अगले 24 घंटों में और शक्तिशाली होगा तूफ़ान टोकटे, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी

मौसम विभाग के अनुसार तूफ़ान के कारण 17 और 18 मई को गुजरात के तटीय इलाक़ों में भारी बारिश हो सकती है.

लाइव कवरेज

  1. ब्रेकिंग न्यूज़, अगले 24 घंटों में और शक्तिशाली होगा तूफ़ान टोकटे, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी

    चक्रवात के 18 मई सुबह पोरबंदर और भावनगर ज़िले में महुआ के बीच गुजरात तट से होकर गुजरने की आशंका है.

    मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि तूफ़ान के कारण 17 और 18 मई को गुजरात के तटीय इलाक़ों में भारी बारिश हो सकती है.

    चक्रवात के तटों से टकराने पर हवा की गति 155-165 किलोमीटर प्रति घंटे से 145 किलोमीटर प्रति घंटे होने की उम्मीद है.

    मौसम विभाग के मुताबिक अगले तीन घंटों में गुजरात के साबरकांठा, अरावली, नर्मदा, तापी, सूरत, भरुच, डांग और दाहोड़ में अलग-अलग इलाक़ों में हल्की आंधी आने के साथ ही हल्की से तेज़ बारिश हो सकती है.

    तूफ़ान की तीव्रता को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में ना जाने की सलाह दी गई है. इस बीच चक्रवात से प्रभावित होने की आशंका वाले तटीय राज्यों में एनडीआरएफ की 101 टीमें भेज दी गई हैं.

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    इधर चक्रवाती तूफ़ान टोकटे के और तेज़ होने की आशंका को देखते हुए सभी एयरलाइंस ने रविवार को गोवा जाने और वहां से आने वाली अपनी उड़ानें रद्द कर दी हैं.

    एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया, गोवा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर जानकारी दी है, “तीव्र चक्रवाती तूफ़ान टोकटे के कारण गोवा के रास्ते पर और उसके आसपास मौसम की मौजूदा स्थिति को देखते हुए सभी एयरलाइंस ने आज के लिए गोवा जाने वालीं और वहां आने वालीं उड़ाने रद्द कर दी हैं.”

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    गोवा के मुख्यमंत्री डॉक्टर प्रमोद सावंत ने बताया कि गोवा में अब तक दो मौतें हो चुकी हैं. 500 से ज़्यादा पेड़ गिर चुके हैं. 100 बड़े घर और 100 छोटे घर को नुक़सान पहुंचा है. सड़कें बंद हैं और बिजली आपूर्ति बाधित हुई है.

    तूफ़ान के मद्देनज़र गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने 17 और 18 मई को राज्य में टीकाकरण अभियान को निलंबित कर दिया है.

    तूफ़ान के मद्देनज़र गृह मत्री अमित शाह ने आज गुजरात, महाराष्ट्र, दमन औ दीव और दादरा नगर हवेली के अधिकारियों से बात कर तैयारियों का जायज़ा लिया था और भरोसा दिलाया था कि केंद्र सरकार उनकी हरसंभव मदद के लिए तैयार है.

  2. इसराइल-फ़लस्तीनी संघर्ष पर अमेरिकी अभिनेत्री पेरिस हिल्टन ने किया ट्वीट

    पेरिस हिल्टन

    अमेरिकी सिंगर और अभिनेत्री पेरिस हिल्टन ने इसराइल और फ़लस्तीनी संघर्ष को लेकर दुख जताते हुए एक ट्वीट किया है.

    अपने ट्वीट के साथ उन्होंने ‘द गार्जियन’ की एक ख़बर भी शेयर की है जिसमें बताया गया है कि पूरी तरह शांति ना होने तक इसराइल ने ग़ज़ा पर हमले करते रहने की कसम खाई है.

    इसे शेयर करते हुए पेरिस हिल्टन ने लिखा है, “ये बहुत दिल तोड़ने वाला है. इसे रोकने की ज़रूरत है.”

    इसराइल और फ़लस्तीनियों के बीच करीब एक हफ़्ते से संघर्ष चल रहा है जिसमें सैकड़ों जानें जा चुकी हैं.

    ग़ज़ा की तरफ से इसराइल पर रॉकेट से हमले हो रहे हैं तो इसराइल ने भी ग़ज़ा में कई हवाई हमले किए हैं.

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  3. बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन दिनभर

    बीबीसी हिन्दी का डिजिटल बुलेटिन दिनभर, 16 मई 2021, सुनिए संदीप सोनी के साथ.

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  4. ब्रेकिंग न्यूज़, कोरोना: दिल्ली में एक और हफ़्ते बंद रहेंगी मेट्रो सेवाएं

    दिल्ली मेट्रो

    इमेज स्रोत, BANDEEP SINGH/THE INDIA TODAY GROUP/GETTY IMAGES

    दिल्ली में लॉकडाउन बढ़ने के साथ ही मेट्रो सेवाएं भी आगे के लिए निलंबित रहेंगी.

    दिल्ली मेट्रो ने सूचना दी है कि दिल्ली में कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए लगा कर्फ़्यू बढ़ने के चलते दिल्ली मेट्रो की सभी लाइनें अगली सूचना तक निलंबित रहेंगी. किसी भी बदलाव की सूचना दी जाएगी.

    इससे पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में जारी लॉकडाउन को एक सप्ताह के लिए और बढ़ाने की घोषणा की है.

