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बंगाल चुनावः नंदीग्राम में आख़िर तक बना रहा सस्पेंस, 1956 वोटों से जीते शुभेंदु अधिकारी

चुनाव आयोग द्वारा जारी अब तक के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार के पश्चिम बंगाल की 292 सीटों में से 208 सीटें तृणमूल कांग्रेस ने जीत ली हैं.

लाइव कवरेज

  1. नंदीग्राम: आख़िर तक बरकरार रहा सस्पेंस, अंत में 1956 वोटों से जीते शुभेंदु अधिकारी

    पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में सबसे अहम मानी जाने वाली नंदीग्राम सीट पर आख़िर बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी को जीत मिल गई है. चुनाव आयोग दव्रा जारी आंकड़ों के अनुसार उन्होंने अपनी प्रतिद्वंदी तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी को 1956 वोटों से हराया.

    दिलचस्प बात ये है कि शुभेन्दु अधिकारी ममता बनर्जी के करीबी रहे हैं और उनकी सरकार के दूसरे कार्यकाल में परिवहन मंत्री रह चुके हैं.

    चुनावों से पहले तृणमूल कांग्रेस छोड़ बीजेपी का दामन थाम लिया था. 2016 के विधानसभा चुनावों में भी नंदीग्राम सीट अधिकारी ने ही जीती थी.

    रविवार को हुई मतगणना में नंदीग्राम सीट पर आख़िर तक सस्पेंस बना रहा.

    शाम होते होते मीडिया में पहले रिपोर्टें आईं कि ममता बनर्जी के 1200 मतों से चुनाव जीतने की ख़बर आई हैं. उसके बाद ख़बर आई कि ममता चुनाव हार गईं हैं और अधिकारी क़रीब 1600 वोटों से जीत गए हैं.

    लेकिन शाम छह जब कर दस मिनट के अपडेट के अनुसार अधिकारी, ममता बनर्जी से काफी आगे चल रहे थे.

    इस वक्त तक दसवें राउंड की काउंटिंग ख़त्म हुई थी और अधिकारी को कुल 62677 वोट मिले थे जबकि ममता को 52815 वोट मिले थे.

    इसके बाद शाम 7.45 बजे सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर शुभेंदु अधिकारी ने अपनी जीत का ऐलान कर दिया.

    अधिकारी की जीत पर केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फ़डनविस, अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू समेत बीजेपी के कई मंत्रियों ने उन्हें बधाई भी दे दी.

    स्थिति स्पष्ट करते हुए तृणमूल कांग्रेस ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर लिखा कि मतगणना जारी है, ऐसे में कयास न लगाएं.

    शाम 8:55 मिनट पर चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जो अपडेट आया उसके अनुसार एक बार फिर ममता बनर्जी आगे बढ़ती दिखीं. अब तक अधिकारी को 82,551 वोट मिले थे और ममता बनर्जी को 84,004 वोट मिले थे.

    रात के 10.15 बजे चुनाव आयोग की वेबसाइट पर जो आंकड़े आए उसके अनुसार 16वें राउंड की काउंटिंग के बाद ममता बनर्जी 820 वोट से अधिकारी से आगे चल रही थीं.

    रात के क़रीब ग्यारह बज तक पंद्रह मिनट पर स्थिति तब पूरी तरह स्पष्ट हुई जब चुनाव आयोग ने अपनी वेबसाइट पर शुभेंदु अधिकारी को 1956 वोटों के विजयी बताया.

    सत्रह राउंड की काउंटिग ख़त्म होने के बाद शुभेंदु अधिकारी के खाते में 109,673 वोट गए और ममता बनर्जी के खाते में 107,937 वोट आए.

    इसके कुछ देर बाद अधिकारी अपने साशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया और कहा कि हाल्दिया में उनकी गाड़ी पर हमला हुआ है. इसका आरोप उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर लगाया.

  2. ब्रेकिंग न्यूज़, नंदीग्राम सीट पर शुभेंदु अधिकारी जीते

    चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम सीट पर शुभेंदु अधिकारी को विजयी घोषित किया है. बीजेपी के शुभेंदु 1956 वोटों से जीते हैं.

