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कोरोना: अमेरिका ने भारत से यात्रा पर रोक लगाने का फ़ैसला किया

देश-दुनिया की ख़बरों और उनके सटीक विश्लेषण के लिए बीबीसी हिंदी के लाइव पेज पर बने रहें.

लाइव कवरेज

  1. कोरोना पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी सुनवाई, कहा- सूचनाओं पर कोई शिकंजा न हो

    देश में कोरोना वायरस की स्थिति पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार को कई कड़े निर्देश दिए हैं.

    सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कोई भी राज्य कोविड-19 की सूचनाओं के प्रसार पर शिकंजा नहीं कस सकता है. न्यायालय का मानना है कि नागरिक अपनी शिकायतें सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सकते हैं.

    जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा, “एक नागरिक या जज होने के नाते यह मेरे लिए बड़ी चिंता का विषय है कि अगर नागरिक सोशल मीडिया के ज़रिए अपने शिकायतें बताते हैं तो हमें सूचनाओं पर शिकंजा नहीं लगाना चाहिए.”’

    “अगर कोई नागरिक बेड या ऑक्सीजन चाहता है और उसे परेशान किया जाता है तो हम उसे अवहेलना मानेंगे. हम एक मानवीय संकट में हैं.”

    जस्टिस चंद्रचूड़ ने इसके अलावा कहा कि डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को भी बेड नहीं मिल रहा है जो कि एक विकट स्थिति है.

    सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इंटरनेट पर लोगों द्वारा की जा रही सभी शिकायतें और अनुमान ग़लत नहीं हो सकते.

    इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने कई मुद्दों पर अपनी राय रखी है. आगे पढ़िए सुप्रीम कोर्ट ने क्या-क्या कहा..

    • केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि देश में ऑक्सीजन की कमी नहीं है और उसका उत्पादन बढ़ाया गया है.
    • केंद्र ने बताया कि अगस्त 2020 में देश में प्रतिदिन 6,000 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का उत्पादन था जो कि अब बढ़कर 9,000 मीट्रिक टन हो चुका है.
    • केंद्र ने कोर्ट को बताया कि यूपी ने अपने ऑक्सीजन टैंकर्स पर जीपीएस लगाया है जिससे कि उसके मूवमेंट का पता चलता रहे.
    • सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि निजी वैक्सीन निर्माता यह नहीं तय कर सकते हैं कि किस राज्य को कितनी वैक्सीन मिलेगी.
    • कोर्ट ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र टूटने की कगार पर है और रिटायर्ड डॉक्टरों और अधिकारियों को दोबारा काम पर रखा जा सकता है. साथ ही कोर्ट ने कहा कि वो इस बात से सहमत है कि पिछले 70 वर्षों में हमें जो स्वास्थ्य का बुनियादी ढांचा विरासत में मिला है वह पर्याप्त नहीं है.
    • सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हॉस्टल, मंदिरों, चर्चों और दूसरी जगहों को कोविड केयर सेंटर के तौर पर बदलकर खोला जा सकता है.
    • सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि इस समय कोई राजनीतिक कलह नहीं होनी चाहिए और उसे केंद्र सरकार के साथ मिलकर कोविड-19 की स्थिति पर काम करना चाहिए.
  2. बिहार के मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह की कोरोना से मौत

    नीरज सहाय

    पटना से, बीबीसी हिंदी के लिए

    बिहार के मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह की कोरोना संक्रमण से पटना के एक अस्पताल में मौत हो गई है.

    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उनकी मौत पर शोक और गहरी संवेदना व्यक्त की है.

    मुख्य सचिव के असामयिक निधन की सूचना मुख्यमंत्री को कैबिनेट की बैठक के समापन के समय मिली.

    कैबिनेट की बैठक में मुख्य सचिव के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए एक मिनट का मौन रखा गया.

    उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा.

    मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा कि अरुण कुमार सिंह वर्ष 1985 बैच के बिहार कैडर के आईएएस अधिकारी थे.

    मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की चिर शान्ति तथा उनके परिजनों को दुःख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है.

