नेपाल अपनी अयोध्यापुरी में बनाएगा राम मंदिर, ओली सरकार ने बजट में दिया पैसा
नेपाल में जारी राजनीतिक अस्थिरता के बीच ओली सरकार ने 1647.67 अरब रुपये का बजट अध्यादेश के रूप में पेश किया है.
लाइव कवरेज
सरसों के बंपर उत्पादन के बावजूद तेल की रिकॉर्ड कीमतें, मलेशिया एंगल कितना ज़िम्मेदार?
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अमरोहा के रहने वाले किसान साजिद हुसैन ने मार्च में 400 किलो सरसों 4200 रुपए प्रति क्विंटल के रेट से बेची यानी 42 रुपए प्रति किलो. उन्हें अंदाजा नहीं था कि एक महीने में ही सरसों के दाम लगभग दोगुने हो जाएँगे.
वहीं मुजफ्फरनगर के किसान सुभाष सिंह ने अपनी फसल को घर में ही स्टॉक करके रखा, उन्होंने एक ऑनलाइन पोर्टल पर अपनी सरसों का भाव 7 हज़ार रुपए प्रति क्विंटल रखा है. उन्हें उम्मीद है कि दाम अभी और बढ़ेंगे.
आम तौर पर गन्ने की खेती करने वाले सुभाष सिंह ने इस बार केवल बोनस इनकम के लिए थोड़ी सरसों बोई थी. सुभाष सिंह कहते हैं, "भाव के पांच हज़ार रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंचने की उम्मीद तो थी लेकिन ये नहीं पता था कि दाम सात हज़ार के पास पहुंच जाएंगे."
सरसों के दाम बढ़ने की वजह ये है कि इस समय सरसों के तेल के दाम ऐतिहासिक ऊंचाई पर हैं. बाज़ार में एक लीटर तेल के दाम 175 रुपए तक पहुंच गए हैं, वहीं शुद्ध कच्ची घानी सरसों का तेल तो दो सौ रुपए किलो तक बिक रहा है.
ब्रेकिंग न्यूज़, इंडोनेशिया ने तेल तस्करी के आरोप में पकड़े गए ईरान के जहाज़ को चार महीने बाद छोड़ा
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इसी साल जनवरी में कच्चे तेल की तस्करी आरोप में पकड़े गए ईरान के जहाज़ को इंडोनेशिया ने छोड़ दिया है. ये जानकारी शनिवार को इंडोनेशियाई अधिकारियों और ईरान के सरकारी मीडिया ने दी है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार इंडोनेशियाई कोस्ट गार्ड के प्रवक्ता विष्णु परमंदिता ने कहा कि एमटी हौर्स नाम के इस जहाज़ को कोर्ट के एक फ़ैसले के बाद शुक्रवार को छोड़ दिया गया है.
उन्होंने बताया कि कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि इस जहाज़ को छोड़ा जा सकता है लेकिन इसके कप्तान को बिना किसी जुर्माने के दो साल के प्रोबेशन पर रखा जाएगा.
उधर, ईरानी सरकारी मीडिया ने भी कहा है कि जहाज़ अपना काम पूरा करने के लिए इंडोनेशिया से रवाना हो गया है और इसके बाद वो ईरान लौट आएगा.
इसी साल जनवरी 24 को इंडोनेशिया ने ये कहते हुए एमटी हौर्स को अपने कब्ज़े में ले लिया था कि ये जहाज़ इंडोनेशिया की समुद्री सीमा के भीतर से होकर तेल की तस्करी कर रहा है.
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ईरानी समाचार एजेंसी सना ने टैंकर कंपनी के हवाले से लिखा है कि "जहाज़ का सदस्य दल पूरे भरोसे के साथ अपने मिशन पर आगे बढ़ गया है. ये जहाज़ देश के हितों की रक्षा करेगा और तेल के निर्यात का काम पूरा करेगा."
ईरान पर अमेरिका ने कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं जिसके बाद अब उसके लिए तेल का निर्यात करना आसान नहीं रहा है.
ईरान पर पंबंदियों के बावजूद कई देशों को चोरी छिपे दूसरे देशों को तेल बेचने के आरोप लगते रहे हैं.
बीते साल इसने एमटी हौर्स के ज़रिए वेनेज़ुएला को 21 लाख बैरल तेल भेजा था. वेनेज़ुएला पर भी अमेरिका ने आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं.
Cover Story: मोदी सरकार ने 7 साल में कितने वादे पूरे किए?
