वैक्सीन के लिए WTO में भारत की पहल पर अमेरिका को लगानी पड़ी मुहर
कोरोना वायरस वैक्सीन को बौद्धिक संपदा अधिकार से बाहर रखने की विश्व व्यापार संगठन में भारत की पहल का अमेरिका ने समर्थन किया है.
लाइव कवरेज
अमेरिका ने कोरोना वैक्सीन के बौद्धिक संपदा अधिकार में छूट का किया समर्थन
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कोरोना वायरस
वैक्सीन को बौद्धिक संपदा अधिकार से बाहर रखने की विश्व व्यापार संगठन (WTO) की पहल का
अमेरिका ने समर्थन किया है.
समाचार एजेंसी
रॉयटर्स के मुताबिक़, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने डेमोक्रेटिक सांसदों और 100 से
अधिक अन्य देशों के बढ़ते दबाव के कारण बुधवार को यह अस्थाई समर्थन दिया. हालांकि,
इससे दवा कंपनियां ख़ासा ग़ुस्से में हैं.
भारत और दक्षिण
अफ़्रीका जैसे देशों ने इसका प्रस्ताव दिया था, उनका तर्क है कि इससे दुनियाभर में
वैक्सीन उत्पादन में तेज़ी आएगी.
हालांकि, दवा
निर्माताओं का अलग तर्क है, उनका कहना है कि इस छूट से उत्पादन नहीं बढ़ेगा
क्योंकि कॉन्ट्रैक्टर्स के पास तकनीक नहीं है.
विश्व स्वास्थ्य
संगठन के प्रमुख डॉक्टर टेड्रॉस गेब्रेयासिस ने कहा है कि राष्ट्रपति बाइडन का छूट
को समर्थन कोविड-19 के ख़िलाफ़ जंग में एक ‘ऐतिहासिक क्षण’ है.
अमेरिकी व्यापार
प्रतिनिधि कैथरीन ताई ने चेताया है कि विश्व व्यापार संगठन के सदस्यों के बीच इस
पर सहमति में वक़्त लगेगा.
समाचार
एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़, अमेरिका समेत कई देशों ने पहले व्यापार संगठन में
भारत और दक्षिण अफ्रीका के छूट प्रस्ताव में रोड़ा अटका दिया था. इस प्रस्ताव का
मक़सद विकासशील देशों में दवा कंपनियों के आईपी का इस्तेमाल करते हुए कोविड-19
वैक्सीन बनाने में मदद करना था.
ताई ने कहा कि बाइडन प्रशासन बौद्धिक संपदा की सुरक्षा का मज़बूती से समर्थन
करता है लेकिन महामारी को ख़त्म करने की सेवा में कोविड-19 वैक्सीन की सुरक्षा में
छूट को समर्थन किया जा रहा है.
ब्रेकिंग न्यूज़, जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद आसाराम कोरोना संक्रमित, अस्पताल ले जाए गए
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मोहर सिंह मीणा
बीबीसी हिंदी के लिए
जोधपुर
सेंट्रल जेल में बलात्कार की सज़ा काट रहे कथित संत आसाराम की तबीयत बिगड़ने
पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया है.
जोधपुर
के महात्मा गांधी अस्पताल में डॉक्टर्स उनका चेकअप कर रहे हैं. पांच मई (बुधवार) को
उनकी कोरोना रिपोर्ट भी पॉज़िटिव आई थी.
महात्मा
गांधी अस्पताल की सुपरिटेंडेंट डॉक्टर राजश्री बेहरा ने बीबीसी को बताया कि, "जेल प्रशासन ने इन्फॉर्म किया है कि आसाराम की तबीयत ठीक नहीं
है. उन्हें अस्पताल लेकर आ रहे हैं. अस्पताल में डॉक्टर्स मौजूद हैं, यहां आने पर डॉक्टर्स चैक करेंगे कि उन्हें क्या हुआ है."
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जेल
प्रशासन ने अस्पताल ले जाने से पहले कंट्रोल रूम को आसाराम के अस्पताल ले जाने की सूचना
दी, जिसके बाद अस्पताल के आसपास भी पुलिस व्यवस्था पुख़्ता कर दी
गई है.
जोधपुर
सेंट्रल जेल के जेलर मुकेश जारोटिया ने बीबीसी को बताया कि, "आज आसाराम की कोरोना रिपोर्ट पॉज़िटिव आई थी. उनका स्वास्थ्य
भी ठीक नहीं है इसलिए उन्हें महात्मा गांधी अस्पताल लेकर गए हैं. वहां उनका चेकअप किया
जाएगा."
