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जयपुर गोल्डन अस्पताल ने ली राहत की सांस, कहा-ऑक्सीजन टैंकर पहुंचे

अस्पताल ने कहा कि उनके यहां 150 मरीज़ों को ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है जिनमें से 70 आईसीयू में हैं.

लाइव कवरेज

  1. कोरोनाः फ़्रांस से दिल्ली पहुँची मदद

    भारत में कोरोना संकट के लिए कई देशों से लगातार मदद पहुँच रही है.

    रविवार सुबह फ़्रांस से 28 टन मेडिकल सामग्रियाँ लेकर एक विमान दिल्ली हवाई अड्डे पहुँचा.

    विदेश मंत्रालय के अनुसार इनमें हॉस्पिटलों के लिए 8 ऑक्सीजन जेनरेटर शामिल हैं जिनसे ऑक्सीजन की आपूर्ति में मदद मिलेगी.

  2. कोरोना वैक्सीन: पहले दिन 18-44 साल तक के केवल 84 हज़ार लोगों को लगा टीका

    शनिवार से शुरू हुए तीसरे चरण के टीकाकरण योजना के तहत 18 से 44 साल तक के 84 हज़ार 500 लोगों को ही कोविड-19 टीके की पहली खुराक दी गई है.

    ये जानकारी स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से दी गई है.

    कई राज्यों ने शनिवार को तीसरे चरण का टीकाकरण शुरु नहीं किया और बताया कि वैक्सीन अभी राज्यों तक नहीं पहुंची है.

    दिल्ली सरकार के अस्पतालों में शनिवार से टीकाकरण शुरू नहीं किया गया लेकिन अपोलो, मैक्स और फ़ोर्टिस जैसे प्राइवेट अस्पतालों में 18-44 साल के लोगों को टीका लगाया गया.

  3. अंतरराष्ट्रीय उड़ानें 80 फीसदी तक कम करेगा पाकिस्तान

    पाकिस्तान सरकार ने शनिवार को कहा है कि कोरोना महामारी के मद्देनज़र वो देश के एयरपोर्ट्स से हो कर आने-जाने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानें 80 फीसदी तक कम करेगा.

    देश के नागर विमानन मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा है कि ये पाबंदी पांच मई से लेकर 20 मई तक लागू रहेगी. हालांकि मंत्रालय ने ये नहीं कहा है कि सरकार के इस कदम का असर किन उड़ानों पर और किन जगहों के लिए चलने वाली उड़ानों पर पड़ेगा.

    18 मई को स्थिति की समीक्षा की जाएगी जिसके बाद इस बंदी को आगे बढ़ाने या न बढ़ाने को लेकर फ़ैसला किया जाएगा.

    ये प्रतिबंध चार्टर्ड और निजी फ्लाइट सेवाओं समेत शेड्यूल्ड उड़ानों पर भी लागू होंगे.

    सरकार ने कहा है कि पाकिस्तानआनेपरसभीअंतरराष्ट्रीययात्रियों का रैपिडएंटीजनपरीक्षण किया जाएगा. वहीं पाकिस्तान आने वाले यात्रियों को आरटी-पीसीआरटेस्ट की रिपोर्ट भीदिखानीहोगी. ये टेस्ट कम से कम 72 घंटोंकेकिया गया होना चाहिए.

    जिनका कोविड टेस्ट नेगेटिव आएगा उन्हें घर पर दस दिनों के लिए क्वारंटीन किया जाएगा. पॉज़िटिव पाए जाने पर यात्री को खुद के खर्च पर दस दिनों के लिए सुविधा केंद्र में क्वारंटीन में रहना होगा.

    वहीं पाकिस्तान आने वाले यात्रियोंकोअपने फ़ोन पर एक ऐपडाउनलोडकरनाहोगा जिसकी मदद से उन पर नज़र रखी जा सकेगी.

    12 साल से कम उम्र के बच्चों, विकलांगों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों को इन पाबंदियों से छूट दी जाएगी.