वीडियो कैप्शन, Cover Story: मोदी सरकार ने 7 साल में कितने वादे पूरे किए?
इस महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार को सत्ता में आए सात साल हो गए. 2014 के आम चुनाव में उनके विकास और अच्छे दिन जैसे नारों ने आम वोटरों को काफी प्रभावित किया था.
लेकिन पिछले साल से कोरोना वायरस के फैलने के बाद आर्थिक चुनौतियों के बीच उन्हें आलोचना का सामना भी करना पड़ा है. हालांकि इस महामारी ने भारत समेत दुनियाभर की अर्थव्यवस्थाओं को तबाह किया है,
लेकिन आर्थिक विशेषज्ञ कहते हैं कि किसी भी सरकार की आर्थिक नीतियों की सफलता का पता लगाने के लिए सात साल एक लंबा वक़्त होता है. बीबीसी संवाददाता ज़ूबैर अहमद ने विशेष रिपोर्ट में ये पता लगाने की कोशिश की है कि इन सात सालों में प्रधानमंत्री ने विकास के वादे किस हद तक पूरे किए.
चीनी लैब लीक थ्योरी की दोबारा समीक्षा करेगा अमेरिका
वीडियो कैप्शन, चीनी लैब लीक थ्योरी की दोबारा समीक्षा करेगा अमेरिका
कोविड-19 दुनिया में कहां से आया, इसका पता लगाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने खुफिया जानकारी की दोबारा समीक्षा करने के आदेश दिए हैं.
जिसके बाद फिर से इस बात पर चर्चा होने लगी है कि क्या वाकई वायरस वुहान की लैब से लीक हुआ था.
विश्व स्वास्थ्य संगठन अब भी वायरस की उत्पत्ति की जांच कर रहा है लेकिन उसने लैब लीक थ्योरी से इनकार किया है.
इस बीच चीन ने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि वो महामारी पर राजनीतिक कर रहा है. देखिए जॉन सडवल्ड की ये रिपोर्ट.
कोरोना: एंटीबॉडी कॉकटेल दवा क्या है, क्या करती है?
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दिल्ली से सटे गुरुग्राम के मेदांता मेडीसिटी अस्पताल में 84 साल के बुज़ुर्ग को कोरोना संक्रमण के इलाज के दौरान 'एंटीबॉडी कॉकटेल' दवा दी गई और वो ठीक भी हो गए. उसके बाद से ही भारत में इस दवा के बारे में कई तरह के सवाल पूछे जा रहे.
भारत सरकार ने इस कोविड-19 के इलाज में इस दवा के इमरजेंसी इस्तेमाल को मंज़ूरी दी. फ़िलहाल मेदांता अस्पताल और देश भर के अपोलो अस्पताल में ये दवा कोविड-19 के इलाज के इस्तेमाल में लाई जा रही है.
लेकिन दवा कैसे काम करती है, कौन ले सकता है, मरीज़ को कहाँ से मिलेगी, इन तमाम सवालों के जवाब जानने के लिए बीबीसी ने बात की गुरुग्राम मेदांता मेडीसिटी के चेयरमैन डॉक्टर नरेश त्रेहन से.
कोरोना को लेकर भारत-अमेरिका में क्या बात हुई?
वीडियो कैप्शन, कोरोना को लेकर भारत-अमेरिका में क्या बात हुई?
अमेरिका दौरे पर गए भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी समकक्ष एंटनी ब्लिंकन से मुलाकात की.
इस दौरान विश्व के दो मजबूत राष्ट्रों के प्रतिनिधियों ने कई अहम मसले पर बातचीत की.
ब्लिंकन ने कहा कि भारत और अमेरिका के आपसी संबंध काफी मजबूत और महत्वपूर्ण हैं.
पाकिस्तान ख़ुद शीशे के घर में रहता है: इसराइल
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इसराइल ने पाकिस्तान को लेकर कड़ी टिप्पणी की है. ऐसे कम ही मौक़े आते हैं, जब इसराइल ने पाकिस्तान को लेकर खुलेआम इस तरह बोला हो.
हालांकि पाकिस्तान इसराइल को लेकर हमेशा हमलावर रहा है. गुरुवार को पाकिस्तान के एक आधिकारिक ट्विटर हैंडल फॉरन मिनिस्टर्स पब्लिक डिप्लोमैसी से एक ट्वीट किया गया था.
