नेतन्याहू ने कहा, किसी क़ीमत पर ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे
इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने कहा है कि वो किसी भी क़ीमत पर ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे.
लाइव कवरेज
फ़ाइज़र और मॉडर्ना सिर्फ़ केंद्र को बेचेंगी वैक्सीन: केजरीवाल
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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा
है कि कोविड-19 की वैक्सीन बनाने वाली दो अहम कंपनियां राज्यों को सीधे
वैक्सीन नहीं बेचेंगी, सिर्फ़ केंद्र सरकार से सौदा करेंगी.
केजरीवाल ने कहा, “हमने वैक्सीन के लिए फ़ाइज़र और मॉडर्ना से बात की और दोनों ही कंपनियों
ने हमें सीधे वैक्सीन बेचने से इनकार कर दिया. उनका कहना है कि वे इस मामले में
सिर्फ़ भारत सरकार से बात करेंगी.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, केजरीवाल ने कहा,
“केंद्र सरकार से अपील है कि वह वैक्सीन आयात करे और राज्यों को बांटे.”
इससे पहले पंजाब सरकार ने भी कहा था कि अमरीकी कंपनी मॉडर्ना ने सीधे राज्यों को वैक्सीन बेचने से इनकार कर दिया है.
कमलनाथ के बयानों को लेकर आक्रामक हुए शिवराज सिंह चौहान
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मध्य
प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस
के प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ पर निशाना साधा है.
शिवराज
ने कमलनाथ पर अराजकता फैलाने का आरोप लगाया है और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर भी
सवाल उठाया है.
इससे
पहले रविवार को मध्य प्रदेश पुलिस ने कोरोना के B.1.617 वेरिएंट को ‘भारतीय वेरिएंट’
कहने को कमलनाथ
के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की थी.
ग़लत सूचनाएं फैलाने के आरोप में उनके ऊपर डिज़ास्टर मैनेजमेंट एक्ट
और धारा 188
के तहत मामला दर्ज किया गया है.
यह कार्रवाई बीजेपी की ओर से दर्ज शिकायत पर की गई है.
आक्रामक
हुई बीजेपी
सोमवार
को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कमलनाथ के ‘इंडिया
कोरोना’ और कथित ‘आग लगा दो’ वाले बयान को लेकर सवाल उठाए.
कमलनाथ
पर अराजकता फैलाने का आरोप लगाते हुए शिवराज ने कहा, “एक
तरफ सरकार जनता के सहयोग से कोविड संक्रमण को नियंत्रित करने की कोशिश में लगी है, वहीं
कांग्रेस आग लगाने की तैयारी में लगी है। कमलनाथ जी जवाब दें, इस
समय जब साथ मिलकर लड़ने का है, आप मौत का उत्सव मना रहे हैं. आप प्रदेश में अराजकता
फैला रहे हैं.”
दरअसल, गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कमलनाथ ने कहा था कि ‘सबसे पहले भारत में पाए गए B.1.617 स्ट्रेन को दुनिया ‘भारतीय वेरिएंट’ के तौर पर जानती है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, कमलनाथ
ने कहा था, “दुनिया में भारत
कोरोना के समानार्थक हो गए हैं और ‘मेरा भारत’ अब ‘मेरा भारत कोविड
में’ बदल गया है.”
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आगज़नी के लिए उकसाने का आरोप
इससे पहले बीजेपी ने यह आरोप भी लगाया था कि कमलनाथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को ‘आगज़नी’ करने के लिए उकसा रहे हैं.
बीजेपी ने एक वर्चुअल मीटिंग का 20 सेकंड का एक वीडियो जारी करते हुए आरोप लगाया था कि इस वर्चुअल मीटिंग में कमलनाथ ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को कहा कि ‘यह सही मौका है’ और किसानों को न्याय दिलाने के लिए ‘आग लगा दो.’
अब इसी बात को लेकर शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी सवाल किया है.
