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मुंबई एयरपोर्ट पर बिना पहिए के विमान की इमरजेंसी लैंडिंग
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एक एयर एंबुलेंस ने गुरुवार रात को मुंबई एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग की.
नागपुर से उड़ान भरने के बाद विमान का पहिया टूट गया था.
प्रशासन का कहना है कि बीचक्राफ़्ट
वीटी-जेआईएल एयरक्राफ़्ट नागपुर से हैदराबाद जा रहा था तभी उसने फ़ुल इमरजेंसी की
घोषणा की और रात 9 बजकर 9 मिनट पर उसकी बेली-लैंडिंग कराई गई.
विमान में दो क्रू सदस्य, एक मरीज़, उनका एक रिश्तेदार और एक डॉक्टर थे.
तकनीकी दिक़्क़त के बाद विमान को मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय
एयरपोर्ट की ओर मोड़ा गया था.
इसके बाद एयरपोर्ट की इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम ने तैयारी की और मेडिकल टीम को अलर्ट
पर रखा था. एहतियात के तौर पर एयरपोर्ट के रनवे पर फ़ोम डाला गया ताकि विमान की
लैंडिंग के समय उसमें आग न लगे.
इसके बाद सफलतापूर्वक विमान को मुंबई एयरपोर्ट पर लैंड कराया गया. मुंबई
एयरपोर्ट पर अब बाक़ी की फ़्लाइट पहले के निर्धारित समय से उड़ान भर रही हैं.
नागरिक उड्डयन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हरदीप सिंह पुरी ने भी ट्वीट करके इस
घटना की जानकारी दी थी.
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मरीज़ को मुंबई के नानावती अस्पताल
में भर्ती कराया गया है.
वहीं, समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार मध्य प्रदेश में एक दूसरा विमान हादसा
पेश आया है.
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रेमडेसिवीर दवा ला रहा मध्य प्रदेश सरकार का एक छोटा विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ
है.
ग्वालियर की एएसपी हितिका वासल ने बताया है कि विमान रनवे पर फिसल गया था
जिसके बाद यह दुर्घटना हुई.
रात 8.50 बजे यह घटना हुई, विमान में 2 पायलट समेत तीन लोग थे जिन्हें चोटें
आई हैं.
ब्रेकिंग न्यूज़, मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद धमाके में घायल
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मालदीव पुलिस ने ट्वीट करके बताया
है कि राजधानी माले के नीलोआफ़रू मागू इलाक़े में हुए धमाके में देश के पूर्व
राष्ट्रपति और संसद के स्पीकर मोहम्मद नशीद घायल हुए हैं और एडीके अस्पताल में
उनका इलाज जारी है.
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स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के
मुताबिक़, गुरुवार शाम को धमाका उनकी कार के नज़दीक हुआ था.
मालदीव पुलिस ने अपने ट्वीट में
लोगों से अपील की है कि वो उस इलाक़े में जाने से फ़िलहाल बचें और पुलिस घटनास्थल
पर मौजूद है.
यूपी पंचायत चुनाव: किसकी हुई जीत, क्या हैं संदेश
कोरोना मरीज़ों का खेत में इलाज और पेड़ पर लटकी ड्रिप
दिल्ली सरकार ने निजी एम्बुलेंस सेवा का अधिकतम किराया तय किया
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इमेज कैप्शन, सांकेतिक तस्वीर
दिल्ली सरकार ने निजी एम्बुलेंस सेवा का अधिकतम किराया तय कर दिया है.
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ख़ुद इस बारे में जानकारी देते हुए
ट्वीट किया है. उन्होंने तय क़ीमतों की जानकारी भी साथ में साझा की है.
मुख्यमंत्री केजरीवाल ने
ट्वीट किया, “ये हमारे संज्ञान में आया है कि दिल्ली में निजी एम्बुलेंस
सेवाएं नाजायज़ वसूली कर रही हैं. इसे देखते हुए
दिल्ली सरकार ने निजी एम्बुलेंस सेवाओं के अधिकतम किराए तय कर दिए हैं. आदेश का
उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.”