इस ट्वीट में लिखा गया था, ''आज संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में कब्जे में लिए गए फ़लस्तीनी इलाक़े और पूर्वी यरुशलम में मानवाधिकारों की भयावह स्थिति पर एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया है. इस बैठक को पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी संबोधित करेंगे और यूएनएचआरसी से क्या उम्मीद है, उसकी चर्चा करेंगे.''
पाकिस्तान के इसी ट्वीट के जवाब में इसराइली विदेश मंत्रालय के महाप्रबंधक अलोन उश्पिज़ ने पाकिस्तान पर तीखा तंज किया है.
उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है, ''मानवाधिकार 'चैंपियन' पाकिस्तान हक़ीक़त में शीशे के घर में रह रहा है. मध्य-पूर्व में इसराइल एकमात्र लोकतंत्र है, उसे पाकिस्तान यूएनएचआरसी में ज्ञान दे रहा है. ये पाखंड की सबसे अच्छी मिसाल है.''
कोरोना की दूसरी लहर में पहली बार दिल्ली में हज़ार से कम मामले रिपोर्ट हुएः अरविंद केजरीवाल
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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को ये दावा किया कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर के शुरू होने के बाद से दिल्ली में पहली बार संक्रमण के 1000 से भी कम मामले रिपोर्ट हुए हैं.
उन्होंने कहा, "दिल्ली में पिछले 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के लगभग 900 मामले रिपोर्ट हुए हैं. ये पहली बार (महामारी की दूसरी लहर के दौरान) कि दिल्ली में एक हज़ार से कम मामले रिपोर्ट हुए हैं."
इस बीच दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा है कि "दिल्ली में 92 लाख युवा हैं जिनके लिए हमें वैक्सीन की 1.84 करोड़ खुराक की जरूरत है. लेकिन केंद्र सरकार ने हमें सूचित किया कि दिल्ली को 10 जून से पहले वैक्सीन नही मिलेगी. जिसके कारण हमें युवाओं के सारे वैक्सीनेशन सेंटर्स मजबूरन बंद करने पड़े."
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गृह मंत्रालय ने पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफ़ग़ानिस्तान के अल्पसंख्यकों से नागरिकता के लिए आवेदन मांगा
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गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को गुजरात, राजस्थान, छत्तीसगढ़, हरियाणा और पंजाब के 13 ज़िलों में रह रहे अफ़ग़ानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश के प्रवासी अल्पसंख्यकों को भारत की नागरिकता के लिए आवेदन
करने को कहा है.
इन प्रवासियों को गृह मंत्रालय ने पंजाब, हरियाणा के गृह सचिवों को भारतीय नागरिकता देने का अधिकार
दिया है. इसके अलावा गुजरात, छत्तीसगढ़, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में डीएम को भी ये अधिकार दिया है.
शुक्रवार को जारी की गई अधिसूचना
नागरिकता क़ानून 1955 के सेक्शन 16 के तहत है, जो केंद्र सरकार को किसी अधिकारी या प्राधिकरण को किसी भी शक्ति (सेक्शन 10 और 18 के अलावा) सौंपने में सक्षम बनाती है.
नागरिकता अधिनियम, 1955 के सेक्शन 16 के तहत सरकार ने इन्हें नागरिकता देने का अधिकार दिया गया है. इसी अधिनियम के सेक्शन
पाँच के तहत केंद्र सरकार भारत की नागरिकता के लिए पंजीकरण का आदेश देती है.
इसके तहत
पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफ़ग़ानिस्तान
से आए सभी ग़ैर-मुस्लिम अल्पसंख्यकों को नागरिकता मिलेगी.
ब्रेकिंग न्यूज़, आईपीएल के बाकी मैच अब यूएई में खेले जाएंगे
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इंडियन प्रीमयर लीग के बाकी बचे हुए मैच अब संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में
कराए जाएंगे.
यह फ़ैसला बीसीसीआई की स्पेशल जनरल मीटिंग में लिया गया जिसमें सभी सदस्य बाकी मैचों के यूएई
में कराने पर सहमत हुए.
इससे पहले भारत में कोरोना महामारी संक्रमण को देखते हुए चार मई को आईपीएल को
अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया था.
इस दौरान कई टीमों के खिलाड़ियों के कोविड-19 की चपेट में आने की ख़बर भी आई
थी और विदेशी खिलाड़ी वापस लौट गए थे.
आईपीएल के पहले चरण में 29 मैच हुए थे और अभी 31 मैच होने बाकी हैं.
