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बंगाल चुनावः नंदीग्राम में आख़िर तक बना रहा सस्पेंस, 1956 वोटों से जीते शुभेंदु अधिकारी

चुनाव आयोग द्वारा जारी अब तक के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार के पश्चिम बंगाल की 292 सीटों में से 208 सीटें तृणमूल कांग्रेस ने जीत ली हैं.

लाइव कवरेज

  1. प्रशांत किशोर ने कहा, चुनाव प्रबंधन का काम छोड़ना चाहता हूं

    चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने न्यूज़ नैचल एनडीटीवी पर एक लाइव प्रोग्राम के दौरान कहा है कि वे चुनाव प्रबंधन का काम छोड़ रहे हैं.

    इस पर जब उनसे पूछा गया कि वे क्यों छोड़ रहे हैं तो प्रशांत किशोर का जवाब था, "क्योंकि मैं काफी कुछ कर चुका हूं. आठ नौ साल ये करना मुश्किल काम होता है. मैं ये काफी कर चुका हूं. मैं ज़िंदगी में कुछ और करना चाहता हूं जो मैं करूंगा. मैं ज़िंदगी भर यही काम नहीं करता रह सकता. मैं अपने आस-पास मौजूद लोगों को हर बातचीत में ये बात कहता रहा हूं."

    "इसके अलावा मेरी कंपनी आईपैक में काफी योग्य लोग हैं. जो लोग यहां काम करते हैं. मुझे यहां बस उनके काम का क्रेडिट मिल जाता है. ये समय है कि वे जिम्मेदारी अपने हाथ में लें और वो जो करना चाहते हैं आईपैक के ब्रैंड के तहत करके दिखाएं."

    हालांकि प्रशांत किशोर से ये पूछा गया कि क्या वे थक गए हैं या फिर सक्रिय राजनीति में आना चाहते हैं?

    इस सवाल पर प्रशांत किशोर ने एनडीटीवी से कहा, "मैं बस ये कहना चाहता हूं कि मैं अब वो नहीं करना चाहता जो मैं अब तक करता आया हूं. मैं अपने हिस्से का योगदान दे चुका हूं. आईपैक में मेरे सहयोगियों के लिए ये जिम्मेदारी संभालने का समय है. ये मेरे लिए ब्रेक लेने का समय है और ज़िंदगी में कुछ और चीज़ों के बारे में सोचने का समय है. मैं किसी संभावना को खारिज या स्वीकार नहीं कर रहा हूं बस ये जगह छोड़ना चाह रहा हूं."

    क्या आईपैक के लोगों को ये पता है? इस सवाल पर प्रशांत किशोर ने कहा, "मेरे ज़्यादातर वरिष्ठ सहयोगियों को इसकी जानकारी है."

    प्रशांत किशोर इस समय पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के राजनीतिक सलाहकार के तौर पर काम कर रहे हैं.

    पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में उनकी कंपनी आईपैक ने राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के लिए काम किया है. उन्होंने पिछले साल दिसंबर में ये कहा था कि राज्य विधानसभा चुनाव में बीजेपी दहाई के आंकड़े को पार करने के लिए संघर्ष करेगी.

  2. नंदीग्राम में ममता बनर्जी के चुनाव लड़ने से क्या हासिल हुआ?

    चुनाव आयोग की वेबसाइट के मुताबिक़, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणामों के रुझानों में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नंदीग्राम सीट से पीछे चल रही हैं.

    चुनाव परिणामों पर बीबीसी हिंदी के वेबीनार में वरिष्ठ पत्रकार नीरजा चौधरी ने कहा कि ममता को तैश में आकर नंदीग्राम से चुनाव नहीं लड़ना चाहिए था.

    उनका तर्क था कि वो राज्य में तो जीत दर्ज कर रही हैं लेकिन अगर वो अपनी सीट हार जाती हैं तो उससे वो राष्ट्र स्तर पर विपक्ष का चेहरा नहीं बन पाएंगी.

    हालांकि, इसी वेबीनार में चुनाव विश्लेषक संजय कुमार ने नीरजा चौधरी के तर्क से असहमति जताई.

    संजय कुमार ने कहा कि ममता बनर्जी के नंदीग्राम जाने से कार्यकर्ताओं में उत्साह आया.

    उन्होंने कहा, “ममता बनर्जी के इसी जोश के कारण तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को जोश मिला. बंगाल के चुनाव में पूरा माइंड गेम चल रहा था. बीजेपी बराबर ममता बनर्जी को चुनौती दे रही थी कि वो नंदीग्राम से चुनाव लड़कर दिखाएं.”

