इसराइल के पीएम नेतन्याहू ने कहा- हमास को ऐसा झटका लगा है कि वो वर्षों पीछे चला गया है
नेतन्याहू ने कहा कि उनके दुश्मन देख सकते हैं कि वे अपने ख़िलाफ़ हमलों के लिए क्या क़ीमत वसूलते हैं.
लाइव कवरेज
इसराइल के पीएम नेतन्याहू ने कहा- हमास को ऐसा झटका लगा है कि वो वर्षों पीछे चला गया है
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इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने एक बार फिर ग़ज़ा में फ़लस्तीनी चरमपंथियों के ख़िलाफ़ अभियान को लेकर अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई है.
एक हवाई ठिकाने पर नेतन्याहू ने कहा कि इसराइल अपने नागरिकों के लिए शांति बहाल करने की दिशा में जब तक ज़रूरी होगा, हवाई हमले जारी रखेगा.
उन्होंने दावा किया कि इस बार हमास को ऐसे झटके मिले हैं, जिसकी उसे उम्मीद नहीं थी और वे वर्षों पीछे चले गए हैं. नेतन्याहू ने कहा, "हमारे आसपास के दुश्मन देख सकते हैं कि हम अपने ख़िलाफ़ हमलों के लिए क्या क़ीमत वसूलते हैं."
इसराइल को रोकने के लिए क्या रणनीति अपना रहा है सऊदी अरब?
बक्सर ज़िले में मौतों के अलग-अलग आंकड़े प्रशासन ने क्यों पेश किए?
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सीटू तिवारी
बीबीसी हिंदी के लिए
बक्सर ज़िले में
मौतों के आंकड़े पटना हाई कोर्ट में प्रशासन द्वारा अलग-अलग पेश करने से उसकी
काफ़ी फ़ज़ीहत हो रही है.
इस पर बिहार के एडवोकेट
जनरल ललित किशोर ने बीबीसी से कहा है कि कोर्ट में पटना प्रमंडल
आयुक्त और राज्य के मुख्य सचिव के हलफ़नामे में अंतर की वजह इसलिए है क्योंकि बक्सर के चरित्रवन मुक्तिधाम (श्मशान घाट) में सिर्फ़ बक्सर ज़िले की ही नहीं बल्कि पुराने शाहाबाद की लाशों का भी अंतिम संस्कार किया जाता है.
बता दें पुराने शाहाबाद में भोजपुर, रोहतास, कैमूर और बक्सर ज़िले आते हैं.
क्या है मामला?
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बीती 17 मई को पटना हाईकोर्ट में राज्य सरकार के मुख्य सचिव और पटना
प्रमंडल आयुक्त ने बक्सर में मौतों के संबंध में अलग-अलग आंकड़े पेश किए थे.
पटना हाईकोर्ट ने इन हलफ़नामों में पेश अलग-अलग आंकड़ों को इंगित करते हुए 20 मई तक, फिर से जवाब दाखिल करने को कहा है. कोर्ट इस मामले
पर सुनवाई 21 मई की सुबह 10.30 बजेकरेगी.
दरअसल पटना प्रमंडल (जिसमें बक्सर ज़िला आता है) आयुक्त द्वारा पेश एफ़िडेविट में बताया गया था कि बक्सर ज़िले के सिर्फ चरित्रवन मुक्तिधाम में 5 मई से 14 मई तक 789 मृत व्यक्तियों
का अंतिम संस्कार किया गया था.
वहीं, राज्य के मुख्य सचिव के एफ़िडेविट के मुताबिक़ 1 मार्च 2021 से
बक्सर ज़िले में सिर्फ़ 6 मौतें हुई हैं.
मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायमूर्ति एस कुमार की खंडपीठ ने इस पर
टिप्पणी करते हुए कहा, “बक्सर की आबादी
लगभग 17 लाख है. अगर एकश्मशान घाट में महज़ 10 दिनों में 789 मृतकों का दाह संस्कार हो रहा है तो पूरे ज़िले और सभी धर्मावलंबियों की स्थिति का अंदाज़ा क्या होगा ? साथ ही दोनों एफ़िडेविट में ये भी साफ़ नहीं है कि जिन
व्यक्तियों की मृत्यु हुई,
क्या वो कोविड 19 से संक्रमित थे?”
स्थानीय प्रशासन के आंकड़े
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वहीं स्थानीय प्रशासन जो आंकड़े रोज़ाना जारी करता है, उसके मुताबिक 1
मार्च से 17 मई तक 108 लोगों की कोरोना से मृत्यु
हुई है.