अब पीटीए (पेशेंट ट्रांस्पोर्ट एम्बुलेंस) 10 किलोमीटर तक जाने के लिए 1500 रुपये
से ज़्यादा नहीं ले सकतीं. 10 किलोमीटर से आगे जाने के लिए प्रति किलोमीटर के हिसाब
से अतिरिक्त 100 रुपये से ज़्यादा नहीं ले सकती.
वहीं बीएसएल (बेसिक लाइफ़ सपोर्ट एम्बुलेंस) 10 किलोमीटर तक जाने के लिए 2000
रुपये से ज़्यादा नहीं ले सकतीं. 10 किलोमीटर से आगे जाने के लिए प्रति किलोमीटर
के हिसाब से 100 रुपये अतिरिक्त से ज़्यादा नहीं ले सकती.
साथ ही एएलएस (एडवांस लाइफ़ सपोर्ट एम्बुलेंस) 10 किलोमीटर तक जाने के लिए 4000
रुपये से ज़्यादा नहीं ले सकतीं. 10 किलोमीटर से आगे जाने के लिए प्रति किलोमीटर
के हिसाब से 100 रुपये अतिरिक्त से ज़्यादा नहीं ले सकती.
इन क़ीमतों के अंदर
ऑक्सीजन, सभी एम्बुलेंस उपकरण, पीपीई किट, दस्ताने, मास्क, शिल्ड, सैनिटाइज़र,
ड्राइवर, ईएमटी, डॉक्टर आदि सब शामिल है. यानी इन चीज़ों के लिए आपसे कोई अलग से पैसा नहीं मांग सकता.
अगर कोई इस आदेश का उल्लंघन होता है तो एम्बुलेंस के
ड्राइवर का लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा. एम्बुलेंस का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट रद्द
कर दिया जाएगा. साथ ही गाड़ी/एम्बुलेंस
ज़ब्त कर ली जाएगी.
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देश को पूर्ण लॉकडाउन की ओर धकेला जा रहा है - राहुल गांधी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा है कि देश को एक बार फिर पूर्ण लॉकडाउन की ओर धकेला जा रहा है.
उन्होंने कहा कि इस स्थिति को देखते हुए आर्थिक रूप से कमज़ोर लोगों को सहायता देना ज़रूरी है.
एक ट्वीट कर राहुल गांधी ने कहा, "पिछले साल का अनियोजित लॉकडाउन जनता पर घातक वार था इसलिए मैं सम्पूर्ण लॉकडाउन के ख़िलाफ़ हूँ.
लेकिन प्रधानमंत्री मोदी की नाकामी और केंद्र सरकार की ज़ीरो रणनीति देश को पूर्ण लॉकडाउन की ओर धकेल रहे हैं. ऐसे में ग़रीब जनता को आर्थिक पैकिज और तुरंत हर तरह की सहायता देना ज़रूरी है."
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सीताराम येचुरी ने पीएम मोदी से पूछा- लोग मर रहे हैं, लेकिन नई संसद का निर्माण क्यों जारी है
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव सीताराम येचुरी ने मोदी सरकार की ओर इशारा करते हुए कहा है कि अगर आप कुछ नहीं कर सकते, तो कुर्सी से उतर क्यों नहीं जाते.
उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा है- आप ऑक्सीजन नहीं दिला सकते. आप वैक्सीन नहीं दिला सकते. आप दवा और अस्पताल में बेड नहीं दिला सकते.
आप किसी तरह की सहायता नहीं दिला सकते. आप सिर्फ़ भ्रामक प्रचार, बहाने और असत्य ही फैला सकते हैं.
सीताराम येचुरी ने अपने ट्वीट के आख़िर में इरतिज़ा निशात का एक शेर लिखा है- कुर्सी है तुम्हारा जनाज़ा तो नहीं है, कुछ कर नहीं सकते तो उतर क्यों नहीं जाते.
