गोवा के अस्पताल में 26 मरीज़ों की मौत, ऑक्सीजन की हुई थी कमी

गोवा के स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे ने पत्रकारों से बात करते हुए ये माना कि अस्पताल में ऑक्सीजन सप्लाई की कमी हुई थी.

लाइव कवरेज

  1. कोरोनाः बीजेपी अध्यक्ष नड्डा ने लिखी सोनिया गांधी को चिट्ठी, कहा कांग्रेस नेताओं का रवैया याद रखा जाएगा

    जेपी नड्डा

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    भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कोरोना महामारी पर कांग्रेस की आलोचनाओं का जवाब देते हुए पार्टी और उसके नेताओं पर कड़ा प्रहार किया है.

    नड्डा ने सोमवार को कांग्रेस कार्यसमिति में मोदी सरकार की आलोचना का जवाब देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को एक चिट्ठी लिखी है.

    इसमें उन्होंने लिखा है, "महामारी के दौरान कांग्रेस के व्यवहार से मैं हैरान नहीं, बल्कि आहत हूँ."

    उन्होंने कहा, "राहुल गांधी समेत कांग्रेस नेताओं का व्यवहार दोमुँहेपन और ओछेपन के लिए याद रखा जाएगा."

    चिट्ठी में वैक्सीन पर हो रही आलोचना को लेकर उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने वैक्सीन को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा करने की कोशिश की.

    नड्डा ने लिखा, "हाल के इतिहास में भारत में टीके को लेकर कभी कोई हिचकिचाहट नहीं रही, मगर कांग्रेस ने एक ऐसी महामारी के दौरान ऐसा करने की कोशिश की जो सदी में एक बार आती है."

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    बीजेपी अध्यक्ष ने लिखा कि ऐसे समय जब सारा भारत कोरोना से लड़ रहा है, कांग्रेस को लोगों को भ्रम में डालना और झूठी दहशत फैलाना बंद करना चाहिए.

    भारत में कोरोना महामारी की दूसरी लहर में केंद्र सरकार पर लगातार आक्रमण कर रही कांग्रेस ने सोमवार को कार्यसमिति की बैठक के बाद एक प्रस्ताव पारित किया था.

    इसमें कहा गया, "कोरोना से जिस प्रकार से जानमाल का नुकसान हो रहा है और जिस प्रकार से यह सरकार अपराधिक तौर से निष्क्रिय है और मोदी सरकार ने पूरे देश को राम भरोसे छोड़ दिया है; उस पर कांग्रेस कार्य समिति ने व्यापक प्रस्ताव पारित किया है."

    बैठक की शुरूआत करते हुए पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बैठक में कहा, "कोविड 19 की दूसरी लहर मोदी सरकार की उदासीनता, असंवेदनशीलता और अक्षमता का सीधा परिणाम है."

  2. बिहार: पप्पू यादव पटना में गिरफ़्तार, लॉकडाउन के नियमों को तोड़ने का आरोप

    पप्पू यादव

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    जन अधिकार पार्टी के प्रमुख पप्पू यादव को गिरफ़्तार कर लिया गया है. उनकी गिरफ़्तारी पटना में हुई.

    न्यूज़ एजेंसी एएनआई ने डीएसपी टाउन सुरेश प्रसाद के हवाले से लिखा है, "उन्हें लॉकडाउन के नियमों के उल्लंघन के लिए गिरफ़्तार किया गया है. वह बिना परमिट के घूम रहे थे. उनके ख़िलाफ़ कानूनी कार्रवाई की जा रही है."

    गिरफ़्तारी के बाद पप्पू यादव ने कहा कि "वे आपको बताएंगे कि मुझे क्यों गिरफ्तार किया गया है. मैं पिछले डेढ़ महीने से हर परिवार की मदद कर रहा हूं. बावजूद इसके कि कुछ समय पहले ही मेरा ऑपरेशन हुआ था. सरकार और नीतीश बाबू को ही पता होगा कि ये सब क्या है. लॉकडाउन के उल्लंघन पर गिरफ़्तारी नहीं होती है."

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    पप्पू यादव बीते दिनों भी चर्चा में थे. जब उन्होंने एक ऐसी जगह पर छापा मारा था जहां दो दर्जन से अधिक एंबुलेंस खड़ी थीं. ये एंबुलेंस लोकसभा सांसद राजीप प्रताप रूडी की सांसद निधी से ख़रीदी गई थीं.

    समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक़ पप्पू यादव बीते शुक्रवार को अपने समर्थकों के साथ इस जगह पहुंचे थे और सुरक्षाकर्मियों के विरोध के बावजूद अंदर घुस गए थे.

    उन्होंने यहां खाली खड़ी एंबुलेंस के ऊपर ढंके त्रिपाल को हटाते हुए वीडियो बनाया और उसे ट्विटर पर पोस्ट कर दिया.

    पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि एक तरफ़ तो बिहार में लोग इलाज के बिना मर रहे हैं और दूसरी तरफ पूर्व सांसद के कार्यालय में एंबुलेंस खाली खड़ी हैं.