दिलचस्प है कि राज्य स्वास्थ्य विभाग ने केन्द्रिय स्तर पर जो आंकड़े 17
मई को जारी किए हैं,उसके मुताबिक बक्सर में महज़ 28 मौतें हुई हैं.
बीबीसी ने इस संबंध में बक्सर ज़िलाधिकारी अमन समीर
से बात करने की कोशिश की,
लेकिन
संपर्क नहीं हो सका.
हालांकि स्थानीय पत्रकारों को उन्होंने इस संबंध में बयान देते हुए कहा कि, “रोज़ाना मृत्यु का आंकडा मैनुअली रिपोर्ट हो रहा
है, जिसको ऑनलाइन कोविड
पोर्टल पर भी अपलोड होना चाहिए. डिस्ट्रिक्ट हेल्थ टीम आंकड़ों को अपलोड करने में देरी कर रही है और पोर्टल पर 6 मौतों
का आंकड़ा है.”
वरिष्ठ पत्रकार पुष्यमित्र कहते है, “ स्टेट हेल्थ सोसाइटी के जो आंकड़े हैं वो सिर्फ़ सरकारी अस्पताल के हैं, उसमें निजी अस्पताल
और श्मशान घाट या अन्य अंतिम संस्कार की जगह के आंकड़े नहीं हैं. एक बार स्वास्थ्य
सचिव प्रत्यय अमृत ने भी मीडिया के सामने कहा था कि जो आंकड़े हमें उपलब्ध नहीं कराए जाते हैं, उसे कैसे हम जोड़
सकते हैं.”
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81 लाशें मिलीं
जहां तक गंगा में बहते शवों का मसला है, पटना प्रमंडल आयुक्त के एफ़िडेविट के मुताबिक़, 10 से 12 मई के बीच
गंगा में 81 शव मिले.
10 मई को 71 शव,
11
मई को 6 शव और 12 मई को 4 शव मिले जिनका पोस्टर्माटम करने और डीएनए सैंपल लेने के बाद अंतिम
संस्कार कर दिया गया है.
लेकिन क्या बिहार सरकार कोविड जैसी महामारी पर संवेदनशीलता के साथ पेश आ
रही है? इस सवाल पर एडवोकेट जनरल ललित किशोर कहते है,“ सरकार तो इस मामले पर पूरी संवेदनशीलता के साथ ही पेश आ रही है.”
हालांकि ज़मीनी स्तर पर बिहार सरकार के दावे,पेश किए जा रहे
आंकड़े और आम लोगों को राहत, फ़िलहाल दो अलग-अलग ध्रुवों पर ही नज़र आ रहे हैं.
इसराइल ने कहा इस बार स्थायी हल से कम कुछ भी मंज़ूर नहीं
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इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू के एक वरिष्ठ सलाहकार मार्क रेगेव ने बीबीसी के साथ बातचीत में कहा है कि इसराइल अल्पकालिक समाधान की बजाए स्थायी शांति चाहता है.
रेगेव ने कहा कि अल्पकालिक समाधान सिर्फ़ एक महीने बाद ही एक अन्य ग़ज़ा युद्ध के लिए नुस्खा बन जाएगा.
उन्होंने कहा, "हम इससे एक ऐसा समाधान लाना चाहते हैं, जिससे लंबे समय शांति स्थापित हो सके. हम कोई भी अल्पकालिक समाधान नहीं चाहते, जो जल्द ही समाप्त हो जाए."
पूर्वी यरुशलम में शुरू हुआ संघर्ष अब दोनों ओर से हमलों में बदल चुका है. फ़लस्तीनी चरमपंथी संगठन हमास ने इसराइल के कई शहरों पर रॉकेट दागें हैं, जबकि इसराइल ने ग़ज़ा पर हवाई बमबारी की है.
हमले में 200 से ज़्यादा फ़लस्तीनी मारे गए हैं, जबकि इसराइल में छह लोगों की मौत हुई है.
इसराइल का कहना है कि उसके हमले में ज़्यादातर चरमपंथी मारे गए हैं, जबकि फ़लस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि ज़्यादातर आम नागरिक ही मारे गए हैं, जिनमें महिलाएँ और बच्चे भी हैं.
बीबीसी हिन्दी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर', सुनिए संदीप सोनी के साथ.