    आयोग के अनुसार अनुसार नंदीग्राम सीट पर सत्रह राउंड की काउंटिग ख़त्म हो चुकी है जिसके बाद बाद शुभेंदु अधिकारी के खाते में 109,673 वोट गए हैं और ममता बनर्जी के खाते में 107,937 वोट आए हैं.

    चुनाव आयोग द्वारा जारी अब तक के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार के पश्चिम बंगाल की 292 सीटों में से 196 सीटें तृणमूल कांग्रेस ने जीत ली हैं और 18 पर वो अब भी आगे चल रही है.

    वहीं बीजेपी ने 65 सीटें अपने नाम की है. पार्टी 11 सीटों पर आगे चल रही है.

  3. तृणमूल कांग्रेस 164 सीटें पर जीती, 48 पर आगे

    चुनाव आयोग के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस ने 164 सीटों पर जीत का परचम लहरा दिया है और 48 सीटों पर अब भी आगे चल रही है.

    वहीं बीजेपी ने 50 सीटें जीती हैं और 28 पर आगे चल रही है.

    वहीं ताज़ा आंकड़ों के अनुसार नंदीग्राम सीट पर ममता बनर्जी फिलहाल आगे हैं. जहां ममता बनर्जी को अब तक 103,571 वोट मिले हैं वहीं हाल में तृणमूल कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल हुए शुभेन्दु अधिकारी को 102,751 वोट मिले हैं.

  4. ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में टीएमसी की जीत पर क्या कहा

    ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में पार्टी की जीत पर लोगों का शुक्रिया अदा किया और कार्यकर्ताओं को बधाई दी.

  5. बंगाल चुनावः नंदीग्राम के नतीजों पर सस्पेंस गहराया

    पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस भले निर्णायत बढ़त हासिल कर चुकी है लेकिन हर किसी की निगाह अब नंदीग्राम सीट पर ठहर गई है.

    निर्वाचन आयोग ने राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी के मुक़ाबले वाली इस सीट पर औपचारिक नतीजों की घोषणा नहीं की है.

    शाम 8:55 मिनट पर चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जो अपडेट है उसके अनुसार शुभेंदु अधिकारी को 82,551 वोट मिले हैं और ममता बनर्जी को 84,004 वोट मिले हैं.

    वोट प्रतिशत के तौर पर देखा जाए तो ममता को 48.25 प्रतिशत वोट मिले हैं और अधिकारी को 47.42 प्रतिशत वोट मिले हैं. लेकिन यह हार या जीत की आधिकारिक घोषणा नहीं है.

    उधर भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम की सीट पर अपनी जीत का एलान कर दिया है.

    अधिकारी की जीत पर बीजेपी के कई मंत्रियों ने उन्हें बधाई भी दे दी. केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडे़कर ने उन्हें बधाई दी.

    हालांकि इससे पहले मीडिया रिपोर्टों में ममता बनर्जी के 1200 मतों से चुनाव जीतने की ख़बर आई थी.

    उसके बाद ख़बर आई कि ममता बनर्जी चुनाव हार गईं हैं और अधिकारी क़रीब 1600 वोटों से जीत गए हैं.

    लेकिन बाद में ख़ुद तृणमूल कांग्रेस के आधिकारिक ट्विटर हैडल से ये कहा गया कि मतगणना जारी है.

    इस बीच समाचार एजेंसी पीटीआई ने ममता बनर्जी के हवाले से ये लिखा कि वे नंदीग्राम के लोगों ने जो जनादेश दिया है, उसका आदर करती हैं.

  6. पश्चिम बंगाल में ममता को बड़ी बढ़त, जश्न हुआ शुरू

    पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के रुझानों के साथ ही जश्न शुरू हो गया है. अलग-अलग पार्टी के समर्थक अपने उम्मीदवारों की जीत का जश्न मना रहे हैं.