    “अगर ममता बनर्जी ने नंदीग्राम से चुनाव नहीं लड़ा होता तो मुझे लगता है कि तृणमूल कांग्रेस उसी दिन चुनाव हार गई होती. या अगर ममता किसी और सीट से भी चुनाव लड़ रही होतीं तो यह टीएमसी के कार्यकर्ताओं को हतोत्साहित करने वाला होता.”

    संजय कुमार ने आगे कहा कि उन्हें नहीं लगता कि ममता बनर्जी नंदीग्राम से चुनाव हार जाएंगी क्योंकि अभी मतगणना जारी है लेकिन अगर वो चुनाव हार भी जाएं तो यह उनकी फ़ाइटर इमेज के कारण ही ऐसा हो पा रहा है.

  3. केरल में सत्तारूढ़ लेफ़्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट ऐतिहासिक चुनावी जीत की ओर

    केरल में सत्तारूढ़ लेफ़्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट राज्य विधानसभा चुनावों में ऐतिहासिक जीत की ओर बढ़ रही है.

    राज्य विधानसभा की 140 सीटों में एलडीएफ़ 85 सीटों पर फिलहाल आगे चल रही है. हालांकि मतगणना का काम अभी जारी ही है.

    केरल विधानसभा का चुनाव अगर लेफ्ट फ्रंट जीत जाती है तो पिछले चार दशकों से राज्य की राजनीति में चली आ रही सत्ता बदल देने की परंपरा इस बार टूट जाएगी.

    केरल में लंबे समय से ये होता रहा है कि एक चुनाव में लेफ्ट जीतती है तो अगले चुनाव में कांग्रेस नेतृत्व वाला गठबंधन.

    चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार एलडीएफ़ 85 सीटों पर आगे चल रही है जबकि कांग्रेस नेतृत्व वाला विपक्षी यूडीएफ़ गठबंधन 44 सीटों पर आगे चल रहा है.

    भारतीय जनता पार्टी इस समय चार सीटों पर आगे चल रही है. राज्य के 14 में से 10 ज़िलों में लेफ्ट फ्रंट अपने नजदीकी उम्मीदवार से निर्णायक बढ़त बनाए हुए है.

    मुख्यमंत्री पिनराई विजयन कन्नूर ज़िले के धर्मादम विधानसभा सीट पर अपने निकटम प्रतिद्वंदी से 13 हज़ार मतों से आगे चल रहे हैं.

  4. रुझान जिस ओर हैं, जीत उस पार्टी की ही निश्चित है: बीबीसी हिंदी के वेबीनार में संजय कुमार

    पांच विधानसभा चुनावों के रविवार को आ रहे परिणामों के रुझानों में पश्चिम बंगाल में टीएमसी, तमिलनाडु में डीएमके गठबंधन, केरल में एलडीएफ़ गठबंधन, असम में बीजेपी और पुद्दुचेरी में एनडीए गठबंधन आगे चल रहा है.

    बीबीसी हिंदी ने इन परिणामों पर एक वेबीनार किया है जिसमें कई विशेषज्ञ शामिल हुए. कार्यक्रम में शामिल चुनाव विश्लेषक संजय कुमार का कहना है कि यह रुझान जिस ओर हैं, जीत उस पार्टी की ही निश्चित है, जिस पार्टी की ओर रुझान दिख रहा है उन्होंने बड़ी बढ़त बनाई है और शाम होते-होते चीज़ें इतनी नहीं बदलेंगी कि टीएमसी चुनाव हार जाए और बीजेपी चुनाव जीत जाए.

    संजय कुमार ने कहा, “बीजेपी निश्चित रूप से असम में चुनाव जीत रही है, उसी तरह से डीएमके तमिलनाडु में, एलडीएफ़ केरल में और एनडीए गठबंधन पुद्दुचेरी में चुनाव जीत रहा है. फ़ाइनल आंकड़े इधर-उधर हो सकते हैं लेकिन परिणामों पर ज़्यादा असर नहीं पड़ेगा.”

    कार्यक्रम में मौजूद वरिष्ठ पत्रकार सच्चिदानंद मूर्ति का कहना था कि तमिलनाडु और केरल के अलग-अलग हिस्सों के आ रहे रुझानों में साफ़ दिख रहा है कि यह आम ट्रेंड है और रुझानों के हिसाब से ही उन्हीं पार्टियों को जीत मिल सकती है.