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सीरम इंस्टीट्यूट ने दी सफ़ाई, हमने भारतीयों की कीमत पर वैक्सीन का निर्यात नहीं किया
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भारत में वैक्सीन का उत्पादन करने वाली सबसे बड़ी कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंडिया ने एक बयान जारी कर कहा है कंपनी ने भारत के लोगों की कीमत पर वैक्सीन का कभी निर्यात नहीं किया है.
कंपनी ने कहा, "पिछले कुछ दिनों में हमारी सरकार और देश में वैक्सीन बनाने वाली कंपनियों, जिनमें एसआईआई भी शामिल है, के द्वारा वैक्सीन के निर्यात करने पर जोरदार बहस चल रही है."
कंपनी का कहना है कि किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले कुछ प्रमुख पहलुओं पर गौर किया जाना चाहिए. सीरम इंस्टीट्यूट ने अपनी सफाई में कहा है कि भारत नें कोविड वैक्सीनेशन की मुहिम के समर्थन में वो जो कुछ भी कर सकते हैं, कर रहे हैं.
हालांकि कंपनी के सीईओ अदार पूणावाला ने ये भी कहा है कि लोग ये समझने के लिए तैयार नहीं दिखते कि भारत दुनिया की दो सबसे बड़ी आबादी वाले देशों में से एक है और इतनी बड़ी आबादी में वैक्सीनेशन का काम दो-तीन महीनों से नहीं पूरा हो सकता है. दुनिया की पूरी आबादी को वैक्सीन की खुराक मुहैया कराने में दो-तीन साल लग सकते हैं.
कंपनी ने कहा है, "हमें ये समझना होगा कि महामारी भौगोलिक या राजनीतिक सीमाओं तक सीमित नहीं हैं. हम तब तक सुरक्षित नहीं होंगे जब तक कि दुनिया का हर व्यक्ति इस वायरस को वैश्विक स्तर पर हराने में सक्षम नहीं हो जाए. इसके अलावा एक वैश्विक गठबंधन का हिस्सा होने के कारण हमारी कोवैक्स को लेकर कुछ प्रतिबद्धताएं हैं ताकि वे महामारी को ख़त्म करने के लिए दुनिया भर में ये वैक्सीन मुहैया करा सकें."
कोवैक्स वो वैश्विक मुहिम है जिसके तहत दुनिया भर के 90 से ज्यादा विकासशील और गरीब देशों के लोगों को कोविड वैक्सीन मुहैया कराने का लक्ष्य रखा गया है.
ग़ज़ा के पुनर्निर्माण के लिए मिस्र देगा 50 करोड़ डॉलर
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मिस्र ने कहा है कि वो ग़ज़ा में पुनर्निर्माण कार्यों के लिए 50 करोड़ डॉलर की सहायता देगा. इसराइली हमले में ग़ज़ा में बड़े पैमाने पर तबाही हुई है और शहर के बुनियादी ढाँचे पर इसका असर पड़ा है.
मिस्र के राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा है कि पुनर्निर्माण कार्यों में मदद के लिए कंपनियों को भी लगाएगा.
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मिस्र के राष्ट्रपति अब्दुल फ़तह अल सीसी और फ़्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल मैक्रों के बीच पेरिस में हुई बातचीत के बाद ये बयान आया है. पिछले सप्ताह से ग़ज़ा पर हो रहे इसराइली हमले में बहुत नुक़सान हुआ है. चैरिटी संस्था मेडिसां सां फ़्रंतिए ने भी कहा था कि ग़ज़ा में मानवीय संकट पैदा हो गया है. घायल लोगों को चिकित्सा नहीं मिल रही है और बुनियादी ढाँचे को भी बहुत नुक़सान पहुँचा है. सोमवार को इसराइली हमले में कोविड-19 का एकमात्र टेस्टिंग लैब भी तबाह हो गया. हालाँकि इसराइल का दावा है कि हमले का निशाना हमास और अन्य चरमपंथी ठिकाने और उनके कमांडर हैं.
इसराइली मंत्री ने कहा- ग़ज़ा में हमारे और भी हज़ारों टारगेट
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इसराइल के रक्षा मंत्री बेनी गंट्ज़ ने कहा है कि ग़ज़ा में इसराइली सैन्य
बलों (IDF) के रडार में ‘हज़ार से अधिक लक्ष्य’ हैं.
टाइम्स ऑफ़ इसराइल के अनुसार गंट्ज़ ने कहा, “IDF के हमास पर हमला
करने की अभी भी बहुत सारी योजनाएं हैं और हम जब तक पूर्ण और लंबी अवधि के लिए
शांति नहीं लाते हम नहीं रुकेंगे.”