    केजरीवाल ने कहा, “पहले लॉकडाउन सोमवार सुबह 17 मई तक के लिए था. हम उसे एक सप्ताह के लिए बढ़ा रहे हैं.“

    “दिल्ली में अच्छी रिकवरी हो रही है. कोरोना काफ़ी तेज़ी के साथ कम हो रहा है. हम नहीं चाहते कि जो स्थिति बेहतर होती दिख रही है, उसमें बदलाव आये. इसलिए लॉकडाउन अब 24 मई, सुबह पाँच बजे तक के लिए बढ़ाया जा रहा है. तब तक मेट्रो सेवा भी बंद रहेगी.”

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  5. कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए पंजाब में 31 मई तक बढ़ीं पाबंदियां

    लॉकडाउन

    इमेज स्रोत, DIPTENDU DUTTA/GETTY IMAGES

    कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए पंजाब में मौजूदा प्रतिबंधों को 31 मई तक के लिए बढ़ा दिया गया है.

    पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सभी प्रतिबंधों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं. हालांकि, दुकानें खुलने का समय निर्धारित होता रहेगा.

    कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए पंजाब में तीन से 15 मई तक सख़्त प्रतिबंध लगाए गए थे. इसमें गैर-ज़रूरी सामानों की दुकानों को बंद कर दिया गया था.

    दस से ज़्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर रोक थी. बैंक और सरकारी दफ्तरों में 50 प्रतिशत कर्मचारी बुलाने की ही इजाजत दी गई थी. निजी दफ़्तरों को वर्क फ्रॉम होम के लिए कहा गया था.

    पंजाब में शनिवार को कोरोना संक्रमण के 6800 से ज़्यादा मामले सामने आए थे और 200 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई थी.

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    हरियाणा ने भी 24 मई तक लॉकडाउन बढ़ाने का फ़ैसला किया है.

    हालांकि प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से कोरोना मरीजों की संख्या में गिरावट आ रही है और सक्रिय मामले भी कम हो रहे हैं.

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  6. इसराइल में मारी गई भारतीय नर्स के घर पहुंचे इसराइली राजदूत

    दक्षिण भारत के लिए इसराइली दूत जॉनथन ज़ाडका ने इसराइल में हुए एक हमले में मारी गई भारतीय नर्स के घर जा कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं.

    इसराइल-फ़लस्तीनी संघर्ष के बीच इसराइल के एक शहर में हुए हमले में सौम्या संतोष की मौत हो गई थी.

    जॉनथन केरल के कीरीतोड़ में सौम्या संतोष के घर पहुंचे और उनके परिवार के साथ मुलाक़ात की.

    सौम्या के घर पर ली गईं कुछ तस्वीरें ट्वीट करते हुए उन्होंने लिखा, "हमारी प्रार्थना सौम्या के परिवार के साथ हैं जिसने हमास के एक कायराना हमले में उन्हें खो दिया."

    केरल के इडुक्की ज़िले के आदिमाली के पास एक गांव में रहने वाली सौम्या इसराइल के अश्कलोन में एक घर में एक बूढ़ी महिला के यहां नर्स के तौर पर काम करती थीं. यह इलाक़ा ग़ज़ा पट्टी की सीमा पर है और हमले में बुरी तरह प्रभावित हुआ है.

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  7. भारत और ब्रिटेन में पाए गए वेरिएंट के ख़िलाफ़ कारगर है कोवैक्सीन

    कोवैक्सीन

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    एक अध्यनन में सामने आया है कि भारत बायोटेक की कोविड-19 वैक्सीन ‘कोवैक्सीन’ कोरोना वायरस के भारत में पाए गए वेरिएंट (बी.1.617) और ब्रिटेन में पाए गए वेरिएंट (बी.1.1.7) को निष्प्रभावी करने में सक्षम है.

    भारत बायोटेक की मैनेजिंग डायरेक्टर सुचित्र ईला ने मेडिकल जर्नल ‘क्लिनिकल इंफेक्शियस डिज़ीज़’ में प्रकाशित एक अध्ययन का हवाला देते हुए ये जानकारी दी है.

    इसमें बताया गया है कि वैक्सीन के डी614जी वेरिएंट के मुक़ाबले बी.1.617 वेरिएंट को निष्प्रभावी करने में कुछ कमी देखी गई थी. हालांकि, इसके बावजूद भी बी.1.617 को निष्प्रभावी करने का स्तर अपेक्षित सुरक्षात्मक स्तर से ज़्यादा है.

    ब्रिटेन में पाए गए बी.1.1.7 और डी614जी के बीच वैक्सीन के असर में कोई अंतर नहीं देखा गया.

    ये अध्ययन नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ वायरोलॉजी और इंडियन काउंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च के सहयोग से किया गया है.

    भारत में जारी टीकाकरण मुहिम करे तहत इस समय कोवैक्सीन और एस्ट्राजेनेका की कोविशील्ड वैक्सीन दी जा रही हैं. आने वाले दिनों में रूस की स्पुतनिक-वी वैक्सीन का इस्तेमाल भी शुरू किया जाएगा.

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  8. ब्रेकिंग न्यूज़, तीन दिनों में राज्यों को मिलेगी वैक्सीन की 51 लाख डोज़

    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि रविवार सवेरे आठ बजे तक केंद्र सरकार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कोरोना वैक्सीन की 20 करोड़ डोज़ मुफ्त में दे चुकी है.