उन्होंने कहा, “क्या मैडम सोनिया गांधी कमलनाथ जी के 'इंडियन कोरोना' वाले बयान से सहमत हैं? आग लगाने का विचार कमलनाथ जी का विचार है या आपकी तरफ से निर्देश दिए गए हैं? अगर कमलनाथ जी अपने मन से यह कह रहे हैं तो आप धृतराष्ट्र बन कर तमाशा क्यों देख रही हैं?”
भारत में ब्लैक फंगस पर स्वास्थ्य मंत्री ने दी ये जानकारियाँ
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर
हर्षवर्धन ने बताया है कि भारत में अब तक ब्लैक फंगस संक्रमण (म्यूकर माइकोसिस) के
कुल 5,424 मामले सामने आए हैं.
ये मामले 18 राज्यों और केंद्र
शासित प्रदेशों में दर्ज किए गए हैं.
स्वास्थ्य मंत्री ने ये जानकारियाँ
सोमवार को मंत्रियों के समूह की एक वर्चुअल बैठक में दीं. उन्होंने बताया कि ब्लैक
फंगस के 5,424 मालमों में 4,556 मरीज़ कोरोना
संक्रमण से पीड़ित रह चुके थे.
इतना ही नहीं, ब्लैक फंगस के 55 फ़ीसदी मरीजों को डायबिटीज
भी थी.
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इससे पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 1897 के तहत अधिसूच्य बीमारी बनाकर सभी मामलों की सूचना देने का आग्रह किया था.
मंत्रालय के अनुसार, इस संक्रमण से कोविड-19 के रोगियों में मौतों की संख्या बढ़ी है.
इस बीमारी में मृत्यु दर क़रीब 50 फ़ीसदी है. वहीं, कई ऐसे मरीज़ हैं जिनकी आँख निकालने के बाद ही उनकी ज़िंदगी बचाई जा सकी.
ब्लैक फंगस और इसके ख़तरों पर बीबीसी संवाददाता सौतिब बिस्वास की रिपोर्ट पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें.
ब्रेकिंग न्यूज़, भारत में कोरोना से मौतों का आँकड़ा तीन लाख के पार
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भारत में कोविड के कारण होने वाली मौतों का आधिकारिक आँकड़ा तीन लाख को पार गया है.
पिछले 24 घंटों में देश में कोविड-19 के कारण 4,454 मौतें दर्ज की गईं और 2,22,315 नए मामले दर्ज किए गए.
इसके साथ ही भारत में कोविड के कारण हुई मौतो का आँकड़ा बढ़कर 3,03,720 हो गया है.
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भारत में अब तक कोरोना के 2 करोड़ 67 लाख 50 हज़ार मामले दर्ज किए जा चुके हैं.
देश में कोरोना के अभी कुल 27,20,716 एक्टिव मामले हैं. यानी अभी 27 लाख से ज़्यादा लोग पॉज़िटिव हैं.
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार कोविड-19 से देश में अब तक कुल 3,03,720लोगों की जान गई है और 2,37,28,011 लोग इलाज के बाद ठीक हुए हैं.
देश में अब तक कुल 19,60,51,962 लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगाई जा चुकी है.
वैक्सीन ख़रीदने के मामले में भारत ने देर कर दी: डॉक्टर कांग
भारत की शीर्ष वायरॉलजिस्ट डॉक्टर गगनदीन कांग ने कहा
है कि वैक्सीन ख़रीदने के मामले में भारत ने देर कर दी है.
उनके मुताबिक़, भारत ने
बाक़ी देशों की तरह बड़े पैमाने पर वैक्सीन ख़रीदने की प्रक्रिया में देर कर दी और
अब संभव है कि अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में उसके पास बहुत कम विकल्प होंगे.
डॉक्टर कांग का बयान ऐसे समय आया है जब भारत के कई राज्य वैक्सीन की कमी से जूझ रहे हैं. कोरोना संक्रमण की तीसरी वेव टालने के लिए दिल्ली, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश जैसे राज्य कोरोना वैक्सीन ख़रीदने के लिए ग्लोबल टेंडर जारी करने की तैयारी में है.