उन्होंने कहा,“IDF को तैनात कर दिया गया है और सभी सीमाओं पर वह तैयार है और इसराइली नागरिकों या
उसकी संप्रभूता को नुक़सान पहुंचाने की किसी भी विदेशी तत्व की कोशिश को नाकाम कर
दिया जाएगा.”
थाईलैंड के दो लोगों की गई जान
वहीं, इसराइली मीडिया ने बताया है कि फ़लस्तीनी रॉकेट हमले में थाईलैंड के दो
लोगों की मौत हुई है.
यूनाइटेड हत्ज़ाला के स्वयंसेवक राहत सेवा ने कहा है कि ग़ज़ा सीमा के नज़दीक
एशकोल क्षेत्र की पैकेजिंग फ़ैक्ट्री में यह लोग काम करते थे जहां पर रॉकेट हमला
हुआ.
रेडियो दारोम ने एक वीडियो पोस्ट किया है जिसमें हमले के बाद के फ़ुटेज हैं.
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बीते सप्ताह एक अन्य थाई व्यक्ति दक्षिण इसराइल में रॉकेट हमले में घायल हुआ
था. इसके बाद थाईलैंड के प्रधानमंत्री ने कहा था कि वह हिंसा से बेहद चिंतित हैं.
इसराइल के कृषि उद्योग में 25,000 से अधिक थाई प्रवासी मज़दूर हैं.
2004 में ग़ज़ा में इसराइल और उग्रवादियों के बीच युद्ध में एक थाईलैंड के
मज़दूर की जान गई थी.
2-18 वर्ष आयु वर्ग के लिए कोवैक्सीन का ट्रायल जल्द: वीके पॉल
नीति आयोग में स्वास्थ्य संबंधी मामलों के सदस्य वीके पॉल ने कहा है कि 2-18 वर्ष आयु वर्ग के लिए कोवैक्सीन का फेज-2/3 का ट्रायल अगले 10-12 दिनों में शुरू होगा.
उन्होंने बताया कि ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ़ इंडिया ने इसकी मंज़ूरी दे दी है. ग़ौरतलब है कि भारत में अभी 18 या उससे ज़्यादा उम्र के लोगों को ही वैक्सीन लग रही है.
भारत में कोरोना के दूसरे लहर में बड़ी संख्या में लोग कोरोना से संक्रमित हुए हैं और अब भी हर दिन चार हज़ार से ज्यादा लोगों की मौत हो रही है.
जानकारों का कहना है कि कोरोना की तीसरी लहर भी आ सकती है और इसमें बच्चे प्रभावित हो सकते हैं.
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अरविंद केजरीवाल ने कोविड से पीड़ित परिवारों के लिए की अहम घोषणाएँ
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने घोषणा की है कि कोरोना के कारण जिस भी परिवार के सदस्य की मौत हुई है, उसे 50 हज़ार रुपए की अनुग्रह राशि दी जाएगी.
उन्होंने ये भी घोषणा की कि अगर किसी के परिवार में कमाने वाले व्यक्ति की मौत हुई है, तो अनुग्रह राशि के अलावा उस परिवार को हर महीने 2500 रुपए की पेंशन भी दी जाएगी.
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उन्होंने कहा कि पति की मौत की स्थिति में पत्नी को, पत्नी की मौत की स्थिति में पति को और किसी अविवाहित की मौत की स्थिति में उसके माता-पिता को ये पेंशन मिलेगी.
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कोविड के कारण अनाथ बच्चों के लिए भी मुख्यमंत्री केजरीवाल ने घोषणाएँ की. उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चों को हर महीने 2500 रुपए मिलेंगे, जब तक बच्चा 25 साल का न हो जाए. साथ ही उन्हें मुफ़्त शिक्षा भी दी जाएगी.
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बीजेपी ने कहा कांग्रेस टूलकिट के माध्यम से देश की छवि ख़राब कर रही है, कांग्रेस ने कहा फ़र्जी है टूलकिट
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बीजेपी के अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा है कि देश टूलकिट के माध्यम से कांग्रेस की हरकतों को देख रहा है.
उन्होंने ट्वीट कर कहा- समाज को बाँटना और दूसरों के ख़िलाफ़ ज़हर उगलने में कांग्रेस माहिर है. जब देश कोविड-19 से लड़ रहा है, भारत कांग्रेस की हरकतें देख रहा है. मैं कांग्रेस से 'टूलकिट मॉडल' से आगे बढ़कर कुछ रचनात्मक करने का आग्रह करूंगा.
