CBSE के बाद ICSE बोर्ड ने भी रद्द की 12वीं की परीक्षा
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के बाद आईसीएसई बोर्ड ने भी 12वीं की परीक्षा आयोजित नहीं करने का फैसला किया है. बोर्ड ने कहा है कि मूल्यांकन की वैकल्पिक प्रक्रिया के बारे में जल्द ही घोषणा की जाएगी.
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ब्रेकिंग न्यूज़, सीबीएसई बोर्ड के बाद आईसीएसई बोर्ड ने भी रद्द की 12वीं की परीक्षा
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के बाद आईसीएसई बोर्ड ने भी 12वीं की परीक्षा आयोजित नहीं करने का फैसला किया है.
काउंसिल फॉर इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग़्जामिनेशंस ने ये फैसला सीबीएसई के इस सिलसिले में निर्णय के कुछ देर बाद ही लिया है.
बोर्ड की सचिव गेरी एराथुन ने बताया कि कोरोना महामारी को देखते हुए ये फैसला लिया गया है.
उन्होंने बताया कि परीक्षा रद्द की जा रही है और मूल्यांकन की वैकल्पिक प्रक्रिया के बारे में जल्द ही घोषणा की जाएगी.
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने बारहवीं कक्षा की परीक्षाएं रद्द करने का फ़ैसला किया है.
बोर्ड ने कहा है, "कोरोना के कारण व्याप्त अनिश्चितता को देखते हुए और संबंधित स्टेक होल्डर्स से फीडबैक लेने के बाद ये फैसला लिया गया है कि इस साल 12वीं क्लास के लिए परीक्षाएं नहीं आयोजित की जाएंगी."
इस सिलसिले में प्रधानमंत्री ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की. जिसके बाद ये फैसला लिया गया कि सीबीएसई 12वीं क्लास के बच्चों के प्रदर्शन के आधार पर रिजल्ट तैयार करेगा और इसे एक निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा कर लिया जाएगा.
प्रधानमंत्री ने कहा कि ये फैसला बच्चों के हित में लिया गया है. उन्होंने कहा कि कोरोना के कारण अकादमिक सत्र पर असर पड़ा है और बोर्ड परीक्षाओं को लेकर बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों के बीच बेचैनी का माहौल था जिसे खत्म किया जाना ज़रूरी था.
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दिल्ली के मुख्यमंत्री ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे बड़ी राहत मिली है. मंगलवार को ही उन्होंने कहा था कि बच्चों को वैक्सीन दिए बिना परीक्षा नहीं ली जानी चाहिए.
चीन की एक और वैक्सीन के आपातकालीन इस्तेमाल को WHO ने दी मंज़ूरी
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विश्व स्वास्थ्य
संगठन ने कोविड-19 के लिए चीन में बने
एक अन्य टीके के भी आपातकालीन इस्तेमाल को मंज़ूरी दे दी है. ये टीका चीन की फ़ार्मा कंपनी सिनोवैक ने तैयार
किया है. इससे पहले डब्ल्यूएचओ ने सिनोफ़ार्मा के टीके को अनुमति दी थी.
डब्लूएचओ ने तमाम
देशों, एजेंसियों और समुदायों को भरोसा दिया है कि ये टीका सुरक्षा
और प्रभाव के लिहाज़ से अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरा उतरता है.
स्वास्थ्य उत्पादों
के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन की सहायक महानिदेशक डॉक्टर मरियांजेला सिमाओ ने कहा, “दुनिया को कोविड-19 के
कई टीकों की ज़रूरत है ताकि पूरी दुनिया में मौजूद असमानता को दूर किया जा सके. हम
दवा बनाने वालों से अनुरोध करते हैं कि वो कोवैक्स में साझेदारी करें, अपनी जानकारी और डाटा साझा करें जिससे इस महामारी पर नियंत्रण
पाया जा सके.”
वैक्सीन की वैश्विक
कोवैक्स साझेदारी के लिए डब्लूएचओ की मंज़ूरी जरूरी होती है. तभी टीके की सप्लाई हो
सकती है.