मेडिकल ऑक्सीजन सुप्रीम कोर्ट की ओर से बनाई गई कमेटी की सदस्य डॉक्टर कांग ने एनडीटीवी से कहा, “क्या हमने इस मामले में देर नहीं कर दी?”
उन्होंने कहा, “पूरी दुनिया एक साल से वैक्सीन ख़रीद रही थी. अब जब हम वैक्सीन ख़रीदने जाएंगे तो मार्केट में वैक्सीन की कितनी सप्लाई मौजूद होगी?”
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वीडियो: कोरोना के बाद अब ब्लैक फंगस को क्यों माना जा रहा है महामारी?
हाल के समय में कई राज्यों से कोविड रोगियों में फ़ंगस संक्रमण 'म्यूकर माइकोसिस' के रूप में एक नई चुनौती सामने आई है.
यह बीमारी ख़ासकर ऐसे कोविड रोगियों में देखने को मिल रही है जिन्हें उपचार के दौरान स्टेरॉइड्स दिये गए और जिनका शुगर लेवल अनियंत्रित रहा.
इस संक्रमण से कोविड-19 के रोगियों में मौतों की संख्या बढ़ी है. देखिए, यह वीडियो रिपोर्ट.
वीडियो कैप्शन, ब्लैक फंगस को क्यों माना जा रहा है महामारी?
कोरोना: ख़ुफ़िया रिपोर्ट का दावा, महामारी फैलने से पहले वुहान लैब का स्टाफ़ पड़ा था बीमार
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एक अमेरिकी ख़ुफ़िया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दुनिया में कोरोना
महामारी फैलने से करीब एक महीने पहले वुहान लैब के तीन शोधकर्ता बीमार पड़ गए थे.
अमेरिकी अख़बार वॉल स्ट्रीट जर्नल की ख़बर के मुताबिक़ वुहान इंस्टिट्यूट
ऑफ़ वायरॉलजी के तीन शोधकर्ता नवंबर 2019 में बीमार पड़े थे और उन्होंने अस्पताल
की मदद माँगी थी.
इस ख़ुफ़िया रिपोर्ट में वुहान लैब के बीमार शोधकर्ताओं की संख्या, उनके बीमार
पड़ने के समय और अस्पताल जाने से जुड़ी विस्तृत जानकारियाँ हैं.
उम्मीद जताई जा
रही है कि ख़ुफ़िया रिपोर्ट की जानकारियाँ उस दावे की जाँच करने पर बल देंगी
जिनमें वुहान लैब से कोरोना वायरस फैलने की आशंका जताई गई है.
यह रिपोर्ट विश्व स्वास्थ्य संगठन की उस बैठक से एक दिन पहले आई जिसमें
डब्ल्यूएचओ के कोरोना वायरस के उद्गम के बारे में अगले चरण की जाँच पर चर्चा का
अनुमान है.
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'जाँच को लेकर गंभीर है बाइडन प्रशासन'
अमेरिकी सिक्योरिटी काउंसिल की प्रवक्ता ने वॉल स्ट्रीट जर्नल की इस ख़बर पर
कोई टिप्पणी नहीं की लेकिन उन्होंने कहा कि बाइडन प्रशासन ‘कोरोना वायरस के उद्गम की
जाँच को लेकर गंभीर है.’
इससे पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक टीम महामारी से जुड़े तथ्यों का पता
लगाने के लिए वुहान गई थी.
हालाँकि फिर डब्ल्यूएचओ ने कहा था कि यह साबित करने के
लिए पर्याप्त तथ्य नहीं है कि कोरोना वायरस वुहान की लैब से दुनिया भर में फैला.
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कोरोना वायरस को ‘चीनी वायरस’ और ‘वुहान वायरस’ कहा करते थे और चीन ने इस पर कड़ी आपत्ति ज़ाहिर की थी.
चीन पर जाँच में विश्व
स्वास्थ्य संगठन की टीम को पूरा सहयोग न देने और वुहान लैब से जुड़ी जानकारियाँ
छिपाने के आरोप भी लगते रहे हैं.
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