असम में एक और विधायक की कोरोना से मौत
दिलीप कुमार शर्मा
असम के जोरहाट से बीबीसी हिंदी के लिए
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असम में तामुलपुर विधानसभा के विधायक लेहराम बोडो की कोरोना से शनिवार को मौत हो गई है.
पहली बार विधायक चुने गए बोडो का पिछले कुछ दिनों से गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल में इलाज चल रहा था.
लेहराम बोडो यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल दल के विधायक थे जो प्रदेश की मौजूदा बीजेपी सरकार की सहयोगी है.
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने विधायक बोडो के असामयिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वे एक समर्पित राजनेता थे और उनका जाना राज्य के लिए एक बड़ी क्षति है.
राज्य में एक सप्ताह के भीतर कोरोना संक्रमण से किसी विधायक के गुजरने का यह दूसरा मामला है.
पिछले बुधवार को गोसाईंगांव विधानसभा के विधायक माजेंद्र नार्जरी की कोविड-19 के बाद की जटिलताओं के कारण मौत हो गई थी. वे बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट पार्टी से गोसाईंगांव सीट पर लगातार चार बार विधायक चुने गए थे.
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असम में कोरोना संक्रमण से उत्पन्न हुए हालात को देखते सरकार ने 18 घंटे के कर्फ्यू वाली पाबंदी को 5 जून तक बढ़ा दिया है. इसके साथ ही एक जिले से दूसरे जिले की यात्रा पर भी फिलहाल रोक है.
राज्य के भीतर पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस संक्रमण के 5,436 मामले दर्ज किए गए है जबकि बीते 24 घंटे में 80 लोगों की मौत हुई है.
राज्य सरकार के लिए सबसे चिंता की बात यह है कि कोरोना से रोजाना मरने वाले लोगों की संख्या में कोई कमी नहीं आई है. पिछले केवल 8 दिन के भीतर असम 661 लोगों की कोरोना से मौत हुई है.
ऐसे में कोरोना की वैक्सीन को लेकर भी सरकार पर सवाल उठ रहें है. असम में 18 से 44 साल के उम्र वाले लोगों की संख्या 1 करोड़ 10 लाख के क़रीब बताई गई है लेकिन सरकार के पास पर्याप्त वैक्सीन नहीं होने के कारण लोगों में चिंता है.
असम सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार 28 मई की देर शाम तक स्वास्थ्य विभाग के पास 45 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के लिए 2,60,450 वैक्सीन मौजूद थी जबकि 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों के लिए महज 54,830 वैक्सीन ही उपलब्ध थी.
ब्रेकिंग न्यूज़, कोरोना: यूरोपीय संघ ने 12-15 साल के बच्चों के लिए फ़ाइज़र वैक्सीन को दी मंज़ूरी
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यूरोपीय संघ (ईयू) की मेडिकल एजेंसी ने 12-15 साल के बच्चों के लिए फ़ाइज़र-बायोएनटेक
की वैक्सीन को मंज़ूरी दे दी है.
कोविड-19 के लिए इस आयु वर्ग में मंज़ूरी पाने वाली यह पहली वैक्सीन है.
अब ईयू के सदस्य देशों को यह तय करना होगा कि वो अपने यहाँ बच्चों को वैक्सीन
लगाना चाहते हैं या नहीं.
जर्मनी ने बच्चों और किशोंरो के लिए वैक्सीन को हरी झंडी
दे दी है. अमेरिका और कनाडा पहले ही किशोरों के लिए फ़ाइज़र वैक्सीन को मंज़ूरी दे
चुके हैं.
यूरोपीय संघ की यह घोषणा शुक्रवार को ऐसे समय में आई है जब विश्व स्वास्थ्य
संगठन ने यूरोप से वैक्सीन लगाने की गति में तेज़ी लाने को कहा है.
डब्लूएचओ के निदेशक (यूरोप) हांस क्लूगी ने चेताया है कि जब तक यूरोप अपनी 70% आबादी को वैक्सीन नहीं लगा लेता,
महामारी ख़त्म नहीं होगी.
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'बच्चों में साइड इफ़ेक्ट को लेकर चिंता की बात नहीं'
ईयू मेडिसिन एजेंसी में
वैक्सीन रणनीति के प्रमुख मैक्रो कवालेरी ने बताया कि 12-15 साल आयु वर्ग के
बच्चों को कम से कम तीन हफ़्तों के अंतराल पर वैक्सीन की दो डोज़ दी जानी चाहिए.