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पिछले महीने ही कोविड के कारण सीताराम येचुरी के बेटे आशीष येचुरी की मौत हो गई थी. सीताराम येचुरी ने ख़ुद ट्वीट करके इसकी जानकारी दी थी. अपने ट्वीट में येचुरी ने डॉक्टरों, नर्सों, फ्रंटलाइन के स्वास्थ्य कर्मियों और सफ़ाई कर्मचारियों को शुक्रिया कहा था, जिन्होंने बेटे की सेहत को ठीक करने में मदद की. येचुरी ने अपने एक अन्य ट्वीट में लिखा था, ''मुझे पता है कि इस दुख को केवल मैं नहीं झेल रहा हूँ. इस महामारी ने बेहिसाब लोगों को मौत की नींद सुला दिया है.'' एक अन्य ट्वीट में नई संसद की इमारत की ख़र्च का ज़िक्र करते हुए सीताराम येचुरी ने ट्वीट किया है- इस निर्माण को रोकें और सभी भारतीयों को ऑक्सीजन और मुफ़्त वैक्सीन दिलाने के लिए पैसे का उपयोग करें. ये कितनी भद्दी बात है कि मोदी अपने दंभ में निर्माण कार्य जारी रखे हुए हैं और लोग बिना साँस के मर रहे हैं. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी आज मोदी सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा था कि नई संसद और मूर्तियों के निर्माण में हज़ारों करोड़ ख़र्च हो रहे हैं और वैक्सीन के लिए पैसा नहीं है.
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पिछले कुछ दिनों से देश की राजधानी में स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में लोगों के दम तोड़ने की भयावह ख़बरों के बीच नई दिल्ली का चेहरा बदलने वाली महत्वाकांक्षी सेंट्रल विस्टा परियोजना का काम जारी है.
दिल्ली के दिल में 20 हज़ार करोड़ रुपए से अधिक की लागत से पूरी होने वाली इस सरकारी परियोजना को 'आवश्यक सेवा' घोषित किया गया है और यह सुनिश्चित किया गया है कि दिल्ली में लॉकडाउन होने के बावजूद इस परियोजना पर मज़दूर काम करते रहें. सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत एक नए संसद भवन और नए केंद्रीय सचिवालय के साथ राजपथ के पूरे इलाके का री-डेवलपमेंट होना है.
कोरोना की तीसरी लहर से निपटने की तैयारी करे सरकार: सुप्रीम कोर्ट
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सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को तीसरी लहर के लिए तैयारी
करने पर ज़ोर दिया.
जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और एमआर शाह की पीठ ने कहा कि अगर
सही तरीक़े से तैयारी की गई, तो हम तीसरी लहर से निपट सकेंगे.
वैज्ञानिकों के मुताबिक़, देश में कोविड-19 की तीसरी लहर भी आएगी, जो बच्चों
को भी प्रभावित करेगी.
लाइव लॉ के मुताबिक़, जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि “मैं पढ़ रहा था कि तीसरी लहर भी आएगी और मसला ये है कि बच्चे प्रभावित होंगे.
उन्हें अस्पतालों में ले जाया जाएगा, और मसला ये है कि मां-बाप भी उनके साथ
जाएंगे. टीकाकरण करना होगा.”
बार एंड बेंच के मुताबिक़,सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इसे
देखते हुए तैयारी करनी होगी, जिसमें बच्चों का टीकाकरण भी शामिल है.
कोर्ट ने कहा, “वैज्ञानिकों के मुताबिक़ आगे आने वाली तीसरी लहर बच्चों को भी प्रभावित करेगी.
तो जब एक बच्चा अस्पताल में जाता है तो माँ-बाप को भी जाना पड़ता है. इसलिए इस समूह
के लोगों का टीकाकरण करना होगा. हमें इसके लिए वैज्ञानिक तरीक़े से तैयारी करनी
होगी और इंतज़ाम करना होगा.”
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कोर्ट ने कहा कि अगर हम आज तैयारी करेंगे तो इससे निपट पाएंगे.
साथ ही कोर्ट ने सरकार से उन डॉक्टरों की सेवाएं लेने की संभावना के बारे में सोचने के लिए कहा जिन्होंने एमबीबीएस पूरी कर ली है और पीजी कोर्स में दाखिला लेने का इंतज़ार कर रहे हैं. कोर्ट ने कहा कि उनकी सेवाएं तीसरी लहर से निपटने में अहम होंगी.
जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा, “आज हमारे पास 1.5 लाख डॉक्टर हैं जिन्होंने मेडिकल कोर्स पूरा कर लिया है और नीट परीक्षा का इंतज़ार कर रहे हैं. आप उनकी सेवाएं कैसे ले सकते हैं? 1.5 लाख डॉक्टर और 2.5 लाख नर्सें घर पर बैठे हैं. वो तीसरी लहर के लिए अहम हो सकते हैं?”
दिल्ली में मौजूदा स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह बदहाल: हाई कोर्ट
दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा है दिल्ली में मौजूदा चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह से बदहाल है.
ऑक्सीजन, वेंटिलेटर्स और इससे जुड़े अन्य मामलों की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार को जम कर फटकार लगाई, जब उसने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था ठीक है.
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हाई कोर्ट ने कहा- हज़ारों लोग ऐसे हैं जो संक्रमित हैं, लेकिन इन लोगों के पास न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाने के लिए संसाधन नहीं हैं. वेंटिलेटर सुविधा के साथ बेड उपलब्ध कराना राज्य सरकार की ज़िम्मेदारी है.
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अमेरिका ने कहा, रूस को दुस्साहसी हरकतों का जवाब मिलेगा
ममता ने मोदी से पूछा- संसद और मूर्तियों के लिए पैसा है, वैक्सीन के लिए क्यों नहीं
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार से मुफ़्त वैक्सीन की मांग दोहराई है. उन्होंने कहा है कि मुफ़्त वैक्सीनेशन के मुद्दे पर अभी तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके पत्र का जवाब नहीं दिया हैं.
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ममता बनर्जी ने कहा, "वे वैक्सीन के लिए 30 हज़ार करोड़ रुपए आबंटित क्यों नहीं कर रहे हैं, जबकि संसद और मूर्तियों पर 20 हज़ार करोड़ रुपए ख़र्च किए जा रहे हैं." पीएम केयर्स फ़ंड कहाँ है? वे युवाओं की ज़िंदगी को ख़तरे में क्यों डाल रहे हैं? उनके नेताओं को इधर-उधर जाने की बजाए कोविड अस्पतालों का दौरा करना चाहिए. उनके नेता आ रहे हैं और कोविड फैला रहे हैं.
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केजरीवाल ने ऑक्सीजन के मुद्दे पर पीएम मोदी को पत्र लिखकर क्या कहा
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हाई कोर्ट की फटकार के बाद केंद्र ने बुधवार को पहली
बार दिल्ली को उसकी ज़रूरत के हिसाब से ऑक्सीजन मुहैया कराई.
इसके लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर शुक्रिया कहा है.
केजरीवाल ने गुरुवार को भेजी चिट्ठी में लिखा, “दिल्ली में कई दिनों से ऑक्सीजन की
भारी कमी चल रही थी. दिल्ली की खपत 700 टन प्रतिदिन है. हम लगातार केंद्र से प्राथना
कर रहे थे कि इतनी ऑक्सीजन हमें दी जाए. कल पहली बार दिल्ली को 730 टन ऑक्सीजन मिली
है. मैं दिल्ली के लोगों की तरफ से दिल से आपका आभार व्यक्त करता हूं.”
साथ ही मुख्यमंत्री केजरीवाल ने प्रधानमंत्री मोदी से
अपील की कि दिल्ली को रोज़ कम से कम इतनी ऑक्सीजन देना जारी रखा जाए और इसमें कोई
कटौती ना की जाए.
इससे एक दिन पहले दिल्ली
हाईकोर्ट ने ऑक्सीजन की क़िल्लत पर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार को फटकार लगाई थी
और कहा था कि अब कोई तर्क नहीं, आपको दिल्ली को तुरंत 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की
सप्लाई करनी होगी.