    अगले तीन दिनों में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को वैक्सीन की 51 लाख से अधिक डोज़ मिलेगी.

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  9. ताइवान में सख़्त पाबंदियों के कारण दुकानों पर भीड़, राष्ट्रपति की अपील, देश में ज़रूरी सामान की कमी नहीं

    ताइवान की राष्ट्रपति साई इंग वेन

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    इमेज कैप्शन, ताइवान की राष्ट्रपति साई इंग वेन

    ताइवान की राष्ट्रपति साई इंग वेन ने कहा है कि देश में ज़रूरत के सामान की कोई कमी नहीं होगी, इसलिए जल्दबाज़ी में अधिक खरीदारी न करें.

    ताइवान में बीते साल कोरोना वायरस ने अधिक लोगों को संक्रमित नहीं किया था, लेकिन बढ़ते मामलों के मद्देनज़र सरकार ने ताइपे और आसपास के इलाक़ों में कड़ी पाबंदियां लगा दी हैं.

    बीते रविवार राजधानी ताइपे में संक्रमण के 206 मामले दर्ज किए गए.

    राष्ट्रपति साई इंग वेन ने कहा कि देश में इंस्टैंट नूडल्सल और टॉयलेट पेपर जैसी सभी ज़रूरत के सामान का काफ स्टॉक उपलब्ध है इसलिए लोग आवश्यकता से अधिक खरीदारी न करें.

    उन्होंने कहा, "हमने पूरे एक साल इसकी तैयारी की है और देश में कोरोना से लड़ने के लिए जो ज़रूरी सामान चाहिए सब उपलब्ध है, राशन भी भरपूर मात्रा में मौजूद है. दुकानें भी जैसे पहले काम कर रही थीं वैसे ही खुली रहेंगे."

    उनकी इस अपील के बाद सरकार ने सोशल मीडिया पर सबूत के तौर पर भरे हुए गोदामों की तस्वीरें जारी कीं. साथ ही लोगों से घरों में ही रहने और घर से बाहर निकलने पर मास्क लगाने के लिए कहा गया है.

    ताइवान में कोराना वायरस को फैलने से रोकने के लिए इस सप्ताह अब तक की सबसे सख़्त पाबंदियां लगाई गई हैं.

    इसके बाद बड़ी संख्या में लोग सामान खरीदने के लिए सुपरमार्केट जा रहे हैं और कई दुकानों में सामान ख़त्म हो गया है. कई सुपरमार्केट ने लोगों पर ज़रूरी सामान दो से अधिक संख्या में खरीदने पर भी पाबंदी लगा दी है.

  10. ब्रितानी पीएम बोले, गंभीर ख़तरा बन सकता है भारत में मिला वेरिएंट

    ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन

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    ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन का कहना है कि भारत में मिला कोरोना वायरस के वेरिएंट के कारण ब्रिटेन में लॉकडाउन में ढील देने की योजना में रुकावट आ सकती है.

    उन्होंने बताया कि विशेषज्ञों का कहना है कि ये वेरिएंट 50 प्रतिशत ज़्यादा संक्रामक है और इससे अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीज़ों की संख्या बढ़ सकती है. ये वेरिएंट ब्रिटेन में प्रमुख वेरिएंट बन सकता है.

    ब्रितानी पीएम बोरिस जॉनसन ने कहा कि मौजूदा प्रमाण के आधार पर ऐसा नहीं लगता हमें सोमवार से प्रतिबंध हटाने के तीसरे चरण को रोकने की ज़रूरत है. लेकिन, ये वायरस हमारी प्रगति के लिए गंभीर ख़तरा बन सकता है और जून में प्रतिबंध हटाने के चौथे चरण को लागू करना मुश्किल हो सकता है.

    उन्होंने बताया कि लॉकडाउन में छूट के तहत घर के अंदर लोगों के मिलने-जुलने पर सोमवार से प्रतिबंध हट जाएगा. लेकिन, जून में सभी प्रतिबंधों को हटाने की योजना पर अभी संशय बना हुआ है.

    एक महिला

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    प्रधानमंत्री ने वैक्सीन को अब भी प्रभावी बताया और वैक्सीनेशन के कार्यक्रम में और तेज़ी लाने की बात कही.

    उन्होंने ज़ोर दिया कि ऐसे कोई प्रमाण नहीं है कि वैक्सीन गंभीर बीमारी और अस्पताल में भर्ती होने से सुरक्षा देने में कम प्रभावी हैं.

    उन्होंने कहा, "50 साल से ऊपर और कमज़ोर स्वास्थ्य वाले लोगों को वैक्सीन की दूसरी डोज़ पहले देकर वैक्सीनेशन कार्यक्रम को तेज़ किया जाएगा."

    कोरोना वायरस

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    जल्द बन सकता है प्रमुख वैरिएंट

    हालांकि, ब्रिटेन में स्थानीय नेताओं की मांग है कि भारत में मिले कोरोना वायरस वैरिएंट से प्रभावित इलाक़ों में युवाओं को वैक्सीन देने में प्राथमिकता दी जाए. लेकिन, ब्रिटेन के प्रमुख चिकित्सा सलाहकार प्रोफ़ेसर क्रिस विटी के मुताबिक़ इससे समस्याएं पैदा हो सकती हैं.