  4. वैज्ञानिकों ने कहा, सरकार ने नज़रअंदाज़ की चेतावनी

    सरकार के बनाए वैज्ञानिक सलाहकारों के समूह ने मार्च की शुरूआत में सरकार को चेतावनी दी थी कि कोरोना वायरस का एक नया और बेहद संक्रामक वेरिएंट देश में पैर फैला रहा है और इसके कारण स्थिति बिगड़ सकती है.

    अपनी एक रिपोर्ट में समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने कहा है कि सलाहकार समूह के पांच वैज्ञानिकों ने उसे ये बताया है.

    रिपोर्ट में कहा गया है कि चार वैज्ञानिकों ने कहा कि चेतावनी के बावजूद वायरस को फैलने से रोकने के लिए पाबंदियां लगाने की कोशिश नहीं की गई.

    इस दौरान कई चुनावी रैलियां हुई और धार्मिक आयोजन हुए, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ वायरस को फेलने से रोकने के लिए जारी किए नियमों का उल्लंघन करनी दिखी. खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी के नेताओं और विपक्षा दलों के नेताओं की चुनावी रैलियों में हज़ारों की संख्या में लोगों की भीड़ इकट्ठा हुई.

    इधर दिल्ली की सरहदों पर सरकार से तीन कृषि क़ानूनों को वापिस लेने की मांग को लेकर हज़ारों की संख्या में किसान डटे रहे.

    इन घटनाओं के कुछ सप्ताह बाद अब दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी आबादी वाला देश भारत कोरोना महामारी की दूसरी घातक लहर से जूझ रहा है. यहां एक तरफ अस्पतालों में बेड और ऑक्सीजन की कमी ख़बरें लगातार आ रही हैं तो दूसरी तरफ मृतकों के अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाटों में लंबा इंतज़ार है.

    कई जानकारों का कहना है कि देश में महामारी की दूसरी लहर का ज़िम्मेदार वायरस का एक नया वेरिएंट और ब्रितानी वेरिएंट है.

    मार्च में ही दे दी थी चेतावनी

    इसी साल मार्च महीने के शुरूआत में भारत के SARS-CoV-2 जेनेटिक्स कॉन्सोश्यम (आईएनएसएसीओजी) ने देश में नए कोरोना वायरस वेरिएंट के पाए जाने की ख़बर दी थी.

    कोरोना वायरस के वेरिएंट के बारे में जानकारी इकट्ठा करने के लिए बीते साल दिसंबर में आईएनएसएसीओजी अस्तिस्व में आया था. इसमें देश के दस राष्ट्रीय लेबोरेटरीज़ शामिल हैं. ये नेशनल सेंटर ऑफ़ डिज़ीज़ कंट्रोल को रिपोर्ट करता है.

    एक रीसर्च सेंटर के निदेशक ने नाम न ज़ाहिर करने की शर्त पर रॉयटर्स को बताया कि ये जानकारी उन आला अधिकारियों को दी थी जो सीधे प्रधानमंत्री मोदी को रिपोर्ट करते हैं. हालांकि रॉयटर्स इस बात की पुष्टि नहीं कर सका है कि ये रिपोर्ट प्रधानमंत्री तो सौंपी गई थी या नहीं. इस बारे में रॉयटर्स को प्रधानमंत्री के कार्यालय से कोई उत्तर नहीं मिला है.

    आईएनएसएसीओजी को भारत में वायरस के B.1.617 वेरिएंट के बारे में पता चला था. ये जानकारी उन्होंने 10 मार्च को नेशनल सेंटर ऑफ़ डिज़ीज़ कंट्रोल के साथ साझा की थी और चेतावनी दी थी कि इसके कारण संक्रमण तेज़ी से बढ़ सकता है.

    इसके बाद आईएनएसएसीओजी ने कहा कि महाराष्ट्र में पाए गए संक्रमण के मामलों में से 15 से 20 फीसदी में ये वेरिएंट मिला था.