  3. कोरोना संक्रमण का भारत में नया रिकॉर्ड, एक दिन में 3.86 लाख केस

  4. कोरोना काल में एक साल से बिना छुट्टी के काम करने वाले डॉक्टर से मिलिए

  5. कोरोनाः ब्राज़ील में मृतकों की संख्या 4 लाख के पार

  6. कानपुर: ऑक्सीजन सिलेंडर भरते समय ब्लास्ट, एक की मौत

  7. दिल्ली में 1 मई से नहीं लग पाएगी 18-44 साल के लोगों को वैक्सीनः केजरीवाल

    दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि शनिवार से तीसरे चरण का टीकाकरण नहीं शुरू हो पाएगा. उन्होंने जनता से अपील की है कि वे शनिवार को टीकाकरण केंद्रों के सामने लाइन ना लगाएं.

    अपने बयान में उन्होंने कहा है, '' हमें अब तक वैक्सीन नहीं मिली है, हम कंपनियों के साथ लगातार संपर्क में हैं और उम्मीद है कि हमें कल या परसो तक वैक्सीन मिल जाएगी. कंपनी ने हमें यकीन दिलाया है कि कल या परसों तक 3 लाख कोविशील्ड की पहली खेप हमें मिल जाएगी. आपसे निवेदन है कि कल टीकाकरण केंद्र के सामने लाइनें ना लगाएं, जैसे ही हमें वैक्सीन मिलेगी हम इसका ऐलान करेंगे. इसके बाद जिन लोगों ने अप्वाइंटमेंट बुक कर ली है वे केंद्रो में जा कर टीके लगवा सकते हैं.''

    '' हमने दोनों ही कंपनियों से 67-67 लाख खुराक़ अगले तीन महीने के भीतर मांगा हैं जिसका भुगतान दिल्ली सरकार करेगी. दिल्ली के लोगों को मुफ़्त में टीका लगेगा. हमारी पूरी कोशिश है कि आने वाले तीन महीने में पूरी दिल्ली को टीके लग जाएं. ''

  8. ब्रेकिंग न्यूज़, जापान ने भारत के लिए मुश्किल वक़्त में लिया यह फ़ैसला

    जापान ने शुक्रवार को कहा कि वो भारत को 300 ऑक्सीजन कंस्नट्रेटर और वेंटिलेटर्स मुहैया कराएगा. भारत कोरोना महामारी की चपेट में सबसे बुरी तरह से जकड़ा हुआ है और हर दिन हज़ारों लोगों की मौत हो रही है.

    भारत में जापान के राजदूत सातोशी सुज़ुकी ने ट्वीट कर कहा, ''जब भारत को मदद की ज़रूरत है तो जापान पूरी तरह से साथ खड़ा है. हमने भारत को 300 ऑक्सीजन कंस्नट्रेटर और वेंटिलेटर्स भेजने का फ़ैसला किया है.''

    दो दिन पहले ही जापानी प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बात हुई थी. इस बातचीत के बाद ही जापान ने ये मदद देने की घोषणा की है.

  9. अमेरिका से मदद की पहली खेप पहुँची

    भारत में कोरोना संकट को देखते हुए अमेरिका सरकार ने मदद की घोषणा थी जिसके बाद शुक्रवार सुबह अमेरिकी वायुसेना के विमानों से सहायता सामग्रियों की पहली खेप दिल्ली पहुँची.

    समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार अगले सप्ताह ऐसे और भी विमान आएँगे.

    इनमें ऑक्सीजन की आपूर्ति में मदद करने वाले उपकरणों के अलावा टेस्ट व वैक्सीन से जुड़ी सहायता सामग्रियाँ भेजी जा रही हैं.

  10. ब्रेकिंग न्यूज़, कोराना की तबाही जारी, 24 घंटों में भारत में 3.86 लाख लोग संक्रमित, 3,498 की मौत

    भारत में कोराना की तबाही थमने का नाम नहीं ले रही. हर दिन संक्रमण और मौत के नए रिकॉर्ड बन रहे हैं. पिछले 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के भारत में तीन लाख, 86 हज़ार, 452 नए मामले दर्ज किए गए हैं और 3,498 मौत हुई है. 21 अप्रैल के बाद से भारत में हर दिन कोरोना के तीन लाख के नए मामले सामने आ रहे हैं.

  11. पूर्व अटर्नी जनरल सोली सोराबजी का निधन

    भारत के पूर्व अटर्नी जनरल सोली सोराबजी का 91 साल की उम्र में निधन हो गया है. वह दो बार देश के अटर्नी जनरल रहे.