राजस्थान
में सर्वाधिक कोरोना संक्रमित ज़िलों में जोधपुर भी शामिल है, पांच मई को यहां 1401 कोरोना पॉज़िटिव मामले और 20 मौत हुई हैं. कोरोना संक्रमण सेंट्रल जेल तक भी पहुंच गया है.
कोविड की चुनौती से निपटने के लिए टीकाकरण ही है रास्ता: जी-7 में जयशंकर
जी-7 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने
कहा है कि कोविड की चुनौती से निपटने के लिए केवल टीकाकरण ही एकमात्र रास्ता है.
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उन्होंने बैठक में बुधवार को कहा,“विश्व की ओर से
इसका जवाब है कि विविध उत्पादन किया जाए, निर्बाध आपूर्ति हो और अच्छा ख़ासा
संसाधन हो. भारत उसमें अपना हिस्सा देगा.”
उन्होंने कहा, “कोविड के कारण भू-राजनीतिक परिवर्तन हुए हैं. पारदर्शिता, विश्वसनीयता और लचीलेपन
के मुद्दे नीति विकल्पों का मार्गदर्शन करेंगे. खुला समाज और व्यक्तिगत स्वतंत्रताएं
पालन-पोषण चाहती हैं. हमें फ़ेक न्यूज़ और डिजिटल तरीक़े से हेर-फ़ेर को लेकर
निगरानी करने की आवश्यकता है.”
भारतीय नेताओं को ऑक्सीजन की नहीं, अपनी छवि की चिंता: ह्यूमन राइट्स वॉच
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ह्यूमन राइट्स वॉच की दक्षिण एशिया निदेशक मीनाक्षी गांगुली का कहना है कि कोरोना महामारी झेल रहे भारत में नेताओं को ऑक्सीजन और दूसरी मेडिकल चीज़ों की कमी के बजाए अपनी आलोचना और छवि की चिंता है.
उन्होंने कहा कि भारत में जो लोग या ग़ैर-सरकारी संस्थाएं कोरोना मरीज़ों की मदद करने की कोशिश कर रहे हैं उनके पास मदद माँगने वालों की कमी नहीं हो रही है.
उनके अनुसार सरकार ने मेडिकल सप्लाई को बढ़ाने की कोशिश ज़रूर की है लेकिन अभी भी अस्पतालों तक चीज़ें नहीं पहुँच पा रही है.
मीनाक्षी का कहना है कि जब इन विफलताओं के लिए सरकार की आलोचना होती है तो सरकार ने इस पर अपनी नाराज़गी जताई है और इस संबंध में दिए गए किसी भी सलाह-मशविरे का अधिकारियों ने मज़ाक़ ही उड़ाया है.
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उनके अनुसार भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने ऑक्सीजन की कमी को लेकर हुई एक सुनवाई के दौरान अदालत में कहा, ''हमसब मिलकर कोशिश करें और हमेशा बच्चों जैसे रोने वाला ना बनें.''
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह के सुझावों को झिड़कते हुए उनकी विपक्षी कांग्रेस पार्टी पर कोरोना के बारे में झूठ फैलाने का आरोप लगाया.
ऑक्सीजन और दूसरी किसी भी चीज़ की कमी के आरोपों को ख़ारिज करते हुए यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्यकर्मियों सहित किसी भी शिकायत करने वालों के ख़िलाफ़ राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून (रासुका) लगाकर उनकी संपत्ति ज़ब्त करने की धमकी दी.
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने विदेशी दूतावासों में इमरजेंसी सप्लाई को लेकर विपक्ष के नेताओं के साथ गै़र-ज़रूरी बहस-मुबाहसा की.
मीनाक्षी गांगुली का कहना था कि भारत में जहाँ रोज़ाना क़रीब चार लाख लोग संक्रमित हो रहे हैं और तीन हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हो रही है, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बात में लगे हैं कि उनकी छवि ख़राब ना हो.
कई लोगों ने कहा है कि कोरोना महामारी को हैंडल करने में मोदी सरकार पूरी तरह विफल रही है. कई लोगों ने तो इस बात पर भी आपत्ति जताई है कि इस सरकार की प्राथमिकताएं क्या हैं.