    पश्चिम बंगाल के रुझानों में ममता बनर्जी की टीएमसी को निर्णायक बढ़त मिलती दिख रही है. चुनाव आयोग की सख्ती के बावजूद टीएमसी समर्थक सड़कों पर जश्न मना रहे हैं.

    असम के रुझानों में बीजेपी एक बार फिर जीत की तरफ जाती दिख रही है. असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बीजेपी को बहुमत मिलने की बात कही. तमिलनाडु में डीएमके सत्ता में लौटती हुई दिख रही है.

    चेन्नई में डीएमके समर्थक जश्न मनाते देखे गए केरल में इस बार सत्ता परिवर्तन का ट्रेंड टूटता दिख रहा है. यहां एलडीएफ़ दोबारा सरकार बनाती हुई दिख रही है. वहीं केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में बीजेपी को बढ़त मिलती दिख रही है.

  7. तृणमूल छोड़कर भाजपा में आए लोगों को जनता ने खारिज कर दियाः दिलीप घोष

    भारतीय जनता पार्टी की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा है कि ऐसा लगता है कि लोगों ने तृणमूल कांग्रेस से भाजपा में आए लोगों को स्वीकार नहीं किया है क्योंकि ऐसे ज़्यादातर उम्मीदवार चुनाव हार गए हैं.

    उन्होंने कहा, "हमें ऐसे चुनावी नतीज़ों की जरा सी भी उम्मीद नहीं थी. लोगों से जो रुझान और फीडबैक हमें मिल रहा था, वो अलग था. लेकिन हम परिणाम को स्वीकार करते हैं और हम एक सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभाएंगे."

    दिलीप घोष ने इस ओर ध्यान दिलाया कि बीजेपी का लक्ष्य सरकार बनाना था लेकिन सीटों की संख्या के लिहाज से पार्टी की स्थिति बेहतर हुई है.

  8. बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर'

    बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर' सुनिए संदीप सोनी से.

  9. ब्रेकिंग न्यूज़, पीएम मोदी ने बंगाल चुनाव में ममता की जीत पर दी बधाई

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बंगाल चुनाव में ममता बनर्जी की जीत पर उन्हें बधाई दी है.

    साथ ही प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल सरकार को ये भी भरोसा दिलाया है कि कोरोना महामारी से लड़ाई में केंद्र सरकार उसे हर मुमकिन मदद देगी.

  10. विधानसभा चुनाव के नतीजों पर कांग्रेस पार्टी ने क्या कहा

    कांग्रेस पार्टी ने ये बात मानी है कि विधानसभा चुनाव के नतीजे उसकी उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहे हैं. कांग्रेस ने बंगाल की जीत के लिए ममता बनर्जी को बधाई भी दी है.

    पार्टी प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने एक बयान जारी कर कहा, "पश्चिमी बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पॉन्डिचेरी की जनता ने अगले पाँच साल के लिए अपना जनमत दे दिया है. हम इन चुनाव परिणामों को पूरी विनम्रता और ज़िम्मेदारी से स्वीकार करते हैं. इस विषय पर कोई दो राय नहीं हो सकती कि चुनाव परिणाम हमारी अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं हैं."

    केरल और असम में पार्टी को बेहतर प्रदर्शन की उम्मीदें थीं.

    कांग्रेस ने इन राज्यों के परिणाम पर कहा, "विशेषकर असम और केरल विधानसभा के चुनाव परिणाम हमारे लिए चुनौतीपूर्ण भी हैं और आशा के विपरीत भी. हम चुनाव हारे हैं, पर न ही हिम्मत हारी, न मनोबल खोया और न ही आगे बढ़ते रहने का संकल्प. कांग्रेस पार्टी इन चुनाव परिणामों का पार्टी मंच पर विधानसभावार विश्लेषण करेगी और जहां जो भी कमियां रही हैं, भविष्य के लिए उन्हें सुधार कर हम और गंभीरता से काम करेंगे."

    "असम और केरल के चुनाव परिणाम हमारे लिए चिंतन का विषय हैं. इन दोनों ही राज्यों में हमारे कार्यकर्ताओं व नेताओं ने मिलकर धरातल पर कड़ी मेहनत की, पर जनता का मत फिर भी हमारे पक्ष में नहीं रहा."