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बीजेपी नेता और प्रवक्ता संबित पात्रा ने भी कांग्रेस पार्टी पर टूलकिट के इस्तेमाल से भारत की छवि ख़राब करने का आरोप लगाया है.
उन्होंने एक ट्वीट किया है- "भारत की छवि खराब करने के लिए कांग्रेस द्वारा पहले दिन से ही मल्टीपल टूल किट तैयार किए गए थे. #CentralVistaProject पर तैयार किया गया एक ऐसा ही टूलकिट यहाँ शेयर कर रहा हूं. झूठ और छल से भरा हुआ. टूलकिट इस्तेमाल करने का मक़सद सिर्फ़ लोगों का ध्यान भटकाना और बदनामी करना है."
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संबत पात्रा ने आरोप लगाते हुए कहा कि सोशल मीडिया में कांग्रेस का एक टूलकिट चल रहा है कि महामारी में भी किस तरह राजनीति करनी है.
उन्होंने कहा कि भ्रम की स्थिति उत्पन्न करके कांग्रेस अपने राजनीतिक मंसूबे को मजबूत करना चाहती है.
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लेकिन यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष बीवी श्रीनिवास ने इसे फ़र्जी करार दिया है.
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कांग्रेस के नेता राजीव गौड़ा ने भी कहा है कि बीजेपी एक फ़र्जी टूलकिट का प्रचार कर रही है. उन्होंने कहा है कि वो बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और संबित पात्रा के ख़िलाफ़ एफ़आईआर करने जा रहे हैं. राजीव गौड़ा कांग्रेस के रिसर्च डिपार्टमेंट के चेयरमैन भी हैं.
इसराइल आम लोगों के घरों को निशाना बना रहा है: फ़लस्तीनी समाचार एजेंसी
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फ़लस्तीनियों का कहना है कि रात में हुई इसराइली हवाई बमबारी में आम नागरिकों के घरों और बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाया गया है.
फ़लस्तीनियों की आधिकारिक समाचार एजेंसी वाफ़ा की रिपोर्ट के मुताबिक़ इसराइली विमानों ने ग़ज़ा शहर के पश्चिम में स्थित अल कतिबा मस्जिद के निकट एक नागरिक संस्था और कुछ सड़कों को निशाना बनाया.
इसके अलावा अल नस्र ज़िले में एक घर और शुजैया और अल तुफ़ा ज़िले में भी हमले किए गए.
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वाफ़ा की रिपोर्ट के मुताबिक़ उत्तरी शहर बेट लाहिया और जबालिया में आम लोगों के क़रीब 50 घरों और नागरिक ठिकाने को निशाना बनाया गया. रिपोर्ट के मुताबिक़ हमले में भारी नुक़सान हुआ है. सोमवार रात इसराइल के हमले में ग़ज़ा का एकमात्र कोविड-19 टेस्टिंग लैब तबाह हो गया, जबकि क़तर के रेड क्रिसेंट के दफ़्तर को भी नुक़सान पहुँचा है. समाचार एजेंसी एएफ़पी ने ये जानकारी दी है. इसराइल का दावा है कि उसने हमास के सुरंगों, चरमपंथी कमांडरों और रॉकेट लॉन्चर्स को हमले में निशाना बनाया है.
दिल्ली में कोरोना के मामलों में गिरावट जारी, 4482 नए मामले
दिल्ली में कोरोना संक्रमण के मामलों में गिरावट जारी है. एक दिन पहले ये संख्या 4524 थी. मरने वालों की संख्या में भी गिरावट दर्ज की गई है. एक दिन पहले जहाँ 340 लोगों की कोरोना से मौत हुई थी, वहीं अब ये संख्या 265 हो गई है.
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ब्रेकिंग न्यूज़, केके शैलजा समेत केरल के सभी मंत्रियों को पद से हटाया गया
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केरल की सीपीएम कमिटी ने जानकारी दी है कि राज्य
सरकार के सभी मंत्रियों को पद से हटा दिया गया है.
इनमें कोरोना वायरस की स्थिति पर काम करने के लेकर
काफ़ी सराही गईं राज्य की स्वास्थ्य मंत्री के.के. शैलजा को भी पद से हटाया गया
है.
सीपीएम ने बताया है कि पार्टी ने एमबी राजेश को
स्पीकर के तौर पर और शैलजा को पार्टी व्हिप के तौर पर चुना है. टीपी रामकृष्णन को विधायी
पार्टी सचिव नियुक्त किया गया है.
