज़िटिव होने की दैनिक दर 6.62% हो गई है. पिछले 8 दिनों से लगातार ये संख्या 10% से नीचे है.

  9. सऊदी अरब ने मस्जिदों के लाउडस्पीकर की आवाज़ कम रखने का बचाव किया

    सऊदी अरब

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    सऊदी अरब प्रशासन ने मस्जिदों के लाउडस्पीकर की आवाज़ को लेकर लगाये गए प्रतिबंधों का बचाव किया है.

    सऊदी अरब में इस्लामिक मामलों के मंत्री अब्दुल लतीफ़ अल-शेख ने पिछले सप्ताह इन प्रतिबंधों की घोषणा की थी.

    उन्होंने कहा था कि मस्जिदों पर लगे लाउडस्पीकर की आवाज़ को ‘अधिकतम आवाज़ के एक तिहाई से ज़्यादा’ नहीं होना चाहिए.

    उन्होंने कहा था कि लोगों से लगातार मिल रहीं शिक़ायतों के बाद यह निर्णय लिया गया है.

    लेकिन सऊदी अरब के रूढ़िवादी मुसलमान सरकार के इस फ़ैसले का विरोध कर रहे हैं और सोशल मीडिया पर इसके ख़िलाफ़ अभियान चलाया जा रहा है.

    ये लोग कह रहे हैं कि रेस्त्रां, कैफ़े और बाज़ारों में बजने वाले तेज़ आवाज़ संगीत पर भी फिर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए. इससे संबंधित हैशटैग सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहे हैं.

    अब्दुल लतीफ़ अल-शेख ने यह दलील थी कि “उन्हें ऐसी भी शिक़ायतें मिलीं जिनमें कुछ अभिभावकों ने लिखा कि लाउडस्पीकर की तेज़ आवाज़ से उनके बच्चों की नींद ख़राब होती है.”

    सरकारी टीवी पर दिखाये गए एक बयान में शेख ने कहा कि जिन लोगों को नमाज़ पढ़नी है, वो वैसे भी अज़ान (इमाम की अपील) का इंतज़ार नहीं करते.

    शेख ने यह भी कहा कि जो लोग सरकार के निर्णय की आलोचना कर रहे हैं, वो ‘सऊदी किंगडम के दुश्मन’ हैं और उन्होंने दावा किया कि ‘आलोचक लोगों को भड़काना चाहते हैं.’

    सरकार ने यह प्रतिबंध ऐसे दौर में लगाया है जब क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान सऊदी अरब को एक उदार देश बनाने का प्रसाय कर रहे हैं और वे चाहते हैं कि सामान्य जन-जीवन में धर्म की भूमिका सीमित रहे.

    पिछले दिनों ही सऊदी अरब में महिलाओं के कार चलाने पर से प्रतिबंध हटाया गया था जिसे एक बड़ा बदलाव माना गया था.

    इस दौरान सऊदी अरब में कुछ सामाजिक प्रतिबंधों को भी हटाया गया है. हालांकि, उनके आलोचक कहते हैं कि उनके प्रशासन में बोलने की आज़ादी कम हुई है और सरकार के सैकड़ों आलोचकों को या तो गिफ़्तार किया गया है, या उन्हें क़ैद में डाल दिया गया है.

  10. सांसद मोहम्मद फ़ैसल बोले, 'लक्षद्वीप में क़ानूनों पर फ़ैसला लोगों से सलाह के बाद, अमित शाह ने आश्वासन दिया'

    अमित शाह

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    लक्षद्वीप के सांसद मोहम्मद फ़ैसल ने कहा है कि गृह मंत्री अमित शाह ने आश्वासन दिया है कि लक्षद्वीप में क़ानूनों के ड्राफ्ट पर फ़ैसला बिना वहाँ के चुने हुए प्रतिनिधियों की सलाह के नहीं लिया जाएगा.

    फ़ैसल ने सोमवार को अमित शाह से मुलाक़ात के बाद मीडिया को ये जानकारी दी.

    उन्होंने कहा कि लक्षद्वीप के प्रशासक प्रफ़ुल पटेल द्वारा लाये गए ड्राफ़्ट क़ानूनों को जो विरोध हो रहा है, उसके बारे में उन्होंने गृह मंत्री को बताया है.

    उन्होंने कहा, “उन्होंने (अमित शाह) आश्वासन दिया है कि जिन क़ानूनों को लेकर चर्चा है, उनके बारे में लक्षद्वीप के पंचायत के चुने सदस्यों से बात की जाएगी. किसी फ़ैसले पर पहुँचने से पहले लोगों की राय ली जाएगी."