भारत के वैक्सीन निर्माताओं ने दुनियाभर को कोरोना वैक्सीन देने का वादा तो कर लिया लेकिन अब वो सप्लाई पूरी नहीं कर पा रहे हैं.
इस बीच वैक्सीन निर्माता कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला ने कहा है कि उन्हें धमकी के कारण भारत छोड़ना पड़ा है. उन्होंने यह भी कहा कि अगर वो यह कहते कि चुनावों के दौरान बड़ी-बड़ी रैलियों और हिंदुओं के धार्मिक आयोजन (कुंभ मेला) के कारण कोरोना फैलने में तेज़ी हुई तो उनका सिर क़लम कर दिया जाता.
मीनाक्षी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बिरादरी को भारत में मेडिकल उपकरणों और दूसरे सामानों की कमी को दूर करने और वैक्सीन को सुनिश्चित करने में मदद करनी चाहिए.
भारत की सर्वोच्च अदालत ने पहले ही चेतावनी दी है कि अगर किसी भी पुलिस अधिकारी ने सोशल मीडिया के ज़रिए अपनी शिकायत करने वाले किसी व्यक्ति पर कोई कार्रवाई की तो उसे अदालत की अवमानना माना जाएगा.
हालाँकि भारत सरकार इन आरोपों से इनकार करती रही है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तो यहाँ तक कहा था कि राज्य में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है.
कार्टून- बस थोड़ा सा ही चुभता है
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कोरोना- महाराष्ट्र में एक दिन में रिकॉर्ड मौतें, 57 हज़ार से अधिक मामले
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महाराष्ट्र में बीते चौबीस घंटे में कोरोना संक्रमण के 57,640 मामले सामने आए हैं. बीते 24 घंटे में राज्य में 920 लोगों की मौत हुई है.
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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा है कि "केंद्र सरकार के वैज्ञानिकों ने कोविड की तीसरी लहर के बारे में चेतावनी दी है. हम बीते महीने से इसकी तैयारी कर रहे हैं. राज्य के कई ज़िलों में कोरोना संक्रमण के मामलों में गिरावट आई है. हालांकि कुछ ज़िलों में इसमें वृद्धि भी हुई है. हम लगातार इस पर नज़र बनाए हुए हैं."
कोरोना भगाने की अफ़वाह पर मंदिर में जुटी सैकड़ों की भीड़
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गुजरात में अहमदाबाद के साणंद इलाक़े में एक अफ़वाह के बाद हज़ारों की संख्या में लोग जुट गए.
इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में सैकड़ों की संख्या में औरतें सिर पर पानी के बर्तन लेकर चली जा रही हैं.
दरअसल, किसी ने अफ़वाह फैलाई कि हिंदू देवता बलिया देव का जल से अभिषेक करने से लोग कोरोना से बच सकते हैं. जिसके बाद निधराड और नवापुरा गांव में औरतों की ये भीड़ अपने सिर पर पानी के बर्तन लेकर मंदिर की ओर चल पड़ीं.
अहमदाबाद ग्रामीण के डिप्टी एसपी केटी कमरिया ने बताया कि चांगोदर थाने के नवापुरा गांव और साणंद के निधराड गांव में बड़ी संख्या में महिलाएं सिर पर पानी का कलश लेकर बलिया देव मंदिर पहुंची थीं.
दोनों मामलों में एक डीजे समेत 23 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.
नवापुरा गांव के सरपंच भी मौके पर मौजूद थे और उन्हें भी गिरफ़्तार कर लिया गया है.
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि कोरोना महामारी को देखते हुए वे भीड़-भाड़ वाली जगहों पर ना जाएं और ना ही इस तरह से जमा हों.
दिल्ली के एम्स और आरएमएल अस्पताल में पीएम केयर्स फंड से लगा ऑक्सीजन प्लांट
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केंद्र सरकार ने कहा है कि दिल्ली के एम्स और राम मनोहर लोहिया अस्पताल में हाई फ़्लो मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट्स का काम पूरा हो गया है.
पिछले दिनों सरकार ने ये घोषणा की थी कि पीएम केयर्स फंड से ये प्लांट लगाए जाएँगे.
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रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन यानी डीआरडीओ ने ये प्लांट्स लगाए हैं. डीआरडीओ का कहना है कि इस प्लांट की क्षमता प्रति मिनट 1000 लीटर ऑक्सीजन की है. इससे एक समय में 190 मरीज़ों को ऑक्सीजन दिया जा सकेगा. सरकार दिल्ली-एनसीआर के पाँच अस्पतालों में ये प्लांट्स लगा रही है.