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वहीं, सीपीएम ने पिनराई विजयन को विधायक दल का नेता और मुख्यमंत्री चुना है.
इसके अलावा एमवी गोविंदन, के राधाकृष्णन, केएन बालागोपाल, पी राजीव, वीएन वासवन, साजी चेरियन, वी शिवकुट्टी, मोहम्मद रियास, डॉक्टर आर बिंदू, वीना जॉर्ज और वी अब्दुल रहमान को मंत्री पद के लिए चुना गया है.
केजरीवाल ने सिंगापुर के साथ हवाई सेवा रद्द करने की मांग क्यों की
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि सिंगापुर में आया कोरोना का नया रूप बच्चों के लिए बेहद ख़तरनाक बताया जा रहा है.
पिछले दिनों देश के कई शीर्ष वैज्ञानिकों ने भी भारत में कोरोना की तीसरी लहर से इनकार नहीं किया है. हालाँकि बाद में उन्होंने ये भी कहा था कि इसे रोका भी जा सकता है.
जानकार बता रहे हैं कि कोरोना की तीसरी लहर बच्चों के लिए काफ़ी ख़तरनाक हो सकती है.
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पश्चिम बंगालः गिरफ़्तार टीएमसी विधायक और पूर्व मंत्री अस्पताल में भर्ती
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इमेज कैप्शन, मंत्री फ़िरहाद हकीम और सुब्रत मुखर्जी के अलावा टीएमसी विधायक मदन मित्रा और अब बीजेपी में जा चुके पूर्व टीएमसी नेता शोभन चटर्जी को गिरफ़्तार किया गया
पश्चिम बंगाल में नारदा स्टिंग मामले में गिरफ़्तार तृणमूल कांग्रेस के विधायक मदन मित्रा और पार्टी के पूर्व नेता और मंत्री शोभन चटर्जी को साँस में तकलीफ़ की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार उन्हें तड़के तीन बजे कोलकाता के एक सरकारी अस्पताल एसएसकेएम में भर्ती कराया गया.
ममता बनर्जी सरकार में वरिष्ठ मंत्री सुब्रत मुखर्जी को भी जाँच के लिए अस्पताल लाया गया है.
नारदा स्टिंग मामले में ममता बनर्जी सरकार के दो मंत्रियों समेत चार नेताओं को सोमवार रात कोलकाता की प्रेसिडेंसी जेल भेज दिया गया.
सीबीआई ने सोमवार को दिन में मंत्री सुब्रत मुखर्जी और फ़िरहाद हकीम, टीएमसी विधायक मदन मित्रा और पार्टी के पूर्व नेता शोभन चटर्जी को गिरफ़्तार किया था.
शाम को सीबीआई की विशेष अदालत ने चारों नेताओं को अंतरिम ज़मानत दे दी थी मगर रात को कलकत्ता हाई कोर्ट ने इस फ़ैसले पर रोक लगा दी.
तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने कहा है कि वो अपने नेताओं की गिरफ़्तारी को अदालत में चुनौती देंगे.
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पीएम मोदी ने ज़िलाधिकारियों से कहा, "कोरोना रोकने के लिए जो करना पड़े,करिए"
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प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी ने मंगलवार दोपहर कई राज्यों और ज़िले के अधिकारियों से कोरोना
महामारी के मुद्दे पर बातचीत की.
पीएम मोदी ने
जिलाधिकारियों से कहा कि वो अपने ज़िले में महामारी को रोकने के लिए जो भी उपाय
उचित लगे, अपना सकते हैं.
उन्होंने कहा,“मेरी तरफ़ से आपको पूरी छूट है. अगर आपके पास कोई ऐसा सुझाव है जो
पूरे देश के काम आ सकता है तो बिना किसी हिचक के मुझे ज़रूर बताएं.”
इस वर्चुअल मीटिंग में दिल्ली, बिहार, गोवा, असम, कर्नाटक,चंडीगढ़, उत्तराखंड, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश के अधिकारी शामिल हुए थे.
इससे दो दिन पहले प्रधानमंत्री ने कोरोना मसले पर राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ भी बैठक की थी.
पिछले दो दिनों से भारत में कोरोना संक्रमण के मामलों में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई है लेकिन इससे होने वाली मौतें लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं.
ब्रेकिंग न्यूज़, तौक्ते: तूफ़ान के कारण गुजरात में तीन लोगों की मौत, नौसेना ने 177 को बचाया
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चक्रवाती तूफ़ान
तौक्ते के कारण गुजरात में अब तक तीन लोगों की मौत हो गई है.