    सरकार के वैज्ञानिक सलाहकार समूह के सदस्य प्रोफ़ेसर जॉन एडमंड्स ने बीबीसी से कहा कि कोरोना वायरस का जो वैरिएंट सबसे पहले भारत में मिला था वो जल्द ही ब्रिटेन में प्रमुख वैरिएंट बन सकता है.

    प्रोफेसर जॉन एडमंड्स ने बताया कि ये वैरिएंट ब्रिटेन में काफ़ी फैल गया है. वैक्सीन के बीमारी को गंभीर होने से रोकने की संभावना है लेकिन और ज़्यादा डाटा की ज़रूरत है. भारत से आने वाले लोगों पर लगे प्रतिबंधों के कारण वायरस के प्रसार को कुछ वक़्त तक रोकना संभव हुआ है.

    ब्रिटेन ने भारत को 23 अप्रैल को रेड ट्रैवल लिस्ट वाले देशों में शामिल किया था. इसका मतलब ये है कि सिर्फ़ ब्रिटेन के लोग ही भारत से ब्रिटेन जा सकते हैं. उन्हें भी ब्रिटेन पहुंचने पर 10 दिनों के लिए होटल में क्वारंटीन रहना होगा.

    वहीं, लेबर पार्टी ने प्रधानमंत्री जॉनसन पर भारत से आने-जाने वालों के लिए लंबे समय तक सीमाएं खुली रखने का आरोप लगाया है.

  11. मोदी विरोधी पोस्टर विवाद पर राहुल गांधी बोले- मुझे भी गिरफ़्तार करो

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना वाले पोस्टरों के इर्द-गिर्द जारी विवाद थमता नहीं दिख रहा है, बल्कि दिल्ली पुलिस द्वारा इस मामले में कुछ गिरफ़्तारियाँ किये जाने के बाद मामले ने और तूल पकड़ ली है.

    इस मामले में अब कांग्रेस पार्टी के लोकसभा सांसद और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया है और उन्होंने वही लाइन दोहराई है कि “मोदी जी, हमारे बच्चों की वैक्सीन को विदेश क्यों भेज दिया?”

    इसके साथ ही उन्होंने लिखा है कि “मुझे भी गिरफ़्तार करो.”

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    उनकी बहन और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने तो उस पोस्टर को ट्विटर पर अपनी प्रोफ़ाइल तस्वीर के रूप में लगा लिया है. उन्होंने भी वह पोस्टर ट्वीट किया है.

    इनसे पहले आम आदमी पार्टी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से उस पोस्टर की कुछ तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा था कि “सुना है ये पोस्टर शेयर करने से पूरा सिस्टम कांपने लगता है.”

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    क्या है पूरा मामला?

    दिल्ली में गुरुवार को कई जगहों पर कोविड-19 टीकाकरण अभियान के संबंध में प्रधानमंत्री मोदी की आलोचना वाले पोस्टर लगे हुए मिले थे.

    जिन पोस्टरों को लेकर विवाद है, उन पर लिखा था- “मोदी जी, हमारे बच्चों की वैक्सीन विदेश क्यों भेजी?”

    बताया गया है कि स्पेशल ब्रांच ने दिल्ली पुलिस आयुक्त एस एन श्रीवास्तव को पोस्टरों के बारे में जानकारी दी थी जिसके बाद 12 मई रात से ही दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी. इसके तहत अभी तक कम से कम 25 लोगों को गिरफ़्तार किया जा चुका है.

    दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ़्तार किये गए लोगों में ज़्यादातर ग़रीब और मजबूर लोग हैं जिन्होंने अपनी दिहाड़ी के लिए ये पोस्टर जगह-जगह लगाये थे.

    ये गिरफ़्तारियाँ ऐसे समय में हुई हैं जब देश समेत राजधानी दिल्ली महामारी से पार पाने के लिए संघर्ष कर रही है.

    अंग्रेज़ी भाषा के अख़बार इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, गिरफ़्तार किये गए लोगों ने दो वक़्त की रोटी के इंतज़ाम के लिए पोस्टर लगाए थे. गिरफ़्तार किये गए कुछ लोगों के परिवार वालों का कहना है कि उन्हें इस बारे में पता भी नहीं था कि ये राजनीतिक पोस्टर हैं या क्या हैं. उन्होंने तो सिर्फ़ दो-वक़्त के राशन का इंतज़ाम करने के लिए ये काम किया था.

    दिल्ली पुलिसकर्मियों की शिक़ायतों पर दिल्ली भर में गिरफ़्तारियाँ की गईं हैं. एफ़आईआर आईपीसी की धारा-188 (लोकसेवक के आदेश की अवमानना), धारा-269 (महामारी के दौर में लापरवाही बरतने और संक्रमण फैलाने की आशंका) और दिल्ली रोकथाम अधिनियम और महामारी अधिनियम के तहत दर्ज की गई हैं.

  12. ग़ज़ा में हमास के प्रमुख के घर पर इसराइल का हमला

    हमला

    इमेज स्रोत, Reuters

    इमेज कैप्शन, ग़ज़ा शहर में ढह चुकी एक इमारत

    इसराइल और फ़लस्तीनियों के बीच हिंसक संघर्ष सातवें दिन भी जारी है.

    रविवार सुबह तड़के इसराइल ने ग़ज़ा में हमास के प्रमुख के घर को निशाना बनाया और बमबारी की. इसके तुरंत बाद ही इसराइल के सीमावर्ती शहरों में रॉकेट हमलों की चेतावनी देने वाले सायरन बज उठे.