उन्होंने कहा कि फ़ाइज़र
की वैक्सीन बच्चों में कोविड-19 रोकने में ‘काफ़ी प्रभावी’ साबित हुई है.
कवालेरी ने कहा, “सुरक्षा की दृष्टि से भी यह
वैक्सीन बच्चों के लिए काफ़ी हद तक उपयुक्त है. बच्चों में भी इसके साइड इफ़ेक्ट्स
वैसे ही हैं जैसे वयस्कों में और इसे लेकर अब तक कोई गंभीर चिंता वाली बात सामने
नहीं आई है.”
यूरोपीय संघ ने 16 साल के
ज़्यादा उम्र वालों के लिए फ़ाइज़र की वैक्सीन को पहले ही मंज़ूरी दे दी थी.
तुर्की: अर्दोआन ने किया विवादित मस्जिद का उद्घाटन, जुटी हज़ारों की भीड़
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तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप अर्दोआन के इस्तांबुल में एक विवादित मस्जिद का उद्घाटन कर दिया है.
यह मस्जिद इस्तांबुल के मशहूर तक्सिम चौक पर है इसलिए इसे तक्सिम मस्जिद के नाम से जाना जाता है.
इसी मस्जिद के निर्माण की योजना को लेकर साल 2013 में तुर्की में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे.
शुक्रवार को इसके उद्घाटन में हज़ारों लोग शामिल हुए. मस्जिद में भीड़ होने के कारण कई लोगों को चौक पर ही नमाज़ पढ़नी पड़ी.
यह मस्जिद इस्तांबुल में उस सार्वजनिक जगह के बगल में है जिसे धर्मनिरपेक्ष तुर्की का प्रतीक माना जाता है.
तक्सिम मस्जिद इतनी विशाल है कि इसके सामने सार्वजनिक इमारत और तुर्की के संस्थापक मुस्तफ़ा कमाल अतातुर्क की मूर्ति छोटी नज़र आती हैं.
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अर्दोआन ने मस्जिद को विरोधियों की हार बताया
शुक्रवार की नमाज़ के बाद अर्दोआन ने कहा, “तक्सिम मस्जिद अब इस्तांबुल के अन्य प्रमुख प्रतीकों में शामिल हो गई है और ये आख़िर तक रहेगी. इंशाअल्लाह.”
उन्होंने उद्घाटन के मौके पर जुटी भीड़ से कहा कि इस मस्जिद का बनना उस तबके के ख़िलाफ़ जीत है, जिसने तक्सिम चौक पर किसी तरह के धार्मिक प्रतीक के निर्माण का विरोध किया था.
अर्दोआन ने कहा, “अब इस पहल को कुछ भी नहीं रोक सकता.”
अर्दोआन ने 1990 में पहली बार तक्सिम चौक पर मस्जिद बनाए जाने की इच्छा तब ज़ाहिर की थी जब वो इस्तांबुल के मेयर थे.
उद्घाटन के बाद उन्होंने लोगों से कहा, “चौक पर नमाज़ के लिए कोई कमरा तक नहीं था और लोगों को ज़मीन पर अख़बार बिछाकर नमाज़ पढ़नी पड़ती थी.”
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क्यों हुआ था मस्जिद बनाने का विरोध?
इस मौक़े पर मौजूद नमाज़ियों ने नई मस्जिद की तारीफ़ की.
इसमें पारंपरिक ऑटोमन झलक के साथ-साथ आधुनिक डिज़ाइन भी देखने को मिलती है. मस्जिद में लगभग एक साथ 4,000 लोग नमाज़ पढ़ सकते हैं.
स्थानीय निवासी अबुज़र ने समाचार एजेंसी एएफ़पी से कहा, “इस्तांबुल में लोग बहुत ज़्यादा हैं लेकिन पर्याप्त मस्जिद नहीं हैं. जिनकी वजह से यह संभव हो पाया, अल्लाह उनका भला करे.”
तुर्की एक मुस्लिम बहुल देश है लेकिन धर्मनिरपेक्षता इसका बुनियादी सिद्धांत रहा है.
आलोचकों का आरोप है कि अर्दोआन देश की धर्मनिरपेक्ष जड़ों को हिलाने की कोशिश कर रहे हैं.
यही वजह है कि साल 2013 में तक्सिम चौक पर मस्जिद बनाने को लेकर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे.
यह प्रदर्शन बाद में सरकारी नीतियों के ख़िलाफ़ और अर्दोआन के 'तानाशाही रवैये' के विरोध में व्यापक स्तर पर फैल गया था.