  11. हुगली में बीजेपी के दफ़्तर में आग, टीएमसी कार्यकर्ताओं पर आरोप, प्रभाकर मणि तिवारी, कोलकाता से

    पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों में टीएमसी की भारी जीत के बाद राज्य के कुछ इलाक़ों से हिंसा की ख़बरें भी सामने आने लगी हैं.

    रविवार शाम को कुछ लोगों ने हुगली ज़िले के आरामबाग में बीजेपी के एक दफ़्तर में आग लगी दी. बीजेपी ने इसके लिए टीएमसी कार्यकर्ताओं को ज़िम्मेदार ठहराया है.

    लेकिन टीएमसी ने इसका खंडन किया है. हुगली के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि अब तक इस मामले में किसी को गिरफ़्तार नहीं किया गया है.

    इस बीच, कोलकाता में भी कथित टीएमसी समर्थकों ने बीजेपी के हेस्टिंग्स स्थित दफ़्तर का घेराव किया और नारेबाज़ी की. लेकिन पुलिस ने उनको कुछ देर बाद मौक़े से हटा दिया.

    कोरोना संक्रमण की वजह से चुनाव आयोग ने विजय जुलूस और जश्न मनाने पर पाबंदी लगा दी है.

    बावजूद इसके टीएमसी समर्थक जश्न मनाते, पटाख़े फोड़ते और मिठाइयां बांटते देखे गए. आयोग ने इसका संज्ञान लेते हुए ऐसे लोगों को गिरफ़्तार करने और संबंधित थाने के अधिकारियों को निलंबित कर उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई का आदेश दिया है.

    चुनावी नतीजों में टीएमसी को बहुमत मिलने का संकेत मिलने के बाद ममता बनर्जी ने अपने आवास के बाहर जुटे समर्थकों से घर लौटने और कोई जश्न या विजय जुलूस नहीं निकालने की अपील की.

    उन्होंने कहा कि पार्टी बाद में इस पर फ़ैसला करेगी. उन्होंने समर्थकों और कार्यकर्ताओं से कोरोना संक्रमण से सावधानी बरतने को कहा.

  12. पिनराई विजयन: जिन्हें केरल में लोग 'धोती पहनने वाला मोदी' कहते हैं

    जिन पिनराई विजयन ने अपने नेतृत्व में सीपीएम की अगुवाई वाले वामपंथी लोकतांत्रिक मोर्चे (एलडीएफ़) को विधानसभा चुनाव में जीत दिलाई है, आज उनकी तुलना दो असाधारण रूप से शक्तिशाली राजनेताओं से की जा रही है.

    ये नेता भारत के ही नहीं, बल्कि पूर्व सोवियत संघ के नेता भी थे.

    ये अजीब ही है कि पिनराई विजयन के आलोचक ही नहीं, उनके ज़बरदस्त प्रशंसक भी उन्हें, 'धोती पहनने वाले मोदी' या 'केरल के स्टालिन' कहते हैं. यानी विजयन की तुलना पूर्व सोवियत संघ के बेहद ताक़तवर नेता जोसेफ़ स्टालिन से भी की जा रही है.

    चुनाव अभियान के दौरान उनकी पार्टी के कुछ नेताओं ने इस बात पर ऐतराज़ भी किया था कि पिनराई विजयन को 'कैप्टेन' क्यों कहा जा रहा है? कम्युनिस्ट विचारधारा वाले किसी भी दल के लिए ऐसी उपाधियां अभिशाप से कम नहीं मानी जातीं.

  13. बंगाल चुनाव: बीजेपी की पूरी ताक़त के बावजूद चल गया ममता का जादू

    पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी ने इस बार विधानसभा चुनाव में पार्टी की ओर से एक नारा दिया था - 'खेला होबे' यानी 'खेल होगा'.

    और अब चुनाव के नतीजों ने साफ़ कर दिया है कि आठ चरणों में महीने भर से ज़्यादा चले चुनावी खेल में ममता और टीएमसी भारी जीत की ओर बढ़ रहे हैं.