प्रशांत वैंदम: प्यार की तलाश में निकले लेकिन कैसे पहुंचे पाकिस्तान की जेल?
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हैदराबाद के सॉफ़्टवेयर इंजीनियर प्रशांत वैंदम का दावा है कि वो अपने प्यार की खोज में निकले तो स्विट्ज़रलैंड के लिए थे, लेकिन पहुँच गए पाकिस्तान की जेल में.
पाकिस्तान की विभिन्न जेलों में चार साल बिताने के बाद 31 वर्षीय प्रशांत वैंदम को सोमवार को पाकिस्तान ने भारत वापस भेज दिया.
पाकिस्तान में अवैध रूप से घुसने पर उन्हें गिरफ़्तार किया गया था और उन पर जासूसी का आरोप लगाया गया था. जासूसी का आरोप साबित नहीं हो सका और क़रीब चार साल बाद उन्हें पाकिस्तानी सरकार ने छोड़ने का फ़ैसला किया.
पाकिस्तानी सलवार कमीज़ और सिर पर टोपी पहने प्रशांत वैंदम को सोमवार को अटारी-वाघा सरहद पर भारतीय अधिकारियों की मौजूदगी में पाकिस्तान रेंजर्स ने बीएसएफ़ को सौंप दिया.
प्रशांत वैंदम को लेने के लिए हैदराबाद से दो पुलिस अफ़सर भी आए हुए थे. क़रीब तीन घंटे की ब्रीफ़िंग के बाद प्रशांत वैंदम जब बाहर आए तो उनके चेहरे पर ख़ुशी के साथ असमंजस के भाव साफ़ नज़र आ रहे थे.
यूपी बीजेपी में मीटिंग का दौर, मक़सद संगठनात्मक चर्चा या डैमेज कंट्रोल?, अनंत झणाणे, बीबीसी हिंदी के लिए
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आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र, उत्तर प्रदेश में भाजपा आत्ममंथन और समीक्षा के दौर में है. पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राधा मोहन सिंह और राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष आज भाजपा प्रदेश कार्यालय पर योगी सरकार के तमाम मंत्रियों से राजनीतिक फ़ीडबैक लेते नज़र आएं.
बंद दरवाज़ों के पीछे मुलाकातों का सिलसिला प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव मौर्या से शुरू हुआ. लम्बी चली बैठक ख़त्म होने के बाद मौर्या ने मीडिया से कहा कि, "मैं खुद पूर्व प्रदेश अध्यक्ष हूँ. हम अपने अध्यक्ष जी की अगुवाई में फिर 300 पार कराएँगे. क्या बात है?"
अपने बयान में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ज़िक्र न करने से, अटकलें लगने लगीं कि आने वाले दिनों में भाजपा कोरोना महामारी के ख़राब मैनेजमेंट से हुए पार्टी के छवि को हुए नुकसान काम करने में लगी हुई है.
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मौर्या समाज के कद्दावर नेता और कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या, क़ानून मंत्री बृजेश पाठक ने भी केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात की. गौरतलब है कि पाठक ने कोविड महामारी के चरम पर एक मरीज़ का इलाज करवाने में अपनी नाकामी जताई थी और इसका ज़िक्र मुख्यमंत्री को लिखे एक खत में भी किया था.
रविवार से लेकर अब तक कुल प्रदेश के बारह मंत्री इस दो सदस्यीय दाल से मुलाकात कर चुके हैं. कुछ दिनों पहले पार्टी के सीतापुर से विधायक राकेश राठौड़ ने यह तक कह दिया कि ज़्यादा बोलने पर उनके खिलाफ देशद्रोह की करवाई भी हो सकती है.
इस तनावपूर्ण माहौल में इस तरीके के फीडबैक सेशन की अहमियत और भी बढ़ जाती है और अब केंद्रीय दख़ल के दरवाज़े खुलते नज़र आ रहे हैं.