हाई कोर्ट ने कहा था कि
केंद्र सरकार दिल्ली को ऑक्सीजन देने के मामले में ऐसा रवैया कैसे अपना सकती है
जबकि लोग ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहे हैं और मर रहे हैं. हाई कोर्ट ने सुनवाई में
कहा था कि हम आंखें नहीं मूंद सकते हैं.
हाई कोर्ट ने केंद्र
सरकार पर सख़्त टिप्पणी करते हुए पूछा था कि सुप्रीम कोर्ट ने आपको जो आदेश दिया
था उसका क्या हुआ? दिल्ली को आख़िर
उसके कोटे की ऑक्सीजन क्यों नहीं मिल रही है?
दिल्ली हाई कोर्ट ने
केंद्र को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए पूछा था कि आख़िर ऑक्सीजन सप्लाई के
मामले में सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के आदेश का पालन नहीं करने पर उनके ख़िलाफ़
कार्रवाई क्यों नहीं होनी चाहिए.
हाईकोर्ट ने केंद्र को
फटकारते हुए कहा था कि - आप अपनी आंखें मूंद सकते हैं हम नहीं.
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समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि “अगर हमें रोज़ाना 700 मेट्रिक टन ऑक्सीजन मिलती है तो हम
किसी मरीज़ को ऑक्सीजन की कमी से मरने नहीं देंगे.”
उन्होंने कहा कि दिल्ली को कोविड की दूसरी लहर धीमी
होने तक रोज़ाना 700 मेट्रिक टन ऑक्सीजनकी ज़रूरत है.
मुख्यमंत्री केजरीवाल ने ये भी कहा कि अगर दिल्ली को रोज़ाना
700 मेट्रिक टन ऑक्सीजन मिलती है तो हम तुरंत क़रीब 9,500 बेड और बढ़ा सकते हैं.
उनके मुताबिक़, “कई
दिल्ली के अस्पतालों ने ऑक्सीजन की किल्लत होने पर बेड की संख्या घटा दी थी, उन
अस्पतालों से फिर से बेड की संख्या बढ़ाने की अपील करता हूं.”
अरविंद केजरीवाल ने “एक बार फिर हाई कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट और केंद्र का
शुक्रिया किया और कहा कि दिल्ली को 730 मेट्रिक टन ऑक्सीजन देने का कदम कई जानों
को बचाएगा.”
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बंगाल आकर बीजेपी के नेता लोगों को उकसा रहे हैं: ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि बीजेपी के नेता चारों तरफ़ घूम रहे हैं और लोगों को उकसा रहे हैं.
उन्होंने कहा कि अभी नई सरकार को 24 घंटे भी नहीं हुए हैं और वे पत्र भेज रहे हैं, टीम भेज रहे हैं और नेता यहाँ आ रहे हैं.
ममता बनर्जी का कहना है कि दरअसल वे जनमत को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं. उन्होंने बीजेपी नेताओं से अनुरोध किया कि वे जनमत को स्वीकार करें.
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केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता वी मुरलीधरन ने आरोप लगाया है कि तृणमूल कांग्रेस के गुंडों ने उनके काफ़िले पर हमला किया. विदेश राज्य मंत्री मुरलीधरन ने इसका एक वीडियो ट्वीट किया है. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने केंद्रीय मंत्री वी मुरलीधरन के काफ़िले पर हुए हमले की आलोचना की है. उन्होंने कहा कि पूरे पश्चिम बंगाल में क़ानून-व्यवस्था की स्थिति ध्वस्त हो चुकी है.
बंगाल में केंद्रीय मंत्री के 'काफ़िले पर हमला', बीजेपी अध्यक्ष ने कहा- राज्य में क़ानून व्यवस्था ध्वस्त
केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता वी मुरलीधरन ने आरोप लगाया है कि तृणमूल कांग्रेस के गुंडों ने उनके काफ़िले पर हमला किया. विदेश राज्य मंत्री मुरलीधरन ने इसका एक वीडियो ट्वीट किया है और लिखा है- पश्चिमी मिदनापुर में टीएमसी के गुंडों ने मेरे काफ़िले पर हमला किया. हमले के कारण गाड़ी की खिड़की के शीशे टूट गए, साथ ही उनके निजी कर्मचारियों पर भी हमला किया.