    शुरुआती रुझानों में नंदीग्राम सीट से बीजेपी उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी के ख़िलाफ़ ममता बनर्जी के पिछड़ने पर वरिष्ठ पत्रकार नीरजा चौधरी का कहना था कि अगर परिणाम भी यही रहे तो यह अजीब स्थिति हो सकती है क्योंकि टीएमसी को ममता के चेहरे के बल पर ही उसे इतनी बड़ी बढ़त राज्य में मिलती दिख रही है.

    उन्होंने कहा, “बीजेपी से फ़ाइट में ममता का चेहरा ही पश्चिम बंगाल में रहा लेकिन अगर वो अपनी सीट पर ही पिछड़ रही हैं तो यह अजीबोग़रीब स्थिति हो सकती है. शायद उनको तैश में आकर यह नहीं करना चाहिए था क्योंकि अधिकारी परिवार का उस इलाक़े में दबदबा रहा है. अगर वो हार जाती हैं तो इसका असर यह होगा कि वो विपक्ष का एक चेहरा बन सकती थीं जो उनके हारने से नहीं बन पाइंगी.”

  5. शरद पवार ने ममता, विजयन और स्टालिन को भेजी बधाई

    एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने भी ट्वीट कर ममता बनर्जी को जीत की बधाई दी है.

    उन्होंने ट्विटर पर लिखा, ''आपको शानदार जीत पर बधाई. आइए हम लोगों के कल्याण और सामूहिक रूप से महामारी से निपटने के लिए अपना काम जारी रखें.''

    इसके साथ ही उन्होंने पिनाराई विजयन और एम के स्टालिन को भी बधाई दी.

    उन्होंने एक के बाद एक किए ट्वीट में लिखा, “पिनाराई विजयन को केरल चुनाव में लगातार ऐतिहासिक जीतपर बधाई. हमने मिलकर ये चुनाव लड़े और अब हम साथ मिलकर कोविड के ख़िलाफ़ जंग लड़ेंगे.”

    तमिलनाडु चुनाव में आगे निकलेएम के स्टालिन के लिए उन्होंने लिखा, “एम के स्टालिन पूरी तरह से आप इस जीत के हक़दार हैं. शुभकामनाएं देता हूं कि आप उन लोगों की सेवा करें, जिन्होंने आपमें भरोसा दिखाया है.”

  6. संजय राउत ने कहा, ‘बंगाल की शेरनी को बधाई’

    शिवसेना सांसद संजय राउत ने ममता बनर्जी को 'बंगाल की शेरनी' बताते हुए उन्हें बधाई दी है.

    राउत ने ट्वीट में लिखा, '' बधाई हो बंगाल की शेरनी.. ओ दीदी, दीदी ओ दीदी!"

  7. महबूबा मुफ़्ती ने भी ममता बनर्जी को दी मुबारकबाद

    जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती ने भी ममता बनर्जी और टीएमसी को मुबारकबाद दी है.

    उन्होंने ट्वीट किया, "ममता बनर्जी, तृणमूल कांग्रेस, डेरेक ओ ब्रायन को उनकी शानदार जीत पर बधाई. बांटने वाली ताकतों को हराने के लिए पश्चिम बंगाल की जनता को बधाई."

  8. दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने ममता बनर्जी को दी बधाई

    पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणामों में विजयी बढ़त बनाने पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करके मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बधाई दी है.

    उन्होंने ट्वीट में लिखा, “भारी जीत के लिए ममता दीदी बधाई, क्या टक्कर थी. पश्चिम बंगाल की जनता को बधाई.”

    चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस 200 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. वहीं, बीजेपी 78 सीटों पर आगे है.

  9. जीत के जश्न पर चुनाव आयोग ने फिर जारी की चेतावनी

    चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश की अधिकतर सीटों के रुझान आ गए हैं. ऐसे में जीत के नज़दीक नज़र आ रही पार्टियों के समर्थकों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया है.

    कई जगहों पर भारी भीड़ नाचती, गाती, एक दूसरे को रंग लगाती और मिठाइयां बाँटती नज़र आ रही है. जबकि इस तरह के जश्न पर चुनाव आयोग ने पहले ही रोक लगा दी थी. लेकिन जीत से उत्साहित समर्थक इन दिशा-निर्देशों को पालन करते नहीं दिख रहे हैं.

    ऐसे में एक बार फिर चुनाव आयोग ने अपनी चेतावनी दोहराई है और कहा है कि इस तरह के जश्न को तुरंत रोका जाना चाहिए, जो चुनाव आयोग के निर्देश का उल्लंघन करता है.

    आयोग ने एक पत्र जारी कर कहा है कि वो इसे बहुत गंभीरता से देख रहा है और फिर से निर्देश दे रहा है कि उसके निर्देशों का सख़्ती से पालन कराने के लिए क़दम उठाए जाएं.