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फ़ेसबुक ओवरसाइट बोर्ड ने ट्रंप के अकाउंट पर लगे बैन को सही ठहराया
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अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फ़ेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट पर पाबंदी लगाने के फ़ैसले को फे़सबुक के ओवरसाइट बोर्ड ने सही ठहराया है.
लेकिन ओवरसाइट बोर्ड ने ट्रंप पर स्थाई रूप से पाबंदी लगाने के फ़ेसबुक के फ़ैसले की यह कहते हुए आलोचना की है कि यह उनके सामान्य स्थिति में दंड देने के अधिकार क्षेत्र से बाहर है.
ओवरसाइट बोर्ड ने आदेश दिया है कि फ़ेसबुक अपने फ़ैसले पर पुनर्विचार करे और 'एक संतुलित कार्रवाई' करे जो कि आम यूज़र्स समेत सब किसी पर एकसमान लागू हो सके.
इसी साल अमेरिकी संसद परिसर में हुई हिंसा के बाद फ़ेसबुक और इंस्टाग्राम ने ट्रंप के अकाउंट पर पाबंदी लगा दी थी.
ओवरसाइट बोर्ड ने कहा कि ट्रंप के अकाउंट को हमेशा के लिए स्थगित करने का शुरुआती फ़ैसला दुविधा वाला था उसका कोई मानदंड नहीं था. बोर्ड के अनुसार सही कार्रवाई तब होती अगर वो इस प्लेटफ़ॉर्म को यूज़ कर रहे आम लोगों के ऊपर लागू नियमों के अनुरूप होती.
ओवरसाइट बोर्ड ने कहा है कि फ़ेसबुक को छह महीनों के अंदर अपना जवाब देना है.
फ़ेसबुक ने कहा है कि वो ओवरसाइट बोर्ड के फ़ैसले पर विचार करेगा और ऐसी कार्रवाई करेगा जो कि साफ़-सुथरी हो और संतुलित हो.
इस फ़ैसले का मतलब यह हुआ कि फ़िलहाल ट्रंप पर बैन लगा रहेगा.
कोरोना के बढ़ते मामलों के कारण विभिन्न राज्यों में होने वाले उप-चुनाव स्थगित
कोविड महामारी
को ध्यान में रखते हुए भारतीय निर्वाचन आयोग ने दादरा और नगर हवेली, खांडवा (मध्य प्रदेश) और
मंडी (हिमाचल प्रदेश) की संसदीय सीटों और विभिन्न राज्यों की आठ विधानसभा सीटों के लिए होने वाले उप-चुनाव को स्थगित करने का फ़ैसला किया है.
बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर'
बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर', 5 मई 2021, सुनिए मोहनलाल शर्मा के साथ.
ऑस्ट्रेलियाई पीएम को कोरोना के कारण भारत में फँसे एक पूर्व क्रिकेटर की चुनौती
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इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल को तो कोरोना संक्रमण के कारण रोक दिया गया है, लेकिन इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने आए ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी भारत में फँस गए हैं.
इसकी वजह ये है कि ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने 15 मई तक भारत से ऑस्ट्रेलिया आने वाली उड़ानों पर पाबंदी लगाई हुई है.
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर और चेन्नई सुपर किंग्स टीम के बैटिंग कोच माइकल हसी तो कोरोना पॉज़िटिव भी हो गए हैं और उन्हें 10 दिनों के लिए क्वारंटीन किया गया है.
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ऑस्ट्रेलिया के बाक़ी खिलाड़ी तो चुप हैं, लेकिन पूर्व क्रिकेटर और कमेंटेटर माइकल स्लेटर ने अपने ही देश के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन को आड़े हाथों लिया है. स्लेटर ने स्कॉट मॉरिसन से कहा है कि वो एक प्राइवेट जेट से भारत आकर यहाँ के संकट को ख़ुद ही देखें. बुधवार को स्लेटर ने ट्विटर के माध्यम से एक बार फिर प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन को घेरा है. स्लेटर ने कहा है कि भारत में मौजूद हर ऑस्ट्रेलियन भयभीत हैं. स्लेटर ने भारतीयों को सुरक्षित रहने की सलाह देते हुए लिखा है कि हर भारतीयों को मेरा प्यार और उनके प्रति मेरी प्रार्थना है.
