एंटीगा एंड बारबूडा के प्रधानमंत्री गैस्टन ब्राउन ने कहा है कि डोमिनिका में पकड़े गए भारतीय
हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी को वापस भारत भेज दिया जाएगा.
गैस्टन ब्राउन ने कहा
कि उन्होंने डोमिनिका से कह दिया है मेहुल को एंटीगा एंड बारबूडा न भेजकर सीधे
भारत को सौंप दिया जाए.
13,500 करोड़ रुपये के पीएनबी घोटाले में अभियुक्त मेहुल रविवार को एंटीगा एंड बारबुडा से लापता
हो गए थे, जिसके बाद वहां की पुलिस उन्हें
तलाश रही थी.
ब्राउन ने कहा
कि हो सकता है मेहुल, नाव की मदद से अवैध तरीक़े से डोमिनिका गए हों.
समाचार एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में प्रधानमंत्री गैस्टन ब्राउन ने कहा, "हमारा देश मेहुल चोकसी को स्वीकार नहीं करेगा. उन्होंने इस द्वीप से जा कर बड़ी ग़लती की है. डोमिनिका की सरकार और अधिकारी हमारे साथ सहयोग कर रहे हैं और हमने भारत सरकार को भी सूचित कर दिया है कि उन्हें भारत को सौंप दिया जाएगा."
'संपर्क में हैं भारत और डोमिनिका के अधिकारी'
मेहुल चोकसी
ने जनवरी 2018 के पहले हफ़्ते
में भारत से भागने से पहले 2017 में ही कैरेबियाई देश एंटीगा एंड बारबूडा की नागरिकता ले ली थी. इस देश में इन्वेस्टमेंट प्रोग्राम के तहत
नागरिकता ली जा सकती है.
ब्राउन ने कहा, “डोमिनिका चोकसी को वापस भेजने को तैयार है मगर हम उन्हें स्वीकार नहीं
करेंगे. मैंने डोमिनिका के प्रधानमंत्री और प्रशासन से अपील की है कि उन्हें हमारे
यहां न भेजें क्योंकि यहां बतौर नागरिक उन्हें क़ानूनी और संवैधानिक सुरक्षा हासिल
है.”
उन्होंने कहा, “हमने गुज़ारिश की है कि उन्हें
हिरासत में लेकर भारत को सौंपने का इंतज़ाम किया जाए. मुझे नहीं लगता कि उन्होंने
डोमिनिका की नागरिकता ली है. इसलिए डोमिनिका को उनके प्रत्यर्पण में कोई दिक्कत
नहीं होगी.”
समाचार एजेंसी
एएनआई के मुताबिक़, इससे पहले बुधवार रात को चोकसी के वकील ने पुष्टि की थी कि वह
डोमिनिका में मिले हैं.