    आयोग ने साथ ही निर्देश दिया है कि ज़िम्मेदार एसएचओ और अन्य अधिकारियों का तुरंत निलंबन किया जाए और आपराधिक/अनुशासनात्मक कार्रवाई भी उनके ख़िलाफ़ शुरू की जाए.

  10. पाँच राज्यों की मतगणना का ताज़ा रुझान एक साथ देखिए

  11. अखिलेश यादव ने ममता बनर्जी को दी बधाई

    उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ममता बनर्जी को पश्चिम बंगाल में जीत की बधाई दे दी है.

    फ़िलहाल राज्य के 292 निर्वाचन क्षेत्रों में से 284 के रुझान सामने आए हैं. इसमें तृणमूल 202 सीटों पर आगे है और बीजेपी 77 पर आगे चल रही है.

    अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा कि 'पश्चिम बंगाल में बीजेपी की नफ़रत की राजनीति को हराने वाली जागरूक जनता, ममता बनर्जी और टीएमसी के समर्पित नेताओं और कार्यकर्ताओं को बधाई.'

    उन्होंने साथ की ये भी कहा कि ये भाजपाइयों के एक महिला पर किए गए अपमानजनक कटाक्ष ‘दीदी ओ दीदी’ का जनता की ओर से दिया गया मुँहतोड़ जवाब है. इसके साथ ही उन्होंने हैशटैग लिखा 'दीदी जिओ दीदी'

  12. बीजेपी उम्मीदवार और ‘मेट्रो मैन’ ई श्रीधरन केरल की पालाक्‍काड सीट पर आगे

    ‘मेट्रो मैन’ से चर्चित और बीजेपी में हाल में ही शामिल हुए ई श्रीधरन केरल की पालाक्‍काड सीट से आगे चल रहे हैं. ताज़ा रुझानों के मुताबिक़ बीजेपी यहाँ तीन सीटों पर आगे है.

    पालाक्‍काड की नगरपालिका पर भी बीजेपी का कब्ज़ा है. पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी यहां दूसरे नंबर पर रही थी और कांग्रेस के शफी परंबिल ने पिछली बार ये सीट 17,000 सीटों से जीती थी.

    बीजेपी ने 88 साल के ई श्रीधरन की अच्छी छवि पर दांव लगाया है. श्रीधरन पूर्व इंजीनियर हैं, जिन्होंने देश में दिल्ली मेट्रो और अन्य बड़े प्रोजेक्ट का नेतृत्व किया है.

  13. ब्रेकिंग न्यूज़, पश्चिम बंगाल में TMC, असम में बीजेपी, केरल में लेफ़्ट तो तमिलानडु में DMK आगे

    पाँच राज्यों की मतगणना के जो रुझान अब तक आए हैं, उनसे बहुत उलटफेर होता नहीं दिख रहा है. पश्चिम बंगाल में टीएमसी 292 सीटों में से 200 से ज़्यादा सीटों पर आगे चल रही है जबकि बीजेपी 77 सीटों पर आगे चल रही है.

    सीपीएम एक भी सीट पर आगे नहीं है और कांग्रेस एक सीट पर. हालांकि नंदीग्राम से ममता बनर्जी बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी से पीछे चल रही हैं. यह अंतर लगभग चार हज़ार मतों का है.

    असम में भी अब तक के रुझानों से लग रहा है कि बीजेपी सत्ता में बनी रह सकती है. 126 सीटों में से 119 के रुझान आ चुके हैं और बीजेपी 60 सीटों पर आगे है जबकि कांग्रेस 26 सीटों पर आगे चल रही है. तीसरे नंबर पर ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट है, जो 11 सीटों पर आगे चल रही है.

    केरल में इस बार ट्रेंड टूटता दिख रहा है. पिछले चार दशकों से यहाँ हर पाँच साल पर सरकार बदल जाती थी लेकिन इस बार पिनरई विजयन के नेतृत्व में एलडीएफ़ सत्ता में बनी रह सकती है. अब तक के रुझानों के हिसाब से सीपीएम 55 सीटों पर आगे है और कांग्रेस 25 सीटों पर. राहुल गांधी के केरल से लोकसभा सांसद चुने जाने का फ़ायदा होता नहीं दिख रहा है.

    तमिलनाडु में भी विपक्षी डीएमके सत्ता में लौटती दिख रही है. डीएमके 118 सीटों पर आगे चल रही है जबकि सत्ताधारी एआईएडीएमके 79 सीटों पर. यहां भारतीय जनता पार्टी चार और कांग्रेस 12 सीटों पर आगे चल रही है.