    मोहम्मद फ़ैसल

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    फ़ैसल ने प्रफुल पटेल को प्रशासक के पद से हटाने की भी माँग की.

    लक्षद्वीप में पिछले कुछ दिनों से बीफ़ बैन, नए क़ानून, पंचायत चुनाव के नियमों में बदलाव के प्रस्ताव का विरोध हो रहा है.

    लेकिन लक्षद्वीप प्रशासक प्रफुल पटेल ने कहा है कि सब कुछ नियमों के मुताबिक़ हो रहा है और विरोध के स्वर केरल से अधिक उठ रहे हैं. उनका कहना है कि लक्षद्वीप में सिर्फ़ वहीं लोग विरोध कर रहे हैं, जिनका कोई निहित स्वार्थ है.

  11. भारत में जुलाई-अगस्त तक प्रतिदिन एक करोड़ लोगों को टीके लगाने का लक्ष्य

    वैक्सीन

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    केंद्र सरकार ने उम्मीद जताई है भारत में जुलाई के मध्य या अगस्त तक देश में वैक्सीन की सप्लाई बढ़ेगी जिसके बाद प्रतिदिन एक करोड़ लोगों का टीकाकरण हो सकेगा.

    कोविड-19 वैक्सीनेशन पर बनी टास्क फ़ोर्स के अध्यक्ष डॉक्टर एनके अरोड़ा ने कहा है कि अगस्त तक 'मेड इन इंडिया' यानी देश में बनी लगभग 25 करोड़ वैक्सीन उपलब्ध हो सकेगी.

    डॉक्टर अरोड़ा ने कहा, "सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडिया ने एक चिट्ठी में बताया है कि वो जून के अंत तक 10-12 करोड़ वैक्सीन बना लेंगे, जो कि उनकी क्षमता से 50 फ़ीसदी ज़्यादा होगा."

    वैसे ही कोवैक्सीन के उत्पादन की भी क्षमता बढ़ेगी और जुलाई के अंत तक वो प्रतिमाह 10-12 करोड़ टीके तैयार कर सकेंगे.

    उन्होंने कहा कि इसके अलावा दूसरे टीका निर्माताओं या विदेशों से स्पुतनिक वी, फ़ाइज़र और मॉडर्ना के टीके भी उपलब्ध हो सकते हैं.

    डॉक्टर अरोड़ा ने बताया, "अगस्त तक हमारे पास हर महीने 20-25 करोड़ डोज़ होगी. हमारा लक्ष्य होगा कि हर महीने एक करोड़ लोगों को टीके लगाए जा सकें."

    उन्होंने ये भी बताया कि अगले कुछ हफ़्तों में इस बात की भी जाँच की जाएगी कि क्या लोगों को अलग-अलग टीकों की ख़ुराक दी जा सकती है.

    इसमें ये पता लगा जाएगा कि अगर लोगों को टीके की दूसरी ख़ुराक में किसी और कंपनी का टीका लगाया जाता है तो इसका वायरस से लड़ने की क्षमता पर क्या प्रभाव पड़ता है.

    भारत में टीकाकरण का अभियान शुरू हुए कई महीने हो चुके हैं मगर देश में लगातार टीके की कमी की शिकायत आ रही है.

    अभी भारत में हर महीने कोविशील्ड और कोवैक्सीन को मिलाकर सात से साढ़े सात करोड़ (7-7.5) वैक्सीन उपलब्ध है.

    वैक्सीन

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    घट रहे मामले

    इस बीच भारत में कोरोना की दूसरी लहर में नए मामलों की संख्या में लगातार कमी आ रही है.

    सोमवार को पिछले 24 घंटे के भीतर लगभग डेढ़ लाख (1,52,734) नए मामले दर्ज किए गए जो पिछले लगभग 50 दिनों में सबसे कम आँकड़ा था.

    इस दौरान 3,128 लोगों की मौत हुई.

    कोरोना महामारी में सबसे ज़्यादा संक्रमण के मामले सात मई को रिपोर्ट हुए. उस दिन 414,188 केस दर्ज किए गए.

    19 मई को कोरोना के कारण रिकॉर्ड संख्या में 4529 लोगों की मौत रिपोर्ट हुई.

  12. नमस्कार!

    बीबीसी हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. हम यहाँ आपको सभी बड़ी ख़बरें और लाइव अपडेट्स देंगे. यह लाइव पेज 24 घंटे उपलब्ध है. 30 मई, रविवार के अपडेट्स के लिए आप यहाँ क्लिक कर सकते हैं.