    वह पहली बार 1989 से 1990 तक और फिर दूसरी बार 1998 से 2004 तक इस पद पर रहे.

  12. ब्रेकिंग न्यूज़, पीएम मोदी ने कोरोना की दूसरी लहर के दौरान बुलाई पहली कैबिनेट बैठक

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश में गहराते कोरोना संकट की समीक्षा के लिए शुक्रवार को मंत्रिमंडल के साथ बैठक करेंगे. ये बैठक 11 बजे से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए की जाएगी.

    देश में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर आने के बाद ऐसा पहली बार होगा जब प्रधानमंत्री मंत्रिपरिषद के साथ बैठक करेंगे.

    गुरुवार को प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोना के प्रबंधन को लेकर थलसेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे के साथ मुलाकात की थी. इस दौरान जनरल नरवणे ने प्रधानमंत्री के साथ कोविड-19 प्रबंधन में मदद के लिए सेना की ओर से की जा रही विभिन्न पहलों की चर्चा की.

    प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक़ जनरल नरवणे ने बताया कि सेना के मेडिकल स्टाफ़ को विभिन्न राज्यों की सहायता के लिए उपलब्ध कराया गया है. उन्होंने प्रधानमंत्री को ये भी बताया कि देश के कई हिस्सों में सेना अस्थाई अस्पताल बना रही है.

    इसके अलावा जनरल नरवणे ने सूचित किया कि आर्मी अस्पताल भी आम लोगों के लिए उपलब्ध हैं और आम लोग अपने नज़दीकी आर्मी अस्पताल जा सकते हैं. साथ ही सेना के लोग दूसरे देशों से आई ऑक्सीजन को उसके तय स्थान तक पहुँचाने में मदद भी कर रहे हैं.

  13. बिहार में भी कोरोना का कहर, पटना में बनाने पड़े दो और शवदाह गृह

    बिहार में भी कोरोना संक्रमण तेज़ी से पाँव पसार रहा है. यहाँ तक कि गाँवों में भी लोग संक्रमित होने लगे हैं.

    विपक्ष मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लगातार घेर रही है कि महामारी के वक़्त में सरकार कोई ठोस काम नहीं कर रही है.

    राज्य सरकार पर ये आरोप लग रहे हैं कि आँकड़े छुपाए जा रहे हैं. पटना के श्मशान घाटों पर लाशों की लाइन लगी है और परिजनों को अंत्येष्टि के लिए घंटों इंतज़ार करना पड़ रहा है.

    इस बीच पटना नगर निगम ने लाशों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अंत्यष्टि के लिए और नई जगहें बनाई हैं. पटना में बांस घाट, गुलाबी घाट और खजकल्ला घाट तीन श्मशान हैं लेकिन तीनों पर कोविड से हो रही मौतों के कारण लंबी लाइनें लग रही हैं.

    पटना नगर निगम के एडिशनल आयुक्त देवेंद्र प्रसाद तिवारी ने बीबीसी हिन्दी से कहा, ''मृतकों के परिजनों को लंबा इंतज़ार नहीं करना पड़े इसलिए दीघा घाट और नंद घाट पर शवदाह गृह की व्यवस्था की गई है.''

    देवेंद्र प्रसाद तिवारी कहते हैं कि केवल पटना में हर दिन 200 से ज़्यादा लाशें जल रही हैं. हालांकि बिहार सरकार के डेटा के अनुसार बुधवार को कोविड से केवल 84 लोगों की ही मौत हुई थी.

    सरकारी आँकड़ों और श्मशानों पर जलती लाशों के बीच कोई तालमेल नहीं है. ये तो केवल श्मशानों की बात हुई. क़ब्रिस्तानों में भी लाशों की लाइन लगी हुई है.

    बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का कहना है कि नीतीश कुमार कोविड महामारी का सच छुपाकर त्रासदी के दायरे को और बढ़ा रहे हैं.

    तेजस्वी ने ट्वीट कर कहा, ''संक्रमण गाँव-गाँव फैल चुका है. अब भी अपना अप्रोच बदलिए वरना तबाही का मंज़र साफ़ दिख रहा है. केंद्र से बिहार का वाजिब हक़ मांगिए. हमसे छोटे राज्यों का आवंटन ज़्यादा हो रहा है. अन्य राज्यों का अनुसरण कर देश-विदेश की कंपनियों से संपर्क कर मेडिकल आपूर्ति, वैक्सीन इत्यादि सीधा मंगवाइए.''