    दूसरी ओर, अबकी बार दो सौ पार के नारे के साथ अपनी पूरी ताक़त और संसाधनों के साथ सत्ता हासिल करने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरी बीजेपी अपनी मंज़िल की आधी दूरी भी नहीं तय कर सकी है.

    सत्ता की हैट्रिक बनाने के बाद टीएमसी और उसके समर्थकों में जहां जश्न का माहौल है, वहीं बीजेपी में अब इस हार का ठीकरा केंद्रीय नेतृत्व पर फोड़ा जाने लगा है.

  14. बंगाल चुनाव के नतीजों का यूपी और 2024 के चुनाव पर असर पड़ेगाः यशवंत सिन्हा

    पूर्व केंद्रीय मंत्री और तृणमूल कांग्रेस के नेता यशवंत सिन्हा ने कहा है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह को इस्तीफ़ा दे देना चाहिए.

    उन्होंने भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष के इस्तीफ़े की भी माँग की.

    उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों का असर उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और साल 20124 के आम चुनाव पर पड़ेगा.

  15. कार्टून: कल और आज

  16. हमें ख़ुद को प्रोत्साहित, पुनर्गठित करना पड़ेगा: सीपीएम नेता मोहम्मद सलीम

    पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणामों पर वरिष्ठ सीपीएम नेता मोहम्मद सलीम ने कहा कि राज्य में वोट लोग या तो किसी को जिताने के लिए या किसी से बचने के लिए डालते हैं, तो लोगों ने बीजेपी से बचने की कोशिश की.

    बीबीसी हिंदी के वेबीनार में मोहम्मद सलीम ने कहा कि सीपीएम संगठनात्मक ढांचे को बीते 10 साल से बचाए रखने की कोशिश कर रहा है और जो बंगाल में हैं वो जानते हैं कि यहां पर कैसे फासीवादी आतंक की स्थिति बनी, हमारे आख़िरी छोर पर बैठे कार्यकर्ता को घर के अंदर रहना पड़ा.

    उन्होंने कहा, “चुनाव में हाई पिच इमोशनल कार्ड खेले गए. ममता सीपीएम के साथ आने को लेकर गंभीर ही नहीं थीं. उन्होंने सदन में बोला था कि उनकी बात का ग़लत अर्थ निकाला गया. ममता बनर्जी अपोज़िशन-लेस बंगाल बनाना चाहती हैं जिस तरह से मोदी कांग्रेस मुक्त भारत की बात करते हैं.”

    “हमें ख़ुद को प्रोत्साहित करना पड़ेगा, पुनर्गठित करना पड़ेगा. हमारा जो नया नेतृत्व आया है और नए कार्यकर्ता आए हैं उनको तैयार करना होगा. जब आप चुनाव की व्याख्या कर रहे हैं तब हमारे कार्यकर्ता ऑक्सीजन, एंबुलेंस, बेड की व्यवस्था कर रहे हैं. लेफ़्ट संगठन होने के नाते हमें मानवता को बचाना है.”

    “इस बार का चुनाव युवाओं पर केंद्रित था और युवा ही हर जगह आगे थे. रणनीति का जहां तक सवाल है उसका हम विश्लेषण करेंगे.”

  17. असम में एनआरसी के मुद्दे के बावजूद बीजेपी कैसे रही आगे?

    असम विधानसभा चुनाव के परिणामों के रुझानों में बीजेपी एक बार फिर राज्य में जीत दर्ज करती नज़र आ रही है.

    हालांकि, राज्य में राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) एक बड़ा मुद्दा था और ऐसा अनुमान था कि इस नाराज़गी का ख़ामियाज़ा बीजेपी को भुगतना पड़ सकता है.

    इसके बावजूद बीजेपी जीत दर्ज करने में कैसे सफल रही? बीबीसी हिंदी के वेबीनार में चुनाव विश्लेषक संजय कुमार ने इसका जवाब दिया.