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ये सरगर्मियां इस बात की ओर इशारा कर रही हैं कि बंगाल में क़रारी चुनावी शिकस्त और हाल ही में हुए उत्तर प्रदेश पंचायत चुनावों में अयोध्या, गोरखपुर, बनारस और मथुरा जैसे भाजपा गढ़ो में उम्मीदों से ख़राब प्रदर्शन के बाद भाजपा उत्तर प्रदेश 2022 की चुनौती के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी.
इस माहौल में मंत्रिमंडल विस्तार की भी चर्चा ज़ोरों पर है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के क़रीबी माने जाने वाले और गुजरात कैडर के पूर्व आईएएस अधिकारी एके शर्मा को कैबिनेट में शामिल किये जाने की अटकलें लग रही हैं. शर्मा उत्तर प्रदेश से एमएलसी हैं और प्रधानमंत्री के चुनाव क्षेत्र बनारस में कोविड नियंत्रण में काफी व्यापक भूमिका निभाई है.
यूपी बीजेपी के प्रवक्ता नवीन श्रीवास्तव कहते हैं, "ये संगठनात्मक चर्चाएं हैं. स्वाभाविक रूप से 2022 के लिए समय कम रह गया है. हम ऐसी पार्टी तो हैं नहीं कि घर में बैठ के ट्विटर-ट्विटर करते हों और एसी में बैठ कर चुनाव की तैयारियां करते हों. कल उन्होंने मुख्यमंत्री से बैठक की, आज मंत्रियों से. साल 2022 के लिए लोगों से मशविरा किया गया कि क्या तैयारियां करनी हैं. अब राजनैतिक कयास लगाने के लिए मीडिया भी स्वतंत्र है, विपक्ष भी स्वतंत्र है और जनता भी स्वतंत्र है. यह तो संघठनात्मक बैठक थी."
चीन: पहले रोक अब तीन बच्चे पैदा करने की क्यों मिली इजाज़त
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आबादी को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वाले चीन ने अपनी जनसंख्या नियंत्रण नीति में बड़ा बदलाव किया है.
चीन की जनसंख्या लगभग एक अरब 41 करोड़ है और यहां आबादी पर काबू रखने के लिए बेहद आक्रामक तरीक़े से प्रयास होता रहा है.
चीन में लंबे समय तक एक बच्चे की नीति को सख्ती से लागू किया गया था. कई सालों बाद नीति बदल गई और लोगों को दो बच्चे पैदा करने की छूट दी गई.
लेकिन, जन्म पर नियंत्रण की इस नीति में अब एक बड़ा बदलाव आया है.
चीन में लोगों को तीन संतानों की अनुमति दे दी गई है. जनगणना में आए आंकड़ों में जन्मदर में हो रही गिरावट को देखते हुए चीन ने तीन बच्चों की नीति अपनाने की घोषणा की है.
चीन की जनसंख्या पिछले कई दशकों के मुक़ाबले सबसे धीमी गति से बढ़ रही है. पिछले दस सालों में यहां आबादी बढ़ने की औसत सालाना दर 0.53 फीसदी रही है. यानी चीन में बुज़ुर्गों की संख्या बढ़ रही है और बच्चे पैदा होने की दर धीमी है. हालांकि, चीन अब भी दुनिया का सबसे ज़्यादा आबादी वाला देश है.
बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन दिनभर, 1 जून 2021, सुनिए संदीप सोनी के साथ
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कोरोना: पेरु दुनिया का सबसे अधिक मृत्यु दर वाला देश बना
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जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के आंकड़ों के अनुसार पेरु में कोरोना से मरने वाले लोगों के आंकड़ों की जब समीक्षा की गई तो ये संख्या दोगुनी हो गई.
इससे पेरु दुनिया का सबसे ज़्यादा मृत्यु दर वाला देश बन गया है.
33 मिलियन की आबादी वाले देश पेरु में कोरोना महामारी से मरने वाले लोगों की संख्या 69,342 से बढ़कर 180,000 हो गई है.
पेरु के प्रधानमंत्री वायोलेटा बरमूडेज़ ने कहा है कि देश-विदेश के विशेषज्ञों की सलाह पर ये संख्या बढ़ाई गई है.