    यादव ने कहा था कि एक किलोमीटर दूर स्थित अस्पतालों में मरीज़ को पहुंचाने के लिए भी लोगों को दस-बारह हज़ार रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं.

    स्वास्थ्य सेवाओं में एंबुलेंस की कमी का हवाला देते हुए उन्होंने कहा था कि सारण से सासंद राजीव रूडी ने सौ एंबुलेंस अपने पास रख रखी हैं.

    हालांकि राजीव प्रताप रूडी ने इन आरोपों को खारिज किया था और कहा था कि कुछ एंबुलेंस ख़राब होने के कारण या फिर ड्राइवर की कमी के कारण खड़ी हैं.

    बाद में ये विवाद काफी बढ़ गया था.

    बीबीसी संवाददाता दिलनवाज़ पाशा ने इस ख़बर के हर पहलू को सामने रखते हुए यह रिपोर्ट भी की थी.

  3. छत्तीसगढ़: गाँवों में तेज़ी से फैल रहा कोरोना; ना टीका मिल रहा, ना इलाज

    बीबीसी

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    बिलासपुर ज़िले के कड़ार गाँव के 54 साल के भरत कश्यप के घर पर इस बात का नोटिस चस्पाँ है कि वे और उनके परिवार के सदस्य कोरोना से संक्रमित हैं.

    कोरोना के लक्षण के बाद उन्होंने इसी महीने की चार तारीख़ को और उनके परिवार के तीन अन्य सदस्यों ने सात मई को स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराई थी, जहां उन सबकी कोरोना रिपोर्ट पॉज़िटिव आई.

    लेकिन बिलासपुर ज़िले में हर दिन की कोरोना संक्रमितों की जो सूची है, उसमें इस परिवार के किसी सदस्य का नाम नहीं है. कड़ार गाँव में ऐसे कई परिवार हैं, जिनकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जाँच हुई और वे पॉज़िटिव आए, उन्हें स्वास्थ्य केंद्र से दवा दी गई, उनके घर के सामने कोरोना संक्रमित होने की सूचना चस्पाँ की गई और उनका नाम ज़िले के कोरोना संक्रमितों की सूची में नहीं है.

    राज्य सरकार सरकार का दावा है कि लगभग महीने भर से राज्य के अधिकांश हिस्सों में जारी लॉकडाउन के दौरान बड़े शहरों में तो कोरोना के मामलों में कमी आई है लेकिन ग्रामीण इलाक़ों में कोरोना के मरीज़ बढ़ते जा रहे हैं.

    राज्य में रविवार की सुबह तक सर्वाधिक 1086 कोरोना संक्रमितों की पहचान रायगढ़ ज़िले में की गई है. वहीं 1021 नए मरीज़ जांजगीर-चांपा ज़िले में मिले है. तीसरे क्रम में बलौदा बाज़ार ज़िला है, जहाँ 728 कोरोना संक्रमितों की पहचान की गई है.

  4. कोरोनाः नेपाल में भी भारत जैसा हाल; बेड-ऑक्सीजन की कमी, चिताओं का अंबार

    नेपाल में कोरोना के हालात

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    भारत का पड़ोसी देश नेपाल भी कोरोना वायरस की दूसरी लहर के चंगुल में जकड़ता जा रहा है.

    क़रीब तीन करोड़ की आबादी वाले इस छोटे से देश में पिछले महीने तक एक दिन में संक्रमण के क़रीब 100 मामले दर्ज किए जा रहे थे लेकिन अब वहां एक दिन में 10,000 के क़रीब मामले आ रहे हैं.

    नेपाल के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक़, सोमवार को वहाँ पिछले 24 घंटे में संक्रमण के 9,127 नए मामले और 139 मौतें दर्ज की गई हैं.

    महामारी शुरू होने के बाद से अब तक वहां कुल क़रीब 4000 लोगों की मौत हो चुकी है. हाल के हफ़्तों में मौतों का आंकड़ा तेज़ी से बढ़ा है.

  5. भारत में 24 घंटे में 3.29 लाख नए मरीज़, 3876 की मौत

    कोरोना

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  6. कोरोना: अमेरिका में 13 मई से 12 से 15 साल के बच्चों को दिया जा सकता है टीका

    कोरोना

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    अमेरिका में अब 12 साल से 15 साल के बच्चों को भी कोविड वैक्सीन दी जा सकेगी.

    न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स की ख़बर के अनुसार, जिसकी शुरुआत इसी सप्ताह 13 मई से हो सकती है.

    अमेरिकी नियामकों ने फाइजर-बायोएनटेक की कोविड-19 वैक्सीन के किशोरों (12-15 साल) में इस्तेमाल के लिए आपातकालीन मंज़ूरी दे दी है.

    यह पहली वैक्सीन है जो 12 साल से 15 साल के बच्चों को दी जा रही है. इस उम्र के बच्चों के टीकाकरण को एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है जिससे शायद आने वाले समय में उनका जीवन सामान्य हो सके और वो दोबारा स्कूल जा सकें.

    अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने राज्यों से कहा है कि वे अपने यहां युवा किशोरों को जल्द से जल्द वैक्सीन उपलब्ध कराएं.

    उन्होंने कहा, "यदि आप एक अभिभावक हैं, माता-पिता हैं जो अपने बच्चे को सुरक्षित रखना चाहते हैं या खुद कोई ऐसा बच्चा जो टीकाकरण कराने का इच्छुक है तो उनके लिए आज का यह फ़ैसला काफी उम्मीद भरा और महत्वपूर्ण है."

    अमेरिका में 16 साल के किशोरों के लिए आपातकालीन स्थिति के लिए भी टीका उपलब्ध है.

    अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन केंद्र के जैविक मूल्यांकन एवं अनुसंधान के निदेशक पीटर मार्क्स ने संवाददाताओं को बताया कि कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने और उसकी रोकथाम के लिए अमेरिकी केंद्रों की एक सलाहकार समिति की सलाह और निर्देश के बाद राज्य अपने यहां बच्चों को वैक्सीन लगा सकेंगे. जो 12 मई को जारी कर दिया जाएगा.

    जिन बच्चों में कोरोना संक्रमण है उनमें से ज्यादातर में हल्के लक्षण ही दिखाई देते हैं. या फिर उनमें कोई लक्षण नज़र नहीं आता है. हालांकि ऐसा नहीं है कि वो गंभीर रूप से बीमार नहीं हो सकते हैं. और ऐसा भी हो सकता है कि वो वायरस को फैलाएं भी.

    अमेरिकी खाद्य और औषधि प्रशासन (एफडीए) के आयुक्त डॉ. जेनेट वुडकॉक ने कहा कि यह कदम "हमें सामान्य स्थिति में लौटने और महामारी को समाप्त करने में मददगार साबित होगा.

    अमेरिका में अभी तक क़रीब 260 मिलियन खुराक दी जा चुकी हैं लेकिन अब इसकी मांग कम हो रही है.

    वुडकॉक ने अपने बयान में कहा कि "हम माता-पिता और अभिभावकों यह आश्वासन दे सकते हैं कि एजेंसी ने सभी उपलब्ध आंकड़ों की समीक्षा की है."

    सोमवार को इसके सफल परीक्षण की घोषणा के साथ ही 12साल से 15 साल के बच्चों में फ़ाइज़र के आपातकालीन इस्तेमाल को मंज़ूरी दे दी गई.

    यह फ़ैसला क्लीनिकल ट्रायल के सफल नतीजे आने के बाद लिया गया है. जिसमें वैक्सीन का 2260 बच्चों पर ट्रायल किया गया. इनकी उम्र 12 से 15 साल के बीच थी.

  7. ब्रेकिंग न्यूज़, कोरोनाः आंध्र प्रदेश के अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से 11 मरीज़ों की मौत

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    आंध्र प्रदेश में तिरुपति के एक सरकारी अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से कम-से-कम 11 कोविड रोगियों की मौत हो गई है. ये सारे मरीज़ रूइया अस्पताल के आईसीयू वॉर्ड में भर्ती थे.

    अस्पताल के सुपरिंटेंडेंट डॉक्टर भारती ने बताया कि ये हादसा ऑक्सीजन सप्लाई के प्रेशर में कमी आने के कारण हुआ और 11 ऐसे मरीज़ों की मौत हो गई जिन्हें वेंटिलेटर लगा था.

    हादसे की ख़बर पाकर अस्पताल पहुँचे चित्तूर के ज़िलाधिकारी एम हरि नारायणन ने बताया कि हादसा रात साढ़े आठ बजे हुआ जब ऑक्सीजन सिलिंडर को दोबारा लोड होने में पाँच मिनट की देर हो गई जिसकी वजह से मरीज़ों की जान चली गई.

    ज़िलाधिकारी ने बताया कि अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी नहीं थी. उन्होंने कहा कि घटना के बाद तत्काल 30 डॉक्टर भागकर आईसीयू चले गए.

    उन्होंने कहा, "प्रेशर मुश्किल से पाँच मिनट कम रहा, इस दौरान एक टैंकर आ गया, लेकिन जब तक उससे ऑक्सीजन सप्लाई बहाल की जाती तब तक 11 मरीज़ों की मौत हो गई."

    उन्होंने बताया कि पाँच मिनट के भीतर ऑक्सीजन सप्लाई बहाल कर दी गई और सब सामान्य हो गया. इस वजह से कई और लोगों की जान बचाई जा सकी.

    घटना के समय अस्पताल के आईसीयू वॉर्ड में और ऑक्सीजन बेड्स पर लगभग 700 कोविड रोगियों का इलाज हो रहा था. साधारण वॉर्ड में अन्य 300 मरीज़ भर्ती थे.

    आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने ज़िलाधिकारी से बात कर घटना की जाँच के आदेश दिए हैं. उन्होंने साथ ही सारे राज्य के अस्पतालों पर लगातार निगरानी रखने का भी आदेश दिया है.

  8. नमस्कार,

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