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ब्रेकिंग न्यूज़, वियतनाम में मिला कोरोना वायरस का नया वैरिएंट, हवा के ज़रिए तेज़ी से फैलता है
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ब्रिटेन, ब्राज़ील, दक्षिण अफ़्रीका और भारत के बाद अब वियतनाम में भी कोरोना
वायरस के एक नए वैरिएंट की पहचान की ख़बर है.
वियतनाम के स्वास्थ्य मंत्री विएन टान लॉन्ग ने शनिवार को बताया कि उनके देश
में कोरोना वायरस का एक नया वैरिएंट पाया गया है.
यह नया वैरिएंट भारत और ब्रटेन में पाए गए वैरिएंट का मिला-जुला रूप है और हवा
के ज़रिए पहले के वैरिएंट्स के मुक़ाबले कहीं ज़्यादा तेज़ी से फैलता है.
वियतनाम उन चंद देशों में से एक है जो पिछले साल कोरोना वायरस को फैलने से रोकने
में कामयाब रहा था लेकिन अब यहाँ कोरोना महामारी तेज़ी से फैल रही है और इसे काबू में
करने में सरकार को काफ़ी मेहनत करनी पड़ रही है.
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नए वैरिएंट के बारे में सबको बताएगा वियतनाम
अप्रैल के आख़िरी सप्ताह में यहाँ के 63 में से 31 शहरों में संक्रमण के 3600 मामले
दर्ज किए गए थे, जो देश में दर्ज किए गए कुल मामलों का 50% है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार वियतनामी स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, "हमने
हाल में संक्रमित हुए कुछ पीड़ितों से कोरोना वायरस के नमूने लेकर जीनोम सीक्वेन्सिंग
की थी. इस दौरान हमें एक नए तरह का वायरस वेरिएंट मिला है जो भारत में पाए गए वैरिएंट
और ब्रटेन में पाए गए वैरिएंट का मिला-जुला रूप है."
उन्होंने कहा "विस्तार में कहूँ तो यहाँ मिला वैरिएंट भारत में पाए गए वैरिएंट
की तरह है लेकिन इसमें जो म्यूटेशन देखे गए हैं वो ब्रिटेन में पहले मिले वायरस में
देखे गए थे."
उन्होंने कहा कि वियतनाम इस नए वैरिएंट के बारे में जल्दी ही सबको विस्तार से
जानकारी देगा.
इससे पहले वियतनाम में कोरोना वायरस के कम से कम सात वैरिएंट पाए जा चुके हैं-
B.1.222, B.1.619, D614G, B.1.1.7 (ब्रिटेन में मिला वैरिएंट), B.1.351, A.23.1और B.1.617.2 (भारत में मिला वैरिएंट).
सोशल मीडिया पर प्राइवेसी को लेकर सरकार प्रतिबद्ध, क़ानून का पालन करें कंपनियां - रविशंकर प्रसाद
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प्राइवेसी और
सोशल मीडिया की नई गाइंडलाइंस को लेकर भारत सरकार और सोशल मीडिया कंपनियों ने बीच
चल रहे टकराव पर इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिक मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा
कि सरकार सोशल मीडिया पर नागरिकों की प्राइवेसी (निजता) को लेकर प्रतिबद्ध हैं.
अंग्रेज़ी अख़बार
द इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए उन्होंने कहा कि भारत में बिज़नेस करने के लिए कंपनियों का स्वागत है लेकिन उन्हें “क़ानून और संविधान का पालन करना पड़ेगा.”
प्रसाद ने
कहा, “क्या वो भारत के संविधान का पालन नहीं कर, अपने नियम बनाकर अभिव्यक्ति
की स्वतंत्रता का पालन कर रहे हैं?”
“क्या वो ये तय करेंगे कि कौन सी सामग्री दिखाई जाए और कौन सी नहीं, कौन सा अकाउंट बंद किया जाएगा और कौन सा नहीं?”
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ट्विटर के दफ़्तर पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई लेकर उठे विवाद पर रविशंकर ने कहा, “दिल्ली पुलिस ने इस पर पहले ही सफ़ाई दे दी है. जांच में सहयोग करना सभी का कर्तव्य है. अगर आप एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म हैं तो आपको भारत के क़ानून का पालन करना पड़ेगा.”