उन्होंने कहा, "हमें लगता है कि ये हमारी जिम्मेदारी है कि हम अपडेट की गई इस जानकारी को सार्वजनिक करें."
नए आंकड़ों को सोमवार को जारी किया गया है. एक हफ्ते के भीतर पेरु में राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोटिंग होनी है.
अमेरिका को एयरबेस क्यों नहीं बनाने दे रहा पाकिस्तान?
वीडियो कैप्शन, अमेरिका को एयरबेस क्यों नहीं बनाने दे रहा पाकिस्तान?
पाकिस्तान में संसद के उच्च सदन को संबोधित करते हुए, वहाँ के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने सदस्यों को आश्वासन दिया कि अमेरिका को अफ़ग़ानिस्तान की धरती पर ड्रोन ऑपरेशंस के लिए पाकिस्तान कोई सैन्य अड्डा या एयर बेस नहीं दे रहा है.
फ़लस्तीनी-इसराइल संघर्ष पर चल रही बहस के बाद अपने नीतिगत बयान में, विदेश मंत्री ने अतीत में अमेरिका को दिए गए एयरबेस का ज़िक्र करते हुए सीनेटरों से कहा कि "अतीत को भूल जाएँ."
उन्होंने कहा, "ये सदन और पाकिस्तान की जनता मेरी गवाही याद रखे कि पीएम इमरान ख़ान के नेतृत्व में इस देश में अमेरिका को कोई सैन्य अड्डा नहीं दिया जाएगा." आखिर पाकिस्तान के इस रुख की क्या वजह हो सकती है?
कोरोड़ों के निवेश के चौंकाने वाले विज्ञापन का सच
वीडियो कैप्शन, कोरोड़ों के निवेश के चौंकाने वाले विज्ञापन का सच
आर्थिक मामलों पर जानकारी देने वाले भारत के सबसे बड़े अख़बार 'द इकोनॉमिक टाइम्स' और जानेमाने अख़बार 'टाइम्स ऑफ़ इंडिया' में हाल में पहले पन्ने पर छपा एक ग़ैर-मामूली इश्तेहार कई तरह से सनसनीखेज़ और चौंकाने वाला था.
विज्ञापन सीधे देश के प्रधानमंत्री को संबोधित था जिसमें विज्ञापन देने वाली कंपनी ने कहा कि वह भारत में 500 अरब डॉलर का निवेश करना चाहती है.
500 अरब डॉलर यानी तक़रीबन 36 लाख करोड़ रुपए. सब कुछ असामान्य था इसलिए बीबीसी ने इस विज्ञापन को जारी करने वाली कंपनी के बारे में पड़ताल की.
कार्टून: ये होती है पॉजिटिविटी
पेट्रोल की कीमत और सरकार के 'सकारात्मक सोचिये अभियान' पर आज का कार्टून.
बंगाल: आलापन बंद्योपाध्याय को केंद्र सरकार ने जारी किया कारण बताओ नोटिस
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केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्य सचिव आलापन बंद्योपाध्याय को कारण बताओ नोटिस जारी किया है.
ये नोटिस आपदा प्रबंधन क़ानून के एक ऐसे कड़े प्रावधान के तहत जारी किया गया है जिसमें दो साल जेल तक की सजा हो सकती है.
आलापन बंद्योपाध्याय को लेकर केंद्र सरकार और ममता बनर्जी सरकार के बीच विवाद की स्थिति बन गई थी.
समाचार एजेंसी पीटीआई ने गृह मंत्रालय के एक अधिकारी के हवाल से बताया है कि सोमवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा की गई आलापन बंद्योपाध्याय के रिटायरमेंट की घोषणा के कुछ घंटों बाद ही उन्हें ये नोटिस जारी किया गया है.
केंद्र सरकार ने आलापन बंद्योपाध्याय को ये नोटिस साल 2005 के आपदा प्रबंधन कानून के सेक्शन 51-बी के उल्लंघन के लिए जारी किया है.
केंद्र का कहना है कि आलापन बंद्योपाध्याय ने सरकार के वैध दिशा निर्देश पर अमल करने से इनकार कर दिया था.