गुजरात के
मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने बताया कि तूफ़ान की वजह से राज्य में 40 हज़ार पेड़
गिर गए हैं और 16,500 झुग्गियों को नुक़सान पहुँचा है.
इस बीच ख़राब मौसम
से जूझते हुए भारतीय नौसेना ने मुंबई मे अरब सागर से 177 लोगों को बचा लिया है.
ये सभी लोग एक नाव
में सवार थे जो समुद्र में फँस गई थी. एक अधिकारी ने बताया कि यह घटना तूफ़ान के
गुजरात तट से टकराने से कुछ घंटे पहले हुई.
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सोमवार को नौसेना की जहाज़ें बचाव कार्य के लिए तैनात की गई थीं.
अधिकारी ने बताया, “सोमवार रात 11 बजे तक 60 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया था और बाकियों को सुबह होने तक बचा लिया गया.”
तीन लोगों को नौसेना के हेलीकॉप्टर से दक्षिणी मुंबई के कोलाबा स्थित आईएनएस शिकरा हेलीपोर्ट तक लाया गया.
सोमवार को ओएनजीसी ने बताया था कि नाव में सवार इसके कर्मचारी साइक्लोन के कारण समंदर में फँस गए थे.
कोरोना- कश्मीर के ज़्यादातर ज़िलों में नहीं है वैक्सीन, टीकाकरण अभियान कैसे होगा पूरा?
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आमिर पीरज़ादा
बीबीसी
संवाददाता
भारत के कई
राज्यों की तरह कश्मीर में भी टीकाकरण अभियान फिलहाल रुक सा गया है. रविवार को कश्मीर
के ज़्यादातर ज़िलों में कोरोना वैक्सीन का स्टॉक ख़त्म हो गया जिसके बाद टीकाकरण
अभियान को रोकना पड़ा.
क़रीब पांच से छह दिन पहले ही यहां के ज़्यादातर
हिस्सों में कोरोना वैक्सीन का स्टॉक ख़त्म हो गया था.
कश्मीर के दस
ज़िलों में सोमवार को क़रीब 390 लोगों को ही वैक्सीन लग सकी. इनमें से पांच
ज़िले ऐसे भी रहे जहां एक भी शख़्स को वैक्सीन नहीं लग सकी.
जम्मू कश्मीर
के वैक्सीनेशन अधिकारी डॉ. शाहिद हुसैन का कहना है कि “शोपियां ज़िले को
छोड़कर, बाकी जगहों पर लगभग छह दिन पहले ही वैक्सीन का स्टॉक ख़त्म हो गया था. शोपियां
ज़िले के पास अभी भी क़रीब दो हज़ार डोज़ का स्टॉक है लेकिन बाकी जगहों पर वैक्सीन
नहीं है.”
रविवार को कश्मीर
के किसी भी ज़िले में एक भी वैक्सीनेशन नहीं हुआ. जबकि जम्मू में क़रीब नौ हज़ार
लोगों को वैक्सीन की डोज़ मिली.
वैक्सीन की कमी के कारण, कश्मीर के ज़्यादातर
टीकाकरण केंद्रों को भी बंद करना पड़ा है. वैक्सीन के लिए बुकिंग कराने वालों को
भी इस कमी के कारण स्लॉट नहीं मिल पा रहा है. इसके अलावा जिन्होंने पहले से ही स्लॉट
बुक करा लिया है उनके स्लॉट्स कैंसिल हो रहे हैं.
जम्मू और कश्मीर
में कुछ सेंटर को छोड़कर अधिकांश सेंटर पर अभी भी 18
से 44 साल के लोगों
के लिए टीकाकरण शुरू नहीं हुआ है. कुछ लोगों का कहना है कि इन सेंटर्स पर भी सिर्फ़
प्रतीक के रूप में ही इस आयु वर्ग के कुछ लोगों को वैक्सीन दी गई. लोगों का कहना है
कि वैक्सीन की कमी के कारण इस आयु वर्ग के बहुत कम ही लोगों को ही वैक्सीन मिल
सकी.
हालांकि जम्मू
और कश्मीर में अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने 12.4
मिलियन खुराक
के लिए आदेश दिया है.
डॉ. शाहिद
कहते हैं, “हालांकि हमें एक मई तक केवल तीन लाख ख़ुराक ही मिल सकी
है और अंतिम खेप छह मई को श्रीनगर पहुंची है.”