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पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर ने ऑस्ट्रेलियाई पीएम को बहस की चुनौती देते हुए कहा- आपकी सरकार ने मुझे काम करने की अनुमति दी है ताकि मैं अपने तीन बच्चों की पढ़ाई के लिए ख़र्च कर सकूँ और घर का कर्ज़ भी चुका सकूँ.
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इस बीच माना जा रहा है कि आईपीएल खेलने आए ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर श्रीलंका या मालदीव में समय बिताएँगे और जब पाबंदी हटेगी, तब स्वदेश लौटेंगे. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने भी कहा है कि वो पाबंदी हटने के बाद सभी 38 ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर्स को स्वदेश भेजने को लेकर प्रतिबद्ध है.
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दो दिन पहले भी माइकल स्लेटर ने ट्वीट कर कहा था कि अगर हमारी सरकार को ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों की सुरक्षा की परवाह है तो उन्हें हमें वापस घर आने की अनुमति देनी चाहिए. ये हमारा अपमान है. प्रधानमंत्री आपके हाथ पर ख़ून है. मेरे पास आईपीएल में काम करने के लिए सरकार की अनुमति थी लेकिन अब सरकार हमारी अनदेखी कर रही है.
केरल में संक्रमण के एक दिन में अब तक के सबसे अधिक मामले
केरल में एक
दिन में कोरोना संक्रमण के रिकॉर्ड मामले आए है.
बीते 24 घंटे में केरल में कोरोना के 41,953 नए मामले सामने
आए हैं.
इसके अलावा बीते
चौबीस घंटों में 58 लोगों की मौत हुई है.
राज्य में 3,75,658 एक्टिव केस हैं.
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केरल के मुख्यमंत्री पिनरयी विजयन ने कहा - "राज्य बढ़ते कोरोना संक्रमण के कारण चिंताजनक स्थिति से गुज़र रहा है. पॉज़िटविटी रेट में कमी नहीं आ रही है. ऐसे में राज्य में और सख़्त नियम लगाने की ज़रूरत नज़र आ रही है."
उन्होंने कहा, "कोरोना संकट के कारण लोगों को जिस तरह की परिस्थिति से गुज़रना पड़ रहा है उसे देखते हुए बैंकों को वसूली का काम फिलहाल के लिए रोक देना चाहिए. विद्युत बोर्ड और जल बोर्ड को भी दो महीने के बकाया बिल नहीं वसूलने के लिए कहा गया है."
क्या लॉकडाउन संक्रमण को फैलने से रोकने का अब आख़िरी विकल्प है?
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नीति आयोग के
सदस्य डॉ. वीके पॉल ने लॉकडाउन की संभावना से जुड़े एक सवाल के जवाब में कहा है कि कोरोना संक्रमण की स्थिति पर काबू पाने के लिए कुछ और भी ज़रूरी है उन विषयों
पर चर्चा की जा रही है.
डॉ. वीके पॉल
ने कहा कि राज्यों को पहले से ही सख़्त दिशानिर्देश जारी किये जा चुके हैं ताकि संक्रमण
की चेन को तोड़ा जा सके.
कोविड की वर्तमान
स्थिति पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉ, वीके पॉल से सवाल किया गया कि क्या संक्रमण को
रोकने के लिए अब लॉकडाउन ही एकमात्र उपाय है?
इस सवाल के
जवाब में उन्होंने कहा कि "संक्रमण की चेन को तोड़ने
के लिए जो भी दूसरे विकल्प हैं, उन पर हमेशा चर्चा होती है."
उन्होंने बताया
कि 29 अप्रैल को ही राज्यों को दिशानिर्देश जारी कर दिये गए थे. जिन जगहों
पर संक्रमण के मामले अधिक थे उन्हें रात के कर्फ्यू के लिए कहा गया था.
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पश्चिम बंगाल हिंसा- ममता बनर्जी की चुप्पी उनकी भागीदारी को बताता है: जेपी नड्डा
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पश्चिम बंगाल में चुनाव के नतीजे आने के बाद से हिंसा की कई ख़बरें सामने आयी हैं.
बीजेपी तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर हिंसा करने और बीजेपी कार्यकर्ताओं की हत्या करने का आरोप लगा रही है.
इस बीच पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा दो दिन के लिए बंगाल दौरे पर हैं. बीते दिन उन्होंने कई पीड़ित परिवारों से मुलाक़ात की और आज भी यह सिलसिला जारी रहा.