प्रसाद ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने के सरकार के ट्रैक रिकॉर्ड के बारे में इन कंपनियों को पता है. उन्होंने कहा, “लेकिन यदि आपके पास अन्य बड़े देशों की तुलना में भारत के लिए दोहरे मानदंड है, तो यह स्पष्ट रूप से स्वीकार्य नहीं है. मुद्दा भारत की डिजिटल संप्रभुता का है.”
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सरकार के नए नियमों के मुताबिक़ सभी सोशल मीडिया कंपनियों को एक चीफ कंप्लायंस ऑफ़िसर नियुक्त करने का आदेश दिया गया था. कई कंपनियां ये नहीं कर पाईं हैं.
रविशंकर ने इस पर कहा, “क्या भारत में एक अफ़सर नियुक्त करना जिसका नाम हर जगह मौजूद हो, इतना मुश्किल है? क्या एक नोडल या कंप्लायंस अफ़सर के चयन के लिए यूपीएससी से सेलेक्शन करना होता है?”
नए नियमों के मुताबिक़ बदलाव करने के लिए कंपनियों को 3 महीने का वक्त दिया गया था.
रविशंकर के मुताबिक़ कंपनियों ने 6 महीने का समय और मांगा है. रविशंकर ने इसे बेबुनियाद बताया है. उन्होंने कहा, “इस अनुरोध का कोई आधार नहीं है. हम निष्पक्ष थे., हमने उन्हें 3 महीने का समय दिया. क्या यह उनके लिए काफी नहीं है?”
वीडियो: इसराइल-फ़लस्तीनी विवाद पर किसके साथ है भारत?
संयुक्त राष्ट्र की शीर्ष मानवाधिकार संस्था ग़ज़ा में इसराइल और चरमपंथी संगठन हमास के बीच 11 दिनों तक चले हिंसक संघर्ष की जाँच 'युद्ध अपराध' के तौर पर करेगी.
यूएनएचआरसी यानी संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में यह प्रस्ताव 24-9 वोट से पास हुआ.
14 देश मतदान से बाहर रहे. मतदान न करने वालों में भारत भी शामिल है.
इसराइल-फ़लस्तीनी विवाद पर किसके साथ है भारत? देखिए, यह वीडियो रिपोर्ट.
वीडियो कैप्शन, इसराइल-फलस्तीनियों की जंग पर संयुक्त राष्ट्र करेगा जांच, भारत किसके साथ?
पांच राज्यों में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों से भारतीय नागरिकता के लिए सरकार ने मांगे आवेदन
गृह मंत्रालय ने गुजरात, छत्तीसगढ़, राजस्थान, हरियाणा, और पंजाब के कुल 13 जिलों में रहने वाले लोगों से भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन करने के लिए नोटिस जारी किया है.
मंत्रालय का कहना है कि अफ़गानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदाय से संबंध रखने वाले हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन कर सकते हैं.
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ब्रेकिंग न्यूज़, बीते 24 घंटों में देश में कोरोना के 1.73 लाख नए मामले
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि बीते चौबीस घंटों में देश में कोरोना संक्रमण के 1.73 लाख नए मामले दर्ज किए गए हैं.
मंत्रालय ने कहा है कि बीते 24 घंटों में देश में एक्टिव मामलों की संख्या में 1,14,428 कमी आई है और ये आंकड़ा अब 22,28,724 हो गया है.
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चीन को चुनौती देने के लिए एकजुट होना ज़रूरी: ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री
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इमेज कैप्शन, ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री केविन रड
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व
प्रधानमंत्री केविन रड ने बीबीसी के एक कार्यक्रम में कहा कि पश्चिमी देशों की सरकारों
को मानवाधिकार जैसे मुद्दों पर चीन को चुनौती देने से डरना नहीं चाहिए.
हालाँकि उन्होंने
यह भी कहा कि पश्चिमी देशों के लिए चीन को अकेले चुनौती देना ख़तरनाक साबित हो सकता
है इसलिए उन्हें एकजुट होकर चीन का सामना करना चाहिए.
रड ने कहा,
“बाक़ी देशों को या तो चीन
के बढ़ते आर्थिक, राजनीतिक और भौगोलिक
दबदबे को लेकर सतर्क रहना चाहिए या फिर चीन की ओर से अलग-थलग किए जाने और सज़ा पाने
का ख़तरा मोल लेने के लिए तैयार रहना चाहिए.”
दुनिया भर के देश
चीन के प्रभुत्व के कारण भौगोलिक और राजनीतिक व्यवस्था में बदलाव का सामना कर रहे हैं.