    पटना में शवों की अंत्येष्टि के लिए लंबी लाइनें लग रही हैं लेकिन सरकार का आँकड़ा बिल्कुल उलट है. श्मशानों में जितनी लाशें आ रहीं उनसे पता चलता है कि इनका सरकार के आँकड़ों से कोई संबंध नहीं है.

  14. कोरोना संकट: अंतरराष्ट्रीय मदद पर सोनिया गांधी ने पीएम मोदी को आड़े हाथों लिया

    कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी ने कोरोना त्रासदी को लेकर मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया है. सोनिया गांधी ने अंग्रेज़ी अख़बार द हिन्दू को दिए इंटरव्यू में कहा कि राष्ट्रीय संकट के दौरान राजनीतिक सहमति की ज़रूरत होती है, लोगों की सुनने की ज़रूरत होती है जबकि यह सरकार ऐसा तेवर दिखा रही है कि उसे सब कुछ पता है.

    सोनिया गांधी ने कहा, ''इस सरकार ने पहले ही कोरोना से लड़ाई में जीत की घोषणा कर दी थी. कोरोना को लेकर संसदीय समितियों की सिफ़ारिशों की उपेक्षा की गई. फ़रवरी की शुरुआत में भारत और विदेश के स्वास्थ्य विशेषज्ञ कोरोना को लेकर निश्चिंतता पर चेतावनी दे रहे थे. लेकिन सरकार शेखी बघारने में लगी रही. कोरोना संक्रमण जिन कार्यक्रमों के ज़रिए तेज़ी से फैल सकता था, उनके आयोजन की अनुमति दी गई. सरकार ने सोचा तक नहीं कि इसका क्या असर होगा.''

    सोनिया गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री निर्दयतापूर्वक वैक्सीन नीति का राजनीतिक फ़ायदे के लिए इस्तेमाल करते रहे. सोनिया गांधी ने कहा कि बीजेपी शासित गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में कोरोना के आँकड़े कम करते दिखाए जा रहे हैं.

    सोनिया गांधी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मदद का स्वागत है लेकिन यह दयनीय स्थिति है कि इस तरह की मदद का भी प्रधानमंत्री की जय-जयकार में इस्तेमाल किया जा रहा है. कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि मोदी सरकार की प्राथमिकता ही ग़लत है. एक तरफ सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया जा रहा है तो दूसरी तरफ़ देश विदेशों से मदद के लिए मजबूर हो रहा है.

    सोनिया गांधी ने कहा, ''यह वक़्त ऐसा है कि बिना वाहवाही की चिंता किए हर कोई साथ मिलकर काम करे. अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से जिस तरह से मदद मिल रही है, उसे लेकर मैं उनका शुक्रगुज़ार हूँ. लेकिन यह तब और दयनीय लगता है जब इन अंतरराष्ट्रीय मदद को प्रधानमंत्री की जय-जयकार में इस्तेमाल किया जाता है. जबकि सच यह है कि अंतरराष्ट्रीय मदद सरकार की अक्षमता, असंवेदनशीलता और प्राथमिकता की समझ नहीं होने का परिचायक है. क्या यह वक़्त सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट को युद्धस्तर पर आगे बढ़ाने का है?''

    सोनिया गांधी ने कहा, ''डॉ मनमोहन सिंह ने प्रधानमंत्री को बहुत संयमित और रचनात्मक पत्र भेजा था. यह पत्र उनके अध्ययन और अनुभव के आधार पर था. दुखद है कि प्रधानमंत्री ने उनके पत्र का ज़िक्र तक नहीं किया जबकि स्वास्थ्य मंत्री ने इस पत्र के लिए मनमोहन सिंह पर निजी हमला किया. महामारी से निपटने के लिए सरकार का ये तेवर है. मैं स्वास्थ्य मंत्री के जवाब से हैरान थी. मैंने कांग्रेस अध्यक्ष होने के नाते प्रधानमंत्री को कई पत्र लिखे हैं लेकिन कोई सार्थक जवाब नहीं मिला. पिछले 14 महीनों में कोविड महामारी को लेकर प्रधानमंत्री को मैंने 10 पत्र लिखे. सारे पत्रों में महामारी से निपटने को लेकर रचनात्मक सुझाव थे.''

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