    इसराइल और फ़लस्तीनियों के बीच भड़की हिंसा का यह लगातार सातवां दिन है और फ़िलहाल यह हिंसा थमती नहीं दिख रही है.

    स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया है कि ग़ज़ा में बीते सोमवार से अब तक अलग-अलग हमलों में कम से कम 153 लोगों की मौत हो चुकी है. मरने वालों में 42 बच्चे भी शामिल हैं.

    इसराइल में भी मौतें हुई हैं. न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स की ख़बर के अनुसार इसराइल में दो बच्चों समेत दस लोगों की मौत हो गई है.

    सालों से चले आ रहे फ़लस्तीनियों और इसराइल के संघर्ष का इसे सबसे बुरा दौर कहा जा रहा है.

    इसपर चर्चा के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आज यानी रविवार को बैठक भी होनी है.

  13. कोरोना: दिल्ली में एक सप्ताह के लिए बढ़ा लॉकडाउन

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    दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में जारी लॉकडाउन को एक सप्ताह के लिए और बढ़ाने की घोषणा की है.

    केजरीवाल ने कहा, “पहले लॉकडाउन सोमवार सुबह 17 मई तक के लिए था. हम उसे एक सप्ताह के लिए बढ़ा रहे हैं. दिल्ली में अच्छी रिकवरी हो रही है. कोरोना काफ़ी तेज़ी के साथ कम हो रहा है. हम नहीं चाहते कि जो स्थिति बेहतर होती दिख रही है, उसमें बदलाव आये. इसलिए लॉकडाउन अब 24 मई, सुबह पाँच बजे तक के लिए बढ़ाया जा रहा है. तब तक मेट्रो सेवा भी बंद रहेगी.”

    इसके अलावा केजरीवाल ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वो छींटाकशी से बचें.

    उन्होंने एक ट्वीट में लिखा है कि “करोना ने क़हर ढाया हुआ है. लोग बहुत दुखी हैं. ये वक़्त एक दूसरे पर उँगली उठाने का नहीं, बल्कि एक दूसरे को सहारा देने का है. मेरी पार्टी के हर कार्यकर्ता से अपील है कि वो जहाँ भी हैं, अपने आस-पास के लोगों की तन, मन, धन से भरपूर मदद करें. इस वक़्त यही सच्ची देशभक्ति है, यही धर्म है.”

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    उनके इस ट्वीट को पीएम मोदी की आलोचना में लगाये गये पोस्टरों से जोड़कर देखा जा रहा है जिन्हें छापने और चिपकाने वाले क़रीब 25 लोगों को दिल्ली पुलिस ने विभिन्न धाराओं में गिरफ़्तार कर लिया है.

    दिल्ली से छपने वाले कुछ अख़बारों की रिपोर्ट के अनुसार ये पोस्टर आम आदमी से जुड़े लोगों ने छपवाये थे. हालांकि, पार्टी ने आधिकारिक तौर पर इस बारे में कोई बयान नहीं दिया है.

    लेकिन शनिवार रात उनके ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया जिसमें वही लिखा था जो इन पोस्टरों पर लिखा था-“मोदी जी हमारे बच्चों की वैक्सीन विदेश क्यों भेज दी.”

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  14. चीन ने पाकिस्तान को बताया कि वो इसराइल-फ़लस्तीनियों में किसके साथ है

    चीन

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    चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने शनिवार को पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी के साथ फ़ोन पर बात की. इस दौरान दोनों विदेश मंत्रियों ने फ़लस्तीनी-इसराइल संषर्घ पर चर्चा की. इस बातचीत में चीन ने इस हालिया संघर्ष पर अपनी स्थिति को भी स्पष्ट किया.

    चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि हाल के दिनों में इसराइल-फ़लस्तीनी संघर्ष काफ़ी बढ़ गया और हिंसक हुआ है. इससे बड़ी संख्या में लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है और ये स्थिति चिंता में डालने वाली है.

    शाह महमूद क़ुरैशी से फ़ोन पर हुई बातचीत के दौरान वांग यी ने कहा कि आज जिस तरह से हालात बिगड़े हैं उसका सबसे बड़ा और अहम कारण है कि लंबे समय से फ़लीस्तीनी मुद्दे पर कोई न्यायसंगत समाधान नहीं निकाला जा सका है.

    उन्होंने कहा, “ख़ासतौर पर हाल के सालों में मध्य-पूर्व शांति प्रक्रिया अपने मूल रास्ते से भटक गई है. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों को गंभीरता से लागू नहीं किया गया है और सबसे अहम स्वतंत्र देश के निर्माण के फ़लीस्तीनी अधिकार की लगातार अवहेलना की गई है. जिसकी वजह से यह स्थिति यहां आ पहुंची है.”

    पाकिस्तान

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    वांग यी ने मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि जब तक फ़लीस्तीनी मुद्दे का न्यायोचित समाधान नहीं निकाला जाता तब तक ना ही फ़लीस्तीन और इसराइल के बीच शांति हो सकेगी और ना ही मध्य-पूर्व भी पूरी तरह शांत हो सकेगा.