पश्चिम बंगाल में अपनी यात्रा के दूसरे दिन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने कहा- "जिस तरह से नरसंहार हुआ, हत्याएं हुई और पूरे 36 घंटे ममता बनर्जी चुप रहीं यह उनकी भागीदारी को बताता है. उनके (ममता बनर्जी) तीसरे कार्यकाल की शुरूआत उनके हाथ में लगे हुए खून के साथ हुई है"
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उन्होंने कहा, "भाजपा सभी कार्यकर्ताओं के साथ खड़ी है."
जेपी नड्डा ने कहा, "चुनाव के बाद बहुत ही निर्दयता से हमारी बंगाल की जनता की जो हत्याएं हुई हैं, मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं. हम ऐसे लोगों के साथ खड़े हैं, जिनके साथ ये घटनाएं हुई हैं. यह देखकर हमें विभाजन के दिन याद आ गए."
लखनऊ में ऑक्सीजन रीफ़िलिंग प्लांट में धमाका, दो की मौत, कई घायल
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समीरात्मज मिश्र
बीबीसी हिंदी के लिए
राजधानी लखनऊ के चिनहट स्थित एक ऑक्सीजन
प्लांट में बुधवार दोपहर उस वक़्त धमाका हो गया जब एक सिलिंडर में ऑक्सीजन गैस भरी
जा रही थी.
सिलिंडर फटने से ये धमाका हुआ जिसमें वहां काम कर रहे दो मज़दूरों की
मौत हो गई जबकि कई मज़दूर घायल हो गए.
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, धमाका इतना
भीषण था कि आस-पास के इलाक़े दहल उठे. हादसे में पांच मज़दूरों के घायल होने की
ख़बर है जिनमें कुछ की हालत गंभीर है. हालांकि घायलों की संख्या ज़्यादा भी हो
सकती है. मौक़े पर पुलिस और फ़ायर ब्रिगेड की टीम घटना के तत्काल बाद पहुंच गई और
बचाव कार्य अभी जारी है.
घटना के बाद मौक़े पर पहुंचे लखनऊ के
ज़िलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने बताया कि घटना दोपहर क़रीब साढ़े तीन बजे की है.
मीडिया से बातचीत में अभिषेक प्रकाश ने कहा, “सिलिंडर के फटने से यह घटना हुई है. दो लोगों की मौत हुई
है. सभी घायलों को इलाज के लिए भर्ती करा दिया गया है. टेक्नीकल टीम और सीएफ़ओ
द्वारा जांच की जा रही है. घायलों की शिनाख़्त की जा रही है.”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान
लेते हुए दुर्घटना के कारणों की जांच के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने
अधिकारियों को तत्काल मौक़े पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य करने के भी निर्देश दिए
हैं.
कोरोना वैक्सीन: इस रफ़्तार से आख़िर कब पूरा होगा टीकाकरण अभियान?
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कई राज्य सरकारें, जिसमे भारतीय जनता पार्टी शासित सरकारें भी शामिल हैं, यह पहले ही कह चुकी हैं कि उनके पास 18 साल से ऊपर के लोगों को लगाने के लिए पर्याप्त वैक्सीन नहीं है.
कोविन प्लेटफ़ॉर्म पर टीके के लिए रजिस्टर करने के बाद भी 18 से 44 साल के आयु वर्ग के लोगों को वैक्सीन लगवाने के लिए अप्वाइंटमेंट नहीं मिल पा रहा.
वहीं दूसरी ओर निजी अस्पताल वैक्सीन लगाने के लिए लोगों से 900 से 1250 रूपए तक वसूल रहे हैं लेकिन वैक्सीन की कमी के कारण ये निजी अस्पताल भी कम ही संख्या में टीकाकरण कर पा रहे हैं.
बीबीसी संवाददाता राघवेंद्र राव की ये रिपोर्ट पूरी पढ़ने के लिए क्लिक करें
कोरोना की तीसरी लहर आना तय
केंद्र सरकार
के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार के विजयराघवन ने कोरोना की तीसरी लहर को लेकर बड़ी
बात कही है.
कोविड की
मौजूदा स्थिति पर हर शाम होने वाली प्रेस कांफ्रेंस में स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल के साथ मौजूद विजयराघवन ने कहा कि कोरोना की तीसरी
लहर का आना तय है.