    उन्होंने कहा कि “चार राज्यों में हमने पोस्ट पोल सर्वे किया और वहां पर एनआरसी और सीएए से जुड़े सवाल पूछे. अधिकतर लोग इसका विरोध कर रहे हैं और कम ही लोग इसका समर्थन कर रहे हैं.”

    “सीएए-एनआरसी का विरोध अपनी जगह पर है लेकिन सब लोग एक ही मुद्दे पर वोट नहीं डालते हैं. पार्टी की पसंद, उम्मीदवार से नज़दीकी, पार्टी की कुछ नीतियां आपको पसंद होती हैं. वोट सिर्फ़ एनआरसी-सीएए के मुद्दे पर नहीं डाला गया, इस वजह से बीजेपी जीत दर्ज करती नज़र आ रही है.”

    वरिष्ठ पत्रकार नीरजा चौधरी ने कहा कि बीजेपी की जीत का एक मुख्य कारण नेतृत्व भी है.

    उन्होंने कहा, “हिमंता बिस्वा सरमा जैसी शख़्सियत उनके पास है जिनको बीजेपी ने फ़्री हैंड दे रखा था. कांग्रेस के पास कोई चेहरा भी नहीं था जिससे फ़र्क़ पड़ा.

  18. राजनाथ सिंह ने ममता बनर्जी को बंगाल की जीत के लिए बधाई दी

    भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को राज्य विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी की जीत के लिए शुभकामनाएं दी हैं,

    राजनाथ सिंह ने कहा कि ममता बनर्जी को उनके अगले कार्यकाल के लिए मेरी शुभकामनाएं.

  19. तृणमूल कांग्रेस ममता बनर्जी के कारण जीतीः कैलाश विजयवर्गीय

    भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने रविवार को बंगाल चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की जीत के लिए ममता बनर्जी को श्रेय देते हुए कहा कि उनकी पार्टी चुनाव परिणाम पर आत्ममंथन करेगी.

    हालांकि इससे पहले पहले जब दिन में चुनावी रुझान आने शुरू हुए थे तो उन्होंने कहा था कि इसे अंतिम परिणाम का संकेत नहीं समझा जाना चाहिए.

    कैलाश विजयवर्गी ने इस बात पर भरोसा जताया था कि उनकी पार्टी ये चुनाव जीतेगी. विजयवर्गीय ने ये भी कहा कि उन्हें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का फोन आया था और पार्टी के खराब प्रदर्शन के बारे में उनसे बात हुई.

    वरिष्ठ भाजपा नेता ने इस बात पर हैरत जताई कि भाजपा सांसद बाबुल सुप्रियो और लॉकेट चटर्जी अपनी सीट पर पीछे चल रहे हैं.

    उन्होंने कहा, "तृणमूल कांग्रेस ममता बनर्जी के कारण जीती. लगता है कि लोगों ने दीदी को चुना है. हमसे क्या गलती हुई, हम इस पर आत्म मंथन करेंगे."

  20. पश्चिम बंगाल में लेफ़्ट की नाकामी की वजह क्या रही?

    पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के आ रहे रुझानों में माना जा रहा है कि यह लेफ़्ट दलों का अब तक का सबसे ख़राब प्रदर्शन है.

    बीबीसी हिंदी के चुनाव परिणामों पर आयोजित वेबीनार में वरिष्ठ पत्रकार सच्चिदानंद मूर्ति ने कहा कि लेफ़्ट का पूरा संगठन चुनाव से पहले ही साफ़ हो चुका था और उसके किसी नेता ने चुनाव को गंभीरता से नहीं लिया.

    उन्होंने कहा, “सीपीएम पहले से काफ़ी हतोत्साहित थी. कांग्रेस के साथ उन्होंने गठबंधन कर लिया था जबकि केरल में वह उसके ख़िलाफ़ लड़ रहे हैं तो इस गठबंधन को वह अपने कार्यकर्ताओं को समझा नहीं पाए. इसके अलावा उन्होंने इंडियन सेक्यूलर फ़्रंट के साथ गठबंधन कर लिया जिससे उनके मतदाताओं में भ्रम की स्थिति थी.”