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पूर्व ऑस्ट्रेलियाई
प्रधानमंत्री ने बीबीसी के ‘टॉकिंग बिज़नस एशिया
प्रोग्राम’ में कहा,
“अगर आपकी चीन से असहमति है (जो कि इस समय दुनिया
के कई देशों को है) तो बेहतर होगा आप मिलकर उसके ख़िलाफ़ सामने आएं. यह चीन का अकेले
सामना करने से बेहतर है क्योंकि चीन के लिए द्विपक्षीय मामलों में हावी होना आसान हो
जाता है.”
केविन रड ने ये बातें
ऐसे समय में कहीं हैं जब चीन और ऑस्ट्रेलिया के रिश्ते पिछले कुछ वर्षों से तनावपूर्ण हुए हैं. दोनों देशों के बीच न सिर्फ़ आर्थिक बल्कि कूटनीतिक स्तर पर भी
कड़वाहट है.
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इसके बाद ऑस्ट्रेलिया
ने जब कोरोना वायरस की उत्पत्ति का पता लगाने के लिए जाँच की बात की तो दोनों देशों
में बीच इस मुद्दे पर भी तनाव पैदा हो गया.
चीन ने ऑस्ट्रेलिया से आयात होने वाले उत्पादों जैसे वाइन, बीफ़, झींगा मछली और जौ
पर पाबंदी लगाकर इसका जवाब दिया.
इतना ही नहीं,
चीन ने कैनबरा में दोनों देशों के बीच होने वाली
प्रमुख आर्थिक वार्ता भी रद्द कर दी जिससे साफ़ पता चलता है कि इस तनाव को कम करने
के लिए कोई उच्चस्तरीय बातचीत नहीं चल रही है.
संयुक्त राष्ट्र आम सभा के अध्यक्ष की कश्मीर पर टिप्पणी से भारत नाराज़
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इमेज कैप्शन, संयुक्त राष्ट्र की 75वीं आम सभा के अध्यक्ष वोल्कान बोज़्किर
भारत ने शुक्रवार
को संयुक्त राष्ट्र की 75वीं आम सभा के अध्यक्ष
वोल्कान बोज़्किर के कश्मीर पर दिए बयान की कड़ी आलोचना की है.
भारत ने विरोध दर्ज
कराते हुए वोल्कान के बयान को 'अनुचित' और 'खेदपूर्ण' बताया है.
गुरुवार
को पाकिस्तान दौरे पर गए वोल्कान ने कहा था कि पाकिस्तान को कश्मीर का मुद्दा और ज़ोर-शोर
से उठाना चाहिए और सभी पक्षों को इस मामले क़दम उठाना चाहिए ताकि जम्मू-कश्मीर की जो
स्थिति बदली गई है, उसे रोका जा सके.
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वोल्कान तुर्की के
पूर्व राजनयिक हैं और उन्हें यूएन आम सभा की कमान पिछले साल सितंबर में मिली थी. गुरुवार
को उन्होंने कश्मीर पर यह टिप्पणी इस्लामाबाद में पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद
क़ुरैशी के साथ एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान की थी.
वोल्कान पहले तुर्की हैं, जिन्हें आम सभा का अध्यक्ष
बनाया गया है. अपने पाकिस्तान दौरे में उन्होंने प्रधानमंत्री इमरान ख़ान से भी मुलाक़ात
की.
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इमेज कैप्शन, पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी
वोल्कान बोज़्किर
के बयान पर भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, "भारतीय केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर को लेकर
वोल्कान बोज़्किर ने अपने पाकिस्तान दौरे में जो टिप्पणी की है, उस पर भारत कड़ा विरोध दर्ज कराता है."
उन्होंने कहा, "वोल्कान का
यह कहना कि पाकिस्तान का फ़र्ज़ है कि वो संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर का मुद्दा और
ज़ोर-शोर से उठाए, यह भारत को अस्वीकार्य
है. जम्मू-कश्मीर की तुलना किसी और वैश्विक स्थिति से करने का कोई आधार नहीं है."
बागची ने कहा, "जब यूएन आम सभा का मौजूदा अध्यक्ष इस तरह की पूर्वाग्रह
पूर्ण टिप्पणी करेगा तो यह इस संस्था के लिए नुक़सानदायक साबित होगा. यह बहुत ही खेदजनक
बयान है."
इस्लामाबाद में प्रेस कॉन्फ़्रेंस
के दौरान बोज़्किर और क़ुरैशी ने फ़लस्तीनियों और कश्मीर के मुद्दे की तुलना की थी.