पूरे जम्मू और
कश्मीर में अभी तक 2.82मिलियन वैक्सीन की ख़ुराक दी जा चुकी है. इनमें से केवल पांच
लाख 32 हज़ार को ही वैक्सीन की दूसरी ख़ुराक मिल सकी है.
कोरोना
संक्रमण के बढ़ते मामलों के कारण यहां 29 अप्रैल से ही पूर्ण
लॉकडाउन है.
केवल कुछ आवश्यक
सेवाओं के लिए छूट दी गई है. सड़कों पर बैरिकेडिंग है और सुरक्षा बल हर जगह तैनात
हैं.
कोरोना संक्रमण के इलाज में अब नहीं इस्तेमाल होगी प्लाज़्मा थेरेपी, ICMR ने किए बदलाव
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भारत में कोरोना के
इलाज में अब तक इस्तेमाल हो रही प्लाज़्मा थेरेपी को अब बंद कर दिया गया है.
इंडियन काउंसिल ऑफ़
मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने सोमवार देर रात कोरोना के इलाज की क्लीनिकल गाइडलाइंस
में बदलाव किए.
आईसीएमआर का कहना है
कि प्लाज़्मा थेरेपी से कोरोना मरीज़ों की हालत में सुधार होने के सबूत नहीं मिले
हैं.
आईसीएमआर के नेशनल
टास्क फ़ोर्स और स्वास्थ्य मंत्रालय के विशेषज्ञ कोरोना के इलाज से जुड़ी गाइडलाइन
समय-समय पर अपडेट करते हैं.
हालाँकि रजिस्टर्ड
डॉक्टरों के लिए टास्क फ़ोर्स की सिफ़ारिशों का पालन करना अनिवार्य नहीं होता.
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हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन और आइवरमेक्टिन अब भी लिस्ट में
आईसीएमआर ने पिछले साल ही कोरोना के 400 मरीज़ों पर प्लाज़्मा थेरेपी का ट्रायल किया था और पाया था कि इससे कुछ ख़ास फ़ायदा नहीं होता.
हालाँकि इसके बावजूद प्लाज़्मा थेरेपी को कोरोना के इलाज के तरीकों की लिस्ट में रखा गया और कई मामलों में इसका इस्तेमाल भी होता रहा.
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किए गए कई परीक्षणों में भी प्लाज़्मा थेरेपी के फ़ायदे सामने नहीं आए हैं.
हाल ही में मशहूर मेडिकल जर्नल लैंसेट 5000 मरीज़ों के परीक्षण पर आधारित रिसर्च छपी थी. इसमें भी कहा गया था कि प्लाज़्मा थेरेपी कोविड-19 के इलाज में कारगर नहीं है.
आईसीएमआर की क्लीनिकल गाइडलाइन में हल्के लक्षणों के लिए आइवरमेक्टिन और हाइड्रोक्सोक्लोरोक्वीन दवा का सुझाव जारी रखा गया है.
इन दोनों दवाओं से भी कोरोना मरीज़ों को फ़ायदे के ‘कम सबूत’ ही मिले हैं.
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कैसे होती है प्लाज़्मा थेरेपी?
प्लाज़्मा थेरेपी से इलाज इस धारणा पर आधारित है कि वे मरीज़ जो किसी संक्रमण से उबर जाते हैं उनके शरीर में संक्रमण को बेअसर करने वाले प्रतिरोधी ऐंटीबॉडीज़ विकसित हो जाते हैं.
इन ऐंटीबॉडीज़ की मदद से कोविड-19 रोगी के रक्त में मौजूद वायरस को ख़त्म किया जा सकता है.
इस थेरेपी के लिए दिशा-निर्देश के मुताबिक, "किसी मरीज़ के शरीर से ऐंटीबॉडीज़ उसके ठीक होने के दो हफ्ते बाद ही लिए जा सकते हैं और उस रोगी का कोविड-19 का एक बार नहीं, बल्कि दो बार टेस्ट किया जाना चाहिए."
ठीक हो चुके मरीज़ का एलिज़ा (एन्ज़ाइम लिन्क्ड इम्युनोसॉर्बेन्ट ऐसे) टेस्ट किया जाता है जिससे उनके शरीर में ऐंटीबॉडीज़ की मात्रा का पता लगता है.
लेकिन ठीक हो चुके मरीज़ के शरीर से ख़ून लेने से पहले मानकों के तहत उसकी शुद्धता की भी जाँच की जाती है.