उन्होंने बताया है कि इस हमले के कारण उन्हें अपनी यात्रा बीच में रोकनी पड़ी है.
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बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने केंद्रीय मंत्री वी मुरलीधरन के काफ़िले पर हुए हमले की आलोचना की है. उन्होंने कहा कि पूरे पश्चिम बंगाल में क़ानून-व्यवस्था की स्थिति ध्वस्त हो चुकी है. विधानसभा चुनाव में टीएमसी की जीत के बाद से पश्चिम बंगाल के कई इलाक़ों से हिंसा की ख़बरें आई हैं. पुलिस के मुताबिक़ इसमें कम से कम 17 लोग मारे गए हैं. बीजेपी ने इसके लिए टीएमसी को ज़िम्मेदार बताया है, जबकि टीएमसी का आरोप है कि बीजेपी कार्यकर्ता ऐसा कर रहे हैं.
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दिल्ली में बीते 24 घंटे में 19,133 नए मामले, 335 मौतें
देश की राजधानी दिल्ली में बीते 24 घंटे में संक्रमण
के 19,133 नए मामले और 335 मौतें
दर्ज की गई हैं.
वहीं 24 घंटे में 20,028 लोग कोरोना से ठीक हो गए हैं. अब सक्रिय मामलों की संख्या 90,629 है.
दिल्ली सरकार की ओर से दी गई ताज़ा जानकारी के
मुताबिक़, फिलहाल पॉज़िटिविटी रेट 24.29% बना हुआ है.
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आईपीएल के कारण भारत में फँसे ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर्स को मालदीव भेजा गया
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क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और ऑस्ट्रेलियन क्रिकेटर्स एसोसिएशन ने एक संयुक्त बयान जारी करके इसकी पुष्टि की है कि भारत में फँसे ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर्स, कोच, मैच अधिकारियों और कमेंटेटर्स को मालदीव ले जाया जा रहा है.
ये सभी लोग उस समय तक मालदीव में ही रहेंगे, जब तक ऑस्ट्रेलियाई सरकार भारत से उड़ान की अनुमति नहीं दे देती. भारत में बढ़ते कोरोना के मामलों के मद्देनज़र ऑस्ट्रेलिया ने 15 मई तक के लिए भारत से आने वाली उड़ानों पर पाबंदी लगा दी है.
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दोनों संस्थाओं ने बयान जारी करके कहा है कि वे ऑस्ट्रेलियाई सरकार से किसी तरह की छूट की मांग नहीं कर रहे हैं. भारत में कोरोना के बढ़ते संक्रमण के कारण इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) को रोक दिया गया था. आईपीएल में कई ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी हिस्सा ले रहे थे. इनमें टीम से जुड़े कोच और कमेंटेटर्स भी थे. दोनों संस्थाओं ने बीसीसीआई का भी धन्यवाद किया. चेन्नई सुपर किंग्स के बैटिंग कोच माइकल हसी अभी भारत में ही रहेंगे क्योंकि वे भी कोरोना पॉज़िटिव हैं. क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया का कहना है कि उनके ठीक होते ही उन्हें वापस स्वदेश लाने की व्यवसथा की जाएगी. पिछले दिनों पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर और आईपीएल में कमेंटरी कर रहे माइकल स्लेटर ने ऑस्ट्रेलियाई सरकार के फ़ैसले पर प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन को आ़ड़े हाथों लिया था.
फिलीपींस के राष्ट्रपति बोले- चीन अपनी वैक्सीन ले जाए, लगवाकर ग़लती की
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अप्रमाणिक वैक्सीन लगवाने के कारण आलोचना झेल रहे फिलीपींस के राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते ने चीन से कहा है कि वह दान की गई अपनी 1,000 सिनोफ़ार्म वैक्सीन वापस ले जाए.
दुतेर्ते ने कहा है कि ‘चीन भविष्य में केवल अपनी सिनोवैक वैक्सीन ही भेजे.’ इस वैक्सीन को अभी फिलीपींस में इस्तेमाल किया जा रहा है.