बंद्योपाध्याय को तीन दिनों के अंदर नोटिस का जवाब देने के लिए कहा गया है.
आलापन बंद्योपाध्याय 31 मई को रिटायर होने वाले थे लेकिन उन्हें तीन महीने का सेवा विस्तार दिया गया.
इस सेवा विस्तार के कुछ ही दिनों बाद सरकार ने उन्हें केंद्र में रिपोर्ट करने के लिए कहा था.
हालांकि ममता बनर्जी ने सोमवार को उनके रिटायरमेंट की घोषणी की और उन्हें राज्य सरकार का मुख्य सलाहकार घोषित कर दिया.
आपदा प्रबंधन कानून के सेक्शन 51-बी में ये प्रावधान है कि जो कोई भी केंद्र सरकार या राज्य सरकार या स्टेट एग्जिक्यूटिव कमिटी या नेशनल एग्जिक्यूटिव कमेटी या जिला प्रशासन का निर्देश मानने से इनकार करेगा, उसे दो साल तक की सज़ा हो सकती है.
कटुंबा वमालाः यूगांडा के मंत्री की हत्या की कोशिश
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यूगांडा के यातायात मंत्री और पूर्व आर्मी कमांडर कटुंबा वमाला की हत्या की कोशिश की गई है. इस हमले में उनकी बेटी और ड्राइवर मारे गए.
जनरल कटुंबा वमाला घायल हो गए हैं.
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि मोटरसाइकिल पर सवार लोगों ने उनकी गाड़ी पर कई राउंड गोलियां चलाईं.
हमले के वक्त जनरल कटुंबा वमाला राजधानी कंपाला स्थित अपने घर के पास गाड़ी में थे.
आर्मी का कहना है कि जनरल वमाला पर हमले की साजिश की जांच की जा रही है.
सैनिक उस अस्पताल की पहरेदारी कर रहे हैं जहां जनरल वमाला का इलाज चल रहा है. जनरल वमाला को यूगांडा के सबसे प्रतिष्ठित राजनेता और आर्मी ऑफिसर में गिना जाता है.
कंपाला में मौजूद बीबीसी संवाददाता पेशेंस ऑथेयर का कहना है कि यूगांडा में ऐसे हमले होना कोई नई बात नहीं है लेकिन जनरल वमाला पर हुए हमले से कई लोग हैरत में हैं.
जनरल वमाला पहले पुलिस के चीफ़ थे और वे सेना में कमांडर भी रह चुके हैं.
मेघालय की कोयला खदान में तीन दिन से फंसे हैं पांच लोग
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मेघालय के ईस्ट जैंतिया ज़िले के खदान एक बार फिर से सुर्खियों में हैं. इन खदानों में से एक में फंसे असम और त्रिपुरा के कम से कम पांच प्रवासी मजदूरों को बचाने के लिए राहत कार्य जारी है. इन खदानों की बनावट चूहे के बिल जैसी है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ उम्प्लेंग क्षेत्र में रविवार को ये दुर्घटना उस वक्त हुई जब एक डायनामाइट विस्फोट के बाद एक खदान में पानी भर गया.
पुलिस अधीक्षक जगपाल सिंह धनोआ ने बताया कि सरदार (माइन मैनेजर) को पकड़ने के लिए तलाश की जा रही है. उसने इस घटना के बारे में मुंह खोलने पर लोगों को अंजाम भुगतने की धमकी दी थी. एक अन्य संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है.
राज्य सरकार के मुताबिक़ असम के चार और त्रिपुरा के एक प्रवासी मजदूर इस खदान में फंसे हुए हैं.
हालांकि कुछ लोगों का दावा है कि खदान में छह लोग फंसे हुए हैं.
इस बीच विपक्ष के नेता मुकुल संगमा ने राज्य सरकार को इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया है.
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इलाहाबाद में गंगा किनारे से LIVE: गांव अब किस हाल में हैं?
प्रयागराज में गंगा किनारे शवों को दफनाने की तस्वीरें वायरल हुई थीं. प्रयागराज के श्रृंगवेरपुर धाम के पास मेंडारा गांव में आम लोगों से बात कर रही हैं बीबीसी की रूपा झा.