    वांग यी ने सुरक्षा परिषद की भूमिका को अहम बताते हुए कहा, “अभी संघर्ष-विराम और हिंसा रोकने पर ज़ोर दिया जा रहा है और अब यह सुरक्षा परिषद की ज़िम्मेदारी है कि वो जल्द से जल्द फ़लस्तीनियों और इसराइल के बीच के तनाव को कम करे.”

    उन्होंने बताया कि मई महीने के लिए सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष के तौर पर चीन ने फ़लस्तीन-इसराइल संघर्ष को लेकर दो बार आपातकालीन बैठक के लिए दबाव बनाया है और साथ ही कार्रवाई को ध्यान में रखते हुए परिषद के मार्गदर्शन के लिए एक प्रेस-विज्ञप्ति का मसौदा भी तैयार किया है.

    उन्होंने बताया, “हालांकि यह अफ़सोस की बात है कि परिषद अभी तक किसी समझौते तक पहुंचने में असफल रही है.”

    वांग यी ने अमेरिका के संदर्भ में कहा कि“अमेरिका इंटरनेशनल-जस्टिस के उलट में खड़ा है.”

    उन्होंने कहा कि काउंसिल के सभी सदस्यों से अपनी ज़िम्मेदारियों का निर्वहन करने और शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए प्रभावी प्रयास करने के लिए आग्रह किया गया है.

    वांग यी की इस बातचीत में प्रमुख बात दो देश निर्माण की थी.

    चीन

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    उन्होंने कहा कि फ़लस्तीनियों के मुद्दे को दो देश निर्माण से सुलझाया जा सकता है. यही एकमात्र और अंतिम उपाय है, जिससे इस मुद्दे का समाधान संभव है. चीन रविवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में फ़लस्तीन-इसराइल संघर्ष पर होने वाली डिबेट (वाद-विवाद) की मेज़बानी करेगा.

    चीन की ओर से उम्मीद जताई गई है कि सभी पक्ष इस मुद्दे पर एकजुट होकर आगे आएंगे और अपनी बात रखेंगे.

    वांग यी ने चीन के विचार रखते हुए कहा कि “संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को दो-राष्ट्र के तहत समाधान को मंजूरी दे देनी चाहिए और फ़लस्तीन, इसराइल से दो-देश समाधान के आधार पर शांति वार्ता को शुरू करने के लिए आग्रह करना चाहिए.”

    वांग यी ने कहा कि चीन फ़लस्तीनियों के अधिकारों की बहाली के लिए अपने प्रयासों को जारी रखेगा. वांग यी ने कहा कि चीन राजनीतिक बातचीत से इस मामले का उचित समाधान निकालने को लेकर दृढ़-प्रतिज्ञ है.

    उन्होंने इस मुद्दे को सुलझाने के लिए अरब लीग और ओआईसी की भूमिका को भी बेहद अहम बताया है.

    वहीं पाकिस्तान के विदेश मंत्री क़ुरैशी ने कहा कि पाकिस्तान सुरक्षा परिषद में न्याय व्यवस्था बनाए रखने के लिए चीन के प्रयासों की सराहना करता है.

    उन्होंने कहा, “हमारा देश संघर्ष विराम और हिंसा को रोकने के लिए और साथ ही शांति व्यवस्था कायम करने के लिए चीन के साथ मिलकर आगे बढ़ने का इच्छुक है.”

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  15. कोरोना से कांग्रेस सांसद राजीव सातव का निधन

    कांग्रेस सांसद राजीव सातव का पुणे के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया है. अस्पताल का कहना है कि कोविड संक्रमित होने के बाद राजीव का इलाज चल रहा था. 46 साल के राजीव सातव को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था. राजीव को कांग्रेस नेता राहुल गांधी का क़रीबी माना जाता था. 22 अप्रैल को राजीव की कोविड रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी. इसके बाद वे वायरल इन्फेक्शन से ग्रसित हो गए थे.

    राहुल गांधी ने राजीव सातव की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया है. राहुल ने अपने ट्वीट में लिखा है, ''मैं अपने दोस्त राजीव को खोकर बहुत दुखी हूँ. वे क्षमतावान नेता थे और कांग्रेस की विचारधारा को लेकर प्रतिबद्ध थे. हम सभी के लिए यह बड़ा नुक़सान है. श्रद्धांजलि.''

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  16. कोरोना संक्रमण से भारत में बीते 24 घंटे में चार हज़ार से अधिक की मौत

    कोरोना

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    भारत में बीते 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 3,11,170 नए मामले सामने आए हैं. वहीं बीते 24 घंटे में कोरोना के कारण 4,077 लोगों की मौत हो गई है.

    देश में अब तक 18 करोड़ से अधिक लोगों को वैक्सीन लग चुकी है.

    बीते 24 घंटे में 3,62,437 लोग इलाज के बाद डिस्चार्ज भी हुए हैं.

  17. ऑस्ट्रेलिया- विवादित ट्रैवल बैन ख़त्म होने के बाद 80 लोगों के साथ डार्विन पहुँचा पहला विमान

    डार्विन पहुंचा पहला विमान

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    ऑस्ट्रेलिया ने भारत में गए ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों के आने पर कोरोना के कारण बैन लगा दिया था. लेकिन आलोचना के बाद ऑस्ट्रेलियाई सरकार को ये फ़ैसला वापस लेना पड़ा था.

    प्रतिबंध हटने बाद शनिवार को पहला विमान दिल्ली से उड़ान भरकर ऑस्ट्रेलिया के डार्विन पहुंचा.