    आईएनएसएसीओजी का ये भी कहना था कि इस वायरस में दो म्यूटेशन हैं जो चिंता का विषय बन सकते हैं. इनके कारण ये वायरस तेज़ी से फैल सकता है और शरीर के रोग प्रतिरोधक शक्ति को पार करते हुए संक्रमण कर सकता है.

    दो सप्ताह बाद 24 मार्च को इस जानकारी को सार्वजनिक किया गया. हालांकि जो जानकारी दी गई उसमें ये नहीं कहा गया कि ये वेरिएंट चिंता का विषय बन सकता है.

    रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार सरकार ने बड़ी संख्या में लोगों के इकट्ठा होने को लेकर पाबंदी नहीं लगाई और अप्रैल की शुरूआत से संक्रमण के मामले तेज़ी से बढ़ने लगे.

    हालांकि कुछ वैज्ञानिक कहते हैं कि मामलों में बढ़ोतरी जितनी आशंका थी उससे कहीं अधिक थी, और इसके लिए केवल राजनीतिक नेतृत्व को दोषी करार नहीं दिया जा सकता.

    रॉयटर्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि हाल में नेशनल सेंटर ऑफ़ डिज़ीज़ कंट्रोल के निदेशक सुजीत कुमार सिंह ने एक प्राइवेट आयोजन में कहा था कि अप्रैल की शुरूआत से लॉकडाउन लगाया जाना चाहिए था.

    अप्रैल 19 को हुए इस आयोजन में उन्होंने कहा कि हमें लगता है कि पंद्रह दिन पहले लॉकडाउन लगाया जाना चाहिए था.

    उन्होंने ये नहीं बताया कि उन्होंने सरकार को इस बारे में चेतावनी दी थी या नहीं.

    कोविड-19 के लिए बने नेशनल टास्क फोर्स ने भी 15 अप्रैल में हुई बैठक में स्थिति से निपटने के लिए लॉकडाउन लगाने की ज़रूरत सहमति जताई थी. ये जानकारी बैठक में हिस्सा लेने वाले एक वैज्ञानिक ने समाचार एजेंसी को दी है.

    लेकिन कुछ राज्य सरकारों ने इस मामले में फ़ैसले लिए. वायरस को फैलने से रोकने के लिए पंजाब ने 23 मार्च को पाबंदियां लगाई. महाराष्ट्र ने 14 अप्रैल से लॉकडाउन लगा दिया. इसके बाद स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अन्य राज्यों ने भी सतर्कता बरतनी शुरू की.

    भारत की कोरोना वायरस वेरिएंट अब 17 देशों में पहुंच चुका है जिनमें ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और ईरान शामिल हैं. कई देशों में अपनी सीमाएं सील कर दी हैं औऱ अंतरराष्ट्रीय यात्राओं परल रोक लगाई है.

    अब तक विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भारतीय कोरोना वायरस म्यूटेशन को “चिंता का कारण” नहीं कहा है.

  5. अब तक क्या-क्या हुआ?

    पुणे में तेज़ी से हो रहा कोविशील्ड का उत्पादन

    सीरम इंस्टीट्यूट के सीईओ अदार पूनावाला ने कहा है कि कंपनी के पुणे के प्लांट में कोविशील्ड वैक्सीन का उत्पादन पूरी तेज़ी से हो रहा है.

    उन्होंने कहा, “ब्रिटेन में अपने पार्टनर्स और दूसरे हितधाकरों के साथ मेरी बैठक सकारात्मक रही. कुछ दिनों बाद में भारत लौटूंगा और वैक्सीन उत्पादन की जायज़ा लूंगा.“

    इससे पहले उन्होंने कहा था कि “मैं लंदन में हूं क्योंकि मैं वापस नहीं जाना चाहता. सब कुछ मेरे कंधों पर आ जाता है. मैं उस हालत में नहीं पहुंचना चाहता जहां आप सिर्फ़ अपना काम कर रहे हैं, और किसी को अगर आप वैक्सीन न दे पाएं, तो आपको ये डर नहीं लगना चाहिए कि वो क्या कर बैठेंगे.”