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बारहवीं की परीक्षा बिना वैक्सीन दिए नहीं होनी चाहिएः अरविंद केजरीवाल
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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि बारहवीं क्लास की परीक्षा बच्चों को बिना वैक्सीन दिए नहीं ली जानी चाहिए.
उन्होंने ट्विटर पर दिए संदेश में कहा, "12वीं की परीक्षा को लेकर बच्चे और पैरेंट्स काफ़ी चिंतित हैं. वे चाहते हैं कि बिना वैक्सिनेशन, 12वी की परीक्षा नहीं होनी चाहिए. मेरी केंद्र सरकार से अपील है कि 12वीं की परीक्षा रद्द की जाए. पिछले प्रदर्शन के आधार पर उनका आँकलन किया जाए."
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल इससे पहले भी केंद्र सरकार से बच्चों के लिए वैक्सीन की मंजूरी देने की अपील कर चुके हैं.
ब्रेकिंग न्यूज़, तरुण तेजपाल मामले में गोवा सरकार की अपील, कहा- फिर से मुकदमा चले
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तरुण तेजपाल को बरी किए जाने के फ़ैसले के ख़िलाफ़ गोवा की राज्य सरकार ने बॉम्बे हाई कोर्ट में अपील दायर की है.
गोवा की सरकार ने अपनी अपील में कहा है कि इस मामली की ट्रायल कोर्ट में फिर से सुनवाई की जानी चाहिए.
साथ ही ये भी दलील दी गई है कि ट्रायल कोर्ट पीड़िता की घटना के बाद के बर्ताव ठीक से समझ नहीं पाया और उसके चरित्र की निंदा कर दी.
बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा बेंच के समक्ष दायर की गई अपील में निचली अदालत के फैसले के मद्देनज़र इस हफ्ते कुछ बदलाव किए गए और तरुण तेजपाल की रिहाई को चुनौती देने के लिए और दलीलें जोड़ी गई हैं.
गोवा सरकार का कहना है कि ट्रायल कोर्ट ने बचाव पक्ष के गवाह पर तो एतबार किया लेकिन अभियोजन और पीड़िता की ओर से पेश किए गए गवाहों के साक्ष्य को खारिज कर दिया.
अपील में ये भी कहा गया है कि निचली अदालत ने इस मामले में चीख-चीख कर गवाही दे रहे उस सबूत (माफीनामा वाला ईमेल) को भी नज़रअंदाज कर दिया जिससे अभियुक्त का अपराध बिना किसी संदेह के साबित होता था.
21 मई को जज क्षमा जोशी ने तहलका मैगज़ीन के मुख्य संपादक तरुण तेजपाल को बरी करने का फ़ैसला सुनाया था. तरुण तेजपाल पर नवंबर, 2013 में एक इवेंट के दौरान गोवा के एक फाइव स्टार होटल की लिफ्ट में अपनी महिला सहकर्मी पर यौन हमला करने का आरोप लगाया गया था.
निचली अदालत ने अपने फैसले में महिला के आचरण पर सवाल उठाते हुए कहा कि यौन हमलों के मामले में किसी पीड़िता का जैसा बर्ताव होना चाहिए था, इस पीड़िता ने वैसा सामान्य बर्ताव नहीं दिखलाया.
गोवा सरकार ने इस मामले में बाद में अपील दायर की. संशोधित अपील पर अब दो जून को सुनवाई होनी है.
राज्य सरकार ने अपनी अपील में कहा है कि ट्रायल कोर्ट ये बात भूल गया कि इस मामले के अभियुक्त तरुण तेजपाल थे न कि पीड़िता.
कोरोना से भारतीय अर्थव्यवस्था भी हुई संक्रमित
वीडियो कैप्शन, कोरोना से भारतीय अर्थव्यवस्था भी हुई संक्रमित
कोरोनावायरस ने बड़े बिज़नेस को ही नहीं बल्कि मिडिल क्लास और छोटे व्यापारियों पर भी बहुत बुरा असर डाला. कई को तो अपना छोटा मोटा व्यवसाय बंद करके मज़दूरी तक करनी पड़ी.