    सरकार ने बताया कि शनिवार को 80 लोग डार्विन पहुंचे और वे दो सप्ताह के लिए क्वारंटीन में रहेंगे. हालांकि इस विमान (कंटास) से क़रीब डेढ़ सौ लोगों को जाना था लेकिन टेस्ट में 70 यात्री कोरोना पॉज़ीटिव पाए गए जिसके कारण उन्हें रोक दिया गया.

    ऑस्ट्रेलिया की ओर से यात्रा के लिए नियम अभी भी बहुत सख़्त हैं. ऐसे में इस बात की गुंजाइश बेहद कम थी कि जो अन्य यात्री ऑस्ट्रेलिया जाने की प्रतीक्षा कर रहे हैं वे इतने कम समय में सारी कार्रवाई पूरी कर पाते और इसी विमान से यात्रा कर पाते.

    ट्रेज़रर जोश फ्राइडेनबर्ग ने कहा कि- मई में और भी कई यात्री विमान ऑस्ट्रेलिया लौटेंगे. जिसमें अधिक संख्या में लोग वापसी कर सकेंगे.

    ऑस्ट्रेलियाई परिवार

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    इमेज कैप्शन, यात्रा प्रतिबंध के कारण भारत में फंसा एक ऑस्ट्रेलियाई परिवार

    उन्होंने कहा, “हम मेडिकल सलाह का पालन कर रहे हैं और यह सुनिश्चित करना हमारी ज़िम्मेदारी है कि हम यहां ऑस्ट्रेलियाई लोगों का रक्षा कर सकें.”

    फ्राइडेनबर्ग ने कहा कि, “हमें अपनी हेल्थ-सेटिंग्स को बनाए रखना है क्योंकि हम जानते हैं कि अगर ऑस्ट्रेलिया में संक्रमण बढ़ा तो यह यहां के लोगों और उनकी आजीविका के लिए कितना नुकसानदेह हो सकता है.”

    उन्होंने बताया कि ऑस्ट्रेलियाई उच्चायोग भारत में फंसे दूसरे ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों की मदद के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है.

    अब तक क़रीब 9500 लोग ऑस्ट्रेलिया वापसी के लिए रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं.

    ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने तीन सप्ताह के यात्रा प्रतिबंध के बाद एक बार फिर भारत से विमान आगमन के लिए मंजूरी दे दी है.

    भारत में कोरोना महामारी से मची तबाही और हर रोज़ आते लाखों की संख्या में संक्रमण के मामलों के कारण ऑस्ट्रेलिया ने भारत से आने वाले विमानों पर रोक लगा दी थी.

    लेकिन आलोचकों का कहना है कि बचाव के जो प्रयास किये जा रहे हैं वो नाकाफ़ी हैं. उनका कहना है कि जितनी संख्या में ऑस्ट्रेलियाई इस समय भारत में फंसे हुए हैं, उन्हें देखते हुए भारत से ऑस्ट्रेलिया के लिए और अधिक कमर्शियल एयरलाइंस को मंज़ूरी दी जानी चाहिए.

  18. मोदी विरोधी पोस्टर लगाने में किन लोगों को गिरफ़्तार किया गया है?

    नरेंद्र मोदी

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    दिल्ली पुलिस ने कोविड-19 टीकाकरण अभियान के संबंध में प्रधानमंत्री मोदी की आलोचना वाले पोस्टर को छापने और चिपकाने के लिए अब तक क़रीब 25 लोगों को गिरफ़्तार किया है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ये पोस्टर दिल्ली के कई हिस्सों में लगे हुए थे. गुरुवार को पुलिस को इन पोस्टर्स की सूचना मिली जिसके बाद ज़िले के वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया गया.

    अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार इन 25 लोगों में एक 19 साल का लड़का है, जिसने बीच में ही पढ़ाई छोड़ दी थी, एक 30 साल का ऑटो-रिक्शा ड्राइवर है और एक 61 साल का दिहाड़ी मज़दूर भी, जो पोस्टर के लिए लकड़ी के फ्रेम बनाने का काम करते हैं.

    ये गिरफ़्तारियां ऐसी समय में हुई हैं जब देश समेत राजधानी महामारी से पार पाने के लिए संघर्ष कर रही है.

    स्पेशल ब्रांच ने दिल्ली पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव को पोस्टरों के बारे में जानकारी दी थी. जिसके बाद 12 मई रात से ही दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी. इसके तहत अभी तक कम से कम 25 लोगों को गिरफ़्तार किया जा चुका है.

    वीडियो कैप्शन, कोरोना वायरस: बंगाल में हुई चुनावी रैलियां क्या अब असर दिखा रही हैं? Cover Story

    जिन पोस्टरों को लेकर विवाद है, उन पर लिखा था- “मोदी जी हमारे बच्चों की वैक्सीन विदेश क्यों भेजी?”

    जिन लोगों की गिरफ़्तारियां हुई हैं, उनमें से ज़्यादातर ग़रीब और दिहाड़ी मज़दूर हैं. अख़बार की रिपोर्ट के अनुसार इन्होंने दो वक़्त की रोटी के इंतज़ाम के लिए पोस्टर लगाए थे. गिरफ़्तार किए गए कुछ लोगों के परिवार वालों का कहना है कि उन्हें तो इस बारे में पता भी नहीं था कि ये राजनीतिक पोस्टर हैं या क्या हैं. उन्होंने सिर्फ़ दो-वक़्त के राशन का इंतज़ाम करने के लिए ये काम किया.