दुतेर्ते ने कहा है कि ‘’मैंने कंपेशनेट यूज़ क्लॉज़ (जिसमें कुछ लोग अत्यंत ज़रूरी होने पर अप्रमाणित दवाएं लेते हैं) के तहत सिनोफार्म की खुराक़ ली थी क्योंकि उनके डॉक्टर ने उन्हें वैक्सीन लेने की सलाह दी थी.’’
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक़ उन्होंने लोगों से अपील की कि ‘’जो मैंने किया वो ना करें, ये ख़तरनाक है क्योंकि इसे लेकर कोई अध्ययन नहीं किया गया है. संभव है कि ये शरीर के लिए ठीक ना हो, मुझे ही ये वैक्सीन लेने वाला इकलौता शख्स रहने दें, आप ना लें.‘’
चीन की कोरोना वैक्सीन सिनोफार्म और सिनोवैक को इस सप्ताह विश्व स्वास्थ्य संगठन से सहमति मिल सकती है.
जैसा कि सिनोफार्म को अब तक अप्रूव नहीं किया गया है ऐसे में संभवानाएं हैं कि इसके नकारात्मक असर हो सकते हैं.दुतेर्ते ने कहा कि इसे वापस भेज देते हैं ताकि आगे और परेशानी ना हो.
ये दोनों ही चीनी वैक्सीन वायरस के पार्टिकल को मारने के तरीक़े पर काम करती हैं, वहीं मॉडर्ना और फ़ाइज़रmRNA वैक्सीन है, जो शरीर में वायरल प्रोटीन बनाने की प्रक्रिया पर काम करती हैं.
इस वक्त फिलीपींस में एस्ट्राज़ेनेका और सिनोवैक को अप्रूवल मिल चुका है. हालांकि ये साफ़ नहीं है कि दुतेर्ते ने इन दो अप्रूव वैक्सीन में से एक वैक्सीन क्यों नहीं लगवाई.
फिलीपींस पूर्वी एशिया में कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में से एक है. देश में 10 लाख कोरोना संक्रमण के मामले हैं और अब तक18,000 लोगों की संक्रमण से मौत हो चुकी है.
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मीडिया को कोर्ट की कार्रवाई रिपोर्ट करने से रोकने की कोई ठोस वजह नहीं-SC
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सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि मीडिया को कोर्ट में चल रही सुनवाई की रिपोर्टिंग करने से नहीं रोका जा सकता.ये बात सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग की एक शिकायत पर की जा रही सुनवाई के दौरान कही.
जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने गुरुवार को इस मामले की सुनवाई के दौरान कहा,‘’ हमें चुनाव आयोग की याचिका में ऐसा ठोस कुछ भी नहीं मिला है, जिसके आधार पर मीडिया को कोर्ट की कार्रवाई की रिपोर्टिंग करने से रोका जाए. न्यायपालिका को जवाबदेह बनाना ज़रूरी है. न्यायिक संस्थाओं की कार्रवाई की रिपोर्टिंग करना भी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दायरे में आता है.‘’
दरअसल, चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी कि मद्रास हाई कोर्ट ने बिना किसी सबूत के उसकी आलोचना की और देश में कोरोना की दूसरी लहर के लिए चुनाव अधिकारियों को ज़िम्मेदार ठहराया था. मीडिया को मौखिक टिप्पणी की रिपोर्टिंग से रोका जाना चाहिए.
बीते सप्ताह चुनाव आयोग ने मद्रास हाई कोर्ट की एक टिप्पणी के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट का रुख़ किया था. 26अप्रैल को मद्रास हाई कोर्ट ने कहा था कि' चुनाव आयोग के अधिकारियों पर हत्या का मुक़दमा चलाना चाहिए' .
कोर्ट ने ये टिप्पणी देश में बढ़ते कोरोना के मामलों के बीच चुनाव आयोग के विधानसभा चुनाव कराने के फ़ैसले पर कहा था.हालांकि ये एक मौखिक टिप्पणी थी जिसे फ़ैसले में जगह नहीं दी गई थी