कोरोना के कारण इलेक्शन ड्यूटी पर मरने वाले शिक्षकों के लिए गाइडलाइंस बदले निर्वाचन आयोगः योगी सरकार
उत्तर प्रदेश सरकार ने गुरुवार को ये सुझाव दिया है कि पंचायत चुनाव के दौरान ड्यूटी पर लगाए गए वैसे शिक्षक और शिक्षा मित्र जिनकी मौत कोरोना के कारण हो गई है, उन्हें मुआवजे में शामिल करने करने के लिए निर्वाचन आयोग को अपनी गाइडलाइंस में बदलाव करना चाहिए.
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से ये सुझाव ऐसे समय में जब राज्य के शिक्षक यूनियन ये दावा कर रहे हैं कि पंचायत चुनाव में ड्यूटी पर लगाए जाने के कारण 1621 शिक्षकों और अन्य विभागीय कर्मचारियों की कोरोना से मौत हो गई है और इन्हें मुआवजा दिया जाए.
कर्मचारी यूनियन इन शिक्षकों और अन्य विभागीय कर्मचारियों के प्रत्येक परिवार के लिए मुआवजे में एक करोड़ रुपये और साथ में उनके आश्रितों के लिए सरकारी नौकरी की मांग कर रहे हैं.
हालांकि उत्तर प्रदेश के शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी ने मंगलवार को इन दावों को खारिज कर दिया था और कहा था कि मौजूदा नियमों के अनुसार केवल तीन शिक्षकों की मौत इलेक्शन ड्यूटी के दौरान हुई है.
वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय मीटिंग के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सामान्य तौर पर सरकार निर्वाचन आयोग के दिशानिर्देशों के अनुसार ही इलेक्शन ड्यूटी पर होने वाली मौत के मामलों पर कार्रवाई करती है लेकिन ये गाइडलाइंस ऐसे समय की हैं, जब महामारी नहीं थी, इसलिए इन मामलों पर गंभीरतापूर्वक विचार किए जाने की ज़रूरत है.
उन्होंने संबंधित अधिकारियों से इस सिलसिले में एक रिपोर्ट तैयार करने और निर्वाचन आयोग को गाइडलाइंस में बदलाव के लिए आग्रह करने को कहा है.