आर्थिक प्रगति के मोर्चे पर इस महामारी ने भारत को 10 साल पीछे धकेल दिया. बीबीसी संवाददाता निखिल इनामदार की रिपोर्ट.
भारत-चीन: गलवान घाटी में मारे गए चीनी सैनिक पर टिप्पणी के कारण ब्लॉगर को जेल
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इमेज कैप्शन, भारतीय-चीनी सैनिकों के बीच पिछला साल जून में हुई झड़प की तस्वीर
भारत के साथ पिछले साल हुई झड़प में मारे गए चीनी सैनिक पर टिप्पणी करने के आरोप में एक चीनी ब्लॉगर को आठ महीने जेल की सज़ा सुनाई गई है.
38 साल के चियो ज़िमिंग को "नायकों और शहीदों के अपमान" का दोषी पाया गया. चीनी सरकारी अख़बार ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक़ चीन के आपराधिक क़ानून में संशोधन के बाद इस प्रावधान के तहत सज़ा पाने वाले ज़िमिंग पहले व्यक्ति हैं.
इस क़ानून के तहत दोषियों को तीन साल तक की सज़ा हो सकती है. ज़िमिंग को सार्वजनिक तौर पर माफ़ी मांगने के लिए भी कहा गया. सरकारी चैनल सीसीटीवी पर हुए एक प्रसारण में उन्होंने कहा कि वो ख़ुद से "बहुत शर्मिंदा" हैं.
ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक उन्होंने कहा, "मेरा व्यवहार मर्यादा के ख़िलाफ़ था"
भारत और चीन के बीच पिछले साल जून में रिश्तों में तवान आ गया था. गलवान घाटी में दोनों देशों की सेनाओं के बीच हुई झड़प नें 20 भारतीय सैनिकों की मौत हो गई. चीन ने सैनिकों के मौत की बात मानी, लेकिन इससे जुड़ी अधिक जानकारी नहीं दी थी.
कुछ समय बाद उन्होंने कहा कि उनके 4 जवान मारे गए थे.
ब्लैक फ़ंगस: चार सर्जरी, एक आँख गंवाई लेकिन नहीं छोड़ा हौसला,गुजरात की महिला की कहानी
इमेज स्रोत, Deepika Ben family.
इमेज कैप्शन, दीपिकाबेन मुकेशभाई शाह
कोविड से जूझते भारत में रिपोर्टों के मुताबिक़ अभी तक 12,000 से ज़्यादा म्यूकरमायकोसिस या ब्लैक फ़ंगस के मामले सामने आ चुके हैं.
आकलन ये है कि इस बीमारी से संक्रमित क़रीब 50 प्रतिशत लोगों की मौत हो जाती है और जो बचते हैं, कई बार उनकी जान बचाने के लिए उनकी आँखें निकालनी पड़ती हैं.
आँखों के सर्जन डॉक्टर सपन शाह के मुताबिक़ अहमदाबाद में रह रहीं दीपिकाबेन मुकेशभाई शाह का मामला गुजरात से रिपोर्ट हुए ब्लैक फ़ंगस के शुरुआती मामलों में से एक था.
वो कहते हैं, "मैंने सितंबर में भी म्यूकरमायकोसिस के मरीज़ देखे थे, लेकिन वो सर्जरी के लिए तैयार नहीं थे."
पिछले साल अक्तूबर में कोविड से संक्रमित हुईं दीपिकाबेन की अभी तक चार सर्जरी हो चुकी हैं - नाक, आँख, मुँह की और एक और.
उनकी जान बचाने के लिए उनकी दाहिनी आँख को निकालना पड़ा, मुँह के सभी दाँत निकालने पड़े, उनकी नाक से फ़ंगस साफ़ करना पड़ा और आख़िरी सर्जरी में दिमाग़ के नीचे स्थित एक हड्डी को हटाया गया क्योंकि फ़ंगस वहाँ भी पहुँच गया था.