उन्होंने कहा कि जिस तरह से कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है उसे
देखते हुए ये कहा जा सकता है कि तीसरी लहर आएगी लेकिन यह स्पष्ट नहीं कहा जा सकता
है कि यह कितनी ख़तरनाक होगी और कब आएगी.
उन्होंने
चेतावनी देते हुए कहा कि हमें तीसरी लहर के लिए तैयार रहना चाहिए.
के विजयराघवन ने कहा है कि नए वैरिएंट्स भी ओरिजिनल वैरिएंट की तरह ही संक्रामक है. इनमें संक्रमण की नई तरह की कोई क्षमता नहीं है.
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उन्होंने कहा कि वैक्सीनेशन कोरोना के इस नए वेरिएंट के ख़िलाफ़ भी असरदार है. उन्होंने कहा, "कोरोना का नया वेरिएंट पूरी दुनिया में पैदा होगा और भारत में भी लेकिन जिस वेरिएंट के कारण संक्रमण बढ़ रहा है वो कम भी होगा."
उन्होंने कहा, "भारत और पूरी दुनिया के वैज्ञानिक इस प्रकार के वैरिएंट्स को पहले से ही पहचानने और उनके ख़िलाफ़ कारगर टूल विकसित करने के लिए काम कर रहे हैं."
रफ़ाल विमानों की एक और खेप फ्रांस से भारत के लिए रवना
रफ़ाल विमानों के एक और बैच ने आज फ्रांस से भारत के लिए उड़ान भरी है. इस बैच में तीन रफ़ाल विमान हैं.
फ्रांस में भारतीय उच्चायोग ने रफ़ाल विमान के पायलटों को सुरक्षित उड़ान और लैंडिग के लिए शुभकामना दी है.
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किन खूबियों से लैस है रफ़ाल फ़ाइटर प्लेन?
• रफ़ाल विमान परमाणु मिसाइल डिलीवर करने में सक्षम.
• दुनिया के सबसे सुविधाजनक हथियारों को इस्तेमाल करने की क्षमता.
• इसमें दो तरह की मिसाइलें हैं. एक की रेंज डेढ़ सौ किलोमीटर है तो दूसरी की रेंज क़रीब तीन सौ किलोमीटर की है.
• परमाणु हथियारों से लैस रफ़ाल हवा से हवा में 150 किलोमीटर तक मिसाइल दाग सकता है और हवा से ज़मीन तक इसकी मारक क्षमता 300 किलोमीटर है.
• रफ़ाल जैसा विमान चीन और पाकिस्तान के पास भी नहीं है.
• ये भारतीय वायुसेना के इस्तेमाल किए जाने वाले मिराज 2000 का एडवांस वर्जन है.
• भारतीय एयरफ़ोर्स के पास 51 मिराज 2000 हैं.
• दासॉ एविएशन के मुताबिक, रफ़ाल की स्पीड मैक 1.8 है. यानी क़रीब 2020 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार.
• ऊंचाई 5.30 मीटर, लंबाई 15.30 मीटर. रफ़ाल में हवा में तेल भरा जा सकता है.
• रफ़ाल लड़ाकू विमानों का अब तक अफ़ग़ानिस्तान, लीबिया, माली, इराक़ और सीरिया जैसे देशों में हुई लड़ाइयों में इस्तेमाल हुआ है.
विदेश से आए चिकित्सा उपकरण कबाड़ बनने के लिए नहीं: दिल्ली हाई कोर्ट
इमेज स्रोत, EPA
दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा है कि चिकित्सा उपकरणों के मामलों में मिली विदेशी सहायता उन लोगों के लिए है, जो कोरोना से पीड़ित हैं. ये सहायता सामग्री कहीं बॉक्स में रखे जाने के लिए या कबाड़ बन जाने के लिए नहीं है.
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ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी मंगलवार को ट्वीट कर पूछा था कि भारत में अब तक 300 टन विदेशी मदद आ चुकी है लेकिन प्रधानमंत्री कार्यालय नहीं बता रहा है कि इनका क्या हुआ? ओवैसी ने पूछा था कि 'नौकरशाही ड्रामे के कारण कितनी जीवन रक्षक विदेशी मदद गोदामों में पड़ी है?'
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इन सवालों के बीच स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि क़रीब 40 लाख सामग्री, जिनमें दवाइयाँ, ऑक्सीजन सिलिंडर, मास्क और अन्य तरह की विदेशी मदद 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 38 संस्थानों में भेजे गए हैं.