    पूर्वी दिल्ली के मंडावली से चार लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.

    इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार 24 साल के राहुल त्यागी ने कहा कि उन्हें आम आदमी पार्टी के पार्षद धीरेंद्र कुमार के कार्यालय में 11 मई को 20 पोस्टर दिये गए थे. उनसे कहा गया था कि इन्हें कल्याणपुरी में लगाना है, जिसके बदले उन्हें 600 रुपये देने का वादा किया गया था.

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    अख़बार की रिपोर्ट के अनुसार राहुल त्यागी के आरोप के बाद जब धीरेंद्र कुमार से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उन्होंने सभी आरोपों से इनकार किया और कहा कि वे केवल लोगों के लिए काम कर रहे हैं.

    आम आदमी पार्टी की ओर से भी इन आरोपों के संबंध में कोई जवाब नहीं दिया गया है. लेकिन शनिवार रात उनके ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया जिसमें वही लिखा था जो इन पोस्टरों पर लिखा था-“मोदी जी हमारे बच्चों की वैक्सीन विदेश क्यों भेज दी.”

    राहुल त्यागी भी इस मामले में गिरफ़्तार हुए थे लेकिन उनके परिवार ने उन्हें ज़मानत पर रिहा करा लिया है. उनके साथ ही तीन और लोग भी गिरफ़्तार हुए थे.

    त्यागी ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा है, “मेरे माता-पिता काफ़ी निराश हैं और अब वो मुझे काम नहीं करने देंगे. मैं ये सिर्फ़ अपना ख़र्च उठा सकूं इसलिए करता था.”

    दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार अब तक 25 लोगों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की जा चुकी है और जैसे-जैसे शिकायत मिल रही है पुलिस एफ़आईआर हो रही है.

    वीडियो कैप्शन, भारत में बच्चों को कोरोना का टीका लगाने की क्या तैयारियां हो रही हैं?

    अख़बार की रिपोर्राट के अनुसार राहुल त्यागी ने बताया कि 19 साल के राजीव भी पोस्टर चिपकाने का काम करते हैं. इसके अलावा दिलीप(35 साल) और शिवम(24साल) ने पोस्टर देने का काम किया था.

    उन्होंने बताया कि पोस्टर लगाने के बदले उन्हें जो पैसे मिलने थे वो भी उन्हें अभी तक नहीं मिले हैं. उनकी मोटर-बाइक भी थाने में ही खड़ी है.

    दिल्ली पुलिस कर्मियों की शिकायतों पर दिल्ली भर में गिरफ़्तारियां की गईं हैं. एफ़आईआर आईपीसी की धारा188 (लोकसेवक के आदेश की अवमानना), धारा 269 (महामारी के दौर में लापरवाही बरतने और संक्रमण फैलाने की आशंका)और दिल्ली रोकथाम अधिनियम और महामारी अधिनियम के तहत दर्ज की गई हैं.

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    जांच करने वाले दिल्ली पुलिस के कुछ अधिकारियों ने बताया कि जिन लोगों को इन कामों के लिए चुना गया वे मुख्य रूप से पोस्टर प्रिंट करने का काम और लगाने का कामम करने वाले हैं. हालांकि अभी भी इस बात की जांच चल रही है कि इन पोस्टर के पीछे मुख्य शख़्स कौन है जिसने ये लगाने का आदेश दिया था.

    एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक़, अभी गिरफ़्तार किये गए लोगों को ज़मानत पर रिहा कर दिया गया है.

    मंडावली के अलावा पश्चिमी दिल्ली के कीर्ति नगर से भी पांच लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. जिनकी पहचान देवेंद्र कुमार (51 साल), राज छाबड़ा (47 साल), अनिल गुलाटी (61 साल), मुरारी(45 साल) और राकेश (42 साल) के रूप में की गई है.

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    इनकी गिरफ़्तारी पर दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि – “देवेंद्र एक ठेकेदार हैं. जिसे इस काम के लिए पंद्रह हज़ार रुपये मिले. उन्होंने अपना प्रिंटिंग प्रेस चलाने वाले छाबड़ा से पोस्टर छापने के लिए कहा. बाद में उन्होंने ही लकड़ी का फ्रेम बनाने वाले गुलाटी को संपर्क किया. राकेश ऑटो चालक हैं जिन्होंने पोस्टर ले जाने का काम किया और मुरारी पोस्टर लगाने का काम करते हैं.”

    राकेश और मुरारी को सीसीटीवी फुटेज के आधार पर गिरफ़्तार किया गया था. जिसमें वो बिजली एक खंबे पर साइन-बोर्ड लगाते नज़र आ रहे हैं.

    इसी तरह मंगोलपुरी से भी तीन लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. द्वारका के डाबरी से पुलिस ने दो लोगों को पोस्टर लगाने के आरोप में गिरफ़्तार किया है.

    उत्तरी दिल्ली के तिमारपुर से भी गिरफ़्तारी की गई है. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पोस्टर लगाने के काम में ज़्यादातर वही लोग शामिल हैं जिन्होंने लॉकडाउन में अपनी नौकरी खो दी थी. इन लोगों को तीन सौ-पांच सौ रुपये पर पोस्टर लगाने का काम दिया गया था.

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