    पुद्दुचेरी में कांग्रेस सत्ताधारी पार्टी थी लेकिन यहां भी वो हाशिए पर जाती दिख रही है. पुद्दुचेरी में कुल 30 सीटों में ऑल इंडिया एन. आर. काँग्रेस पाँच पर और बीजेपी 3 पर आगे चल रही है. कांग्रेस दो सीटों पर आगे है.

  14. असम में बीजेपी जीती तो सत्ता में वापसी करने वाली पहली ग़ैर-कांग्रेसी सरकार होगी

    असम में बीजेपी जीत की ओर अग्रसर है और विपक्षी महागठबंधन को पछाड़कर राज्य में लगातार दूसरी बार सरकार बना सकती है.

    अगर बीजेपी ऐसा करने में कामयाब रहती है तो वो इस उत्तर-पूर्वी राज्य में सत्ता में वापसी करने वाली पहली ग़ैर-कांग्रेसी सरकार होगी.

    अब तक 126 में से 119 सीटों के रुझान सामने आ चुके हैं, जिनमें बीजेपी 60 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. कांग्रेस 26 सीटों पर आगे है और असम गण परिषद 10 सीटों पर आगे है.

    मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल माजुली सीट से लीड कर रहे हैं, वरिष्ठ मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा जलकुंभी सीट पर और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रंजीत कुमार दास पटाचारकुचीमें लीड कर रहे हैं.

    कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रिपुन बोरा गोहपुर में बीजेपी के उत्पल बोरा से पीछे चल रहे थे और पार्टी के विधायक दल के नेता देवव्रत सैकिया भी नाज़िरा में बीजेपी के मयूर बोरगोहेन से पीछे चल रहे हैं.

  15. रुझानों में टीएमसी 202 पर, समर्थकों का जश्न शुरू

    पश्चिम बंगाल में टीएमसी रुझानों में 202 सीटों तक पहुंच गई है. जिससे उत्साहित टीएमसी समर्थक कोलकाता की सड़कों पर जश्न मनाते हुए नज़र आ रहे हैं.

    समर्थक नाच रहे हैं, पार्टी के झंडे फहरा रहे हैं और एक दूसरे पर हरा रंग डाल रहे हैं.

    हालांकि चुनाव आयोग ने इस बार कोरोना के ख़तरे को देखते हुए सभी राजनीतिक पार्टियों पर जीत का जश्न मनाने की रोक लगा रही है.

  16. पश्चिम बंगाल के रुझानों में टीएमसी 200 पार

    ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस 202 सीटों पर आगे है और बहुतम से आगे निकलती हुई दिख रही है. वहीं बीजेपी और पीछे होकर 77 सीटों पर आ पहुंची है.

  17. पाँच राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजे और उनका विश्लेषण

    LIVE: पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु,केरल और पुदुचेरी के चुनावी रुझानों और आने वाले नतीजों पर चर्चा.

    इस चर्चा को आप बीबीसी के यू-ट्यूब प्लेटफॉर्म, फ़ेसबुक और साथ ही यहां ट्विटर पर भी देख सकते हैं

    निर्वाचन आयोग के अनुसार पश्चिम बंगाल में 292 में से 263 सीटों के रुझान आए. सत्ताधारी टीएमसी 172 सीटों पर आगे चल रही है और बीजेपी 87 सीटों पर.

    कांग्रेस और वाम मोर्चा एक अब तक रुझानों में एक भी सीट पर आगे नहीं. हालांकि टीएमसी रुझानों में आगे चल रही है लेकिन ममता बनर्जी नंदीग्राम से पीछे चल रही हैं.

  18. Assembly Elections Results: 5 राज्यों के चुनावी नतीजे

    LIVE: पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु,केरल और पुदुचेरी के चुनावी रुझानों और आने वाले नतीजों पर चर्चा.

  19. पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी के चुनावी नतीजे - लाइव विश्लेषण

  20. तमिलनाडु: डीएमके मुख्यालय के बाहर जश्न

    तमिलनाडु में एम के स्टालिन की डीएमके पार्टी के समर्थक चेन्नई स्थिति पार्टी मुख्यालय के बाहर जमा होकर विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी की जीत का जश्न मनाने लगे हैं.

    अब तक 234 निर्वाचन क्षेत्रों में से 225 सीटों के रुझान आए हैं. जिनमें डीएमके 117 सीटों पर आगे है और एआईएडीएमके 76 पर आगे है. बीजेपी 4 सीटों पर है. वहीं कांग्रेस 13 सीटों पर आगे है.