    ऑक्सीजन की कालाबाज़ारी रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर

    दिल्ली पुलिस ने एंटीवायरल दवा रेमडेसिविर और ऑक्सीजन की कालाबाज़ारी की शिकायतों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया है.

    शनिवार को दिल्ली पुलिस के पीआरओ चिन्मय बिस्वाल ने कहा कि नागरिक कोविड-19 हेल्पलाइन 011-24369900 पर फ़ोन कर कालाबाज़ारी या धोखाधड़ी की शिकायत कर सकते हैं.

    उन्होंने कहा कि अब तक रेमडेसिविर इंजेक्शन और ऑक्सीजन की कालाबाज़ारी से जुड़े 30 मामले दर्ज़ किए जा चुके हैं और 42 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

    कांग्रेस ने प्लाज़्मा हेल्प पोर्टल शुरू किया

    ना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए कांग्रेस ने प्लाज़्मा हेल्प पोर्टल शुरू किया है.

    कांग्रस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने शनिवार शाम इसकी घोषणा करते हुए कहा कि “बीते कई दिनों में हमने देखा है कि ऑक्सीजन, अस्पताल के बेड, दवाईयां और प्लाज़्मा की सबसे अधिक मांग है. सबसे ज्यादा दिक्कत लोगों को आ रही है, तो इन्हीं 3-4 चीजों में आ रही है. प्लाज्मा की बहुत ज्यादा मांग है इसलिए हम प्लाज्मा हेल्प लिंक शुरु कर रहे हैं”

    उन्होंने कहा कि "ऐसे कांग्रेस कार्यकर्ता जो कोविड से संक्रमित होकर रिकवर हो गए हैं, उन लोगों की भी इसमें भूमिका रहेगी. लेकिन अन्य लोग भी इसमें शामिल हो सकते हैं."

    इससे पहले कांग्रेस ने ‘हैलो डॉक्टर’ नाम से एक मेडिकल एडवायज़री हेल्पलाइव शुरू की थी. इसके ज़रिए +919983836838 पर फ़ोन कर लोग कोविड से जुड़ी जानकारी पा सकेंगे.

    दिल्ली में कोरोना से रिकॉर्ड मौतें

    राजधानी दिल्ली में शनिवार को कोरोना संक्रमण के कुल 25,219 नए मामले दर्ज किए गए जबकि यहां 412 मौतें हुईं. दिल्ली में अब तक इतनी बड़ी संख्या लोगों की मौत नहीं हुई थी. दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए लॉकडाउन एक सप्ताह को लिए बढ़ा दिया गया है.

    महाराष्ट्र में स्थिति अब भी बुरी

    महाराष्ट्र में शनिवार को संक्रमण के 63,282 मामले पाए गए जबकि 802 लोगों की मौत कोरोना से हुई. अकेले मुंबई में 90 लोगों की जान गई है. कर्नाटक में संक्रमण के 40,990 नए मामले दर्ज किए गए, जबकि 271 लोगों की मौत इस वायरस से हुई.

    वहीं छत्तीसगढ़ में शनिवार को संक्रमण के 15,902 नए मामले सामने आए हैं जबकि 229 मौतें हुई हैं.

    कोरोना टेस्ट से मना किया तो होगी कार्यवाई

    केरल सरकार ने कहा है कि अगर कोई निजी लोबोरेटरी सरकार द्वारा तय की गई दर पर आरटी-पीसीआर टेस्ट या फिर कोरोना का कोई और करने से मना करती है या अधिक क़ीमत की मांग करती है तो उसके ख़िलाफ़ आपदा प्रबंधन क़ानून, 2005 और केरल महामारी रोग अध्यादेश, 2020 के तहत कार्